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स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी डॉक्‍टरों के लिए खोला खुशियों का पिटारा, 46% तक बढ़ा वेतन

12-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अगुवाई में राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के सीनियर रेसीडेंट, प्रदर्शक (पीजी), सहायक प्राध्यापक, सह प्राध्यापक और प्राध्यापकों के वेतन में ऐतिहासिक वृद्धि का आदेश जारी किया है, जो 1 सितंबर 2024 से प्रभावी होगा।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के द्वारा जारी आदेश के अनुसार गैर अनुसूचित क्षेत्रों के मेडिकल कालेज में पदस्थ प्राध्यापक का वेतन 1 लाख 55 हजार से बढ़ाकर 1 लाख 90 हजार रूपए कर दिया गया है। इसी तरह से सह प्राध्यापक का वेतन 1 लाख 35 हजार से 1 लाख 55 हजार, सहायक प्राध्यापक का वेतन 90 हजार से 1 लाख तथा सीनियर रेसीडेंट व प्रदर्शक (पीजी) का वेतन 65 हजार रूपए से बढ़ाकर 75 हजार रूपए कर दिया गया है।
जारी आदेश के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों के मेडिकल कालेज में पदस्थ प्राध्यापक का वेतन 1 लाख 90 हजार रूपए से बढ़ाकर 2 लाख 25 हजार रूपए कर दिया गया है। इसी तरह से सह प्राध्यापक का वेतन 1 लाख 55 हजार से 1 लाख 85 हजार, सहायक प्राध्यापक का वेतन 90 हजार से 1 लाख 25 हजार तथा सीनियर रेसीडेंट व प्रदर्शक (पीजी) का वेतन 65 हजार रूपए से बढ़ाकर 95 हजार रूपए कर दिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस फैसले को राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि वेतन वृद्धि का यह निर्णय राज्य सरकार की स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता और शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
अनुसूचित क्षेत्रों में संविदा चिकित्सकों के वेतन में 46% तक की वृद्धि की गई है, जबकि गैर अनुसूचित क्षेत्रों में यह वृद्धि लगभग 23% की है।

वैज्ञानिकों ने की ऐसी एंटीबॉडी की खोज, जो कोरोना के सभी वैरिएंट के इलाज में होगी मददगार

09-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  चार साल पहले कोरोना वायरस ने दुनियाभर में हाहाकार मचाया. इस वायरस के चलते दुनियाभर में लाखों लोगों की मौत हुई. जबकि करोड़ों लोग इस बीमारी से प्रभावित हुए. दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस से बचने के लिए वैक्सीन तो तैयार कर ली. लेकिन भविष्य में इस बीमारी के नए वैरियंट से लड़ने के लिए अभी और खोज जारी है. इस बीच वैज्ञानिकों ने एक ऐसी एंटीबॉडी का पता लगाया है जो भविष्य में कोविड-19 के नए वैरियंट के इलाज में मददगार साबित होगी.
कोरोना के सभी वैरियंट से लड़ सकती है ये एंटीबॉडी
शोधकर्ताओं के मुताबिक, उन्होंने एक अत्यधिक प्रभावी एंटी बॉडी की पहचान की है जो सार्स कोवि-2 वेरिएंट के साथ-साथ संबंधित कोरोना वायरस को भी बेअसर कर सकती है, जो कि कोविड-19 और संभावित भविष्य की महामारी के खिलाफ बेहतर उपचार और टीकों की आशा प्रदान करती है.
वैज्ञानिक मोटे तौर पर कोविड-19 को दुनिया भर में एक स्थानिक बीमारी मानते हैं, जिसका व्यवहार काफी हद तक उस फ्लू जैसा है, लेकिन उन्होंने लंबे समय तक चलने वाली कोविड स्थितियों पर भी सावधानी जताई है, जो संक्रमण की रोकधाम करती है. जर्नल सेल में प्रकाशित अध्ययन में बताया गया है कि शोध का नेतृत्व ऑस्टिन के टेक्सास विश्वविद्यालय और चैपल हिल के उत्तरी कैरोलिना विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने किया है.
क्या है इस एंटीबॉडी में खास
वैज्ञानिकों की मानें तो हाल की खोजी गई इस एंटीबॉडी में सभी प्रमुख सार्स-सीओवी-2 वेरिएंट, 2003 के सार्स वायरस और अन्य चमगादड़ और पैंगोलिन कोरोनावायरस को पूरी तरह से बेअसर करने में मददगार माना गया है.

