ब्रेकिंग न्यूज

देश-विदेश

इंडिगो और एयर इंडिया की एडवाइजरी जारी, ए 320 विमानों की उड़ानों में हो सकती है देरी

29-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। एयरबस ए 320 श्रेणी के विमानों को इस सप्ताहांत सॉफ्टवेयर अपग्रेड के लिए ग्राउंड किया जाने वाला है, जिससे भारत और दुनियाभर में हवाई यात्रा पर असर पड़ेगा। इसी बीच भारत में इंडिगो और एयर इंडिया एयरलाइन ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
एयर इंडिया एयरलाइन ने एडवाइजरी में ए 320 श्रेणी के विमानों में सॉफ्टवेयर बदलाव के साथ परिचालन में संभावित देरी के बारे में जानकारी दी है। कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “हम एयरबस की ओर से जारी एक निर्देश से अवगत हैं, जो वर्तमान में अलग-अलग एयरलाइनों के साथ सेवा में मौजूद ए 320 श्रेणी के विमानों से संबंधित है। इससे हमारे बेड़े के कुछ विमानों में सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर का रीअलाइनमेंट किया जाएगा, जिससे टर्नअराउंड समय बढ़ सकता है और हमारी निर्धारित उड़ान संचालन में विलंब हो सकता है।”
एयर इंडिया ने खेद जताते हुए यात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा से पहले हमारी वेबसाइट पर अपनी उड़ान की स्थिति जरूर चेक करें। एयरलाइन ने यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर (011-69329333, 011-69329999) भी जारी किए हैं।
इसी तरह, इंडिगो एयरलाइन ने कहा कि हमेशा सुरक्षा सबसे पहले आती है। कंपनी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “एयरबस ने ग्लोबल ए320 फ्लीट के लिए एक टेक्निकल एडवाइजरी जारी की है। हम अपने विमानों पर जरूरी अपडेट्स को पूरी मेहनत और सावधानी से, सभी सेफ्टी प्रोटोकॉल के हिसाब से पूरा कर रहे हैं। जब हम इन अपडेट्स पर काम कर रहे हैं, तो कुछ फ्लाइट्स के शेड्यूल में थोड़े बदलाव हो सकते हैं।”
इंडिगो ने यात्रियों को सलाह दी है कि एयरपोर्ट जाने से पहले वे ऐप और वेबसाइट पर अपनी लेटेस्ट फ्लाइट का स्टेटस चेक करें। कंपनी ने उन्हें यह भी भरोसा दिया है कि इंडिगो की टीमें रीबुकिंग, अपडेट्स और हर जानकारी में आपकी मदद करने के लिए हर समय उपलब्ध हैं।

 

ऑपरेशन सागर बंधु: भारत ने श्रीलंका को 12 टन अतिरिक्त राहत सामग्री भेजी, आपदा में अब तक 69 लोगों की मौत

29-Nov-2025
श्रीलंका में दित्वाह तूफान से अब तक 69 लोगों की जान जा चुकी है और 34 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस बीच भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत 12 टन राहत सामग्री श्रीलंका भेजी। शनिवार को भारतीय वायुसेना का विमान कोलंबो में उतरा। भारत ने तूफान से प्रभावित लोगों के लिए टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट और रेडी-टू-इट भोजन भेजा है। 
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “ऑपरेशन सागर बंधु शुरू हो गया है। इंडियन एयर फोर्स का सी-130जे प्लेन लगभग 12 टन मानवीय मदद लेकर कोलंबो पहुंचा है, जिसमें टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट और खाने के लिए तैयार खाने की चीजें शामिल हैं।”इससे पहले शुक्रवार को भी भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका के लिए मदद भेजी थी।
श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त ने एक्स पर पोस्ट किया, “ऑपरेशन सागर बंधु चल रहा है, जो दित्वाह तूफान के बाद श्रीलंका को तुरंत मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) दे रहा है। भारत ने दित्वाह के बाद श्रीलंका को तुरंत एचएडीआर सपोर्ट दिया। भारत ने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए इंडियन नेवल शिप (आईएनएस) विक्रांत और आईएनएस उदयगिरी से 4.5 टन सूखा राशन, 2 टन ताजा राशन और दूसरी जरूरी राहत चीजें दी हैं। इस मुश्किल समय में, भारत श्रीलंका के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है और नेबरहुड फर्स्ट नीति के प्रति अपनी कमिटमेंट को फिर से दिखाता है।”
इससे पहले पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा था, “श्रीलंका के उन लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है जिन्होंने तूफान दित्वाह की वजह से अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं सभी प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, पुनर्वास और घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।”
उन्होंने कहा था, “अपने सबसे करीबी समुद्री पड़ोसी के साथ एकजुटता दिखाते हुए भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत तुरंत राहत सामग्री और जरूरी एचएडीआर सपोर्ट भेजा है। जैसे-जैसे हालात बदलेंगे, हम और मदद देने के लिए तैयार हैं। भारत की नेबरहुड फर्स्ट नीति और विजन महासागर के हिसाब से भारत जरूरत के समय में श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है।



