
दिल्ली की 3 लड़कियों समेत 13 हिरासत में
मुंबई (शोर संदेश)। मुंबई से गोवा जा रहे जहाज में चल रही रेव पार्टी में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे का नाम भी सामने आया है। खबर है कि एनसीबी की छापेमारी के दौरान बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान का बेटा आर्यन भी हिरासत में लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारी आर्यन से भी पूछताछ कर रहे हैं। इसमें 13 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिसमें दिल्ली की तीन महिलाएं भी शामिल हैं। एनसीबी की छापेमारी के दौरान जहाज से कोकीन के अलावा अन्य तीन तरह के ड्रग्स भी बरामद हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान शाहरुख खान के बेटे आर्यन का कहना है कि उसने पार्टी में शामिल होने के लिए किसी भी तरह का भुगतान नहीं किया था, गेस्ट के तौर पर उसे पार्टी में बुलाया गया था।
आर्यन का मोबाइल खंगाल रही एनसीबी
सूत्रों के मुताबिक, आर्यन ने दावा किया है कि पार्टी में उनके नाम पर कई लोगों को बुलाया गया था। पार्टी में क्या होने वाला था इसकी जानकारी उसे नहीं थी। हालांकि, एनसीबी के अधिकारियों ने शाहरुख के बेट आर्यन का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उनके चैट्स खंगाले जा रहे हैं, जिससे रेव पार्टी में आर्यन की भूमिका साफ हो सके।
600 हाई प्रोफाइल लोग कर रहे थे पार्टी
बताया जा रहा है कि एनसीबी ने जब जहाज पर छापेमारी की तब उस पर करीब 600 हाईप्रोफाइल लोग सवार थे। सभी लोग पार्टी में शामिल होने के लिए जहाज में सवार हुए थे। पार्टी में शामिल होने के लिए टिकट की कीमत 80 हजार से लेकर दो लाख रुपये तक थी।
दिल्ली की रहने वाली हैं तीनों महिलाएं
एनसीबी की छापेमारी में रेव पार्टी से हिरासत में ली गई तीनों महिलाएं दिल्ली की रहने वाली हैं। सूत्रों के मुताबिक तीनों महिलाओं को रविवार को मुंबई स्थित एनसीबी ऑफिस लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
एनसीबी ने पार्टी के आयोजक को भेजा समन
एनसीबी की ओर से पार्टी के आयोजक को समन भेजा गया है। उन्हें रविवार को ही मुंबई स्थित एनसीबी कार्यालय में तलब किया गया है। माना जा रहा है कि आयोजक से एनसीबी की पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। खबर के मुताबिक, सात घंटे तक चली छापेमारी में एनसीबी को चार तरह के ड्रग्स कोकीन, हशीश, एमडीएमए व मेफेड्रीन बरामद हुए हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है।
गुप्त सूचना के बाद ऐसे बनाया छापेमारी का प्लान
जोनल अधिकारी समीर वानखेड़े ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। वह टीम के साथ क्रूज पर सवार हो गए थे। बीच समुद्र में जब क्रूज पहुंचा तो पार्टी शुरू हो गई और इसी के साथ एनसीबी भी सक्रिय हो गई।
बताया जा रहा है कि पार्टी शुरू होते ही एनसीबी टीम ने ऑपरेशन शुरू कर दिया। टीम ने आरोपियों को रंगे हाथों ही पकड़ लिया। एनसीबी ने पहली बार किसी क्रूज पर छापेमारी कर ऐसी कार्रवाई की है। कहा ये भी जा रहा है कि क्रूज की ओपनिंग हाल ही में हुई थी और कुछ सितारों ने भी इस पार्टी में परफॉर्म किया।
72 घंटे में ये सब होना था पार्टी में
