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जनप्रतिनिधि

इस बार 4 नवंबर को हो सकता है राज्योत्सव का आगाज

02-Oct-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )   इस बार दीपावली त्योहार की वजह से राज्योत्सव की तिथि को लेकर पेंच फंस गया है। इसे लेकर अधिकारियों के स्तर पर एक दौर का मंथन भी हो गया है। त्योहार के मद्देनजर इसकी तिथि आगे बढ़ाने की कवायद की जा रही है। चर्चा है कि इस बार राज्योत्सव 4 नवम्बर से शुरू हो सकता है, लेकिन इस पर अंतिम फैसला कैबिनेट की बैठक में होगा।
इस बार के राज्योत्सव में प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति को आमंत्रित करने की तैयारी है। बताया जाता है कि पिछले दिनों राज्योत्सव की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी। बैठक में दीपावली त्योहार को लेकर भी बात उठी। बैठक में 1 नवम्बर को दीपावली और 2 नवम्बर को गोवर्धन पूजा की वजह से उद्घाटन समारोह 4 नवम्बर को करने का सुझाव आया।
बता दें कि वर्ष 2016 में दीपावली त्योहार के बीच राज्योत्सव का आयोजन हुआ है। वर्ष 2016 में 30 अक्टूबर को दीपावली पड़ी थीं। इसके दूसरे दिन 1 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवा रायपुर में राज्योत्सव का शुभारंभ किया था।
बताया जाता है कि इस बार राज्योत्सव साइंस कॉलेज ग्राउंड की जगह नवा रायपुर में होगा। राज्योत्सव का कार्यक्रम तीन दिन चलेगा और तीनों दिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसके साथ ही राज्य अलंकरण समारोह भी होगा। इसे लेकर सभी विभागों ने अपने-अपने स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है।
 

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 153वीं जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने किया नमन

02-Oct-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )   2 अक्टूबर को पूरा देश ‘गांधी जयंती’ मना रहा है। यह महात्मा गांधी के जन्मदिवस के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। राष्ट्रपिता गांधी को दुनिया बापू के नाम से भी पहचानती है, जिनके विचार और अहिंसा का मार्ग आज भी प्रासंगिक है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 02 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर उन्हें नमन किया है। महात्मा गांधी के अमूल्य योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा है कि महात्मा गांधी ने भारत में स्वाधीनता आंदोलन को नई दिशा दी। महात्मा गांधी ने सत्य, प्रेम और अहिंसा का मार्ग अपनाकर पूरे विश्व के सामने मिसाल कायम की। महात्मा गांधी ने भारत को सही अर्थों में सिद्धांत और व्यवहार से जोड़ा था।
उन्होंने भारतीयों को स्वदेशी वस्त्रों और उत्पादों का उपयोग करके आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया। उन्होंने चरखा का प्रतीक अपनाया, खादी को बढ़ावा दिया। स्वच्छता के लिए ढेरों छोटे-बड़े अभियान चलाए।

भगवान बिरसा मुण्डा की स्मृति में 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ के हर जिले में मनाया जाएगा ’जनजातीय गौरव दिवस’ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

