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पीएम मोदी के आह्वान से जुड़ें प्रदेशवासी, ईंधन की खपत कम करें : सीएम योगी

13-May-2026
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान से जुड़ने की अपील करते हुए ईंधन की खपत कम करने और अनावश्यक सोने की खरीद से बचने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सभी को सावधानी बरतनी होगी और प्रधानमंत्री के संदेश को व्यवहार में उतारना होगा।
सरकारी फ्लीट में 50 प्रतिशत कटौती के निर्देश
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, डीजीपी और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में तत्काल 50 प्रतिशत तक वाहनों की संख्या कम की जाए। उन्होंने अनावश्यक वाहनों को हटाने और सरकारी बैठकों, सेमिनारों, कॉन्फ्रेंस तथा वर्कशॉप को अधिक से अधिक वर्चुअल माध्यम से आयोजित करने पर जोर दिया।
वर्क फ्रॉम होम और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा
योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों से सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और “नो व्हीकल डे” मनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने पीएनजी, मेट्रो, इलेक्ट्रिक वाहन, साइक्लिंग, कार पूलिंग और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों के अधिक उपयोग पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक संस्थानों और बड़े स्टार्टअप्स को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने के लिए प्रेरित किया जाए। स्कूलों और कॉलेजों में स्कूली बसों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा आवश्यकता पड़ने पर परिवहन निगम की बसों को भी जोड़े जाने के निर्देश दिए गए।
बिजली बचत और स्वदेशी उत्पादों पर जोर
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से बिजली बचाने की अपील करते हुए कहा कि सरकारी भवनों, घरों और निजी प्रतिष्ठानों में अनावश्यक बिजली का उपयोग न किया जाए। उन्होंने रात 10 बजे के बाद सजावटी लाइटों के सीमित उपयोग की भी बात कही।
उन्होंने स्थानीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों और शादियों में स्वदेशी उत्पादों, ओडीओपी और जीआई टैग प्राप्त वस्तुओं को उपहार के रूप में प्रोत्साहित किया जाए।
डेस्टिनेशन वेडिंग और पर्यटन को बढ़ावा देने की अपील
मुख्यमंत्री ने लोगों से अगले छह महीनों तक गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं से बचने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हैरिटेज, ईको साइट्स, किले और धार्मिक स्थलों पर डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा दिया जाए।
उन्होंने “विजिट माई स्टेट” अभियान शुरू करने के निर्देश दिए, जिसके तहत वेलनेस, ईको, ग्रामीण, वन्यजीव और खानपान आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही संग्रहालयों और स्मारकों को कुछ समय के लिए निःशुल्क करने के निर्देश भी दिए गए।
खाद्य तेल की खपत कम करने और प्राकृतिक खेती पर बल
योगी आदित्यनाथ ने लोगों से खाद्य तेल के उपयोग में कमी लाने की अपील करते हुए कहा कि यह स्वास्थ्य, घरेलू बचत और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए आवश्यक है। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, कैंटीन, छात्रावासों और पुलिस मेस में कम तेल वाले भोजन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
सीएम योगी ने कृषि विभाग को प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने और गोशालाओं में मौजूद गोवंश के गोबर के उपयोग को बढ़ाने के निर्देश भी दिए। साथ ही फॉर्मर रजिस्ट्री और पीएनजी नेटवर्क विस्तार को मिशन मोड में आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
रूफटॉप सोलर और ऊर्जा बचत पर फोकस
मुख्यमंत्री ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को बढ़ावा देने और लोगों को रूफटॉप सोलर अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऊर्जा बचत और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाना समय की जरूरत है। 
 

