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पीएम मोदी दिल्ली में देश की पहली ‘रिंग मेट्रो’ का करेंगे उद्घाटन

08-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में दो नए दिल्ली मेट्रो कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे और 18,300 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसकी जानकारी देते हुए सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर (पिंक लाइन) और दीपाली चौक से मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) का उद्घाटन किया जाएगा और दिल्ली मेट्रो फेज-V (ए) के तहत तीन नए कॉरिडोर का शिलान्यास भी प्रधानमंत्री मोदी करेंगे।
सीएम गुप्ता ने कहा कि इन मेट्रो प्रोजेक्ट्स की कुल लागत 18,300 करोड़ रुपए से ज्यादा है और इनसे दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट और मजबूत होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने मेट्रो प्रोजेक्ट्स के बारे में डिटेल में जानकारी देते हुए कहा कि ये कोशिशें देश की राजधानी को सच में ‘विकसित दिल्ली’ बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी। मेट्रो नेटवर्क के बढ़ने से पब्लिक ट्रांसपोर्ट बेहतर होगा, लोगों के लिए रोजाना का सफर आसान होगा, सड़कों पर गाड़ियों की संख्या कम होगी और प्रदूषण कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।
यह प्रोग्राम डीडीए उत्सव स्थल-3 (निरंकारी मंडल के सामने) पर होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर मेट्रो सेक्शन 12.3 किलोमीटर लंबा है और इसमें आठ एलिवेटेड स्टेशन शामिल हैं। यह कॉरिडोर पहले से चल रही मजलिस पार्क-शिव विहार पिंक लाइन का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि इस मेट्रो सेक्शन के जुड़ने से पिंक लाइन की कुल लंबाई लगभग 71.56 किलोमीटर हो जाएगी, जिससे दिल्ली देश की पहली पूरी तरह से चालू रिंग मेट्रो का घर बन जाएगी।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री दिल्ली मेट्रो फेज-V (ए) के तहत तीन नए कॉरिडोर का भी शिलान्यास करेंगे, जिससे राष्ट्रीय राजधानी के निवासियों के लिए यात्रा और आसान हो जाएगी। इनमें रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर, एरोसिटी से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक गोल्डन लाइन एक्सटेंशन और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक गोल्डन लाइन एक्सटेंशन शामिल हैं।
रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर 9.913 किलोमीटर लंबा होगा और अंडरग्राउंड बनेगा। इसमें नौ नए मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे। इसमें आर.के. आश्रम मार्ग (बन रहा है), शिवाजी स्टेडियम, युगे-युगीन भारत, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ हैं। यह कॉरिडोर कर्तव्य भवन, भारत मंडपम और युगे-युगीन भारत म्यूजियम जैसी जरूरी जगहों को मेट्रो कनेक्टिविटी देगा।
एयरोसिटी से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक गोल्डन लाइन एक्सटेंशन 2.263 किलोमीटर लंबा होगा और अंडरग्राउंड बनेगा। इसमें एक नया स्टेशन शामिल होगा और यह पहले से चल रहे दो स्टेशनों को जोड़ेगा।
तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक गोल्डन लाइन एक्सटेंशन 3.9 किलोमीटर लंबा होगा और यह एक एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। इस रूट पर सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर और कालिंदी कुंज जैसे स्टेशन होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स से नेशनल कैपिटल रीजन के शहरों को भी फायदा होगा। फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के रहने वाले वायलेट लाइन से तुगलकाबाद पहुंच सकेंगे और फिर गोल्डन लाइन से सीधे इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 जा सकेंगे।
इसी तरह, नोएडा के पैसेंजर मैजेंटा लाइन से कालिंदी कुंज पहुंच सकेंगे और फिर गोल्डन लाइन से एयरपोर्ट और साउथ दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों तक आसानी से जा सकेंगे। 
 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु समेत कई नेताओं ने शुभकामनाएं दीं

