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स्वास्थ

*सभी उम्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने सुको में दायर हुई जनहित याचिका*

16-Apr-2021

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। 18 साल के ऊपर सभी उम्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने की मांग को लेकर एक जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है। वकील रश्मि सिंह की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे है, ऐसे में सभी 18 साल के ऊपर सभी उम्र के लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जाए। इससे पहले तहसीन पूनावाला ने भी सुप्रीम कोर्ट में कोरोना वैक्सीन को लेकर याचिका दायर की। इस याचिका में 45 वर्ष से अधिक आयु के ही लोगों को कोविड-19 का टीका लगाने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती दी गई। याचिका में मांग की गई है कि कोरोना का टीका सभी नागरिकों को दी जाए। याचिका में तहसीन पूनावाला ने कहा, ‘यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाना जरूरी हो गया है कि टीका केवल 45 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए ही उपलब्ध नहीं हो बल्कि 45 वर्ष से कम आयु के ऐसे सभी व्यक्तियों के लिए भी उपलब्ध हो जिन्हें ऐसे काम पर लगाया जाता है, जिससे उन्हें हर दिन बाहर जाना पड़ता है।’


*सरकारी अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़कर हुई 5221*

15-Apr-2021

 00 2 दर्जन होटलों से अटैच हुए 23 निजी अस्पताल
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते दिल्ली सरकार ने सरकारी अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई है। 11 सरकारी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए बेड की संख्या को बढ़ाकर 5221 कर दिया है। आईसीयू बेड की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई है। साथ ही 5 सरकारी अस्पतालों में बैंक्विट हॉल को जोड़कर भी बेड की संख्या बढ़ाई गई है। इसके अलावा 23 निजी अस्पतालों से करीब दो दर्जन होटल और बैंक्विट हॉल को जोड़कर 2112 बेड का इंतजाम किया गया है। इन होटलों में दूसरे चरण में 282 और बेड बढ़ाए जाएंगे। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि एलएनजेपी अस्पताल में 1500, जीटीबी अस्पताल में 1500 बेड कोरोना मरीज के लिए उपलब्ध हैं।
00 कहां कितने बेड्स उपलब्ध
राजीव गांधी अस्पताल में 650, बीएचके अस्पताल में 200, बुराड़ी अस्पताल में 450, अंबेडकर अस्पताल में 200, डीडीयू अस्पताल में 200, डीसीबी अस्पताल में 213, एसजीएम अस्पताल में 48, एडीजी अस्पताल में 60 और एसआरसी अस्पताल में 200 बेड उपलब्ध कराए गए हैं। इन 11 अस्पतालों में बेड की संख्या 5221 पहुंच गई है।
00 दिल्ली सरकार के 5 अस्पतालों में बैंक्विट हॉल को जोड़ा
इसके साथ ही दिल्ली सरकार के 5 अस्पतालों में बैंक्विट हॉल को जोड़कर बेड की संख्या बढ़ाई गई है। लोकनायक अस्पताल के साथ शहनाई बैंक्विट हॉल और राउड एवेन्यू स्कूल को जोड़ दिया गया है। शहनाई बैंक्विट हॉल में 120 और राउड एवेन्यू स्कूल में 120 बेड क्षमता होगी।
00 इन अस्पतालों में जोड़े गए बैंक्वेट हॉल
इसी प्रकार बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल में ग्रैंड उत्सव बैंक्विट हॉल को जोड़ा गया है। जिसमें 75 बेड उपलब्ध हैं। दीपचंद बंधु अस्पताल मोजैक सैंडोज बैंक्वेट हॉल को जोड़ा गया है जहां 250 बेड की क्षमता है। राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के साथ यमुना स्पोर्ट्स कंपलेक्स को जोड़ा गया है। जहां 200 बेड की क्षमता है। दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के साथ गोल्डन बैंक्विट हॉल को जोड़ा गया है। यहां 110 बेड का इंतजाम किया गया है। इन बैंक्वेट हॉल की कुल क्षमता 875 बेड की है। अस्पतालों का दायित्व है कि वह यहां पर डॉक्टर उपलब्ध करवाएं।