नीट पेपर लीक मामले की जांच के लिए जयपुर पहुंची सीबीआई की टीम

13-May-2026
नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) 2026 पेपर लीक मामले की जांच अब आधिकारिक रूप से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई है। सीबीआई की एक टीम मंगलवार देर शाम जयपुर में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप मुख्यालय पहुंची। इसके बाद राजस्थान एसओजी ने मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अब तक गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और अब जांच पूरी तरह उसके हाथ में है।
एजेंसी ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी और सबूत नष्ट करने जैसे आरोप शामिल हैं। इसके साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स प्रिवेंशन) एक्ट 2024 की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के अनुसार, नीट परीक्षा 3 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद एनटीए को कई शिकायतें और खुफिया जानकारी मिली कि परीक्षा से पहले ही कुछ गोपनीय दस्तावेज अवैध रूप से प्रसारित किए गए थे।
पिछले कुछ दिनों में एसओजी ने जयपुर, जमवारामगढ़, सीकर और अन्य जिलों में लगातार छापेमारी की और करीब 15 लोगों को गिरफ्तार किया। सूत्रों के अनुसार, आरोपियों को पूरे नेटवर्क की जांच के लिए दिल्ली ले जाया जा सकता है, जहां उनसे ‘गेस पेपर’ तैयार करने, उसके वितरण और छात्रों तक पहुंचने के पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जाएगी।
जांच में सामने आया है कि सीकर और झुंझुनूं के कई छात्रों को परीक्षा से दो दिन पहले ही ‘गेस पेपर’ मिल गया था। दावा किया जा रहा है कि इसमें से 120 से अधिक प्रश्न असली परीक्षा में आए। एसओजी जांच मई 8 को शुरू हुई थी, जब सीकर और झुंझुनूं से शिकायतें सामने आई थीं।
अधिकारियों के अनुसार, पेपर लीक नेटवर्क ने टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर प्रश्न पत्र फैलाया था। जांच में यह भी पता चला कि ‘गेस पेपर’ 1 मई को सीकर के छात्रों में पहली बार वितरित किया गया था। यह भी सामने आया है कि कुल 720 अंकों में से लगभग 600 अंकों के सवाल उस गेस पेपर में शामिल थे और 120–140 प्रश्न सीधे परीक्षा में पूछे गए।
जांच में यह भी पता चला कि यह ‘गेस पेपर’ केरल में पढ़ाई कर रहे चुरू जिले के एक एमबीबीएस छात्र ने सीकर के एक दोस्त को भेजा था। वहां से यह पीजी आवास संचालक के जरिए छात्रों तक पहुंचा। जांच एजेंसियों ने बताया कि एक ही पीजी संचालक ने पहले खुद यह प्रश्न बैंक प्राप्त किया और बाद में उसे छात्रों व कोचिंग सलाहकारों को भेज दिया।
पुलिस का मानना है कि गिरफ्तारी के डर से उसने बाद में खुद ही शिकायत दर्ज करा दी। कई छात्रों ने भी एनटीए को ईमेल के जरिए पेपर लीक की शिकायत भेजी है। जांच में कई कोचिंग सेंटर भी रडार पर हैं और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

समय से पहले दस्तक देगा मॉनसून, दिल्ली-एनसीआर में बादलों का जमावड़ा

13-May-2026
नई दिल्ली। भारत में इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून का आगमन जल्दी हो सकता है। मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल बन रही हैं। इस सप्ताह के अंत तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में मानसून आ जाएगा।
मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र कल भी इसी क्षेत्र में था, और इससे संबंधित चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 4.5 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ था। आईएमडी ने कहा कि अगले 24 घंटों में इसके और अधिक प्रभावी होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून आमतौर पर हर साल 1 जून के आसपास केरल में शुरू होता है।
वहीं आज भी दिल्ली एनसीआर में मौसम ने करवट ले ली है। आसमान में बादलों की आवाजाही जारी है। ऐसे में लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने को कहा गया है। तेज हवाओं और बारिश के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है। वहीं किसानों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों को भी सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। आने वाले दिनों की बात करें तो 13 मई को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने और गरज-चमक विकसित होने की संभावना जताई गई है। इस दिन अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
 

