
गरियाबंद : बाल संरक्षण इकाई की पहल से बच्चें को मिला संरक्षण
गरियाबंद विकासखंड अन्तर्गत ग्राम पंचायत बेगरपाला के आश्रित ग्राम टिमनपुर के विशेष पिछड़ी जनजाति रमेश कमार और उनके परिवार को कोविड-19 के कारण घर में आर्थिक समस्याओं को सामना करना पड़ा। वे अपने छोटे-छोटे बच्चों साथ घर पर ही रहा। जिसके कारण उसकी अर्थिक स्थिति अत्यंत खराब हो गई।
विभाग को जानकारी प्राप्त होते ही महिला और बाल विकास विभाग की जिला स्तरीय टीम के एकीकृत बाल विकास परियोजना अधिकारी चन्द्रहास साहू,, जिला बाल संरक्षण अधिकारी अनिल द्विवेदी, संरक्षण अधिकारी फणीन्द्र कुमार जायसवाल, पर्यवेक्षक रधिया बंजारे की ओर से उनके घर पहुंचकर उसके पांचों बच्चों की परवरिश व आर्थिक स्थिति का जायजा लिया गया, जिसमें 4 बच्चें स्कूल में अध्ययनरत और स्वस्थ्य हैं। जबकि उसका सबसे छोटा बेटा उम्र 1 वर्ष 6 माह का है। 6 माह पूर्व मां का देहांत हो जाने के कारण बच्चों के देख-रेख और पालन पोषण व परवरिश सही नहीं होने से छोटा बालक गंभीर कुपोषित पाया गया। विभागीय टीम की ओर से परिवार को खाद्य सामाग्री प्रदाय की गई। बच्चों और उनके पिता को बाल कल्याण समिति के समक्ष गंभीर कुपोषित बालक को उसके उचित पालन-पोषण व देख-रेख के लिये सहमती पश्चात जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम की ओर से मासूम बालक को सेवा भारती, मातृछाया रायपुर में संस्थागत किया गया। विभाग की ओर से बाकी चार बच्चों को उनके घर सकुशल पहुंचाते हुए परिजनों को सौंपा गया।
बेमेतरा : संभागायुक्त दुर्ग ने व्ही.सी. के जरिए गिरदावरी सहित शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की
दुर्ग संभाग के कमिश्नर टी.सी. महावर ने कल वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये शासन की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी ली। कमिश्नर ने गोधन न्याय योजना, गिरदावरी कार्य, जिले मे वर्षा की जानकारी, राजस्व प्रकरणों के निराकरण के संबंध मे जानकारी ली। इस अवसर पर कलेक्टर शिव अनंत तायल, अपर कलेक्टर संजय कुमार दीवान, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रीता यादव, जिले के राजस्व अधिकारी के अलावा कृषि, सहकारिता, उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन विभाग के जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित थे।
बेमेतरा : कोरोना वायरस कोविड-19 : ग्राम-मोढ़े, लोलेसरा, पिपरिया और गर्रा कंटेनमेंट जोन घोषित
कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी शिव अनंत तायल ने एक आदेश जारी कर बेमेतरा जिले के बेमेतरा विकासखंड के ग्राम-मोढ़े और लोलेसरा मे कोरोना पॉजिटिव के केस पाए जाने के कारण कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलाव को दृष्टिगत रखते हुए उक्त स्थानों को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है।
उक्त क्षेत्र के चौहद्दी को कन्टेनमेंट जोन का क्षेत्र घोषित किया है।
