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टॉपर अनुज अग्निहोत्री ने ‘निरंतर प्रयास’ को बताया सफलता की कुंजी

07-Mar-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश )  संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 का परिणाम छह मार्च शुक्रवार को घोषित किया गया। अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया वन रैंक लाकर टॉप किया है।
समाचार एजेंसी से बात करते हुए टॉपर अनुज ने कहा कि जब मैं एमबीबीएस में अपना ग्रेजुएशन कर रहा था, तो इस दौरान मेरा रूझान मेडिकल साइंस की जगह सिविल सर्विसेज की तरफ शिफ्ट हुआ। तभी मैंने सोचा था कि आगे सिविल सर्विसेज में जाऊंगा। उन्होंने बताया कि मेरा पहला प्रयास 2023 में था, जिसमें मुझे डेनिक्स सर्विस मिली थी और यह मेरा कुल मिलाकर तीसरा प्रयास है। मैंने 2017 में एम्स जोधपुर से स्नातक किया है।
उन्होंने बताया कि जब मैं इंटर्नशिप कर रहा था तो प्रैक्टिस के दौरान ऑनलाइन कोर्स लेकर तैयारी की थी। उसके बाद मैंने घर जाकर तैयारी की। इस सफलता में अपने परिवार का बहुत बड़ा योगदान मानता हूं। अनुज ने बताया कि पिता न्यूक्लियर पावर प्लांट में कर्मचारी हैं और माता गृहिणी हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह की परीक्षा है, पहले रैंक का अनुमान तो कोई नहीं लगा सकता। पहला रैंक आना किस्मत की बात है। उन्होंने कहा कि चाहे जीत मिले या हार मिले, हमें निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
वहीं, अनुज अग्निहोत्री की मां मंजू अग्निहोत्री ने कहा कि यह उनकी कड़ी मेहनत और ईश्वर की कृपा का परिणाम है। हर काम एक उचित दिनचर्या के साथ किया जाना चाहिए। अनुज की लगन को देखकर मैं हमेशा बोलती थी कि आगे अनुज कुछ बड़ा करेंगे।
अनुज अग्निहोत्री ने टॉप किया है तो वहीं, दूसरे स्थान पर राजेश्वरी सुवे एम रही हैं और तीसरे स्थान पर अकांश ढुल रहे हैं। यह परिणाम अगस्त 2025 में आयोजित लिखित परीक्षा और दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच हुए व्यक्तित्व परीक्षण यानी साक्षात्कार के आधार पर घोषित किया गया है।
आयोग की ओर से जारी मेरिट सूची के अनुसार, कुल 958 उम्मीदवारों को विभिन्न अखिल भारतीय और केंद्रीय सेवाओं में नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया गया है। यूपीएससी की सिविल सर्विसेज में चौथे स्थान पर राघव झुनझुनवाला, पांचवें स्थान पर ईशान भटनागर और छठे स्थान पर जिनिया अरोड़ा ने जगह बनाई है। सातवें स्थान पर एआर राजा मोहिदीन, आठवें स्थान पर पक्शल सेक्रेटरी, नौवें स्थान पर आस्था जैन और दसवें स्थान पर उज्ज्वल प्रियंक हैं।

जन औषधि दिवस : पीएम मोदी ने कहा, ‘हर नागरिक को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराना हमारी प्रतिबद्धता’

