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जनप्रतिनिधि

मंत्रिमंडल विस्तार के साथ छत्तीसगढ़ में होगी बड़ी प्रशासनिक सर्जरी

25-Jun-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ बड़ी प्रशासनिक सर्जरी कर सकते हैं। बस मंत्रिमंडल विस्तार को दिल्ली से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। यह किसी भी दिन हो सकता है। इसकी  तैयारी मुकम्मल हो चुकी है। राज्यपाल से मुख्यमंत्री की औपचारिक मुलाकात के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक सरगर्मी तेज हो गई है।
ऐसी संभावना है कि मंत्रिमंडल में पांच नए मंत्री शामिल किए जा सकते हैं। इनमें कुछ पुराने और अनुभवी नेताओं को मौका मिल सकता है। सरकार के गठन के बाद से ही मंत्री का एक पद खाली है। इधर सांसद चुने जाने के बाद मंत्री पद से बृजमोहन अग्रवाल के इस्तीफे के बाद एक और पद खाली हो चुका है। मुख्यमंत्री विभागीय कामकाज की समीक्षा पूरी कर चुके हैं और इस समीक्षा के साथ मंत्रिमंडल में फेरबदल की भी संभावना है । दो-तीन मंत्रियों की विदाई भी हो सकती है। इन संभावनाओं को देखते हुए विस्तार में पांच नए मंत्रियों के शामिल किए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इनमें एक महिला को मौका मिल सकता है। ये या तो रेणुका सिंह हो सकती हैं या बस्तर से एक और मंत्री बनाने पर जोर दिया गया तो लता उसेंडी भी हो सकती हैं। सरगुजा संभाग से मौजूदा मंत्रिमंडल में तीन मंत्री हैं। इनमें से किसी को ड्राप किया  जा सकता है।
मुंगेली जिले का राजनीति में प्रभाव बढ़ गया है। बिलासपुर लोकसभा सीट से सांसद तोखन साहू केन्द्र में मंत्री बन गए हैं। मुंगेली से अरूण साव राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री पहले से हैं। क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए यहां भी नए प्रयोग की संभावना बन सकती है। मंत्री पद के संभावित चेहरों में वैसे तो कई पुराने व अनुभवी नेता हैं , मगर सभी को मंत्रिमंडल में अवसर नहीं मिल सकता क्योंकि मंत्रिमंडल में 13 सदस्य ही हो सकते हैं। मंत्रिमंडल का गठन मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है और किसी  का मंत्री बनना इस पर भी निर्भर करेगा कि उनकी पसंद क्या है। वे अनुभव को प्राथमिकता देते हैं या नए चहरों को आगे लाना चाहते हैं। अनुभवी नेताओं में अजय चंद्राकर, अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक,राजेश मूणत, पुरन्दर मिश्रा और नए चेहरों में गजेन्द्र यादव का भी नाम लिया जा रहा है।
मंत्रिमंडल विस्तार के साथ बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की भी तैयारी है। मुख्यमंत्री सरकार के छह माह के कार्यकाल में प्रशासनिक कामकाज की स्थिति की समीक्षा कर चुके हैं। इस बीच बदलाव कि कोई बड़ा फैसला सरकार नहीं कर सकी क्योंकि लोकसभा चुनाव में ही करीब तीन माह का वक्त निकल गया। यह संभव है कि ज्यादातर जिलों के कलेक्टर -एसपी बदल दिए जाएं। बलौदाबाजार की घटना से सरकार की छवि पर आंच आई है। हालांकि सरकार ने वहां के कलेक्टर- एसपी को निलंबित करने का कड़ा फैसला लेकर प्रशासनिक हलके में यह संदेश देने की कोशिश की है कि सरकार कड़े  निर्णय लेने में हिचकिचाने वाली नहीं है।

