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स्वास्थ

*जिले के शासकीय व निजी अस्पतालों में लगाया जा रहा टीका*

10-Mar-2021

00 अब तक 22 हजार से अधिक को लगाया कोवि-शील्ड का टीका
धमतरी (शोर सन्देश)। जिले में कोविड 19 से सुरक्षा और बचाव के लिए कोवि-शील्ड का टीका लगाया जा रहा है। अब तक जिले के 22 हजार 128 लोगों को कोवि-शील्ड का टीका लगाया जा चुका है। इनमें हेल्थ केयर वर्कर्स, फ्रंट लाईन वर्कर्स, 45 से 60 साल तक की आयु वर्ग के गंभीर बीमारी वाले और 60 साल से अधिक आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 6 हजार 43 हेल्थ केयर वर्कर्स को प्रथम डोज और तीन हजार 714 को दूसरे डोज का टीका लगाया जा चुका है। इसी तरह पहले डोज के तौर पर तीन हजार 257 फ्रंट लाईन वर्कर्स ने टीका लगवाया। शनिवार से दूसरे डोज का टीका लगाया जा रहा है। जिसके तहत अब तक 158 फ्रंट लाईन वर्कर्स का टीकाकरण किया जा चुका है। इसके अलावा एक मार्च से अब तक वरिष्ठ नागरिकों (60 साल से अधिक आयु वर्ग के और 45 से 60 साल तक की आयु वर्ग के गंभीर बीमारी वाले आठ हजार 956 लोगों को प्रथम डोज का कोवि-शील्ड का टीका लगाया गया है। इसमें 45 से 60 साल तक की आयु के एक हजार 998 और 60 साल से अधिक आयु वर्ग के 6 हजार 958 वरिष्ठ नागरिक शमिल हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.डी.के.तुर्रे ने बताया कि जिला स्तर पर शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आमदी, अकलाडोंगरी, भटगांव, कंडेल, खरेंगा, चटौद, परखंदा, सिर्री, नारी, भखारा, जामगांव, कोर्रा, मेघा, हसदा, करेली बड़ी, सिंगपुर, बेलरगांव, बोरई, दुगली, कुकरेल, केरेगांव, सांकरा, सिहावा, गट्टासिल्ली में टीकाकरण किया जा रहा है। इसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गुजरा, कुरूद, मगरलोड और नगरी, धमतरी स्थित निजी अस्पताल बठेना, खालसा नर्सिंग होम, ओजस्वी नर्सिंग होम, उपाध्याय नर्सिंग होम, चटर्जी अस्पताल, लुंकड़ अस्पताल और कुरूद स्थित प्रदीप अस्पताल में सोमवार से शनिवार तक टीकाकरण किया जा रहा है। शासकीय अस्पतालों में यह टीका निःशुल्क लगाया जा रहा है। जबकि निजी अस्पतालों में टीका लगाने के लिए ढाई सौ रूपए का शुल्क तय किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए बताया कि कोवि-शील्ड का टीका अत्यंत सुरक्षित है। कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण कराना जरूरी है। अतः टीकाकरण जरूर कराएं। ज्ञात हो कि स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 104 पर सम्पर्क किया जा सकता है। इसके अलावा कोरोना संबंधी किसी भी संशय को दूर करने के लिए जिला नोडल अधिकारी डाॅ.बी.के.साहू के मोबाईल नंबर 94252-08617 पर काॅल किया जा सकता है।