देश में आया पहला मामला… मंकीपॉक्स का बंदरों से क्या है कनेक्शन

09-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )   अफ्रीकी और कई यूरोपीय देशों के बाद भारत में मंकीपॉक्स का पहला संदिग्ध मामला सामने आया है. युवा संक्रमण प्रभावित देश से भारत लौटा है. लक्षण दिखने के बाद उसे आइसोलेशन में रखा गया है. उसके सैम्पल की जांच की जा रही है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अफ्रीका के कई देश मंकीपॉक्स से प्रभावित हैं और युवा वहां से लौटा था. मंकीपॉक्स का कनेक्शन बंदर से जोड़ा जाता है, लेकिन चौंकाने वाली बात है कि यह 100 फीसदी अनिवार्य नहीं है कि इसका वायरस बंदर से ही फैले. फिर सवाल उठता है कि बीमारी का नाम का बंदरों के नाम पर क्यों और कैसे पड़ा.
अमेरिकन हेल्थ एजेंसी सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) की रिपोर्ट कहती है, इस बीमारी को पहले मंकीपॉक्स के नाम से जाना जाता है, लेकिन बाद में इसका नाम एमपाॅक्स किया गया. हालांकि, आम बोलचाल की भाषा में भी एमपॉक्स की जगह इसे मंकीपॉक्स कहा जाता है.
मंकीपॉक्स में कैसे जुड़ा बंदर का नाम?
एमपाक्स एक जूनोटिक डिजीज है यानी यह जानवरों और इंसानों के बीच फैल सकती है. इसका पहला मामला 1958 में सामने आया था. बंदरों में इसका वायरस मिला था. यही वजह है कि इस बीमारी का नाम मंकीपॉक्स पड़ा, हालांकि यह वायरस इसमें कहां से आया अब तक इसका पता नहीं चल पाया. 

DKS में शुरू होगा लिवर-किडनी ट्रांसप्लांट, उपकरणों के लिए 6 करोड़ स्वीकृत

04-Sep-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुसार छत्तीसगढ़ बहुत जल्द स्वास्थ्य के मामलों में वैश्विक सुविधाएं देने वाला राज्य बनने वाला है। इनमें ऑर्गन ट्रांसप्लांट और बायपास हार्ट सर्जरी जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के अनुसार  राज्यभर में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए अब राजधानी के डीकेएस अस्पताल में लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि डीकेएस में पहले ही अत्याधुनिक आईसीयू तैयार किया जा चुका है और लिवर तथा किडनी ट्रांसप्लांट के उपकरणों के लिए 6 करोड़ रुपए भी स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि यह सुविधा राजधानी के मरीजों के साथ-साथ आस-पास के राज्यों से आने वाले मरीजों को भी लाभान्वित करेगी। इसके अलावा, उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश के 6 जिलों में अत्याधुनिक मॉडल अस्पताल बनाए जाएंगे, जिनमें सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं उपलब्ध होंगी।
अंबेडकर अस्पताल में खुल सकता है आईवीएफ सेंटर
स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल के अनुसार अंबेडकर अस्पताल में आईवीएफ सेंटर भी स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में रुकी हुई डीपीआर का निर्माण शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंबेडकर अस्पताल में आधुनिक पोस्टमार्टम हाउस भी बनाया जाएगा, जिसमें नए उपकरणों के साथ-साथ विशेषज्ञ स्टाफ भी तैनात किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार अंबेडकर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए नई वर्चुअल मशीन स्थापित की जा रही है। यह मशीन देश में सबसे आधुनिक तकनीक से युक्त होगी और इससे पोस्टमार्टम के कार्यों में तेजी आएगी। इसके साथ ही यह सुविधा राजधानी के लोगों के लिए अत्यधिक सहायक सिद्ध होगी।
स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल के अनुसार  सरकारी अस्पतालों में नई सेवाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसमें दूरस्थ परामर्श, अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इससे राज्य के सभी नागरिकों को अत्याधुनिक एवं उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्राप्त होंगी।
 

टीका लगाने के बाद 2 शिशुओं की मौत, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

