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रूस और ऑस्ट्रिया दौरे पर पीएम मोदी, पश्चिमी देशों की बढ़ी चिंता, क्रेमलिन ने क्या कहा?

08-Jul-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  पीएम मोदी आज रूस और ऑस्ट्रिया दौरे के लिए रवाना हो रहे हैं. पीएम मोदी की इस यात्रा को लेकर रूस काफी उत्सुक है और भारत-रूस संबंध के लिए इसे महत्वपूर्ण मानता है. रूसी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास के 'क्रेमलिन' के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने ये बातें कही. क्रेमिलिन के प्रवक्ता ने कहा कि मोदी की इस यात्रा को पश्चिमी देश ईर्ष्या की नजर से देखते हैं. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बुलावे पर पीएम मोदी 8 और 9 जुलाई को मॉस्को में रहेंगे, इसके बाद ऑस्ट्रिया चले जाएंगे. इस दौरान मोदी रूस में आयोजित होने वाले 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे. 

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई द्विपक्षीय औ वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी. उधर क्रेमलिन के प्रवक्ता पेस्कोव ने सरकारी टेलिविजन 'वीजीटीआरके' पर कहा कि मॉस्को में पीएम मोदी और व्लादिमीर पुतिन अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने के अलावा अनौपचारिक बातचीत भी करेंगे. क्रेमिलिन ने कहा है कि यह यात्रा भले ही अति व्यस्त ने हो लेकिन इस यात्रा का एजेंडा बड़ा होगा. पेस्कोव ने कहा, 'भारत और रूस के संबंध रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर हैं, हम एक अति महत्वपूर्ण यात्रा की उम्मीद कर रहे हैं जो भारत-रूस संबधों के लिए काफी अहम है.'

भारत-रूस के बीच क्या हो सकते हैं समझौते?
पेस्कोव ने इस बात को जोर देकर कहा कि 'प्रधानमंत्री मोदी की रूस यात्रा को पश्चिमी देश करीब से और ईर्ष्या की नजर से देख रहे हैं. पश्चिमी देशों की गंभीरता से साफ हो जाता है कि वे इस यात्रा को काफी महत्व दे रहे हैं.' दरअसल, पीएम मोदी 5 साल बाद रूस के दौरे पर जा रहे हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि भारत और रूस के बीच कई रक्षा समझौतों पर मुहर लग सकती है. इस बार सबसे अधिक चर्चा रूस के 5th जेनरेशन फाइटर जेट सुखोई 57 की है. भारत हमेशा से सुखोई विमानों को लेकर काफी गंभीर रहा है. इसके साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि भारत में एंटी टैंक गोले बनाने की फैक्ट्री को लेकर भी अहम समझौता हो सकता है.

दोबारा होगी सीयूईटी यूजी परीक्षा, जारी किया गया नया शेड्यूल, जल्द आएंगे एडमिट कार्ड

