ब्रेकिंग न्यूज

देश-विदेश

मेरठ बिल्डिंग हादसा: मलबे में दबकर 10 लोगों की मौत, 5 की हालत गंभीर

15-Sep-2024
मेरठ , ( शोर संदेश ) उत्तर प्रदेश के मेरठ  में शनिवार की शाम को एक बड़ा हादसा हो गया. यहां जर्जर हालत की एक तीन मंजिला बिल्डिंग ढह गई, जिसमें दबकर 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोगों की हालत गंभीर है. मरने वाले सभी एक ही परिवार के थे. बिल्डिंग गिरने के बाद मौके पर भगदड़ मच गई. पुलिस, फायर ब्रिगेड के साथ एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. एहतियातन घटनास्थल के आस-पास के घरों को भी खाली करा लिया गया है.  
यह घटना लोहिया नगर थाना इलाके के जाकिर कॉलोनी की है, जहां ग्राउंड फ्लोर के साथ दो मंजिला बनी एक 35 साल पुरानी बिल्डिंग ढह गई. बताया जा रहा है कि नीचे ग्राउंड फ्लोर पर डेयरी चला करती थी. यहां कई दुधारू पशु भी बंधे हुए थे और घर के सभी लोग ऊपरी दो मंजिलों में रहा करते थे. 
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी टीमों को भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा क्योंकि ये शहर का पुराना इलाका है. यहां की गलियां बहुत ही संकरी है, जिसकी वजह से बड़ी मशीन और बुलडोजर रेस्क्यू के लिए नहीं आ पाए. उनकी जगह नगर निगम की छोटी मशीनों और बुलडोजरों को लाया गया है. बताया जा रहा है कि जबसे मकान गिरा है, तबसे ही बारिश जारी है. 
मेरठ के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया है कि प्रशासन को बिल्डिंग के अंदर मौजूद जिन 15 लोगों की लिस्ट दी गई थी. उन सभी 15 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया है. इनमें से 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच लोगों का गंभीर हालत में अस्पताल में इलाज चल रहा है. हालांकि हम तबतक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखेंगे, जबतक कि मलबा वहां से हट नहीं जाता है.  
मेरठ में भरभराकर गिरा तीन मंजिला मकान, 10 लोगों की मौत
उन्होंने बताया कि मलबे में दबने वालों में केवल एक पुरुष है, जबकि तीन महिलाएं हैं, जिनकी उम्र 18 साल से ज्यादा है. इनके अलावा सभी बच्चे हैं, जिनकी उम्र 18 साल से कम है. डीएम ने बताया कि मलबे में कितने जानवरों की मौत हुई है, इसकी संख्या स्पष्ट नहीं है. लोगों के मुताबिक, मलबे में 10 जानवर दब गए थे, लेकिन हमारा फोकस पहले व्यक्तियों को बचाने का है. 
सीएम योगी ने लिया हादसे का संज्ञान 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने मेरठ में हुए हादसे का संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंच कर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही घायलों के समुचित उपचार के भी निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री के निर्देश पर राहत बचाव की टीमें मौके पर राहत कार्य में जुटी है.

