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नई टी20 रैंकिंग जारी रैंकिंग में भारत का दबदबा,अभिषेक पहले और ईशान दूसरे नंबर पर

12-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) आईसीसी ने टी20 बल्लेबाजों की नई रैंकिंग जारी कर दी है। बाएं हाथ के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा अपना पहला स्थान बरकरार रखने में कामयाब रहे हैं। ईशान किशन ने अपने करियर की बेस्ट रैंकिंग हासिल की है।
आईसीसी द्वारा बुधवार को जारी ताजा रैंकिंग में अभिषेक शर्मा पहले स्थान पर बरकरार हैं। टी20 विश्व कप 2026 में खराब फॉर्म से गुजरे अभिषेक ने फाइनल में 21 गेंद पर 52 रन की पारी खेली थी। इसी पारी की बदौलत वह अपना शीर्ष स्थान बचाए रखने में कामयाब रहे हैं।
टी20 विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 9 मैचों की 9 पारियों में 317 रन बनाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन को 2 स्थान का फायदा हुआ है। वह दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। यह उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ टी20 रैंकिंग है। ईशान ने भी विश्व कप फाइनल में 25 गेंदों पर 54 रन की पारी खेली थी।
पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान को एक स्थान का नुकसान हुआ है। वह तीसरे स्थान पर चले गए हैं। इंग्लैंड के फिल साल्ट एक स्थान के नुकसान के साथ चौथे स्थान पर चले गए हैं। श्रीलंका के पाथुम निसांका पांचवें स्थान पर हैं। न्यूजीलैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज टिम साइफर्ट को 4 स्थान का फायदा हुआ है। वह छठे स्थान पर हैं।
भारतीय बल्लेबाज तिलक वर्मा 1 स्थान के नुकसान के साथ सातवें और डेवाल्ड ब्रेविस आठवें स्थान पर हैं। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव का विश्व कप बल्ले से अच्छा नहीं रहा था। उन्हें 2 स्थान का नुकसान हुआ है। वह नौवें स्थान पर हैं, जबकि जोस बटलर एक स्थान के नुकसान के साथ दसवें स्थान पर हैं। बटलर का टी20 विश्व कप भी बेहद निराशाजनक रहा था।
इसके अलावा, इंग्लैंड के लिए भारत के खिलाफ सेमीफाइनल में शतक लगाने वाले युवा बल्लेबाज जैकब बेथल को 17 स्थान का फायदा हुआ है। वह 16वें स्थान पर पहुंच गए हैं। फिन एलन 7 स्थान की छलांग लगाते हुए 20वें और भारत के विश्व कप हीरो संजू सैमसन 18 स्थान की छलांग लगाते हुए 22वें स्थान पर पहुंच गए हैं।





 

होर्मुज जलडमरूमध्य में थाई जहाज पर हुए हमले को लेकर भारत ने जताई चिंता

12-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में एक थाई जहाज पर हुए हमले को लेकर भारत ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में विदेश मंत्रालय ने कहा है कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव के दौरान व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया जाना चिंताजनक है और इससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर खतरा पैदा होता है।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार 11 मार्च को जिस थाई मालवाहक जहाज ‘मयूरी नारी’ पर हमला हुआ, वह भारत के गुजरात स्थित कांडला बंदरगाह की ओर आ रहा था। घटना के बाद भारत स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
विदेश मंत्रालय ने खाड़ी देशों और इजरायल में स्थित सभी भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को 24X7 सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, ताकि संकट में फंसे भारतीय तुरंत संपर्क कर सकें।सरकार ने कहा कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। भारत ने क्षेत्र में सभी पक्षों से संयम बरतने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा बनाए रखने की अपील भी की है।
भारत ने दोहराया है कि व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना, निर्दोष नागरिक चालक दल के सदस्यों को खतरे में डालना या समुद्री मार्गों पर आवाजाही और व्यापार की स्वतंत्रता में बाधा डालना उच‍ित नहीं है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और अन्य व्यापारिक सामान का आवागमन होता है। पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के कारण हाल के दिनों में इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

पीएम मोदी ने दांडी मार्च की वर्षगांठ पर विभूतियों को याद करते हुए शेयर किया संस्कृत सुभाषितम्