08-Jul-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )   नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) सीयूईटी यूजी 2024 परीक्षा का दोबारा से आयोजन कराएगा. दरअसल, कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट यूजी का आयोजन 15 से 29 मई, 2024 के बीच कराया गया था. जिसकी आंसर की रविवार 7 जुलाई, 202 को रिलीज की गई. इस बीच एनटीए ने जानकारी दी है कि सीयूईटी यूजी 2024 परीक्षा को इसी महीने फिर से आयोजित कराया जाएगा. इस परीक्षा से जुड़ी सभी जानकारियां एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.ac.in पर जाकर चेक की जा सकती हैं.
बता दें कि एनटीए ने सीयूईटी (यूजी) 2024 परीक्षा के आयोजन के संबंध में 30 जून 2024 तक मिली सार्वजनिक शिकायतों पर कार्रवाई की. इसके बाद एनटीए ने कहा कि अगर शिकायत सही पाई गई तो एनटीए उन उम्मीदवारों की फिर से परीक्षा कराएगा. इसके लिए देशभर में कुछ चुनिंदा सेंटर बनाए जाएंगे. इस परीक्षा का आयोजन 15 से 19 जुलाई के बीच कभी भी कराया जा सकता है. इस परीक्षा के लिए एनटीए सीयूईटी यूजी एडमिट कार्ड को भी दोबारा से जारी करेगा. ऐसे सभी उम्मीदवार केवल सीबीटी मोड में परीक्षा में शामिल हो सकेंगे.
चार जवाबों पर स्टूडेंट्स ने दर्ज कराई आपत्ति
बता दें कि एनटीए की सीयूईटी यूजी परीक्षा की आंसर की पर स्टूडेंट्स ने आपत्ति दर्ज करना शुरू कर दिया है. अभी तक सिर्फ 4 जवाबों पर छात्रों ने अपनी आपत्ति दर्ज करवाई है. गौरतलब है कि एनटीए ने सीयूईटी यूजी परीक्षार्थियों से 9 जुलाई तक आंसर की पर आपत्ति दर्ज करने को कहा है. जिन अभ्यर्थियों को सीयूईटी यूजी आंसर की 2024 के किसी भी जवाब पर आशंका है ऐसे उम्मीदवार 9 जुलाई की शाम पांच बजे तक एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.ac.in पर जाकर अपना आपत्ति दर्ज करा सकता है. यहां आपको चैलेंज विंडो में आपत्ति दर्ज कराने का ऑप्शन मिलेगा.
कब तक आएगा सीयूईटी यूजी का रिजल्ट
बता दें सीयूईटी यूजी परीक्षा का रिजल्ट अभी तक नहीं आया है. इसमें अभी थोड़ा और वक्त लग सकता है. क्योंकि फिलहाल एनटीए ने सीयूईटी यूजी प्रोविजनल आंसर की जारी की है और इसपर अभ्यर्थियों से आपत्तियों मांगी हैं. इन आपत्तियों का निवारण करने के बाद सीयूईटी यूजी फाइनल आंसर की जारी करेगा. उसी के आधार पर सीयूईटी यूजी रिजल्ट तैयार करेगा. ऐसा माना जा रहा है कि आपत्तियों के निवारण के बाद एनटीए सीयूईटी यूजी रिजल्ट को 10 जुलाई के बाद कभी भी जारी कर सकता है. लेकिन ऐसा भी माना जा रहा है कि जिन स्टूडेंट्स की सीयूईटी यूजी परीक्षा फिर से कराई जाएगी उन्हीं के साथ सभी का रिजल्ट आएगा. जिसमें अभी थोड़ा वक्त लगने की संभावना है.

असम के दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी, मणिपुर में हिंसा प्रभावित लोगों से मुलाकात

08-Jul-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद आज पूर्वोत्तर के दौरे पर हैं. अपने दौरे पहले  चरण मंए वह असम के सिलचर पहुंचे. इस दौरान उनके समर्थकों ने एयरपोर्ट पर कांग्रेस और राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाए. बता दें कि इनदिनों पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त है. इस बीच असम में सभी जिलों में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है, राज्य में 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 24 लाख से ज्यादा लोग इस बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. इस बीच राहुल गांधी असम के दौरे पर पहुंचे हैं. असम के बाद वह मणिपुर भी जाएंगे. जहां वह हिंसा प्रभावित लोगों से मुलाकात करेंगे.
असम में राहत शिवरों का दौरा करेंगे राहुल गांधी
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने असम पहुंचने के बाद सबसे पहले फुलर्टल के यूथ केयर सेंटर थलाई में राहत शिविर का दौरा किया. इसके साथ ही राहुल गांधी एक राहत शिवर का भी दौरा करेंगे. इसके बाद वह मणिपुर के दौरे पर जाएंगे. जहां वह तीन अलग-अलग स्थानों पर राहत शिविरों का दौरा करेंगे. इसके साथ ही वह आज शाम मणिपुर के राज्यपाल से मुलाकात करेंगे.
ये है राहुल गांधी के दौरे का पूरा शेड्यूल
कांग्रेस सांसद करीब पौने ग्यारह बजे जिरीबाम हायर सेकेंडरी स्कूल, मणिपुर में एक राहत शिविर का दौरा करेंगे. जबकि शाम तीन बजे वह मंडप, तुईबोंग, चुराचांदपुर के राहत शिविरों में मणिपुर हिंसा के पीड़ितों से मिलेगे. इसके बाद शाम चार बजे राहुल गांधी मोइरांग के फुबाला हाई स्कूल में एक राहत शिविर में पहुंचेंगे. वहीं शाम 5.30 बजे वह मणिपुर राजभवन जाएंगे और राज्यपाल से मुलाकात करेंगे. वहीं शाम करीब सवा छह बजे राहुल गांधी पीसीसी कार्यालय मणिपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.
 

