
रायपुर (शोर संदेश)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री टीएस सिंहदेव 18 अप्रैल को राज्य में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा करेंगे। वे 18 अप्रैल को सवेरे 11 बजे सिविल लाइन स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश में कोरोना जांच की व्यवस्था, अस्पतालों में उपकरणों, दवाईयों व बिस्तरों की उपलब्धता के साथ ही कोविड अनुकूल व्यवहारों के अनुपालन की समीक्षा करेंगे। चिकित्सा शिक्षा मंत्री सिंहदेव 18 अप्रैल को दोपहर पौने एक बजे शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज रायपुर में पीजी ब्लॉक के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करेंगे।

रायपुर (शोर संदेश)।छत्तीसगढ़ में बीते 24 घंटे में कोराेना के 476 नए कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान हुई है जबकि 95 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया।प्रदेश में अब एक्टिव मरीजों की संख्या 22 सौ से ऊपर हो गई है। लगातर सामने आ रहे मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार बीते 24 घंटे में 5620 सैंपलों की जांच की गई, जिसमें 476 नए कोविड मरीज मिले। इसमें सबसे ज्यादा 53 मरीजों की पहचान राजधानी रायपुर में की कई है। वहीं बिलासपुर में 50 संक्रमित मिले हैं। इसके बाद राजनांदगांव में 50 मरीज मिले हैं। प्रदेश के 25 जिलों में कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। अन्य जिलों में कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया। प्रदेश में 17 अप्रैल को हुई कोरोना जांच में सबसे ज्यादा मरीज रायपुर में मिले हैं। इसके अलावा दुर्ग से 20, सूरजपुर से 4, महासमुंद से 19, रायगढ़ से 12 राजनांदगांव से 50, बलौदबाज़ार से 20, रायगढ़ से 14, धमतरी से 21, कोरबा से 28, गरियाबंद से 7, कांकेर से 24 , कोरिया से 17, सूरजपुर से 25 मरीज मिले हैं।
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नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत में कोरोना संक्रमण की रफ्तार एक बार फिर तेज हो रही हैं। संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा जारी है, आपको बता दे कि बीते 24 घंटे में देश में कोरोना के 10 हजार 753 नए केस मिले हैं। इसी के साथ देश में अब सक्रिय केसों की संख्या 53 हजार 720 पहुंच गई है, जबकि 27 लोगों की मौत हुई है। गौरतलब हैं कि देश में एक बार फिर कोरोना वायरस के संक्रमण ने डराना शुरू कर दिया हैं। गुरुवार को संक्रमण के 11 हजार 109 मामले सामने आए थे और 29 लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा एक्टिव केस 49 हजार 622 हो गए थे। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक डेली पॉजीटिविटी रेट 6.78 प्रतिशत और वीकली रेट 4.49 प्रतिशत पहुंच गया है। इसके अलावा रिकवरी रेट 98.69 प्रतिशत है। वहीं मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत दर्ज की गई। पिछले 14 दिनों की अगर बात करे तो 1 से 14 अप्रैल तक देश में 89 हजार लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं।देश में पिछले 24 घंटे में 10 हजार 753 नए कोरोना मरीज मिले। इनमें से 7 हजार 229 केस सिर्फ 5 राज्यों में मिले। ये कुल आंकड़ों का 67 प्रतिशत है। कोरोना से प्रभावित होने वाले राज्यों में केरल हैं, यहां 3065 नए केस मिले हैं, 1892 लोग ठीक हुए, जबकि 6 लोगों की मौत हो गई। फिलहाल यहां 18,663 एक्टिव केस हैं। दिल्ली में शुक्रवार को 1420 नए केस आए और 6 मरीजों की कोरोना से मौत हो गई। 1065 लोग कोरोना संक्रमण से ठीक हुए हैं। यहां वर्तमान में एक्टिव केस 4,311 हो गए हैं। महाराष्ट्र में शुक्रवार को 1152 नए केस आए, वहीं 4 मरीजों की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। यहां पॉजिटिविटी रेट 7.27 प्रतिशत है और 5928 एक्टिव केस हैं। इसी तरह हरियाणा में पिछले दिनों 835 नए केस सामने आए और 436 लोग ठीक हुए। फिलहाल राज्य में 3233 एक्टिव केस हैं। यहां पॉजिटिविटी रेट 8.37 प्रतिशत दर्ज की गयी हैं। उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को 757 नए केस मिले और 271 लोग ठीक हुए। फिलहाल राज्य में 2579 एक्टिव केस हैं। यहां पॉजिटिविटी रेट 1.56 प्रतिशत दर्ज की गयी है।