एनसीबी की ओर से जिस शिप में छापेमारी की गई, उसमें बॉलीवुड, फैशन व बिजनेस इंडस्ट्री से जुड़े लोग शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक शनिवार को यह जहाज रवाना होना था। फैशन टीवी की ओर से यह पूल पार्टी आयोजित की गई थी। पहले दिन क्रूज पर मियामी स्थित डीजे स्टेन कोलेव के साथ डीजे बुल्जआई, ब्राउनकोट व दीपेश शर्मा की परफॉर्मेंस होनी थी। आइवरी कोस्ट के डीजे राउल के डीजी कोहरा और मोरक्कन कलाकार कायजा के साथ भी एक परफॉर्मेंस होनी थी। इसके बाद शैंपेन ऑल ब्लैक पार्टी भी होनी थी। यह जहाज चार अक्तूबर को सुबह दस बजे मुंबई लौटना था।

मोतिहारी (शोर संदेश)। बिहार के मोतिहारी से बड़ी खबर आ रही है। यहां नाव पलटने से करीब 22 लोग डूब गए हैं। अब तक 6 लोगों के शव बरामद हुए है, बाकियों की तलाश जारी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यहां सिकरहना नदी में चिरैया प्रखंड क्षेत्र में नाव पलटने से 22 लोग डूब गए हैं। यह घटना चिरैया प्रखंड क्षेत्र के शिकारगंज थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौजूद है और गोताखोरों की मदद से नदी में डूबे लोगों की तलाश की जा रही है। हालांकि इस पर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई बयान नहीं आया है। वहीं घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है। कहा जा रहा है कि सभी लोग नाव में बैठकर मवेशियों के लिए चारा काटने जा रहे थे। सरेह जाते वक्त यह बड़ा हादसा हुआ।

रायपुर (शोर संदेश) छत्तीसगढ़ से विदा होने से पहले मानसून मेहरबान हो रहा है। सूबे के कई इलाकों में अच्छी बारिश हो रही है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने अलर्ट भी जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक, बस्तर संभाग में 26 से 28 सितंबर तक भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में चक्रीय चक्रवाती घेरे का असर रहेगा। इस वजह से कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, विदर्भ, मराठवाड़ा, दक्षिण पूर्व राजस्थान, उत्तरी कोंकण और गोवा, गुजरात के कुछ हिस्सों, पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। बिहार, छत्तीसगढ़ , उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान के बाकि हिस्सों, सौराष्ट्र और कच्छ, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में सिर्फ चार जिलों में सामान्य से कम बारिश
मौसम विज्ञान से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में केवल 4 जिले ऐसे हैं, जहां सामान्य से कम बारिश हुई है। इनमें जशपुर, कांकेर, रायगढ़ और सरगुजा है शामिल है। सरगुजा में 24, जशपुर और कांकेर में 22-22 व रायगढ़ में 21 फीसदी कम बारिश हुई है। रायपुर में औसत 1011.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। कुछ जिलों में औसत से आठ फीसदी तक ज्यादा बारिश हुई है। बिलासपुर, पेंड्रारोड, राजनांदगांव में अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री तक ज्यादा है। वहीं रात का तापमान भी विभिन्न जिलों में औसत से 1 डिग्री कम और दो डिग्री तक ज्यादा रिकॉर्ड की गई है।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में जैजैपुर में 4, मैनपाट, पामगढ़, मालखरौदा और मनोरा में 3-3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। घरघोड़ा, सरायपाली, शिवरीनारायण, जांजगीर, डभरा 2, पलारी, सारंगढ़, सक्ती, छिंदगढ़, राजिम, कोरबा, मस्तूरी, पिथौरा, धरमजयगढ़, बसना, आरंग और कसडोल में 1-1 सेमी बारिश रिकार्ड की गई है।

