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विनेश फोगाट का बड़ा बयान, कहा- ‘बृजभूषण सिंह इसलिए टिका है...

19-Sep-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )    जुलाना सीट से कांग्रेस उम्मीदवार विनेश फोगाट इन दिनों जोरों से हरियाणा विधानसभा चुनाव में प्रचार में जुटी हैं। इस बीच उन्होंने बीजेपी के नेता और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह को निशाने पर लिया है। 
विनेश फोगाट ने कहा कि ‘आपको सिस्टम में जाना होगा। बृजभूषण सिंह इसलिए टिका है, क्योंकि वे राजनीतिक रूप से शक्तिशाली हैं। अगर हमारे पास सत्ता नहीं है, तो दो साल का संघर्ष पानी में बह जाएगा। हमें भी इसलिए ताकतवर होना चाहिए।’ बता दें कि विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया सहित कई अन्य खिलाड़ियों ने भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कुश्ती खिलाड़ियों से यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए दिल्ली में प्रदर्शन किया था। इसके बाद सिंह के खिलाफ पुलिस ने यौन उत्पीड़न का केस दर्ज किया।
पेरिस ओलंपिक से भारत लौटने के बाद विनेश 6 सितंबर को बजरंग पूनिया के साथ कांग्रेस में शामिल हो गईं। कांग्रेस ने विनेश को जुलाना सीट से उम्मीदवार बनाया है। प्रदर्शन को लेकर विनेश ने कहा कि लोगों को लगता है कि हमने जो किया वो उनकी बेटियों और उनके परिवारों के लिए था। ओलंपिक में सफलता मिलना व्यक्तिगत होता है। जब हम दूसरों के लिए कुछ करते हैं, तो लोग प्यार लौटाते हैं। मुझे इतने प्यार और समर्थन की उम्मीद नहीं थी। विनेश फोगाट ने ये बातें इंडियन एक्सप्रेस से खास बातचीत में कही।

क्या है इजरायल की यूनिट 8200, जिसने करा दिए पेजर और वॉकी-टॉकी में धमाके

19-Sep-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  लेबनान में पेजर अटैक और वॉकी-टॉकी में विस्फोट कराकर हलचल मचाने वाले इजरायल ने पूरी दुनिया को एक बार फिर से चौंका दिया है। अब तक इजरायल ने ऐंटी-मिसाइल अटैक वाली आयरन डोम तकनीक या फिर बम बरसाने में ही महारत हासिल की थी, लेकिन इस बार उसने टेक्नोलॉजी वारफेयर के जरिए दुश्मन पर कहर बरपाया है। कुछ ही सेकेंड्स के अंदर पूरे लेबनान में करीब 5000 पेजर फट गए, जिनमें 9 लोगों की मौत हो गई और लगभग 2000 लोग जख्मी हो गए। यही नहीं बाद में वॉकी-टॉकी फटने से भी 14 लोगों की मौत हुई है। ये दोनों हमले लगातार दो दिनों के अंदर हुए हैं।
इन हमलों के बीच इजरायल की सीक्रेटिव यूनिट 8200 की चर्चा जोरों पर है। यह इजरायली सेना की इंटेलिजेंस यूनिट है, जिसे लेकर पश्चिमी देशों का कहना है कि उसने ही लेबनान में ये अटैक कराए हैं। अब तक इजरायल ने इन हमलों को लेकर चुप्पी ही बनाए रखी है, लेकिन पश्चिमी देशों और लेबनान को संदेह है कि इसे इजरायल की सीक्रेटिव यूनिट ने ही अंजाम दिया है। जानकारों का कहना है कि 5000 पेजरों पर एक साथ अटैक हुआ था और उनके अंदर करीब 3 ग्राम विस्फोटक रखा गया था।
एक पश्चिमी सुरक्षा सूत्र का कहना है कि यूनिट 8200 का ताल्लुक इजरायल की सेना से है। इसकी कमान मोसाद पर नहीं है। इसी ने हिजबुल्लाह पर इस तरह का भीषण तकनीकी हमला किया है। सूत्र ने कहा कि यूनिट 8200 ही लंबे समय से इसकी स्टडी कर रही थी कि कैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज में विस्फोटक रखा जा सकता है। इजरायल की सेना ने अब तक इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की है। इसके अलावा पीएम ऑफिस की ओर से भी कुछ नहीं कहा गया है, जिसे मोसाद रिपोर्ट करती है।
इजरायली डिफेंस ऐंड सिक्योरिटी फोरम के रिसर्च डायरेक्टर योसी कुपरवासर ने कहा कि यह साफ नहीं है कि हमले में मिलिट्री इंटेलिजेंस यूनिट शामिल थी। लेकिन उन्होंने कहा कि टीम 8200 के मेंबर इजरायली सेना के सबसे शार्प कमांडर होते हैं। इस यूनिट में युवा और खास सैनिकों को ही शामलि किया जाता है। इनकी जिम्मेदारी इंटेलिजेंस जुटाने की भी होती है। 2018 में इजरायल की इसी यूनिट ने इस्लामिक स्टेट के एक एयर अटैक को नेस्तनाबूद कर दिया था।