पीएम मोदी से मिले सीएम साय, कई विषयों पर हुई चर्चा

25-Jun-2024
रायपुर/नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद भवन में मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने नरेंद्र मोदी को तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन @2047  ‘विजन डॉक्यूमेंट’ के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसका निर्माण राज्य नीति आयोग द्वारा किया जा रहा है जिसे एक नवंबर  को  राज्य की जनता को समर्पित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विगत छह माह में माओवादी विरोधी अभियानों में की गयी कार्रवाई की जानकारी भी प्रधानमंत्री को दी। नियद नेल्लानार योजना (आपका आदर्श गाँव) के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत नक्सलियों के आधार को कमजोर करने व शासन-प्रशासन व ग्रामीणों के बीच परस्पर विश्वास बहाली का कार्य किया जा रहा है। इस योजना के तहत वर्तमान में 23 कैंप खोले गए हैं, जिनमें 90 ग्राम शामिल हैं तथा भविष्य में 29 कैंपों को प्रारंभ करने की योजना है।
 

सतनामी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

25-Jun-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार हर समाज में शांति एवं सद्भावना बनाये रखने के साथ विकास के लिए कृत-संकल्पित है। सरकार के इस कार्य को अंजाम देने में शांति और अहिंसा के मार्ग पर चलने वाले सतनामी समाज का भी पूर्ण सहयोग है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में राजागुरु धर्मगुरु गुरुबालदास साहेब जी के नेतृत्व में आये सतनामी समाज के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के दौरान यह बात कही। इस अवसर पर आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब सहित प्रदेश भर से आये सतनामी समाज के राजमहन्त भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि हाल ही में बलौदाबाजार जिले की घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सतनामी समाज इस घटना को लेकर बहुत दुखी है। इसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही होगी। उन्होंने इस दौरान समाज के लोगों को आश्वस्त किया कि निर्दोष लोगों को किसी भी तरह से प्रताड़ित नहीं किया जाएगा, लेकिन जो दोषी पाए जाएंगे उन्हें किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने समाज के लोगों को भरोसा दिलाया कि शासन- प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्यवाही पूर्णतः न्यायसंगत होगी।
मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के दौरान कहा कि इस घटना में कोई निर्दोष ना फंसे इसके लिए भी शासन-प्रशासन पूरी तरह से सजग है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि सरकार की ओर से राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा की अध्यक्षता में समिति गठित है। इस समिति के समक्ष निर्दोष लोगों के बारे में समाज द्वारा जानकारी दी जा सकती है ताकि ऐसे व्यक्ति जो घटना में संलिप्त नहीं हैं, उनपर कोई कार्यवाही ना हो। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने एक स्वर से कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में शांति एवं सद्भावना बनाये रखने के लिए किए जा रहे कार्यों में समाज की पूर्णतः सहभागिता है और आगे भी रहेगी। उनके द्वारा बताया गया कि सतनामी समाज बाबा गुरु घासीदास का अनुयायी है और यह सदैव से एक शांतिप्रिय समाज रहा है। सतनामी समाज इस घटना की कड़ी निंदा करता है। घटना को असमाजिक तत्वों द्वारा अंजाम दिया गया है। इसमें समाज की कोई संलिप्तता नहीं है। समाज में इस घटना को लेकर गहरा दुख है। हम चाहते हैं कि जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही हो। ताकि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना होने पाए। इस अवसर पर सतनामी समाज से राजमाता गुरुमाता प्रवीण माताजी, गुरु सोमेश बाबा, गुरु सौरभ साहेब सहित राजमहन्त जैत कुमार सतनामी, राजमहन्तअनूप सतनामी, राजमहन्त कामता प्रसाद, राजमहन्त कुंजन सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

राज्यपाल हरिचंदन से राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने की सौजन्य मुलाकात

25-Jun-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  राज्यपाल हरिचंदन से नवनियुक्त राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने सौजन्य मुलाकात की है। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन से राजभवन में छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के नवनियुक्त आयुक्त अजय सिंह ने सौजन्य मुलाकात की।
 

