
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। भारत में कोरोना वायरस महामारी से हालात बिगड़े हुए हैं. देश में एक दिन के अंदर ही 75 हजार से भी अधिक नए मरीज सामने आ रहे हैं। फिलहाल देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 33 लाख को पार हो चुका है। ऐसे में हर कोई कोरोना वैक्सीन का इंतजार कर रहा है। कोरोना वैक्सीन को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोला है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा, `एक निष्पक्ष समावेशी कोविड वैक्सीन पहुंच की रणनीति अब तक होनी चाहिए थी, लेकिन अभी भी इसके कोई संकेत नहीं हैं. भारत सरकार की लापरवाही चिंताजनक है।`
कोरोना वैक्सीन को लेकर राहुल गांधी ने इससे पहले भी एक ट्वीट किया था। 14 अगस्त को राहुल ने ट्वीट में लिखा था। `भारत कोरोना वैक्सीन उत्पादक देशों में से एक होगा। यह उपलब्धता, सामर्थ्य उचित वितरण सुनिश्चित करने के लिए एक स्पष्ट रूप से परिभाषित, समावेशी न्यायसंगत वैक्सीन पहुंच रणनीति की आवश्यकता है। भारत सरकार को अब इसे करना ही चाहिए।`

नए ट्वीट में की विरोध और समर्थन की बात
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कांग्रेस में नेतृत्व विवाद के बाद से पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल रोज कोई न कोई नया ट्वीट कर रहे हैं। हालांकि, उनके ट्वीट से यह साफ नहीं हो रहा है कि वो कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में हुए फैसले के बाद किस छोर पर खड़े हैं। बुधवार को उन्होंने अपने नए ट्वीट में विरोध और समर्थन की बात की है। उन्होंने लिखा है, ‘सिद्धांतों के लिए लड़ते समय… जीवन में, राजनीति में, अदालत में, सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर…विपक्ष (विरोध करने वाले) तो मिल ही जाता है…समर्थन का इंतज़ाम करना पड़ता है।’
इसके पहले मंगलवार को कपिल सिब्बल ने अपने एक ट्वीट में पद और देश के अहमियत की बात की थी। उन्होंने ट्वीट में लिखा था, ‘यह किसी पद के बारे में नहीं, यह मेरे देश के बारे में जो सबसे अहम है। ’
कांग्रेस में नेतृत्व में बदलाव को लेकर चिट्ठी लिखने वालों में कपिल सिब्बल का भी नाम है। चिट्ठी का विवाद सामने आने के बाद सोनिया गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की थी, जिसके बाद कार्य समिति की बैठक बुलाई गई थी। हालांकि, इस बैठक में आखिरी फैसला यही हुआ कि सोनिया फिलहाल पद पर बनी रहेंगी, लेकिन सूत्रों के हवाले से ऐसी जानकारी आई थी कि राहुल गांधी ने कथित रूप से इन नेताओं पर भाजपा से सांठगांठ का आरोप लगाया है, जिसे लेकर सिब्बल ने तुरंत ट्वीट कर दिया था।
उन्होंने लिखा था, ‘कहा जा रहा है कि हम भाजपा के साथ साठगांठ कर रहे हैं। राजस्थान उच्च न्यायालय में कांग्रेस पार्टी का पक्ष रखते हुए सफल हुआ। मणिपुर में भाजपा को सत्ता से बेदखल करने करने के लिए पार्टी का पक्ष रखा। पिछले 30 सालों में भाजपा के पक्ष में कोई बयान नहीं दिया, इसके बावजूद कहा जा रहा है कि हम भाजपा के साथ साठगांठ कर रहे हैं।’ हालांकि, इसके थोड़ी देर बाद ही उन्होंने दूसरा ट्वीट कर कहा कि उनकी राहुल गांधी से निजी तौर पर बात हुई है और राहुल ने बताया है कि उन्होंने मीटिंग में ऐसी कोई बात नहीं कही है, जिसके बाद वो अपना ट्वीट वापस ले रहे हैं।

कम होगी मनाली-लेह की दूरी