07-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) जन औषधि दिवस 2026 के अवसर पर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल यह सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दिखाती है कि हर नागरिक को सस्ती कीमतों पर अच्छी दवाइयां मिलें।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “जन औषधि दिवस 2026 के अवसर पर, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना से लाभान्वित होने वाले सभी लोगों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। यह पहल गुणवत्तापूर्ण दवाओं को किफायती दामों पर उपलब्ध कराने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जन औषधि केंद्रों के माध्यम से अनगिनत परिवार स्वास्थ्य देखभाल खर्चों में बचत कर रहे हैं और उचित उपचार प्राप्त कर रहे हैं।”
इसके साथ ही, पीएम मोदी ने ‘भारतीय जन औषधि योजना’ के परिवर्तनकारी प्रभाव की एक झलक भी शेयर की। ‘माईगव इंडिया’ ने लिखा है, “हेल्थकेयर सिस्टम तब सबसे मजबूत होते हैं जब वे आसानी से मिलने वाले और सबको साथ लेकर चलने वाले हों।”
पोस्ट में आगे लिखा गया है, “जन औषधि लाखों लोगों की जिंदगी को बेहतर बना रही है, यह सुनिश्चित करके कि जरूरी दवाएं सस्ती और पहुंच में रहें। कस्बों और ग्रामीण जिलों में इसकी बढ़ती मौजूदगी न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को मजबूत कर रही है, बल्कि स्थानीय उद्यमियों और समुदायों को भी मजबूत बना रही है।”
‘माईगव इंडिया’ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया गया, “सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयों के जरिए जन औषधि केंद्र करोड़ों गरीब और मिडिल क्लास परिवारों को बड़ी राहत दे रहे हैं। देशभर में हजारों केंद्रों के माध्यम से आम नागरिकों को 50–80 प्रतिशत तक सस्ती दवाइयां मिल रही हैं।”
माईगव इंडिया’ के अनुसार, जन औषधि केंद्रों से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं लेकर देशवासियों ने अब तक 40,000 करोड़ रुपए से अधिक की बचत की है। हर दिन 15 लाख से अधिक लोग जन औषधि केंद्रों से गुणवत्तापूर्ण और किफायती दवाइयां खरीदकर इस पहल पर अपना भरोसा जता रहे हैं। केवल 12 वर्षों में जन औषधि केंद्रों का नेटवर्क 80 से बढ़कर 18,000 तक पहुंच गया है।
इसके अलावा, जन औषधि केंद्रों की बिक्री 7.29 करोड़ रुपए (2014) से बढ़कर 2,000 करोड़ रुपए से अधिक पहुंची है, जो कि किफायती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं पर देशवासियों के भरोसे को दर्शाती है। वहीं, जन औषधि केंद्रों पर 2,110 से अधिक दवाइयां, 315 सर्जिकल उत्पाद और 29 उपचार श्रेणियों की जरूरी दवाएं उपलब्ध, ताकि हर नागरिक को एक ही जगह सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। जन औषधि केंद्रों पर मात्र 1 रुपए प्रति पैड की दर से उपलब्ध सैनेटरी पैड्स की 100 करोड़ से अधिक बिक्री देशभर में महिलाओं की स्वच्छता, स्वास्थ्य और सम्मान को सशक्त बना रही है।
माईगव इंडिया’ के ‘एक्स’ पोस्ट में बताया गया कि महिलाओं के नेतृत्व को सशक्त बनाते हुए पिछले तीन वित्तीय वर्षों में खुले नए जन औषधि केंद्रों में लगभग 60 प्रतिशत केंद्र महिलाओं की ओर से संचालित हैं।
 

बजट के बाद कृषि सुधारों पर मंथन, पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे वेबिनार को संबोधित

06-Mar-2026
नई दिल्ली ( शोर संदेश )। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए “कृषि और ग्रामीण परिवर्तन” विषय पर बजट के बाद आयोजित वेबिनार को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस वेबिनार का उद्देश्य कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों में सुधार और संभावनाओं पर चर्चा करना है।
इस थीम के तहत प्रधानमंत्री चार प्रमुख क्षेत्रों को कवर करते हुए आठ अलग-अलग वेबिनार सत्र आयोजित कर रहे हैं। इनमें कृषि, पशुपालन और डेयरी, मत्स्य पालन तथा ग्रामीण आजीविका जैसे अहम क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन सत्रों में इन क्षेत्रों के विकास और निवेश को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।
वेबिनार में काजू, नारियल, चंदन, अगरवुड, बादाम, अखरोट और चीड़ जैसी फसलों की क्षमता को उजागर करते हुए उच्च मूल्य वाली कृषि को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही कृषि के लिए एआई संचालित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और भारत विस्तार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
सत्रों में पशुपालन मूल्य शृंखला में निजी क्षेत्र के निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देने, मत्स्य पालन के लिए जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास तथा तटीय मत्स्य पालन मूल्य शृंखलाओं को मजबूत करने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा ‘एसएचई-मार्ट्स’ के जरिए ग्रामीण महिला उद्यमियों द्वारा बनाए गए उत्पादों की बाजार तक पहुंच बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा।
केंद्रीय बजट 2026-27 में उच्च मूल्य वाली कृषि, संबद्ध क्षेत्रों और प्रौद्योगिकी आधारित खेती पर विशेष जोर दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण रोजगार सृजन और कृषि पद्धतियों के आधुनिकीकरण के लिए कई लक्षित हस्तक्षेपों का प्रस्ताव रखा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 1,62,671 करोड़ रुपए के आवंटन की घोषणा की है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान 1,51,853 करोड़ रुपए से लगभग 7% अधिक है। मंत्रालय का व्यय हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा है। यह 2013-14 में लगभग 21,933.50 करोड़ रुपए था, जो 2025-26 के बजट अनुमानों में बढ़कर लगभग 1,51,853 करोड़ रुपए हो गया है।
बजट 2026-27 का उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देना है ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके। इसके साथ ही पूर्वोत्तर क्षेत्र में अगर के वृक्षों और देश के पहाड़ी इलाकों में बादाम, अखरोट और चीड़ के मेवों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि लगभग 3 करोड़ लोग अपनी आजीविका के लिए नारियल पर निर्भर हैं, जिनमें करीब 1 करोड़ किसान शामिल हैं। प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में पुराने और कम उत्पादक पेड़ों को नई पौधों और उन्नत किस्मों से बदलने सहित विभिन्न उपायों के साथ नारियल प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी।   
 

