ब्रेकिंग न्यूज

ब्रेकिंग न्यूज

*छत्तीसगढ़ सरकार ने की बड़ी कार्रवाई, भ्रष्टाचार मामले में दो अफसर बर्खास्त...*

31-May-2023

नई दिल्ली (शोर संदेश)। भ्रष्टाचार के मामले में राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। पशु चिकित्सा सेवा के दो अफसरों को बर्खास्त कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में मामला दर्ज किया गया था। डॉ० डी.एस. ध्रुव तत्कालीन उप संचालक, पशु चिकित्सा वायें जिला कांकेर (वर्तमान उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवायें, जिला गरियाबंद) और पी.एल. सरल, पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ, कार्यालय उप संचालक, पशु चिकित्सा वायें जिला कांकेर के विरुद्ध थाना आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करपान ब्यूरो रायपुर, काई जगलदपुर में अपराध क्र. 21/2012 के अंतर्गत भा.दं.सं. धारा-420, 419, 467, 468, 71, 120 बी एवं धारा 13 (1) सी. 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत् पंजीबद्ध किया गया। था।




दिनांक 24.08.2017 को 48 घंटे से अधिक जिला जल कांकेर में निरूद्ध रहने के कारण डॉ० ध्रुव को विभागीय समसंख्यक आदेश दिनांक #3.09.2017 द्वारा एवं डॉ० सरल के फरार रहने तथा मान० न्यायालय में चालान प्रस्तुत किये जाने के कारण विभागीय समसंख्यक आदेश दिनांक 22.12.2017 द्वारा निलंबित किया गया। डॉ० ध्रुव एवं डॉ० सरल की निलंबन अवधि एक वर्ष से अधिक हो जाने के कारण निलंबन अवधि का निराकरण न्यायालय के अंतिम निर्णय के अध्याधीन रखते हुए कमशः विभागीय समसंख्यक आदेश दिनांक 06.10.2018 एवं 29.06.2019 द्वारा निलंबन से बहाल किया गया। विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण कांकेर द्वारा पारित आदेश दिनांक 29.07.2022 में अभियुक्तगणों डॉ० डी.एस. ध्रुव उप संचालक एवं डॉ० पी. एल. सरल दोनों दोषसिद्धि पाये गये। आपराधिक कृत्य एवं अपराध कारित करने की परिस्थिति को देखते हुए दोनों अभियुक्तों को तीन-तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा एवं 1000-1000 रूपये अर्थदण्ड तथा अर्थदण्ड की अदायगी नहीं करने की दशा में एक-एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया गया है।


विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण कांकेर द्वारा पारित आदेश दिनांक 29.07.2022 में अभियुक्तगणों को दण्डित किया गया है, जो सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3(1) के अंतर्गत कदाचरण की श्रेणी में आता है। विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण कांकेर द्वारा पारित आदेश दिनांक 29.07. 2022 एवं सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश दिनांक 08.02.1999 एवं 27.09.2010 के परिप्रेक्ष्य में डॉ० डी.एस. ध्रुव, उप संचालक एवं डॉ० पी.एल. सरल, पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 10 (नौ) में निहित प्रावधान अनुसार सेवा से पदच्युत करने (Dismiss) की शास्ति अधिरोपित किया गया है।


*देश में फिर नोटबंदी, 2000 रुपए का नोट होगा बंद, 23 से होगा वापस*

19-May-2023

नई दिल्ली (शोर संदेश)।देश में एक बार फिर नोटबंदी होने वाली है। बैंकों में फिर लंबी लाइनें लगने वाली है। दरअसल,  भारतीय रिजर्व बैंक ने 2 हजार रुपए के नोट पर बड़ा फैसला लिया है। रिजर्व बैंक के अनुसार, 2000 रुपए का नोट लीगल टेंडर तो रहेगा, लेकिन इसे सर्कुलेशन से बाहर कर दिया जाएगा। आरबीआई ने कहा है कि यह नोट 30 सितंबर तक कानूनी रूप से वैध रहेंगे। यानी 30 सितंबर तक लोग बैंकों में 2000 हजार रुपए के नोट जमा कर सकेंगे। 23 मई से एक बार में 20 हजार रुपए के नोट जमा कर सकेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक ने देश के बैंकों को सलाह दी है कि 2 हजार रुपए के मूल्य के नोट को तत्काल प्रभाव से जारी करना बंद कर दिया जाए। 'क्लीन नोट पॉलिसी' के तहत रिजर्व बैंक ने ये फैसला लिया है। रिजर्व बैंक ने साल 2016 में हुई नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक ने 2 हजार रुपए के नोट को जारी किया था। पिछले कुछ महीने से मार्केट में 2 हजार रुपए के नोट कम नजर आ रहे थे। लोगों का कहना था कि एटीएम से भी 2000 रुपए नोट नहीं निकल रहे हैं। इस संबंध में सरकार ने संसद में भी जानकारी दी थी।  


