
रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने रायपुर में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण पर चिंता जताई है। शनिवार को उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक करके व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। मीडिया द्वारा लाकडाउन के संदर्भ में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि शासन ने इसके लिए कलेक्टर को अधिकार दे रखा है। कलेक्टर इस संबंध में परिस्थितियों को देखते हुए निर्णय लेंगे। मंत्री सिंहदेव ने कहा कि रायपुर की जो स्थिति है वो सबसे चिंताजनक है, उस पर बैठक में चर्चा की गई। शुक्रवार को पॉजिटिव रेत 39 प्रतिशत थी। अब पेशेंट से रोज कंसल्टेंट किया जाएगा। बैठक में रायपुर में उपलब्ध बिस्तरों की समीक्षा की गई। हमारे पास क्या फैसिलिटी है कि नहीं इन बातों की जानकारी ली गई। बेड की संख्या, टेस्टिंग बढ़ाने और जो होम आइसोलेशन में हैं, उन पर लगातार फॉलोअप लिया जा रहा है। एन-440 वायरस के बारे में उन्होंने कहा कि इस स्टेन के केरल में सबसे ज़्यादा केसेज हैं। फिर महाराष्ट्र में मिले हैं। छत्तीसगढ़ में शुक्रवार तक इस स्टेन के पांच केस थे। शनिवार को इसमें इजाफा होकर 8 हो गया है। एन-440 वायरस कहां से आया है ये कहा नहीं जा सकता.।इसका प्रकोप कितना है यह भी नहीं कहा जा सकता। टीकाकरण के बारे में उन्होंने बताया कि हमारे पास सिर्फ एक दिन का डोज़ है। और डोज आने की सूचना है। बैठक में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, रायपुर कलेक्टर, एसपी, पुलिस विभाग समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। बता दें कि छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को 4 हजार 174 नए कोरोना मरीज मिले थे।

00 कोरोना वैक्सीन को लेकर लोगों में दिखा उत्साह
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच टीकाकरण में भी तेजी देखने को मिली है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार गुरुवार एक अप्रैल को तीसरे चरण के पहले दिन 36 लाख से ज्यादा लोगों का टीकाकरण हुआ। इसके साथ ही अब तक कुल छह करोड़ 87 लाख से ज्यादा लोगों को टीका लग चुका है। बता दें कि गुरुवार की सुबह से देश भर में 45 साल और उससे अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए टीकाकरण की सुविधा शुरू हो गई। इससे पहले 16 जनवरी को टीकाकरण की शुरुआत हुई। सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगा। इसके बाद फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगा। इसके बाद एक मार्च से 60 साल से ऊपर और गंभीर बीमारी वाले 45 साल के ऊपर के लोगों को टीकाकरण हो रहा था। अब 45 साल के ऊपर के किसी व्यक्ति का टीकाकरण हो सकता है।
इस बीच तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने गुरुवार को एक अहम फैसला लिया। इसके अनुसार अप्रैल महीने में हर दिन टीका लगाने का फैसला किया है। छुट्टियों और राजपत्रित अवकाश के दिन भी लोगों का टीकाकरण होगा। समय सीमा का बाध्यता खत्म होने से अप्रैल महीने के पूरे 30 दिन तक सरकारी और निजी केंद्रों पर 24 घंटे टीकाकरण की सुविधा दी जाएगी।
00 टीकाकरण में तेजी लाने को लेकर नए निर्देश
30 अप्रैल तक रोजाना टीकाकरण होगा। इस दौरान 24 घंटे लगातार सरकारी और निजी सभी अस्पतालों में टीकाकरण हो सकता है। राजपत्रित छुट्टियों के दिन भी टीका लगाया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकराों को सरकारी और निजी दोनों टीकाकरण केंद्रों में व्यवस्था करनी होगी। सभी निजी और सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण केंद्र खोलने की भी सलाह दी गई है। प्रतिदिन टीकाकरण की समय सीमा पहले ही समाप्त की जा चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार गुरुवार को कुल 36 लाख 71 हजार 242 लोगों का टीकाकरण हो चुका है। कुल अब तक छह करोड़ 87 लाख 89 हजार 138 लोगों का टीकाकरण हो चुका है।