 

भारतीय नौसेना को मिली नई ताकत: नीलगिरी क्लास स्टील्थ फ्रिगेट ‘तारागिरी’ की डिलीवरी हुई

29-Nov-2025
नई दिल्ली ( शोर संदेश )। भारतीय नौसेना के बेड़े में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। शुक्रवार को मझगांव डॉक शिप बिल्डिंग लिमिटेड (एमडीएल), मुंबई में नीलगिरी क्लास (प्रोजेक्ट 17ए) के चौथे स्वदेशी एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट ‘तारागिरी’ को भारतीय नौसेना को डिलीवर कर दिया है।  
यह जहाज डॉक शिप बिल्डिंग लिमिटेड की ओर से बनाए गए तीन पी17ए जहाजों में से एक है और भारतीय नौसेना के स्वदेशी युद्धपोत निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। ‘तारागिरी’ को पहले के आईएनएस तारागिरी के नए रूप के रूप में विकसित किया गया है, जो 1980 से 2013 तक भारतीय नौसेना का हिस्सा था। यह नया फ्रिगेट स्टेल्थ तकनीक, उच्च फायरपावर और उन्नत ऑटोमेशन के साथ सुसज्जित है।
बता दें कि वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो (डब्लूडीबी) की ओर से डिजाइन किया गया और मुंबई स्थित वॉरशिप ओवरसीइंग टीम की ओर से निगरानी की गई इस जहाज को शिपबिल्डिंग में आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। पी17ए क्लास के इस जहाज में स्वदेशी शिप डिजाइन, स्टेल्थ क्षमता और आधुनिक लड़ाकू प्रणालियां शामिल हैं।
इसमें ब्रह्मोस एसएसएम, एमएफस्टार रडार, मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल प्रणाली और विभिन्न प्रकार के हथियार जैसे 76 एमएम, एसआरजीएम, 30 एमएम और 12.7 एमएम क्लोज-इन वेपन सिस्टम हैं। साथ ही, यह जहाज एंटी-सबमरीन वारफेयर के लिए रॉकेट और टॉरपीडो से लैस है। इसके साथ ही, इसका प्रोपल्शन सिस्टम सीओडीओजी (संयुक्त डीजल या गैस) तकनीक पर आधारित है, जिसमें डीजल इंजन और गैस टरबाइन शामिल हैं।
‘तारागिरी’ भारतीय नौसेना को मिल रहा चौथा पी17ए जहाज है और इसके निर्माण का समय पिछले जहाजों से लगभग 81 महीने कम हुआ है, जिससे यह प्रदर्शित होता है कि भारतीय शिपबिल्डिंग क्षमता में लगातार सुधार हो रहा है। इस प्रोजेक्ट में 75 प्रतिशत स्वदेशीकरण हुआ है और 200 से अधिक एमएसएमई ने इसमें योगदान किया है, जिससे 4,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और 10,000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। इस महत्वपूर्ण डिलीवरी से भारतीय नौसेना की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और कदम बढ़ा है और यह देश के रक्षा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

 