*भीषण सड़क हादसे में मासूम समेत छः की मौत, कई घायल*

15-May-2023

बलौदाबाजार (शोर संदेश)।छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में एक बार फिर भीषण सड़क हादसा हो गया है जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई है। वहीं करीब 25 लोग घायल हैं। जानकारी के अनुसार ट्रक और पिकअप की भिंडत हो गई है। मरने वालों में 5 महिला व एक बच्चा शामिल है। सूचना के बाद डायल 112 और पुलिस मौके पर पहुंची, जिसकी मदद से घायलों को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल सभी घायलों का इलाज किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि ये हादसा गोडा पुलिया के पास हुआ है। जब छठी कार्यक्रम से पिकअप सवार वापस लौट रहे थे। गौरतलब है कि प्रदेश में सड़का हादसा थमने का नाम नहीं वे रहा है। आए दिन कहीं न कहीं सड़क हादसे हो रहे हैं और कई लोग अपनी जान गवां रहे हैं।

 

 


*केश कल्याण शिल्पी बोर्ड के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को सरकारी सुविधाएं आज से उपलब्ध*

08-May-2023

संजीव सेन रायपुर ( शोर संदेश ) कांग्रेस सरकार द्वारा केश कल्याण शिल्पी बोर्ड का गठन कर पिछले 6 महीने पहले ही अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों की घोषणा की गई थी, जिसमें कांग्रेस सरकार द्वारा केश कल्याण शिल्पी बोर्ड के अध्यक्ष नंदकुमार सेन एवं उपाध्यक्ष चित्रकांत श्रीवास को बनाया गया था, परंतु इनको सरकार द्वारा सरकारी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई थी | आज दिनांक 8 मई 2023 को दोनों पदाधिकारियों को सरकारी सुविधाएं मुहैया कराते हुए इन्हें सरकारी गाड़ी एवं रायपुर राजधानी में सुसज्जित ऑफिस प्रदान किया गया, इस हेतु बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्तागण केशव बंटी हरमुख, उपाध्यक्ष श्रम कल्याण मंडल, देवेंद्र देशमुख अध्यक्ष जनपद पंचायत दुर्ग, रेवेंद्र यादव अध्यक्ष सहकारिता कांग्रेस, नंदकुमार साहू पूर्व जिला पंचायत सदस्य, लोकेश बंजारे बूथ अध्यक्ष बोरई, दिवाकर गायकवाड अध्यक्ष सेवा सहकारी समिति उतई, योगेश मांडल उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस दुर्ग, कृष्ण देवांगन, उपाध्यक्ष प्रदेश किसान कांग्रेस, भूपेंद्र शंकर सेन पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सेन समाज, मन्नूलाल लाला सेन संरक्षक प्रदेश सेन समाज, महेंद्र सेन अहिवारा, शीत श्रीवास, सदस्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड, चित्रकांत श्रीवास, उपाध्यक्ष केश शिल्पी कल्याण बोर्ड,किशोर शर्मा आदि, पदाधिकारी गण, अहिवारा से सेन समाज के प्रतिष्ठित पदाधिकारी महेंद्र सेन व रायपुर के जिला अध्यक्ष डॉ मनोज ठाकुर ने इसके लिए मुख्यमंत्री का बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया है।

 


*रात में खुली देश की सबसे बडी अदालत, हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक, ये है मामला*

