ब्रेकिंग न्यूज

जनप्रतिनिधि

मुख्यमंत्री साय से भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

09-Jul-2024
रायपुर,  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज यहां उनके निवास कार्यालय में "भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश" के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय को प्रतिनिधिमंडल ने एक ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर विचार कर उचित कार्यवाही करने आश्वस्त किया।
प्रतिनिधिमंडल में  वीरेंद्र नामदेव, जे.पी. मिश्रा, अनिल गोल्हानी, बी.एस. दसमेर, आर.एन. ताटी, आर. जी. बोहरे, किशोर कुमार जाधव, एस.पी. ठाकुर,दिनेश कुमार सतमन, सुश्री मिता मुखर्जी, सुश्री जयमनी ठाकुर, सुश्री सरोज साहू, पी. एस. ठाकुर, धरमसिंग ठाकुर एवं आर.के. दीक्षित शामिल थे।
 

रथयात्रा महोत्सव में शामिल हुए राज्यपाल हरिचंदन

07-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन रविवार को गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित महाप्रभु श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना कर देश एवं प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की एवं भगवान के प्रथम सेवक के रूप में छेरा-पहरा की रस्म निभाई। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, आदिम जाति, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, उत्तर रायपुर क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री से सदगुरु कबीर विश्व शांति मिशन संस्थान के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

07-Jul-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से यहां उनके निवास कार्यालय में सदगुरु कबीर विश्व शांति मिशन संस्थान के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने कबीर संस्थान एवं यथार्थ फाउंडेशन के तत्त्वावधान में गुरु पूर्णिमा पर आयोजित किये जा रहे सन्त सम्मेलन व स्नेह मिलन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस समारोह में छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य हिस्सों से भी संतगण हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री साय ने गुरुपूर्णिमा कार्यक्रम के आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए आमन्त्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार जताया।
इस अवसर पर सदगुरु कबीर विश्व शांति मिशन संस्थान के अध्यक्ष संत रविकर साहेब, सचिव घनश्याम साहेब, बलवान साहेब,  विजय साहेब, क्षेमेंद्र साहेब, रतन साहेब, भूमेश्वर साहेब,  रेमन दास जी , गणराज जी, रमाकांत जी, हेमप्रकाश जी, पुष्कर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

 

आपकी उपलब्धियां कठिन परिश्रम, समर्पण, शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण : राज्यपाल हरिचंदन

