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‘दुनिया में सिर्फ भारत में नारी को माना गया भगवान’, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पीएम मोदी का पुराना बयान चर्चा में

08-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) चाहे वह वोट का अधिकार हो या नारी को अंबा, दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी देवी का स्वरूप मानना, भारत में महिलाओं के अधिकार और सम्मान हमेशा से सर्वोपरि रहे हैं। ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर पर आज रविवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पुराना वीडियो भी वायरल है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने ऐतिहासिक रूप से नारी को छोटा या दोयम दर्जे का नहीं, बल्कि सबसे ऊपर का रूप माना है।
‘मोदी आर्काइव’ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री मोदी का पुराना वीडियो शेयर किया है। यह 2003 की एक सभा का है, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “दुनिया की कुछ सबसे पुरानी डेमोक्रेसी (अमेरिका) को महिलाओं को वोट देने का अधिकार देने में एक सदी से ज्यादा लग गया, जबकि भारत ने 1947 में ही महिलाओं को वोट देने का अधिकार दे दिया था।”
पोस्ट में लिखा, “यह उस कानून, राष्ट्रीय मिशन, नीतिगत ढांचे और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू होने से पहले की बात थी, जिसने संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की थीं। बीस साल पहले, एक मुख्यमंत्री पहले ही सवाल कर रहे थे कि महिलाओं की शक्ति सिर्फ परिवार तक क्यों सीमित रहे? क्यों न यह ग्राम सभा, जिला या हर उस कमरे तक पहुंचे, जहां निर्णय लिए जाते हैं?”
एक अन्य पोस्ट में कहा गया, “2003 में नरेंद्र मोदी ने एक सभ्यता का नजरिया पेश किया, जिसमें कहा गया कि भारत ने ऐतिहासिक रूप से महिलाओं को छोटा या दोयम दर्जे का नहीं, बल्कि सबसे ऊपर का रूप माना है। उन्होंने कहा कि दुनिया की किसी भी परंपरा ने स्त्री को भगवान का रूप नहीं दिया है।”
मोदी आर्काइव’ के पोस्ट में आगे लिखा गया है, “महिला को अंबा, दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी के रूप में दिखाया गया है, हर एक को भगवान का रूप माना जाता है। समाज में महिलाओं की भूमिका के बारे में आज की बहस से सदियों पहले, भारत ने यह नियम बना लिया था कि नारी शक्ति, या स्त्री शक्ति का आदर और सम्मान किया जाना चाहिए।”
इससे पहले, आज रविवार को पीएम मोदी ने ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ को लेकर कहा, “हर क्षेत्र में महिलाएं अपने दृढ़ संकल्प, रचनात्मकता और अद्वितीय उत्साह के साथ भारत की प्रगति को आकार दे रही हैं। उनकी उपलब्धियां हमारे देश को प्रेरित करती हैं और ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए हमारे सामूहिक संकल्प को और मजबूत बनाती हैं।

पीएम मोदी ने दिल्ली के सरोजिनी नगर में महिला लाभार्थियों को सौंपी जीपीआरए फ्लैट्स की चाबियां

