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राहुल गांधी की टिप्पणी पर फूटा गुस्सा, अजमेर में पुलिस और प्रदर्शनकारी आपस में भिड़े

04-Jul-2024
जयपुर।  ( शोर संदेश )  कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा हिंदुओं पर दिए गए बयान के बाद देशभर में बवाल मचा हुआ है। राजस्थान में भी बुधवार को लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और हिंदू संगठनों ने प्रदेशभर में कई जगह विरोध-प्रदर्शन किया। अजमेर में राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान सकल हिंदू समाज के लोग और पुलिसकर्मी आपस में भिड़ गए।
वहीं, बांसवाड़ा, झालावाड़, राजसमंद सहित कई जिलों में हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया और राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द करने की मांग की। बता दें कि सोमवार को लोकसभा में राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हो रही चर्चा में हिस्सा लेते हुए कथित तौर पर हिंदुओं को हिंसक बताया था। उनके इस बयान से हिंदुओं में आक्रोश व्याप्त है।
अजमेर में प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के बाहर मानव श्रृंखला बनाकर राहुल गांधी के खिलाफ विरोध जताया। जिससे कलेक्ट्रेट के सामने वाली सड़क पर जाम लग गया। तभी एक निजी बस को रास्ता देने पर पुलिस और प्रदर्शनकारी आपस में भिड़ गए। इस दौरान सिविल लाइन थाना प्रभारी छोटूलाल और उप महापौर नीरज जैन के बीच जमकर बहस हुई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और थाना अधिकारी को घेर लिया गया। हालांकि, कुछ देर बार मामला शांत हो गया। इसके बाद जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर के नाम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा।
यहां भी राहुल के खिलाफ जमकर नारेबाजी
अजमेर के अलावा हिंदू संगठनों ने बुधवार को बांसवाड़ा, झालावाड़ और राजसमंद में भी विरोध प्रदर्शन किया। बांसवाड़ा में हिंदू समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट चौराहे पर नारेबाजी करते हुए राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन। झालावाड़ में बीजेपी और हिंदू संगठनों के साथ मिलकर मिनी सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया और राहुल गांधी की सदस्यता खत्म करने की मांग की। वहीं, राजसमंद में सर्व हिंदू समाज के लोगों कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए राहुल गांधी के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान भाजपा और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।

आईटीआर फाइल करने से पहले फॉर्म-16 में ये चीजें चेक करना न भूलें

04-Jul-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने की आखिरी डेट आने वाली है। ऐसे में सभी टैक्सपेयर को लेट फाइलिंग और पेनल्टी से बचने के लिए समय के भीतर ही आईटीआर फाइल करना चाहिए। अगर आप सैलरीड टैक्सपेयर्स है तो आपको रिटर्न फाइल करने से पहले फॉर्म-16 (फार्म-16) में दी गई जानकारी को जरूर चेक कर लेना चाहिए।
आपको बता दें कि सैलरीड टैक्सपेयर्स के लिए फॉर्म-16 बहुत जरूरी डॉक्यूमेंट होता है। इसके बिना आईटीआर फाइल नहीं किया जा सकता है। आज हम आपको बताएंगे कि टैक्सपेयर्स को फॉर्म-16 में क्या-क्या चेक करना चाहिए, उससे पहले जान लेते हैं कि फॉर्म-16 में कौन-कौन सी जानकारी शामिल होती है।
फॉर्म-16 में होती है ये जानकारी
टैक्सपेयर्स की ग्रॉस इनकम
नेट इनकम डिटेल्स
टीडीएस की जानकारी
ये जानकारी जरूर चेक करें
टैक्सपेयर को फॉर्म-16 में दी गई टीडीएस डेटा को चेक करना चाहिए। कंपनी द्वारा एंप्लॉयर की सैलरी से कई तरह के टैक्स काटे जाते हैं। पूरे साल में कंपनी ने कर्मचारी की सैलरी से कितना टैक्स या टीडीएस काटा है इसकी जानकारी फॉर्म-16 में होती है।
फॉर्म-16 में मौजूद टीडीएस डेटा को फॉर्म 26एएस और एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (एआईएस) से क्रॉस चेक करना चाहिए। इन दोनों फॉर्म की डिटेल्स मैच होनी चाहिए। अगर यह मिसमैच है तो सैलरीड पर्सन को रिटर्न फाइल नहीं करना चाहिए।
फॉर्म-16 में है गलत जानकारी
अगर करदाता को लगता है कि फॉर्म-16 में कोई भी डिटेल्स गलत है तो ऐसे में उसे रिटर्न फाइल नहीं करना चाहिए। दरअसल, अगर गलत जानकारी के साथ आईटीआर फाइल करते हैं तो रिटर्न के डिफेक्टिव होने का खतरा रहता है। इसके अलावा अगर कोई गलत जानकारी होती है तो आयकर विभाग द्वारा नोटिस भी भेजा जा सकता है।
वहीं अगर टैक्सपेयर ने जॉब चेंज किया है तो उसे अपनी कंपनी से फॉर्म-16 जरूर लेना चाहिए। इसके बाद आपको पुरानी कंपनी और नई कंपनी द्वारा दिए गए फॉर्म-16 के डेटा को चेक करना चाहिए।