*ज्यादा होने चाहिए ऐसे अस्पताल *

08-Mar-2021

संपादकीय कोई भी समृद्ध समाज सरकार से ज्यादा सशक्त होता है। सरकार जो नहीं कर सकती,वह समृद्ध समाज कर सकता है। सरकार कितना भी बड़ा अस्पताल खोल ले, वहां किसी न रूप में लोगों के पैसा वहां के लोग वसूल ही लेते हैं। कहा जाता है कि सरकारी अस्पताल में मुप्त इलाज होता है लेकिन वहां पैसा खर्च करना ही पड़ता है। इससे समाज के गरीब लोगों को वह सुविधा नहीं मिल पाती है जिसकी उन्हें जरूरत रहती है। अस्पताल कैसे होने चाहिए यह दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी से सरकारों की सीखना चाहिए। कमेटी ने सराय काले खां स्थित गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब में विश्वस्तरीय सुविधा वाली किडनी डायलिसिस अस्पताल शुरू किया है।वर्तमान में इस अस्पताल मेंं 100 बेड हैं।सबसे अच्छी बात यह है कि यहां कोई बिलिंग काउंटर नहीं होगा। यानी यहां कहीं भी किसी को कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा।सब जानते हैं कि डायलिसिस कितना महंगा होता है, इसे कराने में कितनी परेशानी होती है।सरकारी अस्पताल में भी इसका बहत पैसा लगता है। इस अस्पताल में मरीजों को डायलिसिस के साथ दवाई मुफ्त मिलेगी। मरीज के परिजनों को खाना गुरुद्वारा के लंगर में मुफ्त मिलेगा। देश में ऐसे अस्पतालों की जरूरत ज्यादा है जहां अमीर व गरीब का भेद नहीं किया जाता है।जहां पीड़ित लोगों की पीड़ा दूर करना ही सबसे बड़ा काम माना जाता है।देश व राज्यों के ज्यादातर सरकारी व निजी अस्पताल लोगों की परेशानी दूर करने की जगह परेशानी बढ़ाने वाले होते हैं। हर काम के पैसे लिए जाते हैं। ज्यादा से ज्यादा पैसे वसूलने की कोशिश होती है। इससे ऐसे अस्पताल लोककल्याण का केंद्र नहीं बन पाते हैं। वैसे तो कई समाज सिख समाज से भी संपन्न होंगे लेकिन समाज के संपन्न होने भर से कुछ नहीं होता है जब तक समाज में लोककल्याण की भावना न हो, लोककल्याण के लिए कोई तंत्र विकिसत न हो ।सिख समाज संपन्न समाज होने के साथ लोककल्याण के लिए सबसे आगे रहने वाला समाज है। इससे वह समाज देश व दुनिया के लिए ज्यादा कल्याणकारी है। इसके लिए उसकी सराहना तो की ही जानी चाहिए।


*विश्व कर्ण दिवस पर अस्पतालों में 3 से 10 मार्च तक निःशुल्क जांच शिविर*

02-Mar-2021

रायपुर (शोर सन्देश)। राष्ट्रीय बधिरता रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम (एनपीपीसीडी) के अंतर्गत 3 से 10 मार्च तक विश्व श्रवण दिवस मनाया जा रहा है। इस वर्ष विश्व श्रवण दिवस की थीम “ हिअरिंग केयर फॉर ऑल– जाँच, पुनर्वासऔर संवाद” पर आधारित है। इस सप्ताह के दौरानसभी सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल में लोगों को कर्ण रोग के बारे में बताया जाएगा। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग ने इस दौरान कान की देखभाल के प्रति जागरूकता लाने शिविर भी लगाए जाएंगे। कर्ण रोग से बचाव एवं इसके उपचार की जानकारी को जनसामान्य तक विभिन्न माध्यमों से पहुंचाने के लिए व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में जिला अस्पतालों में निःशुल्क कर्ण जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा। एनपीपीसीडी के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन ने बताया,“लोगों को कानों से संबंधित बीमारियों के बारे में अधिक जानकारी नहीं होती। ऐसे में 3 मार्च को स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए जिले की सभी मितानिन और ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों को भी ट्रेनिंग दी गई है। ये अपने क्षेत्र के कानों की समस्या से पीड़ित लोगों को नजदीकी सरकारी अस्पताल में लेकर जाएंगी और उपचार कराएंगी। ताकि लोग अधिक से अधिक संख्या में इस शिविर का लाभ ले सकें। शिविर में नाक, कान, गला रोग चिकित्सक अधिकारी, ऑडियोलाजिस्ट के मरीजों की जांच की जाएगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्वे अनुसार भारत में लगभग 6.3 करोड़ लोग बधिरता रोग से पीड़ित है। देश की कुल जनसंख्या के अनुरुप प्रभावित दर 6.3 प्रतिशत है। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संख्या के सर्वे 2001 के अनुसार प्रति लाख आबादी पर 291 व्यक्ति ऐसे है जो कि बधिरता रोग से पीड़ित है जिसमें शून्य से 14 बच्चे अधिक प्रभावित हैं। इन आंकड़ों पर यदि ध्यान नहीं दिया गया तो मानवीय विकास के साथ साथ प्रदेश के विकास में भी बाधा उत्पन्न कर सकती है। 