नई दिल्ली(शोर सन्देश)। हिमाचल प्रदेश में रोहतांग दर्रे के करीब बनाई गई 9 किलोमीटर लंबी अटल सुरंग अब उद्घाटन के लिए तैयार है। ऊंचाई के हिसाब दुनिया की पहली सुरंग होगी इसे लगभग 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बनाया गया है। इसके शुरू होने पर मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी। यह सुरंग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पाकिस्तान-चीन बॉर्डर पर भारत की ताकत बढ़ जाएगी।
अटल सुरंग की विशेषताएं :
इसमें एक आपातकालीन एस्केप सुरंग भी शामिल है जिसे मुख्य सुरंग के नीचे बनाया गया है। यह किसी भी अप्रिय घटना के मामले में एक आपातकालीन निकास प्रदान करेगा, जो मुख्य सुरंग को अनुपयोगी बना सकता है। सुरंग में हर 150 मीटर पर एक टेलीफोन, हर 60 मीटर पर अग्नि हाइड्रेंट, हर 500 मीटर पर आपातकालीन निकास, हर 2.2 किमी में गुफा, हर एक किमी. पर हवा की गुणवत्ता की निगरानी प्रणाली, हर 250 मीटर पर सीसीटीवी कैमरों के साथ प्रसारण प्रणाली और घटना का पता लगाने वाली स्वचालित प्रणाली लगाई गई है। सुरंग में 80 किमी. प्रति घंटे की अधिकतम गति से वाहन चल सकेंगे और प्रतिदिन 5000 वाहन इससे गुजर सकेंगे। यह सुरंग लेह और लद्दाख के आगे के क्षेत्रों के लिए सभी मौसम के अनुकूल होगी।
दरअसल बर्फ़बारी के दिनों में यह इलाका अप्रैल से नवम्बर तक देश के बाकी हिस्सों से लगभग छह महीने के लिए कट जाता है। बर्फ़बारी के दिनों में भी इस सुरंग से पाकिस्तान और चीन सीमा तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा क्योंकि लेह-मनाली राजमार्ग दोनों देशों की सीमा से लगा हुआ है। इसलिए इस सुरंग के शुरू होने पर इसी के जरिये लद्दाख सीमा तक सैन्य वाहनों की सुरक्षित आवाजाही हो सकेगी और सैनिकों को रसद पहुंचाने में दिक्कत नहीं आएगी। इस सुरंग से भारतीय सीमा पर स्थित अग्रिम चौकियों की चौकसी, मुस्तैदी और ताकत काफी बढ़ जाएगी।
रक्षा मंत्रालय के अधीन सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने अपनी पहचान के मुताबिक इस मुश्किल कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। बीआरओ के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने 21 अगस्त को सुरंग का दौरा करने के बाद बताया कि सभी तरह के निर्माण कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं। सुरंग बनाये जाने के दौरान अवशेष के रूप में अंदर बहुत अधिक धूल है।
हिमालय की पीर पांज पर्वत श्रेणी में बनी यह सुरंग जमीन से 10 हजार फीट की ऊंचाई पर है। इस सुरंग के बालू होने पर मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी। यह रोहतांग दर्रा तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग भी होगा जो 13 हजार 50 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। अभी मनाली घाटी से लाहौल और स्पीति घाटी तक की यात्रा में आमतौर पर पांच घंटे से अधिक समय लगता है जो अब 10 मिनट से कम समय में पूरा हो जाएगा। 2010 में इस सुरंग का निर्माण शुरू हुआ था जिसे 2019 तक पूरा करना था लेकिन कोविड-19 महामारी की वजह से श्रमिक और सामग्री उपलब्ध न हो पाने के कारण परियोजना को पूरी करने में थोड़ी देरी हुई है लेकिन अब यह उद्घाटन के लिए तैयार है।

अर्थव्यवस्था पर राहुल ने सरकार को घेरा
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अर्थव्यवस्था को लेकर एक बार फिर मोदी सरकार को घेरा है। उनका कहना है कि वे जिस खतरे के बारे में कई महीनों से आगाह कर रहे थे, उसे अब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी माना है।