बादल छाए रहेंगे, तेज हवाएं और बारिश...यूपी-दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में मौसम हाल…..

04-Jul-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) देश में मानसून तय समय से पहले ही पहुंच गया है. 6 दिन पहले से ही मानसून ने पूरे देश को भिगा दिया है. राजस्थान, हरियाणा, पंजाब के बचे हिस्सों में भी मंगलवार को बारिश हुई. मंगलवार (2 जुलाई) शाम को दिल्ली एनसीआर के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई. 
उत्तर प्रदेश में भी मानसून ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं. उत्तराखंड और हिमाचल में भी लगातार बारिश हो रही है. आइये जानते हैं कि आज का मौसम कैसा रहने वाला है. 
जानें कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम 
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में बुधवार को बादल छाए रहेंगे. इस दौरान बारिश हो सकती है और तेज हवाएं भी चल सकती है. ये हवाएं 25 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं. 4 से 8 जुलाई तक दिल्ली में हल्की बारिश हो सकती है. इस दौरान दिल्ली का अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री के बीच रह सकता है. 
उत्तर प्रदेश में हो सकती है बारिश 
बारिश की वजह से उत्तर प्रदेश में भी लोगों ने राहत की सांस ली है. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी आज भी बारिश हो सकती है. 
हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड के लिए जारी हुआ अलर्ट 
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्ट जारी कर दिया है. यहां 6 जुलाई तक भारी बारिश हो सकती है. उत्तराखंड में भी भारी बारिश हो सकती है. इसको लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. 
जानें पंजाब और हरियाणा का हाल 
दिल्ली में बदलते मौसम का असर पंजाब और हरियाणा में भी देखने को मिल रहा है. यहां पर 6 जुलाई तक गरज चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है. 
MP और राजस्थान में भी बारिश का अनुमान 
मध्य प्रदेश में मानसून बारिश का दौर जारी है. यहां पर भी 6 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावा राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी इलाके में भारी बारिश हो सकती है. इसको लेकर भी येलो अलर्ट जारी किया गया है.

शराब से पानी तक घोटाला 'आप' ने किया, शिकायत कांग्रेस ने की और गाली मुझे: पीएम मोदी

03-Jul-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी पर जोरदार प्रहार किया। राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने आम आदमी पार्टी की शिकायत की और उन्हें कोर्ट तक घसीटा, अब जब कार्रवाई हो रही है तो गाली उन्हें दी जा रही है। पीएम ने कांग्रेस पार्टी से सवाल किया कि जो सबूत उन्होंने आम आदमी पार्टी के खिलाफ दिए थे क्या वे झूठे थे?