08-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सरोजनी नगर में जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (जीपीआरए) कॉलोनियों का दौरा किया और महिला लाभार्थियों को टाइप-5 के नए घरों की चाबियां सौंपी। इस अवसर पर पीएम मोदी ने श्रमजीवी महिलाओं के साथ संवाद भी किया।
सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी जैसे प्रमुख स्थानों पर जीपीआरए पुनर्विकास परियोजनाएं, कॉलोनियों के आधुनिकीकरण और सरकारी कर्मचारियों तथा प्रशासनिक कार्यालयों के लिए विश्व स्तरीय इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर तैयार करने के सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
जीपीआरए प्लान के तहत 15,200 करोड़ रुपए की इन परियोजनाओं का पुनर्विकास एक नवोन्मेषी आत्मनिर्भर वित्तीय मॉडल के माध्यम से किया गया है, जो यह सुनिश्चित करता है कि पुनर्विकास सरकारी खजाने पर बोझ डाले बिना किया जाए। इस मॉडल के तहत सरकार परियोजना क्षेत्र के एक सीमित हिस्से को वाणिज्यिक और आवासीय स्थान के लिए विकसित और मुद्रीकृत कर रही है, ताकि पूरी परियोजना का वित्तपोषण किया जा सके। इससे प्राप्त राजस्व का इस्तेमाल आधुनिक सरकारी आवास, संबंधित इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर और सार्वजनिक सुविधाओं के पुनर्विकास के लिए किया जा रहा है।
पुनर्विकास योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए 9,350 से अधिक आधुनिक फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे, साथ ही लगभग 48 लाख वर्ग फुट कार्यालय स्थान का निर्माण किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक दक्षता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी और मुद्रीकरण की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
रविवार को दिल्ली में पीएम मोदी लगभग 18,300 करोड़ रुपए के दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट्स का भी उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इनमें लगभग 12.3 किमी का मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर (पिंक लाइन) कॉरिडोर और लगभग 9.9 किमी का दीपाली चौक-मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) कॉरिडोर शामिल है। नई कनेक्टिविटी से बुराड़ी, जगतपुर-वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा, मजलिस पार्क समेत दिल्ली के कई इलाकों को फायदा होगा।
प्रधानमंत्री दिल्ली मेट्रो के चरण 4 के अंतर्गत लगभग 16.10 किलोमीटर लंबे तीन नए कॉरिडोर की आधारशिला भी रखेंगे। ये तीन नए कॉरिडोर हैं, आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ, एयरोसिटी से इंदिरा गांधी हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज। ये कॉरिडोर राष्ट्रीय राजधानी के कई महत्वपूर्ण स्थानों को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेंगे और नोएडा, दक्षिण दिल्ली और हवाई अड्डे के बीच यात्रा करने वाले निवासियों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार करेंगे।
 

दिल्ली का विकास सिर्फ एक शहर का विकास नहीं होता, यह पूरे देश की छवि से जुड़ा है: प्रधानमंत्री मोदी

08-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 33,500 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिल्ली सिर्फ भारत की राजधानी नहीं है, यह भारत की पहचान और ऊर्जा का प्रतीक है। दिल्ली का विकास सिर्फ एक शहर का विकास नहीं होता, यह पूरे देश की छवि से जुड़ा होता है। 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया का कोई भी व्यक्ति जब भारत जैसे विशाल लोकतंत्र के बारे में सोचता है तो अक्सर उसके मन में दिल्ली की तस्वीर आती है। हम सब दिल्ली में विकास को नई गति देने के लिए यहां इकट्ठे हुए हैं।
पीएम मोदी ने कहा, “यहां 33,500 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। मेट्रो के विस्तार से लेकर हजारों सरकारी कर्मचारियों के आवासों तक, देश की राजधानी में सुविधाओं का लगातार मजबूत विस्तार हो रहा है, एक नई मजबूती दी जा रही है। आप लोगों ने एक साल पहले जिस नई उम्मीद और संकल्प के साथ दिल्ली में भाजपा की सरकार बनाई थी, उसका परिणाम आज यहां दिख रहा है। मैं दिल्ली के सभी नागरिकों को विकास की इस अविरत धारा के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।”
उन्होंने कहा कि दिल्ली कुछ दिन पहले नमो भारत जैसी तेज ट्रेन के जरिए मेरठ से जुड़ी है। इससे दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा आसान हो गई है। आज मेट्रो फेस-4 के शुरू होने के साथ दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 375 किलोमीटर से भी आगे पहुंच गया है। दुनिया के बड़े-बड़े शहरों में भी मेट्रो का इतना बड़ा नेटवर्क नहीं है।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज जो मेट्रो का नया सेक्शन शुरू हुआ है, उससे राजधानी के लाखों लोगों को बहुत बड़ी सुविधा मिलने वाली है। खास तौर पर पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लोगों के लिए अब रोज का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा। इन सबके साथ ही गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे एनसीआर के शहरों से दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में आना-जाना आसान हो जाएगा।
रविवार को दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया गया। इनमें लगभग 12.3 किमी का मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर (पिंक लाइन) कॉरिडोर और लगभग 9.9 किमी का दीपाली चौक-मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) कॉरिडोर शामिल है। नई कनेक्टिविटी से बुराड़ी, जगतपुर-वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा, मजलिस पार्क समेत दिल्ली के कई इलाकों को फायदा होगा।
प्रधानमंत्री ने दिल्ली मेट्रो के चरण 4 के अंतर्गत लगभग 16.10 किलोमीटर लंबे तीन नए कॉरिडोर की आधारशिला रखी। ये तीन नए कॉरिडोर हैं, आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ, एयरोसिटी से इंदिरा गांधी हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज। ये कॉरिडोर राष्ट्रीय राजधानी के कई महत्वपूर्ण स्थानों को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेंगे और नोएडा, दक्षिण दिल्ली और हवाई अड्डे के बीच यात्रा करने वाले निवासियों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार करेंगे।