एविएशन चेतावनी: एयरबस A320 बेड़े में संभावित जोखिम, भारत के 250 विमान दायरे में

29-Nov-2025
नई दिल्ली ( शोर संदेश )। एयरबस की ओर से ए320 एयरक्राफ्ट को लेकर सॉफ्टवेयर अपडेट की घोषणा पर एविएशन एक्सपर्ट्स ने शनिवार को कहा कि इस एयर क्राइसिस का प्रभाव पर्यटन और व्यापार पर भी पड़ सकता है।
एविएशन एक्सपर्ट सुभाष गोयल ने बताया कि “पूरी दुनिया में 6000 से अधिक एयरबस ए 320 एयरक्राफ्ट हैं, जो प्रभावित हो रहे हैं। भारत में केवल 250 के करीब एयरबस ए 320 एयरक्राफ्ट प्रभावित होंगे। नए मॉडल में सॉफ्टवेयर अपडेट को लेकर केवल 2 से 3 घंटों तक का ही समय लगेगा। लेकिन एयरबस ए 320 एयरक्राफ्ट के पुराने मॉडल में सॉफ्टवेयर अपडेट को लेकर 1 से 2 दिन का समय लगेगा। इस एयर क्राइसिस का प्रभाव पर्यटन के अलावा बिजनेस ट्रेड पर भी पड़ेगा।”
उन्होंने बताया कि यह परेशानी कुछ इस तरह डिटेक्ट की गई कि एक एयरबस ए 320 एयरक्राफ्ट अचानक से मिड एयर में डाउन हो गया और कंप्यूटर स्विच ऑफ नहीं हुआ। क्योंकि एक्स्ट्रा रेडिएशन की वजह से कंप्यूटर में हीटिंग की परेशानी आ जाती है। ये हाईली टेक्निकल एयरक्राफ्ट हैं, जिनका सॉफ्टवेयर अपडेट होना बेहद जरूरी है।
एयरबस ए 320 एयरक्राफ्ट में सोलर रेडिएशन के खतरे को लेकर एविएशन एक्सपर्ट सनत कौल ने एयरबस की ओर से सॉफ्टवेयर अपडेट को लेकर सभी एयरलाइंस को निर्देश दे दिए गए हैं। जिस पर इंडिगो और एयर इंडिया की ओर से जवाब भी दे दिया गया है कि वे इस पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा, भारत में कई दूसरी एयरलाइन कंपनियां हैं, जिनके पास ए320 एयरक्राफ्ट हैं, उन्हें भी इस निर्देश का पालन करना पड़ेगा।
कौल ने बताया कि “सोलर प्लाज्मा से एयरक्राफ्ट में स्ट्रक्चरल प्रॉब्लम आ सकती है इसलिए एयरक्राफ्ट को सॉफ्टवेयर तुरंत अपडेट करवाना बेहद जरूरी हो जाता है।” इस बीच, विमानन नियामक डीजीसीए की ओर से भी एयरबस ए 318, ए 319,ए320 और ए 321 एयरक्राफ्ट के लिए जरूरी सेफ्टी गाइडलाइन जारी कर दी गई है। डीजीसीए की सेफ्टी गाइडलाइन में कहा गया है कि कोई भी एयरक्राफ्ट जरूरी सेफ्टी स्टैंडर्ड को पूरा किए बिना सर्विस में नहीं रहेगा।
नई दिल्ली (शोर संदेश)। 

भूटान में 17 दिनों की प्रदर्शनी के बाद पवित्र अवशेष भारत लौटे; भूटान नरेश ने की औपचारिक विदाई

