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खनिज साधन विभाग ने छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम के क्रियान्वयन के संबंध में जारी किए निर्देश

21-Dec-2023

 रायपुर। छत्तीसगढ़ खनिज साधन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम-15 के क्रियान्वयन के संबंध में आज मंत्रालय से नये दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिसके तहत जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद द्वारा ऐसे कार्य जिन्हें प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, परंतु कार्य प्रारंभ नहीं हुए हैं, ऐसे अप्रारंभ कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 के नियम 5 अनुसार "जिला खनिज सस्थान न्यास का उद्देश्य खनन अथवा खनन से संबधित संक्रियाओं से प्रभावित व्यक्ति एवं क्षेत्र के हित एवं लाभ के लिए ऐसी रीति से कार्य करना है" नियम-22 अनुसार न्यास निधि का उपयोग किये जाने का प्रावधान है। न्यास की गतिविधियों के सफल संचालन के लिए समय-समय पर राज्य शासन द्वारा विभिन्न निर्देश जारी किये गये हैं, जिनके तारतम्य में आज खनिज विभाग द्वारा नये निर्देश जारी किए गए हैं। समस्त कलेक्टर-सह-अध्यक्ष जिला खनिज संस्थान न्यास को छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 के नियम-10. 11 एवं 12 (1) के संदर्भ में निम्नानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया है - छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 (यथा संशोधित) अन्तर्गत कलेक्टर-सह-अध्यक्ष, जिला खनिज संस्थान न्यास/शासी परिषद द्वारा ऐसे कार्य जिन्हें प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, परन्तु कार्य प्रारंभ नहीं हुए हैं, ऐसे अप्रारंभ कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगायी जाये। शासी परिषद् द्वारा ऐसे अप्रारंभ कार्य की पुन समीक्षा की जाए। तत्पश्चात् शासी परिषद के निर्णय/अनुमोदन अनुसार ही अग्रिम आवश्यक कार्यवाही की जाए। कलेक्टर-सह-अध्यक्ष, जिला खनिज संस्थान न्यास द्वारा शासी परिषद के बिना प्रशासकीय स्वीकृति के कोई भी नये कार्य प्रारंभ नहीं किए जाएं। छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम 2015 के नियम-10 (1ख) के प्रावधान अन्तर्गत संबंधित जिले के समस्त नवनिर्वाचित विधानसभा सदस्य, जो पदेन सदस्य हैं। ऐसे समस्त विधानसभा सदस्यों को तत्काल सूचित किया जाए। छत्तीसगढ़ जिला खनिज सस्थान न्यास नियम 2015 के नियम-10(2), 10 (3) एवं 10(4) के प्रावधान अन्तर्गत संबंधित जिले के ऐसे नामांकित जनप्रतिनिधियों/सदस्यों जिनकी कालावधि 03 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, उनके स्थान पर नये नामांकन किए जाएं।

 

अपने आप को जान लेना ही भगवान को जान लेना है - मैथिलीशरण भाईजी

21-Dec-2023
 
रायपुर।  अपने आप को जान लेना ही भगवान को जान लेना है। जो लोग यह कहते है कि भरत की वाणी कठिन है तो ऐसे लोगों ने न तो अपने को जाना है और न राम को जाना है। शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसके जीवन में प्रतिकूल परिस्थिति न आया हो। प्रेम में अनुबंध होता ही नहीं, प्रेम में तो केवल संबंध होता है, जिस दिन अपने में दोष और अपूर्णता और भगवान में पूर्णता देखना सीख लिया तो जीवन धन्य हो जाएगा। अपने आप को जान लेना ही भगवान को जान लेना है - मैथिलीशरण भाईजीमैक कॉलेज ऑडिटोरियम में श्रीराम कथा प्रसंग में भरत चरित्र की व्याख्या को आगे बढ़ाते हुए मैथिलीशरण भाई जी ने कहा कि भगवान के प्रति भक्तिभाव का जो लोग समीक्षा करते है वह स्वार्थ है, परमार्थ नहीं। मानस में बताया गया है कि प्रतिकूल परिस्थितियां भगवान के भक्त भरत और विभीषण पर कैसे आई? संसार में कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं होता जिसके जीवन में प्रतिकूल परिस्थितियां न आई हो, फिर भी हर स्थिति में भगवान की स्मृति न खोने वाला सच्चा भक्त है। इतिहास जो होता है वो पोस्टमार्टम करता है, पुराण ऑपरेशन करते है और कथा भूत को वर्तमान बना देता है। कथा जीवन में हमारा परम सत्य है और जिस दिन लक्ष्य की प्राप्ति हो गई तो समझो कथा में प्रवेश हो गया। प्रेम में अनुबंध नहीं होता, केवल संबंध होता है। लकड़ी की पादुका पाकर भी भरत जी प्रसन्न हो गए इतना कि पादुका में साक्षात भगवान को अनुभव कर रहे है। अहम से मुक्त व्यक्ति अपनी बात मनवाने के लिए न धरना देते है, न आग्रह और न प्राण देने की बात कहते है। भरत जी ने भी चित्रकूट में भगवान राम से अयोध्या लौटने के लिए ऐसी कोई बात नहीं कही। 