*डाॅ खूबचंद बघेल स्वास्थ्य और आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों के लिए कोरोना उपचार की दरें जारी*

14-Apr-2021

रायपुर (शोर सन्देश)। राज्य शासन द्वारा कोविड उपचार की अनुमति प्राप्त प्राइवेट अस्पताल जो कि डाॅ खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना एवं आयुष्मान भारत योजना में पंजीकृत भी है, ऐसे समस्त अस्पतालों में कोविड उपचार की दर संबंधी आदेश जारी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस योजना के तहत प्रतिदिन के मान से जनरल वॉर्ड हेतु- रू 2000 , एच डी यू (ऑक्सीजन के साथ) 5500 रूप्ये,आईसीयू (बिना वेंटिलेटर के) रू 7000 और आईसीयू (वेंटिलेटर के साथ)- रू 9000 रूपये निर्धारित किए गए हैं। आरटी पी सी आर की दर 550 रखी गई है। उपरोक्त पैकेज दर की परिभाषा एबी - पीएमजेवाई 2.0 गाइडलाइन के अनुसार होगी। सीटी स्कैन की दजांच पर विषेष परिस्थिति में प्रतिबंध हटाया जाता है जिससे कोविड 19 महामारी के दौरान भर्ती मरीज को इसकी सुविधा मिल सके। ज्ञात हो कि इसके पूर्व विभाग ने 12 अप्रैल को निजी अस्पतालों में उक्त योजनाओं के तहत पंजीकृत लोगों के लिए 20 प्रतिशत बिस्तर आरक्षित करने के आदेश जारी किए थे।


*रेमडेसिविर : राजधानी के दवा बाजार पहुंचा इंजेक्शन न अस्पताल भेजा गया न परिजनों को दे रहे*

13-Apr-2021

 00 इंजेक्शन की खेप को औषधि विभाग ने किया सील
रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ में जिस कदर कोरोना संंक्रमण विकराल हो रहा है। रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश की राजधानी के थोक दवा बाजार में इंजेक्शन की खेप पहुंच तो गई है, लेकिन औषधि विभाग के अफसरों ने इंजेक्शन को सील कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि औषधि विभाग के अफसर इंजेक्शन की वाइल अपने रिकमंडेशन पर ही देने के निर्देश थोक दवा विक्रेताओं को दिए हैं। इसके साथ ही मरीजों के परिजनों को दवा देेने पर रोक लगा दी गई है। वहीं राज्य सरकार का कहना है कि इंजेक्शन अस्पतालों में सीधे मरीज के लिए उपलब्ध होंगे, लेकिन बाजार में दवा उपलब्ध होने के बाद भी मरीजों के लिए मंगलवार दोपहर तक दवा उपलब्ध नहीं कराई गई है। यहां पर सरकार का निर्णय तो सटिक है पर औषधि विभाग के अफसरों की तरफ से दिए गए निर्देश कुछ और ही बयां कर रहे हैं। यदि बाजार में दवा है और परिजनों को उपलब्ध नहीं कराना है तो अस्पतालों को अब तक क्यों नहीं भेजा गया? और यदि नहीं भेजा गया तो परिजनों को दवा देने पर विभाग ने रापेक क्यों लगाई है। क्या विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार राजधानी में कर रहा है या फिर दवाई की सप्लाई रोक कर अफसर अपने चहेतों को देने की फिराक में हैं। यहां पर सबसे बड़ी बात यह भी है कि जिस रेमडेसिविर इंजेक्शन काो थोक दवा बाजार से मरीजों के परिजन थोक के दाम पर खरीद रहे थे तो अब अस्पताल से वहीं दवाएं खुदरा मूल्य पर उपलब्ध होंगी। औषधि विभाग का यह फरमान मरीजों को फायदा पहुंचाने के लिए है या अस्पतालों के लिए यह तो विभाग के अफसर ही जानें, लेकिन पूरा सिस्टम आज इस आपदा की स्थिति को अवसर बनाकर अस्पतालों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष फायदा पहुंचा रहा है। यहां पर विभाग यदि अस्पतालों को इंजेक्शन की सप्लाई देना खहता है तो अस्पताल के लिए विक्रय मूल्य का निर्धारण भी आवश्यक है, क्योंकि जब से इंजेक्शन की मांग प्रदेश में बढ़ी है मनचाहे दाम पर इसकी बिक्री हो रही है। पैसे के बल पर समाज का एक वर्ग तो इसे मुंहमांगे दाम पर खरीद रहा है, लेकिन उसी समाज का एक वर्ग घंटों लाइन में खड़े होने के बाद भी दवा तक नहीं पहुंच पा रहा है। अब ये तो आने वाले वक्त पर ही पता चलेगा कि दवाओं को सील कर विभाग के अफसर क्या करना चाहते हैं।


