ब्रेकिंग न्यूज

जनप्रतिनिधि

*वादे उतने ही करें जिनको पूरा कर सकें : रिजवी*

04-Mar-2021

रायपुर (शोर सन्देश) जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने राजनैतिक दलों को आगाह किया है कि उन्हें अपने संकल्प पत्र में उतने ही वादे पूरा करने का संकल्प लेना चाहिए जिसे वे सत्ता में आने पर पूरा कर सकें। वर्तमान कांग्रेस सरकार पशोपेश में है कि घोषणा पत्र में नशाबंदी का वादा तो कर दिया परन्तु शासन की जान पर रही क्योंकि इतनी मोटी रकम की आवक को देखकर सरकार बगलें झांकने मजबूर है तथा उहापोह की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। श्री रिजवी ने कहा है कि घोषणा पत्र में नशाबंदी के वादे को कैसे और कब पूरा करे, इस स्थिति ने सरकार को सांप एवं नेवले की कहावत के बीच लाकर खड़ा कर दिया है। इस समस्या का निदान सरकार को सूझ नहीं रहा है ही उसे उगलते बन रहा है और ही निगलते। कांग्रेस पार्टी अगले विधानसभा चुनाव में घोषणा पत्र में नशाबंदी का मुद्दा किस मुंह से रखेगी। रिजवी ने राजनैतिक दलों द्वारा करने वाले वादों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा है कि विगत् सम्पन्न चुनाव में प्रथम मुख्यमंत्री एवं मान्यता प्राप्त जकांछ के संस्थापक अध्यक्ष स्व. अजीत जोगी ने घोषणा के स्थान पर अपने वादों को पूरा करने की बाध्यता के लिए प्रदेश के चुनाव के पूर्व हलफनामा दिया था जिसमें वादों को पूरा कर सकने के कारण अदालत में अजीत जोगी को घसीटा जा सकता था। यह स्व. अजीत जोगी की विलक्षण राजनैतिक सोच का परिचायक था। इससे पहले देश के किसी दल ने इस प्रकार का अकल्पनीय शपथ पत्र देने की हिम्मत नहीं जुटाई। स्व. अजीत जोगी के सोच की दाद देना चाहिए तथा भविष्य में घोषणा पत्र के स्थान पर जकांछ के मुखिया जोगी के समान शपथ पत्र देने की हिम्मत अन्य दल भी जुटाऐं ताकि सत्ता पाने के बाद उनके लिए बंधनकारी होगा और साफ-सुथरी राजनीति के एक नये अध्याय की शुरूआत होगी।


*छगविस : एक और विधायक मिले कोरोना संक्रमित*

03-Mar-2021

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में अब तक 2 विधायक कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। दुर्ग विधायक अरुण वोरा के करना संक्रमित मिलने के बाद अब खैरागढ़ विधायक देवव्रत सिंह भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। 


*विधायक विकास उपाध्याय को असम चुनाव में मिली बड़ी जिम्मेदारी*

01-Mar-2021

रायपुर/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। असम चुनाव का ऐलान होने के बाद कांग्रेस जीत के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। चुनाव के मद्देनजर छत्तीसगढ़ के मुखिया भूपेश बघेल, संसदीय सचिव विकास उपाध्याय सहित तमाम नेता चुनावी मैदान में जमकर पसीना बहा रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस ने असम चुनाव के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में पृथ्वीराज चौहान को अध्यक्ष बनाया गया है। जबकि ससंदीय सचिव विकास उपाध्याय को सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है। 