60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों का टीकारण प्रारंभ*

01-Mar-2021

00 जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में कृष्णकांत द्विवेदी ने लगवाया पहला टीका
जगदलपुर (शोर सन्देश) कोरोना वायरस से बचाव के लिए दूसरे चरण का टीकाकरण अभियान एक मार्च से प्रारंभ हो गया। बस्तर जिले में 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों के लिए चिहांकित जगदलपुर शहर के कुम्हारपारा स्थित जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में सुबह 9 बजे से टीकाकरण प्रारंभ किया गया पहला टीका पं. सुन्दरलाल शर्मा वार्ड निवासी कृष्णकांत द्विवेदी को लगाया गया। श्री कृष्णकांत को टीकाकरण से पूर्व पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की गई और टीकाकरण उपरांत उन्हें आब्जर्वेशन में भी रखा गया। अस्पताल में उपस्थित 60 वर्ष से अधिक उम्र के श्रीमती गायत्री दुबे, रामकुमार सिंहा, खेमलाल बाघमार, सेहलता बाघमार, श्रीमती प्रेमचन्द्र जैन, गौतम आचार्य ने भी टीका लगवाया। इस अवसर पर नोडल अधिकारी (स्वास्थ्य) एवं डिप्टी कलेक्टर सुश्री गीता रायस्त, सीएमएचओ डाॅ. चतुर्वेदी भी उपस्थित थे। 
टीकाकरण अन्तर्गत 45 से 59 आयु वर्ग के कोमार्बीड (पहले से किसी बीमारी से ग्रसित) एवं 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग वाले नागरिकों का टीकाकरण कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त टीकाकरण कार्य को संपादित करने हेतु स्व. बलिराम स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय डिमरापाल, शासकीय नर्सिंग कालेज और एमपीएम हॉस्पिटल जगदलपुर में भी टीकाकरण हेतु चिहांकित किया गया है। शासकीय संस्थानों में कोविड-19 का टीकाकरण आम नागरिकों के लिए निशुल्क रहेगा एवं निजी चिकित्सा संस्थान एमपीएम अस्पताल में कोविड-19 का टीकाकरण शुल्क 250 रुपए प्रति डोस की दर से लेने का प्रावधान किया गया है। टीकाकरण हेतु टीकाकरण केन्द्र में ही पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है। पंजीयन हेतु आवश्यक दस्तावेजों के अन्तर्गत कोई भी फोटो आई कार्ड जिसमें आधार कार्ड, एपिक कार्ड, पासबुक, ड्राईविंग लायसेंस एवं शासकीय अभिलेख एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते है। इसके अलावा 45 से 59 आयु वर्ग के पहले से किसी बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को सक्षम चिकित्सा अधिकारी से कोमार्बीड प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना है। इसके अलावा पंजीयन हेतु हितग्राहियों को अपना मोबाईल नम्बर भी दर्ज करना है।  


छगविस : अस्पतालों में पोस्टमार्टम नहीं होने का मुद्दा गरमाया...