08-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ पर शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षित और सशक्त महिलाएं एक प्रगतिशील राष्ट्र की आधारशिला होती हैं। वह अधिक समावेशी और समृद्ध समाज की नींव को मजबूत बनाती है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में लिखा, “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं! शिक्षित और सशक्त महिलाएं एक प्रगतिशील राष्ट्र की आधारशिला होती हैं। जब नारी शक्ति अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करती है और साहस के साथ नेतृत्व करती है, तो वह एक अधिक समावेशी और समृद्ध समाज की नींव को मजबूत बनाती है।”
उन्होंने आगे लिखा, “इस अवसर पर आइए हम यह सामूहिक संकल्प दोहराएं कि ऐसा समाज बनाएंगे जहां हर महिला को आगे बढ़ने और सम्मान, सुरक्षा व स्वतंत्रता के साथ जीवन जीने के समान अवसर मिलें। साथ मिलकर ऐसा वातावरण बनाएं, जहां महिलाओं की आकांक्षाएं और उपलब्धियां एक अधिक समान और न्यायपूर्ण भविष्य का निर्माण करें।”
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नारी शक्ति को बधाई देते हुए पोस्ट में लिखा, “समाज में नारी शक्ति की बेमिसाल भूमिका के लिए मानवता उनका ऋणी है। पीढ़ियों को पाल-पोसकर बड़ा करना और वैज्ञानिक और आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाना, वे हमारी जिंदगी के हर पहलू में योगदान देती हैं। इसी गहरी कृतज्ञता से प्रेरित होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला-नेतृत्व वाले विकास की परिकल्पना की है, जहां महिलाएं अब सिर्फ प्रगति की साक्षी नहीं हैं, बल्कि परिवर्तन की वाहक बनकर हमारे देश को महानता की ओर ले जाने वाली अग्रदूत हैं।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मैं सभी महिलाओं को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देता हूं, जिनकी शक्ति, समर्पण और दृढ़ संकल्प हमारे राष्ट्र को निरंतर प्रेरित करते हैं।”
उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम महिलाओं के लिए अधिक अवसर पैदा कर रहे हैं और नारी शक्ति को भारत की विकास यात्रा व राष्ट्र निर्माण में और अधिक सार्थक योगदान देने के लिए सक्षम बना रहे हैं। मैं भारत की नारी शक्ति के संकल्प, धैर्य और उनके अमूल्य योगदान को नमन करता हूं। साहस और अटूट आत्मबल के साथ महिलाएं हमारे देश की प्रगति को दिशा देने और आत्मविश्वासी व आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।”
वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पोस्ट किया, “प्रत्येक क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दे रही देश की नारी शक्ति को नमन। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।”
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “नारी शौर्य है, साहस है, शक्ति है। नारी देवी है, दुर्गा है, ईश्वर की भक्ति है। देवीस्वरूपा नारी को कोटि-कोटि प्रणाम। ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर पर सभी मातृशक्ति को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।”

राष्ट्रपति मुर्मु के बंगाल दौरे पर केंद्र सरकार सख्त, पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से मांगा जवाब