रायपुर (शोर संदेश)। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 8 अप्रैल की स्थिति में प्रदेश की पाॅजिटिविटी दर 3.76 प्रतिशत है। आज प्रदेश भर में हुए 2153 सैंपलों की जांच में 81 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। प्रदेश में आज एक मौत रायपुर से दर्ज की गई है। प्रदेश में अब 442 मामले सक्रिय हैं। प्रदेश में आज बलरामपुर, बस्तर एवं कोंडागांव से 01-01, सूरजपुर से 02, महासमुंद से 03, धमतरी से 04, बालोद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कांकेर एवं जांजगीर-चांपा से 05-05, बिलासपुर से 06, राजनांदगांव एवं दुर्ग से 08-08, रायपुर से 27 कोरोना संक्रमित पाए गए तथा शेष जिलों में कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया है। वहीं 7 जिलों गरियाबंद, रायगढ़, मुंगेली, सुरजपुर, सुकमा, नारायणपुर एवं बीजापुर में कोरोना के सक्रिय मरीज नहीं है।

रायपुर (शोर संदेश)। विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक 5 अप्रैल की स्थिति में प्रदेश की पाॅजिटिविटी दर 3.45 प्रतिशत है। आज प्रदेश भर में हुए 1710 सैंपलों की जांच में 59 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। प्रदेश में आज कोरोना संक्रमित किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है। प्रदेश में अब कुल 238 मामले सक्रिय हैं आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा एवं बेमेतरा से 01-01, दुर्ग से 03, जांजगीर-चांपा से 04, कांकेर से 06, कोंडागांव से 07, राजनांदगांव एवं बिलासपुर से 10-10, रायपुर से 16 कोरोना संक्रमित पाए गए तथा शेष जिलों में कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया है। वहीं कबीरधाम, बलौदाबाजार, गरियाबंद, रायगढ़, मुंगेली, सुरजपुर, बलरामपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर एवं बीजापुर में कोरोना के सक्रिय मरीज नहीं है।

जयपुर (शोर संदेश)। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे कोरोना संक्रमित हो गए हैं। दोनों ने ट्वीट कर कोरोना संक्रमित होने की जानकारी दी है। सीएम गहलोत ने मंगलवार को ट्वीटर पर लिखा, पिछले कुछ दिनों में देशभर में कोविड के मामले बढ़े हैं। मैं स्वयं भी हल्के लक्षणों के साथ कोविड से संक्रमित हो गया हूं। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अगले कुछ दिन निवास से ही कार्य जारी रखूंगा। आप सब सावधानी बरतें और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर कहा, कोविड की जांच में मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। चिकित्सकों की सलाह पर मैं पूर्ण रूप से आइसोलेशन में हूं। जो लोग मेरे संपर्क में रहे, वे अपनी जांच करवाएं और सावधानी बरतें। बता दें कि अशोक गहलोत सोमवार को सूरत गए थे। वे राहुल गांधी की जमानत के समय उनके साथ थे। इस दौरान छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी साथ थे।

