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पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट पर दोबारा मतदान आज, 285 बूथों पर भारी केंद्रीय बल तैनात

21-May-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट पर गुरुवार को पूरे क्षेत्र में पुनर्मतदान हो रहा है। सभी 285 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। मतदान के नतीजे 24 मई को घोषित किए जाएंगे।
29 अप्रैल को दूसरे चरण के दौरान फाल्टा में हुए मतदान में कथित बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायतें मिलने के बाद चुनाव आयोग ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में दोबारा मतदान का आदेश दिया था। शिकायतों में मुख्य रूप से भाजपा उम्मीदवारों के नाम और चिह्न वाले EVM बटनों को सफेद टेप से ढकने का आरोप शामिल था।
चुनाव आयोग ने इस पुनर्मतदान को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण कराने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 35 कंपनियां तैनात की हैं। यह किसी एक विधानसभा क्षेत्र के लिए काफी बड़ी सुरक्षा तैनाती मानी जा रही है। मतदान कर्मी पूरी तरह तैयार हैं और पूरे प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जा रही है।
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने मंगलवार को घोषणा की थी कि वे इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने फाल्टा के विकास पैकेज को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भरोसा जताया था।
हालांकि, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि खान की घोषणा के बावजूद उनका नाम तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में EVM पर बना रहेगा और मतदान में उनका बटन भी उसी रूप में रहेगा। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने उम्मीद जताई है कि सभी सुरक्षा और निगरानी उपायों के साथ यह पुनर्मतदान बिना किसी बाधा के पूरा होगा।











 

पीएम मोदी की पांच दिवसीय यात्रा से भारत को मिला 40 अरब डॉलर का निवेश

21-May-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पांच दिवसीय यात्रा से भारत को करीब 40 अरब डॉलर के नए निवेश की प्रतिबद्धताएं हासिल हुई हैं। 
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन और एआई जैसे क्षेत्रों में काम करने वाली 50 से अधिक बहुराष्ट्रीय कंपनियों के CEOs और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इन कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्य 2.7 से 3 ट्रिलियन डॉलर के बीच है।
– संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भारत में 5 अरब डॉलर के नए निवेश की घोषणा की।
– कई कंपनियों ने भारत में अपने परिचालन विस्तार और नए निवेश का वादा किया है।

अधिकारियों के अनुसार, यात्रा के दौरान हुई चर्चाओं और प्रस्तावित योजनाओं का कुल अनुमानित मूल्य 40 अरब डॉलर है। इन कंपनियों की भारत में पहले से ही मजबूत उपस्थिति है और उनका कुल निवेश लगभग 180 अरब डॉलर का है।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा में UAE, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली शामिल थे। 

– नीदरलैंड के साथ व्यापार, रक्षा, सेमीकंडक्टर, AI और ग्रीन हाइड्रोजन पर रणनीतिक साझेदारी रोडमैप जारी किया गया।
– स्वीडन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने पर सहमति।
– नॉर्वे में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भागीदारी।
– इटली के साथ संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उठाया गया।

इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जो भारत की आर्थिक विकास गति, बढ़ती घरेलू खपत और निवेश अनुकूल नीतियों का लाभ उठाने की दिशा में विदेशी कंपनियों के भरोसे को दर्शाते हैं।यह यात्रा भारत को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

 


प्रधानमंत्री ने मातृभूमि की पवित्र विरासत और समृद्धि का संदेश देते हुए संस्कृत सुभाषितम् किया साझा

