
नई दिल्ली, (शोर सन्देश) पीटीआइ। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को पर्यावरण ऑडिट कराने और पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों अमेजन व फ्लिपकार्ट से हर्जाना वसूलने का आदेश दिया है। एनजीटी के चेयरपर्सन एके गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, `सीपीसीबी ने एक रिपोर्ट दाखिल की है जिसमें कानून लागू नहीं करने के लिए फिर कई कारण बताए गए हैं, लेकिन इसमें सीपीसीबी द्वारा सीधे या राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डो के समन्वय से की गई कार्रवाई का कोई जिक्र नहीं है।
सीपीसीबी संबंधित इकाइयों के खिलाफ पर्यावरण ऑडिट का आदेश देने और पर्यावरण मानकों के उल्लंघन का आकलन कर उसके लिए हर्जाना वसूलने पर विचार कर सकता है।` ट्रिब्यूनल ने 14 अक्टूबर से पहले ई-मेल के जरिये कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है। अगली सुनवाई पर सीपीसीबी के सदस्य सचिव को भी व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित रहना होगा।
ट्रिब्यूनल 16 वर्षीय आदित्य दुबे की याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें मांग की गई है कि अमेजन और फ्लिपकार्ट को आदेश दिया जाए कि वे आपूर्ति किए जाने वाले सामान की पैकेजिंग में अधिक प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें।
अपने कानूनी अभिभावक अधिवक्ता मीनेश दुबे के जरिये दायर याचिका में उनका कहना है कि ई-कॉमर्स कंपनियां प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियमों, 2016 के दायरे में आती हैं, लेकिन निगरानी और क्रियान्वयन के अभाव में वे बिक्री वाले सामान की पैकेजिंग में लगातार अत्यधिक प्लास्टिक का इस्तेमाल कर रही हैं।

रांची(शोर सन्देश)। झारखंड को साइबर फ्रॉड ने अपना सेंटर बना दिया है। एटीएम फ्रॉड को अंजाम देने वाले साइबर अपराधियों का गढ़ माना जाता है। लेकिन साइबर अपराधियों के नए गढ़ के तौर पर राजस्थान का भरतपुर और दिल्ली एनसीआर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। दिल्ली एनसीआर के साइबर अपराधी जीवन बीमा, शादी, हनीमून, नौकरी और गिफ्ट के नाम पर लोगों की मोटी रकम उड़ा रहे हैं। वहीं, ओएलएक्स पर आर्मी, सीआइएसएफ आदि के लोगों का वाहन बिक्री के नाम पर राजस्थान के भरतपुर के साइबर अपराधी लोगों को लूट रहे हैं। अभी झारखंड के कई लोगों को दिल्ली एनसीआर और भरतपुर के अपराधी शिकार बना चुके हैं। मणिपुर का नाम भी साइबर अपराधियों की फेहरिस्त में जुड़ गया है। झारखंड निवासी आइटीबीपी के एक जवान को यूरोपियन महिला द्वारा हुस्न का जादू दिखा मोटी रकम ऐंठने का एक मामला भी सामने आया है। हालांकि, इस मामले में अब तक जवान द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है।
हर साल बढ़ रहे आंकड़े
राज्य में करीब 1850 मामले साइबर अपराध के सामने आ चुके हैं। इनमें रांची में 444, जमशेदपुर में 210, देवघर में 235, जामताड़ा में 284, बोकारो 130, कोडरमा में 57, सरायकेला में 71, गिरिडीह 134, गुमला में 17, गोड्डा में 05, हजारीबाग में 14 और धनबाद में 23 मामले अप्रैल 2020 तक सामने आ चुके हैं।
ठगी के तरीके
एटीएम फ्रॉड: साइबर अपराधी बैंक अधिकारी बनकर फोन करते हैं और एटीएम का नंबर और ओटीपी मांग कर खाते से पैसे उड़ा लेते हैं। जामताड़ा के साइबर अपराधी सैकड़ों लोगों को शिकार बना चुके हैं। इनमें पुलिस, पत्रकार, नेता, अभिनेता सभी शामिल हैं।
