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जनप्रतिनिधि

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भोरमदेव में कावड़ियों पर की पुष्प वर्षा

05-Aug-2024
रायपुर। ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कबीरधाम जिले के भोरमदेव में शिव भक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा साथ थे। मुख्यमंत्री ने आज भोरमदेव में सावन सोमवार के अवसर पर हजारों की संख्या में पहुंचे शिव भक्तों, जो सैकड़ों किलोमीटर पैदल यात्रा कर शिवजी का जल अभिषेक करने आए हैं, पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की। यह आयोजन छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहा है, जब प्रदेश के मुखिया स्वयं कावड़ियों पर पुष्प वर्षा किये। 
छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक क्षण 
मुख्यमंत्री द्वारा पुष्प वर्षा का यह क्षण श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक रहा। पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री स्वयं कावड़ियों पर पुष्प वर्षा किये, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह और भी बढ़ गया। इस आयोजन से छत्तीसगढ़ की धार्मिक परंपराओं और संस्कृति को और भी सशक्त बनाएगा।
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के प्राचीन, पुरातात्विक, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थल बाबा भोरमदेव मंदिर में पवित्र सावन मास में सैकड़ों किलो मीटर पदयात्रा कर जलाभिषेक करने आने वाले हजारों कावड़ियों पर हैलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी कावड़ियों का स्वागत अभिनंदन किया। भोरमदेव में कावडियो और श्रद्धालुओं के बोल बंम, हर-हर महादेव के नारे से भगवान शिव का दरबार गूंज रहा। भोरमदेव मंदिर स्थलों और मार्गों पर भगवा वस्त्रों में रंगा हुआ कांवरियों का जत्था मनमोहक दृश्य शिव भक्तों से रमा हुआ है।
कवर्धा से 18 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम चौरा में 11वी शताब्दी का प्राचीन, ऐतिहासिक और पुरातत्व महत्व का स्थल बाबा भोरमदेव का मंदिर है। इस मंदिर में भगवान शिव जी विराजित है। भगवान शिव देवों के देव महादेव में जल अभिषेक की परम्परा सदियों चली आ रही है। हर वर्ष श्रावण माह में कांवरियों द्वारा पदयात्रा कर शिव मंदिरों में जल चढ़ाया जाता है, जिसे कांवड़ यात्रा कहा जाता है। सावन के इस पवित्र माह में कबीरधाम, पड़ोसी जिला मुंगेली, बेमेतरा, खैरागढ़, राजनांदगांव सहित मध्यप्रदेश के अमरकंटक से कावड़िया पदयात्रा कर छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक, पुरातात्त्विक, धार्मिक एवं पर्यटन महत्व स्थल कबीरधाम जिले बाबा भोरमदेव मंदिर, बूढ़ा महादेव मंदिर और डोंगरिया के प्राचीन जालेश्वर शिवलिंग में जलाभिषेक करने हजारो की संख्या में आते है। पवित्र सावन माह में शिवभक्तों द्वारा अमरकंटक से भोरमदेव मंदिर तक की 150 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा जलाभिषेक किया जा रहा है।
 

हरेली पर चारों ओर बिखरी छत्तीसगढ़िया छटा, मुख्यमंत्री आवास में रंगारंग आयोजन

04-Aug-2024

 रायपुर,   ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों की खुशहाली और समृद्धि हमारी सरकार का लक्ष्य है। हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है, यहां की 80 प्रतिशत आबादी का जीवन-यापन कृषि पर निर्भर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लेकर खेती-किसानी को समृद्ध बनाने का काम किया है। 

मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास में आयोजित हरेली तिहार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर प्रदेशवासियों को हरेली पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 15 साल डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में सरकार ने किसानों की बेहतरी के लिए काम किया है। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण जैसी सुविधाएं सुलभ करायी गई। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। छत्तीसगढ़ के किसानों को प्रति क्विंटल 3100 रूपए का मूल्य मिल रहा है, जो देश में सर्वाधिक है। 
मुख्यमंत्री निवास में हरेली पर्व पर रंगारंग आयोजन हुआ। पूरे परिसर को ग्रामीण परिवेश में सजाया गया था। छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति के पहले पर्व “हरेली” पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी धर्मपत्नि कौशल्या देवी साय के साथ गौरी-गणेश पूजा कर भगवान शिव का अभिषेक किया। मुख्यमंत्री ने कृषि कार्य में प्रयुक्त होने वाले नांगर, रापा, कुदाल व कृषि यंत्रों की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की ख़ुशहाली एवं सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कृषि विभाग द्वारा वहां लगायी गयी उन्नत कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और अनुदान पर 23 किसानों को ट्रेक्टरऔर हार्वेस्टर की चाबी और अन्य कृषि उपकरण प्रदान किए। 
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक किरण देव, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पूरी प्रतिबद्धता और सच्चे मन से प्रदेशवासियों की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं, फलस्वरूप ईश्वर का आशीर्वाद भी मिल रहा है। प्रदेश में अच्छी बारिश हो रही है। उन्होंने कहा कि बीते छह माह में साय के नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिए बडे़ काम किए गए है, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। इस अवसर पर मंत्री टंक राम वर्मा, विधायक लता उसेंडी, मोती लाल साहू, अनुज शर्मा,संपत अग्रवाल,गजेन्द्र यादव, खुशवंत साहेब अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे। 
मुख्यमंत्री निवास में राउत नाचा और गेड़ी धूम 
छत्तीसगढ़ी संगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक गड़वा बाजा, राउत नाचा, गेड़ी नृत्य, रहचुली और विभिन्न छत्तीसगढ़ी पकवानों और व्यंजनों के आनंद के साथ मुख्यमंत्री निवास में मौजूद लोग उत्साह के साथ हरेली में शामिल हुए। इस अवसर पर लोक कलाकारों ने राउत नाचा, करमा नृत्य, बस्तरिया नृत्य और गेड़ी चढ़कर नृत्य की प्रस्तुति दी। राउत नाचा के कलाकारों के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ी पारंपरिक वेशभूषा धारण कर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
मेहमानों के लिए बना छत्तीसगढ़ी पकवान 
हरेली त्यौहार के मौके पर मुख्यमंत्री निवास छत्तीसगढ़ व्यंजनों से महक उठा। हरेली तिहार में आने वाले मेहमानों के लिए खास तौर पर ठेठरी, खुरमी, पिड़िया, अनरसा, खाजा, करी लड्डू, मुठिया, गुलगुला भजिया, चीला-फरा, बरा जैसे स्वादिष्ट पकवान बनाए गए थे, जिसका मेहमानों ने लुत्फ उठाया।
 