21-May-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संस्कृत में एक सुभाषितम् साझा करते हुए मातृभूमि की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सर्वकल्याणकारी परंपरा को नमन किया। उन्होंने कामना की कि यह पवित्र भूमि सदैव सभी के लिए सुख, शक्ति और समृद्धि का स्रोत बनी रहे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की भूमि केवल भौतिक संपन्नता की नहीं, बल्कि साधना, उपासना, साहस और शक्ति की भी पुण्यभूमि रही है। उन्होंने इसे सर्वकल्याण की भावना से जुड़ी एक पवित्र धरती बताया।
पीएम नरेन्द्र मोदी ने X पर पोस्ट करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। उन्होंने लिखा—”हमारी मातृभूमि साधना और उपासना के साथ-साथ साहस, शक्ति और सर्व-कल्याण की पुण्यभूमि रही है। महान विरासत और प्राचीन संस्कृति की यह पावन धरती हर किसी को सदैव सुख-समृद्धि से परिपूर्ण रखे, यही कामना है।
यस्यां पूर्वे पूर्वजना विचक्रिरे यस्यां देवा असुरानभ्यवर्तयन्। गवामश्वानां वयसश्च विष्ठा भगं वर्चः पृथिवी नो दधातु।।”
इस संस्कृत श्लोक में उस भूमि की महिमा का वर्णन किया गया है जहां पूर्वजों ने महान कार्य किए और जहां देवताओं ने असुरों पर विजय प्राप्त की। यह श्लोक मातृभूमि से प्रार्थना करता है कि वह सभी को समृद्धि, शक्ति, पशुधन और कल्याण प्रदान करे।

आईसीएमआर का प्रथम वार्षिक क्लिनिकल ट्रायल सम्मेलन: वैश्विक चिकित्सा अनुसंधान में भारत की बढ़ती भागीदारी पर जोर

21-May-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने बुधवार को ‘अंतर्राष्ट्रीय नैदानिक परीक्षण दिवस’ के अवसर पर ‘प्रथम आईसीएमआर वार्षिक क्लिनिकल ट्रायल सम्मेलन 2026’ का आयोजन किया। सम्मेलन की थीम ‘एकीकृत चिकित्सा नैदानिक परीक्षणों पर फोकस’ रही। इस कार्यक्रम में भारत को वैश्विक स्तर पर नैदानिक अनुसंधान के क्षेत्र में उभरते नेतृत्व के रूप में स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
सम्मेलन में नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों, चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और नियामक अधिकारियों ने भाग लिया। प्रो. (डॉ.) वी.के. पॉल, डॉ. राजीव बहल और वैद्य राजेश कोटेचा सहित कई प्रमुख हितधारक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान दो महत्वपूर्ण रिपोर्ट और दिशानिर्देश जारी किए गए, जिनमें पहला, ‘भारत में प्रथम चरण के नैदानिक परीक्षणों को आगे बढ़ाना: नियामक प्रक्रियाओं और अवसरों पर एक डेल्फी अध्ययन’ और दूसरा ‘भारत में बहुकेंद्रीय अनुसंधान की एकल नैतिक समीक्षा के लिए परिचालन दिशानिर्देश’ शामिल है। इन दस्तावेजों का उद्देश्य नैदानिक परीक्षणों को और तेज, पारदर्शी तथा नैतिक रूप से मजबूत बनाना है।
सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया पर आईसीएमआर-सीसीआरएएस के बहुकेंद्रीय चरण-3 रेंडोमाइज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल के नतीजे थे। इस अध्ययन में पुनर्नवादि मंडुरा और द्राक्षवलेहा जैसी आयुर्वेदिक दवाओं की मानक आयरन-फोलिक एसिड थेरेपी के साथ तुलना की गई। लगभग 4000 गैर-गर्भवती महिलाओं पर किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि दोनों आयुर्वेदिक औषधियां मानक उपचार के समकक्ष प्रभावी हैं। यह शोध एकीकृत चिकित्सा के क्षेत्र में भारत की मजबूत संभावनाओं को रेखांकित करता है।
आईसीएमआर ने कहा कि समय पर नैदानिक परीक्षण, बेहतर नियामक प्रक्रियाएं और नैतिक समीक्षा तंत्र देश में स्वास्थ्य अनुसंधान को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं। सम्मेलन में चर्चा हुई कि प्रथम-मानव चरण-1 परीक्षणों को बढ़ावा देने के लिए नियामक प्रक्रियाओं को और सरल बनाया जाए और शोध संस्थानों और उद्योग के बीच समन्वय बढ़ाया जाए। ‘एकीकृत अनुसंधान साक्ष्य की नीतिगत स्वीकृति’ विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने साक्ष्य-आधारित एकीकृत चिकित्सा को मुख्यधारा में लाने पर जोर दिया।