फेसबुक से गिफ्ट: फेसबुक के जरिए साइबर अपराधी फर्जी अकाउंट के जरिए पहले दोस्ती करते हैं। फिर तीन-चार माह बाद कहते हैं कि मैंने आपको शानदार और कीमती गिफ्ट आपके पत्ते पर भेजा है। कुछ दिनों बाद फोन आता है कि मैं कस्टम अधिकारी बोल रहा हूं एयरपोर्ट पर आपका सामान आया है। इसके एवज में टैक्स जमा कर आप अपना सामान ले जाएं। पैसा जमा करने के बाद सामान नहीं मिलता। बजरा निवासी अजय सिंह से इसी तरह 84 लाख रुपए नाइजीरिया मूल के साइबर अपराधी जेम्स विलियम्स ने ठग लिये थे। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा। फिलवक्त वह रांची जेल में है।
शादी डॉट कॉम: शादी डॉट कॉम बैचलर लोगों को जीवन साथी तलाशने में मदद करने वाली वेबसाइट है। लेकिन, अब इसका इस्तेमाल भी साइबर ठग कर रहे हैं। हाल के दिनों में दो पुरुषों और पांच युवतियों को दिल्ली एनसीआर के साइबर अपराधियों ने निशाना बनाया है। साइबर ठग फर्जी तरीके से अपनी शादी का प्रोफाइल शादी डॉट कॉम पर अपलोड करते हैं।
नौकरी डॉट कॉम: बेरोजगार युवक-युवतियां नौकरी के चक्कर में ऑनलाइन साइटों पर आवेदन करते रहते हैं। इसका फायदा साइबर अपराधी उठा रहे हैं। अब वे बेरोजगारों को पहले प्रॉसेसिंग फीस के नाम पर पैसा लेते हैं। फिर इंटरव्यू के नाम पर। इसके बाद रफू-चक्कर हो जाते हैं। दिल्ली एनसीआर के साइबर अपराधी इस तरह की वारदात को ज्यादा अंजाम दे रहे हैं।
ओएलएक्स: इस मोबाइल ऐप का इस्तेमाल लोग पुराने सामान को बेचने के लिए करते हैं। लेकिन इस ऐप को भी साइबर अपराधियों ने अपनी कमाई का जरिया बना लिया है। इस काम में राजस्थान के भरतपुर के साइबर अपराधी माहिर हैं। वे ओएलएक्स पर आर्मी और सीआइएसएफ के जवानों और अफसरों के वाहन को उनकी पहचान पत्र के साथ पोस्ट करते हैं। ताकि लोग पूरी तरह से विश्वास कर लें। लोग अच्छी कंडीशन के वाहन सस्ते में मिलता देख आकर्षित होते हैं और पैसा देकर फंस जाते हैं।

नई दिल्ली(शोर सन्देश)। भारत के विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने शनिवार को 27वीं आसियान बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान कोविड-19, समुद्री सुरक्षा, भारत-पाकिस्तान आतंकवादी विरोधी जैसे मुद्दों पर भारत ने अपने विचार सदस्य देशों के सामने साझा किए। आसियान संगठन 10 सदस्यीय देशों का क्षेत्रय समूह है। आसियान देशों की बैठक में 27 देशों के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
आसियान देशों की बैठक में पाकिस्तान ने एक बार फिर सभी सदस्य देशों के सामने कश्मीर का राग अलापा। आतंकवाद को पालने-पोषने वाले पाकिस्तान ने अपने देश में फैल रहे आतंकवाद के लिए पड़ोसी देशों को जिम्मेदार ठहराया और खुद को पाक साफ बताने की पूरी कोशिश की, इस दौरान पाकिस्तान आसियान देशों के सामने घड़ियालू आंसू बहाने से भी नहीं चूका।
आतंकवाद में सबसे आगे रहने वाले देश पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने आसियान देशों के सामने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद की आलोचना करता है, इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद का शिकार बताकर सदस्य देशों की सहानभति लेने की पूरी कोशिश की और सदस्य देशों को आतंकवाद से निपटने का झूठा भी भरोसा दिलाया।
00 `इस्लामोफोबिया की वजह से बदनाम हो रहा पाकिस्तान`