पीएम मोदी ने कहा, 'केंद्र की जांच एजेंसियों पर आरोप लगाए गए हैं। कहा गया कि सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। भ्रष्टाचार करें 'आप', शराब घोटाला करे 'आप', बच्चों के क्लासरूम बनाने में घोटाला करे 'आप', पानी में घोटाला करे 'आप', आप की शिकायत करे कांग्रेस, आप को कोर्ट में घसीटकर ले जाए कांग्रेस और अब कार्रवाई हो तो गाली दें मोदी को। अब आपस में साथी बन गए हैं ये लोग।'

पीएम मोदी ने आम आदमी पार्टी से कहा कि वह कांग्रेस से जवाब मांगे। वहीं, कांग्रेस को भी साफ करने को कहा कि जो आरोप उन्होंने लगाए थे वे सच्चे थे या झूठे। पीएम ने कहा, 'मैं आम आदमी पार्टी वालों से कहना चाहता हूं कि हिम्मत है तो सदन में खड़े होकर कांग्रेस से जवाब मांगो। कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आप के घोटालों के सबूत देश के सामने रखे थे। अब ये बताएं कि ये जो सबूत उन्होंने दिखाए थे वे सच्चे थे या झूठे। मुझे विश्वास है कि ऐसी चीजों का जवाब देने की हिम्मत नहीं है। इन लोगों का दोहरा रवैया है।'

पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली में ईडी-सीबीआई की कार्रवाई पर हाय तौबा करते हैं और वही लोग उसी एजेंसी से केरल के मुख्यमंत्री को जेल भेजने की बात करते हैं। तब लोगों के मन में सवाल उठता है कि इसमें भी दोगलापन। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री के साथ शराब घोटाला जुड़ा। यही आप पार्टी वाले चीख-चीखकर कहते थे कि ईडी-सीबीआई लगा दो और इस मुख्यमंत्री को जेल में डाल दो। उनको तब ईडी बहुत प्यारा लगता है। 
 

सीएम योगी पहुंचे हाथरस, सर्किट हाउस में हालात का ल‍िया जायजा; घायलों का जाना हालचाल

03-Jul-2024
हाथरस।   ( शोर संदेश )  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाथरस पहुंचे। सीएम ने यहां सर्किट हाउस में पहुंचकर हालात का जायजा लिया। सीएम योगी अस्पताल में पहुंचकर घायलों को हालचाल ल‍िया। बता दें, हाथरस में मंगलवार को सत्संग के दौरान भगदड़ मच गई थी। इस घटना में 121 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है और 28 लोग घायल हैं।
सीएम योगी ने सोशल मीड‍िया एक्स पर तस्वीर शेयर करते हुए ल‍िखा, 'हाथरस की दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में घायल हुए लोगों से आज अस्पताल में भेंट कर उनका कुशल-क्षेम जाना और चिकित्सकों से उनके उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त की। कुशल चिकित्सकों के नेतृत्व में सभी का समुचित उपचार शीर्ष प्राथमिकता पर किया जा रहा है। इस कठिन समय में राज्य सरकार पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ पीड़ितों और उनके परिवार के साथ खड़ी है। सभी घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्राप्ति हो, प्रभु श्री राम से यही प्रार्थना है।'
हाथरस में हुई एक भीषण घटना में 121 लोगों की मौत हो गई है। पूरे देश को झकझोर देने वाली यह घटना तब हुई जब नारायण साकार विश्व हरि (भोले बाबा) के सत्संग के बाद उनका चरण रज लेने और दर्शन करने के लिए लोग आतुर हो गए। मरने वालों में अधिकतर महिलाएं शामिल हैं। यह सन 1954 में हुए प्रयागराज महाकुंभ में मची भगदड़ के बाद प्रदेश में अब तक का दूसरा सबसे बड़ा हादसा है।

