
रायपुर/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। देश में कोरोना के मरीजों की संख्या 30 लाख के पार पहुंच गई है। पिछले 24 घंटों में कोरोना के 69 हजार 239 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर 30,44,941 पर पहुंच गई है। वहीं कोरोना से पिछले 24 घंटों में 912 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 56,706 तक पहुंच गई है। वहीं छत्तीसगढ़ में देर रात कोरोना के 136 नए संक्रमित मिलने के बाद प्रदेश में एक दिन में 704 नए संक्रमितों की पुष्टि हुई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में 7,07,668 एक्टिव मरीज हैं। वहीं राहत भरी खबर भी है कि पिछले 24 घंटों में 57,989 मरीज ठीक हो गए हैं। कोरोना से अबतक 22,80,567 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। देश का रिकवरी रेट बढ़कर 74.89 प्रतिशत हो गया है। वहीं छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग ने बुलेटिन जारी कर बताया कि प्रदेश में शनिवार को एक ही दिन में 704 नए मरीज मिले हैं। प्रदेश में अब तक 20214 कुल कोरोना संक्रमित मिलें हैं, जिसमें से इलाज के बाद 12394 मरीज पूरी तरह ठीक होकर अपने घर लौट चुके हैं, प्रदेश में आज 7630 मरीजों का इलाज जारी है। प्रदेश में शनिवार को कुल 10 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई हैं, अब तक कुल 190 लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी है।

रायपुर (शोर सन्देश)। मुख्यमंत्री ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र मर्रा (पाटन) द्वारा प्रकाशित उद्यमी कृषकों की सफलता की कहानी तथा कृषि के क्षेत्र में सफल उद्यमी बने कृषि स्नातकों की सफलता की कहानी पुस्तकों का विमोचन किया। मुख्य सम्पादक डॉ. ओ. पी. परगनिहा ने मुख्यमंत्री को बताया कि पुस्तकों में परंपरागत कृषि के साथ ही जैविक खेती, पशुपालन, कृषि वानिकी, मत्स्य पालन, बागवानी, अलसी, पैरा मशरूम, पान, गुलाब, केला आदि की लाभप्रद खेती कर रहे राज्य के कृषकों एवं कृषि से जुड़े व्यवसायों में सफल हो रहे कृषि स्नातकों की सफलता की कहानियों का संकलन किया गया है।मुख्यमंत्री ने प्रकाशन पर बधाई देते हुए इन पुस्तकों को राज्य के कृषकों एवं कृषि स्नातकों के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र मर्रा के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा को महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी के पद पर नवीन नियुक्ति के लिए बधाई एवं शुभकामना दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन तथा कौशल चन्द्राकर भी उपस्थित थे।

रायपुर (शोर सन्देश) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन्मदिन की बधाई दी है प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जन्मदिन पर ढेरों शुभकामनाएं। ईश्वर उन्हें दीर्घायु प्रदान करे और सदा स्वस्थ रखे।

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जन्मदिन पर आज राज्यपाल अनुसुईया उइके ने ट्वीट कर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने लिखा है, इस अवसर पर मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और यशस्वी और दीर्घायु जीवन की कामना करती हूं।