दुनिया के 40 देशों में फैला कोरोना का जेएन.1 वैरिएंट

21-Dec-2023
- भारत में 21 केस, WHO  ने  कहा- इससे खतरा नहीं, पर भीड़ में मास्क पहनें
 
नई दिल्ली। कोरोना का नया सब-वैरिएंट रेएन.1 दुनिया के 40 देशों में फैल चुका है। भारत में अब तक इसके 21 केस आ चुके हैं। इनमें गोवा में 19 और केरल-महाराष्ट्र में 1-1 मामला आया है।
नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने बुधवार को बताया कि पिछले दो हफ्ते के दौरान भारत में कोरोना से 16 लोगों की मौत हुई है। हालांकि, इनमें अधिकतर लोग डायबिटीज और हार्ट प्रॉब्लम जैसी दूसरी बीमारियों से भी जूझ रहे थे।
केंद्र के मुताबिक, देशभर में कोरोना के करीब 2669 एक्टिव मामले हैं। इनमें 91- 92प्रतिशत लोग घरों में ही इलाज करवा रहे हैं। नए वैरिएंट वाले मरीजों में वायरस के लक्षण काफी हल्के हैं। हालांकि, घबराने वाली कोई बात नहीं है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जेएन.1 को ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ में शामिल किया है। डब्ल्यूएचओ ने बताया कि अभी तक का विश्लेषण कहता है कि मौजूदा वैक्सीन जेएन.1 वैरिएंट पर पूरी तरह से कारगर है। इससे लोगों को ज्यादा खतरा नहीं है।
 
हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने सावधानी के तौर पर एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों को भीड़ वाले, बंद या दूषित हवा वाले इलाकों में मास्क पहनने की सलाह दी गई है। साथ ही आवश्यक दूरी बनाने को भी कहा गया है।
 
केंद्र के निर्देश- सभी जिले टेस्ट करें
केंद्र सरकार ने राज्यों की दी एडवाइजरी में कहा है कि सभी जिले कोविड टेस्ट करें। पॉजिटिव सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लैब भेजें। मॉक ड्रिल करके समय-समय पर तैयारियों का जायजा लें।
 
कर्नाटक के पड़ोसी राज्य केरल और तमिलनाडु में कोविड-19 के नए वैरिएंट जेएन.1 के मामले बढऩे के कारण वहां भी एडवाइजरी जारी की गई।
 
60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों, किडनी, हृदय, लिवर जैसी बीमारियों से पीडि़त लोगों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली मांओं को बाहर जाने पर अनिवार्य रूप से मास्क पहनने की सलाह दी गई है।
 
केंद्र के निर्देशों के अनुसार, अभी ज्यादा घबराने या तुरंत प्रतिबंध लगाकर सीमा पर (केरल, तमिलनाडु राज्यों) निगरानी बढ़ाने की जरूरत नहीं है। हालांकि, केरल और तमिलनाडु से लगे सभी सीमावर्ती जिलों को सतर्कता बरतनी चाहिए। क्रिसमस और नए साल के जश्न के दौरान लोगों को खास तौर पर सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