परिवार एक होगा, तो देश एक होगा: रामदत्त चक्रधर

24-Jun-2024
रायपुर। ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार को राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में आरएसएस के पंचम सरसंघचालक स्वर्गीय सुदर्शन जी की स्मृति में आयोजित राष्ट्रीय व्याख्यान में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ‘‘भारतीय परिवार व्यवस्था की शक्ति’’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में मुख्य वक्ता आरएसएस के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर थे। उन्होंने व्याख्यान में कहा कि मूल्य आधारित परिवार व्यवस्था भारत की शक्ति है, परिवार भारत देश की धुरी है। परिवार एक होगा, तो देश एक होगा। दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में सुदर्शन प्रेरणा मंच द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यक्षेत्र के संघचालक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना ने की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह औरसुदर्शन प्रेरणा मंच के मार्गदर्शक डॉ. राजेंद्र दुबे मंच पर उपस्थित थे।
30 साल पहले सुदर्शन जी पानी बचाने, पेड़ लगाने, पर्यावरण बचाने, जैविक खेती की बातें कहते थे: साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्य अतिथि की आसंदी से कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पूर्व सरसंघचालक सुदर्शन जी के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता का अभियान सुदर्शन जी का जीवन मंत्र था। वे समरसतापूर्ण समाज के स्वप्न दृष्टा थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा सुदर्शन जी के अनेक संस्मरण मुझे आज याद आ रहे हैं। उनसे मिलने से सदैव कुछ नया करने की प्रेरणा मिलती थी। किसी जनप्रतिनिधि से मिलते थे तो शासन द्वारा जनता के हित काम करने की सलाह देते। वे बड़े सहज और सरल व्यक्ति थे, उनसे मिलने में किसी को हिचक नहीं होती थी। एक बार कोई उनसे मिल ले तो उनसे बड़ा प्रभावित हो जाता था। उन्होंने इंजीनियरिंग की शिक्षा ग्रहण की थी इसलिए नई तकनीक, विज्ञान के विषयों पर भी उनका अध्ययन था। कोई ऐसा विषय नहीं था जिस पर उनका गहरा अध्ययन नहीं था। आज दुनिया जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण को लेकर चिंतित हुई है, 30 साल पहले सुदर्शन जी पानी बचाने, पेड़ लगाने, पर्यावरण बचाने, जैविक खेती की बातें कहते थे। उनका छत्तीसगढ़ की मयारू भूमि से निकट का संबंध रहा है।
व्याख्यान के मुख्यवक्ता रामदत्त ने ‘‘भारतीय परिवार व्यवस्था की शक्ति’’ विषय पर विचार प्रकट करते हुए कहा कि भारत में उत्कृष्ट जीवन मूल्य विकसित हुए, जो परिवार में देखने को मिलता है। पश्चिमी देशों में हथियार लेकर बच्चे स्कूल जाते हैं, गोलीबारी में प्रतिवर्ष 40 हजार बच्चे मारे जाते हैं। अमेरिका में पिताहीन बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जबकि भारत में परिवारों में बच्चों को चरित्रवान बनाया जाता है। ग्रीक के यात्री मेगास्थानिज ने लिखा था कि भारत के लोग चरित्रवान हैं, अंग्रेज अधिकारी मैकाले भी यही कहता था। अंग्रेज इसी शक्ति को तोड़कर यहां अपना शासन स्थापित करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि भारत देश में स्त्री को माता मानते हैं। रामायण में लक्ष्मण जी का प्रसंग आता है जिसमें वे अपनी भाभी का सिर्फ पैर देखने की बात कहते हैं। स्वामी विवेकानंद, छत्रपति शिवाजी के जीवन में भी इसी भाव के अनेक उदाहरण मिलते हैं। केवल पौराणिक या ऐतिहासिक नहीं आज के सामान्य लोगों के जीवन में उच्च जीवनमूल्य के दर्शन होते हैं। बच्चों को संस्कार परिवार में माता सिखाती है। भारतीय दर्शन में सभी की चिंता है, पशु-पक्षी, वनस्पति, माता पिता की सेवा, सम्मान का भाव, गुरु के प्रति सम्मान का भाव, अतिथियों का सम्मान, अतिथि देवो भव, सबको साथ लेकर चलना, इस प्रकार की सीख प्रत्येक परिवार अपने बच्चों को देता है। यही संस्कार है। वर्तमान समय में हम देख रहे हैं कि परिवार, समाज में इन मूल्यों का क्षरण हो रहा है।
रामदत्त ने कहा कि बच्चों में राष्ट्र प्रथम का भाव भी परिवार में विकसित होता है। इस भाव को जगाने की आवश्यकता है, इसमें माता की भूमिका महत्वपूर्ण है। भारत में माता का परिचय बच्चों से होता है, वे ही बच्चों को संस्कार देती हैं। माता बच्चों के विचारों को दिशा देती है। जैसे स्वामी विवेकानन्द ने अपने बचपन में कहा कि वह तांगा चलाने वाला बनना चाहते हैं, तब उनकी माता ने उनको उलाहना देने के बजाय कुरूक्षेत्र की फोटो दिखाकर कहा अगर तांगा चलाने वाला बनना है तो अर्जुन का रथ चलाने वाले कृष्ण की तरह तांगा चलाने वाला बनना होगा। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों को दिशा दी।
उन्होंने कहा, भावी पीढ़ी को संस्कार देने के लिए हमें अपने घर से पहल करनी होगी, इसके लिए सभी को अपने लिए संकल्प लेना होगा। परिवार मजबूत होगा, एक एक परिवार किला बनाएगा तब भारत राष्ट्र भी शक्तिशाली होगा। भारत की शक्ति सामूहिकता में है।
इसलिए हम सभी को पांच संकल्प लेना होगा
कुटुंब प्रबोधन
सप्ताह में एक दिन कुटुंब के सभी लोग मिलकर भजन, सामूहिक भोजन, अच्छी बातों की चर्चा करें। परिवार संस्कारित हो, मेल-जोल के साथ रहे।
सामाजिक समरसता बढ़ाने सभी वर्गों के लोगों को साल में एक बार सम्मानपूर्वक भोजन पर बुलाएं। घर के कर्मियों को भोजन पर बुलाएं। इससे समरसता बढ़ेगी।
पर्यावरण की रक्षा, बिना अन्न और पानी के कुछ समय तक जीवित रह सकते हैं लेकिन बिना ऑक्सीजन के एक पल रहना संभव नही है इसलिए परिवार को प्रति वर्ष 10 पेड़ लगाने और पेड़ों को बड़ा करने का संकल्प लेना चाहिए। हरियाली बढ़ाने का आंदोलन चलना चाहिए।
स्व की जागृति, देशी खानपान, वेशभूषा, मातृभाषा को सम्मान देना हमें सीखना होगा।
नागरिक बोध, देश के नियम कानून का पालन करना होगा। राष्ट्र के प्रतीकों का सम्मान करना होगा।
कार्यक्रम की प्रस्तावना सुदर्शन प्रेरणा मंच के अध्यक्ष मोहन पवार ने रखी। आभार प्रदर्शन शिवनारायण मूंदड़ा ने किया कार्यक्रम का संचालन शशांक शर्मा ने किया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह क्षेत्र प्रचारक प्रेम सिदार, छत्तीसगढ़ प्रांत प्रचारक अभयराम, प्रांत संघचालक डॉ. टॉपलाल वर्मा, सांसद संतोष पांडे, विधायक, राजेश मूणत, खुशवंत साहेब, संपत अग्रवाल, अनुज शर्मा सहित विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं पवन साय, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।a

