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*कोरोना के इलाज की गाइडलाइन बदली कई दवाओं के इस्‍तेमाल पर लगी रोक*

18-Jan-2022

नई दिल्ली (शोर संदेश)। कोरोना के इलाज को लेकर सरकार की ओर से नई गाइडलाइंस जारी की गई है। इसमें मरीजों को तीन श्रेणियों में बांटे जाने के साथ ही कई दवाओं के इस्‍तेमाल पर रोक लगा दी गई है। नई गाइडलाइन में कहा गया है कि इसका कोई प्रमाण नहीं मिला है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद कोरोना के जिन मरीजों को आक्सीजन की जरूरत नहीं होती है उन्हें इंजेक्शन के जरिये स्टेरायड देना लाभकारी है। एम्स, आइसीएमआर- कोविड-19 नेशनल टास्क फोर्स और स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त निगरानी समूह (डीजीएचएस) द्वारा ‘क्लीनिकल गाइडेंस फार मैनेजमेंट आफ एडल्ट कोविड-19 पेसेंट’ के नाम से संशोधित गाइडलाइंस जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि संक्रमण के प्रारंभिक चरण में या ज्यादा मात्रा में या जरूरत से अधिक समय तक स्टेरायड जैसी ताकत बढ़ाने वाली दवाओं के इस्तेमाल से ब्लैक फंगस जैसे संक्रमण का खतरा रहता है। गाइडलाइंस के मुताबिक मध्यम स्तर के संक्रमण वाले मरीज को इंजेक्शन मिथाइलप्रेडनिसोलो 0.5 से एक एमडी प्रति केजी को दो समान डोज या इसके बराबर डेक्सामेथासोन की डोज आमतौर पर पांच से 10 दिन तक दी जा सकती है। गंभीर संक्रमण होने पर रोगी को यह दवा की एक से दो एमजी प्रति केजी को दो समान डोज में पांच से 10 दिन तक दिया जा सकता है। हल्के संक्रमण के मामले में बीमारी शुरू होने के पांच दिन बाद भी अगर बुखार रहता है और खांसी आती है तो बिडसोनाइड 800एसीजी की पांच दिन तक दो डोज ली जा सकती है। अगर खांसी दो से तीन हफ्ते तक लगातार बनी रहती है तो मरीज को टीबी यानी क्षयरोग या अन्य जांच करानी चाहिए। मध्यम या गंभीर तरह के संक्रमण पर आपात स्थितियों में रेमडेसिविर देने की अनुसंशा की गई है, लेकिन यह दवा सिर्फ अस्पताल में भर्ती मरीजों को ही दी जा सकती है और जो आक्सीजन पर नहीं हों। अगर किसी मरीज में संक्रमण के 24 से 48घंटे के भीतर ही गंभीर लक्षण दिखने लगते हैं तो उसे तोसिलिजुमैब देने की अनुमति दी गई है। आइसीयू वाले मरीजों को भी यह दवा दी जा सकती है। सरकार की ओर से बदली गई नई गाइडलाइंस में संक्रमितों की तीन श्रेणियां बनाई गई हैं। इनमें हल्का, मध्यम और गंभीर इंफेक्‍शन के रूप में मरीजों का वर्गीकरण किया गया है। नई गाइडलाइन में साफ कहा गया है कि किसी भी श्रेणी के मरीजों के इलाज में एंटीवायरल दवा मोलनुपिराविर और मोनोक्लोनल एंडीबाडी काकटेल को शामिल नहीं किया गया है। समाचार एजंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक इसके अलावा आइवरमेक्टिन, फेविपिराविर और डाक्सीसाइक्लिन जैसी दवाइयों को भी गाइडलाइंस से बाहर रखा गया है।