सरकार से कैम्पा में मिले 5 हजार 791 करोड़ 70 लाख वन मंत्री ने दी जानकारी*

23-Feb-2021

रायपुर (शोर सन्देश) भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज विधानसभा में कैम्पा मद में राज्य सरकार को 2019-20 में मिले राशि को लेकर प्रश्न उठाया। उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि 2019-20 एवं 2020-21 में कैम्पा मद से राज्य सरकार को कितनी कितनी, किस किस मद में राशि केन्द्र सरकार से प्राप्त हुआ है एवं आबंटन के क्या नियम प्रावधान है।
वन मंत्री ने अपने उत्तर में बताया कि 2019-20 में केन्द्र सरकार से 5791.70 करोड़ रूपये की राशि प्राप्त हुई, जिसमें क्षतिपूर्ति वनीकरण के लिए 1086.91 करोड़, कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट प्लान के लिए 24.49 करोड़, समन्वित वन्यप्राणी प्रबंधन योजना के लिए 302.76 करोड़, शुद्ध प्रत्याशा मूल्य (एनपीवी) के लिए 3410.06 करोड़, ब्याज 822.47 करोड़ तथा अन्य कार्य के लिए 145.01 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है।


जनपद के प्रतिनिधियों को दिया गया जल जीवन मिशन पर प्रशिक्षण*

23-Feb-2021

बेमेतरा (शोर सन्देश) जनपद पंचायत बेमेतरा के सभाकक्ष में जल जीवन के अंतर्गत तकनीकी प्रशिक्षण एवं कार्यशाला संपन्न हुआ। कार्यशाला में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के एस.डी.. ने कार्यशाला में उपस्थित पंचायतों के सरपंच एवं सचिवों को जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत प्रत्येक गांव के प्रत्येक परिवार को मानक गुणवत्ता को शुद्ध पेयजल 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन निरंतर प्रदान किया जाना हैै। इस मिशन में ग्राम पंचायतों की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है। जल जीवन मिशन के उद्दश्यों की पूर्ति में यह आवश्यक है कि हम सबको मिलकर जल के उचित प्रबंधन, रख-रखाव करना होगा। उनके विभिन्न पहलुओं पर विचारों को आदान-प्रदान आवश्यक है, जिससे हमारे ग्राम पंचायत की पेयजल से संबंधित समस्या का स्थायी निराकरण हो सकें। जनपद पंचायत में हुई जल जीवन मिशन तकनीकी प्रशिक्षण कार्यशाला में जल जीवन मिशन को गति प्रदान करने जल का महत्व, अपव्यय, प्रबंधन, हर घर में नल कनेक्शन योजना को शुद्धिकरण के लिए हितग्राही का अंशदान, हितग्राही की भूमिका ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के कार्य एवं अधिकार तथा ग्राम निगरानी समिति के कार्य अधिकार विषय पर विस्तार से चर्चा की गई है। इस दौरान जल जीवन मिशन में ग्राम पंचायत सरपंच एवं सचिव के दायित्वों पर भी प्रकाश डाला गया है। स्कूल, आंगनबाड़ी एवं गांव में निर्मित शासकीय भवनों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के संबंध में विस्तार से रनिंग वाटर के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने हेतु सम्पूर्ण जानकारी दी गई साथ ही इस कार्यशाला में पानी की गुणवत्ता फिल्ड टेस्ट कीट के माध्यम से परीक्षण कर प्रशिक्षण दिया गया। आयोजित कार्यशाला में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व दुर्गेश कुमार वर्मा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एस.डी.. विप्लव घृतलहरे, रवि कुमार मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एस. आर. नारनौरे उपअभियंता उपखण्ड बेमेतरा उपस्थित रहे। 


छगविस : डॉ रमन ने कहा हर जरुरी विषय पर होगी चर्चा*

22-Feb-2021

रायपुर (शोर सन्देश) पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह रविवार देर रात दिल्ली दौरे से वापस लौटे। इस दौरन उन्होंने एयरपोर्ट पर दौरे की जानकारी दी। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पदाधिकारियों की बैठक थी। बैठक में प्रधानमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी शामिल हुए। इसके अलावा आगामी 3 माह की कार्य योजना को लेकर चर्चा हुई।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जो जरूरी विषय हैं, उन पर चर्चा होगी। अविश्वास प्रस्ताव पर जेसीसीजे द्वारा समर्थन मांगे जाने पर कहा कोई समर्थन मांगेगी तो पार्टी विचार करेगी। 


