
00 ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश की पांचवी पुण्यतिथि पर आयोजित हुआ वेबीनार
रायपुर (शोर सन्देश)। कुशाभाउ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव भाई शर्मा ने कहा कि मूल्यों के बिना मीडिया का उददेश्य पूरा नहीं हो सकता। अखबार से लाभ कमाएं परन्तु मीडिया के मूल्यों की कीमत पर नहीं। मडिया कर्मी तो ऋषि परम्परा का वंशज है। जग को सुखी बनाना, दु:खी व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना यह पत्रकार का काम होना चाहिए। अन्यथा मीडिया लोकोपकार, जन जागरण और सत्यान्वेषण का माध्यम नहीं रह पाएगा। प्रो. बलदेव भाई शर्मा आज प्रजापिता बह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के मीडिया प्रभाग द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर आयोजित मीडिया वेबीनार में बोल रहे थे। इसका आयोजन मीडिया प्रभाग के पूर्व अध्यक्ष ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाई की पांचवी पुण्य तिथि के अवसर पर किया गया था। विषय था मीडिया, समाज और मूल्य। उन्होंने आगे कहा कि मीडिया सिर्फ समाचार सकंलन करने का माध्यम नहीं है। बल्कि मीडिया का कार्य जन चेतना जागृत करना है जो कि मानवीय मूल्यों के बिना सम्भव नहीं है।
नई दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार एवं विश्लेषक एन. के. सिंह ने कहा कि आज बच्चों को जीवन मूल्यों की शिक्षा माता-पिता से नहीं मिल पा रही है। ऐसे बच्चों को शारीरिक, नैतिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ बनाना सबसे बड़ी चिन्ता का विषय होना चाहिए। प्राथमिक स्कूलों में मूल्यनिष्ठ शिक्षा देने की आवश्यकता है। माता-पिता और शिक्षकों को वेल्यू एजुकेशन देने का कार्य ब्रह्माकुमारी संस्थान अच्छे से कर सकता है। नैतिक मूल्यों की शिक्षा को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए। रायपुर के वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु द्विवेदी ने कहा कि समय के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में तकनीक का प्रभाव बहुत तेजी से बढ़ रहा है। तकनीक के साथ मूल्यों में भी बदलाव आ रहा है। जैसे-जैसे वक्त गुजरता जा रहा है नैतिक मूल्य पीछे छूटते जा रहे हैं। पहले पत्रकारिता के नाम पर सिर्फ अखबार ही मुख्य हुआ करते थे। आकाशवाणी या दूरदर्शन तो सिर्फ सरकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार तक ही सीमित होते थे। अखबार ही तमाम युगान्तरकारी घटनाओं का आधार बने रहे। किन्तु वर्तमान सूचना क्रान्ति के दौर में हममें से हर दूसरा या तीसरा आदमी पत्रकार बना हुआ है और सोशल मीडिया के द्वारा सूचनाओं का प्रसार कर रहा है। किन्तु इसके साथ विश्वसनीयता का संकट पैदा हो गया है। यह बहुत बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि पहले खबरों की अपने स्तर पर पुष्टि करें फिर दूसरों को भेजें। हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी पड़ेगी। रायपुर के वरिष्ठ पत्रकार शिव दुबे ने कहा कि मीडिया, समाज और मूल्य तीनों एक दूसरे के पूरक हैं। हमारा समाज मूल्यों से बनता है। आज हम ऐसे समाज में रह रहे हैं जहाँ पर बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार होता है। बुजुर्गों को वृद्घाश्रम में रहना पड़ता है। मीडिया समाज से अलग नहीं है। यह सोचने का विषय है कि मीडिया में मूल्यों की कमी क्यों हो रही है? कोविड के कारण मीडिया हाउस स्वतंत्र होकर पूरी तेजी से काम नहीं कर पा रहा है। सोशल मीडिया के कारण नैतिक मूल्यों का हनन हो रहा है। सोशल मीडिया की खबरों पर रोक लगाने की जरूरत है। इसमें गलत एवं अपुष्ट खबरें प्रसारित होने के कारण कई चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं। रायपुर के वरिष्ठ पत्रकार राजेश लाहोटी ने कहा कि मीडिया ही इस देश का ऐसा स्तम्भ रहा है जिसने समाज को जागरूक करने में अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाई है। आजादी के पहले और बाद में लोगों को जोडऩे में मीडिया की अहम भूमिका रही है। महामारी के समय भी इसने लोगों को जागरूक किया है। उद्योग, स्वास्थ्य या कृषि जैसे हर क्षेत्र मेें इसने अपना योगदान दिया है। साथ ही जनता की आवाज को मीडिया ने सशक्त रूप से उठाकर लोकतंत्र को स्थापित करने में भी सहयोग दिया है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया को हथियार बनाकर कुछ शरारती तत्वों ने अफवाह फैलाकर मीडिया के मूल्यों को नीचे गिराने का कार्य किया है। यह चिन्ता का विषय है। माउण्ट आबू वरिष्ठ पत्रकार ब्रह्माकुमार आत्मप्रकाश ने कहा कि कर्म का सिद्घान्त है कि जैसा कर्म करेंगे वैसा फल मिलेगा। इसलिए सुखी रहना है तो हमें अपने कर्मों को सुधारना होगा। वरिष्ठ पत्रकार प्रो. कमल दीक्षित ने कहा कि समाज इस समय मूल्यहीन है यह कहना गलत नहीं होगा। मीडिया भी अब समाज सरोकारी नहीं रह गया है। मीडिया सत्ता, समर्थ और बाजार केन्द्रीत हो गया है। इसका कारण यह है कि मीडिया अब व्यवसाय बन गया है। इस अवसर पर क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने सभी मीडिया कर्मियों का स्वागत करते हुए कहा कि मीडिया समाज का दर्पण है। मानवीय मूल्यों के बिना जीवन में सुख और शान्ति सम्भव नहीं है। आध्यात्मिकता से ही जीवन में मानवीय मूल्यों का संचार होगा। कार्यक्रम के बीच में योग आयोग की पूर्व सदस्य ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने राजयोग मेडीटेशन का अभ्यास कराया। मीडिया वेबीनार का संचालन ब्रह्माकुमारी अदिती दीदी ने किया।