संसद की सिक्योरिटी का जिम्मा अब CISF को

21-Dec-2023
- सुरक्षा चूक मामले के 4 आरोपियों की रिमांड 15 दिन बढ़ाई; दो अन्य लोगों से भी पूछताछ
नई दिल्ली। संसद भवन की सुरक्षा में की जिम्मेदारी अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को दी गई है। सूत्रों ने बताया, संसद में सुरक्षा चूक को देखते हुए सरकार ने ये फैसला लिया है। CISF के पास अभी एटॉमिक, दिल्ली मेट्रो, हवाई अड्डे और एयरोस्पेस से जुड़े संस्थानों समेत कई इमारतों की सिक्योरिटी का जिम्मा है।
CISF के साथ पार्लियामेंट सिक्योरिटी सर्विस, दिल्ली पुलिस और पार्लियामेंट ड्यूटी ग्रुप भी शामिल रहेंगे। पीडीजी, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का ही हिस्सा है।
वहीं, सुरक्षा चूक मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों की सागर शर्मा, डी मनोरंजन, अमोल शिंदे और नीलम की हिरासत पटियाला हाउस कोर्ट ने 15 दिन और बढ़ाई है। दो अन्य आरोपी ललित झा और महेश कुमावत भी कस्टडी में हैं। इन छह लोगों से दिल्ली पुलिस की पांच अलग-अलग यूनिट्स पूछताछ कर रही हैं।
कर्नाटक के पूर्व डीएसपी का बेटा भी हिरासत में
लोकसभा में सुरक्षा चूक मामले में कर्नाटक से इंजीनियर साईंकृष्ण जगाली को हिरासत में लिया गया है। इसे दिल्ली लाया गया है। जगाली कर्नाटक के एक रिटायर्ड डीएसपी का बेटा है। वहीं, यूपी के एक अन्य व्यक्ति को भी पकड़ा गया है। दोनों से पूछताछ जारी है।
साईंकृष्ण जगाली, डी मनोरंजन का दोस्त है। मनोरंजन ने पूछताछ में साईंकृष्ण जगाली का नाम बताया था। साईंकृष्ण मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है। जगाली की बहन स्पंदा का कहना है कि मेरे भाई को दिल्ली पुलिस 20 दिसंबर की रात को बागलकोट के विद्यागिरि से ले गई। मेरा भाई कॉलेज के दिनों में मनोरंजन का रूममेट था।

पीएससी घोटाले की होगी जांच, नौजवानों के साथ नहीं होगा अन्याय : बृजमोहन अग्रवाल

21-Dec-2023

 रायपुर (शोर संदेश)। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल का बड़ा बयान सामने आया। उन्होंने विपक्ष को करारा जवाब देते हुए कहा कि जनता उन्हें नीरस कर दिया है इसलिए उन्हें सब नीरस दिखाई दे रहा है। 

 राज्यपाल ने सरकार का जो काम है, सरकार ने जो वादा किया है उसकी बात कही है। पीएससी घोटाले की जांच होगी। लाखों नौजवानों को एक संदेश है आने वाले समय में नौजवानों के साथ अन्याय अत्याचार या भ्रष्टाचार नहीं होगा। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने आगे कहा कि उनके भविष्य के साथ सरकार खिलवाड़ नहीं करेगी। इसके साथ में उन्होंने छत्तीसगढ़ की महिलाओं, किसानों, नवजवानों, वनवासियों, आदिवासियों, पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जातियों सबको साथ में लेकर चलने की बात कही है। राज्यपाल उनका विस्तृत भाषण बजट के समय आएगा ये तो प्रारंभिक भाषण है। सरकार को बने 15 दिन भी नहीं हुआ है, तब राज्यपाल का इतनी बड़ी उद्घोषणा सरकार की काम को प्रदर्शित करता है।
वहीं अनुपूरक बजट पर पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आज जो बजट आया उसमें मोदी की गारंटी, मातृ वंदन योजना के लिए, पीएम आवास के लिए और धान खरीदी के लिए पैसा रखा गया है। यह पहली सरकार है जो बनते ही मोदी की गारंटी बात की हैं। बजट आएगा तब आप देखिएगा कांग्रेस के लोग जमीन पर लौटने लगेंगे। इसके अलावा उन्होंने उमेश पटेल के कठपुतली वाले बयान पर कहा कि थोड़ा इंतजार करिए, जब सरकार बनेगी, तो मंत्रिमंडल का गठन होगा। तब इनको समझ आएगा कि फैसला कैसे होते है।फैसला भ्रष्टाचार करने के लिए नहीं होते हैं। अपने-अपने लोगों को बचाने पर भ्रष्टाचार में साथ दे उनके लिए नहीं होते हैं।

राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगी सोनिया गांधी? इन नेताओं को निमंत्रण...

21-Dec-2023
अयोध्या । अयोध्या में रामलला के भव्य प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं. इस बीच खबर है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी को राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है जो 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाला है. इस संबंध में अंग्रेजी वेबसाइट टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इन नेताओं को निमंत्रण भेजा है, लेकिन कांग्रेस के इन वरिष्ठ नेताओं के समारोह में शामिल होने की संभावना कम है.
सूत्रों के हवाले से खबर दी गई है कि समारोह में शामिल होने पर फैसला कार्यक्रम के करीब लिया जाएगा. कांग्रेस से किसी व्यक्ति के इस कार्यक्रम में जाने की उम्मीद है, लेकिन अभी तक इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है. ट्रस्ट इस विशाल आयोजन के लिए विभिन्न दलों के राजनीतिक नेताओं को आमंत्रित कर रहा है. पंजाब जैसी कांग्रेस की कई राज्य इकाइयां पहले ही घोषणा कर चुकी हैं कि वे बसों में तीर्थयात्रियों को अयोध्या भेजेंगे. 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले, अयोध्या का राम मंदिर चर्चा में है.
 
