ब्रेकिंग न्यूज

जनप्रतिनिधि

राष्ट्रपति मुर्मू को बहुत पसंद आया इंस्टेंट एल्बम और फोटो फ़्रेम का तोहफ़ा, कहा- मुख्यमंत्री के परिवार ने परंपरागत नैतिक मूल्यों पर विश्वास जताया

27-Oct-2024
रायपुर ।  ( शोर संदेश ) 27 अक्टूबर 2024। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पिछले दो दिन छतीसगढ़ के प्रवास पर रहीं। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति के सम्मान में अपने नया रायपुर के नये निवास पर दोपहर भोज रखा था। तरह तरह के छत्तीसगढ़ी- उड़िया व्यंजन रखे गये। राष्ट्रपति की गरिमा के मुताबिक़ सभी इंतज़ाम रहे। राष्ट्रपति ने इस मेहमाननवाज़ी को सराहा, पर जब मुख्यमंत्री ने पत्नी कौशल्या के साथ उन्हें उनके दो दिन के प्रवास से जुड़ी स्मृतियों वाला प्रिंटेड फोटो एल्बम और फोटो फ़्रेम भेंट किया तो वे सबसे ज़्यादा ख़ुश हुईं। पूरे दो दिन के प्रवास की जो फोटो मीडिया और अन्य संचार माध्यमों में वायरल है, उनमें फोटो फ़्रेम लेते वायरल फोटो में राष्ट्रपति की मुस्कान सबसे सहज और भावपूर्ण रही। 
फोटो एल्बम और फ़्रेम में लगी तस्वीरों को देख राष्ट्रपति के चेहरे पर आश्चर्य मिश्रित ख़ुशी का भाव था, जो वायरल फोटो में साफ़ देखा जा सकता है। फोटो एल्बम और फ्रेम में लगी फ़ोटोज़ को देखकर उन्होंने मुख्यमंत्री और कौशल्या देवी की ओर आश्चर्य से देखा और कहा कि आज के डिजिटल युग में जब लोग व्हाट्सअप, ई मेल पर फोटो वीडियो शेयर करते है, ऐसे में इतनी जल्दी इंस्टेंट टाइम पर फोटो प्रिंट करना, एल्बम बनाना और फ़्रेम करना बहुत ही ख़ुशी की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि दो दिन की फोटो के साथ मुख्यमंत्री के परिवार के साथ भेंट की फ़ोटोज़ भी इस एल्बम में शामिल है, जो आज के डिजिटल दौर में भी परंपरागत नैतिक मूल्यों में विश्वास को बताता है। उन्होंने कहा कि मैं बहुत खुश हूँ और इस प्रवास का यह विशेष अनुभव है । दो दिन मैं जिन कार्यक्रमों में शामिल हुई उनकी स्मृतियाँ इसमें अब चिर स्थाई हो गई है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति को नवा रायपुर के निवास में भेंट किए गए फोटो एल्बम और फ्रेम में फ़ोटोज़ का चयन,विद्यार्थियों के साथ कम्यूनिकेशन की फोटो, भगवान जगन्नाथ के मंदिर दर्शन की भाव पूर्ण फोटो, मुक्तांगन में जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी फ़ोटोज़ के साथ मुख्यमंत्री जी के परिवार के साथ वाली फ़ोटोज़ भी इंस्टेंट रूप से शामिल की गई थी।

नया भारत विश्व में अपना उचित स्थान पाने के लिए आगे बढ़ रहा है: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