*मार्च से शुरू हो जाएगा 12-14 साल के बच्चों का टीकाकरण*

17-Jan-2022

नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत में कोरोना टीकाकरण की रफ्तार तेजी से बढ़ती जा रही है। इस बीच केंद्र सरकार के कोविड-19 वर्किंग ग्रुप (NTAGI) के अध्यक्ष डॉक्टर एनके अरोड़ा ने एलान किया है कि भारत में 12 से 14 साल के बच्चों का टीकाकरण मार्च में शुरू हो सकता है। उन्होंने कहा कि तब तक 15 से 18 साल के किशोरों का टीकाकरण पूरा हो जाने की उम्मीद है। ऐसे में अगले चरण में बच्चों को टीका लगाए जाने की उम्मीद है। डॉक्टर अरोड़ा के मुताबिक, देश में 15-18 आयु वर्ग के 7.5 करोड़ लोग हैं। इनमें से 3.45 करोड़ किशोरों को कोरोना की वैक्सीन लग चुकी है। चूंकि, किशोरों को कोवाक्सिन लगाई जा रही है, इसलिए 28 से 42 दिन के अंदर उन्हें टीके की दूसरी खुराक भी दे दी जाएगी। यानी 15-18 आयु वर्ग का वैक्सिनेशन मार्च तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद 12 से 14 साल वाले बच्चों का टीकाकरण पूरे जोर-शोर से शुरू किया जा सकेगा।


*इन देशों में आई ओमिक्रॉन संक्रमण में गिरावट, भारत में लगेगा वक्त*

16-Jan-2022

नई दिल्ली (शोर संदेश)। तीन महीने बाद दुनिया के छह देशों में ओमिक्रॉन स्वरूप के संक्रमण में यूटर्न देखने को मिलने लगा है। जिन देशों में गिरावट दिख रही है उनमें यूके, कनाडा, इटली,आयरलैंड, डेनमार्क और आइसलैंड शामिल हैं। इन देशों में संक्रमण प्रसार का ग्राफ अब नीचे की ओर बढ़ने लगा है। हालांकि भारत में अभी ऐसी स्थिति दिखाई नहीं दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में अभी यूटर्न आना बाकी है। चूंकि दूसरे देशों में करीब एक महीने से भी अधिक समय पहले से ओमिक्रॉन के मामले मिलने शुरू हुए थे। ऐसे में कोरोना की तीसरी लहर का पीक भारत में अगले कुछ सप्ताह में ही स्पष्ट हो पाएगा।

आंकड़ों के अनुसार देश में अभी कोरोना की तीसरी लहर चल रही है, जिसमें दैनिक संक्रमण दर 16 फीसदी पार चली गई है और साप्ताहिक संक्रमण भी 13 फीसदी पर आई है। बीते तीन दिन से देश में रोजाना दो लाख से अधिक मामले मिल रहे हैं। वहीं सात से 15 जनवरी के बीच देश में 17.50 लाख से भी ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।

पांच फीसदी मरीज हो रहे अस्पतालों में भर्ती
विशेषज्ञों ने बताया कि भारत में अभी पांच फीसदी से भी कम मरीजों को अस्पतालों में भर्ती करने की नौबत आ रही है। हालांकि एक आशंका यह भी कि अगले कुछ दिन में यह दर पांच से 10 फीसदी हो सकती है।

कोरोना और बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि जहां ओमिक्रॉन की वजह से संक्रमण की नई लहर बीती लहर से ज्यादा असरदार दिखाई दी है। ऐसे में अगर भारत में दूसरी लहर से तुलना करें तो अभी कोरोना का प्रसार और अधिक होने की आशंका है। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि ब्रिटेन में जब पहली बार ओमिक्रॉन वैरिएंट का पता चला तब वहां करीब छह फीसदी मरीज भर्ती हो रहे थे।

कई गुना बढ़ी सक्रिय मरीजों की संख्या
स्वास्थ्य मंत्रालय की ही एक रिपोर्ट के अनुसार बीते 12 जनवरी तक कई राज्यों में पिछले हफ्ते की तुलना में सक्रिय केस की संख्या कई गुना तक बढ़ गई। उत्तर प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मामले 14 गुना 3,173 से बढ़कर 44,466 तक पहुंच गए हैं। जबकि पंजाब में 8.65, मध्य प्रदेश में 10.95 और बिहार में 11.27 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

कोरोना से ठीक होने की दर अब 94.83 फीसदी
पश्चिम बंगाल के कोलकाता और हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति जिले में हर दूसरा नमूना संक्रमित मिला है। जबकि सबसे अधिक अरुणाचल प्रदेश के दो जिलों में 77 फीसदी तक संक्रमण दर पहुंच गई है। बहरहाल शनिवार को लगातार तीसरे दिन देश में दो लाख से अधिक लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। देश में कोरोना की रिकवरी दर में लगातार कमी आ रही है।

