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जनप्रतिनिधि

राज्य के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में हिन्दी में भी होगी पढ़ाई

15-Sep-2024
रायपुर, ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हिन्दी दिवस पर बड़ी घोषणा करते हुए राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में हिन्दी में भी पढ़ाई शुरू करने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने यह निर्णय लिया है कि एमबीबीएस की पढ़ाई की व्यवस्था भी हम हिंदी में करेंगे। इस साल के प्रथम सत्र 2024-25 में एमबीबीएस की पढ़ाई की सुविधा हिंदी में भी उपलब्ध होगी। इसके लिए छात्र छात्राओं की संख्या अनुरूप आवश्यक पुस्तक उपलब्ध कराने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी दिवस की सार्थकता इस बात में है कि हम शासन प्रशासन और शिक्षा के हर स्तर पर हिंदी को लागू करें, हिंदी को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा हमें इस बात की खुशी है कि हमारे यशस्वी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2022 को उत्तरप्रदेश के उन्नाव की रैली में हिंदी में चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने की मंशा जाहिर की थी, हम उसका क्रियान्वयन करने जा रहे हैं।  
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य में 10 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय हैं। हिंदी में चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने का सबसे अधिक लाभ हमारे ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को होगा जो अधिकतर हिंदी मीडियम से होते हैं जो प्रतिभाशाली होते हैं लेकिन अंग्रेजी की वजह से उन्हें चिकित्सा पाठ्यक्रम में कुछ दिक्कत आती है। अब यह दिक्कत दूर हो जाएगी। इससे चिकित्सा छात्र छात्राओं का आधार भी मजबूत होगा और अच्छे चिकित्सक तैयार करने में इससे अधिक मदद मिलेगी। मातृभाषा में शिक्षा दिए जाने का यह सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि इससे विषय की बारीक समझ  बनती है। इसे हम छत्तीसगढ़ में हर स्तर पर कार्यान्वित करने के लिए कृत संकल्पित हैं।