01-Oct-2024
रायपुर,( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती के अवसर पर 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ के हर जिले में ’जनजातीय गौरव दिवस’ मनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुण्डा की स्मृति में जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया है। इस वर्ष भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती है। छत्तीसगढ़ में भी इसे भव्य रूप से मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत, ऐतिहासिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वन मंत्री केदार कश्यप ने की। विधायक भईयालाल राजवाड़े विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है। यह सोचकर गर्व होता है कि अनेक महान स्वतंत्रता सेनानियों का जन्म जनजातीय समाज में हुआ। अपने देश के लिए संघर्ष करने की परम्परा जनजातीय समाज में प्रारंभ से रही है। शहीद वीर नारायण सिंह, गैंदसिंह, गुण्डाधूर जैसे अनेक महान नायकों ने अपना बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया आज जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे में प्रकृति का संरक्षण बहुत आवश्यक है। जनजातीय समाज ने हमें प्रकृति के संरक्षण का मार्ग दिखाया हैै, जो आज भी अनुकरणीय है। जनजातीय समाज में प्रकृति की पूजा की जाती है। पूर्वीं छत्तीसगढ़ में साल के पेड़ में जब फूल आते है तो सरहुल पर्व मनाया जाता है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय संस्कृति में गहरी आध्यात्मिकता छिपी है। प्रकृति को सहेजकर, प्रकृति के अनुकूल जीवन जीना। बड़े-छोटे, स्त्री-पुरुष में किसी तरह का भेदभाव नहीं। सब बराबर हैं और प्रकृति का उपहार सबके लिए है। ये बातें हमें इस समाज से सीखने की आवश्यकता है। वास्तव में जीवन जीने की कला जनजातीय समाज से सीखनी चाहिए। जनजातीय समाज में दहेज जैसी सामाजिक बुराई का अस्तित्व नहीं है। भगवान बिरसा मुण्डा का शौर्य हमें हमेशा जीवन में साहस की राह दिखाता है। उन्होंने शोषण मुक्त समाज का सपना देखा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हीं की परिकल्पना के अनुरूप प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ कर विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों के जीवन में समृद्धि लाने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री कल हजारीबाग से प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान की शुरूआत करेंगे, जिसमें जनजातीय बहुल 63 हजार गांवों के 5 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय लोग कभी दिखावा नहीं करते, उनकी सरलता-सहजता मन मोह लेती है। जनजातीय समाज की खानपान की शैली बीपी-शुगर जैसी लाइफ स्टाईल से जुड़ी बीमारियों से दूर रखती है। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत पर आयोजित यह कार्यशाला जनजातीय समाज के गौरव को पूरे समाज के सामने लाने में मील का पत्थर साबित होगी। 
वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज का बहुत बड़ा योगदान रहा हैै। इस समाज में अनेक महापुरूषों ने जन्म लिया जिन्होंने 1857 क्रांति के पहले ही अंग्रेजों के विरूद्ध संघर्ष की शुरूआत की। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों को बड़ा नुकसान जनजातीय क्षेत्रों में हुआ, अनेक मौकों पर उन्हें मजबूर होकर पीछे हटना पड़ा। कश्यप ने कहा कि अंग्रेजों ने जब बस्तर में रेल लाईन बिछाने का काम शुरू किया उसमें लकड़ी का उपयोग किया जाता था। जनजातीय समाज ने इसका विरोध किया और यह भाव जताया कि हमारा जंगल कोई नहीं काटेगा। सामाजिक एकजुटता के कारण बहुत कुछ संरक्षित रहा। उन्होंने कहा कि आज किए जा रहे आयोजन के माध्यम से इतिहास के पन्नों में दर्ज जनजातीय समाज के गौरव की गाथा हमारी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा प्रमाण है। इस समाज में 80 प्रतिशत परिवार संयुक्त परिवार है। मिलेट का उपयोग, जैविक खेती जैसी अनेक बातें जनजातीय समाज से शिक्षित समाज को सीखने की आवश्कता है। 
स्वागत भाषण उच्च शिक्षा विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. ने दिया। वनवासी विकास समिति के अखिल भारतीय युवा कार्य प्रमुख वैभव सुरंगे ने स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति में अनेक प्रगतिशील परम्पराएं हैं। भगवान से ये कुछ नहीं मांगते। वनवासी विकास समिति के सचिव डॉ. अनुराग जैन ने कहा कि जनजातीय समाज के गुमनाम महानायकों के योगदान से नई पीढ़ी को परीचित कराने की जरूरत है। कार्यक्रम में वनवासी विकास समिति के प्रांताध्यक्ष उमेश कश्यप विश्व विद्यालय के कुलपति एवं प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री सहित अतिथियों ने इस अवसर पर जनजातीय समाज के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

बलरामपुर-रामानुजगंज के राजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे शामिल