नीतीश चले दिल्ली: पहली बार हो सकता है भाजपा का सीएम

05-Mar-2026
पटना (शोर संदेश)। बिहार की राजनीति में एक बड़े युग का समापन होने जा रहा है। महज 105 दिन पहले 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नीतीश कुमार का बिहार की सत्ता छोड़ना राज्य में पीढ़ीगत बदलाव का अंतिम चरण है। उनके इस फैसले ने न केवल जदयू के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि एनडीए की सबसे बड़ी पार्टी- भाजपा के लिए बिहार की राजनीति के समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।
नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं। बिहार के मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके खुद यह जानकारी दी है। नीतीश के राज्यसभा जाने का मतलब है राज्य की सत्ता में बहुत कुछ बदलने जा रहा है। राज्य में नई सरकार बनेगी। महज 105 दिन पहले दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नीतीश नौवीं बार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएंगे। आइये जानते हैं नीतीश के कुर्सी छोड़ने से बिहार के लिए और क्या-क्या बदल जाएगा?
1. पहली बार बिहार की सत्ता की बागडोर संभाल सकती है भाजपा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के नामांकन की बात कहने के साथ ही यह तय हो गया है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन होने जा रहा है। बीते नवंबर राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए को प्रचंड बहुमत के साथ जीत मिली थी। 89 सीटें जीतकर भाजपा विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। इसके बाद भी चुनाव पूर्व किए वादे के मुताबिक, राज्य की बागडोर 85 सीटें जीतने वाले जदयू के नीतीश कुमार के हाथ में आई। नीतीश के सत्ता संभालने के महज 105 दिन बाद यह तय हो गया है कि बिहार में नीतीश राज का अंत होने जा रहा है। इसके साथ ही इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि राज्य में पहली बार भाजपा अपना मुख्यमंत्री बना सकती है।  
2. हिंदी हार्टलैंड का आखिरी किला फतह करेगी भाजपा
1980 में अपने जन्म के साथ ही भाजपा को हिंदी भाषी राज्यों की पार्टी के रूप में पहचना मिली। बीते साढ़े चार दशक में पार्टी दो लोकसभा सीट से 300 से अधिक सीटें जीतने वाली पार्टी बन चुकी है। एक समय देश के 21 राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगियों की सरकार रही। अभी भी पार्टी 20 राज्यों की सत्ता में हिस्सेदार है। इन सबके बावजूद हिंदी हार्टलैंड की पार्टी कही जाने वाली भाजपा देश के दूसरे सबसे बड़े हिंदी भाषी राज्य में अब तक अपना मुख्यमंत्री नहीं बना सकी है। इसके अलावा अन्य हिंदी भाषी राज्यों की बात करें तो यूपी, हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश की सत्ता में भाजपा दो या दो से ज्यादा बार से सत्ता में है। छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पार्टी ने पांच साल बाद फिर से सत्ता में वापसी की है। राजधानी दिल्ली में भी 27 साल बाद पार्टी ने सत्ता में वापसी की है। वहीं, हिमाचल प्रदेश, झारखंड में भी पार्टी अपना मुख्यमंत्री बना चुकी है।  बिहार इकलौता हिंदी भाषी राज्य है जहां भाजपा अब तक अपना मुख्यमंत्री बनने का इंतजार कर रही है। 
3. नौवीं बार कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएंगे नीतीश