हरियाणा चुनाव में कांग्रेस को भारी न पड़ जाए कुमारी सैलजा की नाराजगी

19-Sep-2024
चंडीगढ़।   ( शोर संदेश )  हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की अंदरूनी कलह एक बार फिर से सामने आ गई है। विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद सिरसा लोकसभा सीट से सांसद कुमारी सैलजा काफी एक्टिव दिखाई दे रही थी। लेकिन अब उन्होंने इस चुनाव से दूरी सी बना ली है। सैलजा न तो कांग्रेस के घोषणा पत्र जारी करने के समय दिखाई दीं और न ही वो अब चुनाव प्रचार कर रही हैं। सैलजा की इस नााजगी का कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है। दरअसल टिकट बंटवारे से लेकर अबतक जो घटनाक्रम हुए उन सब में हुड्डा को तवज्जो मिली है। सैलजा न तो अपने समर्थकों को टिकट दिलवा पाई और अब हुड्डा गुट के समर्थकों की ओर की गईं टिप्पणियों से वह आहत हैं।
कुमारी सैलजा हरियाणा में कांग्रेस का बड़ा दलित चेहरा हैं। वो अनुसूचित जाति से आती हैं। हरियाणा की 21 ऐसी विधानसभा सीटे हैं जहां कुमारी सैलजा का प्रभाव है। लेकिन कांग्रेस समर्थकों की टिप्पणियों के बाद से उन्होंने चुनावी कैंपेन से दूरी बना ली है। उन्होंने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी या बयान भी नहीं दी है। सैलजा की इस खामोशी ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है।
क्यों नाराज है सैलजा
नारनौंद में कांग्रेस उम्मीदवार जस्सी पेटवाड़ के नामांकन कार्यक्रम में एक समर्थक ने कुमारी सैलजा पर जातिगत टिप्पणी की थी। इस मामले ने तूल पकड़ा और जगह-जगह विरोध भी हुआ। बताया जा रहा है कि सैलजा इस बात से नाराज चल रही हैं। वहीं उनकी नाराजगी की वजह टिकट वितरण को भी माना जा रहा है। कांग्रेस हाईकमान ने हुड्डा समर्थकों को तवज्जो देते हुए 90 में से 72 सीटों पर उनके समर्थकों को टिकट दी है। वहीं सैलजा ने 35 सीटें मांगी थी, लेकिन उनके सिर्फ 10 समर्थकों को टिकट दी गई।

अगर 2029 में एक साथ हुए चुनाव तो 17 राज्यों में 3 साल या उससे कम समय तक रहेगी सरकार

