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दिल्ली : घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमत में बढ़ोतरी, तेल कंपनियों ने 29 रुपए बढ़ाए दाम

07-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) सरकारी तेल कंपनियों ने एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की वृद्धि की गई है। इसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है।
दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की नई कीमत आज यानी 7 जून से लागू हो जाएगी। इससे पहले 1 जून को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई थी। तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी के दाम में 42 रुपये की वृद्धि की थी।
जून में हुई इस बढ़ोतरी को मिलाकर बीते पांच महीनों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। फरवरी में कमर्शियल एलपीजी की कीमत में 49 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद मार्च में 115 रुपये की एक और वृद्धि हुई। अप्रैल में 993 रुपये प्रति सिलेंडर की सबसे बड़ी बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 1 जून से दरों में एक बार फिर बदलाव किया गया।
बताया गया कि ईंधन और परिवहन लागत बढ़ने के कारण कीमतों में इजाफा किया गया। तेल मार्केटिंग कंपनियों ने 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडरों की कीमत में भी 11 रुपये की बढ़ोतरी की थी।
बीते दिनों दिल्ली और आसपास के इलाकों में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की कीमत में भी 2 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई थी। 15 मई से सीएनजी की कीमतों में चार अलग-अलग संशोधनों के जरिए कुल 6 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई।
19 मई को पेट्रोल 86 पैसे प्रति लीटर और डीजल 83 पैसे प्रति लीटर महंगा किया गया था। इस बदलाव के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 98.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गई थी।
इससे पहले 15 मई को भी ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। उस समय पेट्रोल और डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर तथा सीएनजी की कीमत में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई थी।





 

भारत ने नेपाल को 72 स्वास्थ्य सुविधाओं और 12 सांस्कृतिक विरासत से जुड़े प्रोजेक्ट सौंपे

07-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शनिवार को अपने नेपाली समकक्ष शिशिर खनल के साथ बैठक की। विदेश मंत्री जयशंकर ने 2015 के भूकंप के बाद पुनर्निर्माण कार्यक्रम के तहत नेपाल को 72 स्वास्थ्य सुविधाएं और 12 सांस्कृतिक विरासत परियोजनाएं वर्चुअली सौंपीं।
मीटिंग के बाद विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल के साथ अच्छी मीटिंग के बाद, 2015 के भूकंप के बाद रिकंस्ट्रक्शन प्रोग्राम के तहत 72 स्वास्थ्य सुविधाओं और 12 कल्चरल हेरिटेज प्रोजेक्ट वर्चुअली सौंपे गए।”
उन्होंने कहा, “क्रॉस-बॉर्डर पर्सनल रेमिटेंस को आसान बनाने के लिए यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) भारत और नेशनल पेमेंट्स इंटरफेस ऑफ नेपाल के बीच मिलकर लिंकेज लॉन्च किया गया।” दोनों नेताओं ने नेपाल के लिए ‘वॉयस फर्स्ट’ लैंग्वेज ट्रांसलेशन प्लेटफॉर्म के लिए नेशनल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलकर बनाने के लिए डिजिटल इंडिया भाषानी और काठमांडू यूनिवर्सिटी के बीच एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) एक्सचेंज किया।
विदेश मंत्री ने दोनों देशों के लोगों की आपसी तरक्की, खुशहाली और भलाई के लिए नेपाल के साथ काम करने का भारत का वादा भी दोहराया। नेताओं ने भारत-नेपाल साझेदारी पर विस्तार से चर्चा की, जिसमें विकास सहयोग, जुड़ाव, ऊर्जा, खासकर हाइड्रो पावर डेवलपमेंट, शिक्षा, स्वास्थ्य, कैपेसिटी बिल्डिंग, डिजिटल, कल्चर और स्पोर्ट्स शामिल थे।
खनल के साथ मीटिंग के दौरान अपनी शुरुआती बातों में, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “भारत और नेपाल के बीच बहुत खास रिश्ता है, जो लोगों के बीच अच्छे संबंधों, बॉर्डर पार कनेक्शन और साझा सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं की मजबूत नींव पर बना है। यह साझा भरोसे, अच्छी भावना और आपसी फायदे पर टिका है। हमारे आपसी व्यापार संबंध, वाणिज्य, निवेश, ऊर्जा, विकास सहयोग, शिक्षा, डिजास्टर रिस्पॉन्स और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में लगातार बढ़े हैं।”
उन्होंने कहा, “आज हमारे पास इसे कई दूसरे क्षेत्र में भी आगे बढ़ाने का मौका है, जैसे स्टार्टअप, एआई, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी और दूसरे नए डोमेन में। हम अपने लंबे और खास तौर पर खुले बॉर्डर पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए मिलकर काम करते हैं।” दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही एकता पर जोर देते हुए, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत ने पश्चिम एशियाई क्षेत्र में चल रहे संकट के बीच नेपाल को बिना रुकावट फ्यूल सप्लाई सुनिश्चित किया है।