विश्वकर्मा जयंती पर 17 को आयोजित होगा श्रमिक सम्मेलन

14-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के श्रमिकों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। जिसका सीधा लाभ श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को मिल रहा है। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री साय 17 सितंबर विश्वकर्मा जयंती पर ‘श्रमिक सम्मेलन‘ में 57 हजार से अधिक पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को 49 करोड़ 43 लाख 52 हजार 294 रूपए केन्द्रीकृत डी.बी.टी. के माध्यम से वितरण करेंगे। यह कार्यक्रम राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम आयोजित होगा।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश के पंजीकृत श्रमिकांे एवं उनके परिवार के सदस्यों को श्रम विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सर्न्न्मिाण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत 47 हजार 726 निर्माण श्रमिकों 38 करोड़ 37 लाख 10 हजार 652 रूपए, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल अंतर्गत 6873 श्रमिकों को 9 करोड़ 86 लाख 58 हजार 500 रूपए एवं छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल अंतर्गत 2496 श्रमिकों को 1 करोड़ 19 लाख 83 हजार 142 रूपए की राशि डी.बी.टी. के जरिए वितरण करेंगे। इस तरह कुल 57 हजार 95 श्रमिकों को कुल राशि 49 करोड़ 43 लाख 5 हजार 229 रूपये का वितरण केन्द्रीयकृत डी.बी.टी. के माध्यम से किया जाएगा।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत 47 हजार 726 लाभार्थियों को कुल 38 करोड़ 37 लाख 10 हजार 652 रूपए का वितरण किया जाएगा। जिसमें मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत 5793 लाभार्थियों को 11 करोड़ 58 लाख 60 हजार रूपए, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के अंतर्गत 8181 लाभार्थियों को 3 करोड़ 3 लाख 8 हजार 652 रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 6171 लाभार्थियों को 2 करोड़ 15 लाख 34 हजार 288 रूपए, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के अंतर्गत 125 लाभार्थियों को 9 लाख 79 हजार 600 रूपए, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 9749 लाभार्थियों को 1 करोड़ 84 लाख 87 हजार रूपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 576 लाभार्थियों को 73 लाख 67 हजार 612 रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना के अंतर्गत 5 लाभार्थियों को 1 लाख रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के अंतर्गत 3653 लाभार्थियों को 54 लाख 79 हजार 500 रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 279 लाभार्थियों को 2 करोड़ 83 लाख रूपए, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत 6517 लाभार्थियों को 13 करोड़ 3 लाख 40 हजार रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना अंतर्गत 708 लाभार्थियों को 1 करोड़ 41 लाख 60 हजार रूपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी सहायता राशि भुगतान योजना के अंतर्गत 5941 लाभार्थियों को 79 लाख 94 हजार रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के अंतर्गत 28 लाभार्थियों को 28 लाख रूपए का डी.बी.टी. के माध्यम से वितरण करेंगे।
इसी तरह छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत 6873 लाभार्थियों को कुल 9 करोड़ 86 लाख 58 हजार 500 रूपए का वितरण किया जाएगा। जिसमें असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना के 3085 लाभार्थियों को 6 करोड़ 17 लाख रूपए, असंगठित कर्मकार मृत्य एवं दिव्यांग सहायता योजना के 322 लाभार्थियों को 3 करोड़ 22 लाख रूपए, असंगठित कर्मकार छात्रवृत्ति योजना के 3463 लाभार्थियों को 46 लाख 8 हजार 500 रूपए, ई-रिक्शा सहायता योजना के 3 लाभार्थियों को 1 लाख 50 हजार रूपए का वितरण करेंगे।
छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अंतर्गत 2496 लाभार्थियों को 1 करोड़ 19 लाख 83 हजार 142 रूपए का वितरण करेंगे। जिसमें शैक्षणिक छात्रवृत्ति योजना के 504 लाभार्थियों को 22 लाख 42 हजार रूपए, निःशुल्क सायकल वितरण योजना के 1427 लाभार्थियों को 52 लाख 17 हजार 342 रूपए, निःशुल्क सिलाई मशीन वितरण योजना के 562 लाभार्थियों को 44 लाख 38 हजार 800 रूपए एवं खेलकूद प्रोत्साहन योजना के 3 लाभार्थियों को 85 हजार रूपए का वितरण केन्द्रीयकृत डी.बी.टी. के माध्यम से किया जाएगा।
 

मुख्यमंत्री ने हिंदी दिवस पर दी शुभकामनाएं

14-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 14 सितम्बर को हिंदी दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि राजभाषा हिंदी राष्ट्रीय एकता और सद्भावना को बनाए रखने में मह्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हिंदी के सहज-सरल होने के कारण इसने देश को एक सूत्र में बांधने में अहम भूमिका निभाई है। 
साय ने कहा है कि हिन्दी अत्यंत समृद्ध एवं जीवंत भाषा है, इसका स्वरूप समावेशी हैै। इसकी लिपि देवनागरी विश्व की सबसे पुरानी एवं वैज्ञानिक लिपियों में से है।  हिन्दी के गुण उसे भाषा के दर्जे से ऊपर एक संस्कृति के रूप में प्रतिष्ठित करतेे हैं। उन्होंने कहा है कि हिंदी दिवस हमें याद दिलाता है कि भाषा के माध्यम से हम अपनी पहचान और संस्कृति को संरक्षित कर सकते हैं। हमें चाहिए कि हम हिंदी को प्रोत्साहित करें और अधिक से अधिक इसका उपयोग करें। मातृभाषा की उन्नति बिना, किसी भी समाज की तरक्की संभव नहीं है। राजभाषा के गौरव और महत्व को और आगे ले जाने के लिए सब संकल्पित भाव से कार्य करें।