27-Oct-2024
रायपुर,   ( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दूसरे दिन पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह के अवसर पर वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में विकसित छत्तीसगढ़ का बहुत महत्वपूर्ण योगदान होगा। समग्र विकास के लिए नागरिकों का अच्छा स्वास्थ्य महत्वपूर्ण होता है। अच्छा स्वास्थ्य लोगों की उत्पादकता और रचनात्मकता को बढ़ाने में सहायक होता है। राष्ट्रपति मुर्मु ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह शामिल होकर संस्थान के 25 विद्यार्थियों को 33 स्वर्ण पदक एवं 6 विद्यार्थियों को सुपर स्पेशलिस्ट की उपाधि प्रदान की। 
राज्यपाल ने कहा कि यह विद्यार्थियों की अथक प्रयासों, त्याग और समर्पण का प्रतीक है। यह विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक उपलब्धि ही नहीं है बल्कि मानव सेवा के मार्ग पर एक उत्कृष्ट शुरुआत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है, जहां नव-प्रशिक्षित चिकित्सकों की आवश्यकता को पूरा किया जा रहा है। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रदीप कुमार पात्रा, रजिस्ट्रार सहित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के विद्यार्थी एवं उनके परिजन उपस्थित थे। विश्वविद्यालय के इस दीक्षांत समरोह के अवसर पर 6337 चिकित्सकों को उपाधि प्रदान की जाएगी। इनमें 6 सुपरस्पेशलिस्ट चिकित्सक, 606 स्नातकोत्तर चिकित्सक और 5725 स्नातक चिकित्सक शामिल हैं। इसके अलावा 25 चिकित्सकों को स्वर्ण पदक से अलंकृत किया गया।
राष्ट्रपति ने कहा कि जनजाति समाज में सिकल सेल एनीमिया की अभी भी समस्या है। भारत सरकार सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी ही अग्रिम पंक्ति में होते हैं। आप सामान्य लोगों को स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जागरूक बना सकते हैं, आम नागरिकों को सरकार द्वारा किए जा रहे हैं प्रयासों से अवगत करा सकते हैं। आप नीति निर्माता और सम्माननीय जनता के बीच सेतु का कार्य कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप लोगोें के ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से देश की बहुत बड़ी जनसंख्या की वास्तविक समस्याओं से अवगत हो पाएंगे। मैं चाहती हूं कि सभी विद्यार्थियों को समय-समय पर गांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ करना चाहिए।
मुर्मु ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अधिकांश जनता गांव में रहती हैं, उन लोगों तक उचित स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना चुनौती पूर्ण कार्य है। इस संदर्भ में पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य में चिकित्सा शिक्षण, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए इस विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान इस विश्वविद्यालय के प्रमुख लक्ष्यों में से एक है। यह प्रसन्नता की बात है कि विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध कॉलेजों में आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ आयुष की शिक्षा भी दी जाती है। बहुत सारे कालेजो में नर्सिंग के कोर्स कराए जा रहे हैं। इस प्रकार यह विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता बढ़ाने और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अभी भी मलेरिया, फाइलेरिया और टीबी जैसे संक्रमक बीमारियों का पूरी तरह से उन्मूलन नहीं हुआ है। भारत सरकार इन रोगों के उन्मूलन के लिए आगे बढ़ी है। 
उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह आपके जीवन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह सफलता आपकी प्रतिभा, लगन और परिश्रम के साथ-साथ आपके माता-पिता, परिवारजनों, शिक्षक के सहयोग और मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि आपको अपने भविष्य की रूपरेखा बनाते समय यह ध्यान रखना है कि आपकी इस शिक्षा में समाज का भी योगदान है। समाज ने आपकी शिक्षा में जो निवेश किया है वह समाज को लौटाना आपका कर्तव्य है। मुर्मु ने कहा कि आपमें स्थानीय समस्याओं की बेहतर समझ है। आप राज्य के स्वास्थ्य समस्याओं पर रिसर्च करें उनका समाधान खोजने का प्रयास करें।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि महान राष्ट्रवादी विचारों एवं भारतीय राजनीति की सम्मानित विभूतियां में से एक पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के नाम पर स्थापित इस विश्वविद्यालय में आकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए बहुत हर्ष हो रही है कि उपाधि प्राप्त करने वाले अधिकांश हमारी बेटियां हैं, यह प्रदर्शन बेटियों के वर्चस्व को रेखाँकित करता है। राष्ट्रपति ने कहा कि दो दिनों के अपने इस छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान मुझे दो इंजीनियरिंग और दो मेडिकल संस्थानों के विद्यार्थियों को संबोधित करने का अवसर मिला। इस दौरान मैं विद्यार्थियों और शोधार्थियों में ललक को महसूस की।  ऐसे युवाओं में मेरी भारत की झलक दिखती है और नया भारत जो पूरे मजबूती के साथ विश्व में अपना उचित स्थान पाने के लिए आगे बढ़ रहा है। 
राज्यपाल रमेन डेका ने दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि यह दिन उनके अथक प्रयासों, त्याग और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह न केवल विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक उपलब्धि है बल्कि मानव सेवा के मार्ग पर एक उत्कृष्ट शुरुआत है। राज्यपाल डेका ने कहा कि चिकित्सक बनने की यात्रा कठिन है, जिसमें छात्र देर रात तक पढ़ाई, क्लिनिकल प्रशिक्षण और लैब के अनगिनत घंटे बिताते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा का क्षेत्र केवल ज्ञान और कौशल नहीं, बल्कि ईमानदारी, सहानुभूति और दूसरों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता से परिभाषित होता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा का क्षेत्र लगातार विकासशील है, जिसमें नए-नए रोग, स्वास्थ्य असमानताएँ और तकनीकी परिवर्तन जैसे कई चुनौतियाँ शामिल हैं। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि यह चुनौतियाँ चिकित्सा के क्षेत्र में नवाचार और सुधार का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सक के रूप में उन्हें ऐसे क्षणों का सामना करना पड़ेगा जब मरीज उनके अथक प्रयासों के बावजूद ठीक नहीं हो पाएंगे, परंतु इस दौरान भी उनका करुणामय दृष्टिकोण सबसे महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के इस पेशे में सफलता के साथ विनम्रता बनाए रखना आवश्यक है और मानवता की सेवा के प्रति सच्ची निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय के 33 मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक और 6 छात्रों को सुपर स्पेशलिटी की उपाधि मिलने पर बधाई दी और कहा कि चिकित्सा का क्षेत्र मानवता की सेवा का प्रतीक है। उन्होंने सभी स्नातक छात्रों को समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ दायित्व निर्वहन और सेवा भाव से कार्य करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी जैसे पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की बढ़ती लोकप्रियता का भी जिक्र किया और प्रसन्नता व्यक्त की कि विश्वविद्यालय इन पद्धतियों में भी शिक्षा प्रदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विश्वविद्यालय का नामकरण उनके नाम पर होना हमें उनके सिद्धांतों और समाज के हर तबके तक सेवा पहुंचाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने महामारी, विज्ञान रोग नियंत्रण एवं अनुसंधान संस्थान और शिक्षकों के प्रशिक्षण संस्थान को देश के चिकित्सा क्षेत्र में मील का पत्थर बताया।पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रदीप कुमार पात्रा ने संस्थान का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कुलपति ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह और शाल मेंट किया।