भाजपा को कवासी लखमा की नसीहत राजनीति से ऊपर उठकर काम करें*

22-Feb-2021

रायपुर (शोर सन्देश) प्रदेश के उद्योगमंत्री कवासी लखमा ने भाजपा की केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। लखमा ने कहा, छत्तीसगढ़ के विकास में भाजपा रोड़ा लगा रही है। केंद्र सरकार ने बस्तर के लिए पिछले 7 साल में 7 रुपया नहीं दिया है। लखमा ने कहा कि राजनीति सिर्फ चुनाव के समय होना चाहिए।
भाजपा विकास के लिए राजनीति से ऊपर उठकर काम करे, औद्योगिक विकास के सभी जिलों में सर्वदलीय बैठक होगी। 


छत्तीसगढ़ को औद्योगिक विकास के लिए मिले विशेष पैकेज : भूपेश बघेल*

20-Feb-2021

00 वर्मी कंपोस्ट को भी रासायनिक खादों की तरह मिले सबसिडी, आकांक्षी जिलों की अवधारणा में सांस्कृतिक उत्थान भी शामिल हो
00 बोधघाट बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना के लिए मांगा केन्द्र से सहयोग
रायपुर (शोर सन्देश)। मुख्यमंत्री ने आज प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की छठवीं बैठक में प्रदेश में उद्योगों, कृषि क्षेत्र के विकास, अधोसंरचना विकास, बस्तर अंचल में सिंचाई सुविधा बढ़ाने, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास जैसे राज्य हित के अनेक विषयों पर राज्य सरकार की योजनाओं एवं नीतियों की जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ को अतिरिक्त आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराने का आग्रह प्रधानमंत्री से किया। भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिलों द्वारा विकास के सभी मापदण्डों पर किए गए उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए सुझाव दिया कि आकांक्षी जिलों की अवधारणा में सांस्कृतिक उत्थान के बिन्दु को भी यथोचित महत्व एवं स्थान दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने वर्मी कम्पोस्ट खाद में भी रासायनिक उर्वरकों की भांति सबसिडी दिए जाने का सुझाव रखा। उन्होंने कहा कि नीति आयोग ने डेल्टा रैंकिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिलों में हुए नवाचारों की सराहना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ वनाच्छादित, आदिवासी बहुल और खनिज धारित प्रदेश है यहां औद्योगिक विकास के लिए विशेष पैकेज की अपेक्षा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खनिज कोयले के वृहद भण्डार होने के बावजूद छत्तीसगढ़ कोल ब्लॉक से वंचित है। अतः छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक उपक्रम इकाई के लिए कोल ब्लॉक आबंटित किया जाए। वर्ष 2014 के बाद खनिजों की रॉयल्टी दरों में वृद्धि नहीं होने के कारण राज्य शासन को अपूरणीय क्षति हो रही है। अतः शीघ्र रॉयल्टी दरों में संशोधन किया जाए। मुख्यमंत्री ने बैठक में बस्तर के नगरनार इस्पात संयंत्र का विनिवेश नहीं करने का भी आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में इस संबंध में शासकीय संकल्प भी पारित किया गया है।
00 कार्गाें हब और निर्यात के लिए पोर्ट की सुविधा की मंजूरी का आग्रह : मुख्यमंत्री ने प्रदेश में उद्योगों के विकास और निर्यात का बढ़ावा देने के लिए रायपुर में कार्गाें हब स्थापित करने की मंजूरी देने और निर्यात के लिए पोर्ट की सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लैण्डलॉक्ड राज्यों में शामिल है, इसलिए छत्तीसगढ़ को परिवहन लागत की सुगमता के लिए औद्योगिक गतिविधियों के लिए अंतरदेशीय परिवहन अनुदान दिया जाए, ताकि छत्तीसगढ़ से निर्यातक एवं कृषि आधारित उद्योगों के विकास को गति मिल सके। श्री बघेल ने बैठक में बताया कि राज्य सरकार द्वारा कोदो-कुटकी को समर्थन मूल्य पर खरीदने का निर्णय लिया गया है। कोदो-कुटकी की विदेशों में भी बड़ी मांग है। इनके निर्यात की सुविधा उपलब्ध होने से इसका फायदा प्रदेश के आदिवासी किसानों को होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ इज आफ डूईंग बिजनेस के मापदण्डों में देश के अग्रणी छह राज्यों में शामिल है।
राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में खनिज संसाधनों एवं कृषि तथा वनोपजों में वेल्यूएडिशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में लाख उत्पादन और मछली पालन को खेती का दर्जा दिया गया है। इस्पात उद्योग को कोरोना काल में रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराई गई। जिससे छत्तीसगढ़ इस्पात उत्पादन में अग्रणी रहा। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षाें में 56 हजार करोड़ रूपए के पूंजी निवेश के लिए 154 एमओयू किए गए।
00 अतिशेष धान से एथेनॉल उत्पादन की अनुमति देने की मांग :
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि राज्य को अतिशेष धान से एथेनॉल उत्पादन की अनुमति दी जाए। इससे देश की विदेशी मुद्रा में बचत होगी, किसानों को उनकी उपज का अच्छा दाम मिलेगा और रोजगार के अवसर बढेंगे। उन्होंने कहा कि चावल के स्थान पर धान से एथेनॉल की अनुमति मिलने पर परिवहन और मिलिंग पर होने वाला खर्च बचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार केन्द्र सरकार द्वारा एथेनॉल की दर 54.89 रूपए प्रति लीटर तय की गई है जिसे और अधिक बढ़ाया जाना चाहिए। प्रदेश में गन्ने से एथेनॉल उत्पादन के लिए एमओयू हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय पूल में छत्तीसगढ़ से 60 लाख मीट्रिक टन चावल लेने का किया आग्रह
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ में 20 लाख 58 हजार किसानों से 92 लाख मीट्रिक टन धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी की गई है। किसानों को इसके लिए 17 हजार 322 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र द्वारा पूर्व में केन्द्रीय पूल में छत्तीसगढ़ से 60 लाख मीट्रिक टन चावल लेने की घोषणा की गई थी। लेकिन इसमें 16 लाख टन की कटौती कर दी गई। एफसीआई ने चावल देने की अनुमति अक्टूबर, नवम्बर में ही मिल जाती थी। इस सीजन में जनवरी माह में 24 लाख मीट्रिक टन की अनुमति ही मिल पाई। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय पूल में शेष 16 लाख मीट्रिक टन चावल लेने का अनुरोध किया है।
00 बोधघाट बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना के लिए मांगा केन्द्र से सहयोग :
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि इंद्रावती बस्तर अंचल की जीवनदायनी नदी है, लेकिन उस पर एक भी बांध नहीं होने से बस्तर अंचल के अनेक जिलों में सिंचाई का प्रतिशत शून्य से सात प्रतिशत तक है। राज्य सरकार द्वारा इंद्रावती पर बोधघाट बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना प्रस्तावित की गई है, इससे बस्तर अंचल में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री ने इसके लिए भी प्रधानमंत्री से सहायता देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि नरवा योजना के अंतर्गत पिछले दो सालों में 5 हजार नालों की रिचार्जिंग का काम प्रारंभ किया गया है। अब तक 2500 नालों में 80 लाख इस्ट्रक्चर बनाए गए हैं।
00 वर्मी कम्पोस्ट उत्पादों को भी रासायनिक उर्वरकों की भांति मिले सबसिडी का लाभ :
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के वर्मी कम्पोस्ट उत्पादक किसानों को रासायनिक उर्वरकों की भांति मिलने वाली सबसिडी देने का आग्रह प्रधानमंत्री से किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर से वर्मी कम्पोस्ट महिला स्व सहायता समूहों द्वारा तैयार की जा रही है। प्रदेश में दस हजार गौठान स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 60 हजार वर्मी टांके बनाए गए हैं। इनसे निकट भविष्य में 9 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन संभावित है। छत्तीसगढ़ वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग को बढ़ावा देकर जैविक खेती की ओर बढ़ रहा है।