दिल्ली समेत उत्तर भारत में वीकेंड पर भारी बारिश के आसार, इन इलाकों में मचेगी तबाही

06-Jul-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )   पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में रिमझिम बारिश हो रही है. इस रिमझिम बारिश से गर्मी और उमस कम हो गई है. कल यानी शुक्रवार को भी दिल्ली और नोएडा के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली. मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले कुछ दिनों में दिल्ली और नोएडा के आसपास भारी बारिश की संभावना है. वहीं, आईएमडी ने उत्तर भारत के कई राज्यों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. यह भी जानकारी दी गई है कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन की भी संभावना है.
दिल्ली-एनसीआर में छाए रहेंगे बादल
बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में पिछले दो दिनों से हल्की बारिश हो रही है. ऐसे में मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो-तीन दिनों के अंदर दिल्ली-नोएडा में भारी बारिश हो सकती है. आईएमडी के मुताबिक, आने वाले कई दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में आसमान में काले बादल छाए रहेंगे. तापमान की बात करें तो दिल्ली में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है.
यूपी में कैसा रहेगा मौसम
वहीं, उत्तर प्रदेश के मौसम पर नजर डालें तो यहां भारी बारिश के आसार हैं. अगले 48 घंटों के अंदर लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों में बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने कहा कि बारिश और बिजली गिरने की भी संभावना है. इस वीकेंड के ख़त्म होते ही लगातार बारिश का मौसम शुरू हो जाएगा. साथ ही तापमान में भी तेजी से गिरावट आएगी. राज्य के कई हिस्सों में तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी.साथ ही यूपी के कई हिस्सों हल्की बारिश होती रहेगी.
बिहार और झारखंड में कैसा रहेगा मौसम
बिहार और झारखंड में भी बारिश जारी है. दोनों राज्यों के जिलों में बारिश के आसार हैं. बिहार के लगभग जिलों में मॉनसून सक्रिय हो गया है. मानसून सक्रिय होने के कारण हल्की बारिश देखने को मिल रही है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर बिहार, दक्षिण-मध्य बिहार और दक्षिण-पूर्व भागों के जिलों में एक-दो स्थानों पर गरज और बिजली के साथ बारिश होगी. मौसम विभाग ने झारखंड को लेकर अलर्ट भी जारी किया है. विभाग के मुताबिक, प्रदेश कई हिस्सों में बिजली गिरने की आसार हैं.

कहीं ना कहीं आपका अहंकार ऊपर आ जाता है तो....विराट कोहली ने पीएम मोदी के सामने क्यों कही ये बात?