19-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  मोदी सरकार के कैबिनेट ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार के 100 दिन होने पर की गई एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा था कि इस सरकार में एक राष्ट्र, एक चुनाव लागू किया जाएगा। यह पिछले तीन लोकसभा चुनावों में बीजेपी के घोषणापत्र का वादा रहा है। लेकिन यह कैसे लागू होगा, कब होगा और क्यों ऐसा हो रहा है? ऐसे कई सवाल हैं। कांग्रेस ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को संविधान के खिलाफ बताया है। 
पिछले साल मोदी सरकार ने लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और नगर निगमों के चुनाव एक साथ कराने के तरीके सुझाने के लिए कोविंद कमेटी गठित की थी।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली इस कमेटी ने लोकसभा चुनाव से पहले इस साल मार्च में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें अलग-अलग संवैधानिक संशोधनों की सिफारिश की गई थी। इस कमेटी ने सिफ़ारिश की थी कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराए जा सकते हैं और इसके 100 दिनों के अंदर स्थानीय निकायों के चुनाव कराए जा सकते हैं। 
बीजेपी बिल को कैसे कराएगी पास? 
बीजेपी के पास लोकसभा में 240 सीटें हैं। बहुमत के लिए उसे टीडीपी, जनता दल (यूनाइटेड) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) जैसे सहयोगियों पर निर्भर रहना पड़ता है। अब ऐसे भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि एक साथ चुनाव कराने की बीजेपी की योजना उसके सहयोगी दलों का समर्थन मिलेगा या नहीं? लेकिन भाजपा खेमे का कहना है कि ये सभी सहयोगी इसके लिए तैयार हैं। 
अगर 2029 में एक साथ हुए चुनाव?
अगर 2029 में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ होना है तो इसके लिए प्रक्रिया अभी से शुरू हो जानी चाहिए। अगर इससे जुड़ी सारी पेचीदगी को 2029 से पहले सुलझा लिया जाता है और यह करने के लिए देश पूरी तरह तैयार दिखाई देता है तो कई राज्य विधानसभाओं को उनके पांच साल के कार्यकाल से पहले भंग कर दिया जाएगा। यानी उनका कार्यकाल पूरा होने से काफी पहले चुनाव के लिए राज्य को तैयार होना होगा। 
पिछले साल जिन 10 राज्यों में नई सरकारें बनीं उनमें 2028 में फिर से चुनाव होंगे और नई सरकारें लगभग एक साल या उससे भी कम समय तक सत्ता में रहेंगी। ये राज्य हिमाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा, कर्नाटक, तेलंगाना, मिजोरम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान हैं। 
उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात में चुनाव 2027 में होने हैं यानी इन राज्यों में 2027 में बनने वाली सरकारें दो साल या उससे कम समय तक चलेंगी। इसी तरह पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम और केरल में चुनाव 2026 में होने हैं। यहां ऐसी सरकारें होंगी तीन साल तक चल पाएंगी। 
केवल अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा में जहां इस साल चुनाव हो चुके हैं या हो रहे हैं पांच साल तक एक ही सरकार चल सकती है।

राष्ट्रपति को पसंद आई कोसा और महेश्वरी, खरीदी 33 हजार की 2 साड़ी

19-Sep-2024
भोपाल।   ( शोर संदेश )  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिवसीय दौरे पर बुधवार 18 सितंबर को मध्यप्रदेश आईं। इंदौर में मृगनयनी एम्पोरियम में हाथकरघा पर बनी रेशम, कॉटन की चंदेरी व महेश्वरी साडिय़ां देखीं। और यहां उपस्थित सभी कलाकारों और बुनकरों से मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने कर्मचारी से साड़ी चुनने कहा तो, कर्मचारी ने हल्की पिंक महेश्वरी साड़ी पसंद कर दी। मुर्मु ने एक और साड़ी खरीदी और यूपीआइ से 33 हजार रुपए का बिल पे किया। उन्होंने जनजातीय क्षेत्र के हस्तशिल्पी, बुनकरों से चर्चा की।
भोपाल निवासी गोंड चित्रकार पद्मश्री दुर्गाबाई श्याम, और झाबुआ के कलाकार दंपती पद्मश्री रमेश व शांति परमार से प्रभावित हुईं। उनकी कला को सराहा। मुर्मू ने कहा, हमारी संस्कृति को संजो कर रखने की जरूरत है। इस दौरान गोंडी भित्ति चित्रकार दुर्गा श्याम ने उन्हें अपनी बनाई हुई पेंटिंग गिफ्ट की तो वहीं, झाबुआ की परमार दंपती ने अपनी प्रसिद्ध झाबुआ की गुड़िया और जनजातीय प्रतीक चिन्ह राष्ट्रपति को भेंट किया।
सीएम ने तोहफे में दी चंदेरी साड़ी
मृगनयनी के स्टाफ ने बताया कि राष्ट्रपति को कोसा सिल्क और महेश्वरी सिल्क की दो साड़ियां पसंद आईं। उन्होंने ये दोनों ही साड़ियां खरीदीं। इनमें से एक साड़ी 14 और एक साड़ी की कीमत 19 हजार रुपए है। इस तरह राष्ट्रपति ने कुल 33 हजार रुपए की दो साड़ियों की खरीदारी की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी राष्ट्रपति को अपनी ओर से चंदेरी साड़ी तोहफे के रूप में दी। इस दौरान राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी मौजूद थे।
 