विदेश मंत्री कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान अपनी धरती का इस्तेमाल अब आतंकवाद (Terrorism) को पालने के लिए नहीं होने देगा। लश्कर, जैश-ए-मोहम्मद जैसे सैकड़ो आतंकवादी संगठनो को आश्रय देने वाले पाकिस्तान ने सदस्य देशों के सामने कहा कि इस्लामोफोबिया की वजह से पाकिस्तान को बदनाम किया जा रहा है। इस्लाम के नाम पर दुनिया में आतंक फैलाने वाला पाकिस्तान इस्लामोफोबिया के नाम पर खुद को बचाना चाहता है।
बतादें कि आसियान दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का एक क्षेत्रीय संगठन है, जो एशिया-प्रशांत के उपनिवेशी राज्यों के बढ़ते तनाव के बीच राजनीतिक और सामाजिक स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है। इंडोनेशिया, थाइलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, फिलीपींस, वियतनाम, म्यांमार,कंबोडिया,ब्रुनेई और लाऔस इसके सदस्य देश हैं।

1114 लोगों की गई जान, कुल संक्रमित 47 लाख के पार
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। देश में कोरोना वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर दिन 90 हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमित सामने आ रहे हैं। एक बार फिर देश में कोरोना संक्रमण के 90 हजार से ज्यादा केस सामने आए हैं। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 94,372 सामने आए हैं और 1,114 लोगों की मौत हो गई है।
देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 47 लाख के पार पहुंच गई है। कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 47,54,357 हो गई है। इनमें 9,73,175 मामले सक्रिय हैं। वहीं, 37,02,596 लोगों को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। कोरोना की चपेट में आकर देश में अब तक 78,586 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
देश के अलग-अलग राज्यों से कोरोना के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं वह बेहद चिंताजनक हैं। महाराष्ट्र में अब तक कोरोना के 10,37,765 केस सामने आ चुके हैं। कोरोना प्रभावित राज्यों में महाराष्ट्र पहले नंबर पर है। राज्य में कोरोना के 2,79,768 मामले सक्रिय हैं। अब तक 7,28,512 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है और 29,115 लोगों की मौत हो चुकी है।
कोरोना प्रभावित राज्यों में आंध्र प्रदेश दूसरे नंबर पर है। आंध्र प्रदेश में कोरोना के अब तक 5,57,587 मामले सामने आ चुके हैं। राज्य में 95,733 सक्रिय केस हैं और 4,57,008 लोगों को अस्पताल से इलाज के बाद छुट्टी दी जा चुकी है। अब तक 4,846 लोगों की मौत हो चुकी है।
वहीं, तमिलनाडु कोरोना प्रभावित राज्यों में तीसर ने नंबर पर है। राज्य में अब तक कोरोना के 4,97,066 केस सामने आ चुके हैं। इनमें 47,110 मामले सक्रिय हैं और 4,41,649 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। राज्य में अब तक कोरोना से 8,307 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
कोरोना प्रभावित राज्यों में कर्नाटक चौथे नंबर पर पहुंच गया है। कर्नाटक में अब तक कोरोना के 4,49,551 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 97,815 केस सक्रिय हैं और 3,44,556 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। राज्य में कोरोना से अब तक 7,161 लोगों की जान जा चुकी है।