खेलों को बढ़ावा देने और पर्याप्त अधोसंरचना पर तेजी से हो रहा कार्य : वन मंत्री केदार कश्यप

24-Jun-2024

 रायपुर।  ( शोर संदेश ) वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन खेलों को बढ़ावा देने केे लिए प्रतिबद्ध है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। यह बात स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा में आयोजित इंटरनेशनल ओलम्पिक डे के समापन अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कही। कार्यक्रम में खेल मंत्री टंकराम वर्मा अपरिहार्य कारणों से राज्य के बाहर अन्यत्र कार्यक्रम में होने के कारण इस कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके, उन्होंने खेल संचालक के माध्यम से रायपुर खेल अकादमी के खिलाड़ियों को शुभकामनाएं संप्रेषित की।

मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने और इसके लिए पर्याप्त अधोसंरचना तैयार करने की मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप तेजी से कार्य किया जा रहा है। खेल संचालनालय परिसर में 100 सीटर आवासीय अकादमी संचालित है, जिसमें अभी 30 सीटर आर्चरी के लिए है। इसके साथ ही इसमें अतिरिक्त सीटों में 25 सीटर आवासीय बालिका फुटबॉल अकादमी, 25 सीटर आवासीय हॉकी अकादमी एवं 20 सीटर बालिका एथलेटिक अकादमी जल्द संचालित करने का निर्णय खेल विभाग द्वारा लिया गया है। 
खेल मंत्री ने अपने संदेश में कहा कि इंटरनेशनल ओलम्पिक डे विश्व भर में 23 जून को मनाया जाता है। खेल विभाग ने प्रथम बार यह महत्वपूर्ण आयोजन किया, भविष्य में यह आयोजन बड़े स्तर पर किया जाएगा और राज्य के सभी खेल संघों, मीडिया, सीनियर खिलाड़ियों एवं खेल जगत के लोगों को इस आयोजन से जोड़ा जाएगा।
आयोजित प्रतिस्पर्धा में बालिका फुटबॉल अकादमी की सीनियर एवं जूनियर खिलाड़ियों के मध्य संपन्न हुई। बालिका सीनियर वर्ग में डायनामोस प्रो टीम 1-0 से विजेता एवं रायपुर क्वीन्स टीम उपविजेता रहीं। बालिका जूनियर वर्ग में राजधानी रायडर्स 1-0 से विजेता एवं कैपिटल रायडर्स उप विजेता रहीं। सीनियर वर्ग में कु. गीतांजली तारक एवं जूनियर टीम की कु. दीपिका यदु ने 1-1 गोल मारकर अपनी टीम को जीत दिलायी। विजेता एवं उप विजेता टीम को मुख्य अतिथि के कर कमलों से ट्राफी प्रदान् किया गया।
खेल संचालक तनुजा सलाम ने स्वागत उद्बोधन देते हुए बताया कि यह खेल विभाग के द्वारा इंटरनेशनल ओलम्पिक टीम का पहला आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसमें रायपुर स्थित बालिका फुटबॉल अकादमी, हॉकी एवं तीरंदाजी अकादमी, एथलेटिक अकादमी एवं दैनिक नियमित प्रशिक्षण के सभी खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन और उनकी उपलब्धियों को सेलीब्रेट करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया था। 
खेल संचालक ने बताया कि खेल विभाग की हॉकी अकादमी रायपुर के खिलाड़ियों ने राजनांदगांव में छत्तीसगढ़ स्टेट लेवल जूनियर चैम्पियशिप के फाइनल में जगह बनाई है।
 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप एनसीआर की तर्ज पर स्टेट कैपिटल रीजन का होगा विकास