देशभर में भीषण गर्मी और लू का कहर, कई राज्यों में अगले 3 दिनों तक रेड अलर्ट

21-May-2026
नई दिल्ली।।  (शोर संदेश)  देश के अधिकांश हिस्सों में प्रचंड गर्मी और लू का प्रकोप तेज हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया है।
आईएमडी वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश ने बताया कि पश्चिमी हवाओं के कारण तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है। प्रयागराज और आगरा मंडल में रेड अलर्ट जारी है, जबकि लखनऊ में येलो अलर्ट है। अगले तीन दिनों तक इन क्षेत्रों में रेड अलर्ट बना रहेगा, उसके बाद ऑरेंज अलर्ट जारी रहेगा।
प्रदेश में अधिकांश जगहों पर अधिकतम तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। IMD ने लोगों से अपील की है कि सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। अगर निकलना जरूरी हो तो सिर ढककर निकलें, पानी की बोतल साथ रखें और समय-समय पर पानी पीते रहें।
– महाराष्ट्र: विदर्भ क्षेत्र (खासकर अमरावती और आसपास के जिलों) में आज और कल के लिए रेड अलर्ट जारी। कुछ जिलों में ऑरेंज अलर्ट है।
– पंजाब-हरियाणा: जम्मू-कश्मीर में मौसम बदलाव के कारण गुरदासपुर और अमृतसर जैसे कुछ जिलों में दो दिनों में तापमान में थोड़ी गिरावट और राहत की संभावना है। हालांकि, बाकी हिस्सों में लू की स्थिति बनी रहेगी।
IMD अधिकारियों ने आम जनता से भीषण गर्मी में सावधानी बरतने की अपील की है। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
देश के कई हिस्सों में पिछले चार दिनों से तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया जा रहा है और इस गर्मी का सिलसिला अभी जारी रहने वाला है।
 

स्वदेशी नवाचार और स्वच्छ ऊर्जा से बदल रहा भारत का तकनीकी परिदृश्य : डॉ. जितेंद्र सिंह

