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जनप्रतिनिधि

मुख्यमंत्री ने शत्रुघ्न प्रसाद शर्मा के निधन पर जताया शोक

26-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शत्रुघ्न प्रसाद शर्मा के निधन पर गहन शोक व्यक्त किया हैं। वे वरिष्ठ पत्रकार तथा देशबंधु और हाईवे चैनल के पूर्व संपादक और दैनिक समाचार पचीसा के प्रधान संपादक शशांक शर्मा के पिता थे। मुख्यमंत्री ने मृत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है तथा शोकाकुल परिवारजनों के प्रति अपनी शोक संवेदना व्यक्त की है।
 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सीआईआई द्वारा आयोजित ग्रीन स्टील समिट 2024 में हुए शामिल

26-Jul-2024
रायपुर ( शोर संदेश ) ,क्लाइमेट चेंज की चुनौती से निपटने के लिए पूरी दुनिया ग्रीन स्टील की ओर रुख कर रही है। स्टील के उत्पादन में अग्रणी राज्यों में से एक होने के नाते ग्रीन स्टील छत्तीसगढ़ के लिए भी बड़ी संभावनाएं लेकर आया है। इससे न केवल कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में हमें मदद मिलेगी, अपितु इस क्षेत्र में नवीन पहल कर हम बड़ी आर्थिक उपलब्धियों की संभावनाओं का द्वार खोल सकते हैं। यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर अटल नगर स्थित मेफेयर लेक रिसार्ट में आयोजित ग्रीन स्टील समिट 2024 में शामिल होने के अवसर पर कही। इस समिट का आयोजन भारतीय इस्पात उद्योग को कार्बन रहित बनाने के उद्देश्य से किया गया है। समिट में देश भर के प्रमुख उद्योगपति, व्यापारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में सीआईआई को आयोजन के लिए बधाई  देते हुए कहा  कि छत्तीसगढ़ प्रदेश भारत का सबसे प्रमुख स्टील निर्माता है। हमारे यहां सार्वजनिक क्षेत्र के भिलाई स्टील प्लांट और नगरनार स्टील प्लांट जैसी बड़ी इकाईयां तो संचालित है ही, इसके साथ-साथ निजी क्षेत्र के अनेक छोटे-बड़े इस्पात संयंत्र संचालित हैं।

ग्रीन स्टील से शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य के साथ खुलेंगे आर्थिक संभावनाओं के द्वार : विष्णुदेव साय

25-Jul-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )   क्लाइमेट चेंज की चुनौती से निपटने के लिए पूरी दुनिया ग्रीन स्टील की ओर रुख कर रही है। स्टील के उत्पादन में अग्रणी राज्यों में से एक होने के नाते ग्रीन स्टील छत्तीसगढ़ के लिए भी बड़ी संभावनाएं लेकर आया है। इससे न केवल कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में हमें मदद मिलेगी, अपितु इस क्षेत्र में नवीन पहल कर हम बड़ी आर्थिक उपलब्धियों की संभावनाओं का द्वार खोल सकते हैं। यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर अटल नगर स्थित मेफेयर लेक रिसार्ट में आयोजित ग्रीन स्टील समिट 2024 में शामिल होने के अवसर पर कही। इस समिट का आयोजन भारतीय इस्पात उद्योग को कार्बन रहित बनाने के उद्देश्य से किया गया है। समिट में देश भर के प्रमुख उद्योगपति, व्यापारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में सीआईआई को आयोजन के लिए बधाई  देते हुए कहा  कि छत्तीसगढ़ प्रदेश भारत का सबसे प्रमुख स्टील निर्माता है। हमारे यहां सार्वजनिक क्षेत्र के भिलाई स्टील प्लांट और नगरनार स्टील प्लांट जैसी बड़ी इकाईयां तो संचालित है ही, इसके साथ-साथ निजी क्षेत्र के अनेक छोटे-बड़े इस्पात संयंत्र संचालित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र एशिया का सबसे बड़ा स्टील प्लांट है और छत्तीसगढ़ में लोहे के विशाल भंडार हैं, जिनमें बैलाडीला, रावघाट और दल्लीराजहरा प्रमुख हैं। छत्तीसगढ़ का देश में कुल उत्पादित स्टील में लगभग 20 प्रतिशत तक का योगदान है और राज्य की अर्थव्यवस्था में उद्योगों की भागीदारी 53.50 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री ने इस्पात उद्योग से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण के वैश्विक चिंताओं पर भी प्रकाश डाला और कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने का दृष्टिकोण सामने रखा है। उन्होंने केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन की घोषणा की सराहना की और राज्य में सौर ऊर्जा और हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीआईआई का यह समिट भारतीय इस्पात उद्योग को कार्बन रहित बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रयास है। आज हम इस समिट में ग्रीन स्टील जैसे रोचक विषय पर बात कर रहे हैं। इस शब्द में खूबसूरती तो है ही, साथ ही साथ जिम्मेदारी भी है।
मुख्यमंत्री ने समिट में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों से ग्रीन स्टील उत्पादन की नई तकनीक को अपनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने का आह्वान किया और कहा कि हमारी एकजुटता से हम स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण का निर्माण करते हुए मिलजुलकर विकास करेंगे।
इस समिट में देश भर के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी उपस्थित थे, जिन्होंने ग्रीन स्टील उत्पादन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों और नई तकनीकों पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर सीआईआई के पदाधिकारी और उद्योगपति आशीष सराफ, सिद्धार्थ अग्रवाल, सुवेन्द्र बेहरा, संजय जैन, पी वी किरण अनंत उपस्थित थे।
 