ग्राम-मोढ़े के प्रभारी अधिकारी प्रभारी नायब तहसीलदार बेमेतरा रोशन साहू, ग्राम-लोलेसरा के प्रभारी अधिकारी राजकुमार मरावी प्रभारी तहसीलदार और पर्यवेक्षण अधिकारी अनुविभागीय दंडाधिकारी बेमेतरा जगन्नाथ वर्मा होंगे। इसी प्रकार विकासखंड साजा के ग्राम पिपरिया और गर्रा मे कोरोना पॉजिटिव के केस पाए जाने के कारण कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। ग्राम-पिपरिया के प्रभारी अधिकारी प्र. तहसीलदार साजा चंद्रशेखर चंद्राकर, ग्राम-गर्रा के प्रभारी अधिकारी नीलम सिंह पिस्दा प्र. तहसीलदार थानखम्हरिया और पर्यवेक्षण अधिकारी अनुविभागीय दंडाधिकारी साजा आशुतोष चतुर्वेदी होंगे। उपरोक्त गांवों मे कुल 5 कोरोना पॉजिटिव के केस पाए जाने के कारण कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है।
उत्तर बस्तर कांकेर : जिले के 1 लाख 45 हजार परिवारों को दिये जाएंगे घरेलू नल कनेक्शन : इस वर्ष 52 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन दिये जाने का लक्ष्य
जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत कांकेर जिले में 1 लाख 45 हजार परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इस वित्तीय वर्ष में 52 हजार परिवारों को नल कनेक्शन दिये जाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके अंतर्गत 77 योजना और 99 सोलर पंपों से 3 हजार 127 कनेक्शन प्रदाय किये जाने के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत की गई है, जिसमें से 24 योजना में 29 नग पावर पंप और 846 कनेक्शनों की स्वीकृति भी प्राप्त हो गई है। इस आशय की जानकारी देते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता एस.आर. नेताम ने बताया कि 3 नग सोलर पावर पंप स्थापना के लिए क्रेडा को राशि का भुगतान भी कर दिया गया है। वर्तमान में शासन स्तर पर वेंडर इंपेनलमेंट की प्रक्रिया चल रही है। उक्त प्रक्रिया पूर्ण होने पर कार्य को गति प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मिनीमाता अमृतधारा योजनांतर्गत बी.पी.एल. परिवारों को घरेलू कनेक्शन प्रदाय किया जा रहा है।

00 अगले महीने जबलपुर फ्लाइट
रायपुर (शोर सन्देश)। हवाई यात्रियों को 25 अगस्त से अहमदाबाद, लखनऊ और भुवनेश्वर फ्लाइट की सौगात के साथ ही इंदौर फ्लाइट भी मिलने वाली है। इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट क्रमांक 6 ई 7295 सुबह 10.15 बजे रायपुर से इंदौर के लिए उड़ान भरेगी और दोपहर 12.10 बजे इंदौर पहुंचेगी। इसके बाद फ्लाइट क्रमांक 6ई 7296 इंदौर से शाम 4.30 बजे रायपुर के लिए उड़ान भरेगी और रायपुर शाम 6.15 बजे पहुंचेगी। व्यास ट्रैवल्स के संचालक कीर्ति व्यास ने बताया कि इंदौर फ्लाइट भी शुरू करने की मांग की जा रही थी। यह फ्लाइट अभी 31 अगस्त तक के लिए ही शुरू की जा रही है। कंपनी की ओर से 31 अगस्त तक का ही समय सारिणी तय किया गया है। इस प्रकार से हवाई यात्रियों को इस महीने नए-नए शहरों के लिए उड़ाने मिल रही है। इस महीने की सौगात के बाद अगले महीने रायपुर से जबलपुर के लिए भी फ्लाइट शुरू होने वाली है। इसके लिए भी काफी समय से फ्लाइट शुरू करने मांग की जा रही थी। कंपनी ने रायपुर विमानतल में अपना टिकट काउंटर व ऑफिस भी खोलने वाली है।