00 देश के 4 राज्यों में 3 चरणों में होगा परीक्षण
00 महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु और तेलंगाना में होगा ट्रायल
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कोरोना से बचाव के लिए अलग-अलग प्रकार की वैक्सीन आने की संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं। इसी क्रम में नाक से दी जाने वाली वैक्सीन भी जल्द उपलब्ध हो सकती है। हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कंपनी की नाक से दिए जाने वाले टीके के पहले चरण के परीक्षण की मंजूरी ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की विशेषज्ञ समिति ने दे दी है।
अभी पहले चरण के तहत यह परीक्षण होगा। इसके परिणाम समिति को मिलने और समीक्षा के बाद ही अगले चरण के परीक्षण की अनुमति दी जा सकेगी। कंपनी के अनुसार देश के चार राज्यों में इस वैक्सीन पर परीक्षण किया जाएगा। इनमें महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु और तेलंगाना शामिल हैं। अभी तक दिल्ली एम्स में यह परीक्षण होने वाला था, लेकिन कंपनी की ओर से क्लीनिकल रजिस्ट्री ऑफ इंडिया में दर्ज आवेदन के अनुसार दिल्ली एम्स में यह परीक्षण नहीं किया जाएगा। 18 से लेकर 60 वर्ष की आयु के 175 लोगों को परीक्षण में शामिल किया जाएगा। इसके बाद तीन अलग अलग समूह बनेंगे। दो समूह में 70-70 और तीसरे में 35 लोगों को रखा जाएगा। पहले समूह में शामिल लोगों को एकल डोज दिया जाएगा। दूसरे समूह के लोगों को प्लेसबो भी दिया जाएगा। जबकि तीसरे समूह को प्लेसबो ही दिया जाएगा। इन तीनों समूह के परिणामों की आपसी तुलना भी की जाएगी। विशेषज्ञों की मानें तो नाक से दी जाने वाली वैक्सीन आने के बाद बच्चों को काफी लाभ मिलेगा। अभी तक बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए कोई वैक्सीन नहीं है लेकिन विशेषज्ञ समिति ने इस परीक्षण में 18 साल से कम आयु वालों को शामिल नहीं किए जाने की सिफारिश की।
00 एक साथ दो चरणों को हरी झंडी नहीं...
समिति के एक सदस्य ने बताया कि पिछले माह भारत बायोटेक ने आवेदन दिया था। कंपनी एकसाथ दो चरण का परीक्षण शुरू करना चाहती थी, लेकिन आवेदन पर विचार नहीं किया था। इसके बाद दोबारा आवेदन मिला जिस पर पहले चरण के परीक्षण से जुड़ी सभी जानकारियां थीं। कंपनी के अनुसार इसी माह यह परीक्षण शुरू हो रहा है। तीन माह तक फॉलोअप के बाद नाक से दी जाने वाली वैक्सीन पर आगे की जानकारी मिल सकेगी।
00 अब रोजाना 50-50 लाख को टीका
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया, अगले कुछ दिन में रोजाना 50-50 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने की तैयारी है। एक अधिकारी ने बताया कि इस माह के अंत तक छुट्टियों के दिनों में भी टीकाकरण जारी रखने से काफी असर दिखाई देगा। करीब 40 से 45 करोड़ लोगों को हमें कम से कम समय में वैक्सीन देनी है। इसके लिए नई व्यवस्था पर कार्य करना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर से पहले हर्ड इम्यूनिटी विकसित करने की दिशा में यह बहुत जरूरी है कि ज्यादा से ज्यादा लोग वैक्सीन लेकर बचाव कर सकें।

०० कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर स्वास्थ्य मंत्री ने जताई चिंता
रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव दुर्ग समेत राज्य के अन्य जिलों में बढ़ रहे कोरोना के संक्रमण पर चिंता जताई है। पर उन्होंने स्पष्ट किया है कि लॉकडाउन संक्रमण को रोकने का समाधान नहीं है। दुर्ग के आंकड़ों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रत्येक दो में से एक व्यक्ति कोरेाना संक्रमित हो रहा है। यह स्थिति अंत्यंत गंभीर है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों पर गंभीरतापूर्वक चर्चा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने दुर्ग में आ रहे नए मामलों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने टेस्टिंग की संख्या व पॉजिटिव आ रहे मरीजों के आंकड़ों पर भी विशेष ध्यान दिया। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने लॉकडाउन के विकल्प पर कहा कि राज्य और देश ने पहले भी स्थिति के अनुरूप इस विकल्प को चुना है और अब भी परिस्थिति को देखकर इसे चुना जा सकता है लेकिन लॉकडाउन संक्रमण को रोकने का समाधान नहीं है। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने अन्य जिलों के बढ़ते मामलों पर गंभीरता व्यक्त की है। ०० प्रतिदिन 2 लाख व्यक्तियों के टीकाकरण का लक्ष्य
एक अप्रैल से प्रारंभ हो रहे 45 वर्ष से अधिक आयु सीमा के व्यक्तियों के कोरोना टीकाकरण पर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने भी प्रयास किया था कि हम 1 लाख व्यक्तियों टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करें, जिसमें 27 मार्च को 1 लाख 14 हज़ार 805 नागरिकों के टीकाकरण में हम सफल रहे हैं। इस लक्ष्य कि प्राप्ति से हमें सन्तोष हुआ है कि हम अपनी क्षमता को समझ रहे हैं और लक्ष्य पूरा करने में सफल भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब हमने प्रतिदिन 2 लाख व्यक्तियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा है जिसमें हम आने वाले दिनों में कम से कम 2 लाख लोगों का वैक्सीनेशन हो सके यह व्यवस्था विभाग द्वारा बनाई जा रही है। ०० टीकाकरण पर विपक्ष खुलकर जानकारियां साझा करें : बाबा
कोरोना टीकाकरण के विषय में विपक्ष की भूमिका पर जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने कहा कि विपक्ष भी समाज का एक हिस्सा है, यदि सरकार की कोई कमियां हैं तो विपक्ष को अवश्य ही उन्हें सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिखावा करने और सकारात्मक सहयोग व सहभागिता करने में अंतर होता है, सकारात्मक सहयोग के लिए हमेशा दरवाजे खुले हुए रहते हैं। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने कहा कि कोरोना टीकाकरण कोई सरकार अथवा पार्टी का विषय नहीं है बल्कि समाज का विषय है, जिसके हिस्से हम सभी हैं। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी एक माध्यम है जिसके जरिए हमको काम करने का मंच मिलता है, सरकार जो कार्य करती है वह किसी पार्टी के लिए नहीं बल्कि समाज के लिए होता है। वैक्सीनेशन किसी दल की नहीं बल्कि समाज के लिए होती है इसलिए विपक्ष को खुलकर जानकारियां साझा करनी चाहिए और आपसी सहयोग से टीकाकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहिये।
०० बढ़ते कोरोना संक्रमण टी एस सिंहदेव ने जताई चिंता
स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने राज्य में कोरोना संक्रमण के प्रसार पर कहा कि मार्च माह के पहले सप्ताह में राज्य की पॉजिटिविटी रेट 0.99 प्रतिशत पर था, जिसके उपरांत दूसरे सप्ताह में यह थोड़ा बढ़कर 1.6 प्रतिशत पर पहुंचा एवं तीसरे सप्ताह तक यह 1.8 प्रतिशत और चौथे सप्ताह में यह 6 प्रतिशत पर चला गया है। उन्होंने कहा कि 1 प्रतिशत से 6 प्रतिशत तक यह बढ़ते संक्रमण की दर बड़ी चिंता का विषय है।