नृपेंद्र मिश्रा ने खरगे से मुलाकात की
 
सूत्रों के हवाले से खबर दी गई है कि राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने मंगलवार को खरगे से मुलाकात की और निमंत्रण दिया. बताया जा रहा है कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सोनिया गांधी को निमंत्रण भेजा था. बैठकों के दौरान निमंत्रण स्वीकार कर लिया गया, जिसके लिए मिश्रा ने पहले ही समय मांगा था. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी निमंत्रण भेजा गया है, जो इन दिनों अस्वस्थ चल रहे हैं. आने वाले दिनों में अन्य विपक्षी नेताओं को भी निमंत्रण भेजे जाने की संभावना है.

विष्णुदेव साय होंगे छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री...

10-Dec-2023

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ में रविवार को सीएम के नाम को लेकर बना सस्पेंस खत्म हो गया। रायपुर स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय में विधायक दल की बैठक जारी है। भाजपा के पर्यवेक्षक अर्जुन मुंडा, सर्बानंद सोनोवाल और दुष्यंत गौतम की रायपुर में नव निर्वाचित विधायकों के साथ बैठक ख़त्म होने वाली है। इसके बाद आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री की घोषणा की जायेगी। सीएम फेस की रेस में विष्णुदेव साय का भी बड़ा नाम है। वे आदिवासी समाज के बड़े नेता माने जाते हैं। विष्णुदेव साय इसलिए बड़ा नाम है क्योंकि वे चार बार सांसद, दो बार विधायक, केंद्रीय राज्य मंत्री और दो-दो बार के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं। इसके साथ ही सारे को संगठन में काम करने का लंबा अनुभव भी है। सीएम पद की रेस में रेणुका सिंह का नाम भी शामिल है। रेणुका सिंह फिलहाल भारत सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री हैं। रेणुका सिंह प्रदेश की भरतपुर सोनहत सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची हैं। रेणुका सिंह ने कांग्रेस के सीटिंग एमएलए गुलाब कमरों को हराया है। इनका नाम सीएम पद की रेस में इसलिए भी है क्योंकि रेणुका सिंह छत्तीसगढ़ में आदिवासी महिला विधायक का एक बड़ा चेहरा हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का महिला सशक्तिकरण पर फोकस भी है। 


राज्यपाल ने विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री नियुक्त किया

10-Dec-2023

रायपुर (शोर सन्देश)। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन को रविवार को राजभवन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव ने वर्ष 2023 की छत्तीसगढ़ राज्य नव गठित विधानसभा के अपनेे नव निर्वाचित विधायकों की सर्वसम्मति से, प्रदेश विधायक दल का नेता विष्णुदेव साय को चयनित किये जाने संबंधित पत्र सौंपा और नई सरकार बनाने के लिए अपना दावा प्रस्तुत किया। राज्यपाल हरिचंदन ने विष्णुदेव साय को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत के संविधान की धारा 164 के तहत विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री नियुक्त करने संबंधित पत्र प्रदान किया और केबिनेट गठन के लिए आमंत्रित किया।



इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सर्वानंद सोनोवाल, मनसुख मांडविया, ओम माथुर सहित नवनिर्वाचित विधायक, पदाधिकारी एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।


*अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का महापर्व है पितृ पक्ष : डॉ. महंत *

28-Sep-2023

रायपुर (शोर सन्देश)। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि, पितृ पक्ष अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का पर्व है। श्राद्ध पक्ष के दौरान हमारे पूर्वज पृथ्वी पर सूक्ष्म रूप में आते हैं और उनके नाम से किए जाने वाले तर्पण को स्वीकार करते हैं इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।


