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*आज भारत को मिलेगा कोरोना के खिलाफ तीसरा हथियार पहुंच रही है स्पुतनिक-V की पहली खेप*

01-May-2021

 नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कोरोना महामारी के बीच देश में एक अच्छी खबर आ रही है। इस महामारी से लड़ने के लिए भारत को तीसरा हथियार आज मिलने वाला है। जानकारी के अनुसार रूस की कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक-V की पहली खेप पहुँचने वाली है। स्पूतनिक-वी की पहली खेप आने के बाद से भारत में टीकाकरण की रफ्तार और तेज हो जाएगी। रूसी अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है कि आज यानी 1 मई को भारत में स्पूतनिक-वी वैक्सीन की पहली खेप आ जाएगी। बता दें कि स्पूतनिक-वी वैक्सीन को गमालया नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी द्वारा विकसित किया गया है। रूसी कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक-वी, एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन की तरह ही एक वायरल वेक्टर वैक्सीन है। मगर किसी भी अन्य कोरोना वैक्सीन के विपरीत, स्पूतनिक-वी वैक्सीन की दोनों खुराक एक दूसरे से अलग होती हैं। स्पूतनिक वी की दोनों खुराकों में अलग-अलग वैक्टरों का उपयोग SARS-CoV-2 के स्पाइक प्रोटीन को टारगेट करने के लिए किया गया है। बता दें कि कि सार्स-कोव-2 ही कोरोना वायरस का कारण बनता है। वैक्सीन की प्रकृति में भी स्पूतनिक वी की दो खुराक एक ही टीका के थोड़े अलग संस्करण हैं और इसका उद्देश्य कोरोना के खिलाफ लंबी सुरक्षा प्रदान करना है।


*इम्यूनिटी को तोड़ रहा कोरोना वायरस का नया वेरिएंट*

25-Apr-2021

00 कोरोना के नए स्वरूप के दोनों बदलावों पर मिली जानकारी
00 वैज्ञानिकों ने कहा -डबल या ट्रिपल म्यूटेशन की थ्योरी गलत
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में वायरस के नए स्वरूप काफी तेज हो चुके हैं। अलग-अलग राज्यों से डबल और ट्रिपल म्यूटेशन की खबरें आ रही हैं लेकिन वैज्ञानिकों ने इस थ्योरी को गलत बताते हुए कहा है कि समय के साथ-साथ वायरस में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। अगर वायरस के इन आनुवांशिक परिवर्तन को समझना है तो उसके लिए म्यूटेशन इत्यादि के बारे में जानना चाहिए। डबल या ट्रिपल म्यूटेशन के नाम से लोगों में काफी पैनिक भी है। हालांकि वैज्ञानिकों के अनुसार नए स्पाइक म्यूटेशन पहले की तुलना में काफी शक्तिशाली हैं। इनके तेजी से फैलने के साक्ष्य अधिक नहीं है लेकिन लोगों की इम्यूनिटी को तोड़ने में जरूर इनकी भूमिका रहती है। फेफड़ों पर तेजी से हावी होना, मरीज में उच्च संक्रमण की स्थिति बताना और तीन से चार दिन में ही सांस लेने में दिक्कतें पैदा करना इनके लक्षण हैं। हैदराबाद स्थित सीसीएमबी के दिव्य तेज सोवपति ने बताया कि जीनोम सीक्वेसिंग के जरिये उनके पास हर दिन जानकारी अपडेट हो रही है। अभी दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में नए स्पाइक म्यूटेशन देखने को मिल रहे हैं। इन्हीं पर किए अध्ययन में पता चला है कि कोवाक्सिन और कोविशील्ड वैक्सीन नए वेरिएंट्स पर असरदार हैं।
00 पिछले साल ही मिल था बी.1.618
उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में बी.1.618 की पुष्टि पिछले साल अक्तूबर में हुई थी लेकिन मार्च में यहां से आए सभी सैंपल में यह मिला है। इससे अधिक चिंता की बात यह है कि इस नए वेरिएंट में डीईएल145-146 और ई484के दोनों म्यूटेशन एकसाथ देखने को मिल रहे हैं। इन दोनों ही म्यूटेशन की पहचान इम्युनिटी को कमजोर करने में हुई है।
00 एक ही स्ट्रेन में 15 से ज्यादा स्पाइक म्यूटेशन
ई484के म्यूटेशन इससे पहले बी1.351नामक स्ट्रेन में भी मिल चुका है। इनके अलावा यह बी1.617 में भी मिला था लेकिन इसे डबल या ट्रिपल नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने बताया कि बी1.617 नामक यह स्ट्रेन कुछ समय पहले सामने आया था जिसमें अब तक 15 से भी ज्यादा म्यूटेशन हम देख चुके हैं। महाराष्ट्र के विदर्भ में इसे सबसे पहले तलाशा गया था उस दौरान इसका नाम डबल म्यूटेशन इसलिए रखा गया क्योंकि इसमें एल452आर और ई484क्यू स्पाइक म्यूटेशन मिले थे। लेकिन कुछ ही दिन बाद बी1.617 से एल452आर गायब हो गया और अब ई484क्यू स्पाइक म्यूटेशन ही मिल रहा है। इसलिए अब इसे डबल म्यूटेशन का नाम नहीं दिया जा सकता है।
00 ट्रिपल म्यूटेशन की थ्योरी भी है गलत
पश्चिम बंगाल में मिले बी1.618 को ट्रिपल म्यूटेशन बोलना भी गलत है क्योंकि इसमें एल452आर और ई484क्यू के अलावा वी382एल स्पाइक म्यूटेशन मिला है। एल452आर म्यूटेशन तो पहले ही गायब हो चुका है। वहीं ई484क्यू के साथ इसकी मौजूदगी के अब तक बहुत अधिक साक्ष्य नहीं मिले हैं। इसलिए अभी हमें वी382एल स्पाइक म्यूटेशन पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। 