फिलहाल यह 95 से कम होकर 94.83 फीसदी तक पहुंच गई है। इनके अलावा कोरोना की दैनिक संक्रमण दर 16.66 फीसदी और साप्ताहिक संक्रमण दर 12.84 फीसदी दर्ज की गई है। पिछले एक दिन में 16,13,740 सैंपल की जांच हुई है। हर दिन संक्रमित रोगियों की संख्या बढ़ने की वजह से कोरोना की सक्रिय दर 3.85 फीसदी तक पहुंच गई है। देश में अभी 14,17,820 कोरोना मरीज उपचाराधीन हैं।

आंकड़ों के अनुसार, 3 से 9 जनवरी तक देश के 29 राज्यों में 129 जिले गंभीर श्रेणी में थे लेकिन बीते छह दिन में लगातार बढ़ते मामलों के चलते अब 32 राज्यों में इन गंभीर जिलों की संख्या 236 तक पहुंच गई है। इतना ही नहीं देश के 154 जिलों में भी हालात सामान्य नहीं है। यहां कोरोना की साप्ताहिक संक्रमण दर पांच से 10 फीसदी के बीच है। इसलिए सरकार ने इन सभी जिलों को चिंताजनक श्रेणी में रखा है। हालांकि एक राहत यह भी है कि देश के 344 जिलों में अभी भी संक्रमण दर पांच फीसदी से नीचे है।


*ओमिक्रॉन-डेल्टा वैरिएंट को निष्क्रिय कर देती है इस वैक्सीन की बूस्टर खुराक*

12-Jan-2022

हैदराबाद (शोर संदेश)। भारत की पहली स्वदेशी वैक्सीन कोवाक्सिन को लेकर एक बड़ा एलान हुआ है। इस टीके को बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने दावा किया है कि कोवाक्सिन का बूस्टर डोज कोरोनावायरस के ओमिक्रॉन और डेल्टा वैरिएंट को निष्क्रिय कर देता है। कंपनी ने बूस्टर पर जारी शोध के शुरुआती नतीजे आने के बाद यह दावा किया है। इससे पहले भारत बायोटेक ने कहा था कि कोवाक्सिन बूस्टर डोज के उसके परीक्षणों में बिना किसी गंभीर प्रतिकूल घटना के लंबी अवधि के लिए सुरक्षित दिखाया। कोवाक्सिन निर्माता कंपनी ने कहा कि डोज लेने वालों से 90 फीसदी में कोरोना के खिलाफ (दूसरी खुराक के 6 महीने बाद) मजबूत एंटीबॉडी प्रतिक्रिया देखी गई।

15-18 साल के किशोरों के टीकाकरण में भी कोवाक्सिन का इस्तेमाल
भारत बायोटेक की कोवाक्सिन से ही 15 से 18 साल के किशोरों का टीकाकरण किया जा रहा है। हाल ही में भारत बायोटेक ने कहा था कि दूसरे और तीसरे चरण के अध्ययन में उसकी कोवाक्सिन दो से 18 वर्ष आयुवर्ग में सुरक्षित, अच्छी तरह सहन करने योग्य और इम्युनिटी बढ़ाने वाली पाई गई है। भारत बायोटेक के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर कृष्णा इल्ला की मानें तो बच्चों और किशोरों पर कोवैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल के डाटा बेहद उत्साहजनक हैं।


राजधानी में ओमिक्रॉन की घुसपैठ 4 संक्रमितों में हुई इसकी पुष्टि

11-Jan-2022

 रायपुर (शोर संदेश)। प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन की वजह से प्रदेश में दहशत है। राजधानी रायपुर में 4 ओमिक्रोन मरीजों की पुष्टि हुई है। संक्रमितों में से दो संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से लौटे थे, वहीं दो लोग यहीं के हैं, जो इसकी चपेट में आए हैं। इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि ओमिक्रोन बिना विदेश यात्रा के बगैर भी अपनी चपेट में ले रहा है।

इस मामले में छत्तीसगढ़ के महामारी नियंत्रण विभाग के निदेशक डॉ. सुभाष मिश्रा ने कहा कि जिन लोगों के नमूने हमने जीनोम अनुक्रमण के लिए भुवनेश्वर, ओडिशा भेजे थे, उनमें से 4 की रिपोर्ट आई है। वे ओमिक्रोन से संक्रमित पाए गए हैं। सभी रायपुर के रहने वाले हैं। इनमें से दो की ट्रेवल हिस्ट्री है। वे यूएई-दुबई से लौटे थे। यहां जांच की गई तो वे पॉजिटिव पाए गए। उसके बाद उनके नमूने जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजे गए थे।