*टिका उत्सव में लोगों ले बढ़-चढ़ कर हिस्सा पहले दिन 27 लाख से ज्यादा लोगों लगवाई कोरोना वैक्सीन*

12-Apr-2021

 नई दिल्ली (शोर सन्देश)। भारत में कोरोना का कहर तेजी से बढ़ रहा है। इस बीच 11 अप्रैल यानी ज्योतिबा फुले जयंती से देश में `टीका उत्सव` की शुरुआत की गई है। पहले ही दिन देशवासियों ने कोविड-19 की वैक्सीन लगवाने के लिए बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि पहले दिन 27 लाख से ज्यादा लोगों ने वैक्सीन की डोज ली। इसके साथ ही देश में कुल 10,43,65,035 लोग कोरोना वैक्सीन की डोज ले चुके हैं। देश में 11 से 14 अप्रैल के बीच चल रहे टीकाकरण अभियान को `टीका उत्सव` नाम दिया गया है।
मंत्रालय ने का कहना है कि देशभर में टीका उत्सव अभियान के पहले दिन कई कार्यस्थल टीकाकरण केंद्रों का संचालन हुआ। देश में औसतन 45,000 टीकाकरण केंद्रों का संचालन हो रहा है। लेकिन रविवार को 63,800 केंद्रों का संचालन हुआ। इसके अलावा मत्रालय ने कहा, कोरोना वैक्सीन की डोज देने की संख्या 16 लाख होती है। पर टीका उत्सव के पहले दिन रात आठ बजे तक 27 लाख से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन की डोज दी गई। आपको बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि 11 अप्रैल यानी ज्योतिबा फुले जयंती से हम देशवासी `टीका उत्सव` की शुरुआत कर रहे हैं। ये `टीका उत्सव` 14 अप्रैल यानी बाबा साहेब आंबेडकर जयंती तक चलेगा। ये उत्सव, एक प्रकार से कोरोना के खिलाफ दूसरी बड़ी जंग की शुरुआत है। इसमें हमें व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ ही सामाजिक स्वच्छता पर विशेष बल देना है। हमें ये चार बातें, जरूर याद रखनी है।
-जो लोग कम पढ़े-लिखे हैं, बुजुर्ग हैं, जो स्वयं जाकर टीका नहीं लगवा सकते, उनकी मदद करें।
-जिन लोगों के पास उतने साधन नहीं हैं, जिन्हें जानकारी भी कम है, उनकी कोरोना के इलाज में सहायता करें।
-मैं स्वयं भी मास्क पहनूं और इस तरह स्वयं का भी बचाव करूं और दूसरों को भी बचाने का काम करूं, इस पर बल देना है।
-किसी को कोरोना होने की स्थिति में माइक्रो कन्टेनमेंट जोन बनाने का नेतृत्व समाज के लोग करें। जहां पर एक भी कोरोना का पॉजिटिव केस आया है, वहां परिवार के लोग, समाज के लोग माइक्रो कन्टेनमेंट जोन बनाएं।