सोने-चांदी के दाम में तेजी, कस्टम ड्यूटी बढ़ने का दिख रहा असर

13-May-2026
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से कस्टम ड्यूटी बढ़ाने के बाद सोने और चांदी में बड़ी तेजी देखी जा रही है और दोनों कीमती धातुओं के दाम बुधवार को 6.66 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 05 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट सुबह 9:52 पर 6.09 प्रतिशत या 9,348 रुपए की मजबूती के साथ 1,62,790 रुपए पर था।
वहीं, चांदी में इसी तरह की तेजी देखी जा रही है। चांदी का 5 जुलाई 2026 कॉन्ट्रैक्ट 6.66 प्रतिशत या 18,593 रुपए की तेजी के साथ 2,97,655 रुपए पर था। सोने और चांदी में तेजी की वजह कीमती धातुओं पर केंद्र सरकार की ओर से कस्टम ड्यूटी या आयात शुल्क में वृद्धि करना है।
सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क (उपकर सहित) को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। वहीं, प्लेटिनम पर आयात शुल्क को 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया है। इस कदम के जरिए सरकार की कोशिश वैश्विक अस्थिरता के दौर में चालू खाते घाटे को कम करना और विदेशी मुद्रा की बचत करना है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि कीमती धातुओं पर आयात शुल्क में वृद्धि विदेशी मुद्रा संरक्षण, चालू खाते की सुरक्षा, आवश्यक आयातों को प्राथमिकता देने और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की आर्थिक मजबूती को बढ़ाने के उद्देश्य से अपनाई गई व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
उन्होंने आगे कहा कि यह कदम असाधारण बाहरी परिस्थितियों के प्रति संतुलित, आनुपातिक और राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदार प्रतिक्रिया है, साथ ही इसमें व्यापक आर्थिक स्थिरता और दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती का भी पूरा ध्यान रखा गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में तेजी देखने को मिल रही है। कॉमेक्स पर सोना 0.52 प्रतिशत बढ़कर 4,710 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.28 प्रतिशत की मजबूती के साथ 87.54 डॉलर प्रति औंस पर थी।
 

पोखरण परमाणु परीक्षण भारत की अटल इच्छाशक्ति का प्रतीक: पीएम मोदी

13-May-2026
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 1998 में इसी दिन भारत ने जो परमाणु परीक्षण किए थे, उनसे दुनिया को पता चला कि हमारे देश की इच्छाशक्ति कितनी अटल है! 11 मई के टेस्ट के बाद पूरी दुनिया का दबाव भारत पर था, लेकिन हमने दिखाया कि कोई भी ताकत भारत को झुका नहीं सकती।
सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर अपने संदेश में पीएम मोदी ने एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया, “एवं परस्परापेक्षा शक्तिशक्तिमतोः स्थिता । न शिवेन विना शक्तिर्न शक्त्या विना शिवः।।”
इसका अर्थ समझाते हुए उन्होंने कहा कि शक्ति और सामर्थ्य एक-दूसरे के पूरक होते हैं। केवल क्षमता होना पर्याप्त नहीं, उसे कार्यरूप देने वाली शक्ति भी आवश्यक है; और शक्ति भी तभी सार्थक होती है जब उसके पीछे समर्थ आधार हो। जैसे शिव और शक्ति का अस्तित्व परस्पर अविभाज्य माना गया है, वैसे ही सामर्थ्य और ऊर्जा के समन्वय से ही सृजन, प्रगति और सफलता संभव होती है।
गौरतलब है कि 13 मई 1998 का दिन भारत के इतिहास में बहुत अहम माना जाता है। इस दिन राजस्थान के पोखरण में ‘ऑपरेशन शक्ति’ के तहत भारत ने दो और सफल परमाणु परीक्षण किए, जिन्हें शक्ति-IV और शक्ति-V नाम दिया गया। ये परीक्षण 11 मई 1998 को हुए पहले तीन परीक्षणों की शृंखला का ही आगे का हिस्सा थे।
इन परीक्षणों का उद्देश्य भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता को और मजबूत करना था। यह भी बताया गया कि ये सभी परीक्षण भूमिगत तरीके से किए गए और पूरी तरह नियंत्रित थे, जिससे किसी तरह की रेडियोएक्टिविटी बाहर नहीं फैली। इन परीक्षणों से मिले आंकड़ों का इस्तेमाल कंप्यूटर सिमुलेशन और भविष्य की परमाणु तकनीक को बेहतर बनाने में किया गया।
इस पूरे अभियान का नेतृत्व तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने किया था। इन सफल परीक्षणों के बाद भारत को दुनिया में एक परमाणु शक्ति संपन्न देश के रूप में पहचान मिली। 