06-Jul-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीते भारत को एक हफ्ते का समय हो गया है, मगर खिलाड़ियों की कुछ अनदेखी तस्वीरें और वीडियो अभी भी सोशल मीडिया पर सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली का एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है। किंग कोहली इस वीडियो में पीएम मोदी से अहंकार के बारे में बात करते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब अहंकार ऊपर आ जाता है तो खेल आपसे दूर चला जाता है। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि फाइनल में उन्होंने गेम को इज्जत दी तो गेम ने वापस उन्हें इज्जत दी। फैंस का कहना है कि ऐसी बातें सिर्फ विराट कोहली जैसा ही खिलाड़ी कबूल सकता है।
विराट कोहली ने पीएम मोदी के समक्ष कहा, "जब अहंकार आपके अंदर आ जाता है तो खेल आपसे दूर चला जाता है। उसी को छोड़ने की जरूरत थी। गेम में परिस्थिति ही ऐसी बन गई कि मेरे पास अहंकार की जगह ही नहीं बची और उसे टीम के लिए पीछे रखना पड़ा। फिर गेम को इज्जत दी तो गेम ने भी मुझे इज्जत दी।"
विराट कोहली ने टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के दिन को याद करते हुए कहा, "ये दिन हमेशा मेरे दिमाग में रहेगा क्योंकि इस पूरे टूर्नामेंट में मैं वो योगदान नहीं दे पाया, जो मैं चाहता था। एक समय पर मैंने राहुल (द्रविड) भाई को भी बोला कि मैंने अपने आप को और टीम को न्याय नहीं दिया। उन्होंने मुझे बोला कि उन्हें उम्मीद है कि जब जरूरत होगी तो तुम ज़रूर अच्छा प्रदर्शन करोगे।"
अपनी फाइनल की पारी को याद करते हुए किंग कोहली बोले, "जब शुरू में तीन विकेट गिर गए तो मुझे लगा कि मुझे इस जोन में डाला गया है और मैं उसी के अनुसार खेलने लगा। बाद में मुझे समझ आया कि जो चीज होनी होती है, वह किसी भी तरह से होती ही है।"
बता दें, विराट कोहली ने खिताबी मुकाबले में 76 रनों की पारी खेल भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। उन्हें इस पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से भी नवाजा गया था। कोहली ने टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने के बाद क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट को अलविदा कह दिया है।

सोने की गिरावट को लगा ब्रेक, एक ही दिन में 700 रुपये महंगा हुआ सोना

05-Jul-2024
 ( शोर संदेश ) 5 जुलाई को सोने के भाव में जारी गिरावट को ब्रेक लग गया। अगर कल के भाव से तुलना करें तो गोल्ड का रेट एक दिन में 700 रुपये तक महंगा हो गया है। चेन्नई में 10 ग्राम गोल्ड का रेट 73,760 रुपये पर पहुंच गया है। देश के ज्यादातर शहरों में 10 ग्राम सोने का भाव 73,000 रुपये के पार कारोबार कर रहा है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट वाले 10 ग्राम सोने की कीमत 73,250 रुपये पर और मुंबई में कीमत 73,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। एक किलोग्राम चांदी की कीमत 93,500 रुपये पर है। चांदी ने एक दिन में 2,000 रुपये की छलांग लगाई है। आइए जानते हैं देश के 12 बड़े शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने का रिटेल भाव कितना चल रहा है...
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत रुख के अनुरूप राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोना 530 रुपये की तेजी के साथ 73,080 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 72,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इसके अलावा चांदी की कीमत भी 1,200 रुपये बढ़कर 92,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। पिछले सत्र में यह 91,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
 