*कोवैक्सीन टीके की कीमत तय जानिए कितने चुकाने होंगे आपको*

25-Apr-2021

 हैदराबाद (शोर सन्देश)। देश में सीरम इंस्टिट्यूट की कोविशील्ड के बाद अब भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन `कोवैक्सीन` की कीमत भी तय हो गई है। भारत बायोटेक ने कहा कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार हमने कोवैक्सीन डोज की कीमतों की घोषणा की है। इसके तहत राज्य सरकार के लिए प्रति डोज 600 रुपये और निजी अस्पतालों के लिए 1,200 रुपये प्रति डोज दिया जाएगा। वैक्सीन निर्माता ने कहा कि कोवैक्सीन का निर्यात मूल्य 15 से 20 डॉलर रखा है यानी कि यह 1,123 रुपये से लेकर 1,498 रुपये के बीच होगा। भारत बायोटेक के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कृष्णा एम एल्ला ने कहा कि उनकी कंपनी केंद्र सरकार को 150 रुपये प्रति खुराक की दर से कोवैक्सीन की आपूर्ति कर रही है और केंद्र अपनी ओर से यह वैक्सीन मुफ्त वितरित कर रहा है। एल्ला ने कहा कि हम यह बताना चाहते हैं कि कंपनी की आधी से अधिक उत्पादन क्षमता, केंद्र सरकार को आपूर्ति के लिए आरक्षित की गई है। उन्होंने कहा कि कोविड चिकनगुनिया, जीका, हैजा और अन्य संक्रमणों के लिए वैक्सीन विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए जरूरी है कि वैक्सीन की लागत वसूल हो। बता दें कि इससे पहले सीरम इंस्टिट्यूट की वैक्सीन कोविशील्ड के दाम तय किए गए थे। कोविशील्ड और कोवैक्सीन की तुलना करें तो भारत बायोटेक की वैक्सीन महंगी है।  जहां निजी अस्पतालों के लिए कोविशील्ड की कीमत 600 रुपये है और राज्यों के लिए 400 रुपये है। वहीं कोवैक्सीन वैक्सीन की कीमत की बात करें तो निजी अस्पतालों को यह 1200 रुपये और और राज्य सरकार को यह 600 रुपये में मिलेगी।  
00 सीरम की कोविशील्ड वैक्सीन की कीमत को लेकर उठने लगे थे सवाल, कंपनी ने दी सफाई
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोरोना वैक्सीन `कोविशील्ड` निजी अस्पतालों को 600 रुपये प्रति खुराक की दर पर बेची जाएगी जो कि दुनिया के निजी अस्पतालों में मिलने वाली सबसे महंगी कोरोना वैक्सीन बताई जा रही है। वहीं अब इसपर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने सफाई देते हुए कहा है कि अग्रिम वित्त पोषण के चलते दुनिया भर में  कोरोना वैक्सीन की शुरुआती कीमत कम थी, अब उत्पादन बढ़ाने के लिए निवेश करना होगा।
बता दें कि पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने इस सप्ताह की शुरुआत में वैक्सीन की कीमत राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के साथ किसी नए करार के लिए 400 रुपये प्रति खुराक और निजी अस्पतालों के लिए 600 रुपये प्रति खुराक तय की थी।
एसआईआई एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोविशील्ड का विर्निमाण करती है। वह इस समय केंद्र सरकार को 150 रुपये प्रति खुराक की दर से वैक्सीन की आपूर्ति कर रही है। एसआईआई ने कहा कि भारत वैक्सीन की कीमत और वैश्विक कीमतों के बीच एक गलत तुलना की गई है। कोविशील्ड आज बाजार में उपलब्ध कोविड-19 की सबसे सस्ती वैक्सीन है।
00 कोवैक्सीन 78 फीसदी तक प्रभावी : भारत बायोटेक
भारत बायोटेक ने बुधवार को कहा था कि उसका टीका कोवैक्सीन तीसरे चरण के अंतरिम विश्लेषण के तहत कोविड-19 संक्रमण के हल्के, मध्यम, और गंभीर लक्षण वाले मामलों में 78 फीसदी तक प्रभावी पाया गया है। कंपनी ने कहा कि तीसरे चरण के अध्ययन का दूसरा अंतरिम आंकड़ा यह बताता है कि कोवैक्सीन टीका लेने के बाद  संक्रमित व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होने जरूरत 100 फीसदी तक कम हो जाती है (यानी अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत नहीं आती)।
भारत बॉयोटेक ने एक बयान में कहा था कि हाल में कोरोना संक्रमण के बढ़े मामलों के बीच 127 कोविड संक्रमण लक्षण वाले मामले दर्ज किए गए। इसमें हल्के, मध्यम और गंभीर लक्षण वाले कोविड19 संक्रमण के प्रति यह टीका 78 फीसदी तक प्रभावी पाया गया।