राहुल ने बुधवार को ट्वीट कर कहा, ‘आरबीआई ने अब पुष्टि कर दी कि जिसकी मैं महीनों से चेतावनी दे रहा हूं। सरकार को अब ज्यादा खर्च करने की जरूरत है, कर्ज देने की जरूरत नहीं है। गरीबों को पैसा दें, उद्योगपतियों का टैक्स मत माफ कीजिए। खपत के जरिए अर्थव्यवस्था को दोबारा शुरू करें। मीडिया के जरिए ध्यान भंग करने से न तो गरीबों की मदद होगी और न ही आर्थिक आपदा गायब होगी।’
अपने ट्वीट के साथ राहुल गांधी ने एक अखबार की खबर को शेयर किया है, जिसमें आरबीआई की रिपोर्ट के बारे में लिखा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में खपत को गंभीर झटका लगा है। गरीब को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। ऐसे में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लौटने में काफी समय लगेगा।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार ने कॉरपोरेट टैक्स में जो कटौती की है उससे निवेश को बढ़ावा नहीं मिला है बल्कि कंपनियों ने इसका इस्तेमाल कर्ज घटाने और कैश बैलेंस करने में किया है। बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के कारण लंबे समय तक देश में लॉकडाउन लागू रहा। इससे देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है।

पिछले साल के मुकाबले कॉर्निया दान में 84 फीसदी की कमी आई
नई दिल्ली/ रायपुर (शोर सन्देश)। जीवन जीने के तौर तरीकों में बदलाव और डिजिटल स्क्रीन का अत्यधिक इस्तेमाल के कारण सभी उम्र के बहुत सारे लोगों में दृष्टि की मामूली से लेकर गंभीर समस्या बढ़ रही है। हालांकि इससे बचा या छुटकारा पाया जा सकता है, बशर्ते कि लोग नेत्रदान यानी कॉर्निया के दान के लिए आगे आएं। इलाज योग्य दृष्टिहीनता के मामले कम करने के मकसद से ऑल इंडिया ऑप्थैल्मोलॉजी सोसायटी (एआईओएस) इस बारे में जानकारी को लेकर जागरूकता अभियान शुरू किया है। राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के तहत लोगों को दृष्टि/कॉर्निया दान के लिए प्रोत्साहित किया।
एआईओएस के अध्यक्ष और सेंटर फॉर साइट ग्रुप ऑफ हास्पिटल्स के चेयरमैन डॉ. महिपाल सिंह सचदेव ने कहा, कोविड 19 महामारी का असर इस साल भारत में नेत्रदान मुहिम पर भी पड़ा है। नेत्र बैंक में तीन महीने बाद कामकाज जून में शुरू भी हुआ तो नेत्रदान करने वालों की संख्या बहुत कम रही। इस वजह से देश में कॉर्निया के कारण दृष्टि गंवा देने वाले मरीजों की तादाद बहुत ज्यादा हो चुकी है। भारत में दृष्टिहीनता की समस्या कम करने के लिए तत्काल सुरक्षा के उपाय लागू करना बहुत जरूरी हो गया है। हाल के आंकड़े बताते हैं कि देश में अभी कॉर्निया के कारण दृष्टिहीनता के शिकार लगभग 11 लाख मरीज कॉर्निया प्रत्यारोपण का इंतजार कर रहे हैं। पिछले साल ऐसे 26000 मरीजों की सर्जरी का कॉर्निया प्रत्यारोपण किया गया था। पिछले साल के मार्च से लेकर जून 2019 के दौरान 6991 कॉर्निया एकत्रित किए गए थे और इनमें से 2374 मामलों की सफल सर्जरी हुई। लेकिन इस साल इसी अवधि में सिर्फ 1125 कॉर्निया दान किए गए जबकि सिर्फ 515 मरीजों को ही इसका लाभ मिल पाया। ये आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल के मुकाबले इस साल कॉर्निया दान में 84 फीसदी की गिरावट आई है।