हेमंत सोरेन का विश्वास मत 8 को, 9 को हो सकता है कैबिनेट विस्तार

05-Jul-2024
  ( शोर संदेश ) झारखंड के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में हेमंत सोरेन ने गुरुवार को राजभवन के दरबार हॉल में शपथ ली. राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी. गुरुवार की शाम 4:45 बजे शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया. राज्यपाल ने हेमंत सोरेन सरकार को सप्ताह भर के अंदर विश्वास मत हासिल करने का निर्देश दिया है.
प्रोजेक्ट भवन जाकर हेमंत सोरेन ने ग्रहण किया पदभार
इधर, मुख्यमंत्री ने कैबिनेट की बैठक कर आठ जुलाई को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है. फिलहाल सरकार के पास 47 विधायकों का साथ है. फ्लोर टेस्ट के अगले दिन नौ जुलाई को मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है. इधर, मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने प्रोजेक्ट भवन जाकर पदभार भी ग्रहण कर लिया.
राज्यपाल ने हेमंत सोरेन को दी बधाई व शुभकामनाएं
शपथ लेने के उपरांत राज्यपाल ने हेमंत सोरेन को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी. इससे पूर्व प्रधान सचिव, मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) वंदना दादेल ने मुख्यमंत्री की नियुक्ति संबंधी वारंट को पढ़ा तथा राज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ नितिन कुलकर्णी द्वारा मुख्यमंत्री को शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित किया गया. शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व सीएम शिबू सोरेन, चंपाई सोरेन, कल्पना सोरेन, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर, रूपी सोरेन, बसंत सोरेन समेत कई विधायक, सांसद, वरीय अधिकारी उपस्थित थे.
हेमंत सोरेन ने एक ही कार्यकाल में दूसरी बार शपथ ली
झामुमो के नेतृत्व में बनी गठबंधन सरकार में हेमंत सोरेन ने पहली बार दिसंबर 2019 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. फिर 31 जनवरी 2024 को इडी द्वारा गिरफ्तार किये जाने की वजह से उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद चंपाई सोरेन मुख्यमंत्री बने.
28 जून को जमानत पर रिहा हुए हेमंत सोरेन, 4 जुलाई को ली शपथ
हेमंत सोरेन 28 जून को जमानत पर रिहा किये गये. तीन जुलाई को गठबंधन की बैठक में हेमंत सोरेन को दोबारा नेता चुना गया और चंपाई सोरेन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. इसके ठीक अगले ही दिन हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. वह एक ही कार्यकाल में दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं.
अचानक हुआ शपथ ग्रहण पर फैसला
गुरुवार की दोपहर 12.30 बजे राजभवन की ओर से हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने के लिए आमंत्रण दिया गया. उनसे पूछा गया कि कब शपथ लेंगे. इसके बाद हेमंत सोरेन के आवास में राज्यपाल के आमंत्रण को लेकर मंत्रणा की गयी. फिर राजभवन को दिन के दो बजे के करीब सूचना दी गयी कि गुरुवार को ही शाम 4.45 बजे शपथ ग्रहण करना चाहते हैं. इसके बाद राजभवन द्वारा तैयारी की गयी और हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

पक्के दोस्त रूस ने भारत के लिए खोल दी सस्ते तेल की टंकी

04-Jul-2024