24-Feb-2021

रायपुर (शोर सन्देश) विधानसभा में आयुर्वेदिक अस्पताल धमतरी के संचालन का मुद्दा गरमाया। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सदन में कहा कि कई बार शव पड़े रहता है, लेकिन पोस्टमार्टम नहीं हो पाता। इससे परिवार के लोग द्रवित हो जाते हैं। इस बीच सदन में विधायक कृष्णमूर्ति बांधी ने शासन को मोबाइल पोस्टमार्टम की यूनिट तैयार करने के सुझाव दिए। विधायक बांधी ने कहा कि कई बार डेढ़ सौ किमी तक शव को लेकर जाना पड़ता है। इससे बड़ी तकलीफ होती है। इस पर मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि यह सुझाव नया है। आगे कहा कि कितना व्यावहारिक है इस पर विचार किया जाएगा।


कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव के उपायों का किया जाए कड़ाई से पालन : भूपेश बघेल*

24-Feb-2021

00 जिला कलेक्टरों को जारी किए जाएं निर्देश
00 मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय बैठक में की प्रदेश में कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा
00 अंतर्राज्यीय सीमाओं विशेष कर महाराष्ट्र बार्डर पर टेस्टिंग की व्यवस्था की जाए
00 लोगों को गाइड लाइन के पालन के लिए जागरूक किया जाए
रायपुर (शोर सन्देश) मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव के सभी सतर्कतामूलक उपायों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। भूपेश बघेल ने आज यहां विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव की गाइड लाइन का कड़ाई से पालन किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली, मुम्बई सहित महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है, इसलिए सभी जिलों के कलेक्टरों को सतर्क किया जाए। एयरपोर्ट और राज्य की अंतर्राज्यीय सीमाओं पर विशेष रूप से महाराष्ट्र से लगी राज्य की सीमा पर टेस्टिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अस्पतालों में भी कोरोना संक्रमण टेस्टिंग की सुचारू व्यवस्थाएं की जाए। साथ ही जो लोग मास्क नहीं लगाते हैं उनसे जुर्माने की राशि की वसूली कड़ाई से की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चौक-चौराहों में एनाउंसमेंट करा कर लोगों को मास्क पहनने, फिजिकल डिस्टेंस का पालन करने और समय-समय पर हाथों को धोने के लिए जागरूक किया जाए। सार्वजनिक स्थानों पर टेम्प्रेचर जांच की व्यवस्था भी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन उपायों के पालन से हम अब तक कोरोना को रोकने में काफी हद तक सफल हुए हैं और आगे भी इन उपायों का पालन कर कोरोना संक्रमण की रोकथाम करने में सफल होंगे।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुब्रत साहू, स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव रेणु जी. पिल्ले, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला, संचालक स्वास्थ्य नीरज बंसोड और मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव सौम्या चौरसिया भी उपस्थित थीं। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने बताया कि एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों की टेस्टिंग शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि दुर्ग, राजनांदगांव और रायपुर में कोरोना संक्रमण के ज्यादा केस सामने रहे हैं।


मेकाहारा में जूडा की हड़ताल के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने दिया मामले की जांच का आदेश*