15-May-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) की 200 मेगावाट सौर मॉड्यूल निर्माण लाइन राष्ट्र को समर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्धारित वर्ष 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य हासिल करने में नवीकरणीय और स्वच्छ ऊर्जा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सीईएल की 200 मेगावाट सौर मॉड्यूल निर्माण लाइन का शुभारंभ विकसित भारत 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भारत स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के लिए एकीकृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा और महासागर आधारित ऊर्जा प्रणालियों सहित विभिन्न गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षेत्रों में तेजी से अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहा है।
मंत्री ने कहा कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा और रणनीतिक प्रौद्योगिकी क्षेत्र सार्वजनिक-निजी भागीदारी तथा स्वदेशी नवाचार से प्रेरित परिवर्तनकारी दौर में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत के रणनीतिक प्रौद्योगिकी क्षेत्र अभूतपूर्व स्तर पर खुल रहे हैं।
इस अवसर पर डॉ. एन. कलैसेल्वी, सीईएल के सीएमडी चेतन जैन, वरिष्ठ वैज्ञानिक, सीएसआईआर प्रयोगशालाओं के निदेशक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत का पहला सौर सेल वर्ष 1977 में सीईएल द्वारा बनाया गया था, जबकि देश का पहला सौर संयंत्र भी 1979 में इसी संस्था ने स्थापित किया था।
उन्होंने कहा कि इतनी महत्वपूर्ण उपलब्धियों के बावजूद सीईएल को पहले वह पहचान नहीं मिल सकी जिसकी वह हकदार थी, लेकिन अब संस्था दोबारा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रही है।
मंत्री ने कहा कि विनिवेश के कगार पर पहुंच चुकी सीईएल का लाभ अर्जित करने वाली मिनी रत्न कंपनी में बदलना संस्थागत पुनरुत्थान का उल्लेखनीय उदाहरण है। उन्होंने इसका श्रेय नेतृत्व, नीतिगत समर्थन, संचालन अनुशासन और वैज्ञानिकों व कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों को दिया।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई निर्माण लाइन की स्थापना की गति की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए निविदा 24 अप्रैल 2025 को जारी हुई थी और एक वर्ष से कम समय में निर्माण सुविधा का संचालन शुरू हो गया।
मंत्री ने कहा कि सीईएल अब वर्टिकल एक्सिस पवन टर्बाइन, हाइब्रिड नवीकरणीय प्रणालियां, डेटा सेंटर, उन्नत रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और छोटे हथियार प्रणालियों जैसे भविष्य उन्मुख क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि यह भारत के बढ़ते तकनीकी आत्मविश्वास और रणनीतिक तैयारी को दर्शाता है।
रणनीतिक क्षेत्रों में सरकार के सुधारों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत ने अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को अधिक निजी भागीदारी के लिए खोला है। साथ ही देश उन्नत परमाणु प्रौद्योगिकियों और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टरों की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
जितेंद्र सिंह ने सीएसआईआर-राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशालाओं और सीईएल के बीच स्वचालित मौसम अवलोकन प्रणाली तथा नई पीढ़ी की दृष्टि ट्रांसमिसोमीटर प्रणाली से जुड़ी प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पहल का भी स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी की दृष्टि ट्रांसमिसोमीटर प्रणाली अब पूरी तरह स्वदेशी बन चुकी है और स्वदेशी तकनीकें राष्ट्रीय आत्मविश्वास, विनिर्माण क्षमता और रणनीतिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करती हैं।

महाराष्ट्र में 5 लाख पीएमएवाई-जी आवासों के गृह प्रवेश का शुभारंभ करेंगे शिवराज सिंह चौहान

15-May-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान 15 मई 2026 को सतारा में आयोजित “प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) लाभार्थी सम्मेलन एवं महा आवास अभियान राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह” में शामिल होंगे। कार्यक्रम सैनिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा अजित पवार सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पूर्ण हुए 5 लाख आवासों के गृह प्रवेश का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही वह छह लाभार्थियों को आवास की चाबियां भी सौंपेंगे, जिनमें योजना के तहत 3 करोड़वें आवास से जुड़े लाभार्थी भी शामिल होंगे।
केंद्रीय मंत्री इस अवसर पर महाराष्ट्र को पीएमएवाई-जी के तहत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹8,368.50 करोड़ की केंद्रीय अंश सहायता की मातृ स्वीकृति जारी करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)-IV के तहत ₹122.98 करोड़ की लागत वाली 35 सड़क परियोजनाओं को भी मंजूरी दी जाएगी। इन परियोजनाओं से राज्य की 35 ग्रामीण बसावटों को लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान ‘महा आवास अभियान 2023-24’ के अंतर्गत राज्य स्तरीय पुरस्कारों का वितरण किया जाएगा। साथ ही ‘महा आवास अभियान अवॉर्ड्स गौरवगाथा पुस्तिका’ और त्रैमासिक पत्रिका का भी प्रकाशन होगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को मूलभूत सुविधाओं सहित पक्के घर उपलब्ध कराना है। योजना के तहत अब तक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 4.15 करोड़ आवासों का लक्ष्य आवंटित किया जा चुका है। इनमें 3.91 करोड़ आवास स्वीकृत हुए हैं, जबकि 11 मई 2026 तक 3.03 करोड़ से अधिक आवास पूरे किए जा चुके हैं।
महाराष्ट्र को आवंटित 43.80 लाख आवासों के लक्ष्य के मुकाबले 41.42 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और 17.92 लाख आवास पूरे हो चुके हैं। वहीं, सतारा जिले में 55,052 आवासों के लक्ष्य के मुकाबले 54,759 आवास स्वीकृत किए गए हैं और 24,848 आवास पूर्ण हो चुके हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के अंतर्गत महाराष्ट्र के लिए बड़ी स्वीकृति की घोषणा भी की जाएगी। इसके तहत 95.99 किलोमीटर लंबाई की 35 सड़क परियोजनाओं को लगभग ₹122.98 करोड़ की लागत से मंजूरी मिलने का प्रस्ताव है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर मौसम में सड़क संपर्क सुनिश्चित करना और शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार सहित आवश्यक सेवाओं तक पहुंच बेहतर बनाना है।
महाराष्ट्र में पीएमजीएसवाई के तहत अब तक 34 हजार किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों और 1000 से अधिक पुलों को मंजूरी दी जा चुकी है। इन परियोजनाओं पर ₹15 हजार करोड़ से अधिक की लागत स्वीकृत की गई है। राज्य में ‘न्यू एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी’ आधारित सड़क निर्माण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल ग्रामीण आधारभूत संरचना विकसित हो रही है। 