यदि किसी व्यक्ति को कोई चीज देखने में धुंधला नजर आता है तो इसका मतलब है कि उसकी आंखों के ऊपर की परत यानी टिश्यू उसके कॉर्निया को घेर लेती है। यह किसी बीमारी, चोट, संक्रमण या खराब खानपान के कारण होता है। जो आगे चलकर दृष्टिहीनता की स्थिति तक पहुंच जाती है। इसका इलाज संभव है यदि किसी स्वस्थ व्यक्ति का कॉर्निया उसे प्रत्यारोपित किया जाए। समय से ऐसे मरीजों का इलाज होता रहे, तो देश से दृष्टिहीनता के मामले बहुत कम हो जाएंगे। यही वजह है कि कॉर्निया दान करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाता है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। यूपीएसी ने सीधी भर्ती व्यवस्था के तहत पहली बार ज्वाइंट सेक्रेटरी पद के लिए प्राइवेट क्षेत्र से जिन 9 एक्सपर्ट्स को चुना हैं, उनमें से एक व्यक्ति अभिनेता मनोज बाजपेयी के भाई भी हैं। अभिनेता मनोज बाजपेयी के छोटे भाई सुजीत कुमार बाजपेयी को मिनिस्ट्री ऑफ एनवॉयरमेंट, फॉरेस्ट और क्लाइमेट चेंज का ज्वॉइंट सेक्रेटरी बनाया गया है। सरकार में ज्वॉइंट सेक्रेटरी वह पद है, जिस पर पहुंचने के लिए यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर आईएएस अफसर बने लोगों को कई-कई साल लग जाते हैं।
मनोज ने इस सिलसिले में बात करते हुए कहा, हम बेहद खुश हैं और सुजीत पर गर्व महसूस कर रहे हैं। हमें पहले से पता था कि सुजीत बहुत मेहनती और ईमानदार शख्स है। वो अपनी ड्यूटी के प्रति बेहद वफादार है और यही कारण है कि उसकी उन्नति देखकर मुझे जरा भी हैरानी नहीं हो रही है। हम छह भाई हैं और हम सभी अपने छोटे भाई की सफलता से बेहद खुश हैं।
गौरतलब है कि कार्मिक मंत्रालय ने पिछले साल जून में `सीधी भर्ती व्यवस्था के जरिए संयुक्त सचिव रैंक के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। इन पदों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 जुलाई 2018 थी। इससे संबंधित सरकारी विज्ञापन के सामने आने के बाद कुल 6,077 लोगों ने आवेदन किए थे।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। पाकिस्तान की सीमा नियंत्रण रेखा (एलओसी) और चीन की सीमा लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर दोनों देशों के बीच तनातनी चल रही है। इसके बावजूद भारत अगले महीने चीन और पाकिस्तान के साथ रूस में एक संयुक्त युद्धाभ्यास में हिस्सा लेगा।
दक्षिण रूस के अस्त्रखान क्षेत्र में 15 से 26 सितम्बर के बीच सैन्य अभ्यास आयोजित किया जाएगा। इसमें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य भारत, चीन, पाकिस्तान, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान के अलावा 11 अन्य देश हिस्सा लेंगे। इसके अलावा इस ड्रिल में मंगोलिया, सीरिया, ईरान, मिस्र, बेलारूस, तुर्की, आर्मेनिया, अबकाज़िया, दक्षिण ओसेतिया, अजरबैजान और तुर्कमेनिस्तान भी शामिल होंगे। अगले महीने होने वाले इस युद्धाभ्यास में मेजबान रूस सहित 19 काउंटी देश शामिल होंगे। सारे देशों को मिलाकर इस अभ्यास में 12 हजार 500 से अधिक सैनिक भाग लेंगे।
भारत और चीनी सेनाओं के बीच लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चार महीने से ज्यादा लंबे समय से गतिरोध बना हुआ है। बातचीत के कई स्तरों के बावजूद लद्दाख में तनाव कम करने में सफलता नहीं मिली है और चार महीने से गतिरोध जारी है। 15 जून को गलवान घाटी में बिना हथियारों के इस्तेमाल के भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच कई झड़पें हुई थीं जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हुए थे जबकि चीन ने अपने मृत सैनिकों की संख्या सार्वजनिक नहीं की थी। इसके बाद से भारत और चीन के बीच लगातार सिर्फ टकराव ही नहीं बढ़ रहा है बल्कि लद्दाख से लेकर अरुणाचल, उत्तराखंड, सिक्किम में दोनों तरफ से सैनिकों और हथियारों का जमावड़ा बढ़ता ही जा रहा है। इस युद्धाभ्यास में चीन भी अपनी नौसेना के तीन जहाजों और सेना की एक टुकड़ी को वहां दिखावे के लिए भेजेगा।