15 सितंबर-13 नवंबर तक धारा 163 लागू, जानें किन-किन चीजों पर रहेगा प्रतिबंध

15-Sep-2024
लखनऊ।  ( शोर संदेश )  उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 14 सितंबर से 13 नवंबर तक योगी सरकार ने धारा 162 लागू कर दी है। आगामी त्योहारों को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने यह आदेश दिया है। इस धारा के तहत वही नियम और प्रतिबंध लागू होते हैं, जो इससे पहले कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू करने पर लग जाते थे। 
इन त्योहारों के कारण लागू है धारा 163
बारावफात, ईद-ए-मिलाद, विश्वकर्मा पूजा, अनंत चतुर्दशी, महात्मा गांधी जयंती, शारदीय नवरात्र, विजयदशमी, दीपावली, दुर्गा पूजा और छठ पूजा जैसे सहित अन्य त्योहारों में भारी भीड़ जुटती है। ऐसे में भारी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। इस वजह से ही प्रदेश में 13 नवंबर तक धारा 163 लागू की गई है।
क्या कहता है धारा 163
धारा 163 लागू होने के बाद लखनऊ में कहीं भी 4 या उससे ज्यादा लोगों की भीड़ नहीं जुटाई जा सकेगी।
बिना अनुमति के धरना-प्रदर्शन करने पर भी रोक लग जाएगी. अनुमति मिलने पर भी निर्धारित धरना स्थल पर ही प्रदर्शन कर पाएंगे।
विधानसभा और राज्य सचिवालय समेत सरकारी दफ्तरों के एक किलोमीटर के दायरे मे ड्रोन से कोई शूटिंग नहीं कर पाएंगे।
लखनऊ की सीमा के अंदर तेज धार वाले, नुकीले शस्त्र या बंदूक-पिस्टल लेकर चलने पर रोक रहेगी, ज्वलनशील पदार्थ लाने- ले जाने पर रोक रहेगी।
सार्वजनिक स्थल पर पुतला जलाना या किसी भी माध्यम से कोई झूठी अफवाह फैलाना आपराधिक कृत्य घोषित किया जाएगा।
धारा 163 लागू होने पर मजिस्ट्रेटी पावर रखने वाले हर अधिकारी को शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए खास अधिकार मिल जाते हैं।

जिद इधर भी, जिधर उधर भी, जानिए बंगाल में ममता और हड़ताली डॉक्टरों के बीच कहां अटकी हुई है बात

15-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ पहले रेप और बाद में मर्डर के मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टर्स और राज्य की ममता सरकार के बीच हर बीतते दिन के साथ तलखी और बढ़ती ही जा रही है. ममता सरकार प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों से बातचीत की कई बार पहल कर चुकी है, लेकिन प्रदर्शन पर बैठे डॉक्टर अपनी शर्तों पर ही बात करने को तैयार दिखे. नतीजतन इन डॉक्टरों और राज्य सरकार के बीच कई प्रयासों के बाद भी कोई बातचीत नहीं हो पा रही है. उधर, दूसरी तरफ प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर और राज्य सरकार के बीच बातचीत को लेकर सहमति न बनने का खिमायाजा अब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है. डॉक्टरों के प्रदर्शन के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही है. 
आखिर कहां फंसी है बात 
शनिवार को शाम को खबर आई कि ममता सरकार और प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर बातचीत करने को तैयार हैं. लेकिन इसके बाद भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत नहीं हो पाई. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आखिर ये बातचीत फंस कहा रही है. दरअसल, राज्य सरकार इस बात से अच्छे से वाकिफ है कि डॉक्टरों के प्रदर्शन का स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है. ऐसे में अगर समय रहते प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर काम पर वापस नहीं लौटे तो इससे समस्या और बढ़ सकती है. वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर अपनी सुरक्षा की मांग और आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर से रेप और हत्या के मामले के आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की जिद पर भी अड़े हुए हैं. 
सीएम ममता बनर्जी ने शनिवार शाम भी प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों को बातचीत का न्योता दिया था.डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल सीएम आवास भी पहुंचा था. लेकिन उनकी मांग थी कि वह सीएम आवास में बातचीत के लिए तभी जाएंगे जब इस पूरी बातचीत की लाइव स्ट्रीमिंग कराई जाएगी. अपनी इस मांग को लेकर प्रदर्शनकारी डॉक्टर 40 मिनट तक सीएम आवास के बाहर ही खड़े रहे. मामले को बिगड़ता देख सीएम ममता बनर्जी बाहर आईं थी और उन्होंने वहां मौजूद डॉक्टरों से कहा था कि वह इस पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग कराएंगी लेकिन वो रिकॉर्डिंग उन्हें अभी नहीं दी जाएगी क्योंकि अभी मामला सुप्रीम कोर्ट में है. लेकिन उनकी इस आश्वासन के बाद भी डॉक्टर नहीं मानें. 
तो क्या इस वजह से लाइव स्ट्रीमिंग के लिए नहीं मानीं ममता 
सीएम आवास पर पहुंचे डॉक्टरों की मांग थी कि सीएम से उनकी बातचीत का लाइव स्ट्रीमिंग कराया जाए लेकिन ममता बनर्जी इस बात के लिए तैयार नहीं थी. उन्होंने इन डॉक्टरों से कहा कि मैं इसकी रिकॉर्डिंग कराऊंगी और ये रिकॉर्डिंग आपको सुप्रीम कोर्ट से इजाजत लेने के बाद दे दी जाएगी. चुकि ये मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है लिहाजा हमारी सरकार इस बातचीत की लाइव स्ट्रीमिंग नहीं करा सकती.
 

