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स्वाइन फ्लू, डेंगू और मलेरिया का अलर्ट

27-Aug-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )   छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्वाइन फ्लू का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। 15 दिन के भीतर स्वाइन फ्लू के पॉजिटिव मरीजों की संख्या 72 हो गई है। वहीं डेंगू के मामले में भी इजाफा हुआ है। अब तक इससे पीड़ित 45 मरीज सामने आ चुके हैं। 15 मरीज अपोलो में भर्ती हैं। इसके अलावा मलेरिया पीड़ितों की संख्या 166 हो गई है। इन गंभीर बीमारियों के अलावा वायरल फीवर से परेशान लोगों की अस्पताल में रोज लंबी कतार लग रही है। सिम्स में बीते एक हफ्ते से वायरल फीवर का इलाज कराने रोजाना 1500 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल में करीब 6 से 7 सौ मरीज पहुंच रहे हैं
 

एमबीबीएस की 220 सीटें बढ़ीं… फिर भी 5700 छात्रों ने ही कराया ऑनलाइन पंजीयन

27-Aug-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )  प्रदेश में इस साल एमबीबीएस की 220 सीटें बढ़ीं हैं और 2130 सीटें हो चुकी हैं। नीट यूजी क्वालिफाइड छात्र भी 22300 से ज्यादा हैं। फिर भी इस साल केवल 5700 छात्रों ने एडमिशन के लिए ऑनलाइन पंजीयन कराया है। जबकि पिछले साल 1910 सीटों के लिए 6300 से ज्यादा छात्रों ने पंजीयन करवाया था।
पिछले साल से 600 छात्रों ने कम पंजीयन कराया है। इसकी प्रमुख वजह बैंक द्वारा छात्रों की सुरक्षा निधि वापस नहीं करना है। पिछली काउंसलिंग शुरू हुए 13 माह से ज्यादा गुजर गए हैं। इसके बाद भी बैंक 400 से ज्यादा छात्रों के पैसे वापस नहीं कर पाया है। इसमें 50 से ज्यादा छात्रों के एक-एक लाख भी शामिल है। वे बैंक का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा निधि की राशि वापस नहीं मिल रही है।
नए सत्र के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शनिवार को खत्म हो गया।

जनवरी में भेज दिया था बैंक डिटेल, फिर देरी कैसे?
डीएमई कार्यालय ने भी इस साल जनवरी में सभी छात्रों के डिटेल बैंक को भेज दिया था। बैंक का दावा है कि एनआईसी ने 6 माह में डेटा नहीं दिए। इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। यही नहीं बैंक के अधिकारी ऑडिट ऑप्शन, बैंक खातों की अधूरी जानकारी या कुछ पेमेंट क्रेडिट कार्ड से होने का हवाला देकर फीस लौटाने में देरी करता रहा।
छात्रों की परेशानी को देखते हुए डीएमई ने 26 जून को एक गूगल लिंक जारी किया था, जिसमें फीस वापस नहीं मिलने वाले छात्रों को पूरा डिटेल देने को कहा गया था। इसके बाद कई छात्राें ने निजी बैंक की शिकायत करते अपना पूरा डिटेल दिया। फिर भी वे पैसे के लिए चक्कर लगा रहे हैं। पिछले साल काउंसिलिंग में शामिल हुए 5184 छात्रों को मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में कोई सीट नहीं मिली। नियमानुसार इसे लौटाने का नियम है।

अस्पताल की 5वीं मंजिल से मरीज ने लगाई छलांग

26-Aug-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )   रायपुर के मेडलाइफ अस्पताल से कूदकर एक मरीज ने जान दे दी है। मरीज ओडिशा से रायपुर इलाज के लिए आया था। उसे माइग्रेन की शिकायत थी।
रविवार शाम को अचानक उसने पांचवी मंजिल से छलांग लगा दी। जमीन पर गिरते ही उसका सिर फट गया और मौत हो गई। फिलहाल सुसाइड की वजह साफ नहीं हो पाई है। घटना तेलीबांधा थाना इलाके की है।
पुलिस के मुताबिक, 60 साल का राम बिस्वाल 22 अगस्त को अपने परिचित के साथ रायपुर आया था। उसे मेडलाइफ अस्पताल के जनरल वार्ड में भर्ती किया गया था।
उसका एक अटेंडेंट रविवार दोपहर तक उसके साथ मौजूद था, फिर वह घर चला गया था। जिसके बाद राम बिस्वाल अकेला था।
अस्पताल के पांचवें फ्लोर के जनरल वार्ड में शाम करीब 5 बजे राम बिस्वाल बिस्तर से उठकर टहल रहा था। वह कुछ सेकेंड तक इधर-उधर देखा है, फिर खिड़की के पास चला जाता है।
इसके बाद वह कांच से नीचे की ओर झांकता है। फिर तेजी से खिड़की के ऊपर चढ़ गया। खिड़की का ऊपरी हिस्सा खुला हुआ था, इसी जगह से वह बाहर निकलकर नीचे कूद जाता है। जमीन पर गिरते ही उसका सिर फट गया, जिससे आसपास खून बिखर गया। इस घटना में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
अस्पताल प्रबंधन ने तेलीबांधा पुलिस को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने इस पूरी घटना की जांच पड़ताल की है। मामले में अस्पताल के स्टाफ और परिजनों से पूछताछ की जा रही है।