नीतीश कुमार बीते दो दशक के बिहार की सत्ता का पर्याय बने हुए हैं। इस दौरान उनकी पार्टी राज्य की पहले नंबर की पार्टी रही हो या तीसरे नंबर की मुख्यमंत्री नीतीश ही बनते रहे। 2000 में पहली बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने वाले नीतीश का पहला कार्यकाल महज सात दिन का रहा था। इसके बाद 2005 में राज्य के मुख्यमंत्री बने नीतीश ने अपना दूसरा कार्यकाल पूरा किया। 2010 में उन्होंने प्रचंड जीत के साथ तीसरी बार शपथ ली, लेकिन कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। दरअसल, भाजपा ने जब नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का चेहरा घोषित किया तो नीतीश ने अपनी राह बदल ली। लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी अकेले उतरी और बुरी तरह हारी। पार्टी को राज्य की 40 में से महज दो सीटों पर जीत मिली। इस हार के बाद नीतीश ने कुर्सी छोड़ दी और जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया। महज नौ महीने बाद नीतीश ने फिर से सत्ता की बागडोर अपने हाथ में ले ली। 
इसके बाद 2015 का विधानसभा चुनाव नीतीश ने अपने धुर विरोधी लालू यादव के साथ मिलकर लड़ा और एक बार फिर मुख्यमंत्री बने। 2017 में उन्होंने फिर से भाजपा का दामन थाम लिया और एक बार फिर राज्य की बागडोर संभाली। 2020 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद फिर से नीतीश मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे, जबकि उनकी पार्टी सीटों के लिहाज से राज्य में तीसरे स्थान पर खिसक गई थी। 2022 में नीतीश ने फिर से लालू का साथ पकड़ा और फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 2024 के लोकसभा चुनाव से ऐन पहले नीतीश फिर से भाजपा के साथ आ गए और फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 2025 में विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश ने 10वीं बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ लेने महज 105 दिन बाद यह तय हो गया कि नीतीश नौवीं बार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएंगे। शायद ये आखिरी बार भी होगा। 
4. बिहार की सियासत में पीढ़ीगत बदलाव
आपातकाल के दौर में बिहार की सियासत में कई युवा चेहरे उभरे। ये चेहरे दशकों तक बिहार की सियासत का पर्याय रहे। लालू प्रसाद यादव, सुशील मोदी, रामविलास पासवान, शरद यादव, नीतीश कुमार इनमें सबसे बड़े चेहरे बनकर उभरे। इन चेहरों में से रामविलास पासवान, सुशील मोदी और शरद यादव का निधन हो चुका है। लालू यादव चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराए जाने के बाद से सक्रिय सियासत से दूर हैं। अब इस पीढ़ी के आखिरी बड़े चेहरे नीतीश के दिल्ली जाने के साथ ही बिहार की सियासत में एक पीढ़ी का लगभग अंत हो जाएगा। 
5. बीस साल से बिहार की सत्ता में काबिज जदयू पहली बार बैक सीट पर होगी
पिछले बीस साल और चार चुनाव से बिहार की सत्ता की बागडोर जदयू के हाथ में है। अब अगर राज्य में भाजपा का मुख्यमंत्री बनता है तो जदयू के गठन के बाद यह पहली बार होगा जब जदयू सहयोगी के रूप में बिहार की सत्ता में होगी।
6. दूसरी बार जदयू का शीर्ष नेता बिहार की सत्ता का हिस्सेदार नहीं होगा 
ये दूसरा मौका होगा जदयू सत्ता की हिस्सेदार तो रहेगी पर उनके शीर्ष नेता सत्ता का हिस्सा नहीं होंगे। इससे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद नीतीश ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और उनकी जगह जीतन राम मांझी राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। 20 मई 2014 को राज्य के मुख्यमंत्री बने जीतन राम मांझी 22 फरवरी 2015 तक इस पद पर रहे। इसके बाद नीतीश ने राज्य की बागडोर फिर से अपने हाथ में ले ली। तब से नीतीश ही पार्टी का सबसे बड़ा चेहरा और मुख्यमंत्री रहे हैं। 
 

 