26-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष भूटान में 17 दिवसीय प्रदर्शनी के बाद भारत वापस आ गए हैं। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामले एवं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पवित्र अवशेषों की वापसी यात्रा में उनके साथ थे। उन्होंने भूटान के नेतृत्व एवं जनता के प्रति उनकी असाधारण गर्मजोशी, भक्ति और औपचारिक सम्मान के लिए गहरा आभार व्यक्त किया।
मंगलवार को पालम हवाई अड्डे पर पहुंचने पर पवित्र अवशेषों को आईबीसी के महानिदेशक अभिजीत हलदर, भिक्षुओं, संस्कृति मंत्रालय और राष्ट्रीय संग्रहालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्राप्त किया। संस्‍कृति मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि “भूटान में पवित्र बुद्ध अवशेषों की पवित्र प्रदर्शनी के बाद उन्हें भारत वापस लाकर मैं स्वयं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। पवित्र अवशेषों के प्रति भूटान की गहरी श्रद्धा दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे सामंजस्य को अभिव्यक्त करती है। औपचारिक विदाई के दौरान भूटान नरेश की व्यक्तिगत देखभाल और अनुग्रहपूर्ण उपस्थिति से मैं अत्यंत अभिभूत हूं।”
रिजिजू ने पवित्र अवशेषों के लिए की गई सावधानीपूर्वक व्यवस्था और 11 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यादगार भूटान यात्रा के लिए भूटान के प्रधानमंत्री, भूटान के मंत्रिमंडल के सदस्यों, केंद्रीय मठ निकाय के लेत्सोग लोपेन, भिक्षुओं और भूटान की शाही सरकार को हार्दिक धन्यवाद दिया।
आपको बता दें, वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव के अंतर्गत, पवित्र बुद्ध पिपरहवा अवशेषों को 8 से 25 नवंबर 2025 तक थिम्पू के त्राशिछोद्ज़ोंग के ग्रैंड कुएनरे हॉल में प्रतिष्ठित किया गया था, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने प्रार्थना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंगलवार सुबह, भूटान के नरेश ने ग्रैंड कुएनरे में विशेष प्रार्थना में भाग लिया, जिसके बाद अवशेषों को राजकीय जुलूस के रूप में पारो अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ले जाया गया, जहां से उन्हें सम्मानपूर्वक भारत वापस लाया गया। इस समारोह में भूटान के प्रधानमंत्री लेत्सोग लोपेन, गृह मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और भारत तथा भूटान के प्रतिष्ठित भिक्षुओं ने भाग लिया। भूटान नरेश ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से भी मुलाकात की, जो अवशेषों को स्वदेश लाने के लिए विशेष रूप से भूटान आए थे।
दरअसल, बौद्ध जगत की सर्वाधिक पूजनीय वस्तुओं में से एक, पवित्र बुद्ध अवशेष, भारत की ओर से मित्रता के एक विशेष प्रतीक के रूप में भूटान लाए गए थे। इनकी प्रदर्शनी ने पूरे भूटान में अपार श्रद्धा का संचार किया और उस सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक सेतु की पुष्टि की जो दोनों देशों को एक सूत्र में पिरोए हुए है।
 

नई चेतना 4.0 अभियान : महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए 11 मंत्रालयों ने शुरू की संयुक्त पहल

26-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने आज बुधवार को नई दिल्ली स्थित प्रवासी भारतीय केंद्र में ‘नई चेतना इनिशिएटिव फॉर चेंज’ के चौथे संस्करण ‘नई चेतना 4.0’ का शुभारंभ किया। यह राष्ट्रीय अभियान पूरे देश में लैंगिक समानता, महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान, डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी और ग्रामीण विकास सचिव शैलेश कुमार सिंह मौजूद रहे।
कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह अभियान अब एक जन आंदोलन बन चुका है और ग्रामीण भारत में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आवाज समाज और सरकार के हर स्तर पर सुनी जानी चाहिए और इसे सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज में बेटियों को लेकर मौजूद भेदभावपूर्ण सोच को बदलना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सरकार लगातार “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” जैसे प्रयासों को आगे बढ़ा रही है। चौहान ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि देश में 2 करोड़ से अधिक महिलाएं अब ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और यह सफलता स्वयं सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्य का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कोई भी बहन गरीब नहीं रहेगी और सरकार का प्रयास है कि किसी भी महिला की आंखों में आंसू न हों। उन्होंने कहा “हर महिला मुस्कुराए, हर महिला सक्षम बने यही हमारा लक्ष्य है”।
शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि बेटियों को नकारात्मक दृष्टि से देखने वाली मानसिकता को खत्म करना होगा और यदि आवश्यक हो तो ऐसे तत्वों का सामना भी करना चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि देशभर में “हिंसा-रहित गांव” बनाने के लिए एक बड़े जन अभियान की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिलाओं के खिलाफ किसी भी परिस्थिति में हिंसा स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि नशा अधिकांश बुराइयों का कारण है और गांव-गांव में महिलाएं नशा-उन्मूलन के लिए जागरूकता फैलाएं।
यह अभियान लैंगिक आधारित हिंसा के खिलाफ जागरूकता पैदा करने, महिलाओं की सुरक्षित गतिशीलता सुनिश्चित करने, घरेलू कार्यों में साझा जिम्मेदारी को बढ़ावा देने और महिलाओं के आर्थिक योगदान को पहचान देने पर केंद्रित है। यह राष्ट्रीय अभियान ग्रामीण विकास मंत्रालय की DAY-NRLM (दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के तहत 23 दिसंबर 2025 तक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चलाया जाएगा। देशभर में फैले स्वयं सहायता समूहों का विशाल नेटवर्क इस अभियान का नेतृत्व कर रहा है।
कार्यक्रम में 11 मंत्रालयों/विभागों द्वारा एक संयुक्त सलाह जारी की गई, जिसमें : महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, गृह मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा न्याय विभाग शामिल है। यह पहल ‘सम्पूर्ण सरकार दृष्टिकोण’ का उदाहरण है, जिसके माध्यम से सभी मंत्रालय मिलकर लैंगिक भेदभाव और हिंसा के उन्मूलन की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
 