रायपुर, बिलासपुर और राजनांदगांव में स्वाइन फ्लू के मरीज सक्रिय

26-Aug-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )   छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू ने स्वास्थ विभाग की चिंता बढ़ा दी है। बीमारी से विगत 15 दिनों में छह लोगों की मौत हुई है। इसमें बिलासपुर के चार तथा राजनांदगांव के दो शामिल हैं। माहभर में 60 से ज्यादा केस सामने आए हैं। इसमें रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव के मरीज शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी के बढ़ते मामले को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। सभी मेडिकल कॉलेजों के डीन और सीएमएचओ को तत्काल वॉयरोलाजी लैबों में एन1एच1 वायरस की जांच के लिए तैयार करने कहा है। लैब में टेक्नीशियन नहीं होने पर तत्काल भर्ती करने के निर्देश दिए हैं। रायपुर मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बॉयोलाजी विभाग में सप्ताहभर में 35 से ज्यादा सैंपलों की जांच हुई है। इसमें तीन की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। लैब में प्रतिदिन पांच से छह सैंपलों की जांच हो रही है। राजधानी में स्वाइन फ्लू का पहला केस जुलाई के पहले सप्ताह में आया था। कांकेर का मरीज निजी अस्पताल में भर्ती था। उसे इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया था।

एमबीबीएस ऑल इंडिया कोटे की 22 सीटों पर एडमिशन प्रक्रिया शुरू

24-Aug-2024
बिलासपुर। ( शोर संदेश )  नीट एग्जाम में हुई गड़बड़ी और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद दोबारा परीक्षा और रिजल्ट के बाद अब एक बार फिर से देश और प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण सत्र 2024-25 के लिए एमबीबीएस के ऑल इंडिया कोटे की सीटों पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 23 अगस्त थी। इसके बाद 24 अगस्त से ऑल इंडिया कोटे के तहत सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। सिम्स सहित प्रदेश के 10 शासकीय मेडिकल कॉलेज में ऑल इंडिया कोटे के 209 सीटें हैं। इसमें सर्वाधिक 34 सीटें रायपुर में और दूसरे नंबर पर 30 सीटें दुर्ग मेडिकल कॉलेज में हैं। इसी तरह तीसरे नंबर पर बिलासपुर के सिम्स मेडिकल कॉलेज में ऑल इंडिया कोटे की 22 सीटें हैं। यहां रजिस्ट्रेशन के बाद 24 अगस्त, यानी शनिवार से ऑल इंडिया कोटे के तहत एमबीबीएस में प्रवेश शुरू हो जाएगी। सेंट्रल पूल की 4 और स्टेट कोटे की 124 सीटें सिम्स मेडिकल कॉलेज में अब 30 सीटें घटने के बाद 150 सीटों पर ही एमबीबीएस के एडमिशन होंगे। इस बार ऑल इंडिया की 22 सीटों के साथ ही सेंट्रल पूल, यानी अंडमार-निकोबार के छात्रों के लिए 4 और स्टेट कोटे के तहत 124 सीटें हैं। स्टेट कोटे में सामान्य वर्ग के लिए 39 सीटें, एसटी वर्ग के लिए 40, एससी के लिए 15, ओबीसी के लिए 17 और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 13 सीटें हैं। इसमें 31 सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित रहेंगी।
 

अस्पतालों की सुविधाओं का स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने लिया जायजा, मरीजों से की बात

22-Aug-2024

 रायपुर, ( शोर संदेश )  प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज सुबह राजधानी रायपुर के कई अस्पतालों में औचक निरीक्षण किया। जायसवाल ने सबसे पहले मेडिकल कालेज हॉस्पिटल का  निरीक्षण किया। जायसवाल ने यहां  मरीजों से बात की उन्हें मिल रही सुविधाओं का भी जायजा लिया। 