06-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। दीक्षांत समारोह में विभिन्न सत्रों की परीक्षाओं में छात्रों को स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, पात्रोपधि के लिए उपाधि एवं स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। इस मौके पर राम प्रताप सिंह एवं सुरभा देश पांडे को विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि दी गई। समारोह में कुलाधिपति द्वारा पीएचडी छात्रों को उपाधि प्रदान की गई एवं इस उपाधि के आचार एवं गौरव की रक्षा करने के संदेश दिए गए। अतिथियों ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को अग्रिम भविष्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
राज्यपाल हरिचंदन ने समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कहा कि मुझे छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल होते हुए बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने स्वर्ण पदक एवं उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और उपाधि प्राप्त करने वाले शोधार्थियों के परिवारजनों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके सहयोग त्याग एवं मार्गदर्शन में आपने ये महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
राज्यपाल ने कहा कि आपकी महत्वपूर्ण उपलब्धियां आपके कठिन परिश्रम, समर्पण, आपकी शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय 21 मार्च 2005 को स्थापित हुआ। पंडित सुंदरलाल शर्मा ने छत्तीसगढ़ में जन जागरूकता एवं सामाजिक प्रगति लाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह विश्वविद्यालय पंडित सुंदरलाल शर्मा जी के सपनों को गढ़ने एवं साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने उच्च शिक्षण गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय को नैक द्वारा ए प्लस ग्रेड दिए जाने के लिए भी बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
राज्यपाल हरिचंदन ने कहा कि विकसित भारत, समृद्ध भारत की संकल्पना पर आधारित है। विकसित भारत संकल्पना के जरिए क्षेत्र के सभी नागरिकों को अपनी क्षमता के अनुसार विकास करने के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय जनजाति क्षेत्र में रहने वाले अति पिछड़े समुदायों तथा कॉविड-19 से प्रभावित  लोगों को शिक्षा का अवसर प्रदान कर अपने सामाजिक सरोकारों के उद्देश्य को भी पूरा कर रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करते हुए स्वर्ण पदक एवं उपाधि हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा, मुझे प्रसन्नता है कि हमारे छत्तीसगढ़ राज्य का एकमात्र यह मुक्त विश्वविद्यालय अपने अकादमिक और शैक्षणिक गतिविधियों के साथ नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। दूरस्थ अंचलों में बसे ऐसे शिक्षार्थियों के लिए जो किसी कारणवश उच्च शिक्षा से वंचित रह गए हैं या नौकरी पेशा वर्ग के ऐसे विद्यार्थी जो अपने भावी सपनों को साकार करना चाहते हैं उनके लिए यह विश्वविद्यालय शिक्षा के अवसर प्रदान करने का प्रमुख केंद्र बन गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, मुझे खुशी है कि यह विश्वविद्यालय अपने ध्येय वाक्य ‘‘उच्च शिक्षा आपके द्वार‘‘ के अनुरूप अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा, शिक्षा का मूल उद्देश्य सर्वे भवंतु सुखिनः के ध्येय वाक्य के साथ एक दूसरे की मदद करना है। हमारे राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू किए जाने से युवाओं में तार्किक क्षमता के संवर्धन के साथ ही उनका सर्वांगीण विकास होगा। इस विश्वविद्यालय को यूजीसी के 235 विश्वविद्यालय की उस सूची में शामिल किया गया है जो संयुक्त अथवा दोहरी डिग्री दे सकता है। अब यह विश्वविद्यालय विदेशी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर संयुक्त डिग्री के लिए कार्यक्रम शुरू कर सकता है यह खुशी की बात है कि हमारे छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी विदेशी विश्वविद्यालय से जुड़ सकेंगे।
विश्वविद्यालय परिवार की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, मेरा सुझाव है कि विश्व के लोगों का छत्तीसगढ़ की भाषा और संस्कृति से परिचय कराया जाए, इस दिशा में छत्तीसगढ़ी पाठ्यक्रम की शुरुआत इस विश्वविद्यालय ने की है यह सराहनीय कदम है। इस विश्वविद्यालय का अध्ययन-अध्यापन के साथ यह भी दायित्व बनता है कि छत्तीसगढ़ अंचल के भाषा संस्कृति को समृद्ध करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मुख्यमंत्री साय ने समारोह में उपस्थित जनों से एक पेड़ माँ के नाम अभियान से जुड़ने की अपील की और कहा कि अपने आसपास सुलभ जगह देखकर आप सभी एक पेड़ माँ के नाम जरुर लगाएं और उसकी देखरेख करें।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा की विश्वविद्यालय परिवार द्वारा पूरे मनोयोग से विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान किया जा रहा है। रामचरितमानस के पाठ्यक्रम संचालित कर यहां पर आध्यात्म से जुड़ी शिक्षा दी जा रही। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिए पाठ्यक्रम में आमूल चूल परिवर्तन किया गया है और विषयों के बंधन से मुक्त किया गया है। योग्यता, गुणवत्ता एवं आवश्यकता पर आधारित विषयों को समाहित कर पाठ्यक्रम को वर्तमान उद्देश्यों के अनुरूप बनाया गया है।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने दीक्षांत समारोह में अपना उद्बोधन देते हुए स्वर्ण पदक, उपाधि प्राप्तकर्ताओं एवं स्वर्ण पदक पाने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा की व्यक्ति के लिए शिक्षा एवं संस्कार महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है, शिक्षा जहां मनुष्य को अपने कार्य क्षेत्र से संबंधित कौशल प्रदान करता है वहीं संस्कार मनुष्य को समाज में श्रेष्ठ नागरिक बनने के लिए प्रेरित करता है। मानव जीवन में शिक्षा महत्वपूर्ण स्थान रखता है शिक्षित व्यक्ति अपना समुचित विकास करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कुलपति बंशगोपाल सिंह ने कहा कि यह विश्वविद्यालय अपने उद्देश्यों को साकार करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
इस अवसर पर बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, मस्तुरी विधायक दिलीप लहरिया,  विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य सहित जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर सीएम साय ने किया नमन