एयर इंडिया ने जून से तीन महीनों के लिए कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द किया

13-May-2026
नई दिल्ली। मध्य पूर्व संकट के कारण जेट ईंधन की बढ़ती कीमतों के चलते एयर इंडिया ने जून की शुरुआत से तीन महीनों के लिए कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को निलंबित करने का फैसला किया है। यह जानकारी रिपोर्ट्स में दी गई। कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि दिल्ली से जिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कमी की गई है उनमें शिकागो और नेवार्क, सिंगापुर और शंघाई जैसे प्रमुख गंतव्य शामिल हैं। इसके अलावा, एयर इंडिया ने सैन फ्रांसिस्को, पेरिस और टोरंटो जैसे गंतव्यों के लिए भी उड़ानें कम कर दी हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कुल मिलाकर एयरलाइन ने प्रतिदिन करीब 100 उड़ानों को कम कर दिया है। एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने पिछले सप्ताह कहा था कि भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईंधन की बढ़ती कीमतों के चलते एयरलाइन अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में कटौती जारी रखेगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बढ़ते वित्तीय दबाव और परिचालन संबंधी चुनौतियों का सामना करते हुए, एयर इंडिया ने अपने आंतरिक अनुपालन और लागत नियंत्रण उपायों को और कड़ा कर दिया है। एयरलाइन ने पिछले तीन वर्षों में नैतिक कदाचार और नीतिगत उल्लंघनों के लिए 1,000 से अधिक कर्मचारियों को बर्खास्त किया है।

यह खुलासा विल्सन ने पिछले सप्ताह कर्मचारियों के साथ एक टाउन हॉल बैठक के दौरान किया। विल्सन ने कर्मचारियों को बताया कि एयरलाइन ने कई उल्लंघनों में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिनमें एम्प्लॉई लीजर ट्रैवल (ईएलटी) सिस्टम का दुरुपयोग, विमान से सामान की तस्करी और उचित शुल्क के बिना अतिरिक्त सामान ले जाने की अनुमति देना शामिल है।

एयरलाइन की यह कदम ऐसे समय में उठाया, जब वह गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है। एयर इंडिया समूह, जिसमें एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस शामिल हैं, को मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में 22,000 करोड़ रुपए से अधिक का घाटा होने का अनुमान है।

टाटा समूह के तहत व्यापक पुनर्गठन और सुधार प्रयासों के तहत, एयरलाइन ने पहले ही कई लागत-बचत उपाय शुरू कर दिए हैं। इनमें कर्मचारियों के वार्षिक वेतन वृद्धि को रोकना, विवेकाधीन खर्चों में कटौती करना और सभी विभागों में गैर-जरूरी खर्चों को कम करना शामिल है।

पेट्रोल-डीजल और सोने के 10 फीसदी कम इस्तेमाल से हर साल 2 लाख करोड़ विदेशी मुद्रा बचेगी : गौरव वल्लभ

13-May-2026
नई दिल्ली। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील, पश्चिम बंगाल के नगर निगम भर्ती घोटाले में ईडी की कार्रवाई समेत विभिन्न मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन कक्षाओं और कारपूलिंग को बढ़ावा देने की अपील पर गौरव वल्लभ ने कहा, “भारत हर साल लगभग 12.5 लाख करोड़ रुपये का कच्चा तेल खरीदता है, जबकि करीब 6.5 लाख करोड़ रुपये का सोना आयात करता है। यानी इन दोनों पर ही कुल मिलाकर लगभग 18.5 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं। यदि हम इसमें सिर्फ 10 प्रतिशत की कमी कर लें, तो करीब 2 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाई जा सकती है।”

पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस की ईडी द्वारा गिरफ्तारी पर गौरव वल्लभ ने कहा, “टीएमसी के 15 वर्षों के शासनकाल में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घुसपैठियों को संरक्षण देने और उन्हें बढ़ावा देने का मॉडल ध्वस्त हो चुका है। अब बंगाल में बंगाल की जनता के लिए विकास का मॉडल लागू किया जाएगा।”

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह पर भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कहा, “हमने असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाई है और हर बार पिछली बार की तुलना में हमारे विधायकों की संख्या बढ़ी है।” इसके पहले गौरव वल्लभ ने कहा था, “असदुद्दीन ओवैसी को अब ‘वंदे मातरम’ से भी दिक्कत होने लगी है, जो उनकी ‘बांटने वाली मानसिकता’ को दर्शाता है। भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ की नीति में विश्वास करती है और देश की एकता तथा राष्ट्रभावना को सर्वोपरि मानती है। ‘वंदे मातरम’ महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत है और इसे लेकर किसी प्रकार की आपत्ति देश की भावनाओं के खिलाफ है। ‘भारत माता की जय‘ भी बोला जाएगा, ‘वंदे मातरम’ का गान भी होगा और ‘जन-गण-मन’ भी पूरे सम्मान के साथ गाया जाएगा।”

 


लद्दाख में डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा, अमित शाह करेंगे कई परियोजनाओं का उद्घाटन

30-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) सहकारिता आधारित ग्रामीण विकास को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पहल के तहत केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 1 मई 2026 को लद्दाख में विभिन्न डेयरी अवसंरचना और सहकारी पहलों का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम लेह स्थित केंद्रीय बौद्ध अध्ययन संस्थान (CIBS) में आयोजित होगा, जिसमें केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) और उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना भी मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान दूध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने और कोल्ड-चेन सिस्टम को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। इसमें कारगिल में 10 टीएलपीडी क्षमता वाले डेयरी प्लांट का शिलान्यास और लेह में दही व पनीर उत्पादन इकाइयों का उद्घाटन शामिल है। साथ ही बल्क मिल्क कूलर प्रणाली की भी शुरुआत की जाएगी, जिससे भंडारण और परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी।
सहकारी क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए एंड्रॉयड आधारित ऑटोमेटेड मिल्क कलेक्शन सिस्टम (AMCS) एप्लिकेशन का शुभारंभ किया जाएगा। यह प्रणाली दूध खरीद प्रक्रिया को आसान बनाएगी और किसानों को पारदर्शी व समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करेगी।
कार्यक्रम के तहत एक मोबाइल दूध परीक्षण प्रयोगशाला को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी। इसका उद्देश्य डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और जमीनी स्तर पर किसानों को तकनीकी सहायता प्रदान करना है।
डेयरी उत्पादों के विपणन और वितरण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न हितधारकों के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इससे स्थानीय उत्पादकों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है।
इस अवसर पर क्षेत्र के प्रगतिशील डेयरी किसानों को सम्मानित भी किया जाएगा। यह पहल सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने, ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने और दूरस्थ क्षेत्रों में समावेशी विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






 

ECI ने मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए क्यूआर-आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली शुरू की