*राजधानी में सिर्फ 1 दुकान में मिल रहा रेमिडेसिविर इंजेक्शन एक एक वाइल के मोहताज हो रहे लोग*

11-Apr-2021

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण इन दिनों चरम पर है, इस वक्त उपचार केलिए उपयोग में लाइ जाने वाली दवा रेमिडेसिविर के लिए खाद्य एवं औषधि विभाग के उपसंचालक ने रायपुर में इंजेक्शन मिलने वाली दुकानों की सूची जारी की है। जारी आदेश के अनुसार यह सूची 27 मार्च की है। यहां सबसे बड़ी बात यह है कि सूचीबद्ध सभी दवा दुकानों में उपरोक्त इंजेक्शन उपलब्ध ही नहीं है। रायपुर के एक ही दवा दुकान कुमार मेडिकल में यह दवाई मिल रही है, जहां मरीजों के परिजनों को सुबह से लेकर शाम तक लाइन में खड़े होकर दवाई का इन्तजार करना पड़ रहा है। उल्लेखीय है कि सूची में मौजूद नामों में मेडिकल काम्प्लेक्स की 8 दुकानें हैं, जिनमें सिर्फ एक ही दुकान में इंजेक्शन उपलब्ध है, जिस कारण मरीजों के परिजनों को दवाई के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ रहा है। आज रविवार होने के बाद भी लोग सुबह से ही कतार बढ़ होकर दवाई का इन्तजार कर रहे हैं, लेकिन दोपहर 2 बजे तक दवाई दुकान ही नहीं खुली है। इसके साथ ही शेष दुकानों में स्टॉक नहीं होने की बात कही जा रही है। ऐसी में आज राजधानी में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगभग 4 हजार के पार पहुँच गयी है। ऐसे में पूरे प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार ही 11 हजार के पार प्रति मरीज यह दवाई 6 वाइल की जरुरत है, ऐसे में प्रदेश में एक दिन में लगभग 12 हजार वाइल की जरुरत प्रतिदिन है, लेकिन यह दवाई प्रतिदिन 300 से 400 वाइल राजधानी पहुँच रही है, इसके साथ ही जनऔषधी केंद्र में 900 रूपये में मिलने वाली एक वाइल बाजार में 5000 से 5400 रूपये प्रति वाइल मिल रही है। ऐसे में राज्य सरकार को इंजेक्शन के पर्याप्त इंतजाम की व्यवस्था करने की दिशा में विचार करना चाहिए साथ ही आपदा के वक्त को अवसर बना कर लाभ कमाने वालों पर भी कठोर कार्रवाई करने की दिशा में विचार करने की जरुरत है।


*राज्य में नहीं होगी आक्सीजन की कमीं मुख्यमंत्री ने दिए ये निर्देश*

11-Apr-2021

 रायपुर (शोर सन्देश) राज्य में उत्पादित होने वाली आक्सीजन का 80 प्रतिशत अब मेडिकल आक्सीजन गैस के रूप में राज्य के अस्पतालों को प्रदान किया जायेगा। राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए अस्पतालों में आक्सीजन की आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा महामारी अधिनियम के तहत इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी हैं। आदेश में यह भी कहा गया हैं कि अत्यंत आवश्यक स्थिति में उद्योगों को प्रदान की जाने वाली 20 प्रतिशत आक्सीजन भी अस्पतालों को प्रदान की जायेगी। स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव सी आर प्रसन्ना द्वारा जारी आदेश में कहा गया हैं कि समस्त आक्सीजन गैस उत्पादन करने वाली संस्थाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि आक्सीजन गैस का उत्पादन निरंतर बिना रुकावट के अपनी पूर्ण क्षमता के साथ फैक्ट्री में किया जाए। राज्य के सभी संभाग आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को इसे लागू करने के लिए सक्षम प्राधिकारी बनाया गया हैं।