12-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘दांडी मार्च’ की वर्षगांठ पर इसमें शामिल सभी विभूतियों को याद करते हुए एक ‘संस्कृत सुभाषितम्’ शेयर किया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “1930 में आज ही के दिन दांडी मार्च की शुरुआत हुई थी। इसमें शामिल सभी विभूतियों का श्रद्धापूर्वक स्मरण।” उन्होंने ‘संस्कृत सुभाषितम्’ लिखा, “सत्यमेव जयति नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः। येनाक्रमन्त्यृषयो ह्याप्तकामा यत्र तत्सत्यस्य परमं निधानम्॥”
इस ‘सुभाषितम्’ का संदेश है कि सदैव सत्य की ही विजय होती है और असत्य का नाश होता है। इसलिए उस मार्ग का अनुसरण करना चाहिए, जिस मार्ग पर चलकर ऋषियों ने आनंद और परमसत्य की प्राप्ति की।
इससे पहले, स्वतंत्रता संग्राम के महत्वपूर्ण अध्याय ‘दांडी नमक सत्याग्रह’ की वर्षगांठ पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने महात्मा गांधी को याद किया। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “1930 में आज ही के दिन महात्मा गांधी जी ने दांडी सत्याग्रह शुरू किया था, जिसने हर आयु और वर्ग के भीतर स्वतंत्रता की इच्छा को और भी प्रबल बनाया। यह स्वदेशी की दिशा में उठाया गया ऐसा कदम था, जिसने स्वाधीनता आंदोलन की दिशा बदल दी। दांडी सत्याग्रह के सभी महापुरुषों को नमन करता हूं।”
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “महात्मा गांधी ने 1930 में आज ही के दिन अंग्रेजों के अत्याचारी नमक कानून के विरोध में साबरमती आश्रम से ऐतिहासिक दांडी नमक सत्याग्रह की शुरुआत की थी, जिसने भारतीय स्वाधीनता संग्राम को नई दिशा दी। स्वतंत्रता संग्राम के इस महत्वपूर्ण अध्याय दांडी नमक सत्याग्रह की वर्षगांठ के अवसर पर पूज्य महात्मा गांधी और सत्याग्रहियों को विनम्र अभिवादन।”
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, “पूज्य बापू और अमर संघर्ष के सभी सत्याग्रहियों को कोटि-कोटि नमन। साल 1930 में आज ही के दिन महात्मा गांधी के नेतृत्व में साबरमती आश्रम से आरंभ हुआ दांडी नमक सत्याग्रह भारतीय स्वाधीनता संग्राम की उस ज्योति का प्रज्ज्वलन था, जिसने जन-जन में आत्मबल और स्वराज का नया मंत्र भर दिया। बर्बर और अलोकतांत्रिक ब्रिटिश शासन की जड़ें हिलाने वाले इस अभूतपूर्व ‘दांडी मार्च’ ने यह सिद्ध किया कि सत्य, साहस और सामूहिक संकल्प से साम्राज्य भी डगमगा जाते हैं।”


 

ईरान के हमलों के बीच कतर से सीमित उड़ानों का संचालन शुरू, भारत के लिए भी कई विमान भरेंगे उड़ान