उत्तर प्रदेश कोरोना प्रभावित राज्यों में पाचंवें नंबर पर है। यूपी में कोरोना के अब तक 3,05,831 मामले सामने आए हैं। प्रदेश में कोरोना के 67,955 सक्रिय मामले हैं। अब तक 2,33,527 लोगों को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। कोरोना की चपेट में आकर अब तक 4,349 लोगों की मौत हो चुकी है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। टिहरी के जिलाधिकारी और 2012 बैच के तेजतर्रार आइएएस अधिकारी मंगेश घिल्डियाल को प्रधानमंत्री कार्यालय में तैनाती को हरी झंडी मिल गई है। केंद्र सरकार ने उन्हें पीएमओ में अनुसचिव पद पर नियुक्ति दी है। उनका कार्यकाल चार साल का होगा। उन्हें तीन सप्ताह के भीतर पीएमओ में तैनाती देने को कहा गया है।
मंगेश घिल्डियाल करीब चार महीने पहले तक रुद्रप्रयाग जिले में जिलाधिकारी पद पर तैनात थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट केदारनाथ धाम पुननिर्माण कार्य में बतौर जिलाधिकारी उनकी कार्यशैली और क्षमता की काफी सराहना भी हुई थी। समझा जा रहा है कि इसी दौरान मंगेश घिल्डियाल प्रधानमंत्री कार्यालय की नजर में आ गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लगातार जायजा लेते रहे हैं। केदारनाथ धाम जाकर भी प्रधानमंत्री मोदी ने निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया है। मंगेश घिल्डियाल जिलाधिकारी के रूप में रुद्रप्रयाग जिले में काफी लोकप्रिय रहे हैं। उनकी छवि आम जनता से जुडे अधिकारी के रूप में रही है।
पीएमओ में अलग-अलग राज्यों के तीन आइएएस अधिकारियों की तैनाती की गई है। वर्ष 2004 बैच के रघुराज राजेंद्र को डायरेक्टर और 2010 बैच की आइएएस आम्रपाली काता को उप सचिव के पद पर तैनात किया गया है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को पोस्ट कोविड-19 मैनेजमेंट प्रोटोकॉल जारी किया है। प्रोटोकॉल के अनुसार कोरोना के मरीज ठीक होने के बाद जारी किए गए प्रोटोकॉल का पालन कर अपना हेल्थ सही रख सकते हैं स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी कोविड-19 प्रोटोकॉल के मुताबिक कोरोना के मरीजों को मास्क और सेनेटाइजर का प्रयोग किया जाना चाहिए। इसके अलावा, पीने के लिए गर्म पानी अधिक से अधिक का प्रयोग करें।
प्रोटोकॉल में आगे कहा गया है कि मरीज आयुष मंत्रालय द्वारा जारी नियमों क पालन करें। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 के मरीजों का इलाज करने वाले निजी अस्पतालों से भी आग्रह किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि वायरल बीमारी से पीड़ित मरीजों को बिस्तर देने इनकार नहीं किया जाए और उनकी उचित देखभाल हो।
प्रोटोकॉल में ये नियम
- केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोरोना मरीजों को चव्यनप्राश का सेवन करना चाहिए।
- मरीजों को इसके साथ ही आयुष कवध का प्रयोग भी करना चाहिए
- एडवाइजरी में प्रणायाम और मेडिटेशन का भी सलाह दिया गया है
- वहीं कोरोना मरीजों को स्मोकिंग न करने की नसीहत भी दी गई है।
- मरीजों को मास्क का इस्तेमाल करें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
- पर्याप्त मात्रा में गर्म पानी पीएं।
- आयुष मंत्रालय के द्वारा बताई गई इम्युनिटी बढ़ाने वाली दवाओं का भी सेवन करें।
- घर पर या ऑफिस के काम धीरे-धीरे ही शुरू करें।
- पर्याप्त नींद ले और आराम करें।
- रोजाना योगासन, प्राणायाम और मेडिटेशन करें।
देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 46,59,984 हो गई है वहीं संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 77,472 हो गया है। हालांकि इस बीच राहत की एक बात यह है कि कोविड-19 संक्रमण से अब तक 36, 24, 196 लोग उबर चुके हैं। देश में कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने की दर 77.77 फीसदी है।