टेलीकॉम कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली एजीआर बकाया वसूली पर राहत

19-Sep-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  सुप्रीम कोर्ट ने वोडाफोन समेत बड़ी टेलिकॉम कंपनियों को बड़ा झटका देते हुए बकाया (एजीआर) वसूली से जुड़ी उनकी क्यूरेटिव याचिका को खारिज कर दिया है. टेलिकॉम कंपनियों पर सरकार का करीब 1.7 लाख करोड़ बकाया है. टेलिकॉम कंपनियों ने एजीआर वसूली में गड़बड़ी की शिकायत पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन कोर्ट ने एक बार फिर उनकी याचिक खारिज कर दी. यह वोडाफोन के लिए बड़ा झटका है. क्योंकि अकेले वोडाफोन की करीब 70 हजार करोड़ रुपये की देनदारी बनती है. 
सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में भी टेलिकॉम कंपनियों की याचिका को खारिज कर दिया था. तब सुप्रीम कोर्ट ने कंपनियों को 92 हजार करोड़ रुपये तीन महीने के अंदर जमा करने का आदेश दिया गया था. इस आदेश के खिलाफ टेलिकॉम कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा फिर खटखटाया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर एक और आदेश जारी कर कंपनियों को 10 साल की अवधि में सारा बकाया जमा करने को कहा था.
इसके खिलाफ कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट मे रिव्यू पिटिशन फाइल की थी, जो रद्द हो गई थी. 2023 मे कंपनियों ने फिर क्यूरेटिव पिटिशन के जरिए राहत की मांग की थी, लेकिन गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने इसे भी खारिज कर दिया. बता दें कि क्यूरेटिव याचिका को जज चैंबर में सुनते हैं. कंपनियों ने चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ से गुजारिश की थी कि इस मामले की सुनवाई ओपन कोर्ट में की जाए, जिसे भी कोर्ट ने खारिज किया. 30 अगस्त को चीफ जस्टिस चंद्रचूड़, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस गवई की बेंच बैठी थी. चैंबर में यह फैसला लिया गया कि याचिका में मेरिट नहीं है. ओपन कोर्ट में सुनवाई की मांग को भी खारिज कर दिया गया. 

चुनाव प्रचार में दिख रहा विनेश फोगाट का अलग अंदाज, कितनी मुश्किल है जीत की राह?

18-Sep-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  हरियाणा के विधानसभा चुनाव में जिस सीट की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है जींद जिले में पड़ने वाली जुलाना सीट। इस सीट की चर्चा इसलिए ज्यादा है क्योंकि यहां से पहलवान विनेश फोगाट कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। विनेश फोगाट के लिए पूरे भारत और विशेषकर हरियाणा में सहानुभूति की जबरदस्त लहर तब दिखाई दी थी, जब वह सिर्फ 100 ग्राम वजन ज्यादा होने की वजह से ओलंपिक का फाइनल नहीं खेल सकी थीं जबकि सेमीफाइनल में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था।
चुनाव प्रचार के अलावा विनेश फोगाट के लिए जुलाना में चुनावी लड़ाई कितनी मुश्किल है। चुनावी लड़ाई में कितने रणबांकुरे हैं और जुलाना के जातीय समीकरण क्या हैं, इस बारे में भी हम खबर में बात करेंगे। 
जुलाना में है विनेश की ससुराल
चुनाव प्रचार के दौरान विनेश फोगाट का जुलाना में अलग ही अंदाज देखने को मिलता है। यहां याद दिलाना होगा कि विनेश फोगाट मूल रूप से हरियाणा के चरखी दादरी जिले के बलाली गांव की रहने वाली हैं लेकिन उनकी ससुराल जुलाना में है। चुनाव प्रचार के दौरान विनेश जब जुलाना हलके के गांवों में जाती हैं, तो बुजुर्गों (हरियाणा में ताऊ और ताई) से बड़े भावनात्मक अंदाज में मिलती हैं।
चुनाव प्रचार के दौरान विनेश खुद को जुलाना की बहू भी बताती हैं और लोगों को भरोसा दिलाती हैं कि वह उनके साथ हमेशा खड़ी रहेंगी।  
विनेश का जगह-जगह पगड़ी पहनकर स्वागत किया जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान विनेश के कार्यक्रमों में काफी लोग भी दिखाई देते हैं। हरियाणा के ताऊ और ताई घरों से बाहर निकाल कर उन्हें आशीर्वाद देने आते हैं और उनके सिर पर प्यार से हाथ रखते हैं। जबकि छोटे बच्चों से लेकर नौजवान तक उनके साथ सेल्फी लेना चाहते हैं।
चुनाव प्रचार को कवर करने पहुंचे पत्रकार जब जुलाना हलके के गांवों में महिलाओं से बात करते हैं तो वे कहती हैं कि वे सब विनेश के साथ हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जुलाना में विनेश फोगाट के लिए चुनावी लड़ाई कितनी मुश्किल है?
कौन-कौन हैं चुनावी रण में?
जुलाना सीट पर बीजेपी ने योगेश बैरागी, आम आदमी पार्टी ने महिला रेसलर कविता दलाल, जेजेपी ने अमरजीत ढांडा और इनेलो-बसपा ने डॉक्टर सुरेंद्र लाठर को उम्मीदवार बनाया है। विनेश फोगाट और कांग्रेस के लिए यहां जो मुश्किल दिखाई देती है वह यह है कि कांग्रेस पिछले 15 साल से यहां पर चुनाव नहीं जीती है। 2019 के विधानसभा चुनाव में तो कांग्रेस यहां तीसरे नंबर पर रही थी। पिछले चुनाव में जेजेपी के उम्मीदवार अमरजीत ढांडा ने यहां 24000 से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की थी।