संविधान दिवस पर पीएम मोदी ने संविधान निर्माताओं को नमन कर नागरिक कर्तव्यों के पालन की अपील की

26-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। संविधान दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए कहा कि उनका दृष्टिकोण और दूरदर्शिता विकसित भारत के संकल्प को मजबूत आधार प्रदान करती है। भारतीय संविधान मानव सम्मान, समानता और स्वतंत्रता को सर्वोच्च स्थान देता है। नागरिकों को अधिकारों के साथ-साथ उनके कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा भी देता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर दो अलग-अलग पोस्ट में कहा कि संविधान राष्ट्र को मार्गदर्शन देता है और नागरिक कर्तव्य मजबूत लोकतंत्र की नींव हैं। उन्होंने संविधान दिवस पर सभी नागरिकों से अपने कर्तव्यों का स्मरण करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि संविधानिक मूल्यों को आचरण में लाने का संकल्प दोहराना समय की आवश्यकता है।
एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने संविधान दिवस पर देशवासियों को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने संविधान की महानता मूल कर्तव्यों की भूमिका प्रथम बार मतदाता बनने की खुशी और नागरिक दायित्वों के महत्व जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए हैं। ये मूल्य नागरिक जीवन को सशक्त बनाते हैं और विकसित भारत के अभियान को गति देते हैं।

केंद्र सरकार ने आयुर्वेद क्षेत्र में शोध आधारित इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए SIDDHI 2.0 लॉन्च किया

26-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (CCRAS), आयुष मंत्रालय ने विजयवाड़ा में SIDDHI 2.0 (Scientific Innovation in Drug Development, Healthcare & Integration) की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य आयुर्वेदिक औषधि क्षेत्र में शोध-आधारित इनोवेशन को तेज करना है। यह दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (RARI), विजयवाड़ा और भारतीय उद्योग परिसंघ (CII), विजयवाड़ा जोन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। उद्घाटन सत्र में प्रो. वेद्य रबिनारायण आचार्य, महानिदेशक, CCRAS; के. दिनेश कुमार,आईएएस, निदेशक (आयुष), आंध्र प्रदेश सरकार; डॉ. एन. श्रीकांत, उप महानिदेशक, CCRAS; किरण भूपतिराजू उपस्थित रहे। इसी दौरान CCRAS ने अपनी मेडिको-हिस्टोरिकल पुस्तक “Evolution of Ayurveda, Siddha & Unani Drug Regulations in India” तथा नए ड्रग इन्वेंटरी मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल का भी लोकार्पण किया।