सीएम हाउस में हरेली की धूम, चारों ओर बिखरी छत्तीसगढ़िया छटा

04-Aug-2024
रायपुर।    ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों की खुशहाली और समृद्धि हमारी सरकार का लक्ष्य है। हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है, यहां की 80 प्रतिशत आबादी का जीवन-यापन कृषि पर निर्भर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लेकर खेती-किसानी को समृद्ध बनाने का काम किया है।
मुख्यमंत्री साय आज रायपुर स्थित अपने निवास में आयोजित हरेली तिहार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर प्रदेशवासियों को हरेली पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 15 साल डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में सरकार ने किसानों की बेहतरी के लिए काम किया है। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण जैसी सुविधाएं सुलभ करायी गई। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। छत्तीसगढ़ के किसानों को प्रति क्विंटल 3100 रूपए का मूल्य मिल रहा है, जो देश में सर्वाधिक है।
मुख्यमंत्री निवास में हरेली पर्व पर रंगारंग आयोजन हुआ। पूरे परिसर को ग्रामीण परिवेश में सजाया गया था। छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति के पहले पर्व हरेली” पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी धर्मपत्नि कौशल्या देवी साय के साथ गौरी-गणेश पूजा कर भगवान शिव का अभिषेक किया। मुख्यमंत्री ने कृषि कार्य में प्रयुक्त होने वाले नांगर, रापा, कुदाल व कृषि यंत्रों की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की ख़ुशहाली एवं सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कृषि विभाग द्वारा वहां लगायी गयी उन्नत कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और अनुदान पर 23 किसानों को ट्रेक्टर और हार्वेस्टर की चाबी और अन्य कृषि उपकरण प्रदान किए।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक किरण देव, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पूरी प्रतिबद्धता और सच्चे मन से प्रदेशवासियों की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं, फलस्वरूप ईश्वर का आशीर्वाद भी मिल रहा है। प्रदेश में अच्छी बारिश हो रही है। उन्होंने कहा कि बीते छह माह में साय के नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिए बडे़ काम किए गए है, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। इस अवसर पर मंत्री टंक राम वर्मा, विधायक श्रीमती लता उसेंडी, मोती लाल साहू, अनुज शर्मा, संपत अग्रवाल, गजेन्द्र यादव, खुशवंत साहेब अन्य जनप्रतिनिधि एवं लोग उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री निवास में राउत नाचा और गेड़ी धूम
छत्तीसगढ़ी संगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक गड़वा बाजा, राउत नाचा, गेड़ी नृत्य, रहचुली और विभिन्न छत्तीसगढ़ी पकवानों और व्यंजनों के आनंद के साथ मुख्यमंत्री निवास में मौजूद लोग उत्साह के साथ हरेली में शामिल हुए। इस अवसर पर लोक कलाकारों ने राउत नाचा, करमा नृत्य, बस्तरिया नृत्य और गेड़ी चढ़कर नृत्य की प्रस्तुति दी। राउत नाचा के कलाकारों के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ी पारंपरिक वेशभूषा धारण कर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
मेहमानों के लिए बना छत्तीसगढ़ी पकवान
हरेली त्यौहार के मौके पर मुख्यमंत्री निवास छत्तीसगढ़ व्यंजनों से महक उठा। हरेली तिहार में आने वाले मेहमानों के लिए खास तौर पर ठेठरी, खुरमी, पिड़िया, अनरसा, खाजा, करी लड्डू, मुठिया, गुलगुला भजिया, चीला-फरा, बरा जैसे स्वादिष्ट पकवान बनाए गए थे, जिसका मेहमानों ने लुत्फ उठाया।

हरेली के दिन 535 चिकित्सा अधिकारियों की हुई संविदा नियुक्ति

04-Aug-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर हरेली तिहार के दिन राज्य के लोगों को एक बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री की पहल पर राज्य में 535 चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गयी है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। इन चिकित्सकों की नियुक्ति से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा और दूरस्थ क्षेत्रों के  लोगों को भी  बेहतर और गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के द्वारा चिकित्सा स्नातक एमबीबीएस पाठ्यक्रम 2018 बैच के चिकित्सा स्नातकों को निष्पादित अनुबंध अनुसार दो वर्ष की संविदा सेवा का अवसर दिया गया है। इन चिकित्सा अधिकारियों में बालोद जिले में  22, बेमेतरा  में 10, धमतरी में 6, दुर्ग में  55, गरियाबंद में  6, कबीरधाम में 20, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 8, महासमुंद में 34 चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना की गयी है।
इसी प्रकार  मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी  जिले में 3, रायपुर में  42, राजनांदगांव में 22, बलौदाबाजार-भाटापारा में 3, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 15, बिलासपुर में 22, जांजगीर-चांपा में 12, गौरेला-पेण्ड्रा-मारवाही में 4, कोरबा में 32, मुंगेली में 3, रायगढ़ में  42, सक्ती में 1 स्नातक चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति की गयी है।
इसी प्रकार बस्तर में 17, बीजापुर में  5, दंतेवाड़ा में  13, कांकेर में 19, कोण्डागांव में 7, नारायणपुर में 1, सुकमा में 11, बलरामपुर में 19, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 16, जशपुर में 21, कोरिया में 6, सूरजपुर में 6 तथा सरगुजा जिले में 32 स्नातक चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति की गयी है।

पीएम मोदी से मिले राज्यपाल डेका

04-Aug-2024
रायपुर।    ( शोर संदेश )  राज्यपाल रमेन डेका ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रधानमंत्री  मोदी को पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट की।
 