गाजियाबाद में एनडीआरएफ को मिला ‘प्रेसिडेंट्स कलर’, अमित शाह बोले—भारत बना आपदा प्रबंधन में ग्लोबल लीडर

14-May-2026
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ प्रदान किए जाने के कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मोदी सरकार हीट वेव से होने वाली मृत्यु दर को शून्य तक लाने की दिशा में काम कर रही है।
अमित शाह ने पिछले 20 वर्षों में साहस, समर्पण और परिश्रम से देश का विश्वास अर्जित करने पर एनडीआरएफ के सभी जवानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ ने 1.5 लाख से अधिक लोगों की जान बचाई है और 9 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ के जवानों को देखते ही लोगों के मन में सुरक्षा और भरोसे का भाव पैदा होता है।
गृह मंत्री ने कहा कि पहले आपदा प्रबंधन केवल राहत और प्रतिक्रिया आधारित था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे रिएक्टिव से आगे बढ़ाकर प्रिवेंटिव और प्रोडक्टिव बनाया गया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण को ‘मिनिमम कैजुअल्टी’ से ‘जीरो कैजुअल्टी’ तक ले जाने का प्रयास कर रही है।
अमित शाह ने कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी के 10-सूत्रीय एजेंडा और 360-डिग्री अप्रोच ने डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट को नई दिशा दी है। इसके तहत रिस्क मैपिंग, अर्ली वार्निंग सिस्टम, कम्युनिटी पार्टिसिपेशन और गाइडलाइंस निर्माण जैसे क्षेत्रों को मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि आज भारत वैश्विक स्तर पर आपदा प्रबंधन में निर्विवाद रूप से ‘ग्लोबल लीडर’ और ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ बनकर उभरा है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को धरातल पर उतारते हुए भारत ने कई देशों की आपदा के समय मदद की है।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से ‘डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर’ के क्षेत्र में भारत ने वैश्विक नेतृत्व स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि सीडीआरआई (Coalition for Disaster Resilient Infrastructure) से अब तक 48 देश जुड़ चुके हैं और भारत के साथ मिलकर इस दिशा में काम कर रहे हैं।
अमित शाह ने कहा कि एनडीआरएफ ने धराली में फ्लैश फ्लड, चासोटी में क्लाउडबर्स्ट, जम्मू, पंजाब और दिल्ली में आई बाढ़, साइक्लोन मोंथा और साइक्लोन दितवाह जैसी आपदाओं में प्रभावी ढंग से काम किया।
इसके अलावा अमरनाथ यात्रा, महाकुंभ, चारधाम यात्रा, मणि महेश यात्रा, सबरीमाला यात्रा और भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा जैसे बड़े आयोजनों में भी एनडीआरएफ ने समाज के साथ मिलकर उत्कृष्ट कार्य किया।
गृह मंत्री ने देशभर के सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के जवानों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 से अब तक CAPF जवानों ने देशभर में 7 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए हैं। उन्होंने इसे CAPFs के मानवीय दृष्टिकोण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का प्रतीक बताया। 