12-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) पश्चिम एशिया में ईरान की ओर से जारी हमलों के बीच फ्लाइट्स के संचालन पर काफी असर पड़ रहा है। हमलों की वजह से मिडिल ईस्ट में भारी संख्या में दूसरे देशों के नागरिक फंसे हुए हैं। हालात को देखते हुए, कतर 12 मार्च से विमानों का संचालन शुरू करने जा रहा है। कतर की एयरवेज ने जानकारी दी है कि दोहा से आज गुरुवार को कई विमानों का संचालन शुरू होगा। ताजा हालात के हिसाब से कतर एयरवेज 12 से लेकर 17 मार्च तक दोहा के लिए और दोहा से सीमित विमान चलाएगा।
एयरलाइन के अपडेटेड ऑपरेशनल शेड्यूल के अनुसार, कतर एयरवेज 12 मार्च को हमाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कुल 29 विमान का संचालन कर रहा है, जिसमें 15 प्रस्थान और 14 आगमन होंगे। दोहा से विमान मुख्य जगहों में मुंबई, नई दिल्ली, इस्लामाबाद, न्यूयॉर्क, फ्रैंकफर्ट, बीजिंग, लंदन, काहिरा और जोहान्सबर्ग शामिल हैं। इसके साथ ही दोहा आने वाली विमान सोल, जेद्दा, नई दिल्ली, हांगकांग, मस्कट, मेलबर्न, डलास और बैंकॉक जाएगी।
एयरलाइन के अपडेटेड ऑपरेशनल शेड्यूल के अनुसार, कतर एयरवेज 12 मार्च को हमाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कुल 29 विमान का संचालन करेगा, जिसमें 15 प्रस्थान और 14 आगमन होंगे। भारत के लिए 13 मार्च को दोहा से कोच्चि के लिए विमान का संचालन होगा। इसके अलावा, दोहा से 14 मार्च को मुंबई, 15 मार्च को दिल्ली और 16 मार्च को कोच्चि और मुंबई के लिए विमान का संचालन होगा। 17 मार्च को कोच्चि और मुंबई के लिए दोहा से विमान रवाना होगा। कोच्चि से 14 मार्च को दोहा के लिए एक विमान उड़ान भरेगी। 15 मार्च को मुंबई से और 16 मार्च को नई दिल्ली से दोहा के लिए विमान रवाना होगा।
कतर एयरवेज ने आधिकारिक बयान में कहा कि कतर नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अस्थायी प्राधिकरण के बाद, उसे लिमिटेड ऑपरेटिंग कॉरिडोर इस्तेमाल करने की इजाजत मिल गई है। एयरलाइन आने वाले दिनों में कुछ खास शेड्यूल चलाने की योजना बना रही है ताकि एयरस्पेस में चल रही रुकावट से प्रभावित यात्रियों को मदद मिल सके। कतर एयरवेज ने इस बात पर जोर दिया कि ये विमान रेगुलर कमर्शियल ऑपरेशन की वापसी नहीं हैं।
एयरलाइन ने कहा, “कतर एयरवेज की विमान अभी भी अस्थायी तौर पर सस्पेंड हैं, इसलिए हम प्रभावित यात्रियों की मदद करने और उन्हें उनके परिवार और प्रियजनों से मिलाने में मदद करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हम समझते हैं कि यह परेशान करने वाला हो सकता है और इस समय आपके सब्र और समझ की तारीफ करते हैं। कतर सिविल एविएशन अथॉरिटी के कतर एयरस्पेस के सुरक्षित रूप से फिर से खुलने की पुष्टि करने के बाद ऑपरेशन फिर से शुरू हो जाएंगे।”
कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी कैबिनेट मीटिंग में शामिल हुए। मीटिंग में पीएम अल थानी ने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध के दौरान देश की परेशानियों का सामना करने की क्षमता को और मजबूत करने की अपील की है।
इस बीच बहरीन के गृह मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उसने देश में जगहों की तस्वीरें लेने समेत “ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के साथ जासूसी” करने के आरोप में चार बहरीन के नागरिकों को गिरफ्तार किया है।
मंत्रालय ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों की उम्र 22 से 36 साल के बीच है, जबकि 25 साल का पांचवां व्यक्ति विदेश में फरार है। मंत्रालय ने कहा, “जांच से पता चला है कि पहले गिरफ्तार व्यक्ति ने, संगठन के निर्देशों पर और दूसरों की मदद से, बहरीन में जरूरी जगहों की तस्वीरें लेने और कोऑर्डिनेट्स रिकॉर्ड करने के लिए हाई-रिजॉल्यूशन फोटोग्राफी उपकरण का इस्तेमाल किया। यह जानकारी फिर एन्क्रिप्टेड सॉफ्टवेयर के जरिए आईआरजीसी को भेजी गई।” 

मिडिल ईस्ट संघर्ष का असर, ब्रेंट क्रूड फिर 100 डॉलर के पार

12-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) मध्य पूर्व में संघर्ष बढ़ने का असर कच्चे तेल पर स्पष्ट दिखाई देखे लगा है और गुरुवार को कीमत फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ब्रेंट क्रूड का दाम 9 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 100.76 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। वहीं, डब्ल्यूटीआई क्रूड का दाम करीब 9 प्रतिशत बढ़कर 95 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।
कच्चे तेल में तेजी ऐसे समय पर देखने को मिली है, जब इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) कीमतों में तेजी को कम करने के लिए इमरजेंसी रिजर्व से कच्चा तेल जारी करने का ऐलान कर चुका है।
बीते बुधवार को 32 देशों के सदस्यता वाले आईईए ने इमरजेंसी रिजर्व से 400 मिलियन बैरल कच्चा तेल जारी करने का ऐलान किया है, यह अब तक के इतिहास में आईईए द्वारा कच्चा तेल जारी करने का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
इसके अलावा, अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने अलग से घोषणा की कि वह रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व से 172 मिलियन बैरल तेल जारी करेगा, और ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कहा कि शिपमेंट अगले सप्ताह शुरू हो सकता है और इसे पूरा होने में लगभग 120 दिन लगेंगे।
इससे पहले मध्य पूर्व में संघर्ष बढ़ने के चलते कच्चा तेल 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। हालांकि, बाद में गिरकर 80 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था।
कच्चे तेल में तेजी की वजह होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही कथित तौर बाधित होना है। इससे साथ,अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष में अब तेल टैंकरों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे इसमें और इजाफा हो गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य, मध्य पूर्व में संकरा समुद्री मार्ग है, जिससे दुनिया में उत्पादित होना वाला करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल का व्यापार होता है।










 

‘तथ्यों से भरा, संसदीय परंपराओं के महत्व को बताया’, पीएम मोदी ने की अमित शाह के भाषण की प्रशंसा