 

28 करोड़ से अधिक जनधन खाते महिलाओं के पास, नए भारत में बढ़ रही भागीदारी : निर्मला सीतारमण

08-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि वित्तीय सेवाओं तक पहुंच ने महिलाओं को असली आजादी तक पहुंचने में मदद की है।  
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि जनधन खाता और “लखपति दीदियों” जैसी सरकारी योजनाएं महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत कर रही हैं और पूरे भारत में घरों और समुदायों को नया आकार दे रही हैं।
जन धन योजना की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, देश में अब तक 57.71 करोड़ जनधन खाते खोले जा चुके हैं।
वहीं, लखपति दीदी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को ट्रेनिंग, फाइनेंस और अन्य संसाधनों की मदद दी जाती है। इसका लक्ष्य महिलाओं को इतना सक्षम बनाना है कि वे सालाना एक लाख रुपए या उससे ज्यादा की आय अर्जित कर सकें। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलता है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “जब महिलाओं को वित्तीय सहायता मिलती है, तो उन्हें स्वतंत्रता मिलती है। महिलाओं के पास अब 28 करोड़ से अधिक जन धन खाते हैं, जो पूरे भारत में घरों तक वित्तीय सेवाएं पहुंचा रहे हैं और उनकी वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत कर रहे हैं।”
इसी प्रकार, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी राष्ट्र निर्माण में महिलाओं के योगदान की सराहना की।
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति” नए भारत के निर्माण का आधार है और देश के विकास के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण आवश्यक है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अवसर सृजित करने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
गोयल ने आगे कहा कि महिलाएं दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ भारत के परिवर्तन का नेतृत्व कर रही हैं, चाहे वह उद्यमशीलता हो, खेल, रक्षा, विज्ञान या ग्रामीण विकास।
इस दिन को मनाते हुए, उन्होंने महिलाओं की शक्ति और आकांक्षाओं का समर्थन करने और एक मजबूत और समृद्ध भारत के भविष्य को आकार देने में उनकी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए नए सिरे से प्रतिबद्धता का आह्वान किया। 



 

अमेरिका ने एयर इंडिया के फ्लाइट परमिट का दायरा बढ़ाया; कार्गो और चार्टर्ड उड़ानों के लिए मिली अनुमति