08-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान विवादित स्थिति के मामले में केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से जवाब तलब किया है। केंद्रीय गृह सचिव ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर रविवार शाम 5 बजे तक स्पष्टीकरण देने को कहा है। उनसे पूछा गया है कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान तय प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं किया गया।
ज्ञात हो, राष्ट्रपति मुर्मु कल शनिवार को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास आयोजित आदिवासी समुदाय के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य सरकार के मंत्रियों की अनुपस्थिति का जिक्र करते हुए नाराजगी जाहिर की थी। राष्ट्रपति ने यह भी सवाल उठाया था कि पहले से तय कार्यक्रम स्थल को आखिर क्यों बदला गया।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय गृह सचिव ने पश्चिम बंगाल सरकार से कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने पूछा है कि राष्ट्रपति के दौरे से जुड़े सुरक्षा और प्रोटोकॉल से संबंधित ‘ब्लू बुक’ नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया। साथ ही, यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि कार्यक्रम का वेन्यू अचानक बदलने की जरूरत क्यों पड़ी।
राष्ट्रपति ने कार्यक्रम में अपेक्षाकृत कम लोगों की मौजूदगी पर भी असंतोष जताया था। जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम पहले बिधाननगर में आयोजित किया जाना था लेकिन बाद में इसका स्थान बदलकर बागडोगरा के पास कर दिया गया।
सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आमतौर पर जब राष्ट्रपति किसी राज्य के दौरे पर जाते हैं, तो मुख्यमंत्री उनका स्वागत करते हैं और अन्य मंत्री भी कार्यक्रम में मौजूद रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नहीं आईं और राज्यपाल के पद में बदलाव होने के कारण वे भी उपस्थित नहीं हो सके।
वहीं, राष्ट्रपति ने कार्यक्रम स्थल बदलने को लेकर भी हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी उनके लिए छोटी बहन जैसी हैं और वह खुद भी बंगाल की बेटी हैं, लेकिन उन्हें समझ नहीं आया कि तय स्थान पर जाने की अनुमति क्यों नहीं दी गई।








 

‘दुनिया में सिर्फ भारत में नारी को माना गया भगवान’, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पीएम मोदी का पुराना बयान चर्चा में

08-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) चाहे वह वोट का अधिकार हो या नारी को अंबा, दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी देवी का स्वरूप मानना, भारत में महिलाओं के अधिकार और सम्मान हमेशा से सर्वोपरि रहे हैं। ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर पर आज रविवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पुराना वीडियो भी वायरल है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने ऐतिहासिक रूप से नारी को छोटा या दोयम दर्जे का नहीं, बल्कि सबसे ऊपर का रूप माना है।
‘मोदी आर्काइव’ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री मोदी का पुराना वीडियो शेयर किया है। यह 2003 की एक सभा का है, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “दुनिया की कुछ सबसे पुरानी डेमोक्रेसी (अमेरिका) को महिलाओं को वोट देने का अधिकार देने में एक सदी से ज्यादा लग गया, जबकि भारत ने 1947 में ही महिलाओं को वोट देने का अधिकार दे दिया था।”
पोस्ट में लिखा, “यह उस कानून, राष्ट्रीय मिशन, नीतिगत ढांचे और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू होने से पहले की बात थी, जिसने संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की थीं। बीस साल पहले, एक मुख्यमंत्री पहले ही सवाल कर रहे थे कि महिलाओं की शक्ति सिर्फ परिवार तक क्यों सीमित रहे? क्यों न यह ग्राम सभा, जिला या हर उस कमरे तक पहुंचे, जहां निर्णय लिए जाते हैं?”
एक अन्य पोस्ट में कहा गया, “2003 में नरेंद्र मोदी ने एक सभ्यता का नजरिया पेश किया, जिसमें कहा गया कि भारत ने ऐतिहासिक रूप से महिलाओं को छोटा या दोयम दर्जे का नहीं, बल्कि सबसे ऊपर का रूप माना है। उन्होंने कहा कि दुनिया की किसी भी परंपरा ने स्त्री को भगवान का रूप नहीं दिया है।”
मोदी आर्काइव’ के पोस्ट में आगे लिखा गया है, “महिला को अंबा, दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी के रूप में दिखाया गया है, हर एक को भगवान का रूप माना जाता है। समाज में महिलाओं की भूमिका के बारे में आज की बहस से सदियों पहले, भारत ने यह नियम बना लिया था कि नारी शक्ति, या स्त्री शक्ति का आदर और सम्मान किया जाना चाहिए।”
इससे पहले, आज रविवार को पीएम मोदी ने ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ को लेकर कहा, “हर क्षेत्र में महिलाएं अपने दृढ़ संकल्प, रचनात्मकता और अद्वितीय उत्साह के साथ भारत की प्रगति को आकार दे रही हैं। उनकी उपलब्धियां हमारे देश को प्रेरित करती हैं और ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए हमारे सामूहिक संकल्प को और मजबूत बनाती हैं।