रायपुर (शोर संदेश)। निरीक्षक से डीएसपी के पदों पर प्रमोट हुए 4 रक्षित निरीक्षकों को पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने अब नई जिम्मेदारी दी है। डीएसपी पदों पर प्रमोट हुए अफसरों को जिम्मेदारी देने के साथ रिक्त स्थानों पर नए निरीक्षकों को पदस्थ किया है। सोमवार को डीजीपी अवस्थी ने चार रक्षित निरीक्षकों को नई जिम्मेदारी दी है। रायपुर पुलिस लाइन की जिम्मेदारी डीजीपी अवस्थी ने वैभव मिश्रा को दी है। रायपुर के अलावा दुर्ग, कोरबा व जांजगीर में नए रक्षित निरीक्षक को नियुक्ति किया गया है। दुर्ग की जिम्मेदारी रमेश चंद्रा को, कोरबा की जिम्मेदारी अनथ राम पैकरा को और जांजगीर की जिम्मेदारी प्रदीप जोशी को दी है।

लखनऊ (शोर संदेश)। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने शुक्रवार को कोविड-19 के इलाज में काम आने वाली दवाओं पर रियायती कर की दरें दिसंबर तक जारी रखने और कैंसर दवाओं पर कर में कमी करने का निर्णय किया। लेकिन पेट्रोल और डीजल को फिलहाल जीएसटी कर व्यवस्था के दायरे से बाहर ही रखने का फैसला किया।
परिषद ने इसके साथ ही मांसपेशियों के उत्तकों के क्षरण (मस्कुलर एट्रोफी) में उपयोगी आयातित महंगी दवाओं पर जीएसटी से छूट दी है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद में सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। परिषद ने फोन और ऑनलाइन माध्यम से आर्डर लेने वाले मंचों के जरिये आर्डर लेकर खाना पहुंचाने वाले रसोई (क्लाउड किचन) और स्विगी तथा जोमैटो जैसी खाना डिलिवरी से जुड़े ई-वाणिज्य मंचों की सेवाओं पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाने का निर्णय किया है। इसके तहत, एक जनवरी 2022 से खाना डिलिवरी वाले ऐप को 5 प्रतिशत जीएसटी संग्रह कर उसे रेस्तरां के बजाए सरकार को देना होगा। यह कर खाने की डिलिवरी पर लगाया गया है। इससे ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त कर का बोझ नहीं पड़ेगा। जीएसटी परिषद की बैठक के बाद सीतारमण ने कहा, ‘‘स्विगी जैसे खाना आपूर्ति से जुड़े परिचालकों (रेस्तरां से लेकर खाना ग्राहक तक पहुंचाने) को उस जगह से कर लेना होगा, जहां वे खाना की डिलिवरी करेंगे।’’ राजस्व सचिव तरूण बजाज ने कहा, ‘‘यह कोई अतिरिक्त कर नहीं है। कोई नया कर नहीं लगाया गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अभी कर का भुगतान रेस्तरां करते हैं। अब रेस्तरां के बजाए कर का भुगतान खाना डिलिवरी से जुड़े परिचालक करेंगे। इससे राजस्व में होने वाले नुकसान पर रोक लगेगी।’’
बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक किसी भी तरह के मोटर वाहन से यात्री परिवहन करने वाले ई- वाणिज्य परिचालकों की सेवाओं पर और इसके साथ ही कुछ अपवादों को छोड़कर इनके द्वारा दी जाने वाली रेस्त्रां सेवाओं को एक जनवरी 2022 से कर के दायरे में लाने का निर्णय किया गया है।
इसके अलावा यह भी निर्णय किया गया है कि राज्यों को जीएसटी लागू होने से राजस्व में कमी की क्षतिपूर्ति की व्यवस्था अगले साल जून से समाप्त हो जाएगी।
इसके अलावा, कोविड-19 के इलाज में उपयोगी फैवीपिरावीर पर 31 दिसंबर तक 5 प्रतिशत की घटी दर से शुल्क लगता रहेगा। हालांकि, चिकित्सा उपकरण पर रियायती कर की व्यवस्था 30 सितंबर को समाप्त हो जाएगी। परिषद ने पेट्रोल और डीजल को फिलहाल जीएसटी के दायरे में नहीं लाने का फैसला किया है। इसकी वजह यह बताई गई है कि मौजूदा उत्पाद शुल्क और वैट (मूल्य वर्धित कर) को समाहित कर दिये जाने से राजस्व पर असर पड़ेगा।
पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में रखने से ईंधन की कीमतों कमी आएगी।
हालांकि, राज्यों की क्षतिपूर्ति के लिये आरामदायक और समाज के नजरिये से अहितकर वस्तुओं पर जीएसटी के ऊपर लगने वाला उपकर मार्च 2026 तक जारी रहेगा।
सीतारमण ने कहा कि परिषद ने इस मुद्दे पर केवल इसीलिए चर्चा की क्योंकि केरल उच्च न्यायालय ने यह कहा था। लेकिन यह महसूस किया गया, ‘‘यह पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने का यह सही समय नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘केरल उच्च न्यायालय को यह जानकारी दी जाएगी कि इस बारे में चर्चा हुई है और जीएसटी परिषद का मानना है कि यह पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने का सही समय नहीं है।’’

अन्य निर्णय में जोल्गेन्स्मा और विलटेप्सो जैसी मांसपेशियों के उत्तकों के क्षरण (स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी) में उपयोगी दवाओं के आयात पर जीएसटी से छूट दी गई है, जिस पर करोड़ों रुपये की लागत आती है। कैंसर के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा कीट्रूडा पर अब पहले के 12 प्रतिशत के बजाए 5 फीसदी कर लगेगा।
परिषद ने पोषक तत्वों से युक्त चावल केरनेल पर जीएसटी 18 प्रतिशत से कम कर 5 प्रतिशत कर दिया।
डीजल में मिलाये जाने वाले बायोडीजल पर जीएसटी दर को 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ राज्यों द्वारा वस्तुओं की ढुलाई वाले वाहनों से लिये जाने वाले राष्ट्रीय परमिट फीस को जीएसटी से छूट दी गयी है।
परिषद ने सभी प्रकार के पेन (कलम) पर 18 प्रतिशत की एकल दर से जीएसटी जबकि विशिष्ट नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों पर 12 प्रतिशत माल एवं सेवा कर लगाने का निर्णय किया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि पट्टे वाले विमानों के आयात पर आई-जीएसटी (एकीकृत जीएसटी) से छूट दी गयी है। इसके अलावा भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित हाट को आपूर्ति की जाने वस्तुओं पर आईजीएसटी से छूट मिलेगी।
राज्यों की क्षतिपूर्ति के मुद्दे के बारे में उन्होंने कहा कि पूर्व जीएसटी परिषद की बैठक में ‘‘यह निर्णय किया था कि जुलाई 2022 के बाद उपकर संग्रह का उपयोग राज्यों द्वारा लिये गये कर्ज के भुगतान के लिये किया जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं उस मुआवजा उपकर की बात कर रही हूं जो जुलाई 2022 से शुरू होने जा रहा है। यह राज्यों को 14 प्रतिशत राजस्व वृद्धि की गारंटी देने वाली व्यवस्था के समाप्त होने के बाद शुरू होगा।’’
सीतारमण ने कहा, ‘‘मौजूदा क्षतिपूर्ति व्यवस्था को पांच साल पर समाप्त होना है। पांच साल की अवधि जुलाई 2022 को पूरी हो रही है। जुलाई 2022 के बाद उपकर का उपयोग कर्ज के भुगतान में किया जाएगा। परिषद की 43वीं बैठक में इस पर निर्णय हुआ था। यह जुलाई 2022 से शुरू होकर मार्च 2026 तक चलेगा। इसका उपयोग राज्यों को पिछले साल से दिये गये कर्ज के भुगतान में ही किया जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि दर युक्तिकरण और बेहतर अनुपालन तथा कर चोरी रोकने के लिए आंकड़ों के उपयोग को लेकर राज्यों के वित्त मंत्रियों के दो समूह का गठन किया जाएगा। दोनों मंत्री समूह दो महीने में अपनी रिपोर्ट देंगे। अन्य निर्णयों में, ‘कार्बोनेटेड’ फलों के जूस और फल के जूस के साथ ‘कार्बोनेटेड’ पेय पर 28 प्रतिशत की जीएसटी दर और 12 प्रतिशत का क्षतिपूर्ति उपकर लगाना शामिल है।