आईएमडी ने शुरू की एआई-सक्षम मौसम पूर्वानुमान प्रणाली, अब 10 दिन पहले मिलेगी स्थानीय मौसम की जानकारी : डॉ. जितेंद्र सिंह

13-May-2026
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अत्यंत-स्थानीय मौसम पूर्वानुमान उपलब्ध कराने के लिए एआई-सक्षम प्रणालियां शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि नई उन्नत पूर्वानुमान प्रणालियां 10 दिन पहले तक स्थानीय मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएंगी।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने 16 राज्यों और 3,000 से अधिक उप-जिलों के लिए एआई-सक्षम मानसून पूर्वानुमान प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के लिए एआई-आधारित मानसून अग्रिम पूर्वानुमान प्रणाली और 1 किलोमीटर रिजॉल्यूशन वर्षा पूर्वानुमान प्रणाली भी लॉन्च की।
मौसम सेवाओं के आधुनिकीकरण पर सरकार का जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने जलवायु सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए कई परिवर्तनकारी पहलें शुरू की हैं। उन्होंने बताया कि ‘मिशन मौसम’, रडार नेटवर्क का विस्तार, प्रेक्षण प्रणालियों को मजबूत करना, डेटा संचार अवसंरचना का आधुनिकीकरण और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सुविधाओं का विस्तार मिलकर एक मजबूत और प्रौद्योगिकी-संचालित मौसम पूर्वानुमान तंत्र तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आईएमडी अब भारत के दैनिक प्रशासन और सार्वजनिक निर्णय-निर्माण का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है।
मोबाइल एप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पहुंचेंगी चेतावनियां
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मौसम संबंधी परामर्श और प्रारंभिक चेतावनी अब मोबाइल एप्लिकेशन, एसएमएस अलर्ट, व्हाट्सएप, किसान पोर्टल, टेलीविजन और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं, ताकि अंतिम छोर तक सूचना पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि चरम मौसम की घटनाओं के दौरान नुकसान कम करने के लिए स्थानीय प्रशासन और संबंधित हितधारकों द्वारा मौसम संबंधी सलाह का समय पर पालन करना भी बेहद जरूरी है।
नागरिक-केंद्रित मौसम सेवा तंत्र की दिशा में बड़ा कदम
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि नई पूर्वानुमान प्रणालियां जलवायु-सहिष्णु, डिजिटल रूप से सशक्त और नागरिक-केंद्रित मौसम सेवा तंत्र विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक प्रगति सीधे सामाजिक और आर्थिक लाभों में योगदान दे रही है।
एआई और मौसम मॉडल के संयोजन से तैयार हुई प्रणाली
डॉ. एम. रविचंद्रन ने कहा कि नई प्रणालियां हितधारक-आधारित पूर्वानुमान मॉडल हैं, जिन्हें संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान मॉडल और एआई-आधारित डेटा-संचालित तकनीकों के संयोजन से विकसित किया गया है।
उन्होंने कहा कि कृषि और अन्य क्षेत्रों से अत्यंत-स्थानीय और उच्च-रिजॉल्यूशन मौसम पूर्वानुमानों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए इन प्रणालियों को तैयार किया गया है।
जिला स्तर तक मिलेगा मानसून का सूक्ष्म पूर्वानुमान
डॉ. रविचंद्रन ने बताया कि मानसून अग्रिम पूर्वानुमान प्रणाली अब जिला स्तर तक मानसून की प्रगति का सूक्ष्म पूर्वानुमान उपलब्ध कराएगी। वहीं, उत्तर प्रदेश पायलट परियोजना सघन प्रेक्षण नेटवर्क और एआई तकनीकों की मदद से 1 किलोमीटर रिजॉल्यूशन पर वर्षा पूर्वानुमान देने की क्षमता प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे प्रेक्षण अवसंरचना का विस्तार होगा, वैसे-वैसे इन सेवाओं को देश के अन्य हिस्सों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
 