लोग गर्मी से राहत पाने के लिए डाइट में तरह-तरह की चीज़ें शामिल करते हैं। इस मौसम में फिट रहने के लिए खानपान का विशेष ख्याल रखना चाहिए। गर्मी में डिहाइड्रेशन, खाना सही से न पचने जैसी तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में जरूरी है कि आप अपनी डाइट में उन चीज़ों को शामिल करें, जिससे आप इस मौसम में होने वाली परेशानियों को मात दे सकें। आज आपको कुछ खास हरे रंग के जूस के बारे में बताएंगे, जिन्हें पीने से आप ऊर्जावान महसूस करेंगे।
एलोवेरा का जूस
एलोवेरा जूस में औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसके सेवन से आप कई बड़ी बीमारियों से बच सकते हैं। यह विटामिन-ए, विटामिन-सी, सोडियम, आयरन, कैल्शियम जैसे तत्वों से भरपूर होता है। यह शरीर की कई परेशानियों को दूर करने के साथ स्किन के लिए भी गुणकारी माना जाता है। गर्मी में इसे पीने से आप दिनभर ताजगी महसूस कर सकते हैं।
गन्ने का जूस
गर्मियों का सुपर एनर्जी ड्रिंक माना जाता है गन्ने का जूस। यह आपको रिफ्रेश करने के साथ कई रोगों से बचाने में मदद करता है। इसमें फाइबर, कैल्शियम, पोटैशियम और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह ग्रीन जूस आपको डिहाइड्रेशन से बचाती है, इसके अलावा यह पाचन तंत्र को बेहतर करने में भी मददगार है।
लौकी का जूस
लौकी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसका जूस भी उतना ही फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन-सी, फॉस्फोरस, आयरन जैसे तत्व मौजूद होते हैं। आप अपनी डेली डाइट में लौकी का जूस शामिल कर सकते हैं। इसे पीने से आपको कई परेशानियों से राहत मिल सकती हैं।
करेले का जूस
करेले का टेस्ट जितना कड़वा होता है, यह सेहत के लिए उतना ही फायदेमंद माना जाता है। करेले का जूस डायबिटीज के मरीजों के लिए रामबाण है। इसे पीने से कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने में भी मदद मिलती है।
पालक का जूस
गर्मी के मौसम में हरी पत्तेदार सब्जियां खाने की सलाह दी जाती है। ऐसे में आप अपनी डाइट में पालक का जूस भी शामिल कर सकते हैं। यह शरीर को हाइड्रेट करने के साथ खून की कमी को भी दूर करता है।

नई दिल्ली (शोर संदेश)। देश में कोरोना का खतरा एक बार फिर बढ़ने लगा है। ताजा जानकारी के मुताबिक, भारत में बीते 24 घंटों में कोरोना के 1,249 नए मरीज सामने आए हैं। इसके साथ ही देश में महामारी के सक्रिय मरीजों की संख्या 7,927 हो गई है। यानी इतने मरीजों का इलाज देश के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, इस दौरान 2 मरीजों की मौत हुई। ये कर्नाटक और गुजरात के थे। इस दौरान 925 लोगों ने कोरोना को मात दी। मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की र 98.8 प्रतिशत है जबकि मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। इस बीच, केंद्र सरकार ने लोकसभा को बताया कि आईसीएमआर के एक सर्वेक्षण से पता चला है कि दो महीने से अधिक समय में अस्पतालों में भर्ती होने वाले श्वसन संक्रमण के 50 प्रतिशत मामले एच3एन2 इन्फ्लूएंजा के हैं। स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने एक लिखित उत्तर में कहा कि एक जनवरी से 20 मार्च के बीच एच3एन2 इन्फ्लूएंजा के कुल 1,161 मामले सामने आए हैं, जो मौसमी इन्फ्लूएंजा वायरस का एक उपप्रकार है। उन्होंने कहा कि इनमें से ज्यादातर मामलों में खांसी और बुखार के लक्षण दिखाई दिए। मंत्री ने कहा कि एच3एन2 एक वायरल श्वसन संक्रमण है और इसके उपचार में एंटीबायोटिक दवाओं की कोई भूमिका नहीं है।