01-Oct-2024
रायपुर,  ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में जनजातीय बहुल गांवों के समग्र विकास के लिए 02 अक्टूबर को ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान‘ का झारखण्ड के हजारीबाग से शुभारंभ करेंगे। इस मौके पर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और अन्य अतिथिगण शामिल होंगे। 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हांगे। जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के सीधा प्रसारण दिखाने की व्यवस्था विकासखण्ड राजपुर के शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल ग्राउंड बूढ़ा बगीचा में की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस मौके पर वे राजपुर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शिलान्यास सहित जिले में 192 करोड़ 60 लाख रूपये के 108 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इस मौके पर साय विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं में सामग्री तथा सहायता राशि का भी वितरण करेंगे और विभिन्न विभागों द्वारा लगाई जा रही योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। 
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में देश में आदिवासी बहुल क्षेत्रों के 63,000 गांव शामिल किया गया है, जिससे 5 करोड़ से अधिक जनजातीय लोगों को लाभ होगा। इसमें 30 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय बहुल 549 जिले और 2,740 ब्लॉक के गांव शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ में इस अभियान के क्रियान्वयन के लिए 32 जिलों के 138 विकासखण्डो के 6691 आदिवासी बहुल गांव का चयन किया गया है। चयनित गांव में बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक, उन्नति के कार्य किए जाएंगे। 
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में 25 कार्यक्रम शामिल हैं। यह योजना केन्द्र और राज्य सरकार के सहयोग से क्रियान्वित की जाएगी। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान का उद्देश्य भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका के क्षेत्र से जनजातीय परिवारों को जोड़कर उनके समग्र और सतत विकास को सुनिश्चित करना है।

फ्लाईओवर बनने से तेलीबांधा और धनेली में कम होगा दबाव, सीएम बोले- सभी प्रोजेक्ट समय पर पूरे होंगे

01-Oct-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )   केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में सड़कों के विकास तथा राजधानी से निकलने वाली सड़कों पर फ्लाईओवर की अनुमति दे दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सभी प्रोजेक्ट समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएंगे, वे खुद ही इस पूरी परियोजना की मॉनिटरिंग करेंगे। उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के विकास के लिए एक बड़ी सौगात है। इससे छत्तीसगढ़ की औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
सड़क नेटवर्क का विस्तार राज्य के ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी परियोजनाओं की नियमित रूप से समीक्षा करें। वे खुद इन परियोजनाओं की माॅनिटरिंग करेंगे। सरकार पूरी निष्ठा से इन परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करेगी। राज्य के नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी, विकास की गति तेज होगी।
केशकाल घाट का होगा चौड़ीकरण, कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर
908 करोड़ के 8 कार्य - केंद्रीय सड़क निधि योजना के तहत आठ परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं से सड़कों के ढांचे में सुधार होगा, जिससे कनेक्टिविटी व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा।
    केशकाल घाट का फोरलेन चौड़ीकरण : इसे एक महीने के भीतर मंजूरी मिलने की संभावना है। यह यातायात और सड़क सुरक्षा को बढ़ाने में मदद करेगी।
    धमतरी-जगदलपुर मार्ग का फोरलेन चौड़ीकरण : इससे दक्षिण छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
    सभी परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करना होगा। सड़कों और राजमार्गों का विकास तेजी से हो।
    रायपुर-विशाखापटनम और बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव मार्ग : इन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के लिए समयबद्ध पूर्णता के निर्देश दिए गए हैं।
    पत्थलगांव से कुनकुरी-झारखंड बॉर्डर मार्ग : इस परियोजना के लिए एजेंसी का चयन एक महीने में किया जाएगाे।
    रायपुर शहर में ग्रेड सेपरेटर निर्माण : रायपुर शहर के टाटीबंध से तेलीबांधा के बीच सरोना, उद्योग भवन और तेलीबांधा में ग्रेड सेपरेटर।
    विधानसभा रोड से बिलासपुर रोड (धनेली) और रायपुर-धमतरी मार्ग पर ग्रेड सेपरेटर : दोनों स्थानों पर भी यातायात का दबाव कम होगा।'

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में जशपुर में विकास कार्यों को मिल रही है गति