गृह मंत्री अमित शाह का अग्निवीरों को लेकर बड़ा ऐलान

18-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  सेना में भर्ती के लिए केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई अग्निपथ योजना को लेकर कई युवाओं में नाराजगी थी. इस नाराजगी का असर बीते लोकसभा चुनाव में बीजेपी के उठाना भी पड़ा था. हरियाणा में पार्टी को 10 में से महज 5 सीट पर ही संतोष करना पड़ा था. लेकिन अब केंद्र सरकार और बीजेपी युवाओं के लिए शुरू की गई इस खास योजना को लेकर लगातार अपडेट कर रही है. इसी कड़ी में अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अग्निवीरों को लेकर बड़ा ऐलान किया है.  
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हरियाणा में एक चुनावी रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों के लिए एक बहुत बड़ा ऐलान कर डाला. दरअसल सेना से आने वाले हर अग्निवीर को लेकर केंद्र सरकार की ओर से नौकरी दिए जाने का ऐलान किया गया है. अमित शाह ने कहा कि देश में अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी रिजर्वेशन भी कर दिया गया है. 
अमित शाह के ऐलान के मुताबिक देश के हर अग्निवीर को नौकरी जरूर मिलेगी. 20 फीसदी आरक्षण से जो अग्निवीर बच जाएंगे उन्हें हरियाणा में ही नौकरी दी जाएगी. ऐसे में हर अग्निवीर की नौकरी पक्की है. 
बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना की शुरुआत की गई थी. इस योजना का मकसद ज्यादा से ज्यादा युवाओं देश सेवा के लिए प्रेरित करना और उनका उज्जवल भविष्य तैयार करना था. इस योजना में सिर्फ चार वर्ष के लिए सैनिकों की भर्ती करने का प्रावधान किया गया. 
इसके साथ ही इसमें 25 फीसदी को नियमित सेवा में बनाए रखने का भी प्रावधान है. इस योजना के तहत जिन लोगों को भर्ती किया जाएगा उन्हें अग्निवीर कहा जाएगा. हालांकि इसकी लॉन्चिंग के साथ ही इसका देश के कई हिस्सों में विरोध भी शुरू हो गया. राजनीतिक दलों ने इस योजना में कमियों को लेकर सवाल उठाए थे. इसके बाद से ही सरकार इस पर लगातार अपडेट भी कर रही है. 