*किशोरों के कोरोना टीकाकरण के लिए जुटा शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग*

30-Dec-2021

 दक्ष कमांड सेंटर के `वार रूम` में हुई महत्वपूर्ण बैठक

रायपुर (शोर संदेश)। जिले में किशोर बालक-बालिकाओं के शत-प्रतिशत कोविड-19 टीकाकरण के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। कलेक्टर सौरभ कुमार के निर्देश पर रायपुर स्मार्ट सिटी लि. के अतिरिक्त प्रबंध संचालक चन्द्रकांत वर्मा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने आज `दक्ष` कमांड सेंटर के वार रूम में शिक्षा,स्वास्थ्य व चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर शत-प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा करने रायपुर जिले में की जा रही तैयारियों को अंतिम रूप दिया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मीरा बघेल भी बैठक सम्मिलित थी।कोरोना संक्रमण की संभावित लहर को रोकने रायपुर जिले में की जा रही तैयारियों के संबंध में कलेक्टर सौरभ कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार सुबह ही एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें नगर निगम कमिश्नर प्रभात मलिक, रायपुर स्मार्ट सिटी लि. के अतिरिक्त प्रबंध संचालक चंद्रकांत वर्मा, सी.ई.ओ. जिला पंचायत मयंक चतुर्वेदी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मीरा बघेल सहित स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के जिला अधिकारी सम्मिलित थे। इस बैठक में किशोरों के टीकाकरण के संबंध में दिए गए दिशा-निर्देशों के परिपालन के लिए दक्ष कमांड सेंटर के `वार रूम` में तत्काल बैठक आयोजित कर दिशा-निर्देश दिए गए।इस बैठक में स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग को पूर्ण समन्वय के साथ शत-प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा करने हर स्कूल में 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिकाओं का चिन्हाकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में निर्देशित किया गया है कि टीकाकरण का यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम रोस्टर के अनुरूप निष्पादित किया जाए एवं संबंधित स्कूल एवं महाविद्यालय स्टाफ का भी इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग लें।टीकाकरण रजिस्ट्रेशन के संबंध में अवगत कराया गया है कि किशोरों के टीकाकरण के लिए www.cowin.gov.in पोर्टल पर पंजीयन 1 जनवरी 2022 से शुरू हो रहा है, 15-18 आयु वर्ग के बालक-बालिकाएं अपना पंजीयन इस पोर्टल पर जाकर कर सकेंगे। वहीं जिन किशोरों को ऑनलाइन पंजीयन में किसी भी प्रकार की असुविधा होगी, उनके लिए टीकाकरण स्थल पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। बैठक में जिला रोजगार अधिकारी केदार पटेल, जिला टीकाकरण अधिकारी आशीष वर्मा, स्वास्थ्य विभाग जिला कार्यक्रम अधिकारी मनीष मैजरवार, जिला शिक्षा कार्यक्रम समन्वयक के.एस. पटले, सिटी प्रोग्राम मैनेजर अंशुल ठुड्गर, स्वतंत्र रहंडाले उपस्थित थे।

 