29-Apr-2023

नई दिल्ली (शोर संदेश)। सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के जज जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय के आदेश पर रोक लगा दी है। इसके लिए रात 8 बजे स्पेशल बेंच बैठी और फिर इस पर रोक लगाई गई है। जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इस आदेश पर रोक लगाई है। कलकत्ता हाईकोर्ट के जज जस्टिस गंगोपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से बिते कल की तारीख में ही (शुक्रवार को ) अपने टीवी इंटरव्यू का ओरिजनल ट्रांसक्रिप्ट देने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को अभूतपूर्व घटना हुई. कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय के आदेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट की बेंच रात 8:15 बजे विशेष सुनवाई के लिए बैठी और जस्टिस गंगोपाध्याय के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें उन्होंने उच्चतम न्यायालय के सेक्रेटरी से रात 12 बजे तक इंटरव्यू की ट्रांसक्रिप्शन कॉपी मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएस बोपन्ना और हिमा कोहली की बेंच ने कहा कि ट्रांसक्रिप्शन की कॉपी देने की कोई जरूरत नहीं है। इस विशेष सुनवाई के दौरान सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हाईकोर्ट के जज को इस तरह का आदेश नहीं देना चाहिए था। इस पर जस्टिस एएस बोपन्ना और हिमा कोहली की बेंच ने भी सहमति जताई और जस्टिस गंगोपाध्याय के आदेश पर रोक लगा दी। बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के सेक्रटरी जनरल से कहा कि वह इस आदेश की जानकारी कलकत्ता उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को दे दें और उनसे कहें कि वह जस्टिस गंगोपाध्याय बता दें। दरअसल, कलकत्ता हाईकोर्ट के जज अभिजीत गंगोपाध्याय ने एक इंटरव्यू दिया था। जिसमें उन्होंने राज्य सरकार के भ्रष्टाचार को लेकर कई बातें कही थीं। जस्टिस गंगोपाध्याय पश्चिम बंगाल के टीचर भर्ती घोटाले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई भी कर रहे हैं। यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला उनके पास से हटाने का आदेश दिया। इसके बाद जस्टिस गंगोपाध्याय ने भी आदेश जारी कर दिया और सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल को निर्देश दिया कि वह रात 12 बजे तक कोर्ट में रखे उनके इंटरव्यू का आधिकारिक अनुवाद उपलब्ध करवाएं। साथ ही उन्होंने सेक्रेटरी को चैंबर में रात के 12:15 बजे तक इंतजार करने के लिए कहा। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अशोक कुमार गांगुली ने सवाल उठाया है कि क्या शीर्ष अदालत को किसी भी उच्च न्यायालय में किसी भी मामले को एक बेंच से दूसरी बेंच में स्थानांतरित करने का अधिकार है। उन्होंने कहा, शायद शीर्ष अदालत के पास इस तरह का आदेश देने के अपने कारण हैं। सर्वोच्च न्यायालय के प्रति सम्मान के साथ मैं कह रहा हूं कि किसी भी मामले को किसी भी हाईकोर्ट में एक पीठ से दूसरी पीठ में स्थानांतरित करना उस उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस का विशेषाधिकार है। भारतीय संविधान के प्रावधानों के तहत किसी भी उच्च न्यायालय के किसी भी आदेश को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा खारिज जा सकता है। लेकिन शीर्ष अदालत के लिए यह तय करने का कोई प्रावधान नहीं है कि उच्च न्यायालय की कौन सी बेंच किस मामले की सुनवाई करेगी। हालांकि, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी से सहमति जताई कि न्यायाधीशों के पास उनके समक्ष लंबित मामलों पर समाचार चैनलों को इंटरव्यू देने का कोई अधिकार नहीं है। इससे पहले शुक्रवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय के समक्ष तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी के खिलाफ राज्य द्वारा संचालित शैक्षिक और गैर-शैक्षिक कर्मचारियों की भर्ती में करोड़ों रुपये के घोटाले के संबंध में लंबित मामलों को किसी और न्यायाधीश के पास स्थानांतरित कर दिया जाए।