 


वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7% GDP ग्रोथ पर अमित शाह ने जताई प्रसन्नता

06-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी के 7.7 प्रतिशत की दर से विस्तार करने पर प्रसन्नता जताई है। सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर जारी एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा शुरू किए गए दूरदर्शी आर्थिक सुधार देश में आर्थिक समृद्धि को निरंतर गति दे रहे हैं, जिससे भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। ऐसे समय में जब विश्व आर्थिक संकटों से जूझ रहा है, भारत की 7.7 प्रतिशत की विकास दर और सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ते हुए उसका प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि पिछले 12 वर्षों में हमारी अर्थव्यवस्था ने कितनी मजबूती हासिल की है।”
अमित शाह ने आगे कहा, “चाहे महामारी का दौर हो या युद्ध जैसी वैश्विक चुनौतियाँ, मोदी जी की दूरदर्शी नीतियाँ ही देश को हर संकट से सुरक्षित रूप से पार ले जा रही हैं।”
वहीं इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 7.8 प्रतिशत की GDP विकास दर, अर्थव्यवस्था की मज़बूती, सुधारों की सफलता और 140 करोड़ भारतीयों की कड़ी मेहनत को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि सरकार ‘ईज़ ऑफ़ लिविंग’ (जीवन को आसान बनाने) और ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ (कारोबार को सुगम बनाने) को और बेहतर बनाने के लिए हर संभव कोशिश करेगी। प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया, “भारत की विकास की गति मज़बूत बनी हुई है! वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी विकास दर 7.7 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 7.8 प्रतिशत हमारी अर्थव्यवस्था की मज़बूती, सुधारों की सफलता और 140 करोड़ भारतीयों की कड़ी मेहनत को दर्शाती है। हम ‘ईज़ ऑफ़ लिविंग’ (जीवन को आसान बनाने) और ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ (कारोबार को सुगत बनाने) को और बेहतर बनाने तथा अपने युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।”

 

सीएम योगी गोंडा में 516 करोड़ रुपए की लागत वाली 262 परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण और शिलान्यास

06-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को गोंडा को 500 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की सौगात देंगे। उनके कार्यक्रम को लेकर गोंडा में भी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “आज मां बाराही देवी धाम की पावन धरा जनपद गोंडा में जनकल्याण और विकास को समर्पित 516 करोड़ रुपए की लागत वाली 262 परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम में सहभागी बनूंगा।”
उन्होंने गोंडा वासियों को बधाई देते हुए अपनी पोस्ट में आगे लिखा, “ये परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को नई दिशा देंगी, जनसुविधाओं का विस्तार करेंगी व गोंडा की प्रगति और समृद्धि के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाएंगी।”
वहीं, गोंडा कि जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने न्यूज़ एजेंसी को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शनिवार को गोंडा दौरा प्रस्तावित है। वे गोंडा के चकरौत ग्राम सभा में कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां वे कर्नलगंज विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यक्रमों का लोकार्पण करेंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री आज 21 जून तक चलने वाली प्रदर्शन का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा, वे विभिन्न लाभार्थी योजनाओं के वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। प्रियंका निरंजन ने कहा कि मुख्यमंत्री आज कुल 262 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी के दौरे से पहले जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण भी किया। इस दौरान, उन्होंने अलग-अलग स्टॉल पर जाकर वहां मौजूद लोगों से बात की। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री योगी के दौरे को लेकर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।