*गंभीर कोरोना पीड़ितों को अस्पताल ने दिया दूसरा जीवन*

09-Apr-2021

 00 डां तंजीम आजमी, ऊनैजा आजमी, कपील शेंडे समेत हमराह स्टाफ ने किया सफल इलाज
बालाघाट (शोर सन्देश)। बढ़ते कोरोना वायरस की भयावह स्थिति देखकर आमजन का जीना दूभर हो गया है। जान आफत में आ गई है। जिधर देखो उधर त्राहिमाम- त्राहिमाम मचा हुआ है। अस्पतालों में जगह खाली नहीं है। चिकित्सकों को कोरोना वायरस के नए-नए लक्षणों के कारण कोई उपयुक्त इलाज नहीं सूझ रहा है। अब करें तो क्या करें! बावजूद डॉक्टरों ने हिम्मत नहीं हारी और गंभीर से गंभीर कोरोना मरीजों का बेहतर से बेहतर उपचार किया। दुवाओं और दवा के सहारे इन्हीं ईश्वर रूपी चिकित्सकों ने लाखों लोगों की जान बचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। कवायद में बीते माह मध्यप्रदेश, बालाघाट जिला निवासी एक दंपत्ति श्रीमती रितु क्षीरसागर और भरत लाल क्षीरसागर को कामठी, नागपुर में मौजूद सिटी हास्पिटल इन गंभीर कोरोना पीड़ितों को दूसरा जीवन दिया। यह कहें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। जहां दिन-रात मेहनत कर डां तंजीम आजमी, डां ऊनैजा आजमी, डां कपील शेंडे समेत हमराह स्टाफ ने जिंदादिली से सफल इलाज किया। नतीजतन इनकी खिल-खिलाते हुए सकुशल घर वापसी हुई। इस बात की जानकारी देते हुए श्रीमती रितु क्षीरसागर और भरत लाल क्षीरसागर सहित समूचे परिजनों ने सिटी अस्पताल, कामठी प्रबंधन का तहेदिल से शुक्रिया अदा किया। इतर बालाघाट जिला ही नहीं बल्कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र प्रांत के कोने-कोने से आए लोगों को कोरोना से निजात दिलाने में सिटी अस्पताल अहम जिम्मेदारी निभा रहा है। जिसकी जितनी भी तारीफ की जाए उतनी ही कम होगी।
00 62 ऑक्सीजन लेवल, 28 दिन वैंटीलेटर में भर्ती
मामले में अपनी आप बीती बताते हुए कोरोना संक्रमण को मात देकर स्वस्थ जीवन व्यतीत कर रही श्रीमती रितु क्षीरसागर ने कहा कि मैंने तो जीने की उम्मीद ही छोड़ दी थी, लेकिन सिटी अस्पताल, कामठी के जीद के आगे कोरोना हारा और मैं जिंदगी की जंग जीती। यह यहां के डाक्टरों और उसके स्टाफ का ही कमाल है कि 62 जैसे कम ऑक्सीजन लेवल के साथ 28 दिन वैंटीलेटर में भर्ती रहने के बाद भी मुझे मौत के मुंह से वापस लाया गया। उन्होंने आगे कहा कि अस्पताल प्रबंधन ने एक परिवार की तरह अपने सफलता पूर्वक उपचार से मेरी भरपूर सेवा की। ये मेरे लिए परवर दीगार से कम नहीं है। वहीं इसी अस्पताल में कोरोना का डटकर मुकाबला करने वाले भरत लाल क्षीरसागर ने कहा कि मैं अब पहले जैसे ठीक हूं। अपने कामकाज को अच्छे से निर्वहन कर पा रहा हूं। ये सब कुछ मुमकिन हुआ सिटी अस्पताल, कामठी के अथक प्रयासों से, जिसे मैं शब्दों में बखान नहीं कर सकता।
00 स्वस्थ भारत, कोरोना मुक्त भारत
सिलसिले में इन्होंने अपनी मुंह जुबानी में सिटी अस्पताल प्रबंधन के सांगोपांग योगदान के प्रति शुक्रगुजार होते हुए बयां कि कोरोना से डरना नहीं वरन् लड़ना होगा। साथ ही दवाई, वैक्सीनेशन, दो गज की दूरी, मास्क लगाना और बार-बार हाथ धोना जरूरी है के नियमों का कड़ाई से पालन हर हाल में करना होगा। तभी हम अपने और अपनों को सुरक्षित रख सकते हैं। येही संकल्पना स्वस्थ भारत, कोरोना मुक्त भारत का मूलमंत्र बनेगी। आइऐ, हम सब मिलकर सरकार और डॉक्टरों के दिशा-निर्देशों की ईमानदारी से अनुपालन करें, ऐसी गुजारिश आप सभी से हैं।