01-Oct-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  जशपुर जिले के लोगों के लिए एक उत्सव की तरह था विष्णु देव साय का मुख्यमंत्री बनना। इससे यहां के लोगों के चेहरे में एक चमक आने के साथ उनसे उम्मीद भी बढ़ गई। लोग उन्हें अपने सपनों को साकार करने वाले नायक के रूप में भी देखते हैं। मुख्यमंत्री साय उनकी आशाओं पर लगातार खरे उतर रहे हैं। अपनी व्यस्तता के बीच भी वे अपने गृहग्राम जशपुर जिले के ग्राम बगिया में समय निकालकर आते रहते हैं। वे रायपुर स्थित अपने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में लोगों से मिलते रहते हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार तत्पर रहते हैं। मुख्यमंत्री साय ने बगिया में भी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की स्थापना की है। यहां पर जशपुर जिले के अलावा प्रदेश भर से पूरी आशा के साथ लोग आ रहे हैं और उनकी स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी या अन्य समस्याओं का समाधान त्वरित गति से किया भी जा रहा है। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने हेल्पलाईन नंबर 0774-250061,0774-250062 नंबर जारी की है। प्रदेश के जरूरतमंद नागरिक कॉल करके इससे लाभान्वित भी हो रहे हैं।
जशपुर जिले के लगभग 250 ग्राम पंचायत हाथी विचरण क्षेत्र है। कैंप कार्यालय का लक्ष्य इन हाथी प्रभावित इलाके में विद्युत व्यवस्था को और भी दुरूस्त करने की है। जानकारों की माने तो रोशनी होने पर हाथियों की बस्ती में घुसपैठ होने आशंका कम रहती है। हाथी को दूर से देखा जा सकता है। विद्युत व्यवस्था को और भी सुदृढ़ बनाने के लिए कुनकुरी क्षेत्रों में क्षेत्रीय कार्यालयों में नवीन पदास्थापना किया जा रहा है। विद्युत विभाग द्वारा पिछले लगभग 9 महीने में जशपुर जिलें में 600 से ज्यादा ट्रांसफार्मर बदले गए हैं और 130 से ज्यादा नया ट्रांसफार्मर लगाया गया है। इसके साथ ही विद्युत उपकेंद्र स्थापित किए गए हैं। विद्युत प्रवाह निर्बाध गति से प्रवाहित रहे इसके लिए विभाग द्वारा नई लाईन बिछाने, केबल, ग्रिप चेंज आदि कार्य भी सतत रूप से किया जा रहा है।
स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए मुख्यमंत्री साय की पहल पर जशपुर जिले में 18 एबीबीएस और 7 विशेषज्ञ चिकित्सकों को नियुक्ति की जा चुकी है। इसके अलावा नवीन स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना की स्वीकृति के साथ ही मेडिकल उपकरणों की खरीदी और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति की जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से जिले में स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन का संचालन किया जा रहा है। इसकी मदद से अब तक 1025 से अधिक मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिल चुका है। इसके लिए सर्वप्रथम आवेदक बगिया कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करते हैं। आवेदन प्रस्तुत होने के पश्चात तत्काल 5 मिनट के अंदर कार्यवाही की जाती है। मुख्यमंत्री की पहल पर कुनकुरी 32 करोड़ की अधिक की लागत से 220 बिस्तरा सर्वसुविधायुक्त अस्पताल की स्वीकृति दी गई है।
इसी तरह मुख्यमंत्री साय की पहल पर ही जिले में एक मजबूत अधोसंरचना निर्माण के लिए लगातार सड़क मार्गों, पुल-पुलिया  भवन निर्माण की स्वीकृति दी जा रही है। दूरस्थ गांवों और शहरों में  सड़क, पुल-पुलिया निर्माण कराया जा रहा है। किसानों की सुविधा के लिए जिले में एनीकट योजना के निर्माण, व्यपवर्तन योजना के निर्माण, जीर्णाेद्धार एवं लाईनिंग कार्य, जलाशय योजना के नहर मरम्मत एवं सी.सी.लाईनिंग कार्य, मुख्य एवं शाखा नहर के मरम्मत, पुराने पक्के कार्याे का सुधार, तालाब योजना के तहत् निर्माण, जलाशय योजना, जलाशय मध्यम परियोजना के सर्वेक्षण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। इन कार्याे के होने से जिले के किसानों को और अधिक सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी।  इसके साथ ही  मत्स्य पालक मच्छली पालन भी कर सकेंगे। इससे कृषकों को अतिरिक्त आमदनी होगी। साथ ही जिले में जल स्त्रोत में भी वृद्धि होगी।
इसी तहत जिले में खेलों के बेहतर महौल और खिलाड़ियों की सुविधा के लिए राज्य सरकार खेल मैदानों सहित अन्य अधोसंरचना का निर्माण कर रही है। बगीचा में बैडमिंटन कोर्ट निर्माण के लिए 2 करोड़ 83 लाख रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को ओलंपिक में गोल्ड मैडल जितने पर 3 करोड़ रूपए, सिल्वर मैडल जितने पर 2 करोड़ और ब्रान्ज मैडल जितने पर 1 करोड़ रूपए की राशि दिए जाने की घोषणा की है। इससे खिलाड़ियों को एक बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। अविभाजित मध्यप्रदेश के समय से प्रतियोगी परीक्षाओं के चयन में जशपुर अंचल की विशेष पहचान रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा जशपुर जिले के छात्रों को भी मिले इसके लिए मुख्यमंत्री साय की पहल पर रायपुर की नालंदा परिसर लाईब्रेरी की तर्ज पर जशपुर नगर में 500 सीटर और कुनकुरी में 200 सीटर लाइब्रेरी की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी तहत पीएम जनमन योजना के तहत जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति इलाकों में विकास के लिए कार्य किए जा रह हैं। इस योजना से इन क्षेत्रों के विकास में तेजी आई है।
 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा:मन की बात कार्यक्रम नवाचारी प्रयासों को जानने का महत्वपूर्ण जरिया