नारायणपुर (शोर सन्देश)। कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण ईकाई नारायणपुर के अधिकारी-कर्मचारियों ने तमिलनाडू राज्य के विभिन्न पोल्ट्री फार्म रमैया पोल्ट्री फार्म, सुबु पोल्ट्री फार्म और पी.के.व्ही पोल्ट्री फार्म में एक वर्ष से काम कर रहे छत्तीसगढ़ के 35 बालक-बालिकाओं को रेस्क्यू कर मुक्त कराने में अपनी अहम् भूमिका निभायी। मुक्त कराये गये मजदूरों में नारायणपुर जिले के 25, कोण्डागांव जिले के 6 और कांकेर जिले के 4 बालक-बालिकायें शामिल है। रमैया पोल्ट्री फार्म, सुबु पोल्ट्री फार्म और पी.के.व्ही पोल्ट्री फार्म में कार्यरत थे, जो अपने गृहग्राम वापस आना चाहते पर पोल्ट्री फार्म के मालिकों की ओर से उनको अपने गृहग्राम वापस आने की अनुमति नहीं दे रहे थे और दबावपूर्ण कार्य करवा रहे थे। नामक्कल तमिलनाडू की रेस्क्यू टीम की ओर से इसी महीने उक्त पोल्ट्री फार्मो में छापामार कर रेस्क्यू की कार्यवाही की गयी और नारायणपुर जिले के इन बालक-बालिकाओं की मजदूरी राशि रुपए 13 लाख 77 हजार 160 का भुगतान भी कराया गया। इन सभी को बस के माध्यम से उनके गृह जिले के लिए रवाना भी किया। मजदूरों को मुक्त कराने और उनके वेतन भुगतान करवाने में जिला महिला और बाल विकास विभाग नारायणपुर बाल संरक्षण अधिकारी अजीत सिंह, संरक्षण अधिकारी सरिता वंजारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कार्यवाही के दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई नारायणपुर के अधिकारी/कर्मचारी नियमित रूप से रेस्क्यू के दौरान और छत्तीसगढ़ आने वाली टीम के साथ सतत् संपर्क स्थापित करते रहे। नामक्कल की टीम जगदलपुर होते हुए पहुंची। सबसे पहले कोण्डागांव की 6 बालिकाओं, कांकेर की 4 बालिकाओं को जिला प्रशासन को सौपते हुए नारायणपुर जिले के 25 बालक-बालिकाओं को तमिलनाडू की टीम ने जिला प्रशासन को सौंपा। उक्त 25 बालक बालिकाओं में से 2 बालक और 6 बालिका है जो कि नाबालिक हैं। जिनकी अग्रीम कार्यवाही क्वारंटीन समयावधि पूर्ण होने के उपरांत बाल कल्याण समिति नारायणपुर की ओर से कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही अन्य नाबालिक बालिकाओं को प्रलोभन देकर अन्य राज्यों में ले जाने वाले दलालों के खिलाफ भी श्रम विभाग नारायणपुर की ओर से कार्यवाही की जा रही है।

रायपुर (शोर सन्देश). प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में आज कई बड़े फैसले लिये गये, जिसमें देश के 3 एयरपोर्ट के निजीकरण को मंजूरी दे दी गयी है. रायपुर एयरपोर्ट को अभी निजी हाथों में नहीं दिया जायेगा. 3 अन्य एयपोर्ट को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने निजीकरण के लिए मंजूरी दी है.
रायपुर एयरपोर्ट, सहित अमृतसर, वाराणसी, भुवनेश्वर, इंदौर, और त्रिची के हवाईअड्डों को भारतीय विमानपतन प्राधिकरण( AAI) ने निजीकरण की सिफारिश सितम्बर 2019 में नागर विमानन मंत्रालय को की थी. मगर केंद्र सरकार ने आज 3 अन्य एयरपोर्ट के निजीकरण को मंजूरी दी हैं. उसमें जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट शामिल हैं.

