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एयर फोर्स एकेडमी में आज पासिंग आउट परेड, राजनाथ सिंह ट्रेनीज को सौंपेंगे ‘प्रेसिडेंट कमीशन’

13-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश)  केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को हैदराबाद स्थित एयर फोर्स एकेडमी में 217वें कोर्स की कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड (सीजीपी) में शामिल होंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सैन्य अनुशासन और परंपराओं से परिपूर्ण यह समारोह भारतीय वायु सेना की विभिन्न शाखाओं के फ्लाइट कैडेट्स की प्री-कमीशनिंग ट्रेनिंग के सफल समापन का प्रतीक होगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस समारोह में रिव्यूइंग ऑफिसर की भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम के दौरान वह पासआउट होने वाले प्रशिक्षुओं को ‘प्रेसिडेंट कमीशन’ प्रदान करेंगे। इसके अलावा भारतीय वायु सेना के फ्लाइट कैडेट्स तथा भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और वियतनाम के अधिकारियों एवं प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण पूरा करने पर ‘विंग्स’ और ‘ब्रेवेट्स’ प्रदान किए जाएंगे।
यह कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के महिला कैडेट्स के पहले बैच के कमीशनिंग का भी ऐतिहासिक अवसर होगी। ये महिला कैडेट्स 30 मई 2025 को एनडीए से पासआउट हुई थीं और इसके बाद ब्रांच-विशिष्ट प्रशिक्षण के लिए एयर फोर्स एकेडमी में शामिल हुई थीं।
समारोह के दौरान रक्षा मंत्री फ्लाइंग, नेविगेशन स्ट्रीम और ग्राउंड ड्यूटी ब्रांच में ओवरऑल मेरिट सूची में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले फ्लाइट कैडेट्स को ‘प्रेसिडेंट प्लाक’ से सम्मानित करेंगे।
परेड में सैन्य ड्रिल के साथ-साथ रोमांचक हवाई प्रदर्शन भी शामिल होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत आकाश गंगा स्काईडाइविंग टीम और एयर वॉरियर ड्रिल टीम के प्रदर्शन से होगी। इसके बाद भारतीय वायु सेना प्रमुख ए.पी. सिंह के नेतृत्व में फ्लाई-पास्ट आयोजित किया जाएगा।
फ्लाई-पास्ट में पिलाटस पीसी-7 एमकेआईआई, हॉक, किरण और चेतक शामिल होंगे। समारोह के प्रमुख आकर्षणों में एसयू-30 एमकेआई, सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम और सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के शानदार हवाई करतब शामिल रहेंगे।



 

फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे पर रवाना होने से पहले पीएम मोदी बोले- यूरोप और जी-7 के साथ साझेदारी को मिलेगी नई गति

13-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर रवाना होने से पहले जारी अपने प्रस्थान वक्तव्य में कहा कि उनकी यह यात्रा यूरोप और जी-7 देशों के साथ भारत की बढ़ती साझेदारी को नई गति देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह दौरा भारत के रणनीतिक, आर्थिक और नवाचार सहयोग को और मजबूत करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की सामरिक दृष्टि में फ्रांस का विशेष स्थान है। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष की शुरुआत में इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को ‘विशेष वैश्विक सामरिक साझेदारी’ के स्तर तक उन्नत किया गया था। नीस में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ होने वाली बैठक में फरवरी से अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी और सहयोग के अगले चरणों पर चर्चा होगी। साथ ही, दोनों नेता वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे।
पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वह 14 जून को नीस में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन करने को लेकर उत्साहित हैं। भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के तहत आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ने का मंच बनेगा और उच्च शिक्षा संस्थानों से उभर रहे नवाचारों को बढ़ावा देगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह 14 और 15 जून को स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा करेंगे। 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक दौरा द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देगा। इस दौरान उनकी मुलाकात स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से होगी। साथ ही, वे वहां के व्यापारिक नेताओं के साथ भी बातचीत करेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि स्लोवाकिया से वह फ्रांस के एवियां पहुंचेंगे, जहां 16 और 17 जून को आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन 2026 में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि जी-7 में भारत की उपस्थिति साझेदार देशों के विश्वास और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतीक है। यह लगातार आठवां अवसर है जब भारत को जी-7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत इस मंच पर अपने विचार रखने के साथ-साथ ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को भी मजबूत आवाज देगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वह 18 जून को पेरिस में अपनी यात्रा का समापन करेंगे, जहां राष्ट्रपति मैक्रों के साथ विवाटेक 2026 में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि यह यूरोप का सबसे बड़ा प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन है और इस बार इसमें भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पवेलियन होगा। उन्होंने पेरिस में भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात को लेकर भी उत्साह व्यक्त किया।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि फ्रांस और स्लोवाकिया की उनकी यात्रा यूरोप और जी-7 के साथ भारत की गहन होती सहभागिता को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यह दौरा महाद्वीप के देशों और अन्य वैश्विक साझेदारों के साथ सहयोग के दायरे का विस्तार करने की भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगा।