सीएम बोले- हत्या और डकैती के मामले 6 माह में नहीं सुलझे ये सही नही है

13-Sep-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का दुर्ग रेंज पुलिस को निर्देश
दुर्ग पुलिस रेंज को और ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है,हत्या और डकैती के मामले 6 महीने में भी नहीं सुलझ पा रहे हैं, ये सही नही है
कई मामलों में आरोपी फरार है, इस पर जल्दी कार्रवाई होनी चाहिए 
किसान सम्मान निधि में धोखाधड़ी का मामला सामने आया था, ऐसे गड़बड़ी भविष्य में दोबारा नहीं होनी चाहिए 
प्रतिबंधात्मक मामलों में देरी न हो और जिला बदर की कार्रवाई केवल कागजों पे ना हो बल्कि वास्तव में हो
नए कानून की जानकारी को बेहतर तरीके से स्वीकार करें और जरूरत के अनुसार ट्रेनिंग कर खुद को अपडेट करते रहें।

सीएम बोले- मिशन मोड पर काम करें कलेक्टर, कोताही बर्दाश्त नहीं

13-Sep-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कलेक्टर आम जनता के हितों को ध्यान में रखकर संवेदनशीलता के साथ काम करें। शासन की फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कलेक्टर्स अपने काम की पुरानी शैली बदलें, मिशन मोड पर काम करें और शासन की योजनाएं गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे इसका पूरा ख्याल रखा जाए।
सीएम ने राजधानी रायपुर में आयोजित लगभग आठ घंटे तक चले कलेक्टर कांफ्रेंस में यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि सभी फ्लैगशिप योजनाओं में सैचुरेशन के लक्ष्य को ध्यान में रखकर काम करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग का आम लोगों और किसानों से ज्यादा वास्ता है। राजस्व प्रकरणों का निराकरण बिना किसी लेट-लतीफी के किए जाने से शासन-प्रशासन की छबि बेहतर होती है। भूमिहीन परिवारों को जाति प्रमाणपत्र मिलने में परेशानी न हो। प्राथमिकता के साथ प्रमाणपत्र बनाया जाए। हमें भूमिहीन परिवारों की पीड़ा समझनी होगी।
वंचित तबके का आधार, पेंशन पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं
समाज के सर्वाधिक वंचित तबके के जीवनयापन का आधार पेंशन है। पेंशन वितरण को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। समय पर जरूरतमंदों को पेंशन मिल जानी चाहिए। दिव्यांगों के लिए विशेष विद्यालय और अस्पताल के लिए 6 महीनों में कार्ययोजना बनाएं। प्रत्येक जिले में नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना करें।
सीएम ने कहा कि जनसमस्या निवारण पखवाड़े में प्राप्त आवेदनों का शत - प्रतिशत निराकरण किया जाए। अमृत मिशन 2.0 योजना समय पर पूरा करें। उन्होंने कहा कि सभी पात्र हितग्राहियों का राशनकार्ड बनना चाहिए। पैक्स में माइक्रो एटीएम के माध्यम से ही हो धान उपार्जन का भुगतान करें। पैक्स में कंप्यूटरीकरण का काम जल्द पूरा करें।
मुख्यमंत्री ने जरूरतमंदों को 15 दिनों के भीतर स्वेच्छानुदान की राशि स्वीकृत करने के निर्देश दिए। जन्म प्रमाणपत्र, जाति, निवास, आय और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज आसानी से लोगों को मिले इसका ध्यान रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा से काेई भी युवा वंचित न हों। युवाओं के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाएं।
साय ने अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने को कहा है। छत्तीसगढ़ की विषम भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए बैंकिंग का क्षेत्र का दायरा बढ़ाया जाए। दूरस्थ गांवों तक बैंकिंग सुविधा पहुंचाएं। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की सुविधा मिले।