केंद्र और राज्य सरकार ने कया मुआवजे का ऐलान

केंद्र और राज्य सरकार ने मृतकों के परिवार वालों को दो-दो लाख रुपये की मदद देने की घोषणा की है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री समेत कई नेताओं ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
बताया जा रहा है कि इस सत्संग के लिए 80 हजार लोगों की उपस्थिति की प्रशासनिक अनुमति थी लेकिन मौके पर डेढ़ लाख से अधिक लोग पहुंच गए। इसके चलते भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था औंधे मुंह हो गई। लोग सड़क किनारे के फिसलन भरे गड्ढे में गिरने लगे। पीछे से भीड़ का दबाव, नदारद भीड़ प्रबंधन और इसके चलते हुई भगदड़ ने भयावह रूप ले लिया।
एक स‍िपाही की भी मौत 
इस हादसे के बाद मौके पर चारों ओर चीख पुकार मच गई। लोग अपने स्वजन को खोजने में परेशान थे, महिलाओं के कुछ शवों से लिपटकर उनके बच्चे व परिजन विलाप कर रहे थे। चारों ओर मानों मौत का राज था। हालात इतने हृदयविदारक थे कि ड्यूटी में पहुंचे एक सिपाही रवि कुमार की हृदयाघात से मृत्यु हो गई।

पूर्व राजनयिक लक्ष्मी पुरी द्वारा दायर मानहानि मामले में तृणमूल कांग्रेस नेता साकेत गोखले को 50 लाख रुपये हर्जाना देने के निर्देश

02-Jul-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को पूर्व राजनयिक लक्ष्मी पुरी द्वारा दायर मानहानि मामले में तृणमूल कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद साकेत गोखले को 50 लाख रुपये का हर्जाना देने का निर्देश दिया। अदालत ने अतिरिक्त निर्देश भी जारी किए, जिसमें सोशल मीडिया पर सार्वजनिक माफी के लिए भी कहा गया है, जो कम से कम छह महीने तक साकेत के सोशल मीडिया हैंडल पर रहना चाहिए। अदालत ने साकेत गोखले को एक प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पत्र में अपना माफीनामा प्रकाशित करने का भी आदेश दिया, साथ ही कहा कि आदेश का पालन आठ सप्ताह के भीतर किया जाना चाहिए।
यह है मामला
साकेत गोखले द्वारा 13 और 26 जून 2021 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए थे, जिसके बाद यह मामला अदालत तक पहुंचा। दरअसल, इन पोस्ट्स में गोखले ने आरोप लगाया कि लक्ष्मी पुरी ने स्विट्जरलैंड में अपनी आय से अधिक संपत्ति खरीदी है। बता दें कि कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह पुरी की पत्नी लक्ष्मी मुर्देश्वर पुरी की ओर से करंजा वाला एंड कंपनी द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले में हर्जाने की मांग करते हुए एक मुकदमा दायर किया गया था।
यह मानहानि का मुकदमा था, जिसमें जिक्र है कि साकेत गोखले ने लक्ष्मी पुरी के खिलाफ अपमानजनक ट्वीट और पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रकाशित किए थे। इस मामले में लगातार अदालत के सामने अनुपस्थित रहने की वजह से साकेत गोखले के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे। इस पूरे मामले में अदालत की तरफ से सोमवार को फैसला सुनाया गया।
साकेत गोखले को माफी मांगने का निर्देश
साकेत गोखले पर यह आरोप लगाया गया कि उनके सोशल मीडिया पर प्रकाशित बयानों की वजह से लक्ष्मी पुरी की छवि को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में अदालत ने इस मामले में साकेत गोखले को माफी मांगने का निर्देश दिया है। इस माफीनामे को एक समाचार पत्र में प्रकाशित किया जाएगा। इसके अलावा साकेत गोखले के सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर भी माफी लिखी जाएगी, जिसे 6 महीने की अवधि तक रखा जाएगा।
इसके साथ ही साकेत गोखले पर लक्ष्मी पुरी के खिलाफ अपमानजनक सामग्री प्रकाशित करने पर भी रोक लगा दी गई है। वहीं, लक्ष्मी पुरी की छवि को हुए नुकसान के लिए साकेत गोखले को 50 लाख रुपए का हर्जाना भरने का आदेश दिया गया है। साल 2021 में दायर मुकदमे में लक्ष्मी पुरी ने साकेत गोखले पर उनके और उनके परिवार के खिलाफ “झूठे और गलत तथ्यों को रखने, अपमानजनक और निंदनीय बयान देने का आरोप” लगाया। उन्होंने तर्क दिया कि उनकी आय के बारे में साकेत गोखले के दावे निराधार थे।