23-Feb-2021

रायपुर (शोर सन्देश) राजधानी रायपुर में स्थित मेकाहारा अस्पताल में जूनियर डाक्टरों से मारपीट के इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री ने जांच के आदेश दिए है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने ट्वीट कर जांच के आदेश की जानकारी है। मंत्री सिंहदेव ने कहा कि घटना के वीडियो चौंकाने वाले और अस्वीकार्य है, उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य वर्कर के साथ हिंसा असहनीय है। इस घटना का वजह से मेकाहारा के जूनियर डॉक्टर मंगलवार से हड़ताल पर हैं। जूनियर डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज डीन को इस संबंध में जानकारी दी है। बता दें कि सोमवार को जेल प्रहरी से डॉक्टरों का विवाद हुआ था। जूडा ने मेडिकल कॉलेज डीन को इस संबंध में पत्र लिखा है। जूडा ने 24 घंटे के भीतर मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। वहीं अब स्वास्थ्य मंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं। बता दें मेकाहारा के रेडियोलॉजी विभाग में 22.02.2021 को विभागाध्यक्ष रेडियोलॉजी डॉ. प्रो. एस. बी. एस. नेताम के समक्ष पुलिस कांस्टेबल शत्रुहन उरांव द्वारा किये गये दुव्र्यवहार एवं जूनियर डॉक्टर डॉ. अमन एवं डॉ. मनोज के साथ पुलिस कांस्टेबल शत्रुहन उरांव के द्वारा की गई मार पीट की घटना को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन द्वारा उक्त पुलिस कांस्टेबल के ऊपर एफ. आई. आर. दर्ज करवाया गया है। उक्त पुलिस कांस्टेबल द्वारा रेडियोलॉजी विभाग में ड्यूटी कर रहे डॉ. उज्जवल एवं डॉ. किशोर के साथ धक्का-मुक्की भी की गई। इस दौरान अम्बेडकर अस्पताल में स्थित पुलिस सहायता केन्द्र के पुलिस आरक्षकों द्वारा उक्त घटनाक्रम के दौरान पीजी डॉक्टरों को कोई त्वरित सुरक्षा नहीं दे सकने की स्थिति को देखते हुए अम्बेडकर अस्पताल में पदस्थ दोनों आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इन आरक्षकों की जगह दो नये आरक्षकों की तैनाती अस्पताल में की गई है। इस घटनाक्रम के बाद मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. विष्णु दत्त, अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विनित जैन, विभागाध्यक्ष रेडियोलॉजी विभाग डॉ. एस. बी. एस. नेताम एवं रायपुर पुलिस के एडिशनल एसपी सिटी लखन पटले एवं कोतवाली सीएसपी अंजनेय वाष्णेय के बीच हुई बैठक में सुरक्षा की दृष्टि से अस्पताल में चौबीस घंटे चार अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किये गये हैं। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति हो इस संबंध में पुलिस और मेकाहारा प्रबंधन द्वारा आपस में चर्चा कर डॉक्टरों को सुरक्षा देने के सम्बन्ध में कार्ययोजना बनाई गई है जिसके अंतर्गत पुलिस से सशस्त्र सुरक्षाकर्मी की मांग, मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर एवं ओपीडी तथा वार्डों में समय-समय पर पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था करने के सम्बन्ध में रायपुर एसपी को पत्र लिखा गया है। घटना के बाद डीन डॉ. दत्त ने जूनियर डॉक्टरों को आश्वासन दिया है कि उनकी ड्यूटी के दौरान सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था के प्रयास मेकाहारा प्रबंधन एवं पुलिस के सहयोग से की जाएगी जिससे चौबीस घंटे मरीजों के इलाज के दौरान डॉक्टरों के साथ इस प्रकार की अप्रिय घटना हो।


 


कोरोना बुलेटिन : प्रदेश में आज सामने आये 373 मामले, रायपुर 123, 2 मौत*

04-Feb-2021

  रायपुर (शोर सन्देश) स्वास्थ्य विभाग के दैनिक बुलेटिन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में आज 373 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान हुई। वहीं 387 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज हुए। राज्य में एक्टिव मरीज़ों की संख्या 4,295 है। राजधानी रायपुर में आज 123 नए मामलों की पुष्टि हुई है। आज दर्ज दोनों मौत को-मोर्बिडिटी श्रेणी की है।