12-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में दिए गए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि इस भाषण में संसद की परंपराओं के महत्व और देश की प्रगति के लिए सामूहिक प्रयास का जिक्र था।
पीएम मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “गृह मंत्री अमित शाह का शानदार भाषण। उनका भाषण तथ्यों से भरा हुआ है और संसदीय परंपराओं के महत्व के साथ-साथ देश की प्रगति के लिए मिलकर काम करने के महत्व को भी बताता है।”
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कल बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ पेश अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में चर्चा का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य घटना नहीं है। लगभग 4 दशक के बाद लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया है। उन्होंने संसदीय राजनीति और सदन के लिए यह अफसोसजनक घटना करार दिया।
अमित शाह ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष किसी दल के नहीं होते बल्कि सदन के होते हैं और सदन के सभी सदस्यों के अधिकारों के संरक्षक होते हैं। स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना कोई साहसिक घटना नहीं है।
उन्होंने कहा कि लगभग 13 घंटों तक पक्ष-विपक्ष ने इस पर चर्चा की है और 42 से अधिक सांसदों ने इसमें हिस्सा लिया है। स्पीकर के निर्णय को अंतिम मानने के विपरीत विपक्ष ने स्पीकर की निष्ठा पर सवालिया निशान खड़ा किया है। शाह ने कहा कि लोकसभा भारत के लोकतंत्र की सबसे बड़ी पंचायत है और न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में हमारे लोकतंत्र की एक साख बनी है और पूरी दुनिया इसे स्वीकार करती है। जब इस पंचायत के मुखिया की निष्ठा पर सवालिया निशान लगता है तो सिर्फ देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम भी विपक्ष में रहे हैं और उस दौरान तीन बार स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया, लेकिन हमारी पार्टी और गठबंधन ने कभी स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किया। उन्होंने कहा कि हमने रचनात्मक विपक्ष के रूप में काम किया है, स्पीकर की गरिमा का संरक्षण करने का काम किया है और स्पीकर से हमारे कानूनी अधिकारों के संरक्षण की मांग भी की है। शाह ने कहा कि हम कभी स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाए।
अपने भाषण में अमित शाह ने कहा कि लोकसभा के नियम 374 में अव्यवस्था, अनुशासनहीनता की स्थिति में स्पीकर को चेतावनी देने, नामित करने, निष्कासित करने और निलंबन का अधिकार है। उन्होंने कहा कि आंदोलन और एक्टिविस्ट को सदन में सदन के नियमों के अनुसार ही चलना पड़ेगा। शाह ने कहा कि नियम 375 के तहत गंभीर अव्यवस्था की स्थिति में सदन को स्थगित करना होता है। उन्होंने कहा कि नियम 380 के अधीन स्पीकर को असंसदीय शब्दों और टिप्पणियों को कार्यवाही से हटाने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि लय में की गई असंसदीय टिप्पणियां संसद के इतिहास में नहीं रखनी चाहिए क्योंकि ऐसा करने से आने वाले सासंद भी यही संस्कार लेकर जाएंगे। शाह ने कहा कि असंसदीय शब्दों की सूची सदन के अस्तित्व में आने से लेकर आज तक इस पद पर बैठे अनेक महानुभावों ने बनाई और वह सब पर बाध्यकारी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को संविधान ने अधिकार दिया है लेकिन कोई विशेषाधिकार नहीं दिया है। अधिकार का संरक्षण कर सकते हैं लेकिन विशेषाधिकार के मुगालते में जीने वालों को उनकी पार्टी और जनता भी संरक्षण नहीं देती है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 16वीं लोकसभा में 331 बैठकें हुईं, 17वीं लोकसभा में 274 और मौजूदा लोकसभा में 2025 तक 103 बैठकें हुईं। वर्ष 2025 का बजट सत्र 118 प्रतिशत उत्पादकता वाला रहा। उन्होंने कहा कि 16वीं लोकसभा की उत्पादकता 91 प्रतिशत, 17वीं की उत्पादकता 91 प्रतिशत और 18वीं की उत्पादकता 91 प्रतिशत रही और इनमें अधिकतम उत्पादकता मौजूदा स्पीकर ओम बिरला के कार्यकाल में ही हुई है। अध्यक्ष ने शून्य काल की अवधि को 5 घंटे तक पहुंचाया है।
शाह ने कहा कि विधायक और सांसद रहते हुए उन्हें 30 साल हो चुके हैं, लेकिन उन्होंने कभी नहीं देखा कि स्पीकर ने सदस्यों को रात 12 बजे तक शून्य काल के मुद्दे उठाने का मौका दिया हो। उन्होंने 202 सांसदों को प्रश्न उठाने का मौका दिया और विपक्ष कहता है कि उन्हें मुद्दे उठाने का मौका नहीं मिलता।