00 नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के कार्याें के लिए शर्ताें को शिथिल किया जाए :
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आरपीएलडब्ल्यूई योजना के फेस तीन में सडक और पुलिया के निर्माण के लिए 392 करोड़ रूपए के कार्याें की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। परंतु ग्रामीण विकास मंत्रालय ने यह शर्त लगाई है कि पूर्व के 50 प्रतिशत स्वीकृत कार्याें के पूर्ण होने पर ही इनकी स्वीकृति दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस शर्ताें का शिथिल करने का आग्रह करते हुए कहा कि नक्सली क्षेत्रों में सुरक्षागत कारणों से कार्य करना काफी कठिन होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 44 प्रतिशत वन है। इस वजह से वनांचलों के कुछ गांवों में बिजली पहुंचाने में दिक्क्त आती है। वन अधिनियम में छूट देकर इन क्षेत्रों में सिंचाई के लिए सोलर पैनल स्थापित करने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा बढ़ने से लोग बन्दूक छोड़कर हल पकडं़ेगे और खेती की ओर बढ़ेंगे। इससे नक्सल गतिविधियां कम होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रांसफार्मेशन ऑफ एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम के मॉनीटरिंग इंडीकेटर में स्थानीय बोली में शिक्षा, मलेरिया व एनीमिया में कमी, वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी, लोक-कला, लोक-नृत्य तथा पुरातत्व का संरक्षण-संवर्धन, जैविक खेती, वनाधिकार पट्टे आदि को शामिल किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने डिजिटल अधोसंरचना के विकास के संबंध में बताया कि भारतनेट परियोजना के द्वितीय चरण में 85 विकासखण्डों में से 75 विकासखण्डों में कार्य प्रगति पर है। इन पंचायतों में सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बैठक में प्रधानमंत्री से जीएसटी क्षतिपूर्ति, कोयले पर एडिशनल लेवी की राशि, पीडीएस के अंतर्गत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में चावल की शेष राशि समेत राज्य के हक की कुल 13 हजार 440 करोड़ रूपए की राशि जल्द से जल्द उपलब्ध कराने और राज्य को मिलने वाली एक्साइज ड्यूटी की राशि पूर्ववत रखे जाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020-21 में राज्य को जीएसटी क्षतिपूर्ति मद में केन्द्र सरकार से 3700 करोड़ रूपए की राशि प्राप्त होना शेष है। इसी तरह वर्ष 2014 के पूर्व प्रदेश मे संचालित निजी कोयला खदानों से कोयले पर ली गई 4140 करोड़ रूपए की एडिशनल लेवी राशि प्राप्त होनी है। इसके अलावा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में चावल की 5600 करोड़ रूपए की राशि अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020-21 के केन्द्रीय बजट में कृषि अधोसंरचना विकास सेस अरोपित करने से राज्य को आगामी वित्तीय वर्ष में 900 से एक हजार करोड़ रूपए तक की अतिरिक्त क्षति होना संभावित है। उन्होंने कहा कि कृषि अधोसंरचना विकास कोष की स्थापना का निर्णय तो स्वागत योग्य है, लेकिन राज्य को एक्साइज ड्यूटी के रूप में मिलने वाली राशि में कमी से राज्य को अभूतपूर्व वित्तीय क्षति का सामना करना पड़ेगा। अतः एक्साइज ड्यूटी के रूप में मिलने वाली राशि पूर्ववत रखे जाने का अनुरोध है।
बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी और मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, उप सचिव सौम्या चौरसिया उपस्थित थीं।