( शोर संदेश )   भारत और रूस के बीच की दोस्ती किसी से छिपी नहीं है. जब-जब भी भारत को जरूरत पड़ी, रूस उसके साथ खड़ा रहा.वहीं जब भी रूस को विरोध का सामना करना पड़ा भारत ने अपना पक्ष स्पष्टता से रखा.  तेल को लेकर दोनों देशों के बीच के संबंध कई सालों से बने हुए है. अमेरिका समेत पश्चिमी देशों के विरोध के बावजूद भारत और रूस की तेल को लेकर दोस्ती न टूटी. सस्ते तेल की बात जब आई तो रूस साथ खड़ा रहा. वहीं भारत ने भी अमेरिका का धमकी के बावजूद उसने रूस से तेल लेना जारी रखा.  
रिकॉर्ड स्तर पर रूसी तेल सप्लाई  
रियल टाइम एनर्जी कार्गो ट्रैकिंग फर्म वोर्टेक्सा के आंकड़ों के अनुसार जून 2024 में भारत ने रूस से रिकॉर्ड स्तर पर तेल खरीदा. भारत के कच्चा तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी बढ़कर 42 फीसदी पर पहुंच गया. जबकि मई 2024 में भारत के क्रूड ऑयल इंपोर्ट में रूस की हिस्सेदारी 37 फीसदी रही थी. रूस-यूक्रेन  युद्ध के बाद से भारत का आयात बढ़ता जा रहा है. रूस कई महीनों से न सिर्फ भारत का सबसे बड़ा सप्लायर बना हुआ है, बल्कि जून में तो उसकी अकेले की हिस्सेदारी बाकी के 4 टॉप सप्लायर्स की सम्मलित सप्लाई के बराबर रही.
भारत और रूस के बीच संबंध जितने मजबूत है, उतना ही मजबूत भारत और रूस के बीच तेल का कारोबार है. अंतरर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी होने के बाद से भारत ने रूस से आयात बढ़ा दिया है. रूसी तेल की भारत में आवक फिर से 40 फीसदी के पार हो चुकी है. जहां मिडिल ईस्ट देशों से लेकर अमेरिका तक से भारत का तेल आयात कम हुआ.  
भारत ने कितना लिया रूसी तेल
भारत कच्चे तेलों से लिए आयात पर निर्भर है. क्रूड ऑयल के सप्लाई के लिए रूस का दबदबा बरकरार है. जून महीने में रूसी तेल की खरीदारी 42 फीसदी पर पहुंच गई. रूस के अलावा भारत ने इराक, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका से भी कच्चा तेल खरीदा है. जिसमें इराक की हिस्सेदारी 16 फीसदी सऊदी अरब की हिस्सेदारी 8 फीसदी, संयुक्त अरब अमीरात की हिस्सेदारी 8 फीसदी, अमेरिका की 7 फीसदी रही.
क्यों रूस बना सबसे बड़ा सप्लायर
खाड़ी देश तेल के सबसे बड़े सप्लायर रहे हैं. रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को लेकर अमेरिका का अगुवाई में पश्चिमी देशों से रूस पर प्रतिबंध लगा दिया. रूस पर कई कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए. प्रतिबंध के चलते रूस ने भारी डिस्काउंट के साथ कच्चा तेल बेचना शुरू किया. भारत ने भी इस मौका का फायदा उठाया और रूस से जमकर तेल खरीदा. रूस से तेल खरीदकर भारत ने काफी बचत भी की है.रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2023 में भारत ने रूस से 16.6 लाख बैरल कच्चे तेल की प्रति दिन खरीदा था, बकि एक साल पहले साल 2022 में यह आंकड़ा सिर्फ 6.51 लाख बैरल प्रति दिन का था. एक साल के भीतर रूस से तेल आवक में 155 फीसदी की जबरदस्त तेजी आई, जिसका फायदा भारत को भी हुआ. छूट पर रूस से तेल खरीदकर बीते साल भारत ने करीब 8 अरब डॉलर बचा लिए.
अमेरिका की भी नहीं मानी बात 
रूस से सस्ता तेल खरीद रहे भारत ने अमेरिका की नाराजगी को भी नजरअंदाज कर दिया. भारत से साफ शब्दों में कहा कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर जरूरत के हिसाब से किसी भी देश से तेल की खरीदारी कर सकता है. भारत ने अमेरिका और पश्चिमी देशों के दबाव को नजरअंदाज कर अच्छा मुनाफा कमाया और करीब 8 अरब डॉलर की बचत बीते साल कर ली. a