*नक्सली वारदात में शहीद हुए 8 जवान पहले थे नक्सली...*

28-Apr-2023

दंतेवाडा (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा में 26 अप्रैल बुधवार को हुए नक्सली हमले में पुलिस के 10 जवान शहीद हो गए थे। पुलिस ने बताया कि जो जवान शहीद हुए हैं उनमें से 8 पहले नक्सली थे। नक्सलवाद छोड़ने के बाद वे सभी पुलिस बल में शामिल हुए थे। प्रधान आरक्षक जोगा सोढ़ी पोलमपल्ली सुकमा, मुन्ना कड़ती तुमनार दंतेवाड़ा, दुलगो मंडावी कटेकल्याण दंतेवाड़ा, जोगा कवासी कटेकल्याण दंतेवाड़ा, हरिराम कटेकल्याण दंतेवाड़ा, जयराम पोडियाम कटेकल्याण दंतेवाड़ा, जगदीश कुमार कोवासी कटेकल्याण दंतेवाड़ा, राजू राम करटम कटेकल्याण दंतेवाड़ा पहले नक्सली के रूप में सक्रिय थे, लेकिन आत्मसमर्पण के बाद वे पुलिस में शामिल हो गए थे। मालूम हो कि हमले में 10 जवानों समेत 11 लोगों की मौत हुई थी। हमला उस समय हुआ था जब जवान सर्चिंग करके वापस लौट रहे थे। बता देंं नक्सली हमले में शहीद हुए ज्यादातर जवान आत्मसमर्पित नक्सली थे। जिसमे सुरनार गांव का हरिराम उर्फ राजू मिडकोम जो पेदारास एलओएस सदस्य था, जिस पर पांच लाख का इनाम था। इस शहीद जवान ने पांच साल पहले आत्मसमर्पण कर दिया था। वही राजू करतम भी कुआकोंडा थाना के बड़ेगुडरा के रहने वाले थे। ये भी नक्सलियों से परेशान होकर दो साल पहले मुख्यधारा में लौटे थे। बलिदान होने वाले कटेकल्याण, कुआकोंडा, गीदम ब्लाक के अलावा बीजापुर, सुकमा जिले के जवान भी हमले में बलिदान हुए थे। बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि सुकमा जिले के अरलमपल्ली गांव के निवासी जोगा सोढ़ी और दंतेवाड़ा के मुड़ेर गांव के निवासी मुन्ना कड़ती 2017 में पुलिस में शामिल हुए थे। इसी तरह दंतेवाड़ा जिले के निवासी दुलगो मंडावी और राजू राम करटम को 2020 और 2022 में पुलिस में शामिल किया गया था। दंतेवाड़ा जिले के बड़ेगादम गांव का रहने वाला एक अन्य जवान जोगा कवासी पिछले महीने ही पुलिस में शामिल हुआ था। शहीद जवानों में जोगा सोढ़ी पोलमपल्ली सुकमा, मुन्ना कड़ती तुमनार दंतेवाड़ा, संतोष तामो भांसी दंतेवाड़ा, दुलगो मंडावी कटेकल्याण दंतेवाड़ा, लखमू राम मड़कामी भैरमगढ़ बीजापुर, जोगा कवासी कटेकल्याण दंतेवाड़ा, हरिराम कटेकल्याण दंतेवाड़ा, जयराम पोडियाम कटेकल्याण दंतेवाड़ा, जगदीश कुमार कोवासी कटेकल्याण दंतेवाड़ा, राजू राम करटम कटेकल्याण दंतेवाड़ा और वाहन चालक धनीराम यादव गीदम दंतेवाड़ा है। दंतेवाड़ा में आत्मसमर्पित नक्सलियों के इनपुट से लगातार पुलिस को कामयाबी मिल रही थी, जिससे नक्सली बौखलाए हुए थे। दंतेवाड़ा में नक्सली वारदात को अंजाम देने कई बार कोशिश कर चुके थे पर हर बार नक्सलियों पर जवान भारी पड़ रहे थे। वहीं बुधवार को जवानों को बिना रोड ओपंनिग पार्टी के भेजना महंगा पड़ा। जिससे इतना बड़ा नक्सली हमला हुआ। पुलिस ने बताया कि डीआरजी का गठन पहली बार 2008 में कांकेर (उत्तर बस्तर) और नारायणपुर (अबूझमाड़ शामिल) जिले में किया गया था। इसके पांच वर्ष बाद 2013 में बीजापुर और बस्तर जिलों में बल का गठन किया गया। इसके बाद इसका विस्तार करते हुए 2014 में सुकमा और कोंडागांव जिलों में डीआरजी का गठन किया गया। जबकि जबकि दंतेवाड़ा में 2015 में डीआरजी का गठन किया गया।


*बड़ी खबर : नक्सली हमले में 11 जवान शहीद...*

26-Apr-2023

दंतेवाडा (शोर संदेश)। दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर क्षेत्र में नक्सली हमले में 11 जवानों के शहीद होने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने डीआरजी जवानों के काफिले को निशाना बनाया। नक्सलियों ने विस्फोट करके जवानों की गाड़ी को उड़ा दिया। इस हमले में 11 जवान शहीद हो गए।