नई रणनीतिक साझेदारी बना रहे हैं कनाडा और भारत : प्रधानमंत्री मार्क कार्नी

04-Mar-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश ) कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडा और भारत एनर्जी, इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत प्रमुख सेक्टर में एक नई रणनीतिक साझेदारी बना रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग को दर्शाता है।
सिडनी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि भारत के साथ गहन जुड़ाव बदलती वैश्विक परिस्थितियों और दोनों देशों की आर्थिक व तकनीकी संबंधों को बढ़ाने की महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है। भारत की अपनी ऐतिहासिक यात्रा खत्म करने के एक दिन बाद उन्होंने कहा, “कनाडा और भारत ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में एक नई रणनीतिक साझेदारी बना रहे हैं।”
कार्नी ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक समझौता द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने में केंद्रीय भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, “इस साझेदारी की नींव नया व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता है, जिसे हम इस साल पूरा करना चाहते हैं।”
कनाडाई प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में हाल की वार्ताओं से पहले ही बड़े वाणिज्यिक समझौते हो चुके हैं। उन्होंने कहा, “भारत में हमने 5 अरब डॉलर से अधिक के वाणिज्यिक समझौते किए।” उन्होंने यह भी कहा कि इन समझौतों से कनाडाई और भारतीय बिजनेस के बीच सहयोग बढ़ेगा व दोनों देशों में निवेश आएगा। कार्नी ने कहा, “ये समझौते 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 70 अरब डॉलर से अधिक करने में मदद करेंगे।”
ऊर्जा सहयोग भी बढ़ती साझेदारी का हिस्सा है, जिसमें नागरिक परमाणु ऊर्जा में सहयोग शामिल है। उन्होंने कहा, “भारत सरकार और केओ का 2.6 बिलियन डॉलर का यूरेनियम आपूर्ति समझौता भारत के नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को स्वच्छ, विश्वसनीय आधारभूत ऊर्जा प्रदान करने में समर्थन करेगा।”
कार्नी ने एजुकेशन और इनोवेशन में सहयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमने अपनी बड़ी यूनिवर्सिटी के बीच 13 शैक्षिक साझेदारियों के समर्थन से कनाडा-भारत टैलेंट और इनोवेशन स्ट्रैटेजी भी लॉन्च की है।”
प्रधानमंत्री कार्नी ने कहा कि हाल के महीनों में दोनों सरकारों के बीच जुड़ाव काफी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों की तुलना में पिछले एक वर्ष के दौरान कनाडा और भारतीय सरकारों के बीच अधिक जुड़ाव हुआ है। कार्नी ने कहा कि नया जुड़ाव बदलती वैश्विक परिस्थितियों और दोनों देशों की साझेदारी को विविधित करने की महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है।
 

मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के बीच भारत ने स्थापित किया विशेष नियंत्रण कक्ष

04-Mar-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश ) ईरान पर अमेरिका-इजरायल के बढ़ते हमलों के बीच अपने नागरिकों की मदद के लिए भारत ने नई दिल्ली में एक विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बुधवार को यह जानकारी दी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र की मौजूदा स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय में एक विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है।”
एमईए के अनुसार, यह नियंत्रण कक्ष सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक (भारतीय समयानुसार) संचालित होगा। नागरिक टोल-फ्री नंबर 1800118797 या लैंडलाइन नंबर +91-11-23012113, +91-11-23014104, +91-11-23017905 के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।
विदेश मंत्रालय ने अलग-अलग देशों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए। इनमें बहरीन में +973 39418071, ईरान में +98 9128109115, +98 9128109102, +98 9128109109, +98 9932179359 पर संपर्क किया जा सकता है। इराक में +964 7716511185 और +964 7704444899, इजरायल में +972 547520711 और +972 542428378, जॉर्डन में +962 770422276, कुवैत में +965 65501946, लेबनान में +961 76860128, ओमान में +968 98282270 (व्हाट्सऐप) और 80071234 (टोल फ्री) नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।
इसके अलावा, कतर के लिए +974 55647502, रामल्लाह (फिलिस्तीन) के लिए +970 592916418 (टोल फ्री), सऊदी अरब (रियाद) के लिए +966 114884697 और 8002471234 (टोल फ्री), सऊदी अरब (जेद्दा) के लिए +966 126648660 और +966 122614093, संयुक्त अरब अमीरात के लिए +971 543090571 (व्हाट्सऐप) और 80046342 (टोल फ्री) नंबर जारी किए गए हैं।
गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त रूप से कार्रवाई की है। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई समेत कई प्रमुख लीडर और सैन्य अधिकारी मारे गए हैं। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, इनमें बहरीन व कुवैत से लेकर संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिडिल ईस्ट की स्थिति को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने सोमवार को कहा कि भारत क्षेत्र के सभी देशों के साथ मिलकर अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम करता रहेगा। पीएम मोदी ने कहा, “दुनिया भर में जारी कई तनावों पर भारत का रुख स्पष्ट है। हमने हमेशा शांति और स्थिरता बनाए रखने का आह्वान किया है, और जब दो लोकतंत्र एक साथ खड़े होते हैं, तो शांति के लिए आवाज और मजबूत होती है।”
 

दुबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर ड्रोन हमला, परिसर के पास लगी आग, सभी कर्मचारी सुरक्षित

04-Mar-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश ) दुबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के समीप एक संदिग्ध ईरानी ड्रोन हमले के बाद आग लग गई। यह घटना मध्य पूर्व में अमेरिकी राजनयिक मिशनों को निशाना बनाकर किए जा रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों के सिलसिले का हिस्सा है, जिसके कारण क्षेत्रीय तनाव गहरा गया है।
दुबई में यह घटना मंगलवार देर रात (स्थानीय समयानुसार) उस समय हुई, जब कुवैत और रियाद में अमेरिकी राजनयिक केंद्रों पर हुए हमलों के ठीक एक दिन बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर था। इन सिलसिलेवार हमलों ने पूरे मध्य पूर्व में शत्रुता और असुरक्षा के वातावरण को और अधिक गहरा कर दिया है।
वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दुबई में ड्रोन से जुड़ी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि सभी लोग सुरक्षित हैं। रुबियो ने वाशिंगटन में पत्रकारों को बताया, “दुर्भाग्यवश एक ड्रोन चांसलरी भवन से सटे एक पार्किंग स्थल पर जा गिरा और वहां आग लग गई। सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं।”
निवासियों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो में वाणिज्य दूतावास भवन के पीछे से धुएं के घने काले गुबार उठते हुए दिखाई दे रहे थे, जबकि आपातकालीन बचावकर्मी घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
दुबई मीडिया कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “दुबई अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास ड्रोन से संबंधित घटना के कारण लगी आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया है। आपातकालीन दल तुरंत मौके पर पहुंचे। किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है।”
इसके बाद एक अपडेट में, दुबई मीडिया कार्यालय ने वाणिज्य दूतावास परिसर के बाहर तैनात एक मोबाइल अग्निशामक वाहन की तस्वीरें साझा कीं।
उन्होंने कहा कि दुबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास लगी आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है। दुबई के अधिकारी सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। इस घटना के बाद, दुबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास ने 4 मार्च तक सभी वीजा और कांसुलर नियुक्तियों को रद्द कर दिया।
हमले के बाद, अमेरिकी सरकारी अधिकारियों ने अमेरिकी नागरिकों को वाणिज्य दूतावास परिसर से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी, क्योंकि अमेरिकी राजनयिक सुविधाओं पर जारी हमलों के बीच क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है। 

 

राष्ट्रपति ने देशवासियों को दी होली की शुभकामनाएं, राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील

04-Mar-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को होली की पूर्व संध्या पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संदेश में कहा, “होली के शुभ अवसर पर, मैं भारत और विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देती हूं।”
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, “उमंग भरे उत्सव होली के शुभ अवसर पर मैं देश और विदेश में रह रहे सभी भारतीयों को शुभकामनाएं देती हूं। होली हर्षोल्लास का पर्व है जो सामाजिक सद्भाव का संदेश देता है। यह त्योहार लोगों के जीवन में प्रेम और आशा का संचार करता है और आपसी एकता व भाईचारे को मजबूत करता है। होली ‘विविधता में एकता’ का भी प्रतीक है।” राष्ट्रपति मुर्मू ने आगे कहा, “मेरी कामना है कि होली के रंग सबके जीवन में खुशियां लेकर आएं और हम सब मिलकर एक विकसित राष्ट्र के निर्माण में योगदान दें।”
राष्ट्रपति ने कहा कि होली आनंद और उत्सव का त्योहार है जो सामाजिक सद्भाव का संदेश देता है। यह त्योहार समाज में प्रेम और आशा फैलाता है और सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करता है। होली विविधता में एकता का प्रतीक भी है। होली के रंग सबके जीवन में खुशियां लाएं और हम सब मिलकर एक विकसित राष्ट्र के निर्माण में योगदान दें।