06-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्र की अखंडता और समाज की उन्नति के लिए आजीवन कार्य करने वाले महान चिंतक  डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने कैम्प कार्यालय बगिया में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के छायाचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
सीएम साय ने कहा कि देश की एकता को और अधिक मजबूत करने की दिशा में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ‘‘अद्वितीय प्रयासों’’ के लिए प्रत्येक भारतीय उनका ऋणी है। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की प्रगति के लिए कड़ी मेहनत की और एक मजबूत तथा समृद्ध राष्ट्र का सपना देखा। हम उनके सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। डॉ. मुखर्जी ने भारतीय राजनीति और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय राष्ट्रवाद और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को मजबूत किया। उनके विचार और आदर्श आज भी हमें प्रेरित करते हैं। उनके आदर्शों पर चलते हुए हम एक समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण के लिए संकल्पित हैं।
 

सभ्य-सुसंस्कृत समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण : बृजमोहन अग्रवाल

06-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  एक सभ्य और सुसंस्कृत समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ज्ञान और सिविक सेंस इन दो स्तंभों पर ही एक मजबूत और प्रगतिशील राष्ट्र का निर्माण संभव है। यह बात रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शुक्रवार को राजधानी स्थित अंजनेय विश्वविद्यालय में 3 दिवसीय सिविक यूथ कॉन्क्लेव में कही। उन्होंने ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, ज्ञान युवाओं को सशक्त बनाता है। शिक्षा और ज्ञान के माध्यम से वे अपने आसपास की दुनिया को समझते हैं, महत्वपूर्ण मुद्दों पर राय बनाते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित होते हैं। ज्ञानवान युवा न केवल बेहतर नागरिक बनते हैं, बल्कि वे देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। जबकि सामाजिक भावना हमको जिम्मेदार नागरिक बनाती है। इसमें हम अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता लाने के साथ ही सामाजिक न्याय, समानता और कानून के शासन का सम्मान करना सीखते है। जिसका सबसे बड़ा उदाहरण है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया स्वच्छ भारत अभियान जिसमे  सभी लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। सिविक सेंस न केवल हम अपने हितों के लिए, बल्कि समाज के समग्र हित के लिए भी काम करते हैं। इससे सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाते हैं और एक बेहतर समाज के निर्माण में योगदान करते हैं।
विशेष अतिथि जस्टिस गौतम चौरडिया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवाओं से समाज और राष्ट्र हित में ईमानदारी से काम करने की सलाह दी। सिविक यूथ कॉन्क्लेव में देश भर से आए सैकड़ों युवा शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम में विशेष अंजनेय विश्वद्यालय के चांसलर अभिषेक अग्रवाल, वाइस चांसलर टी रामाराव, सिविक यूथ कॉन्क्लेव के सचिव आर्यन सिन्हा, डीजी अहसान राजा उपस्थित रहे।
 

बिलासपुर पहुंचे सीएम साय, हेलीपैड पर हुआ स्वागत

06-Jul-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के बिलासपुर पहुंचने पर हेलीपैड पर आत्मीय स्वागत किया गया। सीएम साय यहां पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन विश्व विद्यालय के छठें दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। 
हेलीपैड पर प्रमुख रूप से केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कुलपति वंशगोपाल सिंह, एबीएन बाजपेई सहित विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धरमजीत सिंह, सुशांत शुक्ला और आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर अवनीश शरण, एसपी रजनेश सिंह ने स्वागत किया। 
 

राज्यपाल हरिचंदन का बिलासपुर हेलीपैड पर स्वागत

06-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )   राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन का बिलासपुर पहुंचने पर हेलीपैड पर आत्मीय स्वागत किया गया। राज्यपाल हरिचंदन यहां पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन विश्व विद्यालय के छठें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे।
हेलीपैड पर प्रमुख रूप से केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कुलपति वंशगोपाल सिंह, कुलपति एबीएन बाजपेई सहित विधायक अमर अग्रवाल, विधायक धरमलाल कौशिक, विधायक धरमजीत सिंह,  विधायक सुशांत शुक्ला और आईजी संजीव शुक्ला ,कलेक्टर अवनीश शरण, एसपी रजनेश सिंह ने स्वागत किया। 

