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स्वास्थ

स्वच्छता दीदियों की पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में डोर टू डोर कचरा संग्रहण

18-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )।  ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान के अंतर्गत स्वच्छता दीदी के द्वारा डोर टू डोर कचरा संग्रहण का कार्य निरंतर किया जा रहा है। कचरा का उचित जगह निष्पादन भी किया जा रहा है ।         
कलेक्टर सूरजपुर के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में जिले के जनपद सूरजपुर की ग्राम पंचायत तिलसीवा, जनपद प्रतापपुर की ग्राम पंचायत मरहट्टा एवं चंदौरा, तथा जनपद रामानुजनगर की ग्राम पंचायत पोंडी और उमेशपुर में स्वच्छता दीदियों द्वारा घर-घर जाकर कचरा संग्रहण किया जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। डोर टू डोर कचरा संग्रहण से गांवों में साफ-सफाई की स्थिति में सुधार हो रहा है, वहीं ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।
 

आकांक्षा महिला स्वयं सहायता समूह की पोषण आहार यूनिट से महिलाओं को मिला रोजगार का नया अवसर

14-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )  एकीकृत बाल विकास सेवाएँ (आई.सी.डी.एस) अंतर्गत आँगनवाडी केन्द्रों द्वारा दी जाने वाली छः सेवाओं में से पूरक पोषण आहार एक महत्वपूर्ण सेवा हैं । आँगनवाडी केन्द्रों के माध्यम से 6 माह से 3 वर्ष आयु के बच्चों] 3 वर्ष से 6 वर्ष आयु के बच्चों तथा गर्भवती व शिशुवती महिलाओं को पूरक पोषण आहार का प्रदाय किया जाता हैं ।  योजना के अंतर्गत 11 से 14 वर्ष आयु की शाला त्यागी किशोरी बालिकाओ तथा 14 से 18 आयु वर्ग की सभी किशोरी बालिकाओं को प्रतिदिन 5/- रू. के मान से पूरक पोषण आहार का प्रदाय किया जा रहा हैं।
ज्ञातव्य है कि छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग के मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा विकासखंड भैयाथान के दर्रीपारा में आकांक्षा महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा पूरक पोषण आहार कार्यक्रम अंतर्गत स्थापित इस संयंत्र का गत लोकार्पण किया गया था।
जिला सूरजपुर की एकीकृत बाल विकास परियोजना भैयाथान अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों एवं महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आकांक्षा महिला स्वयं सहायता समूह, दर्रीपारा का चयन किया गया था।  इस आकांक्षा महिला स्वयं सहायता समूह, दर्रीपारा द्वारा लगभग 90 लाख रुपये की लागत से मीठा शक्ति आहार एवं पौष्टिक नमकीन दलिया निर्माण हेतु आधुनिक यूनिट की स्थापना की गई थी। महिला बाल विकास विभाग द्वारा मिली जानकारी में बताया गया कि इस यूनिट के माध्यम से परियोजना भैयाथान के अंतर्गत संचालित 366 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए लगभग 35 मीट्रिक टन मीठा शक्ति आहार एवं पौष्टिक नमकीन दलिया का निर्माण कर नियमित आपूर्ति की जाएगी।
इस संयंत्र के माध्यम से एकीकृत बाल विकास परियोजना भैयाथान के आंगनबाड़ी केंद्रों में पूरक पोषण आहार का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। यह पहल बच्चों एवं गर्भवती  महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार एवं आत्मनिर्भरता प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने अस्पताल में विधायक भैयालाल राजवाड़े से मुलाकात, जल्द स्वस्थ होने की कामना

11-Dec-2025
रायपुर,    ( शोर संदेश )  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने रायपुर के एक निजी अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ कर रहे बैकुंठपुर विधानसभा के विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री भैयालाल राजवाड़े से आज मुलाकात की। इस दौरान मंत्री अग्रवाल ने विधायक राजवाड़े से  उनका कुशलक्षेम जाना और स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की।
मंत्री अग्रवाल ने भैयालाल राजवाड़े के जल्द स्वस्थ होकर जनता की सेवा में पुनः लौटने की कामना करते हुए ईश्वर से उनकी पूर्ण और त्वरित स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण वार्ता हुई और स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा भी हुई। राजवाड़े के इलाज में लगे चिकित्सकों से भी मंत्री ने विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।