00 209 वें दिन कैट की बिलासपुर ईकाई बैठी धरने पर
बिलासपुर (शोर सन्देश)। हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति के अखण्ड धरना आंदोलन के 209वें दिन काॅन्फिडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स बिलासपुर ईकाई ने आंदोलन में भागीदारी की। कैट के पदाधिकारियों ने बिलासपुर के विकास और रोजगार व्यवसाय के लिये महानगरों से सीधी हवाई सुविधा को अवश्यम भावी बताया। कैट की ओर से सभा में बोलते हुए इसके राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेन्द्र गांधी ने कहा कि बिलासपुर में व्यापार व्यवसाय की असीम संभावनाए है परन्तु यातायात के साधनों में पर्याप्त प्रगति न होने के कारण हम लोग पिछड़ रहे है। छत्तीसगढ़ राज्य के सर्वागीण विकास के लिये यह आवश्यक है कि रोजगार व्यवसाय के अवसर केवल रायपुर में ही केन्द्रित न रहे बल्कि राज्य के अन्य हिस्सो में भी वितरीत हो। कैट के जिलाध्यक्ष किशोर पंजवानी ने अपनी बात रखते हुये स्थानीय सांसद और विधायक की भूमिका पर सवाल उठाया और कहा कि आज उनको सड़क पर आंदोलन करना चाहिये जो कि आम जनता कर रही है। कैट के शहर उपाध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय ने जोशिला वक्तव्य देते हुये हर संघर्ष में साथ देने का भरोसा दिलाया। सभा को कैट के ही सुभाष अग्रवाल, राकेश शर्मा, हाईकोर्ट में प्रथम याचिकाकर्ता कमल दुबे आदि ने भी संबोधित किया। आज धरने में हाईकोर्ट में हवाई सुविधा के लिये जनहित याचिका लगाने वाले प्रथम याचिकाकर्ता पत्रकार कमल दुबे अपने वयोवृद्ध पिता नारायण प्रसाद दुबे संरक्षक सी.एम दुबे काॅलेज समिति के साथ पहुंचे। सभा का संचालन गोपाल दुबे के द्वारा किया गया वही सभा में मनोज तिवारी, ब्रम्हदेव सिंह ठाकुर मनोज श्रीवास, उमेश मौर्य, रामा बघेल, केशव गोरख, राजू सलूजा, अनिल गुप्ता, परमजीत सिंह, सुशील छाबड़ा, सुरेन्द्र अजमानी, हीरानंद जयसिंह, संतोष साहू, रघुराज सिंह, आदि भी सम्मिलित हुये।