 

होली पर अमित शाह और नितिन गडकरी समेत कई नेताओं ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं

04-Mar-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश ) देशभर में रंगों का त्योहार होली धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं ने देशवासियों को होली की शुभकामनाएं दी हैं। अमित शाह ने कामना की कि रंगों का यह पर्व सभी के जीवन में उन्नति, समृद्धि और सौभाग्य लेकर आए।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “उल्लास, उमंग और नई ऊर्जा के पर्व होली की हार्दिक शुभकामनाएं। रंगों का यह पर्व सभी के जीवन में उन्नति, समृद्धि और सौभाग्य लेकर आए।”
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पोस्ट किया, “प्रेम, सद्भाव और रंगों से भरा होली का यह पावन पर्व नकारात्मकता और द्वेष का दहन कर सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाए, यही कामना करता हूं। समस्त देशवासियों को होली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।”
वहीं, केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “सभी देशवासियों को होली की घणी घणी राम-राम। ईश्वर से कामना है कि प्रेम, उल्लास और आनंद को समर्पित यह त्योहार हमारी एकता और सद्भावना के रंग को और अधिक प्रगाढ़ करे। आप सभी का जीवन सुख, शांति और समृद्धि के रंगों से सराबोर हो।”
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, “रंग, उमंग, प्रेम और हर्षोल्लास के महापर्व होली की आप सभी को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। रंगों का यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, आनंद के नए रंग घोले, आपका जीवन हर पल उत्साह, प्यार एवं खुशियों के रंगों से सराबोर रहे, यही कामना करता हूं।

 

रंगों का त्योहार सबके लिए खुशियों की बहार लाए’, पीएम मोदी ने देशवासियों को दीं होली की शुभकामनाएं

04-Mar-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश)  रंगों के त्योहार होली के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कामना की कि हर किसी के जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता के रंगों की बौछार हो।
पीएम मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सभी देशवासियों को होली की अनंत शुभकामनाएं। रंग और उमंग से भरा यह त्योहार सबके लिए खुशियों की बहार लेकर आए। हर किसी के जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता के रंगों की बौछार हो, यही कामना है।”
एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, “होली का त्योहार पूरे माहौल में नई ऊर्जा भर देता है। यही इस उत्सव की बड़ी विशेषता है। हर तरफ जिस प्रकार खुशियों के रंग बिखरे नजर आते हैं, वो हर किसी को उल्लास और आनंद से सराबोर कर जाता है।”
संस्कृत सुभाषितम्’ में कहा गया है, “वसंत की मनमोहक हवा के झोंकों से जैसे सुंदर कमल खिल उठते हैं, वैसे ही रंग-बिरंगे फूलों और सुगंध से सजे हुए प्रेम का भव्य उत्सव पूरे आनंद से फैल रहा है। चारों ओर मधुर गीत गूंज रहे हैं, जो मानो जीवन में फिर से नई चेतना जगा रहे हैं।”
इससे पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देशवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पोस्ट किया, “रंगों का यह त्योहार लोगों के जीवन में प्रेम और आशा का संचार करता है तथा आपसी एकता व भाईचारे को मजबूत करता है। मेरी कामना है कि यह पर्व सबके जीवन में खुशियां लेकर आए और हम सब मिलकर एक विकसित राष्ट्र के निर्माण में योगदान दें।”
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने होली की शुभकामनाएं देते हुए ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “यह खूबसूरत त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत और बसंत के आने का जश्न मनाता है, जो हमारी सभ्यता की नई शुरुआत, उम्मीद और जोश का प्रतीक है।”
उन्होंने आगे लिखा, “हमारी समृद्ध परंपराओं में गहराई से जुड़ी होली भाईचारे, आपसी सम्मान और साझा खुशी को दिखाती है जो हमारे समाज के ताने-बाने को मजबूत करती है। होली के रंग हर दिल को खुशी और नई ऊर्जा से भर दें। यह त्योहार हमें सद्भाव फैलाने और अधिक समावेशी, शांतिपूर्ण व ‘विकसित भारत’ के लिए मिलकर काम करने की प्रेरणा दे।”

 



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