पीएम मोदी ने दिल्ली के सरोजिनी नगर में महिला लाभार्थियों को सौंपी जीपीआरए फ्लैट्स की चाबियां

08-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सरोजनी नगर में जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (जीपीआरए) कॉलोनियों का दौरा किया और महिला लाभार्थियों को टाइप-5 के नए घरों की चाबियां सौंपी। इस अवसर पर पीएम मोदी ने श्रमजीवी महिलाओं के साथ संवाद भी किया।
सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी जैसे प्रमुख स्थानों पर जीपीआरए पुनर्विकास परियोजनाएं, कॉलोनियों के आधुनिकीकरण और सरकारी कर्मचारियों तथा प्रशासनिक कार्यालयों के लिए विश्व स्तरीय इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर तैयार करने के सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
जीपीआरए प्लान के तहत 15,200 करोड़ रुपए की इन परियोजनाओं का पुनर्विकास एक नवोन्मेषी आत्मनिर्भर वित्तीय मॉडल के माध्यम से किया गया है, जो यह सुनिश्चित करता है कि पुनर्विकास सरकारी खजाने पर बोझ डाले बिना किया जाए। इस मॉडल के तहत सरकार परियोजना क्षेत्र के एक सीमित हिस्से को वाणिज्यिक और आवासीय स्थान के लिए विकसित और मुद्रीकृत कर रही है, ताकि पूरी परियोजना का वित्तपोषण किया जा सके। इससे प्राप्त राजस्व का इस्तेमाल आधुनिक सरकारी आवास, संबंधित इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर और सार्वजनिक सुविधाओं के पुनर्विकास के लिए किया जा रहा है।
पुनर्विकास योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए 9,350 से अधिक आधुनिक फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे, साथ ही लगभग 48 लाख वर्ग फुट कार्यालय स्थान का निर्माण किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक दक्षता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी और मुद्रीकरण की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
रविवार को दिल्ली में पीएम मोदी लगभग 18,300 करोड़ रुपए के दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट्स का भी उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इनमें लगभग 12.3 किमी का मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर (पिंक लाइन) कॉरिडोर और लगभग 9.9 किमी का दीपाली चौक-मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) कॉरिडोर शामिल है। नई कनेक्टिविटी से बुराड़ी, जगतपुर-वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा, मजलिस पार्क समेत दिल्ली के कई इलाकों को फायदा होगा।
प्रधानमंत्री दिल्ली मेट्रो के चरण 4 के अंतर्गत लगभग 16.10 किलोमीटर लंबे तीन नए कॉरिडोर की आधारशिला भी रखेंगे। ये तीन नए कॉरिडोर हैं, आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ, एयरोसिटी से इंदिरा गांधी हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज। ये कॉरिडोर राष्ट्रीय राजधानी के कई महत्वपूर्ण स्थानों को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेंगे और नोएडा, दक्षिण दिल्ली और हवाई अड्डे के बीच यात्रा करने वाले निवासियों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार करेंगे।
 

दिल्ली का विकास सिर्फ एक शहर का विकास नहीं होता, यह पूरे देश की छवि से जुड़ा है: प्रधानमंत्री मोदी

