
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के हाथों में थमी हॉकी स्टिक की बाजीगरी को सभी जानते हैं, लेकिन एक बार उन्होंने क्रिकेट खेलते हुए हाथों में बल्ला थामा था और गेंद को एक बार भी विकेट के पीछे नहीं जाने दिया था। ध्यानचंद का शनिवार 29 अगस्त को जन्मदिन है जिसे पूरे देश में खेल दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
ध्यानचंद ने 1961 में माउंट आबू में शौकिया तौर पर क्रिकेट खेली थी। माउंट आबू में ध्यानचंद हॉकी खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे थे। उसी हाकी मैदान के पास के मैदान पर क्रिकेट का प्रशिक्षण भी चल रहा था। इसी बीच ध्यानचंद भी क्रिकेट पिच पर आ गए और शौक़ियाना अंदाज में बल्ला लेकर बैटिग करने लगे। बॉलर बॉल फेंकते जा रहे थे और ध्यानचंद बॉल को अलग अलग दिशाओं में बाउंड्री के बाहर बड़ी कुशलता से भेजते जा रहे थे। उन्होंने कोई भी बॉल विकेटकीपर के दस्तानों में नहीं पहुंचने दी।
जब ध्यानचंद से पूछा गया कि आपने तो विकेट के पीछे गेंद ही नहीं जाने दी तब उन्होंने कहा कि हम हॉकी स्टिक के दो इंच के छोटे से ब्लेड से गेंद को पीछे नहीं जाने देते और गेंद को छिटकने नहीं देते तो फिर यह क्रिकेट का चार इंच का चौड़ा बैट है इससे गेंद पीछे कैसे जा सकती है।
क्रिकेट से जुड़ा ध्यानचंद का एक और दिलचस्प वाक्या है। महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर जून,1985 में एक फेस्टिवल मैच खेलने लखनऊ पहुंचे थे। इस फेस्टिवल क्रिकेट मैच के लिए भारत के उस समय के चोटी के क्रिकेट खिलाड़ी सुनील गावस्कर, कपिल देव, सैयद किरमानी, दिलीप वेंगसरकर ,संदीप पाटिल आदि लखनऊ पहुंचे थे।
मैच समाप्ति के बाद रात में एक भव्य भोज का आयोजन इन खिलाड़यिों के सम्मान में आयोजित किया गया था। उस रात्रि भोज में प्रख्यात मूर्तिकार अवतार सिह पवार भी उपस्थित थे। अवतार सिह पवार ख्याति प्राप्त मूर्तिकार और संस्मरणों का खजाना रहे थे। 15० से अधिक महान व्यक्तियों की मूर्ति का निर्माण पवार के हाथों से हो चुका था। कार्यक्रम उद्घोषक ने घोषणा करते हुए कहा कि प्रख्यात मूर्तिकार कार्यक्रम में कुछ कहना चाहते हैं और साथ ही वह सुनील गावस्कर को अपने हाथों से बनाई गई एक मूर्ति भेंट करना चाहते हैं।
मंच पर अवतार सिह पवार पधारे और कहना शुरू किया कि मैंने अपने जीवन में अनेकों महान व्यक्तियों की मूर्तियों का निर्माण किया है आज मैं गावस्कर को एक मूर्ति भेंट करना चाहता हूं क्योंकि आज गावस्कर की उपलब्धियां को देखते हुए मैं यह समझता हूं कि यह मूर्ति के लिए वह उपयुक्त व्यक्ति हैं और वह उसके सही हकदार है।
मूर्ति को गावस्कर को भेंट करते हुए पवार ने फिर कहा कि गावस्कर साहब मेरे पास आपको देने के लिए जमीन, प्लॉट, कार आदि कुछ नहीं है किन्तु मैंने ध्यानचंद जी की एक मूर्ति बड़ी मेहनत और भावना से अपने जीवन में बनाई है जो मैं आपको भेंट करना चाहता हूं। पवार ने वह मूर्ति गावस्कर को बड़ी ही श्रद्धा के साथ भेंट की।
गावस्कर ने मूर्ति ग्रहण करते हुए कहा कि पवार साहब जिदगी में मुझे बंगला, गाड़ी , प्लॉट बहुत मिले है और भी मिल जायेंगे लेकिन आपने मुझे मेजर ध्यानचंद जैसे दुनिया के महानतम खिलाड़ी की मूर्ति भेंट की है वह मेरे जीवन की सबसे बड़ी धरोहर तथा उपलब्धि है।