23-Jun-2024
रायपुर । (  शोर संदेश  )  नई दिल्ली में आयोजित बजट पूर्व बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ की विकास योजनाओं के संबंध में वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने राज्यों को विशेष सहायता की राशि, स्टेट कैपिटल रीजन के विकास व राज्य में रेल नेटवर्क के विस्तार सहित राज्यहित के कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव व सुझाव रखे। दिल्ली के भारत मंडपम, प्रगति मैदान में आयोजित बजट पूर्व बैठक में केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री  पंकज चौधरी के साथ ही अन्य राज्यों के वित्तमंत्री उपस्थित थे।
बैठक में राज्य सरकार की ओर से वित्त मंत्री चौधरी ने भारत की अर्थव्यवस्था की प्रगति और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में उठाए गए कदमों की सराहना की। साथ ही उन्होंने देश में अधोसंरचना निर्माण, कौशल संवर्द्धन, उद्यमिता विकास, और आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोगों के माध्यम से कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रशासन, और जनसुविधाओं के क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की भी प्रशंसा की है।उन्होंने स्पष्ट किया कि 2047 तक विकसित भारत की तर्ज़ पर छत्तीसगढ़ को ‘विकसित छत्तीसगढ़’ बनाने के लिये छत्तीसगढ़ की सरकार विजन डॉक्यूमेंट “अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन @2047”  1 नवम्बर को प्रस्तुत करने जा रही है।
राज्यहित के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने कहा केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता के रूप में वर्ष 2020-21 से 50 वर्षों के लिये ब्याज रहित ऋण राशि उपलब्ध कराई जा रही है। अंतरिम बजट 2024-25 में इस योजना के लिये गत वर्ष के समान ही 1,30,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, किन्तु पार्ट-1 अंतर्गत गत वर्ष के प्रावधान 1 लाख करोड़ को कम करते हुए 55,000 करोड़ ही रखा गया है। उन्होंने इस योजना के लिए पूर्व की तरह राशि के प्रावधान का अनुरोध किया।
बैठक में स्टेट कैपिटल रीजन के विकास के लिए आर्थिक सहायता की जरूरत बताते हुए चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई राजधानी नवा रायपुर अटल नगर को देश के सबसे सुनियोजित एवं ग्रीन सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य के सीमित संसाधनों से सड़क, पेयजल, विद्युत सुविधा, आवास तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया गया है, किन्तु नई राजधानी को रायपुर तथा दुर्ग-भिलाई के साथ मिलाकर एनसीआर की तर्ज पर स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में आधुनिक नगरीय सुविधाओं के साथ विकसित किया जाना है।
उन्होंने इसे सूचना प्रौद्योगिकी, वित्त, बैंकिंग और ग्रीन एनर्जी के हब के रूप में विकसित करने के लिए बजट में पर्याप्त आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की।
राज्य में रेल नेटवर्क का विस्तार की मांग करते हुए चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खनिज संसाधनों की प्रचुरता के कारण खदानों से खनिज का परिवहन पर्याप्त रेल नेटवर्क के अभाव में अधिकांशतः सड़क मार्ग से होता है।
रेल द्वारा माल एवं यात्री परिवहन सड़क मार्ग की तुलना में सस्ता होने एवं औद्योगिक विकास के लिए कारण रेल नेटवर्क का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। नागरिकों के लिये उन्होंने राज्य में रेल सुविधाओं के विस्तार कार्यों की स्वीकृति का अनुरोध किया।
उन्होंने नागपुर-रायपुर-विशाखापटनम नवीन इंडस्ट्रियल कॉरीडोर विकसित करने अथवा वर्तमान प्रस्तावित कॉरिडोर से रायपुर को जोड़ने की जरूरत बताई। इसके अलावा उन्होंने राज्य में टेक्सटाइल पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना का भी अनुरोध किया।
वित्तमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दुर्गम वन क्षेत्रों में निर्मित सड़कों के संधारण हेतु बजट में प्रावधान करने का अनुरोध किया। वित्तमंत्री ने रायपुर में वृद्धजनों के लिए इंटीग्रेटेड जिरियाट्रिक हेल्थ सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव रखा।
उन्होंने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत बच्चों के लिए खाद्य सामग्री की दर और रसोइयों के मानदेय में वृद्धि का आग्रह किया। इसके साथ ही आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत प्रीमियम राशि में वृद्धि करने की मांग की।
चौधरी ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा सातवें वेतनमान लागू करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय भार का 50 प्रतिशत केंद्रान्श की मांग की। वहीं उन्होंने रायपुर एयरपोर्ट से अंतर्राष्ट्रीय उड़ान सेवाएं उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया।
ज़िला खनिज न्यास DMF के प्रावधानों में भी आवश्यक परिवर्तन की माँग रखी ,ताकि इस राशि का सदुपयोग हो सके।
केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने सुझावों पर सकारात्मक विचार करते हुये राज्य के विकास और जन कल्याणकारी कार्यों के लिए अधिक आर्थिक सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया है। बैठक में छत्तीसगढ़ के वित्तमंत्री के साथ वित्त सचिव मुकेश बंसल भी शामिल रहे।

