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पीएम मोदी आज सूरत और दमन के दौरे पर, विभिन्न विकास परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन

05-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी शुक्रवार को गुजरात और दमन के दौरे पर रहेंगे। पीएम मोदी सूरत जिले के हजीरा में चल रहे औद्योगिक कार्यों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करेंगे। वह शाम को सूरत में लगभग 18,800 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। पीएम मोदी इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।
इसके बाद प्रधानमंत्री दमन के लिए रवाना होंगे, जहां शाम लगभग 6:15 बजे वे दमन स्थित नामो हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। इसकेउपरांत, दमन में स्थित नामो अस्पताल राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। फिर सायं लगभग 7:15 बजे प्रधानमंत्री दमन में लगभग 2,970 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, समर्पण और शिलान्यास करेंगे। वे लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश के लिए लगभग 885 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भी शिलान्यास करेंगे। पीएम मोदी इस दौरान, जनसमूह को भी संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय (सेवा तीर्थ) के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी सूरत में सड़क, बिजली और औद्योगिक क्षेत्रों में फैली 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे और उनकी आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के पैकेज VI और VII राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिससे गुजरात और महाराष्ट्र के बीच उच्च गति परिवहन, लॉजिस्टिक्‍स दक्षता और आर्थिक संपर्क में सुधार होगा। वह प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिनमें जनजातीय क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाने और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए राष्‍ट्रीय राजमार्ग-56 के महत्वपूर्ण खंडों को चार लेन का बनाना शामिल है।
सूरत में पीएम मोदी 220 बिस्तरों वाले ईएसआईसी अस्पताल का भी उद्घाटन करेंगे, जो प्रमुख स्‍पेशियलिटिज में आधुनिक माध्यमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। साथ ही, यह एक केंद्रीय प्रयोगशाला और आवश्यक सहायक सेवाओं से भी सुसज्जित होगा। इसमें व्यावसायिक चोटों और चिकित्सा आपात स्थितियों के समय पर प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए 24/7 आपातकालीन और ट्रॉमा देखभाल की सुविधा भी है।
प्रधानमंत्री अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रणाली के तहत बिजली निकासी क्षमता बढ़ाने के लिए गुजरात में ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार सहित महत्वपूर्ण उपयोगिता केन्‍द्रों और औद्योगिक अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
प्रधानमंत्री दमन में लगभग 2,970 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे। ये परियोजनाएं स्वास्थ्य सेवा, नागरिक उड्डयन, पर्यटन, अवसंरचना, कनेक्टिविटी और जन कल्याण सहित विभिन्न सेक्‍टरों से संबंधित हैं। इनसे दादरा और नगर हवेली तथा दमन एवं दीव केंद्र शासित प्रदेशों के समग्र विकास को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पीएम मोदी दमन में लगभग 1,340 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिनमें नामो हवाई अड्डे का नया टर्मिनल भवन और नामो अस्पताल शामिल हैं। नया हवाई अड्डा टर्मिनल क्षेत्रीय हवाई संपर्क को अत्‍यधिक सुदृढ़ करेगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देगा। दमन जिले का जिला अस्पताल नामो अस्पताल प्रतिदिन लगभग 1,500 ओपीडी रोगियों की देखभाल के लिए विकसित किया गया है। इससे लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी।
इसके साथ ही, प्रधानमंत्री लगभग 1,630 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। प्रमुख परियोजनाओं में आइकॉनिक ब्रिज, दमन कन्वेंशन सेंटर और दमन स्थित एनआईएफटी परिसर शामिल हैं। इन परियोजनाओं से आधुनिक बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा।
वहीं, लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश के लिए लगभग 885 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला भी पीएम मोदी रखेंगे। इन परियोजनाओं में कलपेनी द्वीप और कदमत द्वीप दोनों के पूर्वी और पश्चिमी किनारों पर बंदरगाह सुविधाओं का विकास शामिल है। इन बहुउद्देशीय घाटों के विकास से 300 मीटर तक की लंबाई वाले क्रूज जहाजों सहित बड़े यात्री जहाजों के लिए साल भर आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी। ये परियोजनाएं यात्रियों और माल की सुरक्षित एवं कुशल आवाजाही को सक्षम बनाएंगी। साथ ही मछली प्रबंधन, ईंधन वितरण, बर्फ आपूर्ति और नाव मरम्मत के लिए एकीकृत सुविधाएं प्रदान करेंगी। ये पहल समुद्री कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेंगी, स्थानीय मछुआरों की आजीविका में सहायता करेंगी, पर्यटन को बढ़ावा देंगी और द्वीपों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देंगी।

 

 