 डॉ. महंत ने कहा की, शास्त्रों के अनुसार इस अवधि में पितृगण अपने परिजनों के समीप विविध रूपों में आते हैं और अपने मोक्ष की कामना करते हैं। परिजनों से संतुष्ट होने पर पूर्वज आशीर्वाद देकर हमें अनिष्ट घटनाओं से बचाते हैं। श्राद्ध से पितृगण प्रसन्न होते हैं और श्राद्ध करने वालों को सुख-समृद्धि, सफलता, आरोग्य और संतान रूपी फल देते हैं। पितृ पक्ष के दौरान वैदिक परंपरा के अनुसार 'ब्रह्मवैवर्तपुराण' में यह निर्देश है कि इस संसार में आकर जो सद्गृहस्थ अपने पितरों को श्रद्धापूर्वक पितृपक्ष के दौरान पिंडदान, तिलांजलि और ब्राह्मणों को भोजन कराते है, उनको इस जीवन में सभी सांसारिक सुख और भोग प्राप्त होते हैं। वे उच्च शुद्ध कर्मों के कारण अपनी आत्मा के भीतर एक तेज और प्रकाश से आलोकित होते है। मृत्यु के उपरांत भी श्राद्ध करने वाले सदगृहस्थ को स्वर्ग लोक, विष्णुलोक और ब्रह्मलोक की प्राप्ति होती है।

 

 


*ग्राम बोरिद में कृषि सूचना केन्द्र का शुभारंभ *

28-Sep-2023

 गरियाबंद (शोर सन्देश)। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र फिंगेश्वर में चतुर्थ वर्ष के छात्रों ने ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (रावे) अन्तर्गत फिंगेश्वर तहसील के ग्राम बोरिद में कृषि सूचना केन्द्र का शुभारंभ किया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय अन्तर्गत संचालित कृषि महाविद्यालय में चतुर्थ वर्ष पाठ्यक्रम में ग्रामीण कृषि कार्यानुभव (रावे ) होता है, जिसके अन्तर्गत चयनित ग्राम में चिन्हित कृषको के साथ मिलकर कृषि कार्य से परिचित होते है। साथ ही कृषि के सैद्धांतिक तकनीक को कृषको से साझा करते है। इसी तारतम्य में छात्रों ने कृषि सूचना केन्द्र का शुभारंभ किया।


रावे कायक्रम के समन्वयक ने बताया कि कृषि सूचना केन्द्र में ग्राम के कृषको को फसल उत्पादन, कीट व्याधि प्रबंधन, पशु प्रबंधन के विषय में आगामी लगभग 30 दिनो तक केन्द्र में जानकारी देगें। कार्यक्रम मुख्य अतिथि माखन लाल ध्रुव, सरपंच ग्राम बोरीद, महेश सोनी, उप सरपंच एवं पंचगणों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के वक्तव्य में सहा. प्रध्यापक ने कृषको को परम्परागत कृषि तकनीक से नई तकनीक के समावेश के लिए प्रोत्साहित किया। नये किश्मों के साथ नये तकनीक से लाभ के विषय में भी कृषको को जानकारी प्रदान किया। कार्यक्रम में ग्राम सरपंच ने छात्रों को उत्साहित करते हुए उनके द्वारा किये जा रहे विभिन्न तकनीको कार्यों की प्रशंसा की। और हर्ष से बताया कि छात्र निरंतर कृषको के प्रक्षेत्र में पहुंच कर तकनीकी ज्ञान साझा कर रहे हैं। कार्यक्रम में डा. नीता मिश्रा सहा. प्रध्यापक द्वारा पशुओं में व्याप्त खुरहा-चपका बीमारी हेतु जानकारी साझा कर टीकाकरण हेतु प्रोत्साहित किया गया। साथ ही पशुओं को वर्तमान कृषि के लिए अत्यावश्यक बताया। उक्त कार्यक्रम इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय अंतर्गत संचालित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र फिंगेश्वर के अधिष्ठाता डॉ निरंजन खरे के मार्गदर्शन में, सह प्राध्यापक डॉ सी आर नेताम, रावे समन्वयक डॉ लेखराम कंवर, डॉ ओमेश ठाकुर, डॉ पायल जयसवाल, डॉ सौरभ पद्मशाली, डॉ सुमन रावते, सत्येन्द्र पाटले, डॉ अविनाश गौतम, डॉ देवेंद्र कुमार देवांगन, डॉ अशोक कुमार कोसरिया, डॉ कुंतल साठकर व विभा चंद्राकर की उपस्थिति में चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों भूपेंद्र, कुलदीप, फलेश्वर, यश, महेश, प्रज्ञा, प्रियंका एवं पंकज द्वारा आयोजित किया गया।कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान बंशीलाल द्वारा किए जा रहे जैविक कृषि की जानकारी देते हुए इसकी महत्ता भी बताई गई। उक्त कार्यक्रम में किसानों के साथ साथ बढ़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं एवं बच्चे भी उपस्थित रहें।

 

 



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