जून में गर्मी ने तोड़ा रिकार्ड, जुलाई में सामान्य से 106 फीसद ज्यादा बारिश होने के आसार

02-Jul-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि जुलाई बारिश अपना बहुत विकराल रूप दिखाएगी। मॉनसून की चाल के कारण सामान्य से अधिक वर्षा होगी। इससे प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और मध्य भारत की नदियों में बाढ़ प्रभावी रहेगा। बाढ़ से जूझ रहे पूर्वोत्तर को थोड़ा राहत मिलेगी। यहां सामान्य से कम बारिश होगी। IMD ने बताया कि पूरे देश में जुलाई की औसत बारिश सामान्य से अधिक होने की संभावना है जो लंबी अवधि के औसत 28.04 सेमी से 106 प्रतिशत अधिक रह सकती है। पूर्वोत्तर भारत और उत्तर-पश्चिम, पूर्व और दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों को छोड़ अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होगी। इस माह कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश होगी।
IMD प्रमुख ने बताया है कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर और पश्चिमी हिमालय की तराई में सामान्य से अधिक बारिश होगी। यहां बादल फटने के साथ भारी वर्षा से भूस्खलन होगा। यहां से कई नदियां निकलती हैं तो बाढ़ के रूप में विनाशकारी प्रभाव होंगे। मध्य भारत में भी गोदावरी, महानदी और अन्य नदी घाटियों में सामान्य से अधिक बारिश होगी। इसके कारण यहां भी बाढ़ देखने को मिलेगी।
नेपाल के अंतरराष्ट्रीय एकीकृत पर्वतीय विकास केंद्र (ICIMOD) के विशेषज्ञों ने भी इस बार बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल और पाकिस्तान सहित हिंदुकुश हिमालयी क्षेत्र के देशों के लिए मानसून के दौरान मौसम की चरम घटनाओं की चेतावनी जारी की है। ICIMOD की समन्वयक मंदिरा ने बताया है कि 2023 में हिंदुकुश हिमालयी देशों के औसत से कम वर्षा हुई थी। इसके बावजूद इस यह क्षेत्र कई बार विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित हुआ। 2023 में जुलाई और अगस्त में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में और अक्टूबर में पूर्वी हिमालय में तीस्ता नदी में विनाशकारी बाढ़ आई थी।

जून में हुई सामान्य से कम बारिश
भारतीय मौसम विभाग के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने बताया है कि भारत में इस बार जून में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इसके लिए मौसम प्रणालियों की कमी को कारण माना गया है। इसके कारण देश के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्र में मानसून की धीमी प्रगति को जिम्मेदार ठहराया।

मौसम विभाग ने बताया है कि अब गर्मी नहींं होगी। पश्चिमी तट को छोड़कर अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहेगा। उत्तर-पश्चिम भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में गर्मी कम रहेगा। मध्य भारत, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत और पश्चिमी तट पर सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम के कुछ हिस्सों और मध्य भारत, दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने का अनुमान है।