नई दिल्ली(शोर सन्देश)। बिहार के गया जिले के दशरथ मांझी से मिलती-जुलती एक और कहानी सामने आई है। एक शख्स ने पास की एक पहाड़ी से बारिश के पानी को अपने खेल में लाने के लिए तीन किलोमीटर लंबा नहर खोद डाला। ये मामला भी बिहार गया जिले के लहटुआ क्षेत्र के कोठीलावा गांव की है।
बताया, `पिछले 30 साल से मैं पास के जंगल जाता था और नहर खोदता था। किसी ने मेरे इस काम में साथ नहीं दिया। गांव वाले अब जीविका कमाने के लिए शहर की ओर जा रहे हैं, लेकिन मैंने गांव में रहने का फैसला किया।`
कोठीवाला गांव चारों ओर से घने जंगलों से घिरा हुआ है। ये जिला मुख्यालय गया से करीब 80 किलोमीटर दूर है। ये गांव माओवादियों की शरणस्थली के रूप में भी चिह्नित है।
इस क्षेत्र में लोगों की आजीविका का मुख्य स्रोत यहां खेली और पशुपालन है। बारिश के मौसम में पहाड़ों से आने वाला पानी नदियों में बह जाता है। इसे ही लाने के लिए भूइयां ने नहर बनाने की सोची। भूइयां को लगता था कि यह पानी अगर खेतों में आ सके तो इससे कई समस्याओं से मुक्ति मिल जाएगी।
एक ग्रामीण पट्टी मांझी ने बताया, `वह पिछले 30 सालों से अकेले नहर बनाने के काम में लगे हुए थे। उनके इस प्रयास से बड़ी संख्या में जानवारों को पानी मिलेगा और खेतों की सिंचाई भी हो सकेगी। वह यह नहर सिर्फ अपने फायदे के लिए नहीं बना रहे हैं बल्कि पूरे इलाके की मदद करने के लिए ऐसा कर रहे हैं।`
वहीं, गया के रहने वाले एक शिक्षक ने इस काम से ग्रामीणों को लाभ पहुंचाने के लिए भूइयां की ओर से किए गए प्रयासों की सराहना की।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 बिहार में चुनाव को लेकर जारी सियासी हलचल के बीच पीएम नरेंद्र मोदी आज राज्य को तीन नई परियोजनाओं की सौगात देने जा रहे हैं। बताया जा रहा है यह तीनों परियोजनाएं तेल और गैस से जुड़ी हुई हैं।
पीएम मोदी के द्वारा बिहार को 901 करोड़ों की लागत वाली जिन योजनाओं की सौगात मिलने वाली है उनमें पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर पाइप लाइन के दुर्गापुर-बांका खंड के 634 करोड़ रुपये की लागत से बना 193 किमी लंबा पाइप लाइन का उदघाटन शामिल है। वहीं इसके अलावा बिहार के बांका में आज 130 करोड़ रुपये की लागत से बने एलपीजी बॉटलिंग प्लांट का भी उद्घाटन होना है।
आज इनके अलावा पूर्वी चंपारण के सुगौली में 136 करोड़ रुपये की लागत से बने नए एलपीजी बॉटलिंग प्लांट का भी शुभारंभ किया जाएगा। जानकारी के लिए आपको बता दें, वर्चुअल सभा के जरिये होने वाले इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा बिहार के सीएम नीतीश कुमार, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम कई अन्य नेता भी शामिल होंगे।
बताया जा रहा है राज्य के दो जिलों को एलपीजी का बॉटलिंग प्लांट मिलने से लोगों में खुशी का माहौल है। 193 किमी लंबी पाइप लाइन योजना के उद्घाटन के साथ ही इसका सीधा फायदा बिहार की जनता को भी मिलेगा।

नई दिल्ली(शोर सन्देश)।ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका की कोरोना वायरस वैक्सीन के अंतिम चरण के ट्रायल को ब्रिटेन में फिर से शुरू कर दिया गया है। एस्ट्राजेनेका ने कहा कि ब्रिटेन की मेडिसिंस हेल्थ रेगुलेटरी अथॉरिटी ने पूरे मामले की जांच के बाद इसे सुरक्षित पाया है। जिसके बाद इसके क्लिनिकल ट्रायल को हरी झंडी दी गई है। वैक्सीन के ट्रायल को उस समय रोक दिया गया था जब एक वॉलंटियर पर इसका गंभीर असर दिखाई दिया था। 2020 के अंत तक आ सकती है यह वैक्सीन