पीएम मोदी आज तिरुचिरापल्ली से 2 अमृत भारत रेलगाड़ियों, 2 एक्सप्रेस ट्रेनों और एक पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे

11-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी बुधवार को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से दो अमृत भारत एक्सप्रेस, दो एक्सप्रेस रेलगाड़ियों और एक पैसेंजर ट्रेन, तथा केरल के एर्णाकुलम से एक और पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। ये नई ट्रेन सेवाएं सामूहिक रूप से तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और झारखंड के लाखों यात्रियों को लाभ पहुंचाएंगी।
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस अवसर पर केरल में तीन पुनर्विकसित अमृत स्टेशनों का उद्घाटन भी किया जाएगा और शोरनूर-निलांबुर रेलवे लाइन विद्युतीकरण परियोजना राष्ट्र को समर्पित की जाएगी।
तमिलनाडु में एक ऐसा शहर है जहां दो रेलवे स्टेशन एक-दूसरे से मुश्किल से छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं, फिर भी अब तक, उनमें से कोई भी अपने लोगों को झारखंड के खनिज-समृद्ध क्षेत्र के लिए सीधी ट्रेन सेवा प्रदान नहीं कर सका था। वह शहर कोयंबटूर है। लेकिन अब यह स्थिति बदलने वाली है, जब प्रधानमंत्री मोदी तिरुचिरापल्ली से ‘पोदानूर-धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस’ को हरी झंडी दिखाएंगे।
दरअसल, दक्षिण के करघा-नगरों से लेकर पूरब के कोयला-खदानों से घिरे पठारों तक, भारतीय रेल ने उस मांग को पूरा किया है जिसे यह क्षेत्र दशकों से संजोए हुए था। पोदानूर जंक्शन कोयंबटूर का दूसरा सबसे बड़ा रेलवे केंद्र है और शहर के दक्षिणी छोर पर स्थित है, यह इस नई ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ का शुरुआती स्टेशन है। इसके कुछ ही मिनटों बाद कोयंबटूर जंक्शन आता है, जो इसका पहला कमर्शियल हॉल्ट (ठहराव) है। ये दोनों स्टेशन मिलकर कोयंबटूर के लाखों लोगों को ऐसी रेलगाड़ी तक पहुंचने के दो रास्ते उपलब्ध कराते हैं, जो सीधे धनबाद तक जाती है। एक ही ट्रेन, जो आपके घर से लेकर आपकी मंज़िल तक का सफ़र तय करती है।
वहीं पहले, इस यात्रा का मतलब होता था—चेन्नई या विजयवाड़ा के लिए ट्रेन पकड़ना, वहां घंटों इंतज़ार करना, और फिर दूसरी ट्रेन पकड़ना; जिससे पहले से ही लंबे इस सफ़र में एक पूरा दिन और जुड़ जाता था। नई ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ ने इस पूरे समीकरण को ही बदल दिया है। यह साप्ताहिक सेवा है; यह हर शनिवार सुबह पोदानूर से रवाना होगी और सोमवार तड़के धनबाद पहुंच जाएगी, जबकि वापसी की सेवा हर सोमवार को धनबाद से चलेगी। रास्ते में सलेम, रेनिगुंटा, विजयवाड़ा, झारसुगुड़ा और रांची जैसे स्टेशनों से गुज़रते हुए, यह नई साप्ताहिक रेलगाड़ी उस पूरे कॉरिडोर के हर बड़े स्टेशन से गुजरेगी, जो दक्षिण भारत के औद्योगिक केंद्र को पूर्वी भारत की ‘एनर्जी बेल्ट’ से जोड़ता है।
भारत की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा दो तरह के शहरों के बीच के तालमेल पर चलता है—वे शहर जो चीज़ें बनाते हैं, और वे शहर जो निर्माण की प्रक्रिया को ऊर्जा देते हैं। कोयंबटूर और धनबाद के बीच यह तालमेल लंबे समय से बना हुआ है, भले ही रेलवे ने उन्हें औपचारिक तौर पर अभी तक एक-दूसरे से न जोड़ा हो। सेलम स्टील प्लांट—जो रेलवे ट्रैक, रक्षा उपकरणों और बुनियादी ढांचे में इस्तेमाल होने वाला खास मिश्र धातु (alloy) वाला स्टील बनाता है—अपने लिए ‘कोकिंग कोल’ धनबाद के आस-पास की खदानों से ही लेता है। कच्चा माल मालगाड़ियों से दक्षिण की ओर जाता है; और अब, इन दो दुनियाओं के बीच आने-जाने वाले लोग अमृत भारत एक्सप्रेस से सफ़र करेंगे।
भारत के बिल्कुल किनारे पर एक और शहर है, जहां ज़मीन खत्म हो जाती है और तीन समुद्र मिलते हैं। कन्याकुमारी, और वह तटीय पट्टी जो नागरकोइल से होते हुए उत्तर की ओर फैली हुई है, लंबे समय से तीर्थयात्रियों, मछुआरों और चुपचाप मेहनत करने वाले लोगों का क्षेत्र रही है; ऐसे लोग जिन्होंने इस उपमहाद्वीप के सबसे दक्षिणी छोर पर अपना जीवन बनाया है। फिर भी, अपने इतने महत्व के बावजूद, यह पट्टी दक्कन के आर्थिक अवसरों से लगातार दूर ही रही है। नागरकोइल से हैदराबाद तक की यात्रा का मतलब था ट्रेन बदलना, इंतज़ार करना, और यात्रा में ही दो दिन का ज़्यादातर समय बिताना। इस नई सेवा के शुरू होने से यह दूरी कम हो जाएगी।
वहीं, रामेश्वरम-मंगलुरु एक्सप्रेस और तिरुनेलवेली-मंगलुरु एक्सप्रेस, दोनों ही कर्नाटक तट की ओर जाते हुए कोयंबटूर गलियारे से होकर गुजरेगी। कोयंबटूर ज़िले के निवासियों के पास अब पश्चिम की ओर मंगलुरु जाने के लिए नए और सीधे विकल्प मौजूद हैं, जिसके लिए उन्हें बीच के स्टेशनों पर ट्रेन बदलने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक, रामेश्वरम की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों के लिए, यह नई एक्सप्रेस रेलगाड़ी रामनाथस्वामी मंदिर तक की यात्रा को और भी सुगम बनाती है। इसका मार्ग तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक से होकर गुज़रेगा, और यह तटीय क्षेत्र के विद्यार्थियों, व्यापारियों और कामकाजी पेशेवरों को सेवाएं प्रदान करेगी।
केरल में, तीन स्टेशनों का उद्घाटन ‘अमृत भारत स्टेशनों’ के रूप में किया जा रहा है—शोरनूर, कुट्टिप्पुरम और चंगनास्सेरी। इन्हें आधुनिक यात्री सुविधाओं, उन्नत प्लेटफॉर्म, लिफ्ट और एस्केलेटर, मुफ्त वाई-फाई, और स्थानीय कला व संस्कृति से प्रेरित स्टेशन के बाहरी स्वरूप (facades) के साथ फिर से बनाया गया है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इन तीनों स्टेशनों का पुनर्विकास लगभग ₹52 करोड़ की कुल लागत से किया गया है। ये केवल नवीनीकृत इमारतें नहीं हैं। ये इस बात का प्रतीक हैं कि हर भारतीय—चाहे वह किसी भी शहर का रहने वाला हो—एक ऐसे स्टेशन का हकदार है जो देश की आकांक्षाओं को दर्शाता हो।
इन उद्घाटनों के साथ-साथ, शोरनूर-निलांबुर रेलवे लाइन का विद्युतीकरण कार्य भी राष्ट्र को समर्पित किया जा रहा है। यह लाइन मलप्पुरम जिले से गुज़रते हुए 65 किलोमीटर तक फैली है और इस परियोजना की लागत 90 करोड़ रुपये है। यह विद्युतीकृत गलियारा डीज़ल इंजन की ज़रूरत को खत्म करता है, यात्रा के समय को कम करता है, उत्सर्जन घटाता है, और केरल के सबसे अधिक आबादी वाले जिलों में से एक जिले में अधिक यात्री और मालगाड़ी सेवाओं की निर्बाध शुरुआत को संभव बनाएगा।
 