 

 


उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आईईडी ब्लास्ट में घायल जवानों से की मुलाकात, उपचार की ली जानकारी

06-Dec-2025
रायपुर ( शोर संदेश ) उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा रायपुर के निजी अस्पताल पहुंचे, जहाँ उन्होंने जिला बस्तर के भैरमगढ़ थाना क्षेत्र में हुए नक्सली मुठभेड़ के दौरान आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आए घायल पुलिस जवानों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली। उन्होंने घायल जवानों से घटना की जानकारी ली और दिवंगत हुए उनके साथी जवानों के लिए संवेदना व्यक्त की। 
भैरमगढ़ क्षेत्र में नक्सलियों और पुलिस बल के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान आईडी विस्फोट में एएसआई जनार्दन कोर्राम, आरक्षक रमलू हेमला और आरक्षक सोमदेव यादव घायल हुए थे, जिन्हें उपचार हेतु तत्काल रायपुर भेजा गया था। इस दौरान उन्होंने घायल जवानों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें हौसला दिया।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने अस्पताल में मौजूद अधिकारियों और चिकित्सकों को जवानों के बेहतर उपचार के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने घायल जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि शासन और प्रशासन हर संभव मदद के लिए आपके साथ खड़ा है।

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में शुरू हुई सुरक्षित सिजेरियन सुविधा, 15 सफल प्रसव से स्वास्थ्य सेवाएँ मजबूत

05-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश ) मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इससे  जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार हो रहे हैं। जिले में सिजेरियन डिलीवरी सुविधा की सफल शुरुआत एक प्रमुख उपलब्धि के रूप में सामने आई है। पूर्व में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को जिला चिकित्सालय राजनांदगांव रेफर किया जाता था, जिसके लिए  लंबा सफर तय करना पड़ता था। जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित प्रसव कक्ष और सुव्यवस्थित ऑपरेशन थिएटर से स्थानीय स्तर पर ही सुरक्षित एवं त्वरित प्रसव सेवाएँ उपलब्ध हो गई हैं। जिले में अब तक 15 सफल सिजेरियन प्रसव किए जा चुके हैं, जिससे मातृ-शिशु स्वास्थ्य को नई मजबूती मिली है।  प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत एनीमिया, गर्भावस्था-प्रेरित उच्च रक्तचाप, मधुमेह, थायराइड तथा रक्त संबंधी समस्याओं जैसी उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है।     
जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में 24 घंटे चिकित्सा सेवाएँ सुनिश्चित की गई हैं, ताकि गर्भवती महिलाओं को किसी भी समय त्वरित उपचार प्राप्त हो सके। जिले में सिजेरियन सुविधा उपलब्ध होने से ऐसी गर्भवती माताओं को सुरक्षित और विशेषज्ञ देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदत्त निर्बाध एवं नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। इसी क्रम में 01 दिसम्बर 2025 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर में एक सफल सिजेरियन डिलीवरी तथा 16 महिलाओं की नसबंदी सर्जरी संपन्न की गई। यह उपलब्धि जिले की स्वास्थ्य टीम की दक्षता और सेवाभाव का प्रमाण है।






 

आईईडी ब्लास्ट में घायल महिला कांस्टेबल से मिलने पहुंचे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, ली स्वास्थ्य की जानकारी