मुख्यमंत्री की विशेष पहल : बस्तर अंचल में आस्था के केन्द्रों पर होगी हरियाली

23-Jun-2024
रायपुर। (  शोर संदेश  )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर बस्तर अंचल के आस्था के केन्द्रों के आसपास आने वाले दिनों में हरियाली होगी। अंचल के इन आस्था के केन्द्रों में विशेष अभियान चलाकर वृक्षारोपण किया जाएगा। वृक्षारोपण की इस मुहिम में जनजाति समुदायों को भी भागीदार बनाया जाएगा।
गौरतलब है कि जनजाति समुदाय एवं अन्य परम्परागत वन निवासियों का जल, जंगल और जमीन के साथ-साथ सेवी-अर्जी स्थलों पर अटूट आस्था रखते हैं। देव-माता गुड़ी स्थल के आसपास वृक्षों को देवता समतुल्य मान्यता है, गुड़ी स्थल पर स्थित पेड़ पौधों को संरक्षित रखने की परंपरा है।
पौधरोपण के इस अभियान में बस्तर अंचल के 7055 देवगुड़ी-मातागुड़ी के आसपास वृक्षारोपण के अलावा 3455 वन अधिकार मान्यता पत्र स्थलों में वृक्षारोपण किया जाएगा। इन सभी क्षेत्रों का कुल रकबा 2607.200 हेक्टेयर है। देवगुड़ी और मातागुड़ी के अलावा प्राचीन स्मारक आदि स्थलों के आसपास भी वृक्षारोपण किया जाएगा। यहां फलदार, छायादार पौधे यथा नीम, आम, जामून, करजी, अमलताश के पौधों के साथ ही ग्रामवासियों के सुझाव अनुसार अन्य पौधे रोपे जाएंगे।
बस्तर अंचल के 7 जिलों में 5.62 लाख पौधे रोपने के लिए बस्तर कमिश्नर द्वारा रणनीति तैयार की गई है। उन्होंने सातों जिलों में वृक्षारोपण कार्य के लिए जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नोडल अधिकारी का दायित्व दिया है। उन्होंने कहा है कि बस्तर अंचल में वृक्षारोपण के दिन ग्राम प्रमुख, बैगा, सिरहा, पेरमा, मांझी, चालकी, गुनिया, गायता, पुजारी, पटेल, बजनिया, अटपहरिया और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाए। उन्होंने वन विभाग के सहयोग से 15 जुलाई 2024 तक पौधरोपण कार्य को पूर्ण कराने का लक्ष्य रखा है। कलेक्टरों को वृक्षारोपण कार्य की सतत् मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं।
ज्ञात हो कि बस्तर संभाग में स्थापित आस्था एवं जीवित परम्पराओं के केंद्र मातागुड़ी, देवगुड़ी, गोटूल, प्राचीन मृतक स्मारक, सेवा-अर्जी स्थलों को संरक्षण एवं संवर्धन करने के लिए अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 की धारा 3(1) (5) के तहत् देवी-देवताओं के नाम से ग्राम सभा को 3455 सामुदायिक वनाधिकार पत्र प्रदान किये गये हैं तथा 3600 गैर वन क्षेत्र में स्थित देवगुड़ी, मातागुड़ी, प्राचीन मृतक स्मारक एवं गोटूल स्थल को राजस्व अभिलेख में प्रविष्टि की जा चुकी है।
 

राज्यपाल से मिले सीएम साय

22-Jun-2024
रायपुर।(  शोर संदेश  )   राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन से शनिवार को राजभवन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को राज्य शासन की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी और इस दौरान दोनों के मध्य समसामयिक विषयों पर भी चर्चा हुई।
 

राज्यपाल ने बृजमोहन अग्रवाल का मंत्री पद से इस्तीफा किया मंजूर

22-Jun-2024
रायपुर । ( शोर संदेश ) राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सलाह पर बृजमोहन अग्रवाल का 20 जून 2024 को मंत्री पद से इस्तीफा मंजूर कर लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 20 जून 2024 को ही इस आशय की अधिसूचना जारी कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि बृजमोहन अग्रवाल ने 19 जून को ही राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन को मंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंपा था। ज्ञातव्य है कि बृजमोहन अग्रवाल लोकसभा निर्वाचन 2024 में रायपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद के रूप में निर्वाचित हुए हैं।
 



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