* प्रतिष्ठानों में दबिश देकर की 8 हजार रूपए की चालानी कार्रवाई*

22-Apr-2021

धमतरी (शोर सन्देश) कोरोना संक्रमण की रोकथाम और निगाह रखने के लिए कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने संयुक्त दल गठित किया है। इसके मद्देनजर राजस्व, पुलिस और नगरपालिक निगम धमतरी की टीम विभिन्न प्रतिष्ठानों में अधिक दाम पर वस्तुओं की बिक्री, आवश्यक वस्तुओं के अवैध भण्डारण करने सहित लाॅकडाउन के नियमों का पालन नहीं करने वालों की जांच कर कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में 21 अप्रैल को दल ने धमतरी शहर के पांच प्रतिष्ठानों में दबिश देकर आठ हजार रूपए की चालानी कार्रवाई की इनमें सिहावा रोड स्थित धमतरी चिकन सेंटर, सूरज मेडिकल स्टोर घड़ी चौक, शांति कालोनी स्थित न्यू ओम किराना स्टोर, आकृति प्रोविजन और कामद डेयरी शामिल है। 


*रेमडीसीवीर इंजेक्शन अस्पतालों को ही प्रदाय किए जाएंगे : भूपेश बघेल*

22-Apr-2021

रायपुर (शोर सन्देश) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि रेमडीसीवीर इंजेक्शन अस्पतालों को ही प्रदाय किए जाएंगे। नगर निगम को उनकी डिमांड के अनुसार इलेक्ट्रिक शवदाह गृह की स्थापना की तत्काल मंजूरी दी जाएगी लक्षण वाले मरीजों को तत्काल दवाओं के किट प्रदाय किए जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना लक्षण वाले मरीजों की पहचान कर दवाइयां दी जानी चाहिए। मई और जून माह का राशन एक साथ उपभोक्ताओं को निशुल्क मिलेगा। राजनीतिक दल और दानदाताओं के सहयोग से जरूरतमंदों को सूखा राशन एवं गर्म भोजन की व्यवस्था की जानी चाहिए। 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना वैक्सीनेशन के क्रियान्वयन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी बनाने के निर्देश। मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए राज्य की सीमाओं को तत्काल सील किए जाने के निर्देश दिए। बिना कोरोना टेस्टिंग कोई भी व्यक्ति राज्य की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा। 