 

पीएम मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे पर रवाना, नवाचार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी पर रहेगा फोकस

13-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर रवाना हुए। इस दौरान उनका कार्यक्रम काफी व्यस्त रहेगा, जिसमें द्विपक्षीय वार्ताएं, बहुपक्षीय बैठकें और आर्थिक व सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “अगले कुछ दिनों में मैं फ्रांस और स्लोवाकिया में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लूंगा। इनमें द्विपक्षीय बातचीत, बहुपक्षीय बैठकें और भारतीय समुदाय के लोगों से संवाद शामिल है। मेरा ध्यान आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर रहेगा।” उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा की शुरुआत फ्रांस के नीस शहर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों से होगी। विशेष रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम में वह शामिल होंगे, जहां फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद रहेंगे। भारत और फ्रांस इस वर्ष ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष’ मना रहे हैं और यह कार्यक्रम नवाचार, स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों को एक मंच पर लाएगा।
नीस में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच द्विपक्षीय बैठक भी होगी। दोनों नेता भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन भी करेंगे, जिसमें भारत, फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स और वेंचर कैपिटल फंड्स भाग लेंगे। मंत्रालय ने कहा कि ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष’ के तहत आयोजित यह पहल दोनों देशों के बीच नवाचार सहयोग को नई गति देने का काम करेगी।
फ्रांस में कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा करेंगे। यह यात्रा स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर हो रही है। वर्ष 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से भी मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल विनिर्माण और रेलवे अवसंरचना क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा होने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा विभिन्न क्षेत्रों में स्लोवाकिया के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी 16 और 17 जून को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दोबारा फ्रांस लौटेंगे। इस दौरान वह जी7 देशों, आमंत्रित साझेदार देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। 18 जून को प्रधानमंत्री पेरिस जाएंगे, जहां वह अतिरिक्त द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेने के साथ-साथ यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप कार्यक्रम ‘विवटेक’ शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे। पेरिस यात्रा के दौरान उनके भारतीय समुदाय को संबोधित करने की भी संभावना है। 

 

युवा शक्ति देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत, स्टार्टअप और नवाचार को मिला बढ़ावा : पीएम मोदी