जून की गर्मी ने तोड़ा 123 साल का रिकार्ड
मौसम विभाग ने बताया कि इस बार जून में रिकार्डतोड़ गर्मी पड़ी है। इससे पहले 1901 में इस तरह की गर्मी पड़ी थी। जून में इस बार औसत तापमान 31.73 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के प्रमुख ने कहा कि जुलाई में हम पूरे देश में अच्छी बारिश की उम्मीद कर रहे हैं।

बदलेंगे 9 से 12वीं के छात्रों के बदलेंगे रिपोर्ट कार्ड, नंबर के साथ दिखेगा छात्र का समग्र विकास

02-Jul-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) कक्षा एक से 12 तक के बच्चों के रिपोर्ट कार्ड जल्दी ही पूरी तरह से नए रंग-रूप में नजर आएंगे। नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। अब सिर्फ नंबर और ग्रेड के आधार पर रिपोर्ट कार्ड तैयार नहीं किए जाएंगे। सबसे पहले यह बदलाव कक्षा 9 से कक्षा 12 के छात्रों के लिए किए जाने की तैयारी है। कक्षा 9 से लेकर कक्षा 12 तक के लिए एनसीईआरटी के ही एक विभाग ‘परख’ के द्वारा नया मॉडल हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (एचपीसी) का जारी किया गया है। इस समग्र प्रगति कार्ड का फोकस अब नंबरों वाले रिजल्ट से ज्यादा सीखने पर होगा। इस बदलाव के तहत, अब रिपोर्ट कार्ड में स्टूडेंट, टीचर्स, पेरेंट्स और साथ पढ़ाई करने वाले बच्चों के फीडबैक भी रिपोर्ट कार्ड में शामिल किया जाएंगे।

समय प्रबंधन से लेकर पैसा प्रबंधन का कौशल
कक्षा 9 से 12 के लिए तैयार किए गए इस समग्र प्रगति कार्ड में कई खंड शामिल हैं, जिनमें से कुछ में छात्र ‘समय प्रबंधन’, ‘पैसा प्रबंधन’ ‘स्कूल के बाद की योजना’ और अन्य जीवन कौशल जैसे मापदंडों पर खुद का मूल्यांकन करते हैं। ‘स्कूल के बाद की योजनाएं’ खंड में छात्रों को अपने ‘जीवन के अगले बड़े कदम’ के बारे में सोचने और बात करने की जरूरत होगी। फिर वे चाहे वे कॉलेज जाने की योजना बना रहे हों, कोई व्यवसाय अपनाने की योजना बना रहे हों, या किसी पेशेवर संस्थान में प्रवेश की तैयारी कर रहे हों।
माता-पिता, दोस्त और शिक्षक की भी रिपोर्ट कार्ड में दिखेगी झलक
छात्रों को अपने माता-पिता, शिक्षकों और साथियों के साथ चर्चा करने और अपनी ताकत या क्षमताओं का विवरण देने वाले एक खंड को भरना होगा। यह उन्हें स्कूल के बाद की योजनाओं को साकार करने में मदद कर सकता है। इससे उन्हें संभावित चुनौतियों और इन योजनाओं को प्राप्त करने के लिए आवश्यक सुधारों की भी पहचान करने में मदद मिलेगी।
कब से होगा लागू?
नए रिपोर्ट कार्ड का उपयोग मौजूदा 2024-25 शैक्षणिक सत्र में नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, इस सेशन में शिक्षकों को इसको लेकर ट्रेनिंग दी जाएगी। राज्यों के पास एनसीईआरटी के इस समग्र विकास रिपोर्ट कार्ड को लागू करने या इसमें कुछ बदलाव करने की छूट होगी। जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों ने 2024-25 शैक्षणिक सत्र से कक्षा 8 तक के छात्रों के लिए एचपीसी लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है।