*ऑक्सिजन सिलेंडर ख़रीदने के लिए रायपुर को एक करोड़ रुपए की स्वीकृति*

21-Apr-2021

 रायपुर (शोर सन्देश)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर में ऑक्सिजन सिलेंडर की आपूर्ति निरंतर बनाये रखने के लिये कलेक्टर को एक करोड़ रुपए की राशि की स्वीकृति प्रदान की हैं । मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत राशि का उपयोग नये ऑक्सिजन सिलेंडर क्रय करने में किया जायेगा ।रायपुर में कोरोना संक्रमित मरीज़ों की संख्या में वृद्धि के कारण ऑक्सिजन की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया हैं ।


*कोरोना वायरस के नए स्वरुप में डबल म्युटेशन बच्चों को तेजी से बना रहा शिकार*

19-Apr-2021

00 बी.1.617 हो सकता है भारत में तेजी से मामले बढ़ा रहे कोरोना वायरस का नया स्वरूप
कोरोना की दूसरी लहर देश में मौत व तेजी से फैले संक्रमण के भयावह आंकड़े प्रस्तुत कर रहे हैं। वैज्ञानिकों को आशंका है कि इसकी वजह वायरस का नया स्वरूप बी.1.617 हो सकता है, जिसमें दोहरा म्यूटेशन है।  हालांकि पुष्टि के लिए अभी विस्तृत अध्ययन का इंतजार है, लेकिन इस वायरस के नए मामलों के पीछे होने का एक बड़ा संकेत महाराष्ट्र से जुटाए गए वायरस के जीनोम सीक्वेंस से मिला है। पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) ने इस वर्ष 361 सैंपलों के वायरस की जीनोम सीक्वेंसिंग की। बीते हफ्ते खुलासा हुआ कि इनमें से 220 सैंपलों में वायरस का यही बी.1.617 स्वरूप है। इसके अलावा दिल्ली, पश्चिम बंगाल, गुजरात, कर्नाटक और मध्यप्रदेश सहित 10 राज्यों से जुटाए सैंपल में इसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई  है।
00 दोहरा म्यूटेशन
म्यूटेशन यानी वायरस में समय के साथ प्राकृतिक रुप से आया बदलाव। यह बदलाव उसे विभिन्न परिस्थितियों में जीवित रहने में मदद करते हैं। यही वजह है कि इन बदलावों से वायरस ऐसा नया स्वरूप लेता है, जो कई बार पहले से ज्यादा खतरनाक होता है। दोहरे म्यूटेशन वाले वायरस में दो अलग अलग म्यूटेशन वाले वायरस में आए बदलाव एक साथ शामिल होते हैं। बी.1.617 में यही हुआ है।
00 अनुमान: 60 प्रतिशत इसे से प्रभावित
शुरुआती जीनोम सीक्वेंस डाटा और चिकित्सकों के अनुभव इशारा कर रहें हैं कि वायरस का यह स्वरूप तेजी से फैल सकता है और फैल भी रहा है। यह एक संक्रमित सदस्य से पूरे परिवार को तेजी से चपेट में ले रहा है। लक्षण भी देरी से नजर आ रहे हैं। कई बार रोग बेहद गंभीर होने के बाद पता चल रहा है। यह सार दावे वैज्ञानिक शोध में प्रमाणित नहीं हुए हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह करीब 60 प्रतिशत मरीजों में मिल सकता है। एनआईवी के 360 सैंपलों में से भी यह प्रतिशत मे मिला था। वायरस की पहली लहर से बच्चे दुर्लभ मामलों में ही संक्रमित हो रहे थे। लेकिन दोहरे म्यूटेशन वाले इस वायरस की वजह से हर पांचवां संक्रमित इसी आयुवर्ग का है। खतरनाक बात यह है कि अधिकतर बच्चों में आरटी-पीसीआर टेस्ट भी संक्रमण की पुष्टि नहीं कर पा रहा। हरियाणा में पिछली बार 100 में से एक संक्रमित बच्चा था, आज आठ हैं। दिल्ली में आठ महीने  से 12 साल के कई बच्चे अस्पताल में भर्ती हुए हैं। कर्नाटक में करीब 30 हजार बच्चों के संक्रमित होने का अनुमान है। गुजरात के सूरत में 10 साल के छोटे 280 बच्चे संक्रमित, 14 दिन के नवजात की मौत भी हो चुकी है।
00 भारत में पहली बार कोरोना वायरस में मिले दो म्यूटेशन...
कोरोन वायरस का बी.1.617 स्वरूप दो म्यूटेशन रखता है, ई484क्यू और एल452आर। दोनों म्युटेशन वायरस के उसी जानेमाने स्पाइक प्रोटीन में हुए हैं, जिनसे यह वायरस हमारे शरीर में मौजूद कोशिकाओं को पकड़ता और पनपता है।
00 इंग्लैंड, द.अफ्रीका और अमेरिका से संबंधित
म्यूटेशन ई484क्यू: यह पहले यूनाइटेड किंगडम और दक्षिण अफ्रीका में तबाही मचा चुके वायरस में मिले ई484क्यू नामक म्यूटेशन का करीबी है।
एल452आर: अमेरिका के कैलिफोर्निया वाले वायरस में मिला था। यह कोशिका से जुड़ने की क्षमता बढ़ाता है । यह वजह है कि यह तेजी से फैल रहा है।