13-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि केंद्र सरकार युवा नेतृत्व वाले विकास की दिशा में मजबूती से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों की एक प्रमुख विशेषता यह रही है कि भारत के युवाओं ने आत्मविश्वास के साथ अपनी आकांक्षाओं को पूरा किया है। प्रधानमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में युवा शक्ति के उल्लेखनीय योगदान और वैश्विक पटल पर उनके बढ़ते प्रभाव पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और अटल इनोवेशन मिशन जैसी पहलों के माध्यम से एक ऐसा प्रक्रियागत तंत्र विकसित हुआ है, जो नवाचार, उद्यमिता और उद्यम को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया के अग्रणी स्टार्टअप केंद्रों में शामिल है और इन सफलता की कहानियों में से अनेक छोटे शहरों और गांवों से उभर रही हैं, जिन्हें देश की युवा शक्ति आगे बढ़ा रही है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के युवा विज्ञान और प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, अंतरिक्ष, सेमीकंडक्टर तथा ड्रोन जैसे क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि युवा भारतीय उन क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं, जो राष्ट्र और दुनिया के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं ने खेल के क्षेत्र में भी भारत का नाम रोशन किया है। भारतीय युवा खिलाड़ियों ने अनेक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर लगातार राष्ट्रीय गौरव को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि मजबूत खेल व्यवस्था, बेहतर बुनियादी ढांचा और खिलाड़ियों को मिल रहा अधिक समर्थन युवा प्रतिभाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है तथा उन्हें खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है।
नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट की एक श्रृंखला में कहा कि राजग सरकार युवाओं के नेतृत्व वाले विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में युवाओं ने आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार किया है। उन्होंने दोहराया कि स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और अटल इनोवेशन मिशन जैसी पहलें युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध करा रही हैं।

कृषि में महिलाओं, युवाओं और छोटे किसानों की भागीदारी बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता : शिवराज सिंह चौहान

12-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) मध्य प्रदेश में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र में महिलाओं, युवाओं और छोटे किसानों की भागीदारी बढ़ाने को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार का मुख्य उद्देश्य कृषि को अधिक समावेशी, आधुनिक और लाभकारी बनाना है, ताकि खेती केवल पारंपरिक गतिविधि न रहकर एक लाभदायक और तकनीक आधारित क्षेत्र बन सके।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि में महिलाओं की भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गांवों और खेतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए नई नीतियों और तकनीकी सहायता पर काम किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि महिलाएं केवल सहायक भूमिका तक सीमित न रहें, बल्कि कृषि संबंधी निर्णयों और उत्पादन प्रक्रिया में भी सक्रिय भागीदार बनें।
उन्होंने कहा कि छोटे किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए नई तकनीकों, डिजिटल कृषि और वैज्ञानिक खेती के तरीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनका कहना है कि सटीक खेती, ड्रोन तकनीक और डेटा आधारित कृषि प्रबंधन जैसी आधुनिक तकनीकों से उत्पादन बढ़ाया जा सकता है और लागत कम की जा सकती है।
मंत्री ने युवाओं को कृषि क्षेत्र की ओर आकर्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि युवा कृषि को नवाचार और स्टार्टअप के नजरिए से देखें तो यह क्षेत्र रोजगार और उद्यमिता के बड़े अवसर प्रदान कर सकता है। सरकार इस दिशा में विभिन्न योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से सहायता उपलब्ध करा रही है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। बदलते मौसम, अनियमित वर्षा और पर्यावरणीय दबाव के कारण खेती के तौर-तरीकों में बदलाव जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि जलवायु-संवेदनशील कृषि तकनीकों और टिकाऊ खेती को अपनाने की आवश्यकता है। साथ ही डिजिटल कृषि प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में भी निरंतर काम किया जा रहा है।
 उन्होंने बताया कि ब्रिक्स की बैठक के दौरान कृषि, खाद्य सुरक्षा और किसानों के अधिकार जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। आगामी घोषणापत्र में छोटे किसानों के हितों, बीजों पर किसानों के अधिकार और वैश्विक खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप बताया।
मंत्री ने कहा कि बैठक के दौरान विदेशी प्रतिनिधियों को भारत की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए मांडू और मांडवगढ़ जैसे ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा। इससे न केवल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का परिचय मिलेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।

 

 


सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल पंपों से बड़ी मात्रा में डीजल खरीदने पर लगी रोक