30-Nov-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश )। सुकमा जिले में गुरुवार को आईईडी ब्लास्ट में गंभीर रूप से घायल जिला पुलिस बल की महिला कांस्टेबल मुचाकी दुर्गा के स्वास्थ्य की जानकारी लेने उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा यहां रायपुर स्थित रामकृष्ण हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने घायल महिला कांस्टेबल दुर्गा से मिले और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से चर्चा की और कांस्टेबल दुर्गा का हरसंभव बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए। चिकित्सकों ने बताया कि मुचाकी दुर्गा की स्थिति खतरे से बाहर हैं। गंभीर चोटों के कारण उन्हें स्वस्थ होने में समय लगेगा। 
गौरतलब है कि सुकमा जिले में डीआरजी और डिस्ट्रिक्ट फोर्स की संयुक्त टीम के साथ महिला कांस्टेबल दुर्गा एरिया डोमिनेशन ऑपरेशन के लिए गोगुण्डा की पहाड़ी पर गयीं थी और जंगलों की ओर बढ़ रही थी। वहां नक्सलियों द्वारा लगाया गया एक प्रेशर इम्प्रूवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) सक्रिय अवस्था में था। अनजाने में उन्होंने आईईडी पर पैर रख दिया, जिससे हुए विस्फोट के चलते वह घायल हो गई। उनके पैर, हाथ, आंख और चेहरे पर चोट आयी, प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर इलाज के लिए रायपुर लाया गया था। 
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने महिला कांस्टेबल दुर्गा से मुलाकात के दौरान उन्हें हौसला देते हुए उनके परिजनों से बात की। उपमुख्यमंत्री ने इस मौके पर दुर्गा की बड़ी बहन मुचाकी करुणा से बात करते हुए शासन की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। 
 

बोड़ला में निःशुल्क सोनोग्राफी व रक्तदान शिविर, 91 गर्भवती महिलाओं की जांच

29-Nov-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )   उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के निर्देशानुसार कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तहत आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला में गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क सोनोग्राफी एवं रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर विशेष रूप से वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ, जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सीमित रहती है। 
शिविर के दौरान कुल 91 गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी जांच की गई, जिससे हाई रिस्क गर्भावस्था की समय रहते पहचान हो सकी। चिकित्सकों द्वारा प्रसव पूर्व देखभाल, पोषण, एनीमिया की रोकथाम एवं संस्थागत प्रसव के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। बोड़ला, चिल्फी, रेंगाखार, तरेगांव, झलमला सहित वन क्षेत्रों की महिलाओं ने इस सुविधा का लाभ उठाया।
इस शिविर में 146 ग्रामीणों की सामान्य स्वास्थ्य जांच भी की गई। जिसमें उन्हें निःशुल्क दवाइयाँ, परामर्श एवं आवश्यक उपचार सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। वहीं रक्तदान शिविर में 6 रक्तदाताओं ने रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की। चिकित्सकों ने बताया कि रक्तदान से दुर्घटना, प्रसव एवं शल्य चिकित्सा के दौरान जीवन रक्षा संभव होती है तथा गंभीर रोग से पीड़ित मरीजों को सहारा मिलता है। इस शिविर से बोड़ला सेक्टर के मंडलटोला, खरिया, बैरक, बोड़ला; पोड़ी सेक्टर के रामहेपुर, सारंगपुरकला, कुसुमघटा, पोड़ी; बैजलपुर सेक्टर के खंडसरा, भलपरी, मढ़ाडाबरी, मड़मढ़ा, बैजलपुर आदि ग्रामों के ग्रामीण लाभान्वित हुए।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि वनांचल एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचें। ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को और अधिक मजबूत किया जा सके। समग्र रूप से यह शिविर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी रहा। ग्रामीणों ने सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग के इस प्रयास के लिए आभार व्यक्त किया।          
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेंद्र तूरे ने बताया कि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश और कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में इस प्रकार के शिविर लगातार आयोजित किए जा रहे है। जिससे अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच सुनिश्चित हो सके। वहीं बीएमओ डॉ. पुरुषोत्तम राजपूत ने कहा कि सोनोग्राफी द्वारा हाई रिस्क गर्भावस्था की पहचान जल्दी हो जाती है, जो वनांचल क्षेत्रों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
 