गावस्कर ने कहा, ``ध्यानचंद ने देश का नाम पूरी दुनिया में अपने खेल कौशल और व्यक्तित्व से रोशन किया और वह भी ऐसे समय जब हम गुलाम थे, खेलने के लिए कोई साधन नहीं थे, फिर भी ध्यानचंद विपरीत परिस्थितियों में खेलने गए और ओलंपिक खेलों में भारत के लिए एक नहीं दो नहीं बल्कि तीन स्वर्ण पदक जीतकर लाए।
उन्होंने भारत वर्ष का नाम दुनिया में स्थापित कर दिया। यदि वह ध्यान सिह से ध्यान चंद बने तो उन्होंने वास्तव में चांद की रोशनी की भांति ही भारत का नाम भी दुनिया में रोशन कर दिया। मेरे लिए ध्यानचंद जी की मूर्ति जीवन की अमूल्य और सबसे बड़ी धरोहर है और मैं अवतार सिह पवार का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझे ध्यानचंद जी की मूर्ति भेंट करने के लायक समझा।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। अगर बैंक से जुड़ा आपका कोई काम अगले महीने सितंबर के लिए बचा है तो आपको सबसे पहले सितंबर 2020 में बैंकों की छुट्टी के बारे में जानकारी होनी चाहिए। सितंबर महीने में बैंक जाने से पहले आप अगले महीने के बैंक हॉलीडेज की लिस्ट जरूर देख लें, ताकि आपको वहां जाकर वापस न आना पड़े। चाहे सरकारी योजनाओं का लाभ लेना हो या फिर लेन-देन की प्रक्रिया हो आपको अपने बैंक जाना पड़ता है। बैंक जाने से पहले अगर आपके पास बैंकों की छुट्टी की लिस्ट होगी तो आपको काम में आसानी होगी।
सितंबर में कितने दिन बैंक रहेंगे बंद
सितंबर महीने में बैंक जाने का सोच रहे हैं तो उससे पहले बैंकों की छुट्टी की पूरी लिस्ट जरूर देख लें। RBI द्वारा निर्धारित की गई बैंकों की छुट्टी की लिस्ट के मुताबिक शनिवार-रविवार को छोड़कर सितंबर महीने में 11 दिन बैंक बंद रहेंगे। आरबीआई के द्वारा घोषित की गई बैंक की छुट्टियों में कुछ देशव्यापी छुट्टियां होती है, जो पूरे देशभर के बैंकों पर लागू होती है। वहीं कुछ छुट्टियां प्रदेशों के आधार पर होती है।
11 दिन बंद रहेंगे बैंक
सितंबर 2020 में बैंकों की छुट्टी पर नजर डाले तो 2 सितंबर के बैंक बंद रहेंगे। बैंकों में नारायण गुरु जयंती की छुट्टी होगी। गंगटोक, कोच्ची और तिरुवंतपुरम में बैंक बंद रहेंगे। 6 सितंबर 2020 को रविवार को बैंकों की छुट्टी होगी। इसके बाद 12 सितंबर को देशभर के बैंक दूसरे शनिवार की वजह से बंद रहेंगे। वहीं 13 सितंबर को देशभर के बैंकों में रविवार की छुट्टी होगी।
सितंबर में इस-इस तारीख को बंद रहेंगे बैंक
17 सितंबर को अगरतला, बेंगलुरु और कोलकाता में बैंकों की छुट्टी होगी। बैंक में महालया अमावस्या की छुट्टी होगी। इसके अलावा 20 सितंबर को रविवार की छुट्टी होगी और देशभर के बैंक बंद रहेंगे। वहीं 21 सितंबर को कोच्ची, तिरुवनंतपुरम के बैंकों में श्री नारायण गुरु समाधी की छुट्टी होगी। वहीं 23 सितंबर को हरियाणा के सभी बैंक बंद रहेंगे। `हरियाणा हीरोज मर्त्य्रडोम डे` के मौके पर यहां बैंकों की छुट्टी होगी। इसके अलावा 26 सितंबर को महीने के चौथे शनिवार की छुट्टी होगी और देशभर के बैंक बंद रहेंगे। वहीं 27 सितंबर को रविवार की छुट्टी होगी। वहीं 28 सितंबर को पंजाब में शहीद भगत सिंह जयंती के मौके पर बैंक बंद रहेंगे।

पुणे। भारती विद्यापीठ मेडिकल कॉलेज के द्वारा दो लोगों को ऑक्सफोर्ड की ओर से बनाया गया कोविड-19 का टीका लगाया गया था स्वास्थ्य संबंधी अहम मानक सामान्य हैं. अस्पताल की ओर से एक वरिष्ठ चिकित्सक ने आज यह जानकारी दी क्लिनिकल ट्रायल के दूसरे चरण में पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) की ओर से निर्मित कोविशिल्ड टीके का पहला ’शॉट’ 32 वर्ष और 48 वर्ष के दो व्यक्तियों को बुधवार को लगाया गया था एक अधिकारी ने बताया कि इसकी खुराक (डोज) एक महीने बाद दोहरायी जाएगी।
मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के चिकित्सा उप निदेशक डॉ. जितेंद्र ओस्वाल ने कहा, ’’कल से हमारा चिकित्सा दल दोनों लोगों के संपर्क में है और वे दोनों ठीक हैं. टीकाकरण के बाद उन्हें दर्द, बुखार, इंजेक्शन का कोई दुष्प्रभाव या और कोई तकलीफ नहीं है’’
उन्होंने बताया कि बुधवार को टीका लगाने के बाद दोनों पर आधे घंटे तक नजर रखी गई, उसके बाद ही उन्हें घर जाने दिया गया डॉ. ओस्वाल ने कहा, ’’उन्हें सभी आवश्यक नंबर दिए गए थे जिन पर आपात स्थिति में संपर्क साधा जा सकता है. हमारी मेडिकल टीम भी उनके साथ लगातार संपर्क में है.’’
अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. संजय ललवानी ने बुधवार को कहा कि दोनों व्यक्तियों को एक महीने के बाद टीके की एक और खुराक दी जाएगी तथा अगले सात दिन में 25 लोगों को यह टीका लगाया जाएगा।

नई दिल्ली (शोर सन्देश) लोकसभा सांसद और केंद्र में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर कोरोनावायरस से संक्रमित हो गए हैं उन्होंने को ट्वीट कर जानकारी दी “स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को गंभीरता से लेते हुए मैंने कोरोना टेस्ट करवाया जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। चिकित्सकों के परामर्श पर अब इलाज चलेगा जितने भी लोग पिछले दिनों मेरे संपर्क में आएं हैं, कृपया वह कोरोना को गंभीरता से लेते हुए अपना कोरोना टेस्ट करवा लें.“
बता दें कि, हरियाणा में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता और परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, कृषि मंत्री जेपी दलाल सहित करीब आठ विधायक संक्रमित हो गए हैं।

नई दिल्ली/रायपुर (शोर सन्देश)। देश में कोरोना वायरस संक्रमण तेज़ी से पैर पसार रहा है। रोजाना इस वायरस से होने वाली मौतों और संक्रमितों के आंकड़े में इजाफा हो रहा है। इस बीच दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के विशेषज्ञों ने डराने वाला खुलासा किया है। एम्स के विशेषज्ञों ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 न सिर्फ फेफड़े को बल्कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के सभी अंगों को प्रभावित कर सकता है। साथ ही प्रारंभिक लक्षण छाती की शिकायत से बिल्कुल हटकर हो सकते हैं।
विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि अन्य अंगों को शामिल करने के लिए, बस सांस के लक्षणों के आधार पर हल्के, मध्यम और गंभीर श्रेणियों में मामलों के वर्गीकरण पर फिर से विचार करने की जरूरत है।
एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया, स्नायु विभाग के प्रमुख डॉक्टर एम वी पद्मा श्रीवास्तव, हृदय चिकित्सा विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर अंबुज राय, मेडिसीन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर नीरज निश्चल समेत संस्थान के विशेषज्ञों ने नीति आयोग के साथ मिलकर आयोजित अपने साप्ताहिक ‘नेशनल क्लीनिकल ग्राउंड राउंड्स’ में कोविड-19 का फेफड़े पर होने वाले संभावित जटिलताओं पर चर्चा की।
रणदीप गुलेरिया ने कहा क्योंकि हमने कोविड-19 के बारे में ज्यादा से ज्यादा जाना है तो ऐसे में हमने अहसास किया है कि यह फेफड़े पर भी अपना प्रभाव दिखाता है। यह मूल तथ्य है कि यह वायरस एसीई 2 रिसेप्टर से कोशिका में प्रवेश करता है इसलिए सांस की नली और फेफड़े में वह बड़ी मात्रा में होता है लेकिन वह अन्य अंगों में भी मौजूद होता है और इस तरह अन्य अंग भी प्रभावित होते हैं।