 

कांगो में इबोला के कंफर्म मामलों की संख्या बढ़कर 452 हुई, 82 लोगों की मौत

06-Jun-2026
कांगो में इबोला के मामले में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। इबोला वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 452 हो गई है। इस वायरस से संक्रमित 82 लोगों की मौत हो गई है। कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला के कंफर्म मामलों की संख्या 452 हो गई है, जिनमें 82 लोगों की जान चली गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य अधिकारियों ने 4 जून को इतुरी और नॉर्थ किवु प्रांतों में 71 नए कंफर्म मामलों की जानकारी दी थी, जिनमें 21 लोगों की मौत हो गई थी। यह वायरस के बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से फैले प्रकोप के बीच तेजी से और लगातार कम्युनिटी ट्रांसमिशन का संकेत है।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, कुल 258 मरीज आइसोलेशन या अस्पताल की देखरेख में हैं, जबकि आठ लोग ठीक हो चुके हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग (संपर्क में आए लोगों का पता लगाना) में अभी भी बड़ी कमी है। तीनों प्रांतों में जिन 4,766 लोगों के संपर्क में आने की निगरानी की जा रही थी, उनमें से केवल 2,755 लोगों को ही देखा गया है, जो कुल मिलाकर 57.8 प्रतिशत का फॉलो-अप रेट है।
डीआरसी के स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस स्थिति से निपटने में आ रही मुख्य चुनौतियों के बारे में बात की है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम के दौरान स्वैब लेने का विरोध, इबोला के इलाज की अपर्याप्त स्टैंडर्ड क्षमता, कमजोर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, जरूरी दवाओं की कमी, नॉर्थ किवु में संक्रमण से बचाव के सामान की कमी, खराब अलर्ट रिपोर्टिंग और 21.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की फंडिंग की कमी से मामला काफी गंभीर हो गया है।
युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि युगांडा में भी इबोला के तीन नए मामलों की पुष्टि हुई है, जिससे संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 19 हो गई है।
अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार को पूरे महाद्वीप के लिए इबोला प्रकोप की तैयारी और उससे निपटने की प्लानिंग शुरू की। जून से नवंबर के बीच अफ्रीकी देशों को प्रकोप की तैयारी, तेजी से पहचान और उससे निपटने में मदद करने के लिए 518 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाने की तैयारी की जा रही है।
अफ्रीका सीडीसी और डब्ल्यूएचओ के अनुसार, अब तक कुल 34 स्वास्थ्यकर्मी इबोला वायरस से संक्रमित हुए हैं, जिनमें से सात की मौत हो गई और छह ठीक हो गए।
अफ्रीका सीडीसी और डब्ल्यूएचओ ने कई बड़ी ऑपरेशनल चुनौतियों का भी जिक्र किया है, जिनमें बुंडिबुग्यो इबोला स्ट्रेन के लिए मेडिकल उपायों की कमी, कमजोर स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर, और पहले से ही कई स्वास्थ्य आपात स्थितियों से जूझ रहे हेल्थ सिस्टम पर दबाव शामिल है। संसाधनों की कमी, लोगों की ज्यादा आवाजाही, असुरक्षा और विस्थापन, स्वास्थ्यकर्मियों में संक्रमण, और गलत जानकारी व अविश्वास ने स्थिति को और भी मुश्किल बना दिया है।









 