राजनांदगांव (शोर संदेश)। कांकेतरा में सालभर पहले एक मासूम की रेप के बाद हत्या के मामले में राजनांदगांव जिला न्यायालय की पॉक्सो कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी को फांसी की सजा दी है। पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश शैलेष शर्मा ने मामले में दोनों पक्ष की दलील को सुनने के बाद आरोपी शेखर कोर्राम को जघन्य वारदात का दोषी मानते फांसी की सजा देने के फैसले पर मुहर लगाई। मिली जानकारी के अनुसार बीते वर्ष 23 अगस्त को कांकेतरा की चार साल की बालिका के साथ रेप कर उसकी गला दबाकर हत्या के मामले में चिखली पुलिस ने एक आरोपी शेखर कोर्राम को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि आरोपी ने ऐसे वक्त में घटना को अंजाम दिया था, जब पूरा गांव तीज और गणेश पर्व की खुशी में शामिल था। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने अबोध बालिका की हत्या कर लाश को खंडहरनुमा मकान में छुपा दिया था और गांव वालों के साथ मिलकर बालिका की तलाश करने का नाटक भी करता रहा। इधर सालभर के भीतर पॉक्सो के फास्ट कोर्ट ने आरोपी के विरूद्ध प्रस्तुत किए गए लोक अभियोजक के साक्ष्यों के आधार पर फांसी का फैसला सुनाया है। कोर्ट ने बचाव पक्ष के वकील के दलीलों को खारिज कर दिया।

शासकीय अभियोजक परवेज अख्तर ने पूरे प्रकरण में आरोपी के कृत्य को देखते कोर्ट से फांसी की सजा दिए जाने की अपील की थी। घटना से आहत परिजनों ने भी सरकार से फांसी दिए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया था। नांदगांव न्यायालय में पॉक्सो के आरोपी को फांसी दिए जाने का यह पहला मामला भी है।

00 राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल करेंगे लॉन्च
विशाखापत्तनम (शोर संदेश)। भारत की तरफ आने वाली न्यूक्लियर मिसाइलों को ट्रैक करके उन्हें दुश्मन की धरती पर ही खत्म करने वाला आईएनएस ध्रुव आज लांच होने जा रहा है। इसी के साथ भारतीय नौसेना के बेड़े में पहला न्यूक्लियर मिसाइल ट्रैकिंग जहाज भी शामिल हो जाएगा। इस जहाज को खास तौर पर चीन और पाकिस्तान की निगरानी के लिए तैनात किया जा रहा है क्योंकि दोनों ही देश न्यूक्लियर मिसाइल दागने की क्षमता रखते हैं। एक बार आईएनएस ध्रुव समंदर में उतर गया तो दुश्मन ऐसा करने की हिमाकत भी नहीं करेगा। जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल विशाखापत्तनम में इस जहाज को लॉन्च करेंगे।
00 डीआरडीओ व एनटीआरओ के सहयोग से बना है जहाज
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (एनटीआरओ) के सहयोग से हिंदुस्तान शिपयार्ड द्वारा इस जहाज को बनाया गया है। इस जहाज को नौसेना की सामरिक बल कमान द्वारा संचालित किया जाएगा। लांचिंग समारोह में नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह व एनटीआरओ के अध्यक्ष अनिल दासमान भी मौजूद रहेंगे।
00 यह ताकत हासिल करने वाला भारत छठा देश
न्यूक्लियर मिसाइल ट्रैकिंग जहाज को अपनी नौसेना के बेड़े में शामिल करने वाला भारत छठा देश होगा। इससे पहले फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन, रूस व चीन के पास ही यह क्षमता है। यह जहाज न केवल दुश्मन की परमाणु मिसाइल को ट्रैक करेगा बल्कि दुश्मन के सैटेलाइट का पता लगाने में भी सक्षम है।