12-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारत सरकार ने पेट्रोल (मोटर स्पिरिट) और हाई-स्पीड डीजल की बिक्री को लेकर नए प्रतिबंध लागू किए हैं। सरकारी अधिसूचना के अनुसार, अब रिटेल पेट्रोल पंपों से बड़ी मात्रा में ईंधन खरीदने पर रोक रहेगी और संस्थागत व व्यावसायिक उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत का ईंधन उनके निर्धारित उपभोक्ता या कैप्टिव पंपों से ही लेना होगा।
सरकार का कहना है कि यह कदम रियायती या रिटेल कीमतों पर मिलने वाले ईंधन के दुरुपयोग और दूसरी जगह बेचे जाने (डायवर्जन) को रोकने के लिए उठाया गया है। यह आदेश फिलहाल 90 दिनों तक लागू रहेगा, हालांकि सरकार चाहे तो इसे पहले वापस ले सकती है या इसमें बदलाव कर सकती है।
नए नियमों के तहत पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी एक ग्राहक या वाहन को एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल न बेचें। इसके अलावा, पेट्रोल पंप से खरीदे गए डीजल को आगे दोबारा बेचने पर भी रोक लगा दी गई है। इससे बड़ी मात्रा में ईंधन की आवाजाही पर निगरानी और सख्त होगी।
सरकार ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रिटेल पेट्रोल पंपों पर बिकने वाला ईंधन मुख्य रूप से आम उपभोक्ताओं के उपयोग में आए। वहीं, बड़े संस्थानों और व्यावसायिक ग्राहकों को अपनी जरूरत का ईंधन अधिकृत माध्यमों से खरीदना होगा।
इस प्रतिबंध का असर बड़ी मात्रा में ईंधन खरीदने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। साथ ही, इससे तेल विपणन कंपनियों जैसे भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की मांग और वितरण व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। इन कंपनियों की रिटेल ईंधन बिक्री पर निगरानी बढ़ने की संभावना है।
इस घटनाक्रम के बाद तेल विपणन कंपनियों के शेयरों पर भी निवेशकों की नजर बनी रह सकती है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब वैश्विक ऊर्जा बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। भारत को भी मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनावों के कारण आपूर्ति संबंधी दबावों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में देश में ईंधन की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी की गई है।
दिल्ली में 15 मई के बाद से पेट्रोल की कीमत लगभग 4.75 रुपए प्रति लीटर (करीब 5 प्रतिशत) बढ़ी है, जबकि डीजल की कीमत में 4.82 रुपए प्रति लीटर (लगभग 5.49 प्रतिशत) की बढ़ोतरी हुई है। इसकी मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी बताई जा रही है।
हालिया मूल्य वृद्धि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बाद हुई है, जिससे वैश्विक समुद्री व्यापार मार्ग प्रभावित हुए हैं। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए होने वाली तेल आपूर्ति पर असर पड़ा है। दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल व्यापार इसी मार्ग से गुजरता है। आपूर्ति में बाधा आने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं।
जहां अधिकांश देशों ने बढ़ी हुई लागत का बोझ जल्द ही उपभोक्ताओं पर डाल दिया, वहीं भारत ने लंबे समय तक घरेलू ईंधन कीमतों को स्थिर बनाए रखा। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, होर्मुज मार्ग में व्यवधान शुरू होने के बाद पहले 76 दिनों तक भारत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में एकमात्र देश था जिसने ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया था। इसके बाद कीमतों में संशोधन शुरू किया गया।
 

ब्रिक्स सम्मेलन में भारत का संदेश, छोटे किसानों को मजबूत किए बिना खाद्य सुरक्षा संभव नही