इसी तरह जम्मू-कश्मीर में भी सीमा पर पाकिस्तान के साथ हालात ठीक नहीं है। सीमा पर लगातार सीज फायर उल्लंघन और पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ की घटनाएं बढ़ रही हैं। भारत ने एलओसी पर लड़ाकू विमान तेजस तैनात कर रखा है और सीमा पर हाई अलर्ट रखा गया है। दनों देशों से `टू फ्रंट वार` की स्थिति के बीच दोनों देशों की सेनाओं के साथ भारत का रूस में होने वाले इस युद्धाभ्यास में शामिल होना का अहम माना जा रहा है। भारतीय सेना की एक पैदल टुकड़ी, तोपखाने, बख़्तरबंद गाड़ियों के साथ लगभग 180 सैनिक और अधिकारी इस युद्धाभ्यास में शामिल होंगे। इसमें भारत की तरफ से वायु सेना और सिग्नल कोर के जवान भी शामिल होंगे।

दिल्ली (शोर सन्देश). कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में फैसला लिया गया है कि सोनिया गांधी फिलहाल पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी. सीडब्ल्यूसी में इस फैसले पर रजामंदी हुई है कि सोनिया गांधी एक और साल के लिए पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालती रहेंगी. बता दें कि कांग्रेस में नेतृत्व संकट के बीच आज कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक चल रही थी. इस दौरान नेतृत्व के सवाल पर खुलकर बात हुई. बैठक के दौरान पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा था कि वो अब आगे पार्टी अध्यक्ष नहीं बने रहना चाहती हैं. लेकिन कई नेताओं ने उन्हें पद पर बने रहने की अपील की थी.
गौरतलब है कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में सोनिया गांधी ने अंतरिम अध्यक्ष पद से इस्तीफे की बात कही थी. इसके साथ ही उन्होंने पार्टी को नया अध्यक्ष चुनने के लिए भी कहा था. हालांकि, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, एके एंटनी समेत कई नेताओं ने सोनिया गांधी से पद पर बने रहने की अपील की थी.
इस वजह से बुलाई गई थी बैठक
जानकारी के मुताबिक CWC की ये बैठक सोनिया गांधी को करीब 2 हफ्ते पहले लिखी गई एक चिट्ठी की प्रतिक्रिया के तौर पर बुलाई गई थी. कम से कम 23 नेताओं जिनमें CWC के सदस्य, UPA सरकार में मंत्री रहे नेता और सांसदों ने सोनिया गांधी को संगठन के मसले पर चिट्ठी लिखी थी. चिट्ठी में सशक्त केंद्रीय नेतृत्व के साथ पार्टी को चलाने की सही रणनीति पर जोर दिया गया था. इसमें कहा गया था कि नेतृत्व ऐसा हो जो सक्रिय हो और जमीन पर काम करता दिखे.

भारत में कोविशील्ड नाम से होगा निर्माण
पुणे (शोर सन्देश)। भारत समेत दुनियाभर में अभी भी कोरोना वायरस वैक्सीन का इंतजार जारी है। कुछ हफ्तों पहले ही ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की ओर से विकसित की जा रही वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल की शुरुआत की गई थी। अब भारत में भी इसके दूसरे चरण के मानवीय परीक्षण की तैयारी हो चुकी है। भारत में इस हफ्ते से ये ट्रायल शुरू हो सकता है।
सोमवार या मंगलवार तक दी जा सकती है डोज.