07-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) संयुक्त राज्य अमेरिका ने एयर इंडिया को संशोधित विदेशी एयर कैरियर परमिट दे दिया है। इसके साथ ही एयर इंडिया अब भारत और अमेरिका के बीच यात्री उड़ानें, कार्गो उड़ानें और चार्टर उड़ानें संचालित कर सकेगी। अमेरिकी परिवहन विभाग ने इस सप्ताह समीक्षा पूरी करने के बाद अंतिम आदेश जारी किया। इस फैसले पर तय समय के भीतर किसी भी पक्ष ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई।
अधिकारियों ने बताया कि विभाग ने पहले इच्छुक पक्षों को 21 दिन का समय दिया था, ताकि यदि किसी को प्रस्तावित फैसले पर आपत्ति हो तो वह अपनी आपत्ति दर्ज करा सके। लेकिन इस अवधि में कोई आपत्ति नहीं मिली, जिसकी वजह से विभाग ने एयर इंडिया को विस्तारित उड़ान की परमिट दी है। एयर इंडिया को आदेश के साथ संलग्न परिचालन शर्तों सहित संशोधित परमिट दिया गया।
दरअसल, यह परमिट एयर इंडिया को संयुक्त राज्य अमेरिका से जुड़े यात्रियों, माल और डाक के निर्धारित अंतरराष्ट्रीय परिवहन की अनुमति देता है। इस अनुमति के अनुसार एयर इंडिया भारत से पहले के किसी स्थान से उड़ान शुरू करके भारत के रास्ते बीच के अन्य पड़ावों से होते हुए अमेरिका और उससे आगे के स्थानों तक उड़ानें संचालित कर सकती है। इसके अलावा एयर इंडिया को अमेरिका और दुनिया के अन्य अंतरराष्ट्रीय स्थानों के बीच नियमित कार्गो फ्लाइट्स की भी अनुमति दी गई है।
परमिट में यह भी कहा गया है कि एयर इंडिया भारत और अमेरिका के बीच चार्टर उड़ानें भी संचालित कर सकती है। इन चार्टर उड़ानों में यात्री, कार्गो और डाक ले जाई जा सकती है। साथ ही अमेरिका और किसी तीसरे देश के बीच भी चार्टर उड़ानें चलाई जा सकती हैं, लेकिन यह सेवा भारत से जुड़ी एक ही लगातार फ्लाइट सर्विस का हिस्सा होनी चाहिए। यह संशोधित परमिट 2 मार्च, 2026 से प्रभावी हुआ है।
अमेरिकी कानून के तहत, परिवहन विभाग द्वारा जारी विदेशी एयरलाइन परमिट राष्ट्रपति या किसी नामित अधिकारी द्वारा समीक्षा के अधीन होते हैं। अगर निर्धारित अवधि के भीतर कोई आपत्ति नहीं की जाती है, तो आदेश स्वतः प्रभावी हो जाता है। परमिट के तहत एयर इंडिया को अमेरिकी विमानन नियमों और सुरक्षा आवश्यकताओं का पालन करना अनिवार्य है। इनमें संघीय विमानन प्रशासन और परिवहन सुरक्षा प्रशासन की ओर से लागू किए गए नियम शामिल हैं।
एयरलाइन को अपनी सेवाओं के लिए भारत सरकार से वैध प्राधिकरण बनाए रखना होगा और अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा मानकों को पूरा करना होगा। पहले के दस्तावेजों से पता चलता है कि एयर इंडिया ने अक्टूबर 2025 में संशोधित परमिट और छूट के लिए आवेदन किया था। विभाग ने कहा कि आवेदन में उन परिचालन अधिकारों को शामिल करने की मांग की गई थी जो एयरलाइन को पहले से ही अमेरिका-भारत हवाई परिवहन समझौते के तहत प्राप्त थे।
अधिकारियों ने निष्कर्ष निकाला कि एयर इंडिया ने यह साबित कर दिया है कि वह प्रस्तावित सेवाओं के लिए वित्तीय और परिचालन रूप से योग्य है और अथॉरिटी जनहित के अनुरूप है।
बता दें कि अमेरिका और भारत के बीच एक विमानन ढांचा है जो दोनों देशों की एयरलाइनों को दोनों बाजारों के बीच उड़ानें संचालित करने की इजाजत देता है। व्यापारिक संबंधों, पर्यटन और अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासियों की उपस्थिति के कारण हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच हवाई यात्रा में लगातार बढ़ोतरी हुई है।