*मरीजों से ज्याद पैसा लेने और गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाले अस्पताल पर गिरी गाज*

18-Apr-2021

00 कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई
कवर्धा (शोर सन्देश) जिले में कोविड नियंत्रण के लिए शासकीय अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों को भी कोविड गाइड लाइन के दायरे में इलाज की अनुमति दी गई है, ताकि सही समय पर उपचार कराकर मरीजों की जानें बचाई जा सके। इसके लिए बाकायदा स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया गया नियमानुसार कोविड मरीजों के इलाज की अनुमति प्रदान की गई। लेकिन कुछ अस्पतालों से लगातार मरीजों से अधिक पैसे वसूलने, कोविड गाइड लाइन का पालन करने प्रॉपर रिपोर्ट नही करने की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। जन शिकायतों के मद्दे नजर आज शहर के एक निजी अस्पताल चन्द्रायण हेल्थ केयर के यंहा कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा के निर्देश पर जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापामार कार्रवाई की। उक्त कार्रवाई के सम्बंध में जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ केशव ध्रुव डीपीएम नीलू धृतलहरे ने बताया कि निजी अस्पताल चन्द्रायण हेल्थ केयर में निरीक्षक दल ने बहुत सी गड़बड़ियां पाई। मरीजों के रिकॉर्ड से लेकर , राशि वसूलने तक कोई जानकारी प्राप्त नही हुई। उक्त आधार पर सम्बन्धित निजी अस्पताल के संचालक को नोटिस जारी की गई आगामी समय में कोई कोविड पेशेंट एडमिट करने का निर्देश दिया गया है।          00 समस्त निजी अस्पतालों पर निरीक्षण टीम की नजर रहेगी
कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने कोविड जैसे महामारी के दौर पर जनसहयोग की जगह निजी अस्पताल द्वारा अतिरिक्त राशि वसूली पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम बनाकर कोविड इलाज करने वाले सभी निजी अस्पतालों के डेली निरीक्षण करने रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए शासन द्वारा जारी राशि ही मरीजो से ली जानी चाहिए। आज की कार्रवाई में तहसीलदार बिसाहिन चौहान, जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ केशव ध्रुव, डीपीएम नीलू धृतलहरे, नर्सिग एक्ट नोडल डॉ स्वदेश जायसवाल, ड्रग इंस्पेक्टर जितेंद्र पाटीदार आयुष्मान कार्यक्रम के जिला सलाहकार सैय्यद असलम अली शामिल थे। 