सीएम साय की पहल पर नक्सल पीड़ित परिवारों के परिजनों को मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति

25-Jul-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  नक्सली हिंसा में मृतक के परिजनों को छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास नीति के तहत शासकीय सेवा में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य के सभी वर्गाें के विकास के लिए कल्याणकारी योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन कर लाभांवित किया जा रहा है। गुरुवार को बीजापुर जिला स्तरीय पुनर्वास समिति की बैठक में नक्सल पीड़ित परिवारों के 58 लोगों को अनुकम्पा नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया।
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि अनुकम्पा नियुक्ति के लिए कुल 58 पात्र आवेदकों को प्रथम चरण में अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। पूर्व में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा करते हुए 19 जुलाई तक दावा आपत्ति आमंत्रित की गई थी, बाद में इस तिथि में वृद्धि करते हुए 24 जुलाई 2024 को निर्धारित की गई। उक्त तिथियों में प्राप्त दावा आपत्तियों का निराकरण करते हुए समिति के निर्णय के आधार पर विभिन्न विभागों में चतुर्थ वर्ग के पदों पर नियुक्ति हेतु अंतिम रूप से 58 आवेदक प्रथम चरण में पात्र पाए गए हैं, जिन्हें यह नियुक्ति दी जाएगी।
 

सीएम विष्णुदेव साय 27 को दिल्ली दौरे पर

25-Jul-2024
रायपुर ।  ( शोर संदेश )  राष्ट्रीय नीति आयोग के अध्यक्ष और पीएम नरेंद्र मोदी ने 27 जुलाई को बैठक बुलाई है। इस बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ सीएम विष्णु देव साय, दोनों डिप्टी सीएम, मुख्य सचिव अमिताभ जैन और कुछ वरिष्ठ सचिव भी शामिल होंगे। इसमें सीएम साय, विजन छत्तीसगढ़ 2047 के लिए बनी योजनाओं के लिए आर्थिक मदद मांगेगे। वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी 2-3 अगस्त को गवर्नर कांफ्रेंस बुलाया है। राष्ट्रपति मुर्मू के कार्यकाल का दूसरा और कई राज्यपालों के कार्यकाल का अंतिम कांफ्रेंस होगा। इसमें आदिवासी बहुल राज्यों के विकास पर चर्चा होगी। इस कांफ्रेंस में शामिल होने राज्यपाल हरिचंदन 31 अगस्त को चार दिनों के लिए दिल्ली दौरे पर रहेंगे। उनके साथ सचिव यशवंत कुमार भी शामिल होंगे।