पीएम मोदी ने 6 नई वंदे भारत ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

15-Sep-2024
जमशेदपुर। ( शोर संदेश )   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को झारखंड में 6 नई वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखा दी है। इससे पहले पीएम मोदी दौरा जमशेदपुर का था, जो रद्द हो गया है। इसके बाद उन्होंने रांची एयरपोर्ट से ही विभिन्न योजनाओं का ऑनलाइन उद्घाटन किया है। भारी बारिश के कारण यह फैसला लिया गया है। इसी वजह से रोड शो को भी रद्द कर दिया गया। पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार झारखंड के तेज विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
पीएम मोदी बोले- झारखंड के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं
झारखंड रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, झारखंड के तेज विकास के लिए हम कृतसंकल्प हैं। आज सुबह करीब 10 बजे टाटानगर में छह ‘वंदे भारत’ को हरी झंडी दिखाने के साथ-साथ कई और परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन का सौभाग्य मिलेगा। इसके अलावा पीएम आवास योजना-ग्रामीण के लाभार्थियों से जुड़े कार्यक्रम का भी हिस्सा बनूंगा।
21,000 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
पीएम मोदी आज झारखंड में छह वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई है। इसके अलावा वह 21,000 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया है। पीएम के झारखंड दौरे के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पीएम मोदी करीब छह घंटे झारखंड में रहेंगे। पीएम मोदी की सुरक्षा के लिए 3,000 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए हैं।
इन रूट्स पर चलेंगी नई वंदे भारत ट्रेनें
पीएम मोदी जिन वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई है, इनमें बरहामपुर-टाटा, राउरकेला-हावड़ा, देवघर-बनारस, हावड़ा-गया और हावड़ा-भागलपुर के बीच चलेंगी। इन नई वंदे भारत ट्रेनों से देवघर में बैद्यनाथ धाम, वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर, कोलकाता में कालीघाट और बेलूर मठ जैसे धार्मिक स्थलों तक तीर्थयात्रियों को जल्दी पहुंचने में मदद मिलेगी। 

100 स्पेशल ट्रेनों का मिला तोहफा, अब दीपावली और छठ पर घर जाने में होगी सुविधा

15-Sep-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  घर से बाहर रहकर नौकरी व व्यापार करने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है. क्योंकि अब उन्हें दीवाली और छठ पूजा में घर जाने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। इस बार रेलवे ने पहले ही दोनों बड़े त्योहारों पर 100 स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है। ताकि किसी को भी ट्रेन में सीट न मिलने की वजह से अपने घर जाने का प्लान कैंसिल करना पडे. यही नहीं जरूरत पड़ने पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है.. आपको बता दें कि दिवाली, दुर्गा पूजा, छठ पूजा के लिए अभी से रेलवे ने एडवांस रिजर्वेश खोल दिये हैं. ताकि किसी भी मुशाफिर को कोई परेशानी न हो.
चलाई जाएंगी ये ट्रेनें 
दक्षिण रेलवे द्वारा संचालित दो विशेष ट्रेनें तीन महीने – सितंबर, अक्टूबर और नवंबर के लिए साप्ताहिक भी चलाई जाएंगी.  रेलवे के मुताबिक ट्रेन संख्या 06090 संतरागाछी से गुरुवार को रात 11:40 बजे वापस आएगी और तीन दिन बाद सुबह 9:00 बजे डॉ. एमजीआर चेन्नई सेंट्रल पर वापस आएगी. 
दिवाली-छठ पर चलेंगी ये स्पेशल ट्रेन
भारतीय रेलवे ने कहा कि इन ट्रेनों के ठहराव में नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, गाडरवारा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिहोरा रोड, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर और आरा शामिल हैं.
भारतीय रेलवे ने कहा कि जबलपुर-दानापुर-जबलपुर एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन में कुल 16 फेरे होंगे. ट्रेन नंबर 01705 एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन 23 अक्टूबर से 15 नवंबर तक हर बुधवार और शुक्रवार को शाम 19:35 बजे जबलपुर से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 08:45 बजे दानापुर पहुंचेगी.
ट्रेन नंबर 01706 एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन 24 अक्टूबर से 16 नवंबर तक हर गुरुवार और शनिवार को सुबह 11:45 बजे दानापुर से रवाना होगी और अगले दिन आधी रात 00:10 बजे जबलपुर पहुंचेगी. इन ट्रेनों के स्टॉपेज में सिहोरा रोड, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्ज़ापुर, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर और आरा शामिल हैं.