12-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी और स्वच्छता के प्रतीक इंदौर में ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत की कृषि शक्ति, सांस्कृतिक मूल्यों और वैश्विक सहयोग की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना को आगे बढ़ाते हुए दुनिया को एक परिवार मानकर शांति, समन्वय और साझेदारी आधारित विकास पर जोर दिया। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर भी मौजूद रहे।
शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में “अतिथि देवो भवः” की भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा वैश्विक एकता, शांति और सहयोग का समर्थक रहा है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का दृष्टिकोण “युद्ध नहीं, शांति; संघर्ष नहीं, समन्वय” पर आधारित है, जो वैश्विक कृषि सहयोग के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत बन सकता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह मंच विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के सामने मौजूद चुनौतियों, जैसे जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव और बाजार की अनिश्चितताओं का सामूहिक समाधान खोजने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि छोटे किसान मजबूत होंगे तो वैश्विक खाद्य सुरक्षा स्वतः सुदृढ़ होगी।
शिवराज सिंह चौहान ने भारत की कृषि उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले एक दशक में कृषि क्षेत्र में औसतन 4.5% वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि देश का कुल खाद्य उत्पादन बढ़कर लगभग 376 मिलियन टन तक पहुंच गया है। गेहूं उत्पादन करीब 118 मिलियन टन, बागवानी उत्पादन 378 मिलियन टन से अधिक और मत्स्य उत्पादन 19 मिलियन टन से ऊपर पहुंच चुका है।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम संचालित करता है, जिसके माध्यम से बड़ी आबादी को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने इन उपलब्धियों का श्रेय किसानों के कठिन परिश्रम और सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों को दिया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में लगभग 43% कार्यबल कृषि क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। उन्होंने उन्नत बीज, सिंचाई, आधुनिक तकनीक और किसान सहायता कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिला है।
उन्होंने बताया कि देश के लगभग 87% किसान छोटे और सीमांत किसान हैं और इन्हें सशक्त बनाना समावेशी विकास की कुंजी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता और सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए चौहान ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग और मिट्टी के स्वास्थ्य का संरक्षण जरूरी है। उन्होंने मध्य प्रदेश से शुरू किए गए “खेत बचाओ अभियान” का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से किसानों तक वैज्ञानिक जानकारी और सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं, जिससे प्राकृतिक खेती और जैविक इनपुट्स के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है।
महिला सशक्तिकरण को कृषि विकास का प्रमुख आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि करोड़ों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कृषि और उससे जुड़े व्यवसायों में नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने ‘ड्रोन दीदी’ पहल को ग्रामीण भारत में तकनीकी और सामाजिक बदलाव का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।
युवाओं की भूमिका पर चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार, स्टार्टअप और डिजिटल तकनीकों के बढ़ते उपयोग से युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है। इससे कृषि अधिक आधुनिक, लाभकारी और आकर्षक बन रही है।
शिवराज सिंह चौहान ने ब्रिक्स देशों से छोटे किसानों को सशक्त बनाने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और सतत कृषि विकास के लिए मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संवाद अनुभवों के आदान-प्रदान और नीतिगत सहयोग के माध्यम से वैश्विक कृषि को नई दिशा प्रदान करेगा।
 

इंडिगो फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी, टेकऑफ से पहले रोकी गई उड़ान

12-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) लखनऊ से दिल्ली के लिए रवाना होने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई 2111 को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शुक्रवार को हड़कंप मच गया। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विमान को टेकऑफ से पहले रोक लिया और उसकी गहन जांच शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार, इंडिगो की यह फ्लाइट आज शुक्रवार को लखनऊ से दिल्ली के लिए निर्धारित थी। उड़ान भरने से ठीक पहले विमान में सुरक्षा से जुड़ा संभावित खतरा सामने आया, जिसके बाद स्थापित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत संबंधित एजेंसियों को तुरंत सूचित किया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और विमान की विस्तृत तलाशी ली गई। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक जांच प्रक्रियाएं अपनाई गईं। जांच पूरी होने और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद ही विमान को दिल्ली के लिए रवाना किया जाएगा।
इस संबंध में इंडिगो के प्रवक्ता ने बयान जारी करते हुए कहा कि 12 जून 2026 को लखनऊ से दिल्ली जाने वाली इंडिगो फ्लाइट 6ई 2111 में टेकऑफ से ठीक पहले सुरक्षा से जुड़ा एक संभावित खतरा सामने आया। निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचित किया गया और आवश्यक सुरक्षा जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद विमान अपनी दिल्ली यात्रा पूरी करेगा।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि यात्रियों को हुई असुविधा के लिए कंपनी खेद व्यक्त करती है और उन्हें समय-समय पर अपडेट देने के साथ-साथ जलपान जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों, चालक दल और विमान की सुरक्षा इंडिगो की सर्वोच्च प्राथमिकता है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों द्वारा मामले की जांच जारी है और खतरे की वास्तविकता का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
 