00 3 रायपुर रिफर, कंडेक्टर चालक सहित 4 को मामूली चोट
महासमुंद (शोर सन्देश)। एनएच 53 में सरायपाली से महासमुंद की ओर आ रही बस पिथौरा में ग्राम टेका पुल के पास स्टीयेरिंग कंट्रोलर खराब होने से अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इससे बस में सवार पांच घायल हो गए। जिनमें तीन को प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर रिफर किया गया है। पिथौरा पुलिस से घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक सांई ट्रैव्लस की बस क्रमांक सीजी 04 इ1832 सरायपाली से सवारी लेकर महासमुंद की ओर आ रही थी। सुबह करीब 9 बजे ग्राम टेका मंदिर के पास पहुंचने के दौरान बस का स्टीयरिंग कंट्रोलर अचानक खराब हो गया। जिससे बस अनियंत्रित हो गई। बस कुछ दूर जाकर डिवाइडर से टकराई और पलट गई। इससे बस में सवार पांच घायल हो गए। सभी को डायल 112 और संजीवनी 108 से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिथौरा लाया गया। इसमें सीतापुर निवासी नंदनी प्रधान और कोमाखान निवासी पुरन निषाद और शहीदा बेगम को अधिक चोट लगने और स्थिति गंभीर होने पर उपचार के लिए रायपुर रिफर किया गया है। वहीं सवार दो लोग और चालक-परिचालक को मामूली चोट होने पर उपचार के बाद छुट्टी दे गई। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में बस चालक के खिलाफ धारा 279, 337 के तहत कार्रवाई की जा रही है। अनलॉक होने के बाद जिलेभर में सड़क हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है।
बसना में हुए सड़क हादसे में बाइक सवार दो की मौत सोमवार को बसना थाना क्षेत्र के आरंगी में हाइवा से टकराकर बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई। थाना प्रभारी लेखराम ठाकुर ने बताया कि, बम्हनी निवासी नरेश भोई पिता भागीरथी भोई अपनी बाइक सीजी 06 जीए 8057 में सुरेश भोई पिता शांति लाल भोई को बैठाकर बसना से बम्हनी जा रहा था। तभी हाईवा सीजी 13 डी 9948 के चालक ने हाईवा को लापरवाहीपूर्वक बिना संकेत के सड़क के किनारे खड़ा कर दिया था। जिससे बाइक सवार हाईवा में जाकर टकरा गए, जिससे बाइक सवार दोनों व्यक्ति की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। मामले में आरोपी हाईवा चालक के विरुद्ध धारा 304(ए) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।

बेमेतरा (शोर सन्देश)। बेमेतरा में दुर्ग रोड पर बड़ा हादसा हो गया। मजदूरों से भरी पिकअप को एक स्वराज माज़दा ने ठोकर मार दी। टक्कर मारने के बाद स्वराज माज़दा तालाब में घुस गई। हादसे में 8 मजदूरों को चोट आई है जिन्हे जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। दो मजदूरों की हालत गंभीर होने के कारण इन्हे रायपुर रिफर किया गया है। घायलों का इलाज चल रहा है।

रायपुर (शोर सन्देश)। त्रिपुरा के राज्यपाल रमेश बैस ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल मोतीलाल वोरा के निधन के साथ आज राजनीति का एक लंबा अध्याय समाप्त हो गया। मोतीलाल वोरा का निधन प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से कामना करता हूँ, उन्हें अपने श्रीधाम में स्थान दें एवं इस दुःख की घड़ी में परिजनों को सबल प्रदान करें।

00 खाद्य मंत्री ने किया दरिमा, करजी और कर्रा उपार्जन केंद्र का निरीक्षण
अम्बिकापुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अमरजीत भगत ने आज धान उपार्जन केंद्र दरिमा, करजी और कर्रा का निरीक्षण कर व्यवस्थओं का जायजा लिया। उन्होंने शासन की ओर से धान खरीदी केंद्रों के लिए निर्धारित 34 चेक पॉइंट का मिलान किसानों के सामने कराया और अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्धारित बिंदुओं के अनुसार व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसानों को धान बेचने में कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। मंत्री भगत ने समिति प्रबंधकों से धान समिति में पंजीकृत किसानों की संख्या, कुल रकबा, नमी मापक यंत्र, कम्प्यूटर सिस्टम की उपलब्धता सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने धान बेचने आये किसानों से बातचीत की और उनकी समस्या से अवगत हुए। किसानों ने धान बेचने में किसी प्रकार की समस्या नहीं होना बताया। मंत्री भगत ने समिति प्रबंधकों को निर्देशित किया कि उपार्जन केंद्र में शेड या चबूतरा निर्माण की आवश्यकता हो तो तत्काल मांग पत्र प्रेषित करें। धान की समुचित सुरक्षा और देखभाल करें।