*भारत में अब ओमीक्रॉन के 781 मामले 24 घंटे में कोरोना के 9 हजार से ज्यादा*

29-Dec-2021

नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत में ओमिक्रॉन के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी बुधवार के आंकड़े के अनुसार देश में ओमिक्रॉन संक्रमितों की कुल संख्या 781 हो गई है। दिल्ली 238 मामलों के साथ पहले स्थान पर आ गई है। वहीं महाराष्ट्र 167 मरीजों के साथ दूसरे स्थान पर है। वहीं बीते 24 घंटों में देश में कोरोना संक्रमण के 9 हजार 195 नए मामले मिले हैं। इस दौरान 302 मरीजों की मौत हुई। फिलहाल, देश में 77 हजार से ज्यादा कोविड मरीजों का इलाज जारी है। नए आंकड़ों को मिलाकर देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 3 करोड़ 48 लाख 8 हजार 886 पर पहुंच गई है। वहीं, अब तक 4 लाख 80 हजार 592 मरीज जान गंवा चुके हैं।नए आंकड़ों के अनुसार, ओमिक्रॉन वेरिएंट के 781 में से 241 मामलों में मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है या वे बाहर चले गए हैं। ओमिक्रॉन वेरिएंट के सबसे ज्यादा 238 मामले राजधानी दिल्ली में है। इसके बाद महाराष्ट्र में 167 मामले मिले हैं। देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ओमिक्रॉन की दस्तक हो चुकी है। हाल ही में मणिपुर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, गोवा में पहला मामला दर्ज किया गया है।महाराष्ट्र में मंगलवार को कोविड-19 के 2,172 नये मामले सामने आने के साथ कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 66,61,486 हो गयी है। जबकि 22 और रोगियों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 1,41,476 हो गई। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी। हालांकि, थोड़ी राहत की बात यह रही कि बीते 24 घंटे के दौरान महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप का कोई नया मामला सामने नहीं आया। राज्य में अब तक ओमीक्रोन के 167 मामलों की पुष्टि हो चुकी है।दिल्ली में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 496 नए मामले सामने आए, जो चार जून के बाद से एक दिन में सामने आए मामलों की सर्वाधिक संख्या है। राष्ट्रीय राजधानी में पिछले 24 घंटे में महामारी से एक मरीज की मौत हुई जबकि संक्रमण की दर बढ़कर 0.89 प्रतिशत हो गयी। दिल्ली में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 14,44,179 मामले सामने आ चुके हैं। केरल में ओमीक्रोन से संक्रमण के और सात मामले आने के साथ ही राज्य में कोरोना वायरस के नये स्वरूप से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 64 हो गई है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को बताया कि सात नये मामलों में से चार पथनमथिट्टा में, दो अलप्पुझा और एक तिरुवनंतपुरम में आए हैं। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इनमें से दो लोग संयुक्त अरब अमीरात से लौटे हैं, जबकि एक-एक व्यक्ति आयरलैंड, कतर, इटली और तंजानिया से लौटे हैं। वहीं एक व्यक्ति संक्रमित मरीज के संपर्क में आकर संक्रमित हुआ है।


*आयुष्मान कार्ड से ईलाज में अनियमितता, अस्पताल निलंबित*

28-Dec-2021

सीएमएचओ ने जारी किए निर्देश
कोरबा  (शोर संदेश) आयुष्मान कार्ड से गरीब मरीजों के ईलाज में अनियमितता बरतने पर शहर के कोसाबाड़ी स्थित गीतादेवी मेमोरियल अस्पताल से कार्ड से ईलाज की सुविधा तीन माह के लिए निलंबित कर दी गई है। इसके साथ ही राज्य नोडल एजेंसी ने अस्पताल पर दो लाख 40 हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया है। इस संबंध में जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.बी. बोडे ने निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। गीतादेवी मेमोरियल अस्पताल प्रबंधन द्वारा अब मरीजों के ईलाज में व्यय राशि आयुष्मान कार्ड से नहीं ली जा सकेगी। गीतादेवी मेमोरियल अस्पताल को गरीब मरीजों को ईलाज की बेहतर सुविधा के लिए प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना-डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत पंजीकृत किया गया था। कोसाबाडी स्थित इस अस्पताल द्वारा मरीजों को आयुष्मान कार्ड के माध्यम से डॉ. खूबचंद स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत निःशुल्क उपचार की सुविधा देना बताकर भर्ती किया जाता था। डॉ. बोडे ने बताया कि गीता देवी मेमोरियल अस्पताल के विरूद्ध मरीजों को भर्ती करने के बाद आयुष्मान कार्ड से निर्धारित पैकेज से अधिक राशि लेने, ईलाज के दौरान परिजनों से दवाईयों की नगदी खरीदी कराने, पैथॉलॉजी जांच, इम्प्लांट आदि के लिए भी अतिरिक्त नकद राशि लेने की शिकायतें लंबे समय से मिल रहीं थीं। मरीजों के भर्ती होने के बाद ईलाज के लिए नकद राशि लेने की भी शिकायतें सीएमएचओ कार्यालय को मिली थीं। इन शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए सीएमएचओ कार्यालय ने गहन जांच कराई थी और जांच के दौरान सभी शिकायतें सही पाई गई थी।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बोडे ने बताया कि इससे पहले भी गीता देवी मेमोरियल अस्पताल के विरूद्ध मिली शिकायतों पर जिला स्तर के जांच दल ने गहन जांच की थी और शिकायतों के सही पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए अस्पताल का पंजीयन निरस्त करने के लिए प्रतिवेदन राज्य नोडल एजेंसी को भेजा गया था। राज्य नोडल एजेंसी ने भी गीता देवी मेमोरियल अस्पताल द्वारा शिकायतों पर समाधान कारक जानकारी प्रस्तुत नहीं करने, मरीजों के निःशुल्क ईलाज में लापरवाही बरतने और नियम विरूद्ध मरीजों से नकद राशि लिए जाने के कारण दण्डात्मक कार्रवाई की है। एजेंसी ने अस्पताल पर दो लाख 40 हजार रूपए का अर्थदण्ड भी लगाया है। राज्य नोडल एजेंसी ने इस अस्पताल को शासन द्वारा संचालित योजनाओं से तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया है। 