रायपुर (शोर सन्देश)। 15 वर्ष तक मुख्यमंत्री रहे डॉ. रमन सिंह की `तिजहारिन मन ला चिट्ठी पतरी` पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख ने कहा है कि यह कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बड़ी सफलता है कि जो लोग पन्द्रह सालों तक छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ी अस्मिता को भूल गये थे वे लोग भी बढ़ चढ़ कर राज्य के तीज त्योहारों को मनाने का प्रदर्शन करने को मजबूर हो गये है। यही तो है गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का साकार रूप। यही है पुरखों के सपनों का छत्तीसगढ़। इसीलिये पुरखों ने पृथक छत्तीसगढ़ राज्य के लिये लड़ाई लड़ी। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पूछा है कि 15 साल तक रमन सिंह को तीजा की छुट्ठी देने की समझ क्यों नहीं आई? मुख्यमंत्री पद पर रहते हुये कभी तीजा की चिट्ठी लिखी नहीं लिखी। 15 साल तक छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा, संस्कृति रीति रिवाजों, तीज-त्योहारों की अवहेलना करने के बाद अब सत्ता से हटने के बाद रमन सिंह जी को चिट्ठी लिखने की सुध आई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि सत्ता से हटने के बाद रमन सिंह को छत्तीसगढ़ के तीज त्योहार की सुध राजनैतिक जरूरतों से ही सही, कम से कम आई तो। पन्द्रह साल सरकार में रहने के दौरान तो रमन सिंह और भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ी तीज त्योहार और संस्कृति की लगातार उपेक्षा की। राज्य में कांग्रेस सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा छत्तीसगढ़ी तीज त्योहारों और संस्कृति की पहचान और सम्मान किया जा रहा है। कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख त्योहारों हरेली, तीजा, माता कर्मा जयंती, छठ पूजा, आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री निवास में उत्साहपूर्वक छत्तीसगढ़ के लोक पर्व मना कर यह स्पष्ट संदेश दे दिया कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने की वास्तविक सार्थकता राज्य के मिट्टी की खुशबु को सहेजने में ही है। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्योहारों को गौरव के साथ मनाने की जो शुरुआत राज्य बनने के बाद हो जानी चाहिए थी वह भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री बनने के बाद शुरू हुआ। यह साबित हो गया है कि कांग्रेस सरकार की प्राथमिकता राज्य की आर्थिक सामाजिक उन्नति के साथ राज्य की संस्कृति को बढ़ावा देना है।

रायपुर (शोर सन्देश)। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को प्रदेश की राज्यपाल अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल सुश्री उइके ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि भगवान गणेश विघ्न-विनाशक तथा ज्ञान एवं बुद्धि के देवता है। किसी भी कार्य का शुभारंभ गणपति की पूजा के साथ की जाती है। राज्यपाल ने इस अवसर पर प्रदेश के नागरिकों के सुख-समृद्धि, शांति एवं मंगलमय जीवन की कामना की है।

जगदलपुर (शोर सन्देश)। बीते दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद अब शहर के हालात बिगड़ते चले जा रहे हैं। बस्तर जिले में गुरुवार को 144.6 मिमी बारिश हुई है, जिसमें अकेले जगदलपुर ब्लॉक में 149 मिमी बारिश और दरभा ब्लॉक में सबसे ज्यादा 207.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। शहर में निचली बस्तियों में अब पानी भरने लगा है। रात 9 बजे एनएच 30 पर आवाजाही बंद कर दी गई है। परचनपाल के पास रायकेरा नाला भरने से रायपुर जाने का रास्ता बंद हो गया। इंद्रावती नदी का जलस्तर 8.700 मीटर पर पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 8.300 मीटर है। हर घंटे 8 से 10 सेमी पानी बढ़ रहा है। इंद्रावती नदी के पुराने पुल के ऊपर से पानी का बहाव होने से यहां से आवाजाही बंद कर दी गई है। इधर शहर के निचले इलाकों में एहतियात के तौर पर उन्हें सुरक्षित जगहों पर जाने कहा जा रहा है। मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा बताते हैं कि शुक्रवार को अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और एक-दो जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। कोंडागांव जिले में सालभर पहले बने सौ किमी लंबे लिंगोपथ की गुणवत्ता की पोल इस बारिश ने खोल दी है। मालूम हो कि इस सड़क का उद्घाटन करते हुए अफसर और जनप्रतिनिधियों ने बाइक से सफर किया था। भाटपाल से मर्दापाल के बीच आदनार में बनी सड़क और पुलिया टूट गई है। पीएमजीएसवाई के ईई अरूण शर्मा ने बताया कि बारिश के चलते सड़क बह गई है, लेकिन सड़क अभी भी 5 साल के मेंटेनेंस पीरियड में है। ऐसे में ठेकेदार को बारिश खत्म होते ही सड़क को ठीक करने कहा जाएगा।

00 छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना ‘वेस्ट टू वेल्थ‘ का अच्छा कमर्शियल मॉडल, गोबर खरीदी योजना पूरे देश के लिए अनुकरणीय: हरदीप सिंह पुरी
रायपुर(वीएनएस)। भारत सरकार आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के परिणाम आज 20 अगस्त 2020 को घोषित किए गए, जिसमें छत्तीसगढ़ ने देश के बड़े राज्यों को पछाड़ते हुए स्वच्छ सर्वेक्षण में फिर से एक बार देश के स्वच्छतम राज्य होने का दर्जा प्राप्त किया है। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित वर्चुअल ऑनलाइन पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री आवास से केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हाथों यह पुरस्कार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने प्राप्त किया। ऑनलाइन तरीके से पहली बार यह राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किये गए। पुरस्कार वितरण के दौरान मुख्यमंत्री श्री बघेल ने केंद्रीय मंत्री श्री पुरी को छत्तीसगढ़ में चलाई जा रही गोधन न्याय योजना और गोबर खरीदी के विषय में जानकारी दी। जिसे केंद्रीय मंत्री ने ‘वेस्ट टू वेल्थ‘ का अच्छा कमर्शियल मॉडल बताते हुए प्रशंसा की और अन्य राज्यों के लिए इसे अनुकरणीय बताया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हमारी कोशिश होगी कि अगले साल भी छत्तीसगढ़ स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रथम स्थान पर रहें। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में कचरे से खाद बनाई जा रही है। दो रूपए प्रति किलो की दर पर खरीदी कर इससे वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जा रहा है। गांव और शहरों में गोबर से होने वाली गंदगी पर रोक लगी है। गांव और शहर और अधिक स्वच्छ हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी यह योजना लागू की गई है। राज्य के शहरी क्षेत्रों में स्थापित 377 गोबर खरीदी केन्द्रों में गोबर खरीदी की जा रही है। इस योजना से लोगों की आय में भी बढ़ोतरी हुई है। केन्द्रीय मंत्री श्री पुरी ने स्वच्छ सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मुख्यमंत्री श्री बघेल और नगरीय विकास मंत्री डॉ. डहरिया को बधाई दी।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में बतौर राज्य छत्तीसगढ़ ने तो उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, इसके साथ ही प्रदेश के छोटे-बड़े अनेक शहरों में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की है। पाटन नगर पंचायत को 25 हजार से कम जनसंख्या श्रेणी में देश का स्वच्छ शहर होने का दर्जा मिला है। इसी प्रकार जशपुरनगर को 25 से 50 हजार की जनसंख्या, धमतरी को 50 हजार से 1 लाख की जनसंख्या एवं अंबिकापुर को 1 से 10 लाख जनसंख्या श्रेणी में सबसे स्वच्छ शहरों का दर्जा प्राप्त हुआ है।