पीएम मोदी ने भाजपा विधायक गोविंद परमार के निधन पर जताया शोक

07-Mar-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के भाजपा विधायक गोविंद परमार के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि वे हमेशा सामाजिक कामों के लिए तत्पर और समर्पित रहते थे।
पीएम मोदी ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “गुजरात विधानसभा के सदस्य गोविंद परमार के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। वे हमेशा सामाजिक कामों के लिए तत्पर और समर्पित रहते थे। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना और दुखी परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।”
इससे पहले, गुजरात भाजपा के अध्यक्ष और विधायक जगदीश विश्वकर्मा ने परमार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। विश्वकर्मा ने एक बयान में कहा कि उमरेठ के लोकप्रिय विधायक गोविंदभाई परमार के दुखद निधन की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दें।
गोविंद परमार आणंद जिले के उमरेठ निर्वाचन क्षेत्र से विधायक थे। कल शुक्रवार को अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। वे 82 वर्ष के थे। पार्टी नेताओं के अनुसार, परमार लंबे समय से अस्वस्थ थे और आणंद के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
1943 में जन्मे परमार एक साधारण परिवार से थे और चारोतर क्षेत्र के ग्रामीण समुदायों से गहरे संबंध रखने वाले एक जमीनी स्तर के राजनीतिक नेता के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने सातवीं कक्षा तक पढ़ाई की और फिर अपना जीवन जनसेवा और राजनीति को समर्पित कर दिया।
परमार 2017 के चुनावों में उमरेठ निर्वाचन क्षेत्र से गुजरात विधानसभा के लिए चुने गए, जहां उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार कपिलाबेन चावड़ा को हराकर सदन में अपना पहला कार्यकाल हासिल किया। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार के रूप में यह सीट बरकरार रखी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के जयंत पटेल को हराया।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जारी की साइबर नीति, डिजिटल खतरों से मुकाबला और वैश्विक साझेदारी पर जोर

07-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) व्हाइट हाउस ने अमेरिका के लिए एक साइबर रणनीति जारी की है, जिसमें साइबर सुरक्षा को मजबूत करने, प्रतिद्वंद्वियों से डिजिटल खतरों का मुकाबला करने और वैश्विक भागीदारों के साथ सहयोग को गहरा करने की एक व्यापक योजना की रूपरेखा दी गई है।
नई साइबर रणनीति में कहा गया है कि अमेरिका डिजिटल नेटवर्क की सुरक्षा और तकनीकी नेतृत्व को बनाए रखने के लिए सहयोगी देशों, उद्योग जगत और सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगा। यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिका “साइबरस्पेस में बेजोड़ बना रहे।” योजना में नेटवर्क की सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा के लिए सरकार और निजी क्षेत्र के बीच अभूतपूर्व समन्वय का आह्वान किया गया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, “पिछले एक साल में अमेरिका ने पूरी दुनिया को दिखाया है कि हमारे पास धरती पर सबसे शक्तिशाली और तकनीकी रूप से उन्नत सेना है। कोई भी इसके आस-पास भी नहीं है। हम वैश्विक साइबर मानदंडों को आकार देने और डिजिटल लचीलेपन को मजबूत करने के लिए सहयोगियों और उद्योग जगत के साथ मिलकर काम करेंगे।”
यह नीतिगत खाका ऐसे समय में आया है, जब दुनिया भर की सरकारें साइबर अपराध, जासूसी और डिजिटल नुकसान के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी खतरे को देखते हुए यह नई योजना तैयार की गई है। आजकल अपराधी और दुश्मन संगठन सरकारों, कंपनियों और बिजली-पानी जैसी जरूरी सुविधाओं को अपना निशाना बना रहे हैं।
ट्रंप ने कहा, “हमारे साइबर उपकरण और ऑपरेटर दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हैं। हम उन्हें अपने विरोधियों को बाधित और भ्रमित करके, और उन्हें सुरक्षित पनाहगाह से वंचित करके अमेरिका की रक्षा करने के लिए सशक्त बना रहे हैं।”
इस रणनीति में चेतावनी दी गई है कि साइबर अपराध और विरोधी स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों, वित्तीय नेटवर्क, खाद्य आपूर्ति शृंखलाओं और जल उपयोगिताओं को निशाना बना रहे हैं। इन हमलों से सेवाएं बाधित हो सकती हैं और भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।
दस्तावेज में कहा गया है, “हालांकि, साइबरस्पेस में स्वतंत्रता और सुरक्षा को हल्के में नहीं लिया जा सकता,” क्योंकि अमेरिकी साइबर नीति को निर्देशित करने के लिए छह प्रमुख नीतिगत स्तंभों की रूपरेखा दी गई है। इनमें विरोधियों के व्यवहार को नियंत्रित करना, “समझदारीपूर्ण विनियमन” को बढ़ावा देना, संघीय नेटवर्क का आधुनिकीकरण करना, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा करना, तकनीकी श्रेष्ठता बनाए रखना और एक मजबूत साइबर कार्यबल का निर्माण करना शामिल है।
रणनीति में संघीय प्रणालियों के आधुनिकीकरण और उन्नत साइबर सुरक्षा उपकरणों को तैनात करने पर भी जोर दिया गया है। इनमें पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी, ज़ीरो-ट्रस्ट आर्किटेक्चर और एआई-आधारित सुरक्षा प्रौद्योगिकियां शामिल हैं। एक अन्य प्रमुख फोकस ऊर्जा ग्रिड, वित्तीय प्रणालियों, दूरसंचार नेटवर्क, अस्पतालों और जल उपयोगिताओं जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा करना है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल आपूर्ति शृंखलाओं को भी सुरक्षित किया जाना चाहिए।
एआई, ब्लॉकचेन और सुरक्षित डिजिटल बुनियादी ढांचे जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में नवाचार के महत्व पर भी प्रकाश डालती है। अधिकारियों का कहना है कि ये प्रौद्योगिकियां नेटवर्क की सुरक्षा और अमेरिकी तकनीकी नेतृत्व को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
दस्तावेज में सेंसरशिप, निगरानी और सूचना के हेरफेर को सक्षम बनाने वाली विदेशी प्रौद्योगिकियों के खिलाफ भी चेतावनी दी गई है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और बुनियादी ढांचे को लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करना चाहिए और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करनी चाहिए।
साइबर सुरक्षा वाशिंगटन के लिए एक केंद्रीय राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकता बन गई है क्योंकि सरकारें और कंपनियां तेजी से परिष्कृत साइबर हमलों का सामना कर रही हैं। “अमेरिका के लिए साइबर खतरों को निष्क्रिय करने के लिए त्वरित, सुविचारित और सक्रिय रूप से कार्रवाई करेंगे।”
 