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसके बाद रायपुर पंडरी जिला हॉस्पिटल का निरीक्षण कर यहां भर्ती मरीजों से उनका हाल चाल जाना और उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओ की जानकारी लेकर अन्य आवश्यक सुधारो के लिए सी एम एच ओ को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जायसवाल ने इस दौरान मातृ एवं शिशु हॉस्पिटल पुलिस लाइन टिकरापारा  का भी निरीक्षण किया और स्वास्थ्य सुविधाओ की जानकारी लेकर व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।

डॉक्टर बनने का सपना देख रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर, छत्तीसगढ़ को मिली MBBS की 50 नई सीटें रायपुर

20-Aug-2024
 ( शोर संदेश )  नीट क्वालिफाइड छात्रों के लिए अच्छी खबर है। एनएमसी ने भिलाई के जिस निजी कॉलेज को पहले 50 सीटों की मान्यता दी थी, अब वहां 100 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। नए सत्र में अब एमबीबीएस की सीटें 2130 पहुंच गई है। जबकि, सिम्स बिलासपुर में एमबीबीएस की 30 सीटें कम हुई हैं। प्रदेश के 10 सरकारी कॉलेजों में 1430 व 5 निजी कॉलेजों में 700 सीटें हैं। इनमें स्टेट कोटे की 1183 सीटें हैं। इन सीटों पर प्रदेश के स्थानीय छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। वहीं निजी कॉलेजों की 298 मैनेजमेंट कोटे की सीटों पर किसी भी राज्य के स्टूडेंट को प्रवेश देने का नियम है।
मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए रविवार से ऑनलाइन प्रवेश शुरू हो गया है। सोमवार तक 500 से ज्यादा छात्रों ने पंजीयन करवा लिया था। छात्रों को 24 अगस्त तक पंजीयन करवाना होगा। यानी पंजीयन के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। मेरिट सूची 27 व आवंटन सूची 30 अगस्त को जारी की जाएगी। कॉलेजों में 31 अगस्त से 5 सितंबर तक प्रवेश लेना होगा। भिलाई के जिस निजी कॉलेज को एनएमसी ने पहले 50 सीटों की अनुमति दी थी, प्रबंधन के प्रयासों के बाद 50 सीटें और बढ़ा दीं। इससे स्टेट कोटे के साथ मैनेजमेंट व एनआरआई कोटे की सीटें बढ़ गई हैं।
पांच निजी कॉलेजों में स्टेट व मैनेजमेंट कोटे की 299-299, एनआरआई की 103 सीटें हैं। एनआरआई कोटे की सीटें अब स्पांसरशिप के तहत दी जा रही है। इसके तहत किसी एनआरआई की गारंटी के बाद प्रदेश का कोई भी छात्र इस कोटे के तहत एडमिशन ले सकता है। हालांकि इसे लेकर विवाद भी है। कुछ एजेंट इसमें 1 से डेढ़ करोड़ में सीट दिलाने का दावा भी कर रहे हैं। दो नए कॉलेजों की फीस अभी तय नहीं की जा सकी है। संभावना है कि निजी कॉलेजों की वर्तमान फीस के अनुसार छात्राें को फीस देनी होगी। डीएमई डॉ. यूएस पैकरा ने कहा है कि छात्र या पालक किसी एजेंट के झांसे में न आएं। काउंसलिंग में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। मेरिट के अनुसार ही सभी कोटे की सीटें आवंटित की जाएंगी।
एडमिशन के लिए ये दस्तावेज जरूरी
एडमिशन प्रोफाइल, आवंटन पत्र, एनटीए का एडमिट कार्ड, रैंक लेटर, 10वीं-12वीं की अंकसूची, 12वीं का पासिंग सर्टिफिकेट, ट्रांसफर व कैरेक्टर सर्टिफिकेट, कास्ट सर्टिफिकेट, रूरल सर्विस बांड, पात्र होने पर दिव्यांग व ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट, डिसकंटीन्यूशन बांड, एफिडेविट, आवंटित कॉलेज से मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट, सेल्फ अटेस्टेड आधार या अन्य आईडी कार्ड, सभी दस्तावेजों की फोटो कॉपी का एक सेट।
मेडिकल कॉलेज व सीटें
कॉलेज- सीटें
रायपुर – 230
दुर्ग – 200
बिलासपुर – 150
अंबिकापुर – 125
रायगढ़ – 100
कोरबा – 125
राजनांदगांव – 125
महासमुंद – 125
कांकेर – 125
जगदलपुर – 125
बालाजी – 150
रिम्स – 150
शंकराचार्य – 150
रावतपुरा – 150
अभिषेक – 100
कुल – 2130