राष्ट्रपति मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुए चार संस्थानों के दीक्षांत समारोह

27-Oct-2024
रायपुर  ( शोर संदेश ) ,राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के बाद शाम विशेष विमान से नई दिल्ली के लिए रवाना हुईं। राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, डीजीपी अशोक जुनेजा ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। 
गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 25 एवं 26 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय प्रवास पर आई थीं। इस दौरान वे रायपुर एवं दुर्ग जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुईं। राष्ट्रपति मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में 04 उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थानों के दीक्षांत समारोह सम्पन्न हुए, जिसमें एम्स रायपुर एनआईटी रायपुर, आईआईटी भिलाई तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय ममोरियल हेल्थ साइंस एवं आयुष यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ नवा रायपुर का दीक्षांत समारोह शामिल है। 
नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मु के करकमलों से महतारी वंदन योजना की 70 लाख लाभार्थी महिलाओं को दीपावली से पूर्व छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से एक-एक हजार रूपए की आथिक सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित हुई। महिलाओं की सशक्तिकरण एवं आर्थिक स्वावलंबन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा यह अभिनव योजना मार्च 2024 से संचालित की जा रही है। इस योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 मार्च 2024 को वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से किया था। इस योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को अब तक 9 किस्तों में 5878 करोड़ 37 लाख रूपए आर्थिक मदद दी जा चुकी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस दौरान महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से आत्मीय चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने पुरखौती मुक्तांगन में सरगुजा प्र्रखंड का लोकार्पण भी किया।

 