नई दिल्ली (शोर संदेश)। दिल्ली एम्स के डॉक्टरों ने नया कारनामा कर दिया है। डॉक्टरों की टीम ने महिला के गर्भ में पल रहे भ्रूण के दिल को महज 90 सेकंड में ठीक कर दिया। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली के कार्डियोथोरेसिक साइंसेज सेंटर में अंगूर के आकार के दिल का सफल बैलून डाइलेशन किया गया है। इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट और प्रसूति एवं स्त्री रोग के भ्रूण चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम ने इस प्रक्रिया को सफल बनाया। इस प्रक्रिया के बाद मां और गर्भ में पल रहे बच्चे की स्थिति बेहतर है। भ्रूण चिकित्सा विभाग के साथ कार्डियोलॉजी और कार्डियक एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टर भ्रूण की निगरानी कर रहे हैं। इस दौरान देखा जा रहा है कि भविष्य में भ्रूण के दिल के कक्ष का विकास सही से होगा या नहीं। डॉक्टरों का कहना है कि गर्भ में रहने के दौरान बच्चे में होने वाले गंभीर हृदय रोगों का निदान किया जा सकता है। गर्भ में इलाज से बच्चे का विकास जन्म के बाद बेहतर हो सकता है।
*यह थी समस्या*
डॉक्टरों का कहना है कि गर्भस्थ के दिल में यह एक अवरुद्ध वाल्व का गुब्बारा फैलाव है। इस प्रक्रिया को अल्ट्रासाउंड की मदद से की जाती है। इस प्रक्रिया में मां के पेट के माध्यम से बच्चे के दिल में एक सुई डाली गई। फिर गुब्बारे कैथेटर का उपयोग करके, रक्त प्रवाह में सुधार के लिए बाधित वाल्व को खोला गया। इस प्रक्रिया के बाद डॉक्टरों का दावा है कि भ्रूण का दिल बेहतर विकसित होगा और जन्म के समय हृदय रोग कम गंभीर होगा। डॉक्टर ने कहा कि इस तरह की प्रक्रिया से भ्रूण के जीवन का खतरा हो सकता है। इसे अत्यधिक सावधानी के साथ किया जाता है। आम तौर पर एंजियोग्राफी के तहत ऐसी प्रक्रिया की जाती है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं कर सकते थे। यहां सब कुछ अल्ट्रासाउंड मार्गदर्शन के तहत किया जाता है। इसे करने के लिए ज्यादा समय भी नहीं ले सकते थे, यदि समय ज्यादा लगता तो बच्चा मर सकता था। एम्स में कार्डियोथोरेसिक साइंसेज सेंटर की टीम के वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा यह प्रक्रिया महज 90 सेकंड में की गई।
तीन बार हुआ था नुकसान
एम्स में आई 28 वर्षीय गर्भवती महिला इससे पहले तीन बार गर्भपात हो चुका था। महिला अपने बच्चे को खोना नहीं चाहती थी। डॉक्टरों द्वारा बच्चे की हृदय की स्थिति के बारे में बताए जाने और परिणाम में सुधार की इच्छा के साथ प्रक्रिया के लिए सहमति देने के बाद माता-पिता वर्तमान गर्भावस्था को जारी रखना चाहते थे।

नई दिल्ली (शोर संदेश) । एच3एन2 वायरस का खतरा भारत में तेजी से बढ़ता जा रहा है। हरियाणा और कर्नाटक के अब ये वायरस धीरे-धीरे सभी राज्यों में फैलता जा रहा है। एच3एन2 वायरस की चपेट में आकर आज भारत में तीसरे मरीज की मौत हो चुकी है। गुजरात के वडोदरा में 58 साल की महिला एच3एन2 वायरस का शिकार हो कर दम तोड़ दिया है। सैंपल जांच के लिए पुणे लैब भेजे जाएंगे। यह वायरस स्वाइन फ्लू का म्यूटेटेड वायरस बताया जा रहा है। एच3एन2 से हरियाणा और कर्नाटक में भी दो मरीजों की मौत हो चुकी है। आपको बताएं कि, पिछले कुछ महीनों में देश में फ्लू के मामले अचानक से बढ़ गए हैं अधिकांश संक्रमण H3N2 वायरस के कारण हो रहा है , जिसे “हांगकांग फ्लू” के रूप में भी जाना जाता है. यह वायरस देश में अन्य इन्फ्लुएंजा उपप्रकारों की तुलना में अधिक अस्पताल में भर्ती होने का कारण बन रहा है. इस वायरस के लक्षणों में लगातार खांसी, बुखार, ठंड लगना, सांस फूलना और घरघराहट शामिल हैं, साथ ही मरीजों ने मतली, गले में खराश, शरीर में दर्द और दस्त की भी शिकायत देखने को मिल रहा है. आपको बताएं कि, ये लक्षण लगभग एक सप्ताह तक बने रह सकते हैं. कोविड जैसे नियमो के पालन से ही इस वायरस से बचा जा सकता है। इन्फ्लूएंजा से बचने के लिए भी मास्क काफी जरूरी है. ये वायरस भी रेस्पिरेटरी इंफेक्शन है जो एक से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. मास्क लगाने से इससे बचाव हो सकेगा. साथ ही छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को अगले कुछ सप्ताह तक अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना होगा. अगर इन लोगों को खांसी-जुकाम या हल्के बुखार की शिकायत है तो डॉक्टर से मिलना चाहिए. अगर दो या दिन में लक्षण ठीक हो रहे हैं तो ये अच्छा संकेत है, लेकिन इससे ज्यादा दिनों तक लक्षणों का बने रहना खतरा हो सकता है. ऐसे में सेहत का विशेष ध्यान रखना है.