हवाई में भारत-अमेरिका सैन्य वार्ता, रक्षा सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा

06-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) हवाई में 29वीं भारत और अमेरिका ने ‘आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता’ आयोजित की, जिसमें दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। साथ ही, दोनों पक्षों ने अपने रणनीतिक साझेदारी संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। भारतीय सेना के अनुसार, इस बैठक की सह-अध्यक्षता उप सेना प्रमुख (रणनीति) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और अमेरिकी सेना प्रशांत के उप कमांडिंग जनरल लेफ्टिनेंट जनरल जोएल वोवेल ने की।
भारतीय सेना ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, “चर्चा का मुख्य फोकस द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करना, सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना, पेशेवर आदान-प्रदान का विस्तार करना और साझा सुरक्षा हितों के लिए सैन्य सहयोग को गहरा करना था। दोनों पक्षों ने सेना के बीच बढ़ते सहयोग की सराहना की और भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जताई।”
पिछले सप्ताह, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर में अमेरिकी कांग्रेस के द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल (सीओडीईएल) के प्रमुख और हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सदस्य पैट हैरिगन से मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग के विस्तार और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा रणनीतिक हितों पर चर्चा हुई।
रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर बताया कि इस बातचीत ने भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी की मजबूती को फिर रेखांकित किया था। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग बढ़ाने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा रणनीतिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।
इससे पहले 24 मई को, अमेरिकी विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रूबियो ने नई दिल्ली में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की थी। इस बैठक में रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक प्रौद्योगिकी सहयोग, विशेष रूप से टीआरयूएसटी (ट्रस्ट) पहल, पर चर्चा हुई थी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को उच्च प्राथमिकता देने की बात दोहराई। साथ ही, उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए।

 

पीएम मोदी ने गुजरात दौरे की तस्वीरें की साझा, दोहराया ‘आत्मनिर्भर भारत’ का संकल्प

06-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात दौरे की झलकियां शेयर की हैं। उन्होंने सूरत शहर की प्रशंसा की और कहा कि इस जीवंत शहर से हमने मिलकर भारत को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने का अपना संकल्प दोहराया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने गुजरात दौरे के अगले दिन आज शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर किया। पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, “कल सूरत के लोगों के बीच रहना बहुत अच्छा लगा। इस जीवंत शहर से हमने मिलकर भारत को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने का अपना संकल्प दोहराया।”वीडियो में पीएम मोदी ने कार्यक्रमों शामिल होने की तस्वीरें और अपने भाषणों के कुछ अंश शेयर किए हैं। उन्होंने कहा, “मुझे कई बार लगता है कि ये सूरत शहर नहीं है, सूरत एक स्पिरिट है। हमारा संकल्प ‘विकसित गुजरात’ और ‘विकसित भारत’ इस संकल्प को सिद्ध करना व सेवा के भाव से समर्पित होकर के करना है।”
उन्होंने कहा कि ये जो वैश्विक संकट चल रहा है, ये दिखाता है कि एनर्जी के मामले में आत्मनिर्भरता कितनी जरूरी है। उन्होंने कहा, “आत्मनिर्भर भारत का क्या मतलब होता है, ये हजीरा जाने पर भी साफ दिखता है। हजीरा आज केवल एक औद्योगिक क्षेत्र नहीं है। यह एक ऐसा इकोसिस्टम बन चुका है जहां, एनर्जी है, स्टील है, डिफेंस प्रोडक्शन है, पोर्ट है, और ग्लोबल ट्रेड का इकोसिस्टम है। हजीरा, देश के एक बड़े ‘मेरीटाइम इंडस्ट्रियल हब’ के रूप में विकसित हो रहा है, आत्मनिर्भर भारत के एक बड़े सेंटर के रूप में उभर रहा है।”
उन्होंने विरोधियों पर भी निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा, “आज देश में कुछ निराशावादी लोग हैं, जो आत्मनिर्भर भारत अभियान का मज़ाक उड़ाते रहते हैं। देश के इस संकल्प को वो लगातार नीचा ही दिखाते हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “भारत, नकारात्मकता से कहीं आगे निकल चुका है। ये असीमित आशावाद वाला देश है। अद्भुत आकांक्षाओं से लैस देश है। भारत के नागरिक सपनों से भरे हुए हैं, संकल्पों से भरे हुए हैं। और संकल्प को सिद्धि में बदलने के लिए प्रतिबद्ध जनता जनार्दन है। और जब देश की जनशक्ति संकल्पित है, तो देश हर लक्ष्य पा सकता है और यही भारत की ताकत है।”