रणदीप गुलेरिया ने कहा कि हमने कई ऐसे मरीज देखे हैं, जिसमें फेफड़े की कम बल्कि अन्य अंगों की अधिक परेशानी रही। विशेषज्ञों ने कई ऐसे उदारहण दिए जहां मरीज को बिना लक्षण वाला या हल्के कोविड वाला बताया गया लेकिन उनमें फेफड़े के बजाय अन्य जानलेवा परेशानियां थीं।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। लोकसभा सांसद संजय जाधव ने शिवसेना से इस्तीफा दे दिया है। सांसद ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को सौंप दिया है।परभणी से शिवसेना सांसद संजय जाधव ने उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर कहा है कि इस्तीफा स्वीकार करें। जाधव ने शिवसेना कार्यकर्ताओं को न्याय न मिलने पर नाराजगी जताई है।सांसद संजय जाधव ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर कहा है कि जिंतुर कृषि उत्पन्न बाजार समिति में गैर सरकारी प्रशासक मंडल की नियुक्ति करने के लिए पिछले 8 से 10 महीने से आपके पास फॉलोअप कर रहा हूं।जिंतुर से एनसीपी कांग्रेस का एक भी विधायक न होने के बावजूद वहां की कॄषि उत्त्पन्न बाजार समिति पर एनसीपी का गैर सरकारी प्रशासक मंडल चुना जाना, यह बात मेरे मन को काफी तकलीफ दे रही है। जिंतुर कृषि उत्पन्न बाजार समिति में आपने एनसीपी के सामने घुटने टेक, उनके हाथ में सौप दी है। इस वजह से शिवसैनिकों में काफी नाराजगी है। जाधव ने उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर कहा कि जिले के भाजपा, कांग्रेस और एनसीपी के कई जनप्रतिनिधि शिवसेना में आने चाहते हैं, लेकिन जब मैं अपने मौजूदा पार्टी कार्यकर्ताओं को न्याय नहीं दिला पा रहा हूं तो दूसरे दलों से आने वाले कार्यकर्ताओं को कैसे न्याय दिला पाऊंगा? जाधव ने आगे कहा कि मैं बालासाहब ठाकरे का शिवसैनिक हूं। अगर कार्यकर्ता को न्याय नहीं दे पाऊंगा तो मेरे सांसद का पद किस काम का? मुझे इस पद पर रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। कृपया आप मेरा इस्तीफा स्वीकार करिए।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। भारत में कोरोना वायरस महामारी से हालात बिगड़े हुए हैं. देश में एक दिन के अंदर ही 75 हजार से भी अधिक नए मरीज सामने आ रहे हैं। फिलहाल देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 33 लाख को पार हो चुका है। ऐसे में हर कोई कोरोना वैक्सीन का इंतजार कर रहा है। कोरोना वैक्सीन को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोला है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा, `एक निष्पक्ष समावेशी कोविड वैक्सीन पहुंच की रणनीति अब तक होनी चाहिए थी, लेकिन अभी भी इसके कोई संकेत नहीं हैं. भारत सरकार की लापरवाही चिंताजनक है।`
कोरोना वैक्सीन को लेकर राहुल गांधी ने इससे पहले भी एक ट्वीट किया था। 14 अगस्त को राहुल ने ट्वीट में लिखा था। `भारत कोरोना वैक्सीन उत्पादक देशों में से एक होगा। यह उपलब्धता, सामर्थ्य उचित वितरण सुनिश्चित करने के लिए एक स्पष्ट रूप से परिभाषित, समावेशी न्यायसंगत वैक्सीन पहुंच रणनीति की आवश्यकता है। भारत सरकार को अब इसे करना ही चाहिए।`

नए ट्वीट में की विरोध और समर्थन की बात