*कोरोना बुलेटिन : प्रदेश में कोरोना ने तोड़ा मौत का रिकॉर्ड 53 मौत के साथ 9,921 नए मामले*

07-Apr-2021
00 रायपुर से 2821 नए संक्रमितों की पुष्टि
रायपुर (शोर सन्देश)। कोरोना संक्रमण के दिन बा दिन बढ़ते प्रकोप का आप इस बाद से अंदाजा लगा सकते है कि आज की मौत का आंकड़ा अब तक की दर्ज हुई सर्वाधिक संख्या है। प्रदेश में आज कुल 53 मौत दर्ज हुई है, जिनमे 27 मामले कोविड श्रेणी की है तथा 26 मामले को-मोर्बिडिटी श्रेणी के है। प्रदेश में आज 9,921 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान हुई है। वहीं 1,552 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज हुए। राज्य में एक्टिव मरीज़ों की संख्या 52,445 है।राजधानी रायपुर में भी आज सर्वाधिक संक्रमित मिले है। आज 2821 नए संक्रमितों की पुष्टि हुई है।
 
 
 

 


*कोरोना टीकाकरण के लिए अब फ्रंटलाइन वर्कर्स में नहीं जुडेंगे नए नाम*

04-Apr-2021

00 स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को लिखी चिट्ठी
रायपुर (शोर सन्देश)। कोरोना टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स की श्रेणी में अब नया पंजीयन नहीं किया जाएगा। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एनईजीवीएसी की सिफारिश पर इन श्रेणियों में टीकाकरण के नए पंजीयन पर तत्काल रोक लगा दी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने इस संबंध में 3 अप्रैल को सभी राज्यों को परिपत्र जारी किया है। उन्होंने टीकाकरण से संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देने और अनुपालन के निर्देश देने कहा है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने परिपत्र में कहा है कि राज्यों के प्रतिनिधियों और डोमेन नॉलेज विशेषज्ञों के साथ समीक्षा में एनईजीवीएसी ने पाया है कि कुछ टीकाकरण केंद्रों में स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स के रूप में अपात्रों का पंजीयन कर टीकाकरण किया जा रहा है जो भारत सरकार द्वारा कोरोना वैक्सीनेशन के लिए जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। इन दोनों श्रेणियों में टीकाकरण के लिए पंजीकृत लाभार्थियों की संख्या में पिछले कुछ दिनों में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। एनईजीवीएसी की सिफारिश पर इन दोनों श्रेणियों में नए पंजीयन को तत्काल बंद किया जा रहा है। कोविन पोर्टल पर 45 और इससे अधिक उम्र के लोगों का पंजीयन जारी रहेगा। स्वास्थ्य कर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर्स के रूप में पूर्व में पंजीकृत लोगों का कोविड टीकाकरण यथाशीघ्र सुनिश्चित किया जाएगा।




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