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने पदभार ग्रहण करने के बाद आज पहली सुनवाई रायपुर जिले में की। डॉ. किरणमयी नायक ने बताया कि सुनवाई के दौरान एक महिला अचानक आई और उसने इच्छा मृत्यु की मांग आयोग के सामने रखी। महिला का छह महीने पूर्व प्रेम विवाह हुआ है, उसके पति ने उसे छोड़ दिया है, जिसकी वजह से महिला काफी परेशान थी। अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने महिला के पति को तुरंत आयोग दफ्तर में बुलाया और दोनोंजन की समझाईश दी। इसके बाद महिला को सखी सेण्टर भेज दिया गया। अध्यक्ष किरणमयी नायक ने सुनवाई के दौरान मामलोक को देखकर अपील की है कि बेटियों को उचित शिक्षा दें और हर तरह का ज्ञान दें। जिस तरह के मामले इन दिनों आयोग के सामने आ रहे हैं, ऐसे ज्यादातर मामले फिल्मों में देखे जाते हैं।
वहीं उन्होंने महिला आयोग के प्रकरणों को लेकर बताया कि प्रदेश के तमाम जिलों के कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखा है, जिसमें आयोग की चिट्ठियों को तत्काल संज्ञान में लेकर के प्रकरण को जल्द प्रेषित करें, जिससे महिलाओं की समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण हो सके। उन्होंने बताया कि सुनवाई के लिए सम्मन भेजा जाता है, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि जिस दिन सुनवाई उस दिन सम्मन आता है, जिससे लोगों को आने में दिक्कत होती है।
आयोग से मिली जानकारी के अनुसार आज 20 प्रकरणों की सुनवाई की गई, जिसमें से 14 प्रकरणों में पक्षकार उपस्थित हुए, सुनवाई केबाद आयोग ने 04 प्रकरणों में अपना फैसला सुनाया।

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के जन्मदिवस 20 अगस्त को सद्भावना दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। सद्भावना दिवस पर प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों में कोरोना संक्रमण के सुरक्षात्मक तरीके अपनाते हुए अधिकारी-कर्मचारी सद्भावना दिवस की शपथ लेंगे। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में सभी विभागों के सचिवों, अध्यक्ष राजस्व मंडल, समस्त विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त और कलेक्टरों को निर्देश जारी किए है कि वर्तमान में कोविड-19 महामारी के संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा सुझाए गए विभिन्न दिशा-निर्देशों (सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना इत्यादि सुरक्षात्मक उपाय) को अपनाकर और पब्लिक गैदरिंग से बचते हुए सद्भावना संबंधी शपथ अपने कार्यालय में ली जाए। निर्देश में यह भी कहा गया है कि सद्भावना दिवस मनाए जाने का उद्देश्य सभी धर्मों, भाषाओं और क्षेत्रों के लोगों के बीच राष्ट्रीय एकीकरण की भावना जागृत करना और हिंसा के विचार को छोड़ते हुए लोगों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देना है।

00 राजीव गांधी किसान योजना के 19 लाख किसानों को 1500 करोड़ रूपए की दूसरी किश्त
00 11.46 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलेगा 232.81 करोड़ रूपए का प्रोत्साहन पारिश्रमिक
00 गोधन न्याय योजना: गोबर विक्रेताओं को मिलेगी 4 करोड़ 50 लाख रूपए का दूसरा भुगतान
00 सोनिया और राहुल गांधी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए होंगे शामिल
रायपुर (शोर सन्देश)। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती 20 अगस्त पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश के किसानों, तेंदूपत्ता संग्राहकों और गोबर बिक्रेताओं के खाते में 1737.50 करोड़ रुपए की राशि का सीधे अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री इस राशि में से धान, गन्ना और मक्का उत्पादक 19 लाख किसानों को ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ के तहत 1500 करोड़ रूपए की दूसरी किश्त की राशि का आॅनलाईन अंतरण करेंगे। इसके अलावा श्री बघेल गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेताओं को 4 करोड़ 50 लाख रूपए की राशि और तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2018 के प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में 232.81 करोड़ की राशि उनके खातों में अंतरित करेंगे। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में दोपहर 12.30 बजे आयोजित कार्यक्रम से सांसद सोनिया गांधी और राहुल गांधी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होंगे। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ मंत्रीमंडल के सदस्य उपस्थित रहेंगे।