साथ ही प्रदेश के 10 अन्य शहरों में भिलाई का रैंक 34, 50 हजार से 01 लाख की जनसंख्या में भिलाई-चरोदा रैंक-2, चिरमिरी रैंक-03, बीरगांव रैंक-4, 25 से 50 हजार की जनसंख्या में कवर्धा का रैंक-2, चांपा रैंक-5, अकलतरा रैंक-74, 25 हजार से कम जनसंख्या श्रेणी में नरहरपुर रैंक-2 सारागांव रैंक-3 एवं पिपरिया रैंक-4 को भी राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने नगरीय निकायों एवं प्रदेश की जनता को बहुत-बहुत बधाई देते हुए इसी प्रकार अपना सहयोग आगे भी देते रहने का आवाहन किया। प्रदेश को स्वच्छता में नंबर वन बनाने के लिए सबसे पहले सभी शहरों में कार्यरत स्वच्छता दीदियो, स्वच्छता कमांडो, अधिकारियों एवं कर्मचारियों का अभूतपूर्व योगदान रहा। इसके साथ ही इस बार जनभागीदारी द्वारा छत्तीसगढ़ की जनता ने भी सर्वेक्षण में अपनी अहम भूमिका निभाई। विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाएं जैसे मिशन क्लीन सिटी, स्वच्छता श्रृंगार, सुविधा 24, एफएसटीपी प्रबंधन, निदान 1100 एवं व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को जागरूक किया गया और छत्तीसगढ़ की शहरी जनता ने अपना महत्वपूर्ण योगदान देकर प्रदेश को स्वच्छता के शिखर पर पहुंचाया। स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 पिछले स्वच्छ सर्वेक्षणों से कई मायनों में अलग था। इस बार स्वच्छता की परीक्षा हेतु 6000 अंक निर्धारित किए गए थे, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश के स्वछतम राज्य का तमगा एक बार फिर हासिल किया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में देश का प्रथम ओडीएफ प्लस प्लस राज्य होने का दर्जा भी हासिल किया।
स्टार रेटिंग में गार्बेज फ्री सिटी का खिताब भी छत्तीसगढ़ को
भारत सरकार के द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण हेतु पूरे छत्तीसगढ़ का सर्वे किया गया। सर्वे में सर्वप्रथम पूरे छत्तीसगढ़ का ओडीएफ प्लस प्लस का सर्वे किया गया। ओडीएफ प्लस प्लस के पश्चात पूरे छत्तीसगढ़ का गार्बेज फ्री सिटी (स्टार रेटिंग) तथा स्वच्छ सर्वेक्षण का सर्वे किया गया। सर्वे उपरांत भारत सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ को ओडीएफ प्लस प्लस प्रदेश घोषित किया गया। पूरे भारत में ओडीएफ प्लस प्लस होने वाला छत्तीसगढ़ सबसे पहला प्रदेश बना। गार्बेज फ्री सिटी (स्टार रेटिंग) मे भी छत्तीसगढ़ ने बाजी मारी है। भारत सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ के एक शहर अंबिकापुर को 5 स्टार शहर का दर्जा एवं 9 शहरों को 3 स्टार तथा 5 शहरों को 1 स्टार का शहर दर्जा दिया गया। पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री निवास पर छत्तीसगढ़ की नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री अलरमेलमंगई डी., सूडा के एडिशनल सीईओ सौमिल रंजन चौबे तथा सलाहकार डॉ. नितेश शर्मा भी उपस्थित थे।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 - ओडीएफ एवं गार्बेज फ्री सिटी के साथ पूरे छत्तीसगढ़ ने स्वच्छ सर्वेक्षण में जमकर प्रदर्शन किया - छत्तीसगढ़ ने इस महा मुकाबले में ऐसे की तैयारी - शत प्रतिशत घर-घर कचरा संग्रहण - पूरे छत्तीसगढ़ के 166 निकायों के द्वारा प्रत्येक घरों से प्रतिदिन कचरा संग्रहण का कार्य किया जाता है इस कार्य हेतु भारत सरकार के द्वारा 100 अंक निर्धारित किये गये थे।
सूखा-गीला कचरा घर से ही अलग अलग कर लेना - समस्त 166 निकायों के द्वारा घर से ही कचरा अलग-अलग कर उठा कर प्रोसेसिंग प्लांट तक ले जाया जाता है। इस हेतु भारत सरकार के द्वारा 125 अंक निर्धारित किए गए थे।