*विधानसभा चुनाव पर मंडराया ओमीक्रॉन का खतरा आयोग ने बुलाई बैठक*

27-Dec-2021

नई दिल्ली (शोर संदेश)। आगामी विधानसभा चुनाव पर कोरोना का खतरा मंडराने लगा है। जैसे-जैसे पांच राज्‍यों में विधानसभा चुनाव का समय निकट आ रहा है, राजनीतिक एवं प्रशासनिक स्‍तर पर तैयारियां बढ़ती जा रही हैं। लेकिन इस बीच देश में ओमिक्रोन संक्रमण का फैलता दायरा चिंता का विषय बन गया है। ऐसे में बढ़ते संक्रमण के बीच मतदान कराना सरकार एवं चुनाव आयोग के लिए चुनौती बन गया है। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन ने अगले साल पांच राज्यों (उत्तर प्रदेश, पंजाब, त्रिपुरा, गोवा और मणिपुर) में होने जा रहे विधानसभा चुनाव को खतरे में डाल दिया है। चुनाव होंगे, तो संक्रमण रोकने क्या इंतजाम किए जाएंगे, इसे लेकर आज चुनाव आयोग स्वास्थ्य मंत्रालय के सीनियर आफिसर्स के साथ बैठक करने जा रहा है। बता दें कि देश में ओमिक्रॉन के मरीजों की संख्या 529 पार कर गई है। देश के 19 राज्यों में ओमिक्रोन पहुंच चुका है।बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव राजेश भूषण विशेषतौर पर मौजूद रहेंगे। बैठक में देश में कोरोना के मौजूद हालात की समीक्षा होगा। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के फीडबैक के आधार पर ही इन पांच राज्यों में चुनाव कराने या नहीं कराने का फैसला होगा। इन सभी राज्यों में मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने में 8-10 महीने से भी कम का समय बचा है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने की थी चुनाव टालने की अपील

पिछले दिनों भीड़ जुटने के चलते कोरोना फैलने के खतरे को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव टालने की अपील की थी। जस्टिस शेखर कुमार यादव ने कहा था, `उत्तरप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में कोरोना की तीसरी लहर से जनता को बचाने के लिए चुनाव आयोग राजनीतिक पार्टियों की चुनावी रैलियों पर रोक लगाए। उनसे कहा जाए कि वे चुनाव प्रचार टीवी और समाचार पत्रों के माध्यम से करें। प्रधानमंत्री चुनाव टालने पर भी विचार करें, क्योंकि जान है तो जहान है।`