एम्स नई दिल्ली अब वैश्विक मानक स्थापित कर रहा है : उपराष्ट्रपति

13-May-2026
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के 51वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि एम्स अब केवल अंतरराष्ट्रीय मानकों का अनुसरण नहीं कर रहा, बल्कि स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नए वैश्विक मानक स्थापित कर रहा है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि एम्स चिकित्सा नवाचार और स्वास्थ्य सेवा उत्कृष्टता का प्रमुख केंद्र बन चुका है, जो आम लोगों को सस्ती दरों पर उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि महामारी प्रबंधन से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में “एम्स ब्रांड” भरोसे और सत्यनिष्ठा का प्रतीक बन गया है।
वहन करने योग्य शुल्क पर उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा की सराहना
सी.पी. राधाकृष्णन ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, एम्स के निदेशक और संकाय सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान शैक्षणिक गुणवत्ता से समझौता किए बिना बड़ी संख्या में मरीजों का कुशल प्रबंधन कर रहा है। उन्होंने कहा कि एम्स दशकों से ऐसे विशेषज्ञ तैयार कर रहा है, जिनमें चिकित्सा उत्कृष्टता के साथ नैतिकता और सहानुभूति की भावना भी मजबूत है। उन्होंने यह भी कहा कि एम्स के पूर्व छात्र दुनिया भर के प्रतिष्ठित संस्थानों में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभा रहे हैं।
एआई तकनीक डॉक्टर की मौजूदगी का विकल्प नहीं
उपराष्ट्रपति ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि एआई आधारित तकनीकें चिकित्सा क्षेत्र में बड़े बदलाव ला रही हैं, लेकिन कोई भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक मरीज के बिस्तर के पास डॉक्टर की मौजूदगी का विकल्प नहीं बन सकती। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की सहानुभूति, नैतिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाएं स्वास्थ्य सेवा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने उत्तीर्ण डॉक्टरों से अपने पेशे में सत्यनिष्ठा, करुणा और मानवता बनाए रखने का आह्वान किया।
एम्स की वैश्विक उपलब्धियों का किया उल्लेख
सी.पी. राधाकृष्णन ने इस वर्ष अंटार्कटिका में दूरस्थ रोबोटिक अल्ट्रासाउंड आयोजित करने की एम्स की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे साबित हुआ है कि भारतीय चिकित्सा उत्कृष्टता के सामने अब भौगोलिक सीमाएं बाधा नहीं हैं। उन्होंने भारत-फ्रांस केंद्र सहित स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई अनुप्रयोगों को लेकर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय सहयोगों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में एम्स ने केवल दो वर्षों में 40 स्थानों की छलांग लगाकर वैश्विक स्तर पर 105वां स्थान हासिल किया है और जल्द ही यह शीर्ष 100 संस्थानों में शामिल होगा। साथ ही, राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) के तहत मेडिकल कॉलेज श्रेणी में एम्स ने 2018 से 2025 तक लगातार शीर्ष स्थान बनाए रखा है।
युवा डॉक्टरों से समाज सेवा का आह्वान
उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में नए एम्स संस्थानों के विस्तार से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पहले सुविधाओं की कमी थी। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के लिए नए मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना की दिशा में केंद्र सरकार के प्रयासों की भी सराहना की।
उत्तीर्ण विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे ऐसे समय में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं, जब “एक राष्ट्र, एक स्वास्थ्य” की परिकल्पना देश में अधिक न्यायसंगत और आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार कर रही है। उन्होंने युवा डॉक्टरों, वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों से नवाचार, करुणा और समाज के प्रति समर्पण की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
समारोह में कई वरिष्ठ हस्तियां रहीं मौजूद
इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और एम्स नई दिल्ली के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, एम्स नई दिल्ली के निदेशक निखिल टंडन, डीन राधिका टंडन, रजिस्ट्रार गिरिजा प्रसाद रथ, संकाय सदस्य, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।


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