मंत्री भगत ने किसानों से खरीदे गए धान के थप्पी का भी निरीक्षण किया और शुरू से ही व्यवस्थित तरीके से चबूतरे में रखने तथा बारदानों की स्टैकिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीडीएस दुकानों से बारदाने का संग्रहण तेजी से करें। भगत ने कहा कि नए बारदाने की कमी की समस्या जल्द दूर होगी। उन्होंने समिति प्रबंधकों से कहा कि समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ निर्धारित मात्रा में ही किसानों से धान लेना सुनिश्चित करें। खरीदी केंद्र में हमाल रखने की व्यवस्था करें तथा हमाल न होने की स्थिति में किसान को हमाली का पैसा दें। भगत ने कोरोना महामारी से बचाव के मद्देनजर सेनेटाईजर, मास्क तथा सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर संजीव कुमार झा, अपर कलेक्टर ए.एल. ध्रुव, तहसीलदार भूषण मंडावी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ जनसम्पर्क विभाग में विभागीय पदोन्नति समिति ने 4 अफसरों को सहायक संचालक पद पर पदोन्नत किया है। पदोन्नत होने वालों में जिला जनसम्पर्क कार्यालय दंतेवाड़ा में पदस्थ सुनील तिवारी, जिला जनसम्पर्क कार्यालय दुर्ग में पदस्थ आर नटेश, जिला जनसम्पर्क कार्यालय महासमुंद में पदस्थ कीर्ति परिसर और जनसम्पर्क संचालनालय रायपुर में पदस्थ तौकीर जाहिर मिर्जा शामिल हैं।

बेमेतरा (शोर सन्देश)। प्रदेश के आदिम जाति तथा अनुसुचित जाति विकास विभाग की ओर से अस्पृश्यता निवारण के लिए अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। योजना नियम 1978 के तहत विवाह करने वाले दम्पत्ति को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इसके अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 मे दुर्ग जिला निवासी देवेन्द्र कुमार सतनामी ग्राम-मोरिद, पोस्ट-डुडेरा, तह.-पाटन एवं कु. भारती मरार को 2 लाख 50 हजार रुपए की राशि स्वीकृत किये गये है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास बेमेतरा ने बताया कि समाज में जाति, पाति, ऊंच-नीच के आधार पर अनुसूचित जाति के लोगों के साथ भेदभाव पूर्ण व्यवहार को समाप्त करने के उद्देश्य से नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम-1955 में अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना का प्रावधान किया गया है। कानून द्वारा विवाह के लिए निर्धारित न्यूनतम आयु प्राप्त अनुसूचित जाति के लड़के अथवा लड़की की ओर से सामान्य वर्ग (संवर्ण) के लड़की अथवा लड़के से विवाह करने पर हितग्राही की पात्रता होगी। योजना के तहत संवर्ण लड़के अथवा लड़की के द्वारा अनुसूचित जाति की लड़की अथवा लड़के से अंतर्जातीय विवाह के साहसिक कार्य के लिए वर्तमान में प्रति जोड़ा ढ़ाई लाख रूपए एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाने का प्रावधान हैै। ज्ञात हो कि प्रदेश के आदिमजाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की ओर से अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन संचालित की जा रही है। जिसके अंतर्गत कानून की ओर से विवाह के लिए निर्धारित न्युनतम आयु प्राप्त अनुसूचित जाति के लड़के अथवा लड़की की ओर से सामान्य वर्ग (सवर्ण) के लड़की अथवा लड़के से विवाह करने पर इस योजना का लाभ दिया जाता है।