गुलाम नबी की विदाई के भाषण में भावुक हुए प्रधानमंत्री वाकया सुनाते हुए आंखों से छलके आंसू*

09-Feb-2021

नई दिल्ली (शोर सन्देश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक बार फिर राज्यसभा को संबोधित किया। सांसद गुलाम नबी आजाद, मीर मोहम्मद, शमशेर सिंह और नाजिर अहमद को आज सदन में विदाई दी जा रही है। इसी दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने गुलाम नबी आजाद की जमकर तारीफ की। राज्यसभा से सेवानिवृत्त होने वाले कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद समेत अन्य सदस्यों को विदाई देने के दौरान पीएम मोदी काफी भावुक दिखे। खास तौर पर गुलाम नबी आजाद से जुड़ी कई यादें पीएम मोदी ने सदन में साझा कीं। इस दौरान कई बार प्रधानमंत्री मोदी अपने आप को रोक नहीं पाए। उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। गुलाम नबी आजाद ने जिस तरह से जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन मुख्यमंत्री रहते हुए काम किया उसे पीएम मोदी ने याद किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जो व्यक्ति गुलाम नबी (विपक्ष के नेता के रूप में) का स्थान लेगा, उसे अपना काम पूरा करने में कठिनाई होगी क्योंकि वह केवल अपनी पार्टी के बारे में बल्कि देश और सदन के बारे में चिंतित रहते थे।
पीएम मोदी ने कहा कि इस सदन की शोभा बढ़ाने वाले, सदन में जीवंतता लाने वाले ऐसे चार हमारे साथी उनका कार्यकाल पूर्ण होने के कारण नए कार्य की ओर कदम आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं आप चारों महानुभावों को इस सदन की शोभा बढ़ाने के लिए, अपने अनुभव और ज्ञान का लाभ पहुंचाने के लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूं।
पीएम मोदी ने कहा, `गुलाम नबी देश और दल दोनों की चिंता करते थे। उन्होंने सदन से बखूबी इस काम को निभाया है। इस कोरोना काल में मैं एक फ्लोर लीडर की बैठक कर रहा था। इसी दौरान गुलाम नबी आजाद का फोन आया। उन्होंने कहा कि मोदीजी आप एक काम कीजिए, सभी पार्टी नेताओं की एक बैठक बुला लीजिए। मैंने गुलाम नबी के सुझाव पर काम किया। और सर्वदलीय बैठक बुलाया। यह बात मुझे बताने में कोई संकोच नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि जब में गुजरात का सीएम था, उस दौरान एक बार गुजरात के सैलानियों पर कश्मीर में आतंकियों ने हमला कर दिया। हमले के बाद गुलाम नबी आजाद का मेरे पास फोन आया। पीएम नोदी ने कहा कि वह फोन कॉल सिर्फ सूचना देने के लिए नहीं था। फोन पर बात करते समय गुलाम नबी आजाद के आंसू रुक नहीं रहे थे। पीएम मोदी ने कहा कि उस समय प्रणब मुखर्जी साहब रक्षा मंत्री थे। मैंने प्रणब दा से कहा कि अगर फोर्स का हवाई जहाज मिल जाए को डेड बॉडी भेजने के लिए तो उन्होंने कहा कि आप चिंता मत कीजिए मैं बंदोबस्त करता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि उसी दिन रात को एयरपोर्ट से गुलाम नबी आजाद का फोन आया वह एयरपोर्ट पर थे। उस रात को एयरपोर्ट से उन्होंने मुझे फोन किया, जैसे कोई अपने परिवार के सदस्य की चिंता कोई करता है, वैसी चिंता उन्होंने की थी। पीएम नोदी ने कहा कि मेरे लिए वह बड़ा भावुक पल था। राज्यसभा में इन यादों को साझा करते हुए पीएम मोदी कई बार भावुक हुए। पीएम मोदी अपने आंसू रोक नहीं पाए। पीएम मोदी ने आगे कहा कि गुलाम नबी आजाद मेरे लिए एक मित्र के रूप में थे। इसके बाद वह जो भी पद संभालेंगे वह बेहतर ढंग से संभालेंगे, मैं यह कामना करता हूं। मैं उसने यह कहूंगा कि आप यह मन से मत मानों कि आप इस सदन में नहीं हो। आपका अनुभव प्राप्त होता रहेगा मैं ऐसी उम्मीद करता हूं। 