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कांग्रेस में नेतृत्व विवाद के बाद से पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल रोज कोई न कोई नया ट्वीट कर रहे हैं। हालांकि, उनके ट्वीट से यह साफ नहीं हो रहा है कि वो कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में हुए फैसले के बाद किस छोर पर खड़े हैं। बुधवार को उन्होंने अपने नए ट्वीट में विरोध और समर्थन की बात की है। उन्होंने लिखा है, ‘सिद्धांतों के लिए लड़ते समय… जीवन में, राजनीति में, अदालत में, सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर…विपक्ष (विरोध करने वाले) तो मिल ही जाता है…समर्थन का इंतज़ाम करना पड़ता है।’
इसके पहले मंगलवार को कपिल सिब्बल ने अपने एक ट्वीट में पद और देश के अहमियत की बात की थी। उन्होंने ट्वीट में लिखा था, ‘यह किसी पद के बारे में नहीं, यह मेरे देश के बारे में जो सबसे अहम है। ’
कांग्रेस में नेतृत्व में बदलाव को लेकर चिट्ठी लिखने वालों में कपिल सिब्बल का भी नाम है। चिट्ठी का विवाद सामने आने के बाद सोनिया गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की थी, जिसके बाद कार्य समिति की बैठक बुलाई गई थी। हालांकि, इस बैठक में आखिरी फैसला यही हुआ कि सोनिया फिलहाल पद पर बनी रहेंगी, लेकिन सूत्रों के हवाले से ऐसी जानकारी आई थी कि राहुल गांधी ने कथित रूप से इन नेताओं पर भाजपा से सांठगांठ का आरोप लगाया है, जिसे लेकर सिब्बल ने तुरंत ट्वीट कर दिया था।
उन्होंने लिखा था, ‘कहा जा रहा है कि हम भाजपा के साथ साठगांठ कर रहे हैं। राजस्थान उच्च न्यायालय में कांग्रेस पार्टी का पक्ष रखते हुए सफल हुआ। मणिपुर में भाजपा को सत्ता से बेदखल करने करने के लिए पार्टी का पक्ष रखा। पिछले 30 सालों में भाजपा के पक्ष में कोई बयान नहीं दिया, इसके बावजूद कहा जा रहा है कि हम भाजपा के साथ साठगांठ कर रहे हैं।’ हालांकि, इसके थोड़ी देर बाद ही उन्होंने दूसरा ट्वीट कर कहा कि उनकी राहुल गांधी से निजी तौर पर बात हुई है और राहुल ने बताया है कि उन्होंने मीटिंग में ऐसी कोई बात नहीं कही है, जिसके बाद वो अपना ट्वीट वापस ले रहे हैं।

कम होगी मनाली-लेह की दूरी
नई दिल्ली(शोर सन्देश)। हिमाचल प्रदेश में रोहतांग दर्रे के करीब बनाई गई 9 किलोमीटर लंबी अटल सुरंग अब उद्घाटन के लिए तैयार है। ऊंचाई के हिसाब दुनिया की पहली सुरंग होगी इसे लगभग 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बनाया गया है। इसके शुरू होने पर मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी। यह सुरंग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पाकिस्तान-चीन बॉर्डर पर भारत की ताकत बढ़ जाएगी।
अटल सुरंग की विशेषताएं :
इसमें एक आपातकालीन एस्केप सुरंग भी शामिल है जिसे मुख्य सुरंग के नीचे बनाया गया है। यह किसी भी अप्रिय घटना के मामले में एक आपातकालीन निकास प्रदान करेगा, जो मुख्य सुरंग को अनुपयोगी बना सकता है। सुरंग में हर 150 मीटर पर एक टेलीफोन, हर 60 मीटर पर अग्नि हाइड्रेंट, हर 500 मीटर पर आपातकालीन निकास, हर 2.2 किमी में गुफा, हर एक किमी. पर हवा की गुणवत्ता की निगरानी प्रणाली, हर 250 मीटर पर सीसीटीवी कैमरों के साथ प्रसारण प्रणाली और घटना का पता लगाने वाली स्वचालित प्रणाली लगाई गई है। सुरंग में 80 किमी. प्रति घंटे की अधिकतम गति से वाहन चल सकेंगे और प्रतिदिन 5000 वाहन इससे गुजर सकेंगे। यह सुरंग लेह और लद्दाख के आगे के क्षेत्रों के लिए सभी मौसम के अनुकूल होगी।