 

राजस्थान के 25 जिलों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट, 8 जून से फिर लू चलने की संभावना

06-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को राजस्थान के 25 जिलों के लिए आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 8 जून से पश्चिमी राजस्थान में भीषण गर्मी और लू की स्थिति फिर से बन सकती है। राज्य भर में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहने के कारण राजस्थान में गर्मी से राहत का दौर बना हुआ है।
बांसवाड़ा, बूंदी और भीलवाड़ा समेत कई जिलों में 4 जून की शाम से 5 जून की सुबह के बीच तीन इंच तक बारिश हुई। चूरू, हनुमानगढ़ और बीकानेर के कुछ हिस्सों में ओले गिरने की भी खबर है। हाल ही में हुई बारिश और तेज हवाओं की वजह से तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई। कई इलाकों में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। जयपुर, दौसा, करौली, डूंगरपुर और नागौर जैसे शहरों में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक आंधी-तूफान और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिसके बाद 8 जून से मौसम धीरे-धीरे शुष्क हो जाएगा। हालांकि, बारिश से लू की स्थिति से लगातार राहत मिलने की उम्मीद है, फिर भी लोगों को आंधी-तूफान और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम में बदलाव के बावजूद, फलोदी में राज्य का सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जोधपुर में सबसे ज्यादा न्यूनतम तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सबसे कम न्यूनतम तापमान वनस्थली (टोंक) में 21.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों के दौरान जैसलमेर में अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान के अन्य प्रमुख आंकड़ों में श्रीगंगानगर में 41.5 डिग्री सेल्सियस, बाड़मेर में 40.8 डिग्री सेल्सियस, जोधपुर में 39.5 डिग्री सेल्सियस, बीकानेर में 39.2 डिग्री सेल्सियस, जालौर, चूरू और पाली में 38 डिग्री सेल्सियस, हनुमानगढ़ में 37.5 डिग्री सेल्सियस, पिलानी में 37.2 डिग्री सेल्सियस और उदयपुर में 37 डिग्री सेल्सियस शामिल हैं।
इस बीच, 4 और 5 जून को हुई बारिश के कारण जयपुर, अजमेर, उदयपुर, भरतपुर, कोटा और बीकानेर डिवीजन में तापमान में काफी गिरावट आई।
सबसे ज़्यादा 75 मिलीमीटर बारिश शाहपुरा (भीलवाड़ा) में दर्ज की गई। बारिश के अन्य अहम आंकड़ों में अजमेर में 45 मिलीमीटर; नैनवां (बूंदी), कचोला (भीलवाड़ा) और बयाना (भरतपुर) में 34-34 मिलीमीटर तो वहीं, भैंसरोड़गढ़ (चित्तौड़गढ़) और वैर (भरतपुर) में 31-31 मिलीमीटर बारिश शामिल है।
शुक्रवार दोपहर बीकानेर डिवीजन के कुछ हिस्सों में मौसम अचानक बदल गया। बीकानेर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों में घने बादल छा गए, जिससे कई जगहों पर धूल भरी आंधी चली, तेज हवाएं चलीं और बारिश हुई। कुछ अलग-अलग इलाकों में ओले गिरने की भी खबर मिली।







 

 


मिस्र ने कुवैत और बहरीन पर कथित ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की