*Big Breaking : इलाहाबाद और बिलासपुर हाईकोर्ट को मिले नए मुख्य न्यायाधीश*

25-Mar-2023

नई दिल्ली (शोर संदेश) ।राष्ट्रपति भवन से देश के दो हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियु​क्ति का आदेश जारी किया गया। जारी आदेश के अनुसार न्यायाधीश प्रितिंकर दीवाकर को इलाहाबाद हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वहीं इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश रमेश सिन्हा को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर हाईकोर्ट का नया न्यायाधीश बनाया गया है। 


*भारत में कोविड के 1,134 नए मामले, 5 मौतें दर्ज*

22-Mar-2023

नई दिल्ली (शोर संदेश)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में बुधवार को 1,134 नए कोविड मामले दर्ज किए गए, जो पिछले दिन के 699 मामलों की तुलना में काफी अधिक है। वर्तमान में, सक्रिय मामलों की संख्या 7,026 है, जो कुल मामलों का 0.01 प्रतिशत है। इसी समय अवधि में, देश में कोविड से पांच मौतें हुई हैं -- एक-एक छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और केरल से। देश में अब तक कोविड से मरने वालों की संख्या 5,30,813 पहुंच गई है। आंकड़ों के अनुसार, एक दिन में 662 रोगियों के स्वस्थ होने से कुल संख्या 4,41,60,279 हो गई। नतीजतन, रिकवरी दर 98.79 प्रतिशत है। इस बीच, दैनिक सकारात्मकता दर 1.09 प्रतिशत बताई गई है, जबकि देश में साप्ताहिक सकारात्मकता दर भी वर्तमान में 0.98 प्रतिशत है। साथ ही इसी अवधि में कुल 1,03,831 परीक्षण किए गए। मंत्रालय ने कहा कि आज सुबह तक, भारत ने कोविड के खिलाफ कुल 220.65 करोड़ टीके लगाए हैं, जिसमें पिछले 24 घंटों में 7,673 डोज शामिल हैं।


*घरेलू विवाद में पत्नी गई मायके : दुखी पति ने कर लिया आत्मदाह, हुई मौत...*

20-Mar-2023

रायगढ़ (शोर संदेश)। घरेलू विवाद में बीवी के मायके जाने के बाद एक राजमिस्त्री शराब के नशे में इस कदर डूबा कि उसने घासलेट उड़ेलकर खुद को आग के हवाले करते हुए मौत को गले लगा लिया। यह घटना कोतरा रोड थाना क्षेत्र का है। इस संबंध में थाना प्रभारी गिरधारी साव ने बताया कि समीपस्थ ग्राम कुसमुरा में रहने वाले देवेंद्र कश्यप 35 वर्ष ने शनिवार को ओपी जिंदल फोर्टिस हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। चूंकि देवेंद्र की मौत आग में जलने से हुई, इसलिए उसके शव का जिला चिकित्सालय में पोस्टमार्टम करवाते हुए पुलिस ने कश्यप परिवार का बयान भी कलमबंद किया। दरअसल राजमिस्त्री का काम करने वाला देवेंद्र शराब पीने का आदी था। ऐसा में घरेलू विवाद छिड़ने पर उसकी पत्नी तकरीबन सालभर पहले रूठकर मायके चली गई। बीवी के मायके जाने के बाद जब भाईयों ने भी साथ छोड़ दिया तो देवेंद्र अपनी मां के साथ कुसमुरा में अलग रहने लगा था। परिवार का सुख नसीब नहीं मिलने पर जिंदगी से मोहभंग होते ही राजमिस्त्री ने 2 से 3 मर्तबे आत्महत्या भी करनी चाही, मगर वह मौत की दहलीज से लौट आया। परेशान देवेंद्र ने विगत 12 मार्च को अपने शरीर पर मिट्टीतेल डाला और माचिस जला दिया। आग की लपटों से बुरी तरह घिरने के बाद देवेंद्र पानी से भरे टंकी में कूद गया, लेकिन तब तक उसके हाथ-पांव और अन्य हिस्सा काफी झुलस चुका था। तदुपरांत आसपड़ोस के लोगों द्वारा अग्निदग्ध राजमिस्त्री को जिंदल हॉस्पिटल में दाखिल भी कराया गया, लेकिन उपचार के बाद भी वह बच नहीं सका। बहरहाल, अस्पताल की तहरीर पर कोतरा रोड पुलिस मर्ग कायम करते हुए मामले की जांच पड़ताल कर रही है।

 

 

 



kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account