नाथ संप्रदाय के कार्यक्रम में बोले योगी- ज्ञानवापी ही विश्वनाथ धाम है, इसे मस्जिद कहना दुर्भाग्य है

14-Sep-2024
लखनऊ।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ज्ञानवापी विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। गोरखपुर विश्वविद्यालय में नाथ पंथ पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में कहा कि दुर्भाग्य से उस ज्ञानवापी को आज लोग दूसरे शब्दों में मस्जिद कहते हैं लेकिन वास्तव में ज्ञानवापी साक्षात विश्वनाथ जी हैं। यही विश्वनाथ धाम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के लिए अस्पृश्यता एक अभिशाप है। यह न केवल साधना के मार्ग की सबसे बड़ी बाधा है बल्कि राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए भी सबसे बड़ी बाधा है। इस बात को यदि देश के लोगों ने समझा होता तो देश गुलाम नहीं होता।

मुख्यमंत्री, शनिवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और हिन्दुस्तानी एकेडमी उत्तर प्रदेश द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘समरस समाज के निर्माण में नाथपंथ का अवदान’ विषयक दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे। इस मौके पर सीएम ने तीन पुस्तकों और पत्रिकाओं का विमोचन भी किया। इनमें डॉ. पद्मजा सिंह की नाथपंथ पर लिखित पुस्तक और महायोगी गुरु श्री गोरखनाथ शोध पीठ की पत्रिका ‘कुंडलिनी’ शामिल हैं। इसके अलावा एक दिव्यांगजन कैंटीन का उद्घाटन भी हुआ। इस कैंटीन का संचालन दिव्यांगजन ही करेंगे।

उन्होंने कहा कि आचार्य शंकर जब अपने अद्यैत ज्ञान से परिपूर्ण होकर आगे की साधना के लिए काशी में आए तो साक्षात भगवान विश्वनाथ ने उनकी परीक्षा लेनी चाहिए। आदिशंकर, जब ब्रह्ममुहूर्त में गंगा स्नान के लिए जा रहे होते हैं तो वह सबसे अछूत कहे जाने वाले एक सामान्य व्यक्ति के रूप में उनके मार्ग में खड़े हो जाते हैं। स्वाभाविक रूप से आदि शंकर के मुंह निकलता है, 'हटो, मेरे मार्ग से हटो।' इस पर सामने से उस सामान्य व्यक्ति के रूप में वह (भगवान विश्वनाथ) एक प्रश्न पूछते हैं कि आप तो अपने आप को अद्यैत ज्ञान के मर्मज्ञ मानते हैं। आप किसको हटाना चाहते हैं। आपका ज्ञान क्या इस भौतिक काया को देख रहा है या इस भौतिक काया के अंदर छिपे हुए ब्रह्म को देख रहा है?