00 10 हजार टन का है जहाज
आईएनएस ध्रुव का वजन करीब 10 हजार टन है। इसे लंबी दूरी के राडार, ट्रैनिंग एंटीना, एडवांस इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से लैस किया गया है। इस जहाज की तैनाती ऐसे समय पर होने जा रही है जब चीन की ओर से हिंद महासागर में हलचल बढ़ गई है और वह एक निगरानी मिशन पर चल रहा है।
00 यह है खासियत
भारत की ओर से आने वाली मिसाइलों का पता लगा लेने के बाद, जहाज का लैंड बेस्ड बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा सिस्टम उन्हें मार गिराएगा। इस जहाज को इलेक्ट्रॉनिक स्कैर एरे रडार से लैस किया गया है जो मिसाइल रेंज के सटीक डेटा को भी ट्रैक करने में सक्षम है। इसके साथ ही सर्विलांस सिस्टम के ऑपरेशन में जहाज को 14 मेगावाट बिजली की आवश्यकता होगी, जो आईएनएस ध्रुव खुद बनाने में सक्षम है। पूरी तरह से स्वदेशी इस जहाज की लागत 725 करोड़ रुपये है।





00 बाढ़-चक्रवात जैसी आपदाओं पर रखी जा सकेगी नजर
श्रीहरिकोटा (शोर संदेश)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) कल यानी गुरुवार को नया कीर्तिमान रचने जा रहा है। भारत 75वें स्वतंत्रता दिवस से तीन दिन पहले अंतरिक्ष में एक बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। इसके तहत अब अंतरिक्ष से भी देश पर नजर रखी जा सकेगी। दरअसल, इसरो पृथ्वी की निगरानी करने वाले अपने देश के पहले उपग्रह ईओएस-03 का प्रक्षेपण करने वाला है। इसके लिए काउंटडाउन शुरू हो चुका है। इसके सफल होने के बाद से भारत की ताकत में बढ़ोतरी होगी। यह उपग्रह भारत में आने वाली बाढ़ और चक्रवात जैसी आपदाओं की निगरानी रखने में सक्षम होगा।इसरो ने ट्वीट कर काउंटडाउन शुरू होने की जानकारी दी है। इसमें लिखा गया, `जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल-एफ 10 ईओएस-03 के प्रक्षेपण के लिए काउंटडाउन आज सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) शार, श्रीहरिकोटा पर शुरू हो चुका है।` इसरो ने बताया कि प्रक्षेपण 12 अगस्त को सुबह पांच बजकर 43 मिनट पर किया जाएगा। हालांकि, यह मौसम संबंधी स्थिति पर निर्भर करेगा।ईओएस-03 अति उन्नत उपग्रह है, जिसे जीएसएलवी एफ 10 यान की मदद से धरती की कक्षा में स्थापित किया जाएगा। अगर यह परीक्षण सफल होता है तो भारत की ताकत में और इजाफा होगा और मौसम संबंधी गतिविधियों को समझने में और आसानी होगी।
00 जानिए सैटेलाइट और इसकी खासियत के बारे में सब कुछ
बताया जा रहा है कि जीएसएलवी उड़ान उपग्रह को 4 मीटर व्यास-ओगिव आकार के पेलोड फेयरिंग में ले जाएगी, जिसे रॉकेट पर पहली बार उड़ाया जा रहा है, जिसने अब तक अंतरिक्ष में उपग्रह और साझेदार मिशनों को तैनात करने वाली 13 अन्य उड़ानें संचालित की हैं। इसके बारे में कहा जा रहा है कि ईओएस-03 उपग्रह एक दिन में पूरे देश की चार-पांच बार तस्वीर लेगा, जो मौसम और पर्यावरण परिवर्तन से संबंधित प्रमुख डेटा भेजेगा।ईओएस-03 उपग्रह भारतीय उपमहाद्वीप में बाढ़ और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं की लगभग रीयल टाइम निगरानी में सक्षम होगा क्योंकि यह प्रमुख पर्यावरणीय और मौसम परिवर्तनों से गुजरता है।
00 साल का पहला मिशन फरवरी में हुआ था