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से भारत में वैक्सीन का ट्रायल और निर्माण कर रहे सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया 3-4 ऐसी जगहों (ट्रायल साइट्स) की पहचान कर ली है, जहां ट्रायल को लेकर सभी तरह की तैयारी दिख रही है। पुणे में 4 ट्रायल साइट का चयन किया गया है, जिनमे भारती विद्यापीठ डीम्ड यूनिवर्सिटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, जहांगीर क्लीनिकल डेवलपमेंट सेंटर, KEM हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर और बीजे मेडिकल कॉलेज और सैसन जनरल हॉस्पिटल शामिल है।
इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) के अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई है कि इस वैक्सीन की डोज का इस हफ्ते सोमवार या मंगलवार तक परीक्षण शुरू हो सकता है। ICMR के अधिकारियों के मुताबिक इन ट्रायल साइट्स में एक साथ परीक्षण शुरू हो सकता है।
ब्रिटेन में इस वैक्सीन के मानवीय परीक्षण के अच्छे नतीजे दिखे थे और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद मिली थी। भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया इसका परीक्षण कर रहा है। इसे देश में कोविशील्ड (Covishield) नाम दिया जा रहा है।
वहीं सीरम इंस्टीट्यूट ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि ट्रायल में सफलता मिलने और सभी तरह के रेगुलेटरी अप्रूवल हासिल करने के बाद ही वैक्सीन का व्यावसायिक निर्माण शुरू किया जाएगा।

अपने दोस्त को बहुत याद करता हूं : पीएम मोदी
नई दिल्ली(शोर सन्देश)। भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं में से एक और देश के पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की आज पहली पुण्यतिथि है। पिछले साल 24 अगस्त को ही लंबी बीमारी के बाद दिल्ली के एम्स अस्पताल में जेटली का निधन हो गया था। जेटली की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें याद किया और कहा कि उन्हें अपने दोस्त की बहुत याद आती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार 24 अगस्त को ट्वीट कर अपनी कैबिनेट में वित्त मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय जैसे अहम विभाग संभालने वाले जेटली को याद किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम ने अपने ट्वीट में लिखा, `पिछले साल, आज ही के दिन हमने अरुण जेटली जी को खोया था। मुझे अपने दोस्त की। बहुत याद आती है। अरुण जी ने पूरी कर्मठता से देश की सेवा की। उनकी हाजिरजवाबी, बौद्धिकता, कानूनी समझ और शानदार व्यक्तित्व बेहद प्रसिद्ध थे।`
पीएम ने अपने ट्वीट के साथ एक वीडियो भी शेयर किया, जो पिछले साल जेटली के निधन के बाद आयोजित प्रार्थना सभा का है। इस प्रार्थना सभा में प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद थे और उन्होंने जेटली के व्यक्तित्व को याद किया था और उस वक्त भी कहा था कि उन्होंने बेहद करीबी दोस्त को खो दिया।
अरुण जेटली 2014 में बीजेपी की जीत के बाद मोदी सरकार में वित्त मंत्री बने थे। इस दौरान जेटली के नेतृत्व में वित्त मंत्रालय ने नोटबंदी से लेकर जीएसटी जैसे मोदी सरकार के अहम फैसलों को लागू किया था।
इस दौरान तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के गोवा का मुख्यमंत्री बनने के बाद जेटली ने कुछ वक्त के लिए रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाली थी। जेटली कई मौकों पर सरकार के संकटमोचक की भूमिका में दिखाई देते रहे।
हालांकि, 2019 में भाजपा की लगातार दूसरी जीत के बावजूद वह सरकार का हिस्सा नहीं बने। अपनी बीमारी का हवाला देते हुए उन्होंने पीएम मोदी से मंत्रिमंडल में शामिल न करने का आग्रह किया था। इसके 3 महीने बाद ही लंबी बीमारी के चलते जेटली का 24 अगस्त को निधन हो गया था।
गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा `अरुण जेटली जी एक उत्कृष्ट राजनीतिज्ञ, विपुल वक्ता और एक महान इंसान थे, जिनकी भारतीय राजनीति में कोई समानता नहीं थी। वह बहुआयामी और मित्रों के मित्र थे। जो हमेशा अपनी विशाल विरासत, परिवर्तनकारी दृष्टि और देशभक्ति के लिए याद किए जाएंगे।`
प्रखर नेता, विचारक, पद्म भूषण से सम्मानित पूर्व वित्त मंत्री स्व. अरुण जेटली की प्रथम पुण्यतिथि पर उन्हें शत् शत् नमन। राष्ट्र निर्माण में उनकी जनकल्याणकारी नीतियों एवं योजनाओं का अप्रतिम योगदान सदैव याद किया जाएगा।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट कर कहा, `प्रखर नेता, विचारक, पद्म भूषण से सम्मानित पूर्व वित्त मंत्री स्व. श्री अरुण जेटली जी की प्रथम पुण्यतिथि पर उन्हें शत् शत् नमन। राष्ट्र निर्माण में उनकी जनकल्याणकारी नीतियों एवं योजनाओं का अप्रतिम योगदान सदैव याद किया जाएगा।`