00 प्राध्यापिकाओं के रोके गए वेतन का भुगतान करने डॉ. नायक ने दिए निर्देश
रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ किरणमयी नायक ने आज रायपुर जिले में महिलाओं के उत्पीड़न संबंधित प्रकरणों पर जन सुनवाई की। सुनवाई के दौरान सोशल व फिजीकल डिस्टेंसिंग एवं सैनिटाईजर का प्रयोग करते हुए कार्यवाही प्रारंभ की गई।
एक प्रकरण में अध्यक्ष डॉ. नायक ने कहा कि चार माह की बच्ची जेसिका को माँ से दूर रखना अपराध की श्रेणी में आता है। बच्ची की सम्पूर्ण देखभाल के लिए माँ की नितांत आवश्यकता होती है। आयोग की समझाइश पर बच्ची के पिता ने अगले दिन ही आयोग के समक्ष माँ को सौपने तैयार हो गया।
एक अन्य प्रकरण में एक वर्ष पूर्व शादी हुए दंपत्ति को पुनः साथ रहने के लिए एक माह का समय दिया गया। रायपुर निवासी महिला ने अपने बड़े बेटे द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की शिकायत आयोग से की। इस प्रकरण पर आयोग के अध्यक्ष डॉ नायक ने बड़े बेटे को पिता की सम्पति से हिस्सा लेकर पृथक रहने कहा।
इसी तरह बलौदाबाजार जिले से आये दम्पति ने आयोग की समझाइश पर आपसी रजामंदी से वैवाहिक बंधन से मुक्त होने की बात सहर्ष स्वीकार किये। एक अन्य प्रकरण में भिलाई महिला महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापिकाओ को प्रबंधन द्वारा समय से पहले सेवानिवृत्त कर प्रताड़ित करने के मामले में सुनवाई हुई। इसमे प्राध्यापिकाओ का माह सितंबर का वेतन काम करने के बाद भी नही दिया गया है। जिस पर आयोग के अध्यक्ष ने एक सप्ताह के भीतर वेतन भुगतान करने प्रबंधन को कहा। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने आज विभिन्न जिलों की महिलाओ द्वारा दिए गए आवेदनों की आयोग कक्ष में सुनवाई की।आज प्रस्तुत प्रकरण में शारीरिक शोषण,मानसिक प्रताड़ना,दहेज प्रताड़ना, सम्पत्ति विवाद आदि से संबंधित थे।

कांकेर (शोर सन्देश)। ग्रामीण पशुपालकों की जागरूकता, गौठान समिति एवं महिला स्व-सहायता समूह की सक्रियता और जिला प्रशासन के मार्गदर्शन से कांकेर जिले के चार गौठान आत्मनिर्भर बन चुके हैं। संभवतः ये छत्तीसगढ़ के पहले गौठान है जो आत्मनिर्भर बने हैं। इन गौठानों में जितने रूपये की गोबर खरीदी की गई है, उससे ज्यादा की कमाई वर्मी कम्पोस्ट बेचकर की जा चुकी है। आत्मनिर्भर बनकर इन गौठानों ने गोधन न्याय योजना की उद्देश्यों को साकार किया है। कांकेर विकासखण्ड के गढ़पिछवाड़ी गौठान में 21 हजार 202 रूपये से 10 हजार 601 किलोग्राम गोबर की खरीदी की गई तथा उससे 67 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जाकर 08 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय कर 54 हजार रूपये की आमदनी प्राप्त की गई है। इसी प्रकार भावगीर नवागांव गौठान में 29 हजार 938 रूपये से 14 हजार 969 किलोग्राम गोबर खरीदा गया और उससे 60 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जाकर 48 हजार रूपये में बेचा गया है। नरहरपुर विकासखण्ड के मानिकपुर गौठान में 25 हजार 596 रूपये से 12 हजार 798 किलोग्राम गोबर की खरीदी की गई तथा खरीदे गये गोबर से 90 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया गया, जिसे बेचकर 72 हजार रूपये की आमदनी प्राप्त की गई है। जिले केेे कोयलीबेड़ा जैसे दूरस्थ अंचल के हरनगढ़ गौठान में 01 लाख 3 हजार 970 रूपये से 51 हजार हजार 985 किलोग्राम गोबर खरीदा गया और उससे ‘दीये’ बनाकर 62 हजार रूपये में गोबर से बने दीये‘ बेचे गये, इस गौठान में 60 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट भी तैयार किया गया, जिसे 48 हजार रूपये में विक्रय किया गया है। इस प्रकार कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के हरनगढ़ गौठान में 01 लाख 10 रूपये की आमदनी प्राप्त की गई है। उल्लेखनीय है कि कांकेर जिले में 197 ग्रामीण गौठानों और 06 शहरी गौठानों में गोधन न्याय योजनांतर्गत गोबर की खरीदी की जा रही है, जिससे 04 हजार 497 पशुपालकों द्वारा 67 हजार 280 क्विंटल गोबर का विक्रय किया जाकर 01 करोड़ 34 लाख 56 हजार 58 रूपये की आमदनी प्राप्त की गई है। गोधन न्याय योजना से प्राप्त राशि से पशुपालकों के जीवन खुशहाली आई है।