30-Apr-2026
नई दिल्ली।   (शोर संदेश) भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मतगणना केंद्रों में अनाधिकृत प्रवेश को पूरी तरह रोकने के लिए एक नई और आधुनिक क्यूआर कोड-आधारित फोटो पहचान पत्र मॉड्यूल शुरू करने की घोषणा की है। यह प्रणाली ईसीआईएनईटी प्लेटफॉर्म पर कार्य करेगी और मतगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित तथा दक्ष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह नई व्यवस्था 4 मई 2026 को होने वाली मतगणना से लागू होगी। इसमें असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी की विधानसभा चुनावों के साथ ही 5 राज्यों के 7 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव शामिल हैं। बाद में इसे लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के सभी भविष्य के आम चुनावों और उपचुनावों में विस्तारित किया जाएगा।
यह पहल पिछले एक वर्ष में चुनाव आयोग द्वारा की गई 30 से अधिक सुधारात्मक पहलों की कड़ी में शामिल है। इससे पहले ब्लॉक स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) के लिए भी मानकीकृत क्यूआर कोड-आधारित फोटो पहचान पत्र शुरू किए जा चुके हैं। नई प्रणाली मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाएगी।
मतगणना केंद्रों पर पहचान सत्यापन के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा तंत्र बनाया गया है। इनमें पहले और दूसरे स्तर पर रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) द्वारा जारी पारंपरिक फोटो पहचान पत्रों की मैन्युअल जांच की जाएगी। तीसरा और सबसे भीतरी सुरक्षा घेरा (मतगणना कक्ष के निकट) में प्रवेश केवल क्यूआर कोड स्कैनिंग के माध्यम से सफल सत्यापन के बाद ही मिलेगा। इससे किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के अंदर जाने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।
नए क्यूआर कोड-आधारित फोटो पहचान पत्र उन सभी अधिकृत व्यक्तियों पर लागू होंगे जिन्हें मतगणना केंद्रों और मतगणना कक्षों में प्रवेश की अनुमति दी गई है। इनमें मुख्य रूप से रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ), सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, मतगणना कर्मचारी, तकनीकी स्टाफ, उम्मीदवार, चुनाव एजेंट, मतगणना एजेंट और अन्य अधिकृत अधिकारी शामिल हैं।
अधिकृत मीडिया कर्मियों की सुविधा के लिए हर मतगणना केंद्र पर मतगणना कक्षों के पास एक अलग मीडिया केंद्र स्थापित किया जाएगा। मीडिया कर्मियों का प्रवेश पहले की भांति आयोग द्वारा जारी प्राधिकार पत्रों के आधार पर ही रहेगा।
जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को इस प्रणाली के सुचारू कार्यान्वयन के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें जांच चौकियों पर प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती भी शामिल है ताकि पहुंच नियंत्रण निर्बाध और सुरक्षित रहे।
सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुरक्षा और दक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