राष्ट्रपति मुर्मु ने किए भगवान जगन्नाथ के दर्शन

26-Oct-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु छत्तीसगढ़ प्रवास के दूसरे दिन शनिवार को रायपुर के गायत्री नगर स्थित महाप्रभु भगवान जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर देशवासियों के सुख-समृद्धि और निरंतर प्रगति के लिए आशीर्वाद मांगा।
राष्ट्रपति मुर्मु इस दौरान जगन्नाथ सेवा समिति के सदस्यों से मिलकर उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने इस मौके पर मंदिर पहुंचे प्रदेश के जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्टजनों से भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल रामेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि ओड़िसा के जगन्नाथ पुरी स्थित महाप्रभु भगवान जगन्नाथ के पांव छत्तीसगढ़ के सोंढूर, पैरी और महानदी के त्रिवेणी संगम के तट पर स्थित प्रयाग नगरी राजिम में पड़े थे, जिसे वर्तमान में भगवान कुलेश्वर मंदिर के रूप में आज लाखों श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं। इसी की याद में गायत्री नगर में भी महाप्रभु भगवान जगन्नाथ मंदिर का निर्माण कराया गया है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के साथ खिंचवाई ग्रुप फोटो

26-Oct-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों के लोग अपनी जीवन-पद्धति, खान-पान, लोक-नृत्य, लोक-संगीत, लोकवाद्यों, कलाओं रीति-रिवाजों, तीज-त्यौहारों, अस्थाओं और अन्य आदिम परंपराओं से काफी प्रभावित हुईं। छत्तीसगढ के पारंपरिक वेषभूषा में सजे आदिवासियों के साथ सामुहिक छायाचित्र लिया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू, कृषि मंत्री राम विचार नेताम, श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, लोकसभा क्षेत्र रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक खुशवंत साहेब एवं रोहित साहू उपस्थित थे।
राष्ट्रपति को अपने बीच पाकर छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों के लोग अभिभूत हो गए। छत्तीसगढ़ के गौरवशाली ‘पुरखौती मुक्तांगन’ में राष्ट्रपति मुर्मु ने छत्तीसगढ के जनजातीय समाज के गौरव और आत्मसम्मान को बढाने और उन्हे सम्मान देते हुए छत्तीसगढ के सरगुजा, बस्तर और दंतेवाडा जिले के नर्तक दलों के साथ छायाचित्र कराया गया। सरगुजा, बस्तर और दंतेवाडा जिले के नर्तक दलों में शमिल महिला और पुरूषों में पांरपरिक वेषभूषा में संज-संवरकर तैयार थे।
इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, प्रमुख सचिव आदिम जाति एवं कल्याण विभाग सोनमणि बोरा एवं प्रमुख सचिव संस्कृति अन्बलगन पी., मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानन्द, आयुक्त आदिवासी विकास नरेंद्र दुग्गा, संचालक पुरातत्व एवं संस्कृति विवेक आचार्य भी उपस्थित थे।
 

राष्ट्रपति ने IIT भिलाई के 7 स्टूडेंट्स को दिया गोल्ड-मेडल

26-Oct-2024
भिलाई।  ( शोर संदेश )  राष्ट्रपति ने कहा कि आईआईटी भिलाई ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एम्स रायपुर से मिलकर मोबाइल ऐप तैयार किया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को मदद मिल रही है। 6 लाख किसान मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो कि आईआईटी के सहयोग से तैयार हुआ है।
यहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा दी जा रही है, पिछले 6 दशकों से देश के आईआईटी संस्थान से निकले क्षात्रों ने देश के विकास में अपनी पहचान बनाई है।
7 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल
2023 के बीटेक स्टूडेंट शाश्वत जायसवाल, मधुर भट्ट, सत्यविक्रम प्रताप सिंह, अंजना कानन और साल 2024 बीटेक स्टूडेंट नोमान आलम खेरानी, यश टेकचंदानी, सिदाग्राम रोहित, विधि मित्तल को गोल्ड मेडल मिला।
31 को पुरस्कार
IIT भिलाई के डायरेक्टर प्रोफेसर राजीव प्रकाश ने बताया कि इस बार सीनेट पुरस्कार 31 छात्रों को दिया गया। 2023 बैच में 13 पीएचडी होल्डर, 11 एमएससी, 27 एमटेक, 13 बीटेक आनर्स और 123 बीटेक स्नातक शामिल हैं। जबकि 2024 बैच में 8 पीएचडी, 20 एमएससी, 19 एमटेक, 12 बीटेक आनर्स और 150 बीटेक छात्रों को डिग्री दी गई।
शुक्रवार को राष्ट्रपति ने महतारी वंदन योजना की 9वीं किस्त भी जारी की। 70 लाख महिलाओं के खाते में 651 करोड़ 37 लाख रुपए का भुगतान किया गया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से भी चर्चा की।
एक महिला से पूछा- साड़ी खरीदी या बच्चों के लिए कुछ किया
महतारी योजना की लाभार्थी बस्तर की ममता ने उन्हें बताया कि योजना से मिले रुपयों से उन्होंने साड़ी खरीदी। राष्ट्रपति ने इस पर हंसते हुए पूछा कि सिर्फ साड़ी ही खरीदी या अपने बच्चों के लिए भी कुछ किया? वहीं अभनपुर की सत्यवती ने उन्हें बताया कि इन पैसों के मिलने से वह खुद को स्वावलंबी महसूस करती हैं।