अपने स्कूल पहुंचकर मुख्यमंत्री ने पुराने दिनों को किया याद, कहा - घर से गोबर लाकर करते थे स्कूल की लिपाई

05-Jul-2024
रायपुर, ( शोर संदेश )  राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव के मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ग्राम बगिया के उसी स्कूल कैंपस में पहुंचे जहां कई बरस पहले उन्होंने अपनी पांचवी कक्षा की पढ़ाई की थी। उन्होंने बताया कि स्कूल को साफसुथरा रखने हम लोग घर से गोबर लाकर लिपाई करते थे। स्कूल के रखरखाव की पूरा गांव चिंता करता था और छत की मरम्मत गांव वाले मिलकर करते थे। टाटपट्टी भी नहीं थी, घर से बोरी लेकर आते थे, सीसी रोड भी नहीं था। पांचवी बोर्ड का सेंटर भी नहीं था और सेरामोंगरा जाना पड़ता था। अब शिक्षा के लिए इतनी सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं तो अच्छा लगता है। चूंकि शिक्षा हमारे विकास का मूलमंत्र है अतएव इसकी बेहतरी के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जशपुर में दिव्यांग आदर्श आवासीय विद्यालय की घोषणा के साथ ही ग्राम बगिया और बंदरचुआ के स्कूल को आदर्श विद्यालय बनाने की घोषणा भी की। साथ ही उन्होंने फरसाबहार में हायरसेकेंडरी स्कूल की घोषणा भी की। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन मेरे और बगिया वासियों के लिए ऐतिहासिक दिन है। मैंने बगिया में पांचवीं तक की पढ़ाई की है। शिक्षा मात्र डिग्री या नौकरी हासिल करने के लिए नहीं है। यह जीवन बदलता है। आप शिक्षित और अशिक्षित व्यक्ति के जीवन स्तर को देखकर स्वयं भी अंदाजा लगा सकते हैं कि शिक्षा का जीवन में कितना महत्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन काल से ही हमारा देश शिक्षा के  क्षेत्र में विश्वगुरु रहा है। नालंदा और तक्षशिला से शिक्षा प्राप्त कर बहुत से लोग आगे बढ़े। 
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा के विकास को आगे बढ़ाया है। इससे अब साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित होगी। इससे विद्यार्थियों को अपनी दक्षता सुधारने का बेहतर अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों की समझ और ज्ञान को विकसित करने किताबों में उनकी स्थानीय भाषाओं का समावेश किया गया है। शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने राज्य में 211 पीएमश्री विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। समर कैंप का आयोजन कर विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने और आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने मंच से सभी को बताया कि 6 अगस्त को सभी स्कूलों में पीटीएम का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बच्चों के अभिभावकों को शिक्षक बताएंगे कि उनके बच्चे कैसे पढ़ाई करते हैं। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में न्योता भोज का आयोजन भी किया जा रहा है। कोई भी अपने जन्मदिन और अन्य विशेष दिन में स्कूली विद्यार्थियों को न्यौता भोज दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के पदमश्री जागेश्वर यादव को मंच पर अपने पास बुलाकर कहा कि इन्होंने हॉफ पेंट पहनकर और बिना चप्पल पहने विशेष पिछड़ी जनजाति के पहाड़ी कोरवा, बिरहोर जनजाति समाज की निरंतर सेवा की। उनकी सेवा के बदौलत उन्हें राष्ट्रपति ने पद्मश्री से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक व्यक्ति चाहे तो दूसरों की भलाई करके भी बहुत आगे बढ़ सकता है। आप भी इनसे बहुत कुछ सीख सकते हैं। 
शाला प्रवेशोत्सव के मौके पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय ने भी अपना संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि अभिभावक बच्चों की पढ़ाई लिखाई पर ही ध्यान दें, अन्य बच्चों से तुलना न करें। हर बच्चे की अपनी क्षमता और विशिष्टता होती है। इसे ध्यान देकर बच्चों की पढ़ाई पर फोकस करें।
इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि सच्चे संकल्प के साथ किये गये प्रयत्न से मुख्यमंत्री जी ने निश्चित ही सफलता मिलती है। आज जिस स्कूल में खड़े हैं इसी स्कूल से अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी की है और प्रदेश का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे समय भी संसाधन कम थे लेकिन मेरी मां ने मुझे हमेशा पढ़ने के लिए प्रेरित किया। समाज को बदलने का एकमात्र माध्यम शिक्षा है। इस मौके पर सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए सभी सुविधाएं प्रदान कर रही हैं। आप खूब पढ़े और आगे बढ़ें। विधायक जशपुर रायमुनी भगत ने कहा कि शिक्षकों के साथ अभिभावक भी बच्चों की पढ़ाई के लिए मेहनत करें, इससे निश्चित रूप से शिक्षा का स्तर बढ़ेगा। विधायक पत्थलगांव गोमती साय ने कहा कि सबसे बड़ा धन विद्या धन है। हमें शिक्षा को बेहतर करने के लिए लगातार काम करना है। इस मौके पर विधायक आरंग  गुरु खुशवंत साहेब, जिला पंचायत अध्यक्ष जशपुर शांति भगत, उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। साथ ही स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी, संचालक समग्र शिक्षा संजीव झा, संचालक डीपीआई दिव्या उमेश मिश्रा, संभागायुक्त जीआर चुरेंद्र, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टररवि मित्तल एसपी शशिमोहन सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
छात्राओं को मुख्यमंत्री ने दी साइकिल
 इस मौके पर हाईस्कूल छात्राओं को मुख्यमंत्री साय ने साइकिल वितरित की। छात्राओं ने घंटी बजाकर अपनी खुशी का इजहार किया। साथ ही उन्होंने मेधावी बच्चों को सम्मानित भी किया। यही नहीं होनहार छात्र-छात्राओं के अभिभावकों का भी सम्मान किया। साथ ही विनोबा एप के माध्यम से बेहतर शिक्षण कर रहे शिक्षकों का भी सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से मुलाकात कर उनकी बनाई सामग्री देखी। 
एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत माँ के सम्मान में रूद्राक्ष का पौधा रोपा
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत मां के सम्मान में रुद्राक्ष का पौधा रोपा। साथ ही उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री के आग्रह पर एक पेड़ मां के नाम लगाने का आग्रह भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर कोई अपनी मां के सम्मान में पेड़ लगाएगा तो भारत की जनसंख्या के बराबर पेड़ लग जाएंगे, इससे हरियाली का दायरा बहुत बढ़ जाएगा।