 


छत्‍तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग आज से शुरू

18-Aug-2024
रायपुर। ( शोर संदेश ) छत्‍तीसगढ़ में एमबीबीएस और बीडीएस की सीटों के लिए ऑनलाइन काउंसिलिंग रविवार से शुरू हो जाएगी। यह 24 अगस्त तक चलेगी। मेरिट सूची 27 और आवंटन सूची 30 अगस्त को जारी होगी। प्रवेश के लिए कुल चार राउंड होंगे। इनमें तीसरा मापअप व चौथा स्ट्रे वेंकेसी राउंड होगा। स्ट्रे राउंड में प्रवेश कॉलेज स्तर पर दिया जाएगा।
चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से काउंसिलिंग के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्ष डा. राबिया परवीन सिद्दीकी हैं। डॉक्टरों और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के चलते नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS) की एमबीबीएस की 30 सीटों की मान्यता रद कर दी है। इससे एमबीबीएस की सीटें कम हो गई हैं।
प्रदेश में एमबीबीएस की 2,110 और बीडीएस की 600 सीटें थीं। सिम्स पर एनएमसी की कार्रवाई से एमबीबीएस की सीटें 2,080 हो गई है। प्रदेश में 10 शासकीय और तीन निजी कॉलेज संचालित हो रहे थे। इस वर्ष दो कॉलेज बढ़ने से इनकी संख्या 15 हो गई है।
 

रायपुर एम्स में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, ओपीडी बंद

16-Aug-2024
रायपुर।  ( शोर  संदेश )  कोलकाता के आरजी मेडिकल कॉलेज में जूनियर महिला डॉक्टर से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में रायपुर के मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल आज भी जारी रहेगी। वहीं एम्स के डॉक्टरों ने भी ओपीडी बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले बंगाल में हुई घटना के विरोध में बुधवार को मेडिकल कालेज के जूनियर डाक्टरों ने हड़ताल किया। हड़ताल के कारण आंबेडकर अस्पताल की ओपीडी सेवाएं बंद रही। जूनियर डाक्टरों ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित नहीं होने दिया। आपातकालीन में डाक्टरों ने इलाज किया। महिला चिकित्सा डाक्टर ने कोलकाता में हुई घटना को नुक्कड़ नाटक के माध्यम दिखाया। आंबेडकर अस्पताल में लगभग 300 जूनियर डॉक्टर हड़ताल में शामिल हुए। जुडो के पूर्व अध्यक्ष डा. प्रेम चौधरी ने कहा पिछले कुछ दिनों में मेडिकल कालेजों के डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। कॉलेज और अस्पताल परिसर में फैकल्टी, मेडिकल छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों सहित सभी कर्मचारियों के लिए काम का सुरक्षित माहौल बने। ओपीडी, वार्ड, कैजुअल्टी, हास्टल और आवासीय परिसर में सुरक्षा के इंतजाम किए जाए।
 

ओपीडी बंद, जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर

14-Aug-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  पश्चिम बंगाल के कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुई रेप के बाद हत्या की घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस घटना को लेकर अब पूरे देश भर के डॉक्टरों ने धरना पर बैठ गए हैं। इसी बीच आज छत्तीसगढ़ के जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल करने का ऐलान कर दिया है। सभी डॉक्टर आज बड़ी संख्या में इकट्ठ होकर विरोध करेंगे। साथ ही आज सभी जूनियर डॉक्टर ओपीडी, ओटी और वार्ड में काम नहीं करेंगे। आज अंबेडकर अस्पताल में ओपीडी की सभी सेवाएं बंद रहेंगी। हालांकि इस दौरान इमरजेंसी सेवाओं में काम होगा। घटना के विरोध में डॉक्टर पहले से ही काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। आज करीब 300 जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल में काम बंद करने का फैसला लिया है। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने इसकी पुष्टि की है। आपको बता दें कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जूनियर महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। कोलकाता पुलिस का कहना है कि, आरोपी संजय रॉय ने 8 अगस्त की रात अस्पताल के पीछे शराब पी थी। फिर वारदात के बाद वो घर जाकर सो गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।



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