यदि ब्रह्म सत्य है तो जो ब्रह्म आपके अंदर है, वही ब्रह्म मेरे अंदर भी है। इस ब्रह्म सत्य को जानकर यदि आप इस ब्रह्म को ठुकरा रहे हैं तो इसका मतलब आपका यह ज्ञान सत्य नहीं है। आदि शंकर भौचक थे। उन्होंने पूछा कि आप कौन हैं। इस पर उस सामान्य व्यक्ति ने कहा कि जिस ज्ञानवापी की साधना के लिए आप पैरों से चलकर यहां आए हैं, मैं उसका साक्षात स्वरूप विश्वनाथ हूं। तब वह उनके सामने नतमस्तक होते हैं और उन्हें इस बात अहसास होता है कि यह जो भौतिक अस्पृश्यता है वो न केवल साधना के मार्ग की सबसे बड़ी बाधा है बल्कि राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए भी सबसे बड़ी बाधा है। इस बात को यदि देश के लोगों ने समझा होता तो देश गुलाम नहीं होता। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्भाग्य से उस ज्ञानवापी को आज लोग दूसरे शब्दों में मस्जिद कहते हैं लेकिन वास्तव में ज्ञानवापी साक्षात विश्वनाथ जी हैं। संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने की। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में इंदिरा गांधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी, अमरकंटक के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी भी मौजूद रहे।
 

पीएम आवास में हुआ नन्हें मेहमान 'दीपज्योति' का आगमन, गौमाता ने नव वत्सा को दिया जन्म

14-Sep-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया है और देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया. वीडियो में प्रधानमंत्री अपने आवास पर एक गाय के बछड़े (नव वत्सा) के साथ दिख रहे हैं.प्रधानमंत्री ने बताया कि इस बछड़े का नाम उन्होंने 'दीपज्योति' रखा है.
प्रधानमंत्री ने पोस्ट करते हुए लिखा, 'हमारे शास्त्रों में कहा गया है - 'गाव: सर्वसुख प्रदा'. लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास परिवार में एक नए सदस्य का शुभ आगमन हुआ है. प्रधानमंत्री आवास में प्रिय गौमाता ने एक नए बछड़े को जन्म दिया है, जिसके माथे पर ज्योति का प्रतीक है. मैंने इसका नाम 'दीपज्योति' रखा है.' 
आपको बता दें कि बताते चलें कि पीएम मोदी के आवास पर पुंगनूर नस्ल की गायें रहती हैं जो आंध्र प्रदेश से ताल्लूक रखती है. इनकी हाइट सिर्फ ढाई से तीन फीट तक होती है. पुंगनूर नस्ल का बछड़ा या बछिया जब पैदा होती है तो उसकी हाइट महज 16 इंच से 22 इंच तक होती है. ये गाय अत्यधिक पौष्टिक दूध देती है.

लद्दाख की गलवान वैली सहित चार इलाकों से पीछे हटी चीनी सेना

14-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  चीनी सेना गलवान घाटी सहित चार इलाकों से पीछे हट गई है. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देना चाहते हैं. चीनी सेना ने लद्दाख के गलवान से अपने पैर पीछे कर लिए हैं. चीनी सेना गलवान सहित चार क्षेत्रों से पीछे हट गई है. चीन के विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी. बता दें, शुक्रवार को भारत के एनएसए अजित डोभाल ने चीनी विदेश मंत्री से रूस में मुलाकात की थी, जिसके बाद चीनी सेना पीछे हट गई. 
क्या बोला चीनी विदेश मंत्रालय
चीनी विदेश मंत्रालय ने बताया कि रूस में हुई बैठक के दौरान दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के लिए मिलकर काम करने के लिए सहमत हुए हैं. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि दोनों सेनाएं चार क्षेत्रों से पीछे हटी हैं. सीमा पर स्थिति नियंत्रण में है. चीनी विदेश मंत्रालय ने बताया कि चीन-भारत संबंधों में स्थिरता रहे, यह दोनों देशों के मौलिक और दीर्घकालिक हित में है। क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए यह जरूरी है. उन्होंने आगे कहा कि रूस में हुई बैठक के दौरान समझ और विश्वास को बढ़ाने, संचार बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के सहमति बनी है. 
राष्ट्रपति पुतिन से भी मिले डोभाल
चीनी विदेश मंत्री के अलावा, एनएसए अजित डोभाल ने आज रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की. सेंट पीटर्सबर्ग के कॉन्स्टेंटिनोवस्की पैलेस में उनकी बातचीत हुई. चर्चा के दौरान, पुतिन ने भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों में सुरक्षा मुद्दों के महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने क्षेत्र में संवाद बनाए रखने के लिए भारत का धन्यवाद भी किया. इस दौरान, पुतिन ने प्रस्ताव दिया कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक आयोजित की जाए. बता दें, कजान में 22 अक्टूबर को सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटाला मामले में दर्ज 32 मामले सीबीआई को स्थानांतरित