बलौदाबाजार जिला चिकित्सालय की डायलिसिस यूनिट बनी किडनी मरीजों की संजीवनी

28-Nov-2025
रायपुर ( शोर संदेश )   जिला चिकित्सालय बलौदाबाजार में स्थापित डायलीसिस यूनिट किडनी के मरीजों के लिये वरदान साबित हो रहा है। इस यूनिट से अब तक 169 मरीज लाभान्वित हुए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला चिकित्सालय बलौदाबाजार में डायलिसिस की सुविधा  15 अगस्त 2022 से प्रारंभ की गई है। डायलिलिस यूनिट में कुल 6 डायलिसिस मशीन उपलब्ध है। अब तक कुल 169 मरीज डायलिसिस सुविधा का लाभ ले चुके हैं। प्रारंभ से अभी तक लगभग 10305 डायलिसिस सेशन हो चुके है। प्रतिमाह लगभग 300 बार डायलिसिस किया जा रहा है। वर्तमान में 27  एक्टिव मरीज हैं।
जिला चिकित्सालय में डायलिसिस की सुविधा प्रारंभ होने से मरीजों को बाहर जाना नही पडता है। जिले में ही उपचार उपलब्ध है एवं आपातकालीन स्थिति में डायलिसिस की सुविधा मिलने से जीवन रक्षक उपचार समय पर मिल पा रहा है। साथ ही मरीजों को आर्थिक बोझ कम हो गया है।

अम्बेडकर अस्पताल में चमत्कारिक सर्जरी: हृदय के दाएँ वेंट्रिकल में धँसी गोली को ओपन हार्ट ऑपरेशन से निकाला गया

27-Nov-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश ) पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट की हार्ट सर्जरी टीम ने एक अत्यंत जोखिमपूर्ण और जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक कर नई उपलब्धि हासिल की है। महाराष्ट्र बॉर्डर क्षेत्र का 40 वर्षीय मरीज बंदूक की गोली लगने से गंभीर अवस्था में अस्पताल के ट्रॉमा यूनिट में लाया गया था। हार्ट सर्जरी विभाग में डॉ. कृष्णकांत साहू एवं टीम ने राइट एट्रियम के जरिए ट्राइकस्पिड वाल्व पार करते हुए राइट वेंट्रिकल में धँसी गोली को निकाला और जटिल केस में मरीज की जान बचाते हुए एक और उपलब्धि अपने नाम दर्ज की।
एक 40 वर्षीय मरीज जो कि महाराष्ट्र बॉर्डर के पास का रहने वाला है, को गंभीर अवस्था में अम्बेडकर अस्पताल के ट्रॉमा यूनिट में भर्ती कराया गया। मरीज जब अस्पताल पहुंचा तो उसका ब्लड प्रेशर काफी कम 70/40 mmHg हो गया था। ट्रॉमा विभाग में प्रारंभिक उपचार से मरीज के हीमोडायनेमिक्स में सुधार हुआ। उसके पश्चात तुरंत सीटी स्कैन के लिए भेजा गया जिससे पता चला की बुलेट पीठ से होते हुए पसलियों में छेद करके फेफड़ों को चीरते हुए हार्ट (heart) में छेद करके दाएं वेंट्रीकल में जा घुसी है। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मरीज की हालत बिगड़ती जा रही थी एवं हार्ट में छेद होने के कारण खून हार्ट के चारों तरफ अत्यधिक दबाव बना रही थी जिसके कारण मरीज का हृदय रक्त को ठीक से पंप नहीं कर पा रहा था जिसके कारण मरीज का ब्लड, ब्लड ट्रांसफ्यूजन के बाद भी नहीं बढ़ पा रहा था। इस अवस्था को कार्डियक टैम्पोनेड (cardiac tamponade) कहते हैं। इस स्थिति का एक ही उपचार होता है :- वह है तुरंत ओपन हार्ट सर्जरी करके हार्ट के ऊपर बनने वाले दबाव को कम करना।
सीटी स्कैन के बाद मरीज के परिजनों को हाई रिस्क एवं डी. ओ. टी. (डेथ ऑन टेबल) कन्सेंट लेकर तुरंत कार्डियक सर्जरी ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट किया गया क्योंकि सीटी स्कैन में पता चल चुका था कि गोली (बुलेट) हार्ट के चेंबर राइट वेंट्रीकल में धँसी हुई है। 
हार्ट लंग मशीन की सहायता से दिल की धड़कन को रोका गया एवं हार्ट के राइट एट्रियम को काटकर ट्राईकस्पीड वाल्व को क्रॉस करके दाएं वेंट्रीकल में धँसी हुई गोली को निकाला गया। 
ऑपरेशन टेबल पर बुलेट की सटीक स्थिति का पता लगाना बहुत ही चुनौती पूर्ण था क्योंकि 8mmx4mm की गोली हृदय की मांसपेशी में कहां धंसी हुई है इसके लिए ट्रांसएसोफेजियल इकोकार्डियोग्राफी (Transesophageal Echocardiography - TEE) का प्रयोग किया गया परंतु इससे बुलेट का सही अनुमान नहीं लग पाया फिर डिजिटल एक्सरे मशीन से कई बार एक्सरे किया गया, तब जाकर हृदय के मांसपेशी के अंदर धँसी बुलेट की सटीक की स्थिति का पता लगाया जा सका। डॉ. कृष्णकांत साहू के अनुसार मूवेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन इस ऑपरेशन में वरदान के समान साबित हुई। यह डिजिटल एक्स-रे डिजिटल कैमरा की तरह तुरंत स्क्रीन में फोटो भेज देता है एवं यह वायरलेस सिस्टम ब्लूटूथ से कनेक्ट होता है। इस ऑपरेशन में फेफड़े के छेद एवं मुख्य पल्मोनरी धमनी एवं हृदय को सटीकता से रिपेयर किया गया। 
इस ऑपरेशन में लगभग 4 घंटे का समय लगा एवं लगभग 7 यूनिट ब्लड की आवश्यकता पड़ी। इस मरीज के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है एक-दो दिनों बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
 