अमेरिका में भी छाए पीएम मोदी: चुनाव प्रचार के बीच डोनाल्ड ट्रंप बोले- अगले सप्ताह मिलूंगा

18-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  अमेरिका में नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं. डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच मुख्य रूप से मुकाबला है. दोनों ही नेता चुनाव के लिए जोरों-शोरों से प्रचार कर रहे हैं. चुनाव प्रचार के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिया. ट्रंप ने कहा कि वह पीएम मोदी से मिलने वाले हैं.
जानकारी के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को अमेरिकी शहर मिशिगन पहुंचे थे. यहां वे एक चुनावी कार्यक्रम में अमेरिकी व्यापारियों को संबोधित कर रहे थे. अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि वह अगले सप्ताह नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. हालांकि. ट्रंप ने यह नहीं बताया कि दोनों नेता अमेरिका में कहां मिलेंगे. बता दें, नरेंद्र मोदी 21 सितंबर को तीन दिवसीय दौरे पर अमेरिका जाने वाले हैं. 
प्रचार के बीच क्यों लिया पीएम मोदी का नाम
अमेरिकी चुनाव प्रचार में पीएम मोदी का नाम लेना ट्रंप की रणनीति हो सकती है और इसकी दो बड़ी वजह हैं. पहला- पीएम मोदी से घनिष्ठता दिखाकर ट्रंप अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय को रिझाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे चुनावों में भारतीय समुदाय के वोटरों का झुकाव ट्रंप की ओर रहे. इसके अलावा, दूसरा बड़ा कारण है- भारत का बाजार. भारत एक बड़ा बाजार है. अमेरिकी व्यापारी भारत के बाजार में आना चाहते हैं. ऐसे में पीएम मोदी से दोस्ती जाहिर करके वे व्यापारियों को विश्वास दिलवा पाएंगे कि पीएम मोदी उनके दोस्त हैं और सरकार में आने के बाद ट्रंप भारत के बाजारों में उनकी पहुंच को आसान करेंगे. 
संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे पीएम मोदी
पीएम मोदी का अमेरिका दौरा 21 सितंबर से शुरू हो रहा है. पीएम मोदी यहां वार्षिक क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. पीएम मोदी इस दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे. भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक पीएम मोदी 22 सितंबर को न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय की एक सभा को भी संबोधित करेंगे. 
क्वाड शिखर सम्मेलन में भी होंगे शामिल
इसके अलावा, वार्षिक क्वाड शिखर सम्मेलन का आयोजन अमेरिका के डेलावेयर में होगा. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन इसकी मेजबानी करेंगे. क्वाड सम्मेलन में पीएम मोदी और बाइडन के अलावा, ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज और उनके जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा भी शामिल होंगे. 
कब-कब मिले ट्रंप और मोदी
पीएम मोदी और ट्रंप आखिरी बार साल 2020 में मिले थे. ट्रंप जब भारत आए थे. पीएम मोदी ने मुलाकात को पार्थ ब्रेकिंग बताया था. जी20 शिखर सम्मेलन से पहले साल 2019 में पीएम मोदी ने जापान में ट्रंप से मुलाकात की थी. दोनों नेता के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हुई थी. इससे पहले साल 2017 में आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं ने फिलिपींस के मनीला में मुलाकात की थी.
 

राजौरी में बड़ा हादसा, सेना का वाहन गहरी खाई में गिरा, एक जवान शहीद चार घायल

18-Sep-2024
राजौरी।  ( शोर संदेश )   जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में बड़ा हादसा हो गया। भारतीय सेना का वाहन एक गहरी खाई में गिर गया। इस हादसे में एक जवान शहीद हो गया और चार घायल हो गए। बताया जा रहा है कि यह दुर्घटना उस समय हुई जब सेना का वाहन पहाड़ी मार्ग पर चलते हुए अचानक नियंत्रण खोकर खाई में जा गिरा। इस हादसे में जवान बलजीत सिंह शहीद हो गए है। सेना ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
जानकारी के अनुसार सेना का वाहन एक गहरी खाई में गिर गया। इस दुर्घटना में पांच जवान जख्मी हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां एक जवान का निधन हो गया। व्हाइट नाइट कोर ने एक्स पर पोस्ट किया कि सभी रैंक लांस नायक बलजीत सिंह के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं जो मंजाकोट, राजौरी के पास आतंकवाद विरोधी ड्यूटी के दौरान एक दुखद सड़क दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले बहादुर थे।
दुर्घटना की जानकारी मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचा। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। गंभीर रूप से घायल दो जवानों को सेना के विशेष अस्पताल में रेफर किया है। हादसे में गाड़ी को भी काफी नुकसान हुआ है।


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