राष्ट्रपति मुर्मु के साथ राजभवन परिवार ने कराई फोटोग्राफी

26-Oct-2024
रायपुर.  ( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान राजभवन में मिले आतिथ्य की सराहना की और उसके लिए राज्यपाल रमेन डेका और प्रथम महिला रानी डेका काकोटी को धन्यवाद दिया। राजभवन परिवार के आग्रह पर राष्ट्रपति मुर्मु एवं राज्यपाल डेका के साथ राजभवन परिवार की सामूहिक फोटोग्राफी भी कराई गई।
 

सुनील सोनी की नामांकन रैली में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

26-Oct-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी ने शुक्रवार को शक्ति प्रदर्शन के साथ नामांकन दाखिल किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी सोनी की नामांकन रैली में शामिल हुए। सीएम साय ने इस अवसर पर आयोजित आमसभा में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि 2018 के चुनाव में जनता ने कांग्रेस को बड़ा जनादेश दिया था, लेकिन कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ को अपराध का गढ़ बना दिया था, भ्रष्टाचार का चारागाह बना दिया था। इसलिए पांच साल में ही प्रदेश की जनता ने उसे उखाड़ फेंका।
साय ने कहा कि कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार करने वाले जेल में हैं और कई जेल जाने की तैयारी में हैं। इसलिए रायपुर दक्षिण के उपचुनाव में हार के बाद कांग्रेसी राजनीति भूल जाएंगे। साय ने कहा कि कहा कि सुनील सोनी किसी परिचय के मोहताज नहीं है। यह सीट भाजपा 35 साल से जीत रही है। प्रदेश में मोदी की गारंटी का सभी वादा सांय-सांय पूरा हो रहा है।
महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक-एक हजार रुपया मिल रहा है। शपथ ग्रहण के दूसरे ही दिन 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किये, जिसके अंतर्गत मोदी सरकार ने 8.46 लाख आवास की स्वीकृति दी है। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की है। इससे पहले भाजपा की नामांकन रैली एकात्म परिसर से बाजे-गाजे के साथ कलेक्टोरेट पहुंची थी। 2 साल का बकाया बोनस 3716 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया है। सीएम ने कहा कि बृजमोहन भैया लगभग 68 हजार मतों से विजयी हुए थे, आप सभी को सुनील सोनी को 1 लाख मतों से विजयी बनाना है।
 

राजभवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिले सीएम साय समेत भाजपा के पदाधिकारी

26-Oct-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। पहले दिन भाजपा पदाधिकारियों ने शुक्रवार को राजभवन में राष्ट्रपति से मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, राज्यपाल रमन डेका, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, तोखन साहू, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस,विधायक लता उसेंडी, नंदन जैन, डॉ विजय शंकर मिश्रा, केदार गुप्ता, नरेश चंद्र गुप्ता, अमित चिमनानी, आकाश विग सहित वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
 