01-Sep-2024
बिलासपुर।  ( शोर संदेश )    कोटा विकासखंड के ग्राम पंचायत पटैता के कोरीपारा में 30 अगस्त को हुए टीकाकरण के बाद दो नवजात शिशुओं की मौत हो गई, जिससे पूरे गांव और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन टीकाकरण किए गए अन्य पांच बच्चों को निगरानी में रखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, टीकाकरण के दौरान 30 अगस्त को पटैता के आंगनबाड़ी केंद्र में सात बच्चों को टीके लगाए गए थे। इनमें से एक शिशु की मौत उसी दिन हो गई, जबकि दूसरे शिशु ने 31 अगस्त को दम तोड़ दिया। मृत शिशुओं में राकेश गंधर्व और धनेश्वरी गंधर्व के नवजात (जन्म: 29 अगस्त) तथा रविंद्र मानिकपुरी और सत्यभामा मानिकपुरी के शिशु (जन्म: 25 जून) शामिल हैं।
घटना के बाद, गांव में अफरातफरी मच गई और तहसीलदार कोटा प्रकाश साहू के साथ स्वास्थ्य विभाग का अमला तुरंत मौके पर पहुंचा। पांच अन्य बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटा में ऑब्जर्वेशन में रखा गया था, लेकिन स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया है।
प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने भी जिला अस्पताल का दौरा कर बच्चों की स्थिति का जायजा लिया। इस बीच, स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन उस वैक्सीन की सप्लाई को तुरंत बंद करवा दिया है, जिसकी वजह से यह दुखद घटना घटी। मामले की जांच जारी है, और अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आंबेडकर और डीकेएस अस्पताल होंगे अपग्रेड, मरीजों को मिलेंगी सुविधाए

31-Aug-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश ) छत्‍तीसगढ़ के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आंबेडकर अस्पताल और डीकेएस सुपरस्पेशलिटी अस्पताल को अपग्रेड किया जाएगा।
आंबेडकर अस्पताल के कैंसर विभाग में सात वर्षों से बंद पैट स्कैन मशीन को तीन माह के अंदर शुरू किया जाएगा। डॉक्टरों की कमी पूरी करने के लिए छह माह के भीतर 232 पदों पर भर्ती होगी। इसके लिए पीएससी को प्रस्ताव भेजा गया है। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दी है।
उन्होंने कहा कि बंगाल की घटना को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से 12 बंदूकधारी सुरक्षाकर्मी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के लिए नियुक्त किए जाएंगे। सीसीटीवी कैमरे और अलार्म सिस्टम भी लगाए जाएंगे, जिसकी मॉनीटरिंग होगी। विभाग की ओर से समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।
अस्पतालों में दूर-दराज से पहुंचे मरीजों व स्वजन को भटकना न पड़े, इसके लिए साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। मरीजों की सुविधा के लिए काउंसलर्स भी नियुक्त होंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बस्तर के घायल जवानों को एयरलिफ्ट होकर रायपुर नहीं आना पड़ेगा। बस्तर में सुपरस्पेशालिटी अस्पताल बनाया जा रहा है, जहां हर विभाग के डाक्टर रहेंगे।
यह भी बाेले स्वास्थ्य मंत्री
- तीन से सात दिनों के अंदर मिलेगी पोस्टमार्टम रिपोर्ट
- 12 करोड़ की लागत से हाई टेक्नोलॉजी पोस्टमार्टम मशीन की होगी खरीदी
- डीकेएस अस्पताल में नई एमआरआई मशीन की खरीदी के लिए प्रस्ताव पारित
- आंबेडकर अस्पताल में रिसर्च सेंटर और मेडिकल कॉलेज अलग-अलग होंगे संचालित
- डीकेएस के पीछे पुराने डीएमई कार्यालय को बनाया जाएगा सौ कमरे का हॉस्टल

स्वाइन फ्लू से एक और महिला की मौत, परिजनों की होगी जांच

30-Aug-2024
बिलासपुर   ( शोर संदेश )  । स्वाइन फ्लू से 33 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई। महिला हेमूनगर की रहने वाली थी। इससे पहले शंकर नगर में कुछ दिन पहले 50 वर्षीय एक मरीज की मौत हो गई थी। महिला के परिजनों की आज शुक्रवार को जांच की जाएगी। अब तक स्वाइन फ्लू से 5 पीड़ितों की मौत हो चुकी है। अब तक स्वाइन फ्लू के 96 पाजिटिव केस सामने आ चुके हैं। गुरुवार को 2 नए केस मिले हैं। इसके अलावा खमतराई रामाग्रीन सिटी में 7 वर्षीय एक बालिका डेंगू से पीड़ित पाई गई। उसे अपोलो में भर्ती किया गया है। वहीं गुरुवार को डेंगू के 5 नए मरीज मिले हैं। इसके साथ ही डेंगू पीड़ितों की संख्या 47 हो चुकी है। इनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। स्वाइन फ्लू के बढ़ते केस को देखते हुए सिम्स प्रबंधन ने 4 बेड की संख्या बढ़ाकर 10 कर दी है। इस समय सिम्स में 6 मरीज भर्ती हैं। सिम्स के डॉ. पुनीत भारद्वाज ने बताया कि स्वाइन फ्लू का वैक्सीन नहीं आ रहा है। इसकी मांग बढ़ने लगी है।

बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने 30 अगस्त को स्वर्णप्राशन

29-Aug-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )   रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने 30 अगस्त को रायपुर के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाएगा। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाता है। चिकित्सालय के कौमारभृत्य बाल रोग विभाग में सवेरे नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक इसका सेवन कराया जाता है। यह औषधि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, श्वसन संबंधी एवं अन्य रोगों से रक्षा करने के साथ ही एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने में अत्यंत लाभकारी है। यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में भी मदद करता है।
शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में बच्चों के लिए स्वर्णप्राशन का आयोजन किया जाता है। स्वर्णप्राशन हर महीने की पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को पिलाई जाने वाली औषधि है। इस साल 30 अगस्त के साथ ही अन्य पुष्य नक्षत्र तिथियों 26 सितम्बर, 24 अक्टूबर, 20 नवम्बर और 18 दिसम्बर को भी स्वर्णप्राशन कराया जाएगा।

कलेक्टर ने दिलाया 60 हजार रुपए, मरीज से प्राइवेट हॉस्पिटल वसूल रहा था ज्यादा पैसे

29-Aug-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में एक फोन कॉल पर समस्या का समाधान हो रहा है। आरंग के बकतरा निवासी सुशील कुमार मनहरे ने एक निजी अस्पताल प्रबंधन पर इलाज के दौरान ज्यादा राशि लिए जाने की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि डीडीनगर स्थित ग्लोबल स्टार अस्पताल में अपने 51 वर्षीय पिता छक्कन दास मनहरे की तबीयत खराब होने पर भर्ती कराया था। उनका आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने 82 हजार रुपए वसूला। जबकि बिल महज 21828 रूपए का दिया। उन्होंने बाकी के पैसों का हिसाब पूछा, तो अस्पताल प्रबंधन ने बताने से मना कर दिया। जिसको लेकर मरीज के परिजनों ने कलेक्टोरेट के जनसमस्या निवारण कॉल सेंटर में फोन किया और उनकी समस्याओं का निराकरण करने के लिए संबंधित अस्पताल से मामले की जानकारी मांगी गई। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने गलती मानी साथ ही मरीज के परिजनों को इलाज के दौरान ज्यादा ली गई राशि 60 हजार रूपए को नगद वापस कराया। समस्या का निदान होने पर मरीज के पुत्र सुशील कुमार मनहरे सहित परिजन काफी खुश है और उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति भी आभार जताया।

मंकीपॉक्स की जारी की गई एडवाइजरी, गांव-गांव में लगेंगे कैंप

29-Aug-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )    स्वास्थ्य विभाग ने अब मंकी पॉक्स को लेकर अलर्ट जारी किया है। अफसरों के अनुसार अफ्रीकन देशों में मंकी पाॅक्स फैला है। वहां से आने वाले यात्रियों से ये बीमारी यहां भी फैलने का खतरा है। इस वजह से केंद्र से इस बारे में अलर्ट जारी करने के बाद छत्तीसगढ़ में भी डाक्टरों को सावधान रहने को कहा गया है।
बीमारी के लक्षण देखते ही मुख्यालय सूचना देने के निर्देश भी दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों से इसके लक्षण वाले मरीज मिलने पर स्टेट हेल्थ डिपार्टमेंट को सूचना देने को कहा गया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने लोगों को जागरूक करने के लिए गांव-गांव कैंप लगाने को कहा है।
क्या है मंकी पॉक्स
मंकी पॉक्स वायरस से फैलती है। इस बीमारी में बुखार आने के साथ ही शरी के कई हिस्से में चकत्ते होते हैं। होठ भी सूज जाते हैं। ये बीमारी संक्रमित के संपर्क में आने से फैलती है। बंदरों से होकर इंसानों में पहुंचती है। उसके बाद मरीज के घाव से निकलकर ये वायरस आंख नाक और मुंह के जरिये शरीर में प्रवेश करता है। इसके अलावा बंदर, चूहे, गिलहरी जैसे जानवरों के काटने या उनके खून के शरीर में पहुंचने से भी ये बीमारी होती है।



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