नए कानूनों को लेकर अमित शाह ने किया दावा- महीने में मिलेगा न्याय

02-Jul-2024
नई दिल्ली.  ( शोर संदेश )  देश में एक जुलाई से तीन नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष के उठाए सवालों का सिलसिलेवार जवाब दिया। उन्होंने नए कानूनों से पुलिसराज स्थापित होने की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि ये कानून पीडि़तों के हितों की रक्षा करने वाले हैं। एफआइआर दर्ज होने के दिन से तीन साल के अंदर पीडि़तों को न्याय मिलेगा। फरियादियों को अदालतों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। मुकदमों का बोझ भी कम होगा। नब्बे प्रतिशत केस में दोष सिद्धि हो सकेगी। उन्होंने कहा कि अब दंड की जगह न्याय लेगा, देरी की जगह स्पीडी ट्रायल और स्पीडी जस्टिस मिलेगा। पहले सिर्फ पुलिस के अधिकारों की रक्षा की गई थी, अब पीडि़तों और शिकायतकर्ता के अधिकारों की रक्षा होगी।

शाह ने संसद भवन लाइब्रेरी के कक्ष में पुलिसराज के सवाल पर सवाल करते हुए कहा, पुलिस मनमाने तरीके से किसी को नहीं उठा सकती। किसी को हिरासत में लेती है तो कागज में एंट्री करनी होगी, सूचना भी देनी होगी, 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना होगा। नब्बे दिन के अंदर केस की प्रगति की जानकारी पीडि़त को देनी होगी। एफआइआर की कॉपी देनी होगी। बगैर थाने गए भी आप ऑनलाइन एफआइआर दर्ज करा सकते हैं। इससे पुलिसराज आएगा कि पीडि़तों के हितों की रक्षा होगी?
पहले किसी कानून पर इतनी लंबी चर्चा नहीं
क्या कानून जल्दबाजी में पारित हुआ? शाह ने इस सवाल को खारिज करते हुए कहा कि आजादी के बाद किसी भी कानून को पारित कराने के लिए इतनी लंबी चर्चा का प्रोसेस नहीं हुआ। लोकसभा में 9 घंटा 34 मिनट चर्चा हुई, 34 सदस्यों ने हिस्सा लिया। राज्यसभा में 7 घंटा 10 मिनट चर्चा हुई, 40 सदस्यों ने हिस्सा लिया। चार साल तक कानून पर विचार हुआ। शाह ने विपक्ष से कहा, आपको अब भी कुछ कहना है तो जरूर आइए, मैं सुनने को तैयार हूं। जो मूल बिल आया था, उसे स्थाई कमेटी के पास भेजा गया। इसकी अनुशंसा आने के बाद मूल बिल में 93 बदलाव किए गए।

गृहमंत्री ने कहा कि आजादी के करीब 77 साल बाद हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली पूर्णत: स्वदेशी हो रही है और भारतीय मूल्यों के आधार पर चलेगी। अंग्रेजों के बनाए कानून निरस्त कर ससंद में बने कानूनों को व्यवहार में लाया जा रहा है।
रिमांड अवधि नहीं बढ़ी
शाह ने कहा, भ्रांति फैलाई गई कि रिमांड का समय बढ़ाया गया है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि भारतीय न्याय संहिता में रिमांड की अवधि 15 दिन ही है। साठ दिन के अंदर एक या दो टुकड़ों में 15 दिन का रिमांड लिया जा सकता है।
 

पांचवीं कक्षा से साथ हैं भारत के नौसेना और थल सेना अध्यक्ष, सेना में पहली बार ऐसा संयोग