*तेजी से पांव पसार रहा ओमिक्रॉन केंद्र की नसीहत के बाद यहां सख्ती*

25-Dec-2021

नई दिल्ली (शोर संदेश)। देश में ओमिक्रॉन तेजी से पांव पसार रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बीते 24 घंटे में देश में पहली बार सबसे अधिक 122 लोगों में ओमिक्रॉन मिला है। यानी औसतन हर घंटे 5 मरीज मिल रहे हैं। ओमिक्रॉन से ग्रसित मरीजों की संख्या 415 हो गई है। इसमें से 114 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं या प्रवास कर चुके हैं। मंत्रालय के अनुसार महाराष्ट्र 108 संक्रमितों के साथ पहले स्थान पर है वहीं दूसरे स्थान पर दिल्ली है जहां कुल 79 मरीज हैं। गुजरात 43, तेलंगाना 38, केरल 37, तमिलनाडु 34, कर्नाटक 31,राजस्थान 22, ओडिशा 4, हरियाणा 4, प. बंगाल 3, जम्मी-कश्मीर 3, उत्तर प्रदेश 2 चंडीगढ़ 1, लद्दाख 1, उत्तराखंड में 1मामले हैं।वहीं देश में बीते 24 घंटे में 6,650 नए मरीज मिले हैं जबकि 374 की मौत हुई है। वहीं सक्रिय मामलों की संख्या गिरकर 77,516 हो गई है। देश में अब तक टीके की 140.31 करोड़ से अधिक खुराक लग चुकी है।

 

ब्रिटेन, डेनमार्क, कनाडा, नॉर्वे, जमर्नी, अमेरिका, दक्षिण-अफ्रीका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और एस्टोनिया में ओमिक्रॉन के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। दुनिया के 108 देशों 1,51,368 मामले सामने आ चुके हैं और 26 मरीजों की मौत हो चुकी है।

दिल्ली में ओमिक्रॉन से ग्रसित 40 मरीजों को सिर्फ मल्टी विटामिन और पैरासिटामॉलदिल्ली के लोकनायक अस्पताल में ओमिक्रॉन के 40 मरीजों को इलाज के दौरान सिर्फ मल्टी विटामिन व पैरासिटामॉल दी गई है। अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि इनमें से 19 मरीज ठीक हो चुके हैं। 90% मरीजों में संक्रमण के लक्षण नहीं थे। अन्य मरीजों में गले में खराश, हल्का बुखार व दर्द जैसी तकलीफ दिखी।

दुनिया कोरोना की चौथी लहर से जूझ रही, हम सतर्कता कम नहीं कर सकते : केंद्र

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा, दुनिया कोरोना की चौथी लहर से जूझ रही है। संक्रमण दर अब भी 6.1 फीसदी से अधिक बनी है। ऐसे में हम सतर्कता कतई कम नहीं कर सकते हैं। देशवासियों को आगाह करते हुए सरकार ने सुरक्षित रहने के लिए बेवजह की यात्रा, नियमों के पालन में लापरवाही, क्रिसमस व न्यू ईयर के मौकों पर उत्सव व भीड़भाड़ में शामिल होने से बचने की नसीहत दी है।केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया, देश में कोरोना का मुख्य स्वरूप अभी डेल्टा ही है। केरल और मिजोरम में संक्रमण दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। देश के 20 जिलों में कोरोना की साप्ताहिक संक्रमण दर 5 से 10 फीसदी के बीच है। दो जिलों में यह 10 फीसदी से अधिक है। भूषण ने बताया कि कोरोना के मामले यूरोप, उत्तर अमेरिका और अफ्रीका में तेजी से बढ़ रहे हैं। इनकी तुलना में एशिया में गिरावट आई है।

91 फीसदी संक्रमितों को लग चुकीं दोनों खुराक

सरकार ने बताया कि ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ रहा है। ओमिक्रॉन मामले डेढ़ से तीन दिन में दोगुना हो जाता है। अब तक मिले 358 मामलों में 183 के अध्ययन में पता चला है कि 91% संक्रमितों को टीके की दोनों खुराकें लग चुकी हैं और तीन मरीजों को तो बूस्टर डोज भी लगी है। इनमें 70 फीसदी में लक्षण नहीं था और 61 फीसदी पुरुष थे।

ओमिक्रॉन पर बूस्टर खुराक के असर का अध्ययन करेगी सरकार

ओमिक्रॉन के मद्देनजर केंद्र टीके की तीसरी खुराक देने पर विचार कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, इसके लिए दोनों खुराक ले चुके 3000 लोगों पर एक परीक्षण किया जाएगा। इसमें तीसरी खुराक के शरीर पर प्रभाव के साथ ओमिक्रॉन के खिलाफ विकसित प्रतिरोधक क्षमता का अध्ययन किया जाएगा।

नए साल में सख्ती

कर्नाटक : राज्य में 30 दिसंबर से दो जनवरी तक सख्ती रहेगी। नए वर्ष के स्वागत के लिए लोगों को एकत्र होने की इजाजत नहीं होगी। रेस्टोरेंट में क्षमता से 50% लोगों के बैठने की इजाजत होगी।