अनुसूचित जाति के हितग्राहियों के लिए बनाये जाएंगे शापिंग माल रोजगार पर रहेगा फोकस*

29-Jan-2021

00 कलेक्टोरेट में आयोजित हुई अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक

दुर्ग (शोर सन्देश) अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में नगरीय क्षेत्रों में अनुसूचित जाति के हितग्राहियों को व्यवसाय के लिए तैयार करने शापिंग माल बनाए जाने का निर्णय लिया गया। बैठक में तय किया गया कि रोजगारमूलक गतिविधियों का अधिकाधिक प्रसार किया जाएगा। बैठक में अपने विचार रखते हुए प्राधिकरण के अध्यक्ष भुनेश्वर बघेल ने कहा कि अनुसूचित जाति प्राधिकरण के माध्यम से हम उन क्षेत्रों में कार्य की पहल कर सकते हैं जहां अन्य मदों से कार्य की संभावना कम है। उदाहरण के लिए रोजगार सृजन का क्षेत्र, इसके लिए अलग-अलग जिलों में अलग-अलग तरह के कार्य आरंभ करा सकते हैं। जिले की जरूरतों के अनुरूप कौशल संवर्धन कार्य करा सकते हैं। व्यवसाय के लिए सहायता दे सकते हैं। शापिंग काम्प्लेक्स आदि के माध्यम से व्यावसायिक परिसर भी उपलब्ध करा सकते हैं। सदस्यों ने अपनी राय रखते हुए कहा कि शासन की अनेक ऐसी योजनाएं होती हैं जिसमें हितग्राहियों को सब्सिडी मिलती है विशेष रूप से कृषि और उद्यानिकी की योजनाओं में। इसके बावजूद कई बार अंशदान नहीं जुटा पाने की वजह से हितग्राही इसका लाभ नहीं ले पाते। यदि आयोग की ओर से कुछ अंशदान तय कर दिया जाए तो हितग्राहियों की यह परेशानी दूर हो सकती है। बैठक में सदस्यों ने कहा कि जिन गाँवों में अथवा जिन क्षेत्रों में अनुसूचित जाति की आबादी अधिक है उनमें प्राधिकरण के अधिकतर कार्य कराए जाने चाहिए। बैठक में प्राधिकरण के कार्यों की मानिटरिंग के लिए जिला स्तर पर सेल बनाये जाने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में सदस्यों ने कहा कि प्राधिकरण से जुड़े निर्माण कार्यों के संबंध में आदिवासी विकास विभाग की मानिटरिंग जिम्मेदारियाँ बढ़ाई जाएं ताकि प्रभावी रूप से निर्माण कार्यों में तेजी लाने की दिशा में काम होता रहे। बैठक में अध्यक्ष ने कहा कि हम लोग अनुसूचित जाति के विकास के लिए काम कर रहे हैं। यह वर्ग तब मजबूत होगा जब शिक्षा और रोजगार की मुकम्मल व्यवस्था होगी। इस संबंध में आयोग किस तरह से नवाचार कर सकता है। उसकी जरूरतों के मुताबिक जिलावार रिपोर्ट बनाई जाएगी। फिर इस कार्ययोजना को आयोग के सदस्यों की सलाह से मुकम्मल किया जाएगा। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी जिलों के सहायक आयुक्तों से प्राधिकरण के चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। इस मौके पर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष किस्मत लाल नंद तथा श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े ने भी अपने विचार रखे। बैठक में जांजगीर सांसद गुहाराम अजगले, मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले एवं अन्य सदस्यों के प्रतिनिधिगण मौजूद थे। इस मौके पर प्राधिकरण के सदस्य सचिव एवं दुर्ग संभागायुक्त एके कुलभूषण टोप्पो, राजनांदगांव कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा, बालोद कलेक्टर जनमेजय महोबे, अपर कलेक्टर बीबी पंचभाई सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। 




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