छत्तीसगढ़ सरकार की राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रदेश के 19 लाख किसानों को 5750 करोड़ की अनुदान सहायता राशि दी जा रही है। जिसमें प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ की राशि राजीव गांधी जी के शहादत दिवस 21 मई को प्रदान की गई थी वहीं इस योजना के तहत दूसरी किश्त के रूप में 1500 करोड़ की राशि 20 अगस्त को प्रदान की जा रही है। इस योजना से प्रदेश के धान, गन्ना और मक्का उत्पादक किसान लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में गोधन न्याय योजना के तहत दो रूपए प्रति किलो की दर से गोबर की खरीदी की जा रही है। इस योजना में 20 जुलाई से 15 अगस्त तक 6 करोड़ 17 लाख रूपए मूल्य का 3 लाख क्विंटल से ज्यादा गोबर खरीदा जा चुका है। गोधन न्याय योजना का पहला भुगतान 5 अगस्त को एक करोड़ 65 लाख रूपए का किया जा चुका है। इस योजना के तहत 2 अगस्त से 15 अगस्त तक खरीदे गए सवा दो लाख क्विंटल गोबर की राशि 4 करोड़ 50 लाख रूपए का भुगतान विक्रेताओं को उनके खातों में किया जाएगा। प्रदेश के 4377 गौठानों में से 3205 क्रियाशील गौठान हैं, जहां गोबर खरीदी हो रही है। राज्य में 1 लाख 1919 पशुपालकों का पंजीयन किया गया है, इनमें से 63 हजार 942 पशुपालक योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। खरीदे गए गोबर से गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार की जा रही है, जिसकी बिक्री 8 रुपए प्रति किलो की दर पर सहकारी समिति के माध्यम से की जाएगी। इस अवसर पर प्रदेश के 114 विकासखण्डों के अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2018 सीजन में 728 समितियों के 11 लाख 46 हजार 626 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 232 करोड़ 81 लाख रूपए की प्रोत्साहन पारिश्रमिक की राशि वितरित की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री बघेल यह राशि सीधे तेंदूपत्ता संग्राहकों के खाते में आर.टी.जी.एस. के जरिए अंतरित करेंगे। तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रोत्साहन पारिश्रमिक वितरित करने के लिए संबंधित जिलों में जिला स्तर पर और 114 विकासखण्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विकाखण्ड स्तर पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में अधिकतम प्रोत्साहन पारिश्रमिक की राशि प्राप्त करने वाले 10 संग्राहक सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2018 सीजन में प्रदेश की 880 प्राथमिक वन समितियों द्वारा कुल 14.85 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया गया था। संग्रहण पारिश्रमिक की दर वर्ष 2018 में 2500 रूपए प्रति मानक बोरा थी। वर्ष 2018 में 11 लाख 98 हजार 673 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 371.15 करोड़ रूपए की राशि संग्रहण पारिश्रमिक के रूप में वितरित की गई थी। इन 880 समितियों में से 854 समितियों के तेंदूपत्ता का निर्वर्तन निविदा के माध्यम से किया गया है। इनमें से 728 समितियां लाभ की स्थिति में रहीं। तेंदूपत्ता व्यापार से शुद्ध लाभ की 80 प्रतिशत राशि प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में तेंदूपत्ता संग्राहकों को वितरण करने का प्रावधान राज्य शासन की नीति में है।