PRAGATI-2024 को आगे बढ़ाते हुए SIDDHI 2.0 का उद्देश्य शोध-आधारित उत्पाद विकास, स्वदेशी तकनीकी उन्नति, ट्रांसलेशनल रिसर्च और उद्योग साझेदारी को तेज करना है। कार्यक्रम में बोलते हुए महानिदेशक प्रो. रबिनारायण आचार्य ने कहा कि बढ़ती जीवनशैली संबंधी बीमारियों के बीच आयुर्वेद की वेलनेस-केंद्रित सोच अत्यंत महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने CII द्वारा CCRAS और फार्मा उद्योग को जोड़ने में निभाई जा रही भूमिका की सराहना की। उन्होंने SPARK, SMART, PDF फेलोशिप और शोध-प्रणाली कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए उद्योग के साथ मिलकर उत्पन्न होने वाले IPR को समान रूप से साझा करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
आंध्र प्रदेश सरकार के आयुष निदेशक के. दिनेश कुमार ने कहा कि राज्य में आयुर्वेद कॉलेजों और फार्मा इकाइयों की संख्या कम है और एक राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना लाभकारी होगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक विज्ञान ने जीवनकाल बढ़ाया है, लेकिन आयुर्वेद स्वस्थ जीवनकाल प्रदान करता है। CCRAS के उप महानिदेशक डॉ. एन. श्रीकांत ने बताया कि परिषद ने 150 से अधिक आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन जिनमें हर्बो-मिनरल प्रिपरेशन भी शामिल हैं, इनका परीक्षण और सत्यापन किया जा चुका है। उन्होंने उद्योग को CCRAS के गुणवत्ता, सुरक्षा और विषाक्तता संबंधी विशाल डेटा का उपयोग करने और IPR साझा करने वाली उद्योग-अनुकूल नीति का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
उद्योग की ओर से अपना विचार प्रस्तुत करते हुए CEO किरण भूपतिराजू ने कहा कि आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों और फॉर्मूलेशन का आधुनिकीकरण उनके वैश्विक बाजार विस्तार के लिए आवश्यक है। CII विजयवाड़ा जोन की चेयरपर्सन डॉ. नागलक्ष्मी ने कहा कि आयुर्वेद की पूरी क्षमता का दोहन अभी बाकी है और शोध, शिक्षा, निर्माण तथा उद्योग के बीच तालमेल बढ़ने से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सम्मेलन के पहले दिन CCRAS वैज्ञानिकों और हिमालया वेलनेस कंपनी जैसी प्रमुख संस्थाओं के विशेषज्ञों ने तकनीकी सत्रों में अपनी शोध-सुविधाएं, विकसित प्रोडक्ट्स, तकनीकें और विकासाधीन फॉर्मूलेशन प्रस्तुत किए। उद्योग के साथ संभावित सहयोग क्षेत्रों पर भी चर्चा हुई।
SIDDHI 2.0 में दक्षिण भारत की 25 से अधिक प्रमुख आयुर्वेदिक फार्मा कंपनियों-जैसे हिमालया वेलनेस कंपनी, औषधि, IMPCOPS, Laila Nutra Pvt. Ltd., और Imis Pharmaceuticals के प्रतिनिधियों सहित 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, राज्य आयुष अधिकारियों और डॉ. NRS आयुर्वेदिक कॉलेज, विजयवाड़ा के स्नातकोत्तर छात्रों ने सक्रिय भागीदारी की। राष्ट्रीय ट्रांसलेशनल एक्सेलरेटर के रूप में स्थापित SIDDHI 2.0 का उद्देश्य उद्योग द्वारा CCRAS तकनीकों को व्यापक रूप से अपनाना, संस्थागत सहयोग को मजबूत करना, गुणवत्ता और नियामक ढांचों को उन्नत बनाना और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी आयुर्वेदिक औषधि उद्योग विकसित करना है।