रायपुर (शोर सन्देश)। पी.सी.पी.एन.डी.टी एक्ट के तहत जिला सलाहकार समिति की बैठक गत दिवस कलेक्टर की प्रतिनिधि के रूप में डिप्टी कलेक्टर पूनम शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में बताया गया कि पी.सी.पी.एन.डी.टी एक्ट के तहत अब सभी सोनोग्राफी संस्थाओं का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है, जिसमें नर्सिग होम का परमानेंट लाइसेंस जरूरी है। नर्सिंग होम एक्ट का टेम्परेरी आई-डी की अवधि के सम्बन्ध में स्वास्थ्य सेवायें से दिशा-निर्देश मांगा गया हैं। इसी तरह सोनोग्राफी स्केन एवं अन्य सुविधा हेतु शुल्क निर्धारण करने के संबंध में भी दिशा-निर्देश मांगा गया है। बैठक में पी.सी.पी.एन.डी.टी एक्ट के तहत 19 नये सोनोग्राफी संस्थाओं का पंजीयन और 5 नवीनीकरण आवेदनों का अनुमोदन किया गया। 2 सोनोग्राफी संस्थाओं के निरस्तीकरण आवेदन का अनुमोदन लिया गया। 2 संस्थाओं के आई वी एफ पंजीयन को पी.सी.पी.एन.डी.टी. पंजीयन में विलय का अनुमोदन किया गया। एक आवेदन को अस्पष्टता के कारण अनुमोदन नहीं किया गया। सामाजिक दूरी का पालन करते हुए समिति के यह बैठक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर डॉ. मीरा बघेल तथा समिति के सदस्यों की उपस्थिति में आयोजित हुई। बैठक में समिति के सभी सदस्यों को पर्यावरण को बढ़ावा देने के दृष्टि से पौधा भी प्रदाय किया गया।

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर शहर के 57 निजी अस्पतालों को कोविड-19 का टीका लगाये जाने के लिए अनुमन्य किया गया है। राज्य में 16 फरवरी 2021 से टीकाकरण की शुरूआत हुई थी। पहले चरण में कोरोना वारियर्स को टीका लगाया गया था। इसके बाद 60 वर्ष से ऊपर की उम्र के लोगों के लिए टीका लगाया जा रहा है। 1 अप्रैल से 45 वर्ष की उम्र से अधिक लोगों को कोविड-19 का टीका लगाया जाएगा। जिन निजी अस्पतालों को रायपुर शहर में अनुमन्य किया गया है उनकी सूची देंखे--

अम्बिकापुर (शोर सन्देश)। मेडिकल काॅलेज के सामुदायिक स्वास्थ्य विभाग के विभागाध्यक्ष ने बताया है कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के सामुदायिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नवापारा में 26 मार्च को डायबिटीज, ब्लड प्रेसर और मोटापा जैसे बिमारियों के लिए निःशुल्क जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कोरोना संक्रमण के साथ-साथ टीकाकरण में भी तेजी आने लगी है। बीते दो दिन में देश में 50 लाख से भी ज्यादा लोगों ने वैक्सीन लेकर अपना बचाव किया है। इसी के साथ ही कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा 3.50 करोड़ से भी आगे निकल चुका है। पिछले एक दिन में 21 लाख से भी अधिक लोगों ने वैक्सीन ली है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मंगलवार को देश में 45 से 59 वर्ष के पहले से बीमार 13,20,076 ने पहली डोज ली है। वहीं 60 या उससे अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों ने सर्वाधिक वैक्सीन प्राप्त की। 17,82,553 बुजुर्गों को पहली खुराक दी गई। हालांकि इस दौरान 3.34 लाख स्वास्थ्य कर्मचारी और फ्रंटलाइन वर्करों को भी वैक्सीन की दूसरी डोज दी गई है। टीकाकरण के 60वें दिन 16 मार्च को देश में 21,17,104 लोगों को वैक्सीन दिया है। अब तक 96 में से 75 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैक्सीन दी जा चुकी है। वहीं दो करोड़ फ्रंटलाइन वर्करों में से 76 लाख को वैक्सीन मिल चुकी है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। पिछले एक साल से देश में कोरोना वायरस का कहर जारी है। देश में कोरोना महामारी ने इस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस साल सोमवार सुबह बीते 24 घंटे में पहली बार रिकॉर्ड 26 हजार से अधिक कोरोना के नए मामले दर्ज किए गए। वहीं तीन माह बाद सक्रिय मामले पहली बार सक्रिय मामलों की संख्या दो लाख के पार चली गई है। केंद्रीय मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी।