सुप्रजा’ कार्यक्रम से मातृ-शिशु स्वास्थ्य में छत्तीसगढ़ ने दर्ज की उल्लेखनीय प्रगति

27-Nov-2025
रायपुर, ( शोर संदेश ) भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत वर्ष 2023-25 में संचालनालय आयुष छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित ‘सुप्रजा’ कार्यक्रम मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की समग्र देखभाल, पोषण, सुरक्षा और स्वास्थ्य संवर्धन को ध्यान में रखते हुए यह कार्यक्रम पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।
राज्य के विभिन्न जिलों की कुल 40 आयुष स्वास्थ्य संस्थाओं में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप प्रशिक्षण देते हुए नियमित सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की प्रतिमाह जांच, नवजात शिशुओं के विकास परीक्षण, तथा गर्भवती महिलाओं को शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक रूप से स्वस्थ रखने हेतु आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सुप्रजा कार्यक्रम के तहत उत्तम एवं स्वस्थ संतान प्राप्ति के उद्देश्य से गर्भवती महिलाओं के लिए नियमित गर्भसंस्कार सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। आयुर्वेद विशेषज्ञ माहवार आहार-विहार सलाह प्रदान कर रहे हैं, वहीं योग प्रशिक्षक और आयुर्वेद चिकित्सक गर्भावस्था में उपयोगी योगासन भी सिखा रहे हैं। अधिक से अधिक महिलाओं को लाभ पहुंचाने के लिए सभी आयुष संस्थानों में नियमित योग सत्र संचालित हो रहे हैं।
गर्भवती महिलाओं को आयुर्वेद आधारित औषधियां निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं। कार्यक्रम के माध्यम से गर्भावस्था के दौरान जटिलताओं में कमी दर्ज की गई है। वहीं प्रसव उपरांत जननी और नवजात शिशु का छह माह तक चिकित्सकीय फॉलो-अप किया जा रहा है तथा माताओं को स्तनपान के महत्व के बारे में परामर्श दिया जा रहा है।
अब तक सुप्रजा कार्यक्रम से जुड़ी 40 संस्थाओं में लगभग 7,781 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया गया है तथा 9,890 गर्भसंस्कार सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं। यह आंकड़े कार्यक्रम की सफलता और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधार में इसकी प्रभावी भूमिका को दर्शाते हैं।
 



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