चिकित्सक हमेशा मानवीय मूल्यों के साथ कार्य करें : राष्ट्रपति मुर्मु

25-Oct-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  चिकित्सक हमेशा मानवीय मूल्यों के साथ कार्य करें। मेडिकल प्रोफेशनल का कार्य अत्यंत जिम्मेदारी भरा होता है, उनके निर्णय जीवन रक्षा से जुड़े होते हैं। उक्त बातें राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने शुक्रवार को एम्स रायपुर के द्वितीय दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां से उत्तीर्ण चिकित्सक एवं पैरा मेडिकल छात्र इस जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व का निर्वहन पूरी तन्मयता और क्षमता के साथ करेंगे।
इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने संस्थान के 10 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं पदोपाधि तथा 514 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान किया। उन्होंने उपाधि एवं पदोपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देेते हुए उनके स्वर्णिम भविष्य की कामना की। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, एम्स रायपुर के अध्यक्ष प्रो. जॉर्ज ए डिसूजा, एम्स के कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल अशोक कुमार जिंदल सहित एम्स रायपुर के चिकित्सक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने उद्बोधन में आगे कहा कि जब आप सबने मेडिकल को अपना कार्यक्षेत्र चुना होगा, तो आपके मन में दया और संवेदना का भाव रहा होगा। आपको यह हमेशा याद रखना होगा कि दया, करूणा, संवेदना मानवीय मूल्य को मजबूत बनाते हैं। इसलिए हमेशा अपने कार्य क्षेत्र में इन जीवन मूल्यों के साथ कार्य करें।
उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के साथ-साथ कुपोषण को दूर करने तथा सिकलसेल क्लिनिक का संचालन कर रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिकतम टेक्नोलॉजी का उपयोग जनकल्याण के लिए किया जाना चाहिए। एम्स रायपुर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, चलित क्लीनिकल डिसीज और सपोर्ट सिस्टम पर भी कार्य कर रहा है। इससे दूर दराज के क्षेत्र के डॉक्टरों को आपातकालीन स्थितियों में रियल टाइम मदद तथा सामुदायिक स्वास्थ्य में सुधार होगा। हमने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। आपके कार्य विकसित राष्ट्र बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
रायपुर एम्स छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा के लिए वरदान : राज्यपाल रमेन डेका
राज्यपाल रमेन डेका ने इस अवसर पर सभी स्नातक छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उनके सफल करियर की कामना की। उन्होंने कहा कि आज से आप, लोगों के लिए आशा की किरण होंगे। उन्होंने एम्स रायपुर की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संस्थान ने छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पूरे देश में स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त की है। एम्स रायपुर का 2024 में राष्ट्रीय रैंकिंग में 38वां स्थान प्राप्त करना इसकी एक मिसाल है। इस संस्थान ने छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश के लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने का कार्य किया है। कोविड-19 महामारी के दौरान यहां के मरीजों को मिले उच्च-स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की भी उन्होंने प्रशंसा की। राज्यपाल ने आयुष्मान भारत योजना जैसी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन की सराहना की और कहा कि इस योजना ने संस्थान की गरिमा को और बढ़ाया है।
छत्तीसगढ़, मध्य भारत का मेडिकल हब बनने की ओर अग्रसर: मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि यह गौरव की बात है कि इस आदिवासी प्रदेश में स्थित मेडिकल और इंजीनियरिंग संस्थाओं की प्रतिभाएं आपकी उपस्थिति में दीक्षा पूरी कर रही है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में देश की लगभग सभी ख्यातनाम संस्थाएं स्थित हैं। ये संस्थाएं राज्य के भविष्य को रास्ता दिखाने वाली मशालें हैं। इनमें से ज्यादातर संस्थाएं यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रूचि और पहल पर छत्तीसगढ़ को मिली हैं। एम्स रायपुर छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र और ओडिशा के लोगों के लिए भी वरदान है। इस संस्थान ने अपनी व्यवस्था और विशेषज्ञता के लिए पूरे देश में नाम कमाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना हमारी प्राथमिकता है। राज्य में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की भर्तियां बड़े पैमाने पर की जा रही हैं। अस्पताल भवनों को बेहतर बनाया जा रहा है। आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था भी की जा रही है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर और सिम्स बिलासपुर में भवन विस्तार तथा सुविधाओं का विकास शुरू कर दिया गया है। प्रदेश के 4 नये मेडिकल कॉलेजों के भवनों के निर्माण के लिए 1020 करोड़ 60 लाख रुपए का प्रावधान कर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस की पढ़ाई हिन्दी में भी कराने का निर्णय लिया है, इससे विशेष रूप ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों के लिए मेडिकल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे। छत्तीसगढ़ को मध्य भारत का मेडिकल हब बनाने में अपना योगदान देने के लिए हमारे शासकीय अस्पताल भी पूरी तरह तैयार हैं। हम राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं को दुर्गम क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।



kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account