08-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 33,500 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिल्ली सिर्फ भारत की राजधानी नहीं है, यह भारत की पहचान और ऊर्जा का प्रतीक है। दिल्ली का विकास सिर्फ एक शहर का विकास नहीं होता, यह पूरे देश की छवि से जुड़ा होता है। 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया का कोई भी व्यक्ति जब भारत जैसे विशाल लोकतंत्र के बारे में सोचता है तो अक्सर उसके मन में दिल्ली की तस्वीर आती है। हम सब दिल्ली में विकास को नई गति देने के लिए यहां इकट्ठे हुए हैं।
पीएम मोदी ने कहा, “यहां 33,500 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। मेट्रो के विस्तार से लेकर हजारों सरकारी कर्मचारियों के आवासों तक, देश की राजधानी में सुविधाओं का लगातार मजबूत विस्तार हो रहा है, एक नई मजबूती दी जा रही है। आप लोगों ने एक साल पहले जिस नई उम्मीद और संकल्प के साथ दिल्ली में भाजपा की सरकार बनाई थी, उसका परिणाम आज यहां दिख रहा है। मैं दिल्ली के सभी नागरिकों को विकास की इस अविरत धारा के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।”
उन्होंने कहा कि दिल्ली कुछ दिन पहले नमो भारत जैसी तेज ट्रेन के जरिए मेरठ से जुड़ी है। इससे दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा आसान हो गई है। आज मेट्रो फेस-4 के शुरू होने के साथ दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 375 किलोमीटर से भी आगे पहुंच गया है। दुनिया के बड़े-बड़े शहरों में भी मेट्रो का इतना बड़ा नेटवर्क नहीं है।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज जो मेट्रो का नया सेक्शन शुरू हुआ है, उससे राजधानी के लाखों लोगों को बहुत बड़ी सुविधा मिलने वाली है। खास तौर पर पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लोगों के लिए अब रोज का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा। इन सबके साथ ही गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे एनसीआर के शहरों से दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में आना-जाना आसान हो जाएगा।
रविवार को दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया गया। इनमें लगभग 12.3 किमी का मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर (पिंक लाइन) कॉरिडोर और लगभग 9.9 किमी का दीपाली चौक-मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) कॉरिडोर शामिल है। नई कनेक्टिविटी से बुराड़ी, जगतपुर-वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा, मजलिस पार्क समेत दिल्ली के कई इलाकों को फायदा होगा।
प्रधानमंत्री ने दिल्ली मेट्रो के चरण 4 के अंतर्गत लगभग 16.10 किलोमीटर लंबे तीन नए कॉरिडोर की आधारशिला रखी। ये तीन नए कॉरिडोर हैं, आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ, एयरोसिटी से इंदिरा गांधी हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज। ये कॉरिडोर राष्ट्रीय राजधानी के कई महत्वपूर्ण स्थानों को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेंगे और नोएडा, दक्षिण दिल्ली और हवाई अड्डे के बीच यात्रा करने वाले निवासियों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार करेंगे।

 

28 करोड़ से अधिक जनधन खाते महिलाओं के पास, नए भारत में बढ़ रही भागीदारी : निर्मला सीतारमण

08-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि वित्तीय सेवाओं तक पहुंच ने महिलाओं को असली आजादी तक पहुंचने में मदद की है।  
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि जनधन खाता और “लखपति दीदियों” जैसी सरकारी योजनाएं महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत कर रही हैं और पूरे भारत में घरों और समुदायों को नया आकार दे रही हैं।
जन धन योजना की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, देश में अब तक 57.71 करोड़ जनधन खाते खोले जा चुके हैं।
वहीं, लखपति दीदी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को ट्रेनिंग, फाइनेंस और अन्य संसाधनों की मदद दी जाती है। इसका लक्ष्य महिलाओं को इतना सक्षम बनाना है कि वे सालाना एक लाख रुपए या उससे ज्यादा की आय अर्जित कर सकें। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलता है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “जब महिलाओं को वित्तीय सहायता मिलती है, तो उन्हें स्वतंत्रता मिलती है। महिलाओं के पास अब 28 करोड़ से अधिक जन धन खाते हैं, जो पूरे भारत में घरों तक वित्तीय सेवाएं पहुंचा रहे हैं और उनकी वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत कर रहे हैं।”
इसी प्रकार, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी राष्ट्र निर्माण में महिलाओं के योगदान की सराहना की।
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति” नए भारत के निर्माण का आधार है और देश के विकास के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण आवश्यक है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अवसर सृजित करने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
गोयल ने आगे कहा कि महिलाएं दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ भारत के परिवर्तन का नेतृत्व कर रही हैं, चाहे वह उद्यमशीलता हो, खेल, रक्षा, विज्ञान या ग्रामीण विकास।
इस दिन को मनाते हुए, उन्होंने महिलाओं की शक्ति और आकांक्षाओं का समर्थन करने और एक मजबूत और समृद्ध भारत के भविष्य को आकार देने में उनकी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए नए सिरे से प्रतिबद्धता का आह्वान किया। 