ऑनलाइन पद्धति से मॉनिटरिंग - पूरे 166 निकायों में काम कर रहे घर-घर कचरा संग्रहण करने वाले वाहन और समस्त स्वच्छता दीदियों, सफाई मित्रों का ऑनलाइन पद्धति से मॉनिटरिंग किया जाता है, इस कार्य हेतु भारत सरकार द्वारा 40 अंक निर्धारित किए गए थे।
वेस्ट पिकर- छत्तीसगढ़ के द्वारा जगह-जगह पर कबाड़ बीनने वालों को निकाय के मिशन क्लीन सिटी योजना में शामिल कर रोजगार दिया गया। योजना में शामिल समस्त वेस्ट पिकर्स को राशन कार्ड, आधार कार्ड व लाइफ इंश्योरेंस एवं अन्य सरकारी लाभ से जोड़ा गया इस कार्य हेतु भारत सरकार के द्वारा 65 अंक निर्धारित किए गए थे।
दिन में दो बार झाड़ू लगाना - समस्त 166 निकायों में प्रतिदिन दो बार सुबह एवं रात्रि कालीन झाड़ू लगाने का कार्य किया जाता है। इस कार्य हेतु भारत सरकार के द्वारा 50 अंक निर्धारित किए गए थे ।
प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट - पूरे 166 निकायों मे प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्लास्टिक उपयोग करने पर निकायों द्वारा समय-समय पर जुर्माना किया गया है। प्लास्टिक जब्ती का कार्य जोरों से किया है इस कार्य हेतु 30 अंक निर्धारित किए गए थे।
3 आर प्रिंसिपल रेड्यूस, री-यूज एण्ड रिसाइकल - समस्त 166 निकायों के द्वारा रेड्यूस, री-यूज, रिसाइकल के लिए नेकी की दीवार, बर्तन बैंक, फूड बैग, होम कंपोस्टिंग जैसे अभिनव कार्य किए। इस कार्य हेतु 50 अंक निर्धारित थे।
घरों से निकलने वाले कचरे का शत प्रतिशत निपटान - समस्त 166 निकायों के द्वारा घर-घर कचरा संग्रहण से प्राप्त होने वाले कचरे का शत-प्रतिशत निपटान एसएलआरएम सेंटर में ले जाकर किया जाता है। इस कार्य हेतु कुल 380 अंक निर्धारित थे।
कन्स्ट्रक्शन एण्ड डिमोलिशन वेस्ट का निपटान - घरों से निकलने वाले मलबे का निपटान समस्त 166 निकायों के द्वारा शत प्रतिशत किया जाता है निकायों द्वारा सी एण्ड डी वेस्ट से पेवर ब्लॉक, गमले, ईंटे आदि बनाने का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य हेतु 50 अंक निर्धारित थे।
सुविधा 24 शौचालय- समस्त 166 निकायों में नागरिकों के सुविधा हेतु जगह-जगह पर सामुदायिक सह सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया गया है। शौचालयों से निकलने वाले मल का उपचार शत-प्रतिशत वैज्ञानिक पद्धति से किया जाता है। निकलने वाले मल को डि-सलॉजिंग वाहन के माध्यम से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट/फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट ले जाकर उसका शत प्रतिशत ट्रीटमेंट किया जाता है। इस कार्य हेतु भारत सरकार के द्वारा 500 अंक निर्धारित किए गए थे।
व्यवहार परिवर्तन एवम प्रचार प्रसार - सभी निकायों के द्वारा अपने - अपने निकाय स्तर पर मोहल्लों, अस्पतालों, बाजारों, शासकीय भवन, हॉस्पिटल, स्कूल, होटल के मध्य स्वच्छता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। निकाय द्वारा समय-समय पर सफाई अभियान चलाया गया। नागरिकों को जागरूक करने के लिए जगह-जगह पर स्वच्छता संबंधित वॉल पेंटिंग कराया गया। स्वच्छता संबंधी बैनर पोस्टर लगाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया इस कार्य हेतु भारत सरकार के द्वारा 160 अंक निर्धारित किए गए थे।
क्षमता विकास- समस्त निकायों के द्वारा जेम पोर्टल के माध्यम से सफाई से संबंधित समान का ऑनलाइन माध्यम से क्रय किया जाता है। समस्त निकायों द्वारा निकाय स्तर पर सभी मोहल्ले, आवासी क्षेत्र में कचरा की मात्रा को कम करने हेतु लगातार अभिनव कार्य जैसे होम कंपोस्टिंग, नेकी की दीवार, बर्तन बैंक का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य हेतु भारत सरकार के द्वारा 60 अंक निर्धारित किए गए थे।