पीएलआई स्कीम ग्लोबल मैन्युफैक्चरर को ‘मेक इन इंडिया’ की ओर कर रही आकर्षित : पीएम मोदी

26-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। पीएम मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत ने दुनिया को संदेश दिया है कि देश निवेश और इनोवेशन का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि पीएलआई स्कीम ने ग्लोबल मैन्युफैक्चरर को ‘मेक इन इंडिया’ की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बीते 11 वर्षों में 40 हजार से अधिक अनुपालनों को कम किया गया है। नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम ने अनेकों अप्रोच को एक ही प्लेटफॉर्म पर ला दिया है।
पीएम ने कहा- ‘आज का भारत केवल बड़े सपने नहीं देख रहा, बड़े फैसले भी ले रहा है’ 
पीएम मोदी ने हैदाराबाद में सफ्रान एयरक्राफ्ट इंजन सर्विसेज इंडिया (एसएईएसआई) फैसिलिटी के उद्घाटन पर अपने वर्चुअल संदेश में कहा, “आज का भारत केवल बड़े सपने नहीं देख रहा, बड़े फैसले ले रहा है और उनसे भी बढ़कर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रहा है। भारत का फोकस ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर है।”उन्होंने कहा कि आज से भारत का एविएशन सेक्टर एक नई उड़ान भरने जा रहा है। सफ्रान की नई फैसिलिटी भारत को एक ग्लोबल एमआरओ हब के रूप में स्थापित करेगी। हाई टेक और एयरो स्पेस की दुनिया में युवाओं के लिए नए अवसरों को पेश करेगी।उन्होंने कहा कि वैश्विक निवेश और उद्योगों को आकर्षित करने के लिए स्वतंत्र भारत में कुछ बड़े सुधार किए गए हैं। अर्थव्यवस्था के दरवाजे खोले गए हैं, फंडामेंटल को मजबूत किया गया है और बिजनेस को आसान बनाया गया है।
पीएम मोदी के अनुसार, “डिफेंस जैसे सेक्टर जहां पहले प्राइवेट सेक्टर की जगह नहीं थी वहां भी अब 74 प्रतिशत तक एफडीआई ऑटोमेटिक रूट से संभव हो गया है। स्पेस सेक्टर में बड़ी अप्रोच अपनाई गई है।”
भारत के एविएशन सेक्टर में तेजी से विस्तार के चलते सुविधाओं की जरूरतें बढ़ रही
उन्होंने कहा, “भारत के एविएशन सेक्टर में तेजी से विस्तार के चलते मेनटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (एमआरओ) की सुविधाओं की जरूरतें बढ़ रही हैं। भारत की एयरलाइन कंपनियों ने 1500 से ज्यादा एयरक्राफ्ट का ऑर्डर दिया है।”
उन्होंने बताया कि भारत का 85 प्रतिशत एमआरओ का काम देश की सीमाओं के बाहर हो रहा था। जिससे खर्च बढ़ता था, समय भी अधिक लगता था और एयरक्राफ्ट लंबे समय तक ग्राउंडेड रहते थे। यह स्थिति भारत जैसे विशाल एविएशन मार्केट के लिए सही नहीं थी। इसलिए भारत सरकार दुनिया के एक बड़े एमआरओ केंद्र को तैयार कर रही है।
उन्होंने कहा, “सफ्रान की ग्लोबल ट्रेनिंग और नॉलेज ट्रांसफर और भारत के संस्थानों के साथ साझेदारी से देश में एक ऐसा वर्कफोर्स तैयार होगा, जो आने वाले समय में पूरे एमआरओ इकोसिस्टम को नई गति और दिशा देगी। इस फैसिलिटी से दक्षिण भारत के नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।”
देश शिपिंग से जुड़े एमआरओ, इकोसिस्टम पर भी एक बड़े पैमाने पर कर रहा काम 
पीएम मोदी ने बताया कि देश शिपिंग से जुड़े एमआरओ, इकोसिस्टम पर भी एक बड़े पैमाने पर काम कर रहा है।
भारत में एयरक्राफ्ट इंजन और कंपोनेंट डिजाइन की संभावनों की करें तलाश 
उन्होंने सफ्रान की टीम से आग्रह किया कि वे भारत में एयरक्राफ्ट इंजन और कंपोनेंट डिजाइन की संभावनों की भी तलाश करें। जिसमें एमएसएमई का बहुत बड़ा नेटवर्क और युवा टैलेंट पूल उनकी मदद करेगा।उन्होंने सफ्रान की टीम से कहा, “मैं चाहूंगा कि आप प्रपोल्शन डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग के लिए भी भारत के टैलेंट का इस्तेमाल करें।”
 

संविधान दिवस समारोह: राष्ट्रपति ने अनुच्छेद 370 हटाने और नारी शक्ति वंदन अधिनियम की सराहना की

26-Nov-2025

 नई दिल्ली (शोर संदेश)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को संविधान दिवस समारोह में कहा कि तीन तलाक की कुप्रथा पर लगाम लगाने, जीएसटी लागू करने, अनुच्छेद 370 हटाने और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे कदमों ने देश में सामाजिक न्याय, आर्थिक एकीकरण और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को नई दिशा दी है। 

राष्ट्रपति ने संविधान का डिजिटल संस्करण नौ भाषाओं में किया जारी 
संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में बुधवार को आयोजित संविधान दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने संविधान का डिजिटल संस्करण नौ भाषाओं में जारी किया। इस दौरान उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, राज्यसभा उपसभापति हरिवंश, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, राज्यसभा में सदन के नेता जे.पी. नड्डा, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य सांसद उपस्थित थे। सभी ने मिलकर संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ किया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि संविधान उपनिवेशवादी मानसिकता छोड़कर राष्ट्रीय सोच अपनाने का मार्गदर्शक दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने नागरिकों के व्यक्तिगत और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा को सर्वोपरि माना। इसी के चलते आज महिलाएं, युवा, एससी, एसटी, किसान, मध्य वर्ग और नव-मध्य वर्ग लोकतंत्र को मजबूत बना रहे हैं। उन्होंने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर लाने को देश की बड़ी उपलब्धि बताया।
उल्लेखनीय है कि संविधान दिवस हर वर्ष 26 नवंबर को मनाया जाता है। इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने इसी केंद्रीय कक्ष में भारत के संविधान को अंगीकृत किया था। 



kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account