किंग चार्ल्स तृतीय ने अमेरिका और ब्रिटेन के बीच नए सिरे से गठबंधन का किया आग्रह

29-Apr-2026
नई दिल्ली।   (शोर संदेश) ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय ने अमेरिका और ब्रिटेन के बीच की दोस्ती को और मज़बूत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में जो अशांति और झगड़े चल रहे हैं, उन्हें देखते हुए दोनों देशों का मिलकर काम करना बहुत जरूरी है। कांग्रेस की जॉइंट मीटिंग में बोलते हुए, चार्ल्स ने कहा कि यूरोप से लेकर मिडिल ईस्ट तक संघर्ष के समय दोनों देश बहुत अनिश्चितता के समय का सामना कर रहे हैं, जिसके नतीजे दोनों समाजों पर महसूस किए जा रहे हैं।
चार्ल्स ने अमेरिका-ब्रिटेन के संबंध को साझा लोकतांत्रिक परंपराओं में निहित बताया
उन्होंने कैपिटल के पास हाल ही में हुई एक हिंसक घटना का भी जिक्र किया और कहा कि हिंसा के ऐसे काम कभी कामयाब नहीं होंगे। उन्होंने लोकतंत्र को बनाए रखने और हमारे सभी लोगों को नुकसान से बचाने के साझा वादे को दोहराया। चार्ल्स ने अमेरिका-ब्रिटेन के संबंध को साझा लोकतांत्रिक परंपराओं में निहित बताया, भले ही यह शुरुआती असहमतियों से उभरा हो। उन्होंने कहा, “असल में हमारे देश स्वाभाविक रूप से एक जैसी सोच रखते हैं।”
किंग चार्ल्स तृतीय ने अमेरिका और ब्रिटेन के संबंध को विवाद से पैदा हुई साझेदारी, लेकिन मजबूत बताया। उन्होंने इन संबंधों को मैग्ना कार्टा और इंग्लिश कॉमन लॉ समेत आम कानूनी और राजनीतिक बुनियाद से जोड़ा, जिसने चेक्स एंड बैलेंस जैसे अमेरिकी संवैधानिक सिद्धांतों को बनाने में मदद की।
मौजूदा ग्लोबल माहौल में मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया
किंग ने मौजूदा ग्लोबल माहौल में मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, “हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, वे इतनी बड़ी हैं कि कोई एक देश अकेले उनका सामना नहीं कर सकता। दोनों देशों से पिछली कामयाबियों पर भरोसा करने के बजाय अपने गठबंधन को और मजबूत करने की अपील की।”
चार्ल्स ने यूक्रेन को लगातार समर्थन देने की सराहना की
डिफेंस को लेकर चार्ल्स ने कहा कि ब्रिटेन शीत युद्ध के बाद से रक्षा खर्च में सबसे बड़ी लगातार बढ़ोतरी कर रहा है। उन्होंने बढ़ते सुरक्षा खतरों का जिक्र किया और दोनों देशों के बीच गहरे मिलिट्री और इंटेलिजेंस सहयोग की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, “हमारे रक्षा, खुफिया और सुरक्षा संबंध आपस में जुड़े हुए हैं।” चार्ल्स ने यूक्रेन को लगातार समर्थन देने की सराहना करते हुए कहा कि सच में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए इसकी जरूरत है। उन्होंने कलेक्टिव सिक्योरिटी में नाटो की भूमिका के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने आर्थिक संबंधों पर जोर देते हुए वार्षिक 430 बिलियन डॉलर के व्यापार और आपसी निवेश में 1.7 ट्रिलियन डॉलर का जिक्र किया और कहा कि दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और न्यूक्लियर फ्यूजन जैसे उभरते क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। हमारे देश आने वाले कल की टेक्नोलॉजी में टैलेंट और रिसोर्स को मिला रहे हैं।
किंग ने पर्यावरण के खतरों के बारे में भी चेतावनी दी
ब्रिटेन किंग ने पर्यावरण के खतरों के बारे में भी चेतावनी दी और कहा कि अगर जरूरी प्राकृतिक सिस्टम के खत्म होने को नजरअंदाज किया गया तो यह लंबे समय की खुशहाली और सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने दोनों देशों से अंदर की सोचने वाली नीतियों का विरोध करने और अपने गठबंधन को मजबूत करने की अपील करते हुए आखिर में कहा, “आइए हम दोनों देश एक-दूसरे के लिए खुद को फिर से समर्पित करें।”
अमेरिका अपनी आजादी की घोषणा की 250वीं सालगिरह मना रहा है। ऐसे मौके पर चार्ल्स ने कहा कि यह एक मील का पत्थर है जो ऐतिहासिक मतभेदों और एक स्थायी साझेदारी दोनों को दिखाता है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने किंग चार्ल्स तृतीय को 2 जून, 1785 के उस पत्र की कस्टम कॉपी भेंट की
वहीं, उपहारों के आदान-प्रदान के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र वह ऐतिहासिक दस्तावेज रहा, जो दोनों देशों के संबंधों की नींव को 18वीं शताब्दी के एक महत्वपूर्ण कालखंड से जोड़ता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने किंग चार्ल्स तृतीय को 2 जून, 1785 के उस पत्र की कस्टम कॉपी भेंट की, जिसे जॉन एडम्स ने जॉन जे को लिखा था। इस पत्र में एडम्स ने अमेरिकी क्रांति के पश्चात किंग जॉर्ज तृतीय के साथ हुई अपनी मीटिंग का विवरण दिया था।
ब्रिटेन के राजा अलगाव के लिए सबसे अंत में तैयार हुए थे
लेटर में एडम्स ने बताया कि ब्रिटेन के राजा, जो अलगाव के लिए सबसे अंत में तैयार हुए थे, अब संबंधों को फिर से सुधारने की इच्छा जता रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि वे अमेरिकी मित्रता को स्वीकार करने वाले पहले व्यक्ति बनना चाहते हैं। यह तोहफा इस बात का प्रतीक था कि युद्ध में विरोधी रहे पक्ष अब कूटनीति के जरिए साझेदार बनने की ओर बढ़ रहे हैं और यही भाव पूरे दिन के कार्यक्रमों में दिखाई देता रहा।
 


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