 


टॉपर अनुज अग्निहोत्री ने ‘निरंतर प्रयास’ को बताया सफलता की कुंजी

07-Mar-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश )  संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 का परिणाम छह मार्च शुक्रवार को घोषित किया गया। अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया वन रैंक लाकर टॉप किया है।
समाचार एजेंसी से बात करते हुए टॉपर अनुज ने कहा कि जब मैं एमबीबीएस में अपना ग्रेजुएशन कर रहा था, तो इस दौरान मेरा रूझान मेडिकल साइंस की जगह सिविल सर्विसेज की तरफ शिफ्ट हुआ। तभी मैंने सोचा था कि आगे सिविल सर्विसेज में जाऊंगा। उन्होंने बताया कि मेरा पहला प्रयास 2023 में था, जिसमें मुझे डेनिक्स सर्विस मिली थी और यह मेरा कुल मिलाकर तीसरा प्रयास है। मैंने 2017 में एम्स जोधपुर से स्नातक किया है।
उन्होंने बताया कि जब मैं इंटर्नशिप कर रहा था तो प्रैक्टिस के दौरान ऑनलाइन कोर्स लेकर तैयारी की थी। उसके बाद मैंने घर जाकर तैयारी की। इस सफलता में अपने परिवार का बहुत बड़ा योगदान मानता हूं। अनुज ने बताया कि पिता न्यूक्लियर पावर प्लांट में कर्मचारी हैं और माता गृहिणी हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह की परीक्षा है, पहले रैंक का अनुमान तो कोई नहीं लगा सकता। पहला रैंक आना किस्मत की बात है। उन्होंने कहा कि चाहे जीत मिले या हार मिले, हमें निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
वहीं, अनुज अग्निहोत्री की मां मंजू अग्निहोत्री ने कहा कि यह उनकी कड़ी मेहनत और ईश्वर की कृपा का परिणाम है। हर काम एक उचित दिनचर्या के साथ किया जाना चाहिए। अनुज की लगन को देखकर मैं हमेशा बोलती थी कि आगे अनुज कुछ बड़ा करेंगे।
अनुज अग्निहोत्री ने टॉप किया है तो वहीं, दूसरे स्थान पर राजेश्वरी सुवे एम रही हैं और तीसरे स्थान पर अकांश ढुल रहे हैं। यह परिणाम अगस्त 2025 में आयोजित लिखित परीक्षा और दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच हुए व्यक्तित्व परीक्षण यानी साक्षात्कार के आधार पर घोषित किया गया है।
आयोग की ओर से जारी मेरिट सूची के अनुसार, कुल 958 उम्मीदवारों को विभिन्न अखिल भारतीय और केंद्रीय सेवाओं में नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया गया है। यूपीएससी की सिविल सर्विसेज में चौथे स्थान पर राघव झुनझुनवाला, पांचवें स्थान पर ईशान भटनागर और छठे स्थान पर जिनिया अरोड़ा ने जगह बनाई है। सातवें स्थान पर एआर राजा मोहिदीन, आठवें स्थान पर पक्शल सेक्रेटरी, नौवें स्थान पर आस्था जैन और दसवें स्थान पर उज्ज्वल प्रियंक हैं।