06-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) मिस्र ने कुवैत और बहरीन को निशाना बनाए गए कथित ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। शनिवार को मिस्र ने इन हमलों को दोनों देशों की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व स्थिरता के लिए “खतरनाक उकसावे” की कार्रवाई बताया।
मिस्र के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि वह कुवैत और बहरीन के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और इस हमले का सामना करने के लिए उनके द्वारा उठाए गए सभी कदमों का समर्थन करता है। मंत्रालय ने कहा कि दोनों देश अपनी सुरक्षा, स्थिरता और महत्वपूर्ण ढांचागत परिसंपत्तियों की रक्षा के लिए जो भी कदम उठाएंगे, मिस्र उनका समर्थन करेगा।
बयान में आगे कहा गया कि अरब खाड़ी देशों की सुरक्षा और स्थिरता, अरब राष्ट्रीय सुरक्षा की एक बुनियादी आधारशिला है। मिस्र ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी ऐसे कार्य या नीति को पूरी तरह खारिज करता है जो किसी देश की संप्रभुता का उल्लंघन करे या उसकी क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा को खतरे में डाले। मिस्र ने चेतावनी दी कि इस तरह की घटनाएं पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं और इससे तनाव और अधिक बढ़ सकता है।
दरअसल, आईआरजीसी ने शनिवार सुबह दावा किया कि उसने यूएस सेंट्रल कमांड के खिलाफ जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर हमला किया। इसके बाद सेंटकाम ने कहा कि उसने ईरान की ओर से बहरीन और कुवैत की ओर भेजी गई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट कर तबाह कर दिया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे लेकर एक बयान जारी किया। उनके अनुसार, 5 जून को ईरान ने पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की दिशा में चार एकतरफा हमला करने वाले ड्रोन भेजे थे। अमेरिकी बलों ने इन सभी ड्रोन को मार गिराया। ये ड्रोन क्षेत्र में समुद्री यातायात के लिए तत्काल खतरा पैदा कर रहे थे।
ड्रोन हमलों के कुछ घंटों बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। शुरुआती आकलन के मुताबिक इनमें से छह मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोककर नष्ट कर दिया गया, जबकि सातवीं मिसाइल अपने निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने में विफल रही। साथ ही, ईरान की ओर से किए गए उस दावे को भी खारिज कर दिया गया है, जिसमें कहा गया था कि बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को नुकसान पहुंचा है।

पीएम मोदी ने सीएम योगी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की

05-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत अन्य नेताओं ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके जन्मदिन पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं। राज्य की प्रगति के लिए उनके काम उल्लेखनीय हैं। उन्होंने हमेशा लोगों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने और सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया है। उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की डबल इंजन सरकार सुशासन और जनकल्याण के नए मापदंड स्थापित कर रही है। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना करता हूं।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुभकामनाएं देते हुए सीएम योगी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा कि उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय एवं कर्मठ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की शुभकामनाएं। उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने सुशासन, सुरक्षा, विकास एवं जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। उनके दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप आज उत्तर प्रदेश प्रगति और समृद्धि के पथ पर तेज गति से अग्रसर है। ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु तथा जनसेवा के लिए निरंतर ऊर्जा और शक्ति प्रदान करें।
भाजपा सांसद एवं दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी ने सीएम योगी को शुभकामनाएं दीं। भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी के जन्मदिन पर उनके लिए ढेर सारी शुभकामनाएं। मथुरा के सांसद के तौर पर, अपने संसदीय क्षेत्र के विकास के बारे में उनसे बातचीत करना हमेशा सुखद रहता है। वे मेरी जरूरतों को समझते हैं क्योंकि मथुरा के लिए हमारा विजन एक जैसा है और वे हमेशा मदद के लिए तैयार रहते हैं। ईश्वर उन्हें लंबी और स्वस्थ आयु प्रदान करें और वे देश की सेवा में और भी कई वर्ष बिताएं।







 


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