30-Sep-2024

 रायपुर ( शोर संदेश ) ।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि गांव के लोग अपनी कला-संस्कृति, परंपराओं और अमूल्य विरासत को सहेजने में अपने सामर्थ्य के अनुरूप योगदान दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से इसे देश-दुनिया के सामने रखते हैं। इससे हम देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले प्रयासों और नवाचारों के बारे में जानते और प्रेरित होते हैं।


सीएम ने अपने निवास कार्यालय में प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम सुनने के बाद यह बातें कहीं। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, गोमती साय, विधायक भैया लाल राजवाड़े, युवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष कमलचंद्र भंजदेव, सुनील जोगी आदि मौजूद थे। इधर भाजपा ने प्रदेश के सभी बूथों पर सदस्यता अभियान चलाया। इस दौरान मंत्रियों, सांसदों-विधायकों ने हर बूथ केंद्र पर ‘मन की बात’ सुनी और भाजपा का सदस्यता अभियान चलाया।
साय ने भाजपा से जुड़ने लोगों से की अपील
प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय अंवति विहार के बूथ क्रमांक 183 में पहुंचकर मन की बात सुनी। इस दौरान साय ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत की कल्पना को साकार करने के लिए एवं देश को मजबूत करने के लिए आप सब भारतीय जनता पार्टी से जुड़े। साय ने इस अवसर पर 100 लोगों को भाजपा की सदस्यता भी ग्रहण करवाई। 
 
कार्यक्रम को युवा आयोग के अध्यक्ष विजय सिंह तोमर ने भी संबोधित किया। इस दौरान जिला मीडिया प्रभारी राजकुमार राठी, शारदा पटेल, जितेंद्र नाग, भवारलाल सेन, विकास मिश्रा, रानी बघेल, अखिल चटर्जी, सुब्रत घोष, मामले सिंह, अनिल दास, नामदेव दरयानी, सविता गुप्ता, गंगा महानंद, रवि सोनवानी, उमेश मालेवार, गोविंद शर्मा, भगत वाधवानी आदि मौजूद थे।

भारतमंडपम में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग समीक्षा बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