 

अमेरिका ने एयर इंडिया के फ्लाइट परमिट का दायरा बढ़ाया; कार्गो और चार्टर्ड उड़ानों के लिए मिली अनुमति

07-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) संयुक्त राज्य अमेरिका ने एयर इंडिया को संशोधित विदेशी एयर कैरियर परमिट दे दिया है। इसके साथ ही एयर इंडिया अब भारत और अमेरिका के बीच यात्री उड़ानें, कार्गो उड़ानें और चार्टर उड़ानें संचालित कर सकेगी। अमेरिकी परिवहन विभाग ने इस सप्ताह समीक्षा पूरी करने के बाद अंतिम आदेश जारी किया। इस फैसले पर तय समय के भीतर किसी भी पक्ष ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई।
अधिकारियों ने बताया कि विभाग ने पहले इच्छुक पक्षों को 21 दिन का समय दिया था, ताकि यदि किसी को प्रस्तावित फैसले पर आपत्ति हो तो वह अपनी आपत्ति दर्ज करा सके। लेकिन इस अवधि में कोई आपत्ति नहीं मिली, जिसकी वजह से विभाग ने एयर इंडिया को विस्तारित उड़ान की परमिट दी है। एयर इंडिया को आदेश के साथ संलग्न परिचालन शर्तों सहित संशोधित परमिट दिया गया।
दरअसल, यह परमिट एयर इंडिया को संयुक्त राज्य अमेरिका से जुड़े यात्रियों, माल और डाक के निर्धारित अंतरराष्ट्रीय परिवहन की अनुमति देता है। इस अनुमति के अनुसार एयर इंडिया भारत से पहले के किसी स्थान से उड़ान शुरू करके भारत के रास्ते बीच के अन्य पड़ावों से होते हुए अमेरिका और उससे आगे के स्थानों तक उड़ानें संचालित कर सकती है। इसके अलावा एयर इंडिया को अमेरिका और दुनिया के अन्य अंतरराष्ट्रीय स्थानों के बीच नियमित कार्गो फ्लाइट्स की भी अनुमति दी गई है।
परमिट में यह भी कहा गया है कि एयर इंडिया भारत और अमेरिका के बीच चार्टर उड़ानें भी संचालित कर सकती है। इन चार्टर उड़ानों में यात्री, कार्गो और डाक ले जाई जा सकती है। साथ ही अमेरिका और किसी तीसरे देश के बीच भी चार्टर उड़ानें चलाई जा सकती हैं, लेकिन यह सेवा भारत से जुड़ी एक ही लगातार फ्लाइट सर्विस का हिस्सा होनी चाहिए। यह संशोधित परमिट 2 मार्च, 2026 से प्रभावी हुआ है।
अमेरिकी कानून के तहत, परिवहन विभाग द्वारा जारी विदेशी एयरलाइन परमिट राष्ट्रपति या किसी नामित अधिकारी द्वारा समीक्षा के अधीन होते हैं। अगर निर्धारित अवधि के भीतर कोई आपत्ति नहीं की जाती है, तो आदेश स्वतः प्रभावी हो जाता है। परमिट के तहत एयर इंडिया को अमेरिकी विमानन नियमों और सुरक्षा आवश्यकताओं का पालन करना अनिवार्य है। इनमें संघीय विमानन प्रशासन और परिवहन सुरक्षा प्रशासन की ओर से लागू किए गए नियम शामिल हैं।
एयरलाइन को अपनी सेवाओं के लिए भारत सरकार से वैध प्राधिकरण बनाए रखना होगा और अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा मानकों को पूरा करना होगा। पहले के दस्तावेजों से पता चलता है कि एयर इंडिया ने अक्टूबर 2025 में संशोधित परमिट और छूट के लिए आवेदन किया था। विभाग ने कहा कि आवेदन में उन परिचालन अधिकारों को शामिल करने की मांग की गई थी जो एयरलाइन को पहले से ही अमेरिका-भारत हवाई परिवहन समझौते के तहत प्राप्त थे।
अधिकारियों ने निष्कर्ष निकाला कि एयर इंडिया ने यह साबित कर दिया है कि वह प्रस्तावित सेवाओं के लिए वित्तीय और परिचालन रूप से योग्य है और अथॉरिटी जनहित के अनुरूप है।
बता दें कि अमेरिका और भारत के बीच एक विमानन ढांचा है जो दोनों देशों की एयरलाइनों को दोनों बाजारों के बीच उड़ानें संचालित करने की इजाजत देता है। व्यापारिक संबंधों, पर्यटन और अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासियों की उपस्थिति के कारण हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच हवाई यात्रा में लगातार बढ़ोतरी हुई है।