लाभ की स्थिति वाले 728 समितियों के 11 लाख 46 हजार 626 तेंदूपत्ता संग्राहकों को कुल 232.81 करोड़ रूपए की राशि प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में वितरित की जाएगी। ये समितियां प्रदेश के 114 विकासखण्डों के अंतर्गत स्थित है। जिन संग्राहकों के बैंक खातों का विवरण प्राप्त हो गया है, उनके खाते में यह राशि सीधे एक्सिस बैंक के माध्यम से आर.टी.जी.एस से भेजी जाएगी। प्रदेश में तेंदूपत्ता का संग्रहण पारिश्रमिक 2500 रुपए से बढ़ाकर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है, इसी प्रकार पर 7 के स्थान पर 31 लघु वनोपजों को समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था की गयी है।

00 आए सुझाव पर बाजार को पूरे समय खोलने पर भी कर रहे विचार
00 मंत्रीमंडल की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद लिया गया निर्णय
रायपुर (शोर सन्देश)। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बाए आज मंत्रीमंडल के सदस्य अफसर व जनप्रतिनिधियों की एक आपात बैठक हुई। बैठक में स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी हाल में लाकडाउन नहीं लगेगा। सभी नियमों के दायरे में रहते हुए निश्चिन्त होकर कारोबार करें। जो सुझाव आए उन पर विचार कर तय किया जायेगा कि किस प्रकार पूरे समय बाजार को खोला जाए। चुनौती का बखूबी सामना राज्य सरकार कर रही है और किसी भी परिस्थिति से निपटने पूरी तरह तैयार है। एनजीओ और अन्य संगठनों से भी इसमें सहयोग लिया जायेगा। धर्मशाला व अन्य संस्थानों को भी अस्थायी कोविड हास्पिटल के रूप में तैयार किया जा रहा है। अस्पतालों में बेड व टेस्टिंग बढ़ाये जा रहे हैं। बैठक के बाद जानकारी देते हुए केबिनेट मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि शुरूआती तीन महीने पूर्ण लॉकडाउन लागू किया गया था। इसके बाद अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई और फिर मामलों के बढऩे के साथ लॉकडाउन लागू करना पड़ा। पिछले एक पखवाड़े से राजधानी रायपुर सहित राज्य के कई शहरों में आंशिक लॉकडाउन लागू है। राजधानी रायपुर में दिन और समय के आधार पर अलग-अलग प्रकार के व्यवसायिक संस्थानों और दुकानों को खोला जा रहा है, ताकि बाजार में भीड़-भाड़ को नियंत्रित किया जा सके। बाजारों को भी पूरे समय तक खोलने पर विचार किया जा रहा है।
मंत्री चौबे ने कहा कि कोरोना संक्रमण रोकने को लेकर जनप्रतिनिधियों और अफसरों के सुझाव आए हैं। इन सुझावों पर विचार विमर्श कर नए दिशा निर्देश तैयार किए जा रहे हैं। दूसरी तरफ उन्होंने राज्य और राजधानी रायपुर में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों पर चिंता भी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए एक बड़ी चुनौती है और हम जनहित को ध्यान में रखते हुए मजबूती के साथ इस चुनौती का सामना कर रहे हैं। मंत्री चौबे ने कहा- कोरोना की रोकथाम को लेकर प्रदेश में लगातार काम किए जा रहे हैं। लगातार ट्रेसिंग की जा रही है और प्रसार को रोकने के उपाय ढूंढ़े जा रहे हैं। अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के साथ ही लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कोविड नियंत्रण में समाज सेवी संस्थाओं और समासेवियों से भी सहयोग की अपील की है।

रायपुर (शोर सन्देश)। ईओडब्लू और एसीबी छत्तीसगढ़ से प्रतिनियुक्ति उपरांत पुुलिस मुख्यालय से वापस किए गए कर्मचारियों को उनके मूल इकाई में वापस भेज दिया गया है। निम्न लोग शामिल हैं।

अंबिकापुर (शोर सन्देश)। अंबिकापुर से सीतापुर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग की अस्थल की बदहाली को देखकर कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। मंत्री अमरजीत भगत जल्द से जल्द सुधार कार्य करवाने के निर्देश भी दिए। मंत्री बुधवार को अंबिकापुर से सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य के निरीक्षण पर निकले थे। सड़क निर्माण कार्य में लापरवाही और यहाँ अव्यवस्था देखकर वे बिफर हुए और अधिकारियों का आड़े हाथों लिया। ज्ञात हो कि इस राजमार्ग को लेकर उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को कई बार पत्र भी लिखा है।