कच्चे तेल की कीमत में हुई भारी गिरावट, 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे लुढ़की कीमत

11-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) कच्चे तेल की कीमत में बुधवार को गिरावट देखने को मिली और यह 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया है। इसकी वजह आईईए द्वारा इमरजेंसी रिजर्व जारी कर कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाने के प्रस्ताव को माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी-ईरान युद्ध के बाद बढ़ी हुई कच्चे तेल की कीमतों को कम करने के लिए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) इमरजेंसी रिजर्व से कच्चे तेल की आपूर्ति पर विचार कर रहा है। 
कई रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरजेंसी रिजर्व से प्रस्तावित आपूर्ति 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण के बाद दो चरणों में जारी किए गए 182 मिलियन बैरल से अधिक होगी। जी7 देशों ने आईईए से इस तरह के कदम के लिए तैयार रहने का अनुरोध किया है।इन रिपोर्ट्स के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 0.99 प्रतिशत गिरकर 86.93 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) वायदा 0.75 प्रतिशत गिरकर 82.82 डॉलर हो गया।
हाल के दिन में होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के कारण ब्रेंट क्रूड में करीब 50 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई थी और यह 119 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया था। होर्मुज जलडमरूमध्य, मध्य पूर्व में प्रमुख समुद्री व्यापारिक मार्ग पर स्थित एक संकरा रास्ता है, जिससे दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल होकर जाता है। कच्चे तेल में गिरावट की एक वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान को माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका का ईरान के साथ युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है। 
हालांकि, अमेरिका-ईरान युद्ध दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और समाधान के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने या उनकी तैयारी में जुटे होने की खबरों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है।मंगलवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई बारूदी सुरंगें बिछाई हैं और हमारे पास इसकी कोई रिपोर्ट नहीं है, तो हम चाहते हैं कि उन्हें तुरंत हटाया जाए!” उन्होंने आगे कहा कि बारूदी सुरंगों को हटाना “सही दिशा में एक बड़ा कदम होगा!” 