कलेक्टर मिशन मोड में कार्य करें: मुख्यमंत्री

13-Sep-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि कलेक्टर्स आम जनता के हितों को केन्द्र में रखकर संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हो। शासन की फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। इन योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए मिशन मोड पर जुट कर काम करें। प्रशासन के कार्यों से जनता के मन में शासन और प्रशासन के प्रति विश्वास का भाव उत्पन्न हो।
मुख्यमंत्री ने आज राजधानी रायपुर में लगातार 8 घंटों तक चली कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में ये दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए। लंच ब्रेक को छोड़कर मुख्यमंत्री लगातार बैठक में उपस्थित रहे। कॉन्फ्रेंस में अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, बसवराजु एस., राहुल भगत तथा सभी संबंधित विभागों के सचिव सहित सभी संभागों के आयुक्त, सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायतों के सीईओ और नगर निगमों के आयुक्त भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे कार्यों की सराहना होगी और कार्य में लापरवाही बरतने पर कड़ा रूख भी अपनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कलेक्टरों के परफार्मेंस की नियमित अंतराल पर समीक्षा की जाएगी और जिलों की रैंकिंग तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो भी जिम्मेदारी आपको सौंपी गई है उसकी मॉनिटरिंग की जाती है। फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन और जिला प्रशासन के कार्यों पर हमारी नजर रहती है। जिले में होनी वाली घटनाओं पर जिला प्रशासन कितनी तत्परता से काम करता है, यह भी देखा जाता है। कलेक्टरों की पहली जिम्मेदारी दंडाधिकारी के रूप में कानून व्यवस्था बनाए रखने की है। विभिन्न संगठनों के साथ संवाद के दौरान यदि असंतोष की कोई बात सामने आती है, तो उसका समाधान स्थानीय स्तर पर किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर में गुरूवार को जनदर्शन आयोजित किया जाता है। इसमें अनेक ऐसी छोटी-छोटी समस्याएं आती हैं जिनका समाधान तहसील और जिला स्तर पर किया जा सकता है। कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि रायपुर में होने वाले जनदर्शन में ऐसी समस्याएं ही आएं जिनका समाधान जिला स्तर पर नहीं हो सकता है। जिलों में आम जनता की समस्या के समाधान के लिए कलेक्टर जनदर्शन का कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किया जाए। नागरिकों तक शासन की योजनाओं की सुगम पहुंच से शासन की छवि बनती है। कलेक्टर यह भी सुनिश्चित करें कि भूमिहीन परिवारों को जाति प्रमाण पत्र बनाने में दिक्कत न आए। प्राथमिकता के साथ इन परिवारों का जाति प्रमाण पत्र बनाए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम जनमन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों की पीड़ा को मैंने करीब से महसूस किया है। पीएम जनमन योजना इन जनजातियों के लिए आशा की नई किरण है। इसका क्रियान्वयन पूरी गंभीरता से करते हुए योजनाओं का हितग्राहियों को शत-प्रतिशत लाभ दिलाएं। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के बीच जाकर मैं स्वयं पीएम जनमन योजना के क्रियान्वयन का निरीक्षण करूंगा। प्रधानमंत्री जी ने हाल ही में आयोजित कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत प्रदेश में 8 लाख 46 हजार आवासों की स्वीकृति दी है। जिससे गरीब परिवारों के स्वयं के घर का सपना अब पूरा होगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पहली बार पैरेंट्स टीचर मीटिंग और जनभागीदारी से न्योता भोज की पहल की गई है। स्थानीय भाषा में बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था की गई है। शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ स्कूलों की इमारत की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। स्कूलों में बच्चों के स्थायी जाति प्रमाण पत्र बनाने का कार्य प्राथमिकता से किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों का निराकरण समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ हो। राजस्व मामलों को हल करने में अमला जितनी तत्परता दिखायेगा, सरकार की छवि भी उतनी ही अच्छी बनेगी। हम जितना तकनीकी नवाचार को बढ़ाएंगे, राजस्व संबंधी भ्रष्टाचार उतना ही घटेगा। डिजिटल क्राप सर्वे, भू नक्शे की जियो-रिफ्रेंसिंग आदि के माध्यम से इस क्षेत्र में पारदर्शिता आयेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के माध्यम से अधिकतम रोजगार के अवसर सृजित हों। जल संचय के कार्यों को बढ़ावा दिया जाए। छत्तीसगढ़ में तालाबों की सुन्दर परंपरा रही है। नये तालाब बनाए जाएं, इससे जल स्तर बेहतर होगा, खेती-किसानी के लिए पानी मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी द्वारा प्रारंभ की गई अमृत सरोवर योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। बस्तर, सरगुजा और मैदानी क्षेत्रों के ऐसे गांव जो मानसून में कट जाते हैं, उन क्षेत्रों के लिए सड़कों का प्रस्ताव बनाकर शीघ्र भेजें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो, निजी अस्पतालों में भी मरीजों का आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने में कोई दिक्कत न आए। पीएम जनऔषधि केन्द्र प्राइम लोकेशन पर हो, यहां दवाईयों की पर्याप्त उपलब्धता हो। प्रदेश की बड़ी आबादी शासकीय अस्पतालों पर निर्भर हैं, इसकी व्यवस्था दुरूस्त हो। हेल्थ बजट का उचित उपयोग हो और बुनियादी स्वास्थ्य अधोसंरचनाएं तैयार करने में जीवन दीप समितियों और डीएमएफ की राशि का उपयोग किया जाए। डेंगू और मलेरिया को लेकर सतत अभियान चलाया जाए। सिकल सेल के मरीजों को चिन्हांकन और इलाज की समुचित व्यवस्था हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंकों में तकनीकी वजहों से कुछ हितग्राहियों को महतारी वंदन योजना की राशि मिलने में दिक्कत आती है, इस पर कलेक्टर नजर रखें। कुपोषण दूर करने के लिए सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। दलहन-तिलहन और मिलेट्स का रकबा बढ़ाया जाए। उद्यानिकी, पशुपालन और मछलीपालन के माध्यम से किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में काम हो। शहरी क्षेत्रों में अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के क्रियान्वयन, पेयजल, सीवरेज सिस्टम साफ-सफाई के काम पर पूरा फोकस रखें। शहरों में आबादी तेजी से शिफ्ट हो रही है। यहां नागरिक सुविधाओं को नये सिरे से तैयार किया जाए। वनाधिकार पत्रों के आवेदनों पर तेजी से काम करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा पीडीएस का माडल पूरे देश ने अपनाया है। धान खरीदी से लेकर भंडारण, मिलिंग से उपभोक्ताओं को पीडीएस दुकानों में राशन की उपलब्धता तक हर स्तर पर बारीक मानिटरिंग जरूरी है। उन्होंने कहा कि सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया गया है। आम आदमी की शिकायतों को हल करने का जितना बेहतर तंत्र हम बना सकेंगे, उससे ही शासन की छवि बनेगी। मुख्यमंत्री जनदर्शन में आये सभी आवेदनों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार सृजन हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। जिले में उपलब्ध संसाधनों और आवश्यकताओं के अनुसार स्किल डेवलपमेंट के लिए कार्य हांे। नियोक्ताओं तक स्किल लेबर की पहुंच सुनिश्चित करें। समाज कल्याण विभाग की पेंशन योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन में किसी तरह की दिक्कत न हो, यह भी सुनिश्चित करें। जल जीवन मिशन के कार्यों की मानिटरिंग करते रहें। यदि किसी तरह की दिक्कत आ रही हो तो इसकी जानकारी दी जाए।
 

कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रेंस: मुख्यमंत्री 13 सितम्बर को करेंगे कानून व्यवस्था की समीक्षा

13-Sep-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 13 सितम्बर को राजधानी रायपुर में कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ जिलों में कानून व्यवस्था सहित विभिन्न मुद्दों की समीक्षा करेंगे। राजधानी रायपुर में आयोजित कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रेंस स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में प्रातः 10 बजे से शुरू होगी।
 

सीएम साय की पहल पर सीएम मांझी ने दिए हीराकुंड बांध से पानी छोड़ने के निर्देश

12-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हालिया लगातार बारिश के कारण हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्रों में संभावित बाढ़ के मद्देनजर त्वरित कदम उठाए हैं। रायगढ़ जिले के कई गांवों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए, उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से तुरंत संपर्क साधा और हीराकुंड बांध से पानी छोड़ने का अनुरोध किया, ताकि संभावित आपदा से बचाव हो सके।
मुख्यमंत्री साय की पहल के जवाब में, ओडिशा के मुख्यमंत्री माझी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों प्रदेशों के हितों को ध्यान में रखकर आवश्यक मात्रा में हीराकुंड बांध से पानी छोड़ने का आदेश जारी किया। इससे दो दर्जन से अधिक गांवों में जन-धन की संभावित हानि से बचाव संभव हो सका।
मुख्यमंत्री साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री माझी का आभार व्यक्त करते हुए उनकी इस संवेदनशीलता और त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की है।
यह उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व हर साल भारी बारिश के कारण हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के कई गांवों को बाढ़ का सामना करना पड़ता था। इस साल, छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों की जनहितैषी सरकारों के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित होने से पहली बार समय पर उचित निर्णय लिए गए, जिससे बाढ़ की विपदा को टाला जा सका।
दोनों राज्यों के बीच इस प्रकार के तालमेल और सहयोग का यह सकारात्मक परिणाम है कि इस वर्ष बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में किसी बड़ी आपदा की स्थिति नहीं उत्पन्न हुई।
 

सीएम साय की कलेक्टर कॉन्फ्रेंस: कलेक्टरों स्थानीय स्तर की निपटाए समस्याएं

12-Sep-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  CM विष्णु देव साय की कलेक्टर कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है. मुख्य सचिव, विभागीय सचिवों सहित सभी संभागायुक्त और कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में मौजूद। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। सभी फलैगशिप योजनाओं में सैचुरेशन के लक्ष्य को ध्यान में रखकर करें कार्य। बीते 9 महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप प्रदेश को संवारने की दिशा में प्रयास किया गया है, किन्तु विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने के लिए कठिन परिश्रम की आवश्यकता है. मुख्यमंत्री ने कुछ जिलों में आम जनता और स्कूली छात्रों से दुर्व्यवहार की घटनाओं पर जताई सख्त नाराजगी।  भाषा के संयम को लेकर दी विशेष हिदायत, कहा आपके अधिकारियों से भाषा का संयम चुका तो करें कार्यवाही, आपसे ऐसी गलती हुई तो मैं करूंगा कार्यवाही। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि स्थानीय स्तर की समस्याएं वहीं निपटे, छोटी छोटी समस्याओं को लेकर लोगों को राजधानी न आना पड़े. जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई जन समस्याओं पर त्वरित और प्रभावी कदम उठाएं। 

मुख्यमंत्री 12-13 सितम्बर को लेंगे कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रेंस

12-Sep-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 12 और 13 सितम्बर को राजधानी रायपुर में कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रेंस लेंगे। राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित इस कॉन्फ्रेंस के पहले दिन मुख्यमंत्री 12 सितम्बर को जिलों के कलेक्टर और संभाग के कमिश्नर से राज्य और केन्द्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। वहीं कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन 13 सितम्बर को मुख्यमंत्री कलेक्टर और संभागायुक्त के साथ पुलिस अधीक्षक और पुलिस महानिरीक्षक के साथ जिलों में कानून व्यवस्था सहित विभिन्न मुद्दों की समीक्षा करेंगे।  कलेक्टर कॉन्फ्रेंस राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में प्रातः 10 बजे से शुरू होगी।



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