इससे पहले 28 फरवरी को इसरो ने साल के पहला मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था। भारत का रॉकेट 28 फरवरी को श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से पहली बार ब्राजील का उपग्रह लेकर अंतरिक्ष रवाना हो हुआ था। ब्राजील के अमेजोनिया-1 और 18 अन्य उपग्रहों को लेकर भारत के पीएसएलवी (ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान) सी-51 ने श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी थी। इस अंतरिक्ष यान के शीर्ष पैनल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर उकेरी गई थी

रायपुर (शोर संदेश)। दिल्ली दौरे पर राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उपराष्ट्रपति से उनका कुशलक्षेम पूछा और अन्य विषयों पर चर्चा की।

अक्तूबर में हालात होंगे ज्यादा खराबनई दिल्ली (शोर सन्देश)। भारत में कोरोना की तीसरी लहर इस महीने से दस्तक दे सकती है। विशेषज्ञों ने कहा है कि अगस्त के महीने में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है, जिसमें रोजाना एक लाख कोरोना के मामले सामने आएंगे। इस वक्त देश में हर दिन 40 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं। वहीं 550 से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है, जबकि रविवार को 39 हजार लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगस्त के महीने में शुरू होने वाली तीसरी लहर अक्तूबर में अपने चरम पर जा सकती है। दूसरी लहर में कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था को देखते हुए केंद्र ने राज्यों से ऑक्सीजन, दवा समेत अन्य जरूरी सामानों को पहले ही उपलब्ध रखने का निर्देश दिया है।
हालांकि, कोरोना की तीसरी लहर दूसरी लहर के मुकाबले ज्यादा खतरनाक नहीं होगी, विशेषज्ञों ने बताया कि दूसरी लहर में देश में हर रोज 4 लाख नए मामले देखने को मिले थे, लेकिन अब डरावनी तस्वीर नहीं दिखेगी। कोरोना की स्थित के बारे में अनुमान लगाने वाले विशेषज्ञों का आकलन एक गणितीय मॉडल पर आधारित था। मई में आईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर विद्यासागर ने कहा कि भारत के कोरोना वायरस का प्रकोप आने वाले दिनों में गणितीय मॉडल के आधार पर चरम पर हो सकता है।

00 केरल और महाराष्ट्र में बढ़ रहे मामले
हैदराबाद और कानपुर आईआईटी के प्रोफेसरों के नेतृत्व में शोधकर्ताओं का हवाला देते हुए एक रिपोर्ट में बताया गया कि कोविड -19 मामलों में हो रही बढ़ोतरी कोरोनो वायरस महामारी की तीसरी लहर को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने बताया कि यह अक्तूबर में अपने पीक पर पहुंच सकती है। विशेषज्ञों ने कहा कि केरल और महाराष्ट्र में जिस तरह कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं इससे स्थिति खराब हो सकती है। बता दें कि केरल में कोरोना के मामले रोजना 20 हजार से ज्यादा आ रहे हैं। वहीं, महाराष्ट्र में करीब 7 हजार मामले सामने आ रहे हैं। दोनों राज्यों में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
00 10 राज्यों में बढ़ रहा कोरोना
मंत्रालय के मुताबिक पिछले एक दिन में पांच राज्यों से 80.36 फीसदी नए कोरोना केस सामने आए हैं जिसमें अकेले केरल से 49.3 फीसदी केस हैं। वहीं मौत को लेकर बात करें तो सर्वाधिक महाराष्ट्र में 225 मरीजों ने बीते शनिवार को दम तोड़ दिया। केरल में 80 मरीजों की जान गई। फिलहाल जिन 10 राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं उनमें केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, ओडिशा, असम, मिजोरम, मेघालय, आंध्र प्रदेश और मणिपुर शामिल हैं।