 

ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी, कहा-होर्मुज जलमार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाने का प्रयास किया तो सैन्य परिणाम भुगतने होंगे

11-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान ने होर्मुज जलमार्ग में समुद्री सुरंगें बिछाने की कोशिश की, तो अमेरिका उस पर बड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। इसी बीच, अमेरिकी सेना ने महत्वपूर्ण जहाजरानी मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली 10 संदिग्ध नौकाओं पर हमला कर उन्हें नष्ट कर दिया, जिससे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारों में से एक में तनाव बढ़ गया है।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए चेतावनी जारी करते हुए कहा कि वाशिंगटन फारस की खाड़ी को वैश्विक ऊर्जा बाजारों से जोड़ने वाले संकरे जलमार्ग में किसी भी संभावित बारूदी सुरंग बिछाने के प्रयास पर कड़ी नजर रख रहा है। अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई बारूदी सुरंग बिछाई है और हमारे पास इसकी कोई रिपोर्ट नहीं है, तो हम चाहते हैं कि उन्हें तुरंत हटाया जाए।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने तेहरान को चेतावनी दी कि ऐसी किसी भी बारूदी सुरंग को न हटाने पर अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई की जाएगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका रणनीतिक जलमार्ग में बारूदी सुरंग बिछाने के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए उन्नत तकनीक और मिसाइल क्षमताओं का उपयोग करने के लिए तैयार है।
ट्रंप ने कहा, “मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ तैनात की गई उन्हीं तकनीकों और मिसाइल क्षमताओं का उपयोग होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंग बिछाने का प्रयास करने वाली किसी भी नाव या जहाज को स्थायी रूप से नष्ट करने के लिए कर रहे हैं।”
इस चेतावनी के तुरंत बाद, ट्रंप ने लिखा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पिछले कुछ घंटों में हमने 10 निष्क्रिय बारूदी सुरंग बिछाने वाली नौकाओं और या जहाजों को निशाना बनाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।”
वहीं, अमेरिकी केंद्रीय कमान ने इन अभियानों की पुष्टि की और कहा कि अमेरिकी सैन्य बल समुद्र में ईरानी क्षमताओं के खिलाफ एक व्यापक अभियान के तहत हमले जारी रखे हुए हैं। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान सैकड़ों हवाई संसाधन ईरानी शासन के खिलाफ विनाशकारी युद्ध शक्ति प्रदान करना जारी रखे हुए हैं।
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि ये अभियान राष्ट्रपति के सीधे आदेशों के तहत चलाए गए थे और इनका उद्देश्य वैश्विक समुद्री मार्गों के लिए खतरों को रोकना था। राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर, सेंटकॉम होर्मुज जलडमरूमध्य में निष्क्रिय पड़े बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाजों को नष्ट कर रहा है। हम आतंकवादियों को होर्मुज जलडमरूमध्य को बंधक बनाने की अनुमति नहीं देंगे।
अमेरिकी केंद्रीय कमान का कहना है कि इन सैन्य अभियानों का उद्देश्य वाणिज्यिक जहाजों को धमकाने और समुद्र में शक्ति प्रदर्शन करने की ईरान की क्षमता को सीमित करना था। अमेरिकी सेनाएं समुद्र में शक्ति प्रदर्शन करने और अंतरराष्ट्रीय जहाजों को परेशान करने की ईरानी शासन की क्षमता को कमजोर कर रही हैं।”
उन्होंने कहा, “वर्षों से ईरानी सेनाएं उन जलक्षेत्रों में नौवहन की स्वतंत्रता के लिए खतरा बनी हुई हैं, जो अमेरिकी, क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा और समृद्धि के लिए आवश्यक हैं।”









 