30-Sep-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नई दिल्ली के भारतमंडपम में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में शामिल हुए। बैठक में छत्तीसगढ़ में चल रही राजमार्ग परियोजनाओं के निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। 
इस दौरान केन्द्रीय सड़क परिवहन राज्यमंत्री अजय टाम्टा और हर्ष मल्होत्रा भी मौजूद रहे। वहीं, छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नई दिल्ली के भारतमंडपम में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में शामिल हो रहे हैं। बैठक में छत्तीसगढ़ में निर्माणाधीन राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव उपस्थित हैं।
नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जी के साथ छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति पर समीक्षा बैठक जारी है। रायपुर से विशाखापट्टनम के बीच पहले फेज़ का कार्य रिकॉर्ड 4 महीने में पूरा हुआ, इसके लिए गडकरी जी ने छत्तीसगढ़ सरकार और अधिकारियों को बधाई दी है। 
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा - हमारी सरकार सभी परियोजनाओं को समय पर और बिना किसी रुकावट के पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रत्येक सप्ताह कार्य की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। सभी अधिकारियों को कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। 
 

सीएम साय कल केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी से करेंगे मुलाकात

29-Sep-2024
रायपुर/छत्तीसगढ़।  ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दिल्ली दौरे पर जाएंगे। सोमवार को केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ बैठक में शामिल होने। वो रात 9.20 को स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से दिल्ली के रवाना होंगे। सोमवार को होने वाली बैठक में छत्तीसगढ़ में चल रही योजनाओं को लेकर मंथन किया जाएगा। सोमवार को लगभग 12 बजे से ये बैठक होगी, इस बैठक में प्रदेश में चल रही योजनाओं की समीक्षा होगी, साथ ही प्रदेश के विकास के लिए यहां के सड़क और भवनों के लिए क्या कुछ नया किया जा सकता है इसको लेकर भी मंथन किया जाएगा। पेंडिंग योजनाओं की फंडिंग और कामों में तेजी लाने को लेकर कल की बैठक में चर्चा होगी।

सीएम साय ने जनप्रतिनिधियों के साथ सुनी पीएम मोदी की 'मन की बात'

29-Sep-2024
रायपुर।    ( शोर संदेश )  ग्रामीण अंचलों में लोग अपनी कला-संस्कृति, परम्पराओं और अमूल्य विरासत को सहेजने में अपने सामर्थ्य के अनुरूप योगदान दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से गर्व के साथ इसे देश-दुनिया के सामने रखते हैं। इससे हम देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले ऐसे सभी प्रयासों और नवाचारों के बारे में जान पाते हैं और प्रेरित होते है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अपने निवास कार्यालय में प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात कार्यक्रम सुनने के पश्चात प्रतिक्रिया देते हुए यह बातें कही। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक गोमती साय, विधायक भैया लाल राजवाड़े, युवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष कमलचंद्र भंजदेव, पद्मश्री सुनील जोगी सहित अन्य गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात कार्यक्रम में आज उन्होंने अपने अमेरिका प्रवास, एक पेड़ मां के नाम अभियान से प्रेरित होकर रोज एक पेड़ लगाने का संकल्प लेने वाले तेलंगाना के के एन राजशेखर, संथाली भाषा को सहेजने के लिए रामजीत टुडू के प्रयासों, औषधीय पौधों को संरक्षित करने के लिए मदुरै की रहने वाली शिक्षिका शुभाश्री के योगदान का जिक्र किया। उन्होंने आधुनिक समय में प्रतिदिन परिवर्तित हो रहे नेचर ऑफ़ जॉब  का जिक्र करते हुए गेमिंग एनीमेशन, फ़िल्म मेकिंग, पोस्टर मेकिंग, बैंड्स और कम्युनिटी रेडियो से जुड़े युवाओं को भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की पहल 'क्रिएट इन इंडिया' से जुड़ने की अपील की। इससे इन विधाओं से जुड़े लोग अपनी क्रिएटिविटी सभी के सामने ला सकेंगे। क्रिएट इन इंडिया के तहत 25 विविध चैलेन्ज इसमें शामिल किये गए हैं।



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