30-Jun-2024
नई दिल्ली (शोर संदेश)।  लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी भारतीय थल सेना के नए अध्यक्ष हैं। उन्हें 30 जून से ही यह जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले यह जिम्मेदारी मनोज पांडे के पास थी। उपेन्द्र द्विवेदी के थल सेना अध्यक्ष बनने के साथ ही भारतीय सेना के इतिहास में पहली बार दो सहपाठी एकसाथ भारतीय सेना प्रमुख के पद पर पहुंचे हैं। उपेंद्र द्विवेदी के दोस्त और सहपाठी दिनेश कुमार त्रिपाठी पहले ही नौसेना के प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दिनेश कुमार त्रिपाठी ने भी दो महीने पहले ही नौसेना की कमान संभाली है।
लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी और एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी पांचवीं कक्षा से साथ पढ़े हैं। दोनों मध्य प्रदेश के रीवा में सैनिक स्कूल के छात्र रहे हैं। दोनों ने साथ पढ़ाई की सफलता हासिल की और लंबे समय तक देश सेवा करने के बाद अब यह अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं। रीवा का सैनिक स्कूल देश का पहला स्कूल बन गया है, जिसके दो पूर्व छात्र एक साथ नौसेना और थल सेना की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 1970 के दशक में स्कूल की पढ़ाई करने वाले दोनों सैन्य प्रमुखों का रोल नंबर भी पास था। लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी का रोल नंबर 931 और एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का रोल नंबर 938 था।
कौन हैं दिनेश कुमार त्रिपाठी?
वाइस एडमिरल त्रिपाठी का जन्म 15 मई 1964 को हुआ था और एक जुलाई 1985 में वह भारतीय नौसेना में शामिल हुए। संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध विशेषज्ञ वाइस एडमिरल त्रिपाठी का करीब 30 वर्ष का लंबा करियर रहा है। नौसेना के उप प्रमुख का पद संभालने से पहले वह पश्चिमी नौसैन्य कमान के फ्लैट ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ थे। उन्होंने आईएनएस विनाश की भी कमान संभाली थी। रियर एडमिरल के तौर पर वह ईस्टर्न फ्लीट के फ्लैट ऑफिसर कमांडिंग रह चुके हैं। वह भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला के कमांडेंट भी रह चुके हैं। सैनिक स्कूल और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खडकवासला के पूर्व छात्र वाइस एडमिरल त्रिपाठी ने गोवा के नेवल वॉर कॉलेज और अमेरिका के नेवल वॉर कॉलेज में भी कोर्स किया है। उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) और नौसेना मेडल से भी सम्मानित किया जा चुका है।
कौन हैं उपेन्द्र द्विवेदी? 
लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी का जन्म 1 जुलाई, 1964 को हुआ था। उन्हें 15 दिसंबर, 1984 को भारतीय सेना की इन्फैंट्री (जम्मू और कश्मीर राइफल्स) में नियुक्त किया गया था। उन्होंने करीब 40 साल तक विभिन्न कमान, स्टाफ, अनुदेशात्मक और विदेश में नियुक्तियों में कार्य किया है। उपेन्द्र द्विवेदी ने रेजिमेंट (18 जम्मू और कश्मीर राइफल्स), ब्रिगेड (26 सेक्टर असम राइफल्स), DIG असम राइफल्स (पूर्वी) और  9 कॉर्प्स में सेवाएं दी हैं। उपेंद्र द्विवेदी ने सेना का उप प्रमुख बनने से पहले 2022-2024 तक महानिदेशक इन्फेंट्री और जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (मुख्यालय उत्तरी कमान) सहित महत्वपूर्ण पदों पर सेवा दी है। 
थल सेना प्रमुख बनने से पहले वह पीवीएसएम, एवीएसएम भारतीय थल सेना के उप प्रमुख थे। उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक (पीवीएसएम), अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) और तीन जीओसी-इन-सी प्रशस्ति कार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। वह सैनिक स्कूल रीवा, नेशनल डिफेंस कॉलेज और यूएस आर्मी वॉर कॉलेज के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने डीएसएससी वेलिंगटन और आर्मी वॉर कॉलेज, महू में भी पढ़ाई की है। उपेंद्र द्विवेदी के पास रक्षा और मैनेजमेंट में एम फिल व सामरिक अध्ययन और सैन्य विज्ञान में दो मास्टर डिग्री हैं।



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