सीएम साय सोमवार को हेलीकॉप्टर से कावड़ियों पर करेंगे पुष्प वर्षा

04-Aug-2024
कवर्धा ।   ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 5 जुलाई को सुबह 7 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रायपुर से प्रस्थान करेंगे। लगभग 7:30 बजे भोरमदेव पहुँचेंगे और वहाँ  हजारों की संख्यां में सैकड़ो किलोमीटर पैदल यात्रा कर शिव जी का जला अभिषेक करने पहुँचे शिव भक्तों पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा करेंगे। उक्ताशय की जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि भोरमदेव प्राँगण में  पुष्प वर्षा उपरांत उनका कवर्धा आगमन 8 बजे होगा। वे इस दौरान सुबह 8:30 बजे तक कवर्धा के प्राचीन प्रसिद्ध बूढ़ा महादेव मंदिर में पंचमुखी बूढ़ा महादेव  का दर्शन, पूजन अभिषेक करेंगे ।
पूरे कार्यक्रम में कवर्धा विधायक व उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा मुख्यमंत्री के साथ रहेंगे। विदित हो कि छत्तीसगढ़ में भोरमदेव व प्रसिद्ध बूढ़ा महादेव मंदिर में श्रावण मास में विशेष रूप से हजारों की संख्या में कवारियाँ पूरे माह भर अमरकंटक नर्मदा जल लाकर अभिषेक करते है । तकरीबन 25 से 30 वर्षो से यह परंपरा जारी है और लगातार कावड़ियों की संख्या बढ़ती जा रही है । छत्तीसगढ़ में यह पहली बार होगा जब प्रदेश के मुखिया शिव भक्तों पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा करेंगे । इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय कावड़ियों बोल बम समिति में काफी उत्साह है।

मुख्यमंत्री साय ने हरेली पर दी बड़ी सौगात, 535 चिकित्सा अधिकारियों की हुई नियुक्ति

04-Aug-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर हरेली त्योहार के दिन राज्य को मिली बड़ी सौगात
535 चिकित्सा अधिकारियों की हुई नियुक्ति 
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर जारी हुआ पदस्थापना आदेश
चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति से राज्य की स्वास्थ्य सेवा होगी बेहतर
दूरस्थ क्षेत्रों में भी मिलेगी त्वरित एवं गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा
 

पत्थलगांव से गुमला तक हाई-स्पीड फोरलेन स्वीकृत, सीएम साय ने दी बधाई

03-Aug-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा रायपुर से रांची नेशनल हाईस्पीड कारीडोर प्रोजेक्ट अंतर्गत पत्थलगांव, जशपुर (छत्तीसगढ़) से गुमला (झारखंड) तक के लिए हाई-स्पीड फोरलेन रोड की स्वीकृति दिए जाने पर प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण सड़क परियोजना दोनों राज्यों छत्तीसगढ़ एवं झारखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी ।
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों के साथ जशपुर निवासियों को इस हाई-स्पीड फोरलेन रोड परियोजना की स्वीकृति की विशेष रूप से बधाई देते हुए कहा कि पत्थलगांव से गुमला तक फोरलेन सड़क के निर्माण से रायपुर और रांची के मध्य यात्रा सुगम होने के साथसाथ यात्रा में समय की भी बचत होगी। सड़क परियोजना पूर्ण होने से दोनो राज्यों में विकास कार्यों की गति में भी तेजी आएगी।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय कैबिनेट में 50 हजार 655 करोड़ रूपए लागत और लगभग 936 किलोमीटर लंबाई  की आठ राष्ट्रीय हाई-स्पीड रोड परियोजनाओं की स्वीकृति दिए जाने की जानकारी ट्वीटर पर साझा की है। उन्होंने कहा है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से  आर्थिक उन्नति के साथ-साथ देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
 

शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण पर मुख्यमंत्री ने लगाई मुहर