एस्ट्राजेनेका के सीईओ पास्कल सॉरियट को वैक्सीन के जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद है। उनका कहना है कि यह वैक्सीन इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत तक आ सकती है। चीन की वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट नहीं
चीन की चाइना नेशनल बायोटेक ग्रुप ने अपनी कोरोना वायरस वैक्सीन को सुरक्षित और प्रभावी बताया है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि अभी तक जिन लोगों को इस वैक्सीन के दोनों टीके लगाए जा चुके हैं उनमें किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं दिखा है। कंपनी ने अपने आधिकारिक वीचैट अकाउंट पर कहा कि अभी तक इस वैक्सीन की डोज लगभग एक लाख लोगों को दी गई है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश) । परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि बुजुर्ग लोगों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने जीवन प्रमाण-पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) जमा करने की मौजूदा समय-सीमा में ढील दी है। केंद्र सरकार के सभी पेंशनभोगी 1 नवंबर, 2020 से 31 दिसंबर 2020 तक जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। पहले पेंशन की निरंतरता बनाए रखने के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने का काम नवंबर के महीने तक ही हुआ करता था। हालांकि,80 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के पेंशनभोगी 1 अक्टूबर, 2020 से 31 दिसंबर, 2020 तक जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। इस विस्तारित अवधि के दौरान पेंशन प्रदाता प्राधिकरण (पीडीए) द्वारा निर्बाध भुगतान जारी रखा जाएगा। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस बारे में फैसला जारी कोविड -19 महामारी और कोरोना वायरस की चपेट में बुजुर्ग लोगों के जल्द आने की आशंका के मद्देनज़र लिया गया। इस फैसले के अलावा, 9 जनवरी,2020 की तारीख में आरबीआई की जारी अधिसूचना के अनुसार, जो ग्राहक की पहचान स्थापित करने के लिए सहमति आधारित वैकल्पिक विधि के रूप में वीडियो आधारित ग्राहक पहचान प्रक्रिया (वी-सीआईपी) की अनुमति देता है, पेंशन संवितरण बैंकों को भी शाखाओं में भीड़ से बचने के लिए आरबीआई के दिशा-निर्देशों द्वारा अनुमत सीमा तक पेंशनभोगियों से जीवन प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए ऊपर बताई गई विधि का पता लगाने के लिए कहा गया है। केंद्र सरकार के प्रत्येक पेंशनभोगी को अपनी पेंशन जारी रखने के लिए नवंबर के महीने में जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होता है। पेंशनभोगी बैंक शाखाओं में जाकर जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं,हालांकि पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र को बढ़ावा दे रहा है,जिसे घर से भी भेजा जा सकता है। वर्ष 2019 में,बहुत वरिष्ठ पेंशनभोगियों को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में सहूलियत के लिए अतिरिक्त समर्पित समय देते हुए विभाग ने 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के पेंशनभोगियों को हर साल 1 नवंबर के बजाय 1 अक्टूबर से ही जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के संबंध में आदेश जारी किए ताकि वे नवंबर के महीने में भीड़भाड़ से बच सकें।