जन औषधि दिवस : पीएम मोदी ने कहा, ‘हर नागरिक को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराना हमारी प्रतिबद्धता’

07-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) जन औषधि दिवस 2026 के अवसर पर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल यह सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दिखाती है कि हर नागरिक को सस्ती कीमतों पर अच्छी दवाइयां मिलें।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “जन औषधि दिवस 2026 के अवसर पर, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना से लाभान्वित होने वाले सभी लोगों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। यह पहल गुणवत्तापूर्ण दवाओं को किफायती दामों पर उपलब्ध कराने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जन औषधि केंद्रों के माध्यम से अनगिनत परिवार स्वास्थ्य देखभाल खर्चों में बचत कर रहे हैं और उचित उपचार प्राप्त कर रहे हैं।”
इसके साथ ही, पीएम मोदी ने ‘भारतीय जन औषधि योजना’ के परिवर्तनकारी प्रभाव की एक झलक भी शेयर की। ‘माईगव इंडिया’ ने लिखा है, “हेल्थकेयर सिस्टम तब सबसे मजबूत होते हैं जब वे आसानी से मिलने वाले और सबको साथ लेकर चलने वाले हों।”
पोस्ट में आगे लिखा गया है, “जन औषधि लाखों लोगों की जिंदगी को बेहतर बना रही है, यह सुनिश्चित करके कि जरूरी दवाएं सस्ती और पहुंच में रहें। कस्बों और ग्रामीण जिलों में इसकी बढ़ती मौजूदगी न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को मजबूत कर रही है, बल्कि स्थानीय उद्यमियों और समुदायों को भी मजबूत बना रही है।”
‘माईगव इंडिया’ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया गया, “सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयों के जरिए जन औषधि केंद्र करोड़ों गरीब और मिडिल क्लास परिवारों को बड़ी राहत दे रहे हैं। देशभर में हजारों केंद्रों के माध्यम से आम नागरिकों को 50–80 प्रतिशत तक सस्ती दवाइयां मिल रही हैं।”
माईगव इंडिया’ के अनुसार, जन औषधि केंद्रों से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं लेकर देशवासियों ने अब तक 40,000 करोड़ रुपए से अधिक की बचत की है। हर दिन 15 लाख से अधिक लोग जन औषधि केंद्रों से गुणवत्तापूर्ण और किफायती दवाइयां खरीदकर इस पहल पर अपना भरोसा जता रहे हैं। केवल 12 वर्षों में जन औषधि केंद्रों का नेटवर्क 80 से बढ़कर 18,000 तक पहुंच गया है।
इसके अलावा, जन औषधि केंद्रों की बिक्री 7.29 करोड़ रुपए (2014) से बढ़कर 2,000 करोड़ रुपए से अधिक पहुंची है, जो कि किफायती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं पर देशवासियों के भरोसे को दर्शाती है। वहीं, जन औषधि केंद्रों पर 2,110 से अधिक दवाइयां, 315 सर्जिकल उत्पाद और 29 उपचार श्रेणियों की जरूरी दवाएं उपलब्ध, ताकि हर नागरिक को एक ही जगह सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। जन औषधि केंद्रों पर मात्र 1 रुपए प्रति पैड की दर से उपलब्ध सैनेटरी पैड्स की 100 करोड़ से अधिक बिक्री देशभर में महिलाओं की स्वच्छता, स्वास्थ्य और सम्मान को सशक्त बना रही है।
माईगव इंडिया’ के ‘एक्स’ पोस्ट में बताया गया कि महिलाओं के नेतृत्व को सशक्त बनाते हुए पिछले तीन वित्तीय वर्षों में खुले नए जन औषधि केंद्रों में लगभग 60 प्रतिशत केंद्र महिलाओं की ओर से संचालित हैं।
 