03-Aug-2024
रायपुर।  ( शोर  संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्कूलों और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के ड्राफ्ट पर अपनी मुहर लगा दी है। इस फैसले के बाद युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के आरंभ का मार्ग साफ हो गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री को युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया का ड्राफ्ट तैयार करके भेजा था, लेकिन कुछ बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट न होने की वजह से अधिकारियों को पुनः सीएम हाउस बुलाया गया था। इस बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और डीपीआई ने प्रेजेंटेशन दिया और उसके बाद मुख्यमंत्री ने ड्राफ्ट को हरी झंडी दे दी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। सरकार के करीबी सूत्रों के अनुसार, सोमवार, 5 अगस्त से युद्ध स्तर पर काम प्रारंभ हो जाएगा। राज्य के 300 गांवों में स्कूल शिक्षक विहीन हैं, 5500 स्कूल सिंगल टीचर के भरोसे हैं और शहरों में 7300 शिक्षक अतिशेष हैं।
सरकार पहले स्कूलों का युक्तियुक्तकरण करेगी और इसके लिए होमवर्क लगभग पूरा हो चुका है। एक हफ्ते के भीतर आदेश जारी कर दिए जाएंगे कि किन जिलों के कितने स्कूल इस योजना के तहत आएंगे। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, 3500 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण होना था, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 4000 हो गई है। इसके अलावा, लगभग 1500 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें विद्यार्थियों की संख्या 10 से कम है और 100 से अधिक स्कूलों में शिक्षक राष्ट्रीय मानक से अधिक हैं। ऐसे स्कूलों को आसपास के स्कूलों में मर्ज किया जाएगा।
युक्तियुक्तकरण के बाद करीब 6000 शिक्षक और अतिशेष हो जाएंगे, जिससे कुल 13000 शिक्षक उपलब्ध हो जाएंगे। अधिकारियों का दावा है कि इतने शिक्षकों के बाद शिक्षक विहीन और सिंगल टीचर वाले स्कूलों की समस्या दूर हो जाएगी और नई शिक्षक भर्ती की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
सरकार ने अतिशेष शिक्षकों की पोस्टिंग का अधिकार जिले के कलेक्टरों को दिया है। सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याता के ट्रांसफर कलेक्टर करेंगे और वे जमीनी हकीकत को देखते हुए निर्णय लेंगे। कलेक्टरों द्वारा ट्रांसफर करने के बाद बची हुई पोस्टिंग पर ज्वाइंट डायरेक्टर और डीपीआई निर्णय लेंगे।
छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए युक्तियुक्तकरण का फैसला लिया है। युक्तियुक्तकरण का अर्थ है कि जिन स्कूलों में राष्ट्रीय मानक से कम विद्यार्थी होंगे, उन्हें आसपास के स्कूलों में मर्ज किया जाएगा और जिन स्कूलों में शिक्षक अतिशेष होंगे, उनका ट्रांसफर कर शिक्षक विहीन या सिंगल टीचर वाले स्कूलों में पोस्ट किया जाएगा। इस कदम से राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।

सीएम साय ने पातालेश्वर महादेव का वीडियो किया शेयर

03-Aug-2024
रायपुर ।  ( शोर संदेश )  पातालेश्वर महादेव का वीडियो सीएम साय ने शेयर किया है। X पोस्ट में सीएम ने लिखा, पवित्र सावन मास के तेरहवें दिवस पर आइए जानते हैं बिलासपुर जिले के मल्हार स्थित पातालेश्वर महादेव के बारे में। पातालेश्वर महादेव की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे। मल्हार का इतिहास - पुराणों में वर्णित मल्लासुर दानव का संहार शिव ने किया था। इसके कारण उनका नाम मलारि, मल्लाल प्रचलित हुआ। यह नगर वर्तमान में मल्हार कहलाता है। मल्हार से प्राप्त कलचुरीकालीन 1164 ईं के शिलालेख में इन नगर को मल्लाल पत्त्न कहा गया है। विशेष तौर पर इस नगर का प्रचार तब अधिक हुआ जब यहाँ से डिडनेश्वरी देवी की प्राचीन प्रतिमा चोरी हो गई थी। तब समाचार पत्रों में इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाता रहा। पालेश्वर मंदिर का मंडप अधिष्ठान ऊंचा है पर गर्भ गृह में जाने के लिए 5-6 पैड़ियाँ उतरना पड़ता है अर्थात गर्भगृह धरातल पर ही है। द्वार के बांई तरफ़ कच्छप वाहिनी यमुना एवं दांई तरफ़ मकर वाहिनी गंगा देवी की स्थानक मुद्रा में आदमकद प्रतिमा है। इनके साथ ही शिव के अन्य अनुचर भी स्थापित हैं।



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