सीएम साय सीआईआई द्वारा आयोजित ग्रीन स्टील समिट 2024 में हुए शामिल

25-Jul-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )  क्लाइमेट चेंज की चुनौती से निपटने के लिए पूरी दुनिया ग्रीन स्टील की ओर रुख कर रही है। स्टील के उत्पादन में अग्रणी राज्यों में से एक होने के नाते ग्रीन स्टील छत्तीसगढ़ के लिए भी बड़ी संभावनाएं लेकर आया है। इससे न केवल कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में हमें मदद मिलेगी, अपितु इस क्षेत्र में नवीन पहल कर हम बड़ी आर्थिक उपलब्धियों की संभावनाओं का द्वार खोल सकते हैं। यह बात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर अटल नगर स्थित मेफेयर लेक रिसार्ट में आयोजित ग्रीन स्टील समिट 2024 में शामिल होने के अवसर पर कही। इस समिट का आयोजन भारतीय इस्पात उद्योग को कार्बन रहित बनाने के उद्देश्य से किया गया है। समिट में देश भर के प्रमुख उद्योगपति, व्यापारी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में सीआईआई को आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश भारत का सबसे प्रमुख स्टील निर्माता है। हमारे यहां सार्वजनिक क्षेत्र के भिलाई स्टील प्लांट और नगरनार स्टील प्लांट जैसी बड़ी इकाईयां तो संचालित है ही, इसके साथ-साथ निजी क्षेत्र के अनेक छोटे-बड़े इस्पात संयंत्र संचालित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र एशिया का सबसे बड़ा स्टील प्लांट है और छत्तीसगढ़ में लोहे के विशाल भंडार हैं, जिनमें बैलाडीला, रावघाट और दल्लीराजहरा प्रमुख हैं। छत्तीसगढ़ का देश में कुल उत्पादित स्टील में लगभग 20 प्रतिशत तक का योगदान है और राज्य की अर्थव्यवस्था में उद्योगों की भागीदारी 53.50 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने इस्पात उद्योग से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण के वैश्विक चिंताओं पर भी प्रकाश डाला और कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने का दृष्टिकोण सामने रखा है।

मुख्यमंत्री ने नालंदा परिसर की तर्ज पर 13 नगरीय निकायों में लाइब्रेरी की दी सौगात

25-Jul-2024
रायपुर, ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नालंदा परिसर की तर्ज पर प्रदेश के 13 नगरीय निकायों में लाइब्रेरी निर्माण के प्रस्ताव को वित्त विभाग से हरी झंडी मिल गई है। लाइब्रेरी को “नॉलेज बेस्ड सोसायटी” यानी “ज्ञान आधारित समाज’’ के प्रतीक के रूप में प्रदेश के अलग-अलग स्थानों में स्थापित किया जाएगा। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के तैयारी के लिए उच्च गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने संकल्पित है। उन्होंने आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित लाइब्रेरी की सौगात दी है, जिसका लाभ युवाओं को मिलेगा। उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे प्रदेश के युवाओं को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। वित्त विभाग ने रायपुर के नालंदा परिसर की तर्ज पर प्रदेश के 13 नगरीय निकायों में लाइब्रेरी के लिए 85 करोड़ 42 लाख रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की है। प्रदेश के 4 नगरीय निकायों में 500 सीटर और 9 नगरीय निकायों में 200 सीटर लाइब्रेरी का निर्माण किया जाएगा। 
उल्लेखनीय है कि यह उन विद्यार्थियों के लिए लाभदायक होगा, जो छोटे शहरों में रहकर उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई करना चाहते हैं या फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। लाइब्रेरी निर्माण का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं के शैक्षिक और सांस्कृतिक विकास को सुनिश्चित करना है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने मुख्य बजट भाषण में भी इसका जिक्र करते हुए कहा था कि युवाओं के अध्ययन के लिए नालंदा परिसर की तर्ज पर लाइब्रेरी निर्माण किया जाएगा। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि इन केंद्रों को ‘‘नॉलेज बेस्ड सोसायटी’’ यानी ज्ञान आधारित समाज के प्रतीक के रूप में स्थापित किया जाए, ताकि ये युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत और सरकार के लिए एक आदर्श बन सके।
 

केंद्रीय बजट विकसित भारत व विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण - मुख्यमंत्री साय