पीएम मोदी ने अखिल केरल धीवर सभा के स्वर्ण जयंती समारोह को किया संबोधित

11-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को केरलम के दौरे पर पहुंचे और कोच्चि में अखिल केरल धीवर सभा (Akhila Kerala Dheevara Sabha) के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लिया। उन्होंने इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधन दिया तथा मछुआरा समुदाय के कल्याण के लिए संगठन के कार्यों की सराहना की। इस दौरान पीएम मोदी को विष्णु की प्रतिमा और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित भी किया गया। 
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि अखिल केरल धीवर सभा मछुआरों के कल्याण के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रही है, जो एनडीए की तटीय समुदायों को सशक्त बनाने की दृष्टि से पूरी तरह मेल खाता है। उन्होंने संगठन के 50 वर्षों के योगदान को सराहा और मछुआरा समुदाय की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए सभा के सदस्यों को हार्दिक बधाई दी। 
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने राज्य के नाम परिवर्तन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केरल का नाम अब केरलम हो गया है, जो मलयाली संस्कृति और स्थानीय पहचान के अनुरूप है। यह परिवर्तन केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया गया था, जिससे मलयाली भाइयों-बहनों की लंबे समय से चली आ रही इच्छा पूरी हुई है। प्रधानमंत्री ने केरलमवासियों को इस फैसले के लिए बधाई दी और इसे राज्य की सही पहचान मिलने का आनंदपूर्ण क्षण बताया।
पीएम ने कहा, ”आप सभी की बरसों से इच्छा थी की केरल का नाम बदलकर केरलम किया जाए, मैं आज आपके चेहरे पर ख़ुशी देख सकता हूं, भारत के इस सुंदरतम राज्य को मलयाली कल्चर के मुताबिक सही नाम मिला है, सही पहचान मिली है, मैं इस फ़ैसले के लिए केरलमवासियों को बधाई देता हूं।” 
प्रधानमंत्री ने मछुआरा समुदाय की सांस्कृतिक विरासत, समुद्र संरक्षण की परंपरा और प्रकृति के प्रति श्रद्धा की प्रशंसा की। उन्होंने मत्स्य पालन क्षेत्र में केन्द्रीय सरकार के प्रयासों का जिक्र किया, जिसमें मत्स्य पालन के लिए अलग मंत्रालय की स्थापना, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत केरल के लिए विशेष प्रावधान और मत्स्य सहकारी समितियों को सहायता शामिल है।
पीएम मोदी ने कहा, ”समुद्र की रक्षा के लिए कुरुम्बा देवी के प्रति आपकी श्रद्धा और कुरुम्बा मंदिरों के संरक्षण के आपके प्रयास यह दर्शाते हैं कि भारत ने सदियों से प्रकृति और पर्यावरण को कितना महत्त्व दिया है, आपकी परंपराएं भगवान व्यास से भी जुड़ी हुई हैं, जो उन्हें भारत के इतिहास का एक महत्त्वपूर् हिस्सा बनाती हैं, हमारी धरती के इस गौरव को संरक्षित करने के लिए मैं आप सभी का तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं।” 
मछुआरों की सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि सैटेलाइट तकनीक के माध्यम से समुद्र में जाने वाले मछुआरों की सुरक्षा को मजबूत किया गया है, जिससे परिवारों की चिंता कम हुई है और मौसम संबंधी जोखिमों से बेहतर निपटारा संभव हुआ है।
इस संबंध में उन्होंने कहा, ”हमारी सरकार ने मछुआरा समुदाय की क्षमता और नीली अर्थव्यवस्था में उसकी भूमिका को पहचाना है, भाजपा-एनडीए सरकार ने ही मत्स्य पालन के लिए एक अलग मंत्रालय बनाया है, उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए कई क़दम उठाए गए हैं, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत केरल के लिए लगभग 1400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, इसी वजह से केरल में मत्स्य पालन क्षेत्र तेज़ी से प्रगति कर रहा है।” 
”आज मछुआरा समुदाय के उत्थान के लिए कई अहम क़दम उठाए जा रहे हैं, मत्स्य सहकारी समितियों और मत्स्य पालन से जुड़े उद्यमों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे इस क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा मिल रहा है।” 
”समुद्र में जाने वाले मछुआरों की सुरक्षा भी हमारे लिए महत्वपूर्ण है। पहले हमारे मछुआरे भाई-बहन खुले समुद्र में जाते थे, तो उनके घरवाले उनके वापस आने तक चिंता और डर में डूबे रहते थे, क्योंकि समुद्र में मौसम को लेकर हमेशा आशंकाएं बनी रहती थीं।लेकिन अब ऐसा नहीं है। हमने सैटेलाइट के जरिए समुद्र में जाने वाले मछुआरे भाई-बहनों की सुरक्षा को और मजबूत किया है।”
यह कार्यक्रम मछुआरा समुदाय के योगदान, उनकी आजीविका सशक्तिकरण और समुद्री संस्कृति संरक्षण पर केंद्रित था। बताना चाहेंगे प्रधानमंत्री के इस दौरे में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण भी शामिल है।







 

 




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