जहरीली गैस हादसे में मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख की घोषणा

05-Jul-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  जांजगीर-चांपा के बिर्रा थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम किकिरदा में 5 लोगों की दम घुटने से हुई मौत के मामले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मृतक के परिजनों को पांच - पांच लाख रुपए आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने अपने X हैंडल पर इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि जांजगीर के ग्राम किकिरदा में कुंए की जहरीली गैस की चपेट में आने से 5 लोगों की दु:खद मौत की सूचना मिली थी। इस घटना में मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा करता हूं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिखा है कि हमारी सरकार पीड़ित परिजनों के हर संभव मदद के लिए तत्पर है। हादसे में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।
गौरतलब है कि जांजगीर जिला स्थित बिर्रा क्षेत्र के किकिरदा गांव में एक पुराना कुआं है। जिसे काफी समय से उपयोग में नहीं लाया जा रहा था। गांव के ही लोगों ने पुरानी लकड़ियों का छप्पर बनाकर कुएं को ढंक दिया था। बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में बारिश और तेज हवा चलने के कारण कुएं के ऊपर बना लकड़ी का छप्पर कुएं के अंदर गिर गया था। जिसे निकालने गांव का एक आदमी कुएं के अंदर गया, जो काफी देर तक वापस नहीं आया। इसके बाद एक-एक कर 4 लोग और कुएं में उतरे और वापस बाहर नहीं आ सके। आशंका जताई जा रही है कि काफी दिनों से बंद रहने के कारण कुएं में जहरीली गैस निकलने लगी है, जिसकी चपेट में आने से 5 लोगों की मौत हो गई।
 



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