अब मरीजों को तेजी से अस्पताल पहुंचाएगी स्पीड बोट एंबुलेंस*

28-Jan-2021

00 ककराना-शकरजा में एक-एक एंबुलेंस मुहैया करने का प्रस्ताव
आलीराजपुर (शोर सन्देश) मध्य प्रदेश की जीवनरेखा नर्मदा नदी जिले के दक्षिणी छोर को अपने आंचल में समेटे है। पर्वतमाला के बीच घिरा यह इलाका बेहद दुर्गम है और यहां हमेशा से स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। अब इससे निपटने के लिए स्पीड बोट एंबुलेंस का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके अनुसार जिले में नर्मदा के पूर्वी और पश्चिमी छोर पर एक-एक एंबुलेंस तैनात की जाएगी। तेजी से चलने वाली ये बोट एंबुलेंस प्रसूता अथवा अन्य गंभीर मरीजों को सड़क संपर्क तक लेकर आएगी। यहां से 108 वाहन की सुविधा मिलेगी।  हाल ही में संभागायुक्त पवनकुमार शर्मा जिले के दौरे पर आए थे। सरदार सरोवर बांध के डूब प्रभावित क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई थी कि इलाका नर्मदा के बैक वाटर और पहाड़ियों से घिरा है। वर्षाकाल सहित साल में करीब 6-8 माह कुछ मजरे-टोले टापू की शक्ल ले लेते हैं। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाती। मरीजों को किसी तरह निजी बोट अथवा नावों की मदद से सड़क संपर्क और फिर यहां से वाहन में नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र तक लाया जाता है। संभागायुक्त ने निर्देश दिए थे कि स्पीड बोट एंबुलेंस चलाई जाए, ताकि लोगों को समय पर उचित उपचार मिल सके।
00 एक एंबुलेंस ककराना और दूसरी शकरजा में खंड चिकित्सा अधिकारी डा. नरेंद्र भयड़िया ने बताया कि जिला पंचायत को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार एक बोट एंबुलेंस नर्मदा के पूर्वी केंद्र ककराना और दूसरी पश्चिमी छोर पर शकरजा में तैनात की जाएगी। स्पीड बोट की गति आम बोट की तुलना में लगभग दोगुनी रहेगी। डूब प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोग एंबुलेंस पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को 108 की तर्ज पर काल कर बुला सकेंगे। बोट एंबुलेंस में प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मरीज को सड़क संपर्क तक बोट की मदद से लाया जाएगा। यहां से 108 वाहन की सुविधा मिलेगी। ककराना और शकरजा से जिले का नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोंडवा में है। यहां मरीजों को उपचार मिल सकेगा। गंभीर स्थिति होने पर जिला अस्पताल भी भेज सकेंगे। डा. भयड़िया के अनुसार क्षेत्र में एक स्वयंसेवी संस्था बोट पर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करा रही है। हालांकि त्वरित राहत के लिए स्पीड बोट एंबुलेंस का प्रस्ताव बनाया है। 


बच्चों को विटामिन ए पिलाकर किया कलेक्टर ने किया शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ*

23-Jan-2021

00 22 जनवरी से 26 फरवरी तक मनाया जाएगा शिशु संरक्षण माह
राजनांदगांव (शोर सन्देश) कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज बसंतपुर स्थित मातृ शिशु हास्पिटल में बच्चों को विटामिन एवं आयरन सिरप पिलाकर शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ किया। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि नियमित टीकाकरण दिवस मंगलवार एवं शुक्रवार के दिन अपने 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को नजदीक के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र या आंगनबाड़ी केन्द्रों में ले जाकर आयरन एवं फोलिक एसिड की सिरप और विटामिन की दवा अवश्य पिलाए। अपने नजदीक के स्वास्थ्य केन्द्र एवं मितानिन से सतत संपर्क में रहे। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी एवं डीपीएम गिरीश कुर्रे, जिला टीकाकरण अधिकारी बीएल कुमरे तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि 22 जनवरी से 26 फरवरी 2021 तक शिशु संरक्षण माह चलेगा। यह अभियान कुल 10 सत्रों में चलाया जाना है। जिसमें नियमित टीकाकरण दिवस मंगलवार एवं शुक्रवार के लिए 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन की दवा की अतिरिक्त खुराक तथा 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को आयरन, फोलिक एसिड की सिरप दी जाएगी। अभियान में नियमित टीकाकरण के साथ 9 माह से 5 वर्ष तक के 1 लाख 24 हजार 964 बच्चों को विटामिन की दवा पिलाई जाएगी तथा 6 माह 5 वर्ष तक कुल 1 लाख 13 हजार 934 बच्चों को आयरन एवं फोलिक एसिड की प्रदान की जाएगी। ज्ञातव्य है कि विटामिन की दवा से बच्चों की रोगप्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है और उनका मानसिक विकास होता है तथा नाईट ब्लाईडनेस रोग से रोकथाम होती है। आयरन सिरप बच्चों में होने वाली खून की कमी को दूर करता है। 




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