केंद्र सरकार ने कैबिनेट कमेटियों का किया गठन, सहयोगी दलों को मिले अहम पद, जानें किसे क्या मिला

04-Jul-2024
नई दिल्ली:  ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने बुधवार को विभिन्न कैबिनेट कमिटियों (मंत्रिमंडलीय समितियों) का गठन किया, जिनमें सुरक्षा, आर्थिक और राजनीतिक मामलों से संबंधित देश की सर्वोच्च निर्णायक समितियां भी शामिल हैं। इन कैबिनेट कमिटियों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों-- जनता दल यूनाइटेड (जदयू), तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा), जनता दल सेक्युलर (जद एस), शिवसेना, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कोटे से बने मंत्रियों को जगह मिली है। 
सुरक्षा मामलों से संबंधित कमेटी
एक सरकारी अधिसूचना के अनुसार, सुरक्षा मामलों से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस)में प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस.जयशंकर शामिल हैं। सीसीएस सुरक्षा एवं सामरिक मामलों से संबंधित सभी मुद्दों पर देश का शीर्ष निर्णायक निकाय है। 
आर्थिक मामले से संबंधित कमेटी
आर्थिक मामले संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस जयशंकर, सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी.कुमारस्वामी शामिल हैं। इस समिति में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, पंचायती राज एवं मत्स्य पालन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह भी शामिल हैं। यह समिति अर्थव्यवस्था एवं व्यापार से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करती है और निर्णय लेती है। 
राजनीतिक मामले से संबंधित कमेटी
राजनीतिक मामले से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा राजनाथ सिंह, शाह, गडकरी, सीतारमण, गोयल, स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा, नागर विमानन मंत्री किंजारापू राममोहन नायडू, सूक्ष्म, लघु और मध्य उपक्रम मंत्री जीतन राम मांझी, बंदरगाह एवं पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, संसदीय मामलों के मंत्री किरण रीजीजू और कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी शामिल हैं। यह समिति देश के बड़े राजनीतिक मुद्दों को संभालती है। 
संसदीय मामले से संबंधित कमेटी
संसदीय मामले से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति में राजनाथ सिंह, अमित शाह, नड्डा, सीतारमण, राजीव रंजन सिंह, नायडू, रीजीजू, सामाजिक न्याय मंत्री वीरेंद्र कुमार, आदिवासी मामलों के मंत्री जुएल ओराम और जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल शामिल हैं। इस समिति में कानून राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभारी) अर्जुन राम मेघवाल और कानून मंत्री एल मुरूगन विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। यह समिति संसद सत्र आहूत करने जैसे विषयों पर निर्णय लेती है। पिछले सालों की भांति इस बार भी नियुक्ति से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति में बस दो सदस्य-- मोदी एवं अमित शाह हैं। यह समिति देश में शीर्ष नौकरशाही, सामरिक एवं सुरक्षा संबंधी पदों पर नियुक्तियां करती है। 
निवेश एवं वृद्धि से संबंधित कमेटी
निवेश एवं वृद्धि से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति में प्रधानमंत्री मोदी, राजनाथ सिंह, शाह, गडकरी, सीतारमण, गोयल, उपभोक्ता मामले के मंत्री प्रल्हाद जोशी, कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान हैं। इस समिति में सांख्यिकी राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। यह समिति सभी निवेश एवं वृद्धि संबंधी मुद्दों को संभालती है। 
आवास संबंधी कमेटी
मंत्रिमंडल की आवास संबंधी समिति में शाह, गडकरी, सीतारमण, गोयल और आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल शामिल हैं। इस समिति में केंद्रीय कार्मिक मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री जितेंद्र सिंह विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। यह समिति केंद्रीय मंत्रियों, नौकरशाहों, सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के आवास संबंधी निर्णय लेती है। 
कौशल, रोजगार और आजीविका संबंधी कमेटी
कौशल, रोजगार और आजीविका संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति में प्रधानमंत्री, राजनाथ सिंह, शाह, गडकरी, सीतारमण, वैष्णव, प्रधान, यादव, पुरी, संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया शामिल हैं। इस समिति में केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री जयंत चौधरी विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। यह समिति कौशल, रोजगार एवं आजीविका संबंधी मुद्दों को संभालती है।

लखनऊ में बस में लगी आग, यात्री कूद कर भागे, सड़क पर लंबा जाम

04-Jul-2024
लखनऊ।  ( शोर संदेश )  लखनऊ में एक भयावह घटना घटित हुई जब चरक हॉस्पिटल के पास लखनऊ कबाबी के सामने एक CNG बस में अचानक आग लग गई। बस में सवार यात्री आग लगते ही घबराकर कूद कर भाग गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, इस घटना से सड़क पर लंबा जाम लग गया।
यात्रियों की सूझबूझ से बची जान
बस में आग लगते ही यात्रियों ने सूझबूझ दिखाते हुए बस से कूद कर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में आग लगते ही चीख-पुकार मच गई और यात्री तुरंत बस से उतरने लगे। इस कारण किसी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई।
सड़क पर लंबा जाम
इस घटना से लखनऊ के चरक हॉस्पिटल के पास और लखनऊ कबाबी के सामने सड़क पर लंबा जाम लग गया। आग की वजह से यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने ट्रैफिक को डायवर्ट कर जाम को हटाने का प्रयास किया।
दमकल कर्मियों ने आग पर पाया काबू
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। दमकल कर्मियों ने तेजी से काम करते हुए आग को बुझा दिया, जिससे बस को पूरी तरह जलने से बचा लिया गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
लखनऊ में इस घटना ने एक बार फिर से सुरक्षा मानकों की अहमियत को उजागर किया है। बस में आग लगने की घटना से यात्री तो सुरक्षित बच गए, लेकिन यह घटना यातायात और आम जनता के लिए बड़ी परेशानी का सबब बनी। प्रशासन को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। पुलिस और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सतर्कता बरतने की चेतावनी देती है।
 



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