पीएम मोदी ने भाजपा विधायक गोविंद परमार के निधन पर जताया शोक

07-Mar-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के भाजपा विधायक गोविंद परमार के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि वे हमेशा सामाजिक कामों के लिए तत्पर और समर्पित रहते थे।
पीएम मोदी ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “गुजरात विधानसभा के सदस्य गोविंद परमार के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। वे हमेशा सामाजिक कामों के लिए तत्पर और समर्पित रहते थे। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना और दुखी परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।”
इससे पहले, गुजरात भाजपा के अध्यक्ष और विधायक जगदीश विश्वकर्मा ने परमार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। विश्वकर्मा ने एक बयान में कहा कि उमरेठ के लोकप्रिय विधायक गोविंदभाई परमार के दुखद निधन की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दें।
गोविंद परमार आणंद जिले के उमरेठ निर्वाचन क्षेत्र से विधायक थे। कल शुक्रवार को अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। वे 82 वर्ष के थे। पार्टी नेताओं के अनुसार, परमार लंबे समय से अस्वस्थ थे और आणंद के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
1943 में जन्मे परमार एक साधारण परिवार से थे और चारोतर क्षेत्र के ग्रामीण समुदायों से गहरे संबंध रखने वाले एक जमीनी स्तर के राजनीतिक नेता के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने सातवीं कक्षा तक पढ़ाई की और फिर अपना जीवन जनसेवा और राजनीति को समर्पित कर दिया।
परमार 2017 के चुनावों में उमरेठ निर्वाचन क्षेत्र से गुजरात विधानसभा के लिए चुने गए, जहां उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार कपिलाबेन चावड़ा को हराकर सदन में अपना पहला कार्यकाल हासिल किया। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार के रूप में यह सीट बरकरार रखी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के जयंत पटेल को हराया।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जारी की साइबर नीति, डिजिटल खतरों से मुकाबला और वैश्विक साझेदारी पर जोर