जेनेवा में वैश्विक सामाजिक न्याय गठबंधन की बैठक, भारत ने दोहराई प्रतिबद्धता

12-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) स्विट्जरलैंड के जेनेवा में आयोजित 114वें अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन (आईएलसी) के दौरान वैश्विक सामाजिक न्याय गठबंधन (जीसीएसजे) के समन्वय समूह की बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं और उन्होंने 11 जून 2026 को आयोजित इस बैठक में भाग लिया।
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) द्वारा वर्ष 2023 में स्थापित वैश्विक सामाजिक न्याय गठबंधन एक बहु-हितधारक मंच है, जिसका उद्देश्य बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करना और राजनीतिक प्रतिबद्धताओं को ठोस कार्यों में परिवर्तित करना है। यह गठबंधन विभिन्न देशों, संगठनों और सामाजिक भागीदारों को एक मंच पर लाकर बहुपक्षीय प्रणाली में सामंजस्य, समन्वय और दक्षता बढ़ाने का कार्य करता है।
बैठक के दौरान शोभा करंदलाजे ने आईएलओ के महानिदेशक, बांग्लादेश, मोल्दोवा, ब्राजील और स्विट्जरलैंड के श्रम मंत्रियों, बेल्जियम के उप मंत्री तथा अन्य प्रमुख भागीदारों से मुलाकात की। इस दौरान सामाजिक न्याय, श्रम अधिकारों और वैश्विक सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
भारत ने आईएलओ, विभिन्न सरकारों, नियोक्ता संगठनों, श्रमिक संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर वैश्विक सामाजिक न्याय गठबंधन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। भारत ने सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने में सक्रिय सहयोग का भरोसा भी जताया।
भारत ने कहा कि वह गठबंधन के अगले चरण में सक्रिय योगदान देने के लिए तैयार है। इसके तहत समावेशी विकास को बढ़ावा देने, सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करने, जिम्मेदार व्यावसायिक कार्यप्रणालियों को प्रोत्साहित करने तथा न्यायसंगत और लचीले श्रम बाजारों के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। 




 

महिला सशक्तिकरण में मोदी सरकार की उपलब्धियां ऐतिहासिक: अमित शाह

12-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मोदी सरकार की महिला सशक्तिकरण संबंधी पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार का ‘विमेन-लेड डेवलपमेंट’ मॉडल नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण का नया अध्याय लिख रहा है।
अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान से लेकर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन और 12 करोड़ से अधिक शौचालयों के निर्माण तक महिलाओं के सम्मान और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि इन पहलों ने महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लगभग 70 प्रतिशत महिलाओं को बिना गारंटी ऋण प्रदान कर स्वरोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि ‘लखपति दीदी’, ‘करोड़पति दीदी’ और स्वयं सहायता समूह जैसी योजनाओं ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अमित शाह ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से राजनीति में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों का ही परिणाम है कि आज महिलाएं सेना, अंतरिक्ष, खेल, अनुसंधान और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही हैं।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत की नारी शक्ति राष्ट्रीय विकास की प्रमुख प्रेरक शक्ति बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि सम्मान, आर्थिक सशक्तिकरण और नेतृत्व के अवसरों के माध्यम से महिलाएं आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ भारत के भविष्य को आकार दे रही हैं।
राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में महिलाओं के बढ़ते योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाएं परिचालन, रणनीतिक और नेतृत्वकारी भूमिकाओं में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं, जिससे सशस्त्र बलों और देश की सुरक्षा को मजबूती मिल रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में सेना में महिलाओं की संख्या लगभग 3,000 थी, जो 2025 तक बढ़कर 11,000 हो गई है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार महिला-नेतृत्व वाले विकास को आगे बढ़ाने और महिलाओं के लिए अधिक अवसर सृजित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है। उन्होंने महिलाओं के लिए लागू विभिन्न योजनाओं, नीतिगत सुधारों और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। 
 


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