नवाचार एवम अभिनव प्रयास - समस्त निकायों द्वारा तथा नागरिकों के द्वारा स्वच्छता विषय पर अलग-अलग अभिनव पहल की गयी। यह अभिनव पहल निकाय व निकाय के नागरिकों के द्वारा लगातार किये जा रहे हैं। इस कार्य हेतु कुल 80 अंक निर्धारित किए गए थे।
स्वच्छता ऐप - समस्त नगरीय निकायों के द्वारा स्वच्छता ऐप पर पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का निराकरण शत-प्रतिशत समय सीमा के अंदर किया जाता है। स्वच्छता एप में प्राप्त होने वाली शिकायत के निराकरण हेतु भारत सरकार के द्वारा कुल 400 अंक निर्धारित किए गए थे। स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में कुल 6000 अंक निर्धारित किए गए थे। इस 6000 अंक हेतु कुल 6 कैटेगरी निर्धारित किये गये थे, जिनमे डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन के लिए 1500 अंक, सिटीजन फीडबैक हेतु 1500 अंक, सर्टिफिकेशन के लिए 1500 अंक- जिसमे गार्बेज फ्री सिटी के लिए 1000 अंक व ओडीएफ प्लस प्लस हेतु 500 अंक निर्धारित थे। सर्विस लेवल प्रोसेस के लिए 1300 अंक व स्वच्छ सर्वेक्षण लीग हेतु 200 अंक निर्धारित किए गए थे।

रायपुर/बिलासपुर (शोर सन्देश)। निजी स्कूलों को ट्यूशन फीस लेने के खिलाफ हाईकोर्ट में एक याचिका रायपुर से दायर की गई है, एक अन्य याचिका बिलासपुर से भी दायर की जा रही है। रायपुर की एक पूर्व बैंकर प्रीति उपाध्याय की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि निजी स्कूलों द्वारा ट्यूशन फीस के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। हाईकोर्ट ने ट्यूशन फीस लेने के लिये जो आदेश जारी किया था, उसी आदेश के बहाने पालकों को गुमराह किया जा रहा है। उपाध्याय के दो बच्चे निजी स्कूल में अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा है कि स्कूल में आठ घंटे पढ़ाई होती है जबकि मोबाइल पर यही कोर्स डेढ़ घंटे में पूरा कराया जा रहा है।
छात्रों को असेम्बली, कम्प्यूटर क्लास, लेबोरेट्री, स्पोर्ट्स जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं का लाभ नहीं दिया जा रहा है जो ट्यूशन फीस में शामिल होता है। स्कूलों को नो प्रॉफिट नो लॉस के आधार पर चलाया जाना है फिर वे किस बुनियाद पर 100 प्रतिशत फीस वसूल रहे हैं। याचिकाकर्ता ने कहा कि केवल स्कूल ही नहीं पालक भी कोरोना महामारी के चलते आर्थिक संकट से घिरे हैं पर स्कूल प्रबंधक लाभदायी उद्योग की तरह व्यवहार कर रहे हैं। बिलासपुर में पालकों के संगठन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि सीबीएसई द्वारा सन् 2016 से ही गाइडलाइन है कि ट्यूशन फीस व अन्य फीस अनुमोदित कराने के बाद ही प्रबंधन उसे छात्रों से ले सकता है। इसके बावजूद ज्यादातर स्कूलों ने मनमाने ढंग से फीस में वृद्धि की है। ऐसा करने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने का भी प्रावधान है। ट्यूशन फीस पर हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध अपील की जा रही है।

दुर्ग (शोर सन्देश) तहसील ऑफिस में छत से लगा छज्जा भरभरा कर गिर गया। इससे वहां दहशत का माहौल व व्याप्त हो गया। इसकी जानकारी मिलने पर तहसीलदार आये और मौका मुआयना कर कार्यवाही की बात कहते हुए चले गये। ज्ञातव्य हो कि इससे पहले भी यहां पर छज्जा गिरने की घटना हो चुकी है, क्योंकि तहसील कार्यालय पूरी तरह जर्जर हो चुका है। छज्जा गिरने की घटना को लेकर तथा तहसील कार्यालय के जर्जर होने की यहां के वकीलों ने पहले भी शासन प्रशासन से शिकायतकर चुके है, इसके बावजूद भी इस ओर ध्यान नही दिया जा रहा है, ऐसा लग रहा है कि शासन प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रही है।