07-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) व्हाइट हाउस ने अमेरिका के लिए एक साइबर रणनीति जारी की है, जिसमें साइबर सुरक्षा को मजबूत करने, प्रतिद्वंद्वियों से डिजिटल खतरों का मुकाबला करने और वैश्विक भागीदारों के साथ सहयोग को गहरा करने की एक व्यापक योजना की रूपरेखा दी गई है।
नई साइबर रणनीति में कहा गया है कि अमेरिका डिजिटल नेटवर्क की सुरक्षा और तकनीकी नेतृत्व को बनाए रखने के लिए सहयोगी देशों, उद्योग जगत और सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगा। यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिका “साइबरस्पेस में बेजोड़ बना रहे।” योजना में नेटवर्क की सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा के लिए सरकार और निजी क्षेत्र के बीच अभूतपूर्व समन्वय का आह्वान किया गया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, “पिछले एक साल में अमेरिका ने पूरी दुनिया को दिखाया है कि हमारे पास धरती पर सबसे शक्तिशाली और तकनीकी रूप से उन्नत सेना है। कोई भी इसके आस-पास भी नहीं है। हम वैश्विक साइबर मानदंडों को आकार देने और डिजिटल लचीलेपन को मजबूत करने के लिए सहयोगियों और उद्योग जगत के साथ मिलकर काम करेंगे।”
यह नीतिगत खाका ऐसे समय में आया है, जब दुनिया भर की सरकारें साइबर अपराध, जासूसी और डिजिटल नुकसान के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी खतरे को देखते हुए यह नई योजना तैयार की गई है। आजकल अपराधी और दुश्मन संगठन सरकारों, कंपनियों और बिजली-पानी जैसी जरूरी सुविधाओं को अपना निशाना बना रहे हैं।
ट्रंप ने कहा, “हमारे साइबर उपकरण और ऑपरेटर दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हैं। हम उन्हें अपने विरोधियों को बाधित और भ्रमित करके, और उन्हें सुरक्षित पनाहगाह से वंचित करके अमेरिका की रक्षा करने के लिए सशक्त बना रहे हैं।”
इस रणनीति में चेतावनी दी गई है कि साइबर अपराध और विरोधी स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों, वित्तीय नेटवर्क, खाद्य आपूर्ति शृंखलाओं और जल उपयोगिताओं को निशाना बना रहे हैं। इन हमलों से सेवाएं बाधित हो सकती हैं और भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।
दस्तावेज में कहा गया है, “हालांकि, साइबरस्पेस में स्वतंत्रता और सुरक्षा को हल्के में नहीं लिया जा सकता,” क्योंकि अमेरिकी साइबर नीति को निर्देशित करने के लिए छह प्रमुख नीतिगत स्तंभों की रूपरेखा दी गई है। इनमें विरोधियों के व्यवहार को नियंत्रित करना, “समझदारीपूर्ण विनियमन” को बढ़ावा देना, संघीय नेटवर्क का आधुनिकीकरण करना, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा करना, तकनीकी श्रेष्ठता बनाए रखना और एक मजबूत साइबर कार्यबल का निर्माण करना शामिल है।
रणनीति में संघीय प्रणालियों के आधुनिकीकरण और उन्नत साइबर सुरक्षा उपकरणों को तैनात करने पर भी जोर दिया गया है। इनमें पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी, ज़ीरो-ट्रस्ट आर्किटेक्चर और एआई-आधारित सुरक्षा प्रौद्योगिकियां शामिल हैं। एक अन्य प्रमुख फोकस ऊर्जा ग्रिड, वित्तीय प्रणालियों, दूरसंचार नेटवर्क, अस्पतालों और जल उपयोगिताओं जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा करना है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल आपूर्ति शृंखलाओं को भी सुरक्षित किया जाना चाहिए।
एआई, ब्लॉकचेन और सुरक्षित डिजिटल बुनियादी ढांचे जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में नवाचार के महत्व पर भी प्रकाश डालती है। अधिकारियों का कहना है कि ये प्रौद्योगिकियां नेटवर्क की सुरक्षा और अमेरिकी तकनीकी नेतृत्व को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
दस्तावेज में सेंसरशिप, निगरानी और सूचना के हेरफेर को सक्षम बनाने वाली विदेशी प्रौद्योगिकियों के खिलाफ भी चेतावनी दी गई है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और बुनियादी ढांचे को लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करना चाहिए और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करनी चाहिए।
साइबर सुरक्षा वाशिंगटन के लिए एक केंद्रीय राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकता बन गई है क्योंकि सरकारें और कंपनियां तेजी से परिष्कृत साइबर हमलों का सामना कर रही हैं। “अमेरिका के लिए साइबर खतरों को निष्क्रिय करने के लिए त्वरित, सुविचारित और सक्रिय रूप से कार्रवाई करेंगे।”
 

 




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