14-Sep-2024
गुवाहाटी।     ( शोर संदेश )  असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि शुक्रवार को मंत्रिमंडल ने ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटाले के संबंध में दर्ज 32 मामलों को जांच के लिए सीबीआई को स्थानांतरित करने का फैसला किया है। मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ इस मामले पर चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि कुछ प्रक्रियाओं के कारण मामलों को सीबीआई को स्थानांतरित करने में लगभग एक महीने का समय लगेगा। सीएम ने कहा कि 20 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुष और महिलाएं इन कंपनियों का प्रचार करते हैं। इन कंपनियों ने लोगों से शेयर बाजार में निवेश करने पर भारी रिटर्न देने का दावा करते हुए करोड़ों रुपये जुटाए। इसके बाद कंपनियां निवेशकों का भुगतान नहीं कर सकीं।
 

मोदी बोले- जम्मू-कश्मीर को तीन खानदानों ने बर्बाद किया

14-Sep-2024
नई दिल्ली.    ( शोर संदेश )  जम्मू-कश्मीर चुनाव से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने डोडा रैली में महबूबा मुफ्ती और उमर उब्दुल्ला पर जमकर निशाना साधा. पीएम मोदी ने मंच से जो कुछ कहा उससे कश्मीर के दोनों बड़े घरानों की इन चुनावों में पॉलिटिकल मंशाओं पर पानी फेर दिया है. उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में यह बयान दिया था कि वो कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाकर रहेंगे. महबूबा भी आर्टिकल-370 हटाए जाने को लेकर बीजेपी के खिलाफ आग उगलती रही हैं. रैली ने पीएम नें खुद ही यह कह दिया कि जम्मू-कश्मीर को वो पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का काम करेंगे. पीएम ने इसे मोदी की गारंटी बताया.

जम्मू-कश्मीर चुनाव 18 सितंबर को होने हैं. मंच से पीएम ने कहा, ‘जम्मू कश्मीर में रहने वाला कोई भी व्यक्ति चाहे वो किसी भी मजहब का हो, किसी भी वर्ग का हो, भाजपा की प्राथमिकता है आपके हर अधिकार की रक्षा. ये मोदी की गारंटी है. जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का काम भी भाजपा सरकार ही करेगी, लेकिन आपको ऐसे लोगों से सावधान रहना है, जो अपने स्वार्थ के लिए आपका अधिकार छीनते रहे हैं.’ बता दें कि इन चुनावों में महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला घाटी से आर्टिकल-370 हटाए जाने को सबसे बड़ा मुद्दा बना रहे हैं. इस मसले पर दोनों दल खुद को लोगों का सबसे बड़ा हितेशी बताने की कोशिश में लगे हैं.

पीएम ने जम्मू-कश्मीर चुनाव की रैली में यह माना कि जम्मू-कश्मीर के लोगों का यह हक है कि राज्य को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले. पीएम ने कहा, ‘जम्मू कश्मीर का इस बार का विधानसभा चुनाव तीन खानदानों और जम्मू-कश्मीर के नौजवानों के बीच में है. एक खानदान कांग्रेस का है, एक खानदान नेशनल कॉन्फ्रेंस का है, एक खानदान पीडीपी का है। जम्मू-कश्मीर में इन तीन खानदानों ने मिलकर आप लोगों के साथ जो किया है वो किसी पाप से कम नहीं है। पीएम ने कहा कि आप याद करिए वो समय, जब दिन ढलते ही यहां अघोषित कर्फ्यू लग जाता था. हालत ये थे कि तब कांग्रेस की केंद्र सरकार के गृहमंत्री तक लाल चौक जाने से डरते थे. जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है. पिछले 10 साल में यहां जो बदलाव आया है, वो किसी सपने से कम नहीं है.
 


Feedback/Enquiry



Log In Your Account