23-Jul-2024
रायपुर ( शोर संदेश )   ,मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट आज प्रस्तुत हुआ। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन जी का सांतवां बजट दूरदृष्टि और दृढ निश्चय का बजट है। यह सबका बजट है, सबके लिए, सबके विकास का बजट है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में कृषि और रोजगार पर सबसे अधिक ध्यान देना इसे ऐतिहासिक बनाता है। छत्तीसगढ़ के लिए सबसे विशेष बात यह है कि जहां 1.52 लाख करोड़ रूपये कृषि क्षेत्र के लिए रखे गये हैं, कृषि क्षेत्र का ऐतिहासिक पैकेज देश में एक नयी हरित क्रांति लाकर किसानों को समृद्ध बनायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय उन्नत ग्राम योजना लांच हुई है। इससे जनजाति समाज के 63 हजार गांव और 5 करोड़ लोगों को फायदा मिलेगा। छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों को इससे काफी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि एक करोड़ युवाओं के लिए इंटर्नशिप और इंटर्नशिप के दौरान पांच हजार रूपए महीना देने का प्रावधान रखा गया है। रोजगार कौशल के लिए 2 लाख करोड़ की स्कीम शुरू की जा रही है। इसके साथ ही मुद्रा लोन की रकम 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए की गयी है, जिससे युवाओं को स्टार्ट-अप में मदद मिल सकेगी। इस योजना से छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। वहीं, बजट में घरेलू संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख तक का एजुकेशन लोन प्रावधान किया गया है। जिससे शिक्षा व स्किल को नई ऊंचाई मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2.66 लाख करोड़ ग्रामीण विकास के लिए प्रस्तावित कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार गांव, गरीब, किसान और युवाओं के हित में कल्याणकारी कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि यह बजट मोदी जी के 2047 में भारत को विकसित बनाने का संकल्प सिद्ध करने वाला बजट है। यह बजट एक आदर्श कल्याणकारी राज्य की अवधारणा को सामने लाता है। भारत को विकसित बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा बजट में कृषि व संबंधित क्षेत्रों के लिए 1.52 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे छत्तीसगढ़ के किसानों को वित्तीय सुरक्षा और कृषि के लिए आवश्यक संसाधन मिलेंगे। इसके अलावा 6 करोड़ किसानों की जानकारी लैंड रजिस्ट्री पर लाई जाएगी जिससे जमीन संबंधी विवादों का जल्द निपटारा हो सकेगा। उन्होंने कहा कृषि में रिसर्च को ट्रांसफॉर्म करना, एक्सपर्ट की निगरानी, और जलवायु के मुताबिक नई वैरायटी को बढ़ावा देने की योजनाएँ छत्तीसगढ़ के किसानों को नई तकनीकों और संसाधनों का लाभ प्रदान करेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा बजट में सरकार द्वारा रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन दिये गए हैं। 1 लाख रुपए से कम सैलेरी होने पर  इपीएफओ में पहली बार रजिस्टर करने वाले लोगों को 15  हजार रुपए की मदद तीन किश्तों में मिलेगी। नए कर्मचारियों को एक महीने का वेतन, विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन, नियोक्ताओं को सहायता दी गयी है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में सैलरीड लोगों को बड़ी राहत मिली है। टैक्स स्लैब में बदलाव लाया गया है, इससे करदाताओं को बचत होगी। उन्होंने कहा बजट में शहरों के क्रिएटिव री-डेवलपमेंट के लिए पॉलिसी लाई जाएगी और पोलावरम सिंचाई परियोजना को पूरा करने की बात कही गई है। इसके अलावा बजट में नवाचार, अनुसंधान और विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने पंगत में बैठकर भंडारा प्रसाद ग्रहण किया

21-Jul-2024
रायपुर  ( शोर संदेश  )   । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को रायगढ़ जिले के बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ ब्रह्मनिष्ठालय में गुरु के दर्शन के पश्चात गुरु दर्शन के लिए आए सारे लोगों के बीच पंगत में बैठकर भंडारा प्रसाद ग्रहण किया । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, स्थानीय  जनप्रतिनिधियों और आमजनों ने भी भंडारा प्रसाद ग्रहण किया।
 

मुख्यमंत्री पहुंचे जुंगेरा, जनप्रतिनिधियों ने किया आत्मीय स्वागत

21-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश  )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार को बालोद जिले के डौंडीलोहारा तहसील के ग्राम बड़े जुंगेरा पहुंचे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर सांसद भोजराज नाग सहित देवलाल ठाकुर एवं अन्य अतिथियों के अलावा, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, एसपी जेआर ठाकुर तथा अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
 



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