दरअसल बर्फ़बारी के दिनों में यह इलाका अप्रैल से नवम्बर तक देश के बाकी हिस्सों से लगभग छह महीने के लिए कट जाता है। बर्फ़बारी के दिनों में भी इस सुरंग से पाकिस्तान और चीन सीमा तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा क्योंकि लेह-मनाली राजमार्ग दोनों देशों की सीमा से लगा हुआ है। इसलिए इस सुरंग के शुरू होने पर इसी के जरिये लद्दाख सीमा तक सैन्य वाहनों की सुरक्षित आवाजाही हो सकेगी और सैनिकों को रसद पहुंचाने में दिक्कत नहीं आएगी। इस सुरंग से भारतीय सीमा पर स्थित अग्रिम चौकियों की चौकसी, मुस्तैदी और ताकत काफी बढ़ जाएगी।
रक्षा मंत्रालय के अधीन सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने अपनी पहचान के मुताबिक इस मुश्किल कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। बीआरओ के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने 21 अगस्त को सुरंग का दौरा करने के बाद बताया कि सभी तरह के निर्माण कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं। सुरंग बनाये जाने के दौरान अवशेष के रूप में अंदर बहुत अधिक धूल है।
हिमालय की पीर पांज पर्वत श्रेणी में बनी यह सुरंग जमीन से 10 हजार फीट की ऊंचाई पर है। इस सुरंग के बालू होने पर मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी। यह रोहतांग दर्रा तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग भी होगा जो 13 हजार 50 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। अभी मनाली घाटी से लाहौल और स्पीति घाटी तक की यात्रा में आमतौर पर पांच घंटे से अधिक समय लगता है जो अब 10 मिनट से कम समय में पूरा हो जाएगा। 2010 में इस सुरंग का निर्माण शुरू हुआ था जिसे 2019 तक पूरा करना था लेकिन कोविड-19 महामारी की वजह से श्रमिक और सामग्री उपलब्ध न हो पाने के कारण परियोजना को पूरी करने में थोड़ी देरी हुई है लेकिन अब यह उद्घाटन के लिए तैयार है।

अर्थव्यवस्था पर राहुल ने सरकार को घेरा
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अर्थव्यवस्था को लेकर एक बार फिर मोदी सरकार को घेरा है। उनका कहना है कि वे जिस खतरे के बारे में कई महीनों से आगाह कर रहे थे, उसे अब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी माना है।
राहुल ने बुधवार को ट्वीट कर कहा, ‘आरबीआई ने अब पुष्टि कर दी कि जिसकी मैं महीनों से चेतावनी दे रहा हूं। सरकार को अब ज्यादा खर्च करने की जरूरत है, कर्ज देने की जरूरत नहीं है। गरीबों को पैसा दें, उद्योगपतियों का टैक्स मत माफ कीजिए। खपत के जरिए अर्थव्यवस्था को दोबारा शुरू करें। मीडिया के जरिए ध्यान भंग करने से न तो गरीबों की मदद होगी और न ही आर्थिक आपदा गायब होगी।’
अपने ट्वीट के साथ राहुल गांधी ने एक अखबार की खबर को शेयर किया है, जिसमें आरबीआई की रिपोर्ट के बारे में लिखा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में खपत को गंभीर झटका लगा है। गरीब को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। ऐसे में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लौटने में काफी समय लगेगा।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार ने कॉरपोरेट टैक्स में जो कटौती की है उससे निवेश को बढ़ावा नहीं मिला है बल्कि कंपनियों ने इसका इस्तेमाल कर्ज घटाने और कैश बैलेंस करने में किया है। बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के कारण लंबे समय तक देश में लॉकडाउन लागू रहा। इससे देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है।