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटों में कोरोना वायरस से संक्रमण के 26,291 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसी के साथ देश में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 1,13,85,339 पहुंच गए हैं। बता दें कि इससे पहले, कोरोना संक्रमण के 26 हजार से अधिक मामले पिछले साल 19 दिसंबर को दर्ज किए गए थे। वहीं पिछले 24 घंटे में इस जानलेवा संक्रमण से 118 लोगों की जान चली गई है, इसी के साथ मरने वालों की संख्या 1,58,725 पहुंच गई है।
00 तीन माह बाद सक्रिय मामले दो लाख के पार
स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 17,455 कोरोना मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए हैं। इसी के साथ देश में अब तक 1,10,07,352 मरीज कोरोना वायरस को मात देने में सफल रहे हैं। रोजाना के आधार पर दर्ज होने वाले नए कोरोना केसों की तुलना में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में बेहद कमी दर्ज की गई है। वहीं पिछले तीन महीने बाद कोरोना के सक्रिय मामले दो लाख के पार पहुंच गए हैं, जबकि इससे पहले सक्रिय मामले दो लाख से नीचे बने हुए थे।
00 टीकाकरण : अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर भारत
देश में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान जारी है। भारत 2,99,08,038 लोगों को कोरोना का टीका लगाकर सबसे तेज टीकाकरण करने वाले देशों की सूची में दूसरे पायदान पर आ गया है, जबकि पहले नंबर पर अमेरिका है।
00 मध्यप्रदेश में सख्ती और बढ़ी
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैंने टीम को नाइट कर्फ्यू समेत कोरोना प्रसार को रोकने वाले अन्य जरूरी कदमों पर चर्चा करने के निर्देश दिए हैं। कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए कल एक बैठक आयोजित की जाएगी, अगर आवश्यक हुआ, तो कुछ और जरूर कदम उठाए जाएंगे।

00 राजनांदगांव में वृद्धाश्रम निवासियों ने भी लगवाया टीका
रायपुर (शोर सन्देश)। प्रदेश में कोविड 19 टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। बुजुर्गों में वैक्सीन लगाने की जैसी होड़ मची है। बुजुर्ग माता- पिता, दादा-दादी, नाना -नानी को उनके बच्चे, नाती-पोते बकायदा स्वास्थ्य केन्द्र ले कर आ रहे हैं और वे भी उत्साह से आकर टीका लगवा रहे हैं। कोविड 19 महामारी को फैले हुए 1 साल से अधिक हो गया है और बुजुर्ग साल भर से अपने घर में ही रहकर परेशान हो गए हैं इसलिए जब 1 मार्च से उन्हे वैक्सीन लगने लगी तब वे उत्साह से लगवा रहे हैं। कई तो निःशक्त होने के बाद भी व्हील चेयर में आ रहे हैं। यह एक सुखद संकेत है जब बच्चे अपनी जिम्मेदारी निभा कर बुजुर्गाें को टीका लगाने ला रहे हैं और वे स्वयं भी प्रेरित हो रहे हैं। राजनांदगांव जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ मिथिलेश चैधरी ने बताया कि डोंगरगढ़ के वृद्धाश्रम के 10 बुजुर्ग निवासियों ने आज वैक्सीन लगवाई । इसके अलावा राजनांदगांव के आशानगर के कुष्ठ मुक्त 12 बुजुर्गाें ने भी टीका लगवाया। राजनांदगांव में महिला स्वसहायता समूहों एवं राष्ट्रीय आजीविका मिशन के सदस्यों द्वारा भी टीकाकरण के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।
सभी को यह समझाया भी जा रहा है कि टीका लगने के बाद भी मास्क लगाना, सुरक्षित दूरी रखना और हाथों की सफाई अनिवार्य है। एक टीके से रोग प्रतिरोधक क्षमता नही बढ़ती है, 28 दिनों बाद दूसरा टीका लगाना जरूरी है। उसके 15 दिन बाद शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता आती है । दोनों डोज लगने के बाद भी कोविड अनुकूल व्यवहार नही भूलना हैं।