ओडिशा : 25 दिसंबर से दो जनवरी तक भीड़-भाड़, रैली, ऑर्केस्ट्रा पर रोक लगा दी है। क्लब, रेस्टोरेंट, पार्क व होटल में कोई उत्सव नहीं होगा।

तमिलनाडु :  चेन्नई में 31 दिसंबर से एक जनवरी तक किसी भी बीच पर प्रवेश की अनुमति नहीं। कार्यक्रम भी 31 दिसंबर तक बंद रहेंगे।

महाराष्ट्र : चर्चों में कुल क्षमता से सिर्फ 50% लोगों को प्रवेश मिलेगा। बीएमसी ने मुंबई में नए साल के जश्न पर आयोजित होने वाले सभी तरह के कार्यक्रमों और पार्टियों पर रोक लगा दी है। 

जम्मू-कश्मीर : सड़क से आने वालों का रैपिड एंटीजन टेस्ट होगा। 33% यात्रियों की आरटी-पीसीआर जांच अनिवार्य कर दी गई है।

कहां-कहां लगा नाइट कर्फ्यू?

मध्य प्रदेश 

मध्य प्रदेश में कोरोना केस में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके चलते सीएम शिवराज सिंह चौहान ने नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया है। राज्य के सभी शहरों में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा। इसके अलावा वैक्सीन के दोनों डोज नहीं लगवाने वाले 18 साल से ऊपर के लोगों को सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, थिएटर, जिम, कोचिंग क्लासेस, स्वीमिंग पूल, क्लब, स्टेडियम में एंट्री नहीं मिलेगी। सरकारी कर्मचारियों को दोनों डोज अनिवार्य कर दिए गए हैं। उन्हें ड्यूटी पर भी आना होगा। इसके साथ ही महाकालेश्वर मंदिर में भस्मारती में भी श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद कर दिया गया है। 

हरियाणा

हरियाणा में 25 दिसंबर रात 12 बजे से रात्रि कर्फ्यू लागू हो जाएगा। रात्रि कर्फ्यू रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक प्रभावी होगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों की संभावना के मद्देनजर लोगों की सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्थलों व अन्य कार्यक्रमों में 200 से अधिक लोगों के एकत्र होने की अनुमति दी जाए।

पब्लिक सेक्टर से संबंधित संस्थानों में एंट्री के लिए टीकाकरण की दोनों डोज को अनिवार्य करें। मुख्यमंत्री शुक्रवार को कोविड समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए जरूरी है कि लोगों को अधिक से अधिक जागरुक किया जाए। टीकाकरण की तरफ अधिक ध्यान दिया जाए। 

गुजरात

वर्तमान में कोरोना स्थिति को देखते हुए 25 दिसंबर से अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट, भावनगर, जामनगर, गांधीनगर और जूनागढ़ में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा। गुजरात मुख्यमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।

मौजूदा नाइट कर्फ्यू की पाबंदियों के तहत रेस्टोरेंट आधी रात तक 75% लोगों के साथ खुले रह सकते हैं। आधी रात तक होम डिलीवरी और टेक-अवे सेवाओं की भी अनुमति है। इसके अलावा दिल्ली, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा ने क्रिसमस और न्यू ईयर के मद्देनजर प्रतिबंध लगाए हैं। इन पाबंदियों का मकसद जश्न के लिए जुटने वाली भीड़ को रोकना है।

उत्तर प्रदेश

प्रदेश में रात के कर्फ्यू का दौर फिर लौट आया है। देशभर में कोरोना के बढ़ते मामलों और नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे की आशंका को देखते हुए योगी सरकार ने शनिवार से पूरे सप्ताह रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू लाने का फैसला किया है।

यही नहीं, शादी-विवाह तथा अन्य सार्वजनिक आयोजनों में कोविड प्रोटोकॉल के साथ अधिकतम 200 लोगों के ही शामिल होने की अनुमति होगी। आयोजनकर्ता को इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को देनी होगी। इस संबंध में मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने शुक्रवार देर शाम शासनादेश जारी कर दिया।

राजस्थान

प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर के बाद से ही नाइट कर्फ्यू लागू है। केस कम होने के बाद इनमें कुछ रियायत दी गई थी, लेकिन ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए सरकार फिर अलर्ट मोड में आ गई है।




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