*अम्बेडकर अस्पताल के विशेषीकृत कोविड वार्ड से 534 मरीज ठीक होकर लौटे घर*

17-Apr-2021

 रायपुर (शोर सन्देश)। कोरोना वायरस संक्रमण की लगातार फैल रही दहशत एवं आशंकाओं के बीच राजधानीवासियों के लिए राहत भरी खबर यह है कि सही समय पर इलाज मिल जाने से कोरोना संक्रमित मरीज अस्पताल से ठीक होकर घर भी जा रहे हैं। अम्बेडकर अस्पताल में कोरोना के क्रिटिकल केयर प्रभारी डॉ. ओ. पी. सुंदरानी के मुताबिक अस्पताल में 1 अप्रैल 2021 से 15 अप्रैल 2021 तक कुल 534 मरीज डिस्चार्ज होकर जा चुके हैं। वर्तमान में अस्पताल में लगभग 500 मरीज भर्ती हैं उनका उपचार चल रहा है। अस्पताल में नये मरीजों का भर्ती होना, उपचार के बाद मरीजों का ठीक होकर डिस्चार्ज होना, फिर नये मरीजों का भर्ती होना यह क्रम लगातार चलता रहता है परंतु इन सबके बीच मरीजों के डिस्चार्ज होने से परिवार वाले भी खुश हो जाते हैं और इससे सभी लोगों के बीच सकारात्मकता का माहौल बन रहा है। डॉ. सुंदरानी के मुताबिक कोरोना के विरूद्ध जारी संघर्ष में सकारात्मकता और एहतियात ही विजय का मूलमंत्र है। अभी लॉकडाउन चल रहा है ऐसे में हमें घर बैठकर ही इस लड़ाई को जीतना है। हमारे स्वास्थ्य कार्यकर्ता, पुलिस और सफाई से जुड़े लोग दुगुने मेहनत के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। आप भी एक जिम्मेदार नागरिक की तरह लॉकडाउन का पालन कर अपनी जिम्मेदारी निभाईये और जो बीमार हैं उनका समय पर उपचार करवाईये। सोशल मीडिया में डराने वाले संदेशों को बिना सोचे-समझे दूसरों को फारवर्ड न करें। कोई भी संदेश जिसके बारे में आप ज्यादा नहीं जानते उन्हें वायरल करने से बचें। ये ऐसे प्रयास हैं जिन्हें आप कर सकते हैं और इस महामारी से उबरने में लोगों की मदद कर सकते हैं।
00 रिपोर्ट आने के बाद तुरंत भर्ती हुआ :
राजिम रोड हसदा नं. 2 निवासी 53 वर्षीय झम्मन साहू बताते हैं कि मेरी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद बिना देर करते हुए घरवालों ने मुझे अम्बेडकर में भर्ती कराया। 5 अप्रैल को अम्बेडकर के आईसीयू में भर्ती हुआ और 15 अप्रैल को ठीक होकर डिस्चार्ज भी हो गया। आज मैं अपने घर में पोस्ट कोविड पीरियड में हूं और डॉक्टरों द्वारा बताये गये दिशानिर्देशों का पालन भी कर रहा हूं। अम्बेडकर में हुए इलाज के बाद काफी राहत महसूस कर रहा हूं। झम्मन साहू की तरह कई लोगों की कहानियां है जिन्होंने कोरोना को मात दी हैं।


*स्वास्थ्य सचिव ने केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव को लिखा पत्र 285 वेन्टिलेटर उपलब्ध कराने की मांग*

16-Apr-2021

रायपुर (शोर सन्देश)। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में कोविड-19 के मद्देनजर केन्द्र सरकार से 285 वेन्टिलेटर जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है। राज्य की अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्रीमती रेणु जी पिल्ले ने 12 अप्रैल को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय केन्द्र सरकार के सचिव को पत्र भेजा है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ को भारत सरकार से पिछले वर्ष 230 वेन्टिलेटर प्राप्त हुए थे। राज्य सरकार प्रदेश के सभी जिलों में ऑक्सीजनयुक्त बेड और आईसीयू की सुविधावृद्धि के लिए समुचित उपाय कर रहा है। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने पत्र में उल्लेख किया है कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में कोविड-19 के अपेक्षित मामलों की अनुमानित संख्या को देखते हुए अप्रैल के अंत में प्रत्येक कोविड अस्पताल में वेन्टिलेटर की आवश्यकता का आकलन किया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए वर्तमान में राज्य में 285 वेन्टिलेटर की अतिरिक्त आवश्यकता है। इसे जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की मांग की गई है।




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