बजट के बाद कृषि सुधारों पर मंथन, पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे वेबिनार को संबोधित

06-Mar-2026
नई दिल्ली ( शोर संदेश )। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए “कृषि और ग्रामीण परिवर्तन” विषय पर बजट के बाद आयोजित वेबिनार को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस वेबिनार का उद्देश्य कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों में सुधार और संभावनाओं पर चर्चा करना है।
इस थीम के तहत प्रधानमंत्री चार प्रमुख क्षेत्रों को कवर करते हुए आठ अलग-अलग वेबिनार सत्र आयोजित कर रहे हैं। इनमें कृषि, पशुपालन और डेयरी, मत्स्य पालन तथा ग्रामीण आजीविका जैसे अहम क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन सत्रों में इन क्षेत्रों के विकास और निवेश को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।
वेबिनार में काजू, नारियल, चंदन, अगरवुड, बादाम, अखरोट और चीड़ जैसी फसलों की क्षमता को उजागर करते हुए उच्च मूल्य वाली कृषि को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही कृषि के लिए एआई संचालित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और भारत विस्तार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
सत्रों में पशुपालन मूल्य शृंखला में निजी क्षेत्र के निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देने, मत्स्य पालन के लिए जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास तथा तटीय मत्स्य पालन मूल्य शृंखलाओं को मजबूत करने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा ‘एसएचई-मार्ट्स’ के जरिए ग्रामीण महिला उद्यमियों द्वारा बनाए गए उत्पादों की बाजार तक पहुंच बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा।
केंद्रीय बजट 2026-27 में उच्च मूल्य वाली कृषि, संबद्ध क्षेत्रों और प्रौद्योगिकी आधारित खेती पर विशेष जोर दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण रोजगार सृजन और कृषि पद्धतियों के आधुनिकीकरण के लिए कई लक्षित हस्तक्षेपों का प्रस्ताव रखा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 1,62,671 करोड़ रुपए के आवंटन की घोषणा की है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान 1,51,853 करोड़ रुपए से लगभग 7% अधिक है। मंत्रालय का व्यय हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा है। यह 2013-14 में लगभग 21,933.50 करोड़ रुपए था, जो 2025-26 के बजट अनुमानों में बढ़कर लगभग 1,51,853 करोड़ रुपए हो गया है।
बजट 2026-27 का उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देना है ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके। इसके साथ ही पूर्वोत्तर क्षेत्र में अगर के वृक्षों और देश के पहाड़ी इलाकों में बादाम, अखरोट और चीड़ के मेवों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि लगभग 3 करोड़ लोग अपनी आजीविका के लिए नारियल पर निर्भर हैं, जिनमें करीब 1 करोड़ किसान शामिल हैं। प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में पुराने और कम उत्पादक पेड़ों को नई पौधों और उन्नत किस्मों से बदलने सहित विभिन्न उपायों के साथ नारियल प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी।   
 


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