पीएम मोदी ने डॉ. सुभाष सी. कश्यप के निधन पर शोक व्यक्त किया

05-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा के पूर्व महासचिव डॉ. सुभाष सी. कश्यप के निधन पर शुक्रवार को गहरा दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने कहा कि डॉ. कश्यप भारत के सबसे प्रमुख संवैधानिक विशेषज्ञों में से एक थे, जिनका संसदीय और संवैधानिक विमर्श में योगदान हमारे समाज को समृद्ध बनाने वाला रहा है।
उन्होंने कहा कि उनके लेखन और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उल्लेखनीय है। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार और मित्रों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट किया, “लोकसभा के पूर्व महासचिव के रूप में कार्य कर चुके डॉ. सुभाष सी. कश्यप के निधन से अत्यंत दुखी हूं। वह भारत के सबसे प्रमुख संवैधानिक विशेषज्ञों में से एक थे, जिनका संसदीय और संवैधानिक विमर्श में योगदान हमारे समाज को समृद्ध बनाने वाला रहा है। लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के प्रति उनका लेखन और उनकी प्रतिबद्धता उल्लेखनीय थी। उनके परिवार और मित्रों के प्रति संवेदनाएं। ॐ शांति।”
सुभाष कश्यप ने 97 साल की उम्र में अपने आवास पर आखिरी सांस ली। जानकारी के अनुसार, उनकी मौत कार्डियो-पल्मोनरी अरेस्ट की वजह से हुई।
डॉ. कश्यप प्रसिद्ध लेखक और विद्वान, एक प्रतिष्ठित संवैधानिक विशेषज्ञ, सलाहकार और अधिवक्ता थे। उन्होंने भारत और विदेशों में कई सर्वोच्च पदों पर कार्य किया। लोकसभा के पूर्व महासचिव को पद्म भूषण और डॉक्टर ऑफ लॉज़ (एलएल.डी.) सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान और पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने 3-खंडीय ग्रंथ ‘भारत का संवैधानिक कानून’ के अलावा 6-खंड भी पेश किये हैं। उनके वर्तमान कार्यों में ‘स्टेट ऑफ द नेशनः डेमोक्रेसी गवर्नेस एंड पार्लियामेंट’ “वी, द पीपल एंड आवर कंसटीट्यूसन”, “इंडियन कंसटीट्यूसन कंफ्लीक्टस् एंड कंट्रोवर्सिज” आदि शामिल हैं।
हमारी संसद की उनकी लोकप्रिय ग्रंथत्रय (Trilogy) ‘आवर पालिटिकल सिस्टम एंड आवर कंसटीट्यूसन’ की कई लाख प्रतियां बिकी और एनबीटी के बेस्ट सेलर्स में से एक है। 






 

ट्रंप ने पीएम मोदी को बताया ‘अच्छा दोस्त’, कहा- भारत और अमेरिका के बीच जल्द होगी ट्रेड डील

05-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना “अच्छा दोस्त” बताते हुए कहा कि अमेरिका और भारत के बीच जल्द ही व्यापार समझौता हो सकता है। व्हाइट हाउस में कोयला और ऊर्जा नीति पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि भारत की शुल्क (टैरिफ) व्यवस्था की लंबे समय से आलोचना करने के बावजूद दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता आगे बढ़ रही है।
वहीं सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो के हालिया भारत दौरे के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते के करीब पहुंचने संबंधी खबरों पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, “हां, हम यह समझौता कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “हम समझौता कर लेंगे, क्योंकि मुझे आपके प्रधानमंत्री बहुत पसंद हैं। वह मेरे अच्छे दोस्त हैं। हमारी आपस में बहुत अच्छी बनती है और हम एक समझौता करेंगे। हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं।”
इस दौरान ट्रंप ने अपनी पुरानी शिकायत भी दोहराई कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर काफी अधिक टैरिफ लगाता रहा है। उन्होंने कहा, “भारत ने कई वर्षों तक अमेरिका का फायदा उठाया। वे हमसे बहुत ज्यादा टैरिफ वसूलते थे और खुद लगभग कुछ नहीं देते थे।”
ट्रंप ने उदाहरण देते हुए हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलों का जिक्र किया। उनका कहना था कि पहले भारी आयात शुल्क के कारण अमेरिकी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में कारोबार करना मुश्किल था। उन्होंने कहा, “पहले भारत हार्ले-डेविडसन की मोटरसाइकिलों पर 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगा देता था। इसलिए कंपनी के लिए वहां कारोबार करना मुश्किल हो गया। आखिरकार हार्ले-डेविडसन को भारत में अपने ही प्लांट लगाने पड़े।”
ट्रंप ने कहा कि पहले की व्यापारिक व्यवस्थाओं और उनकी सरकार की मौजूदा नीति में बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा, “वे हमारे उत्पादों पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाते थे और हम उनसे कुछ नहीं लेते थे। लेकिन अब स्थिति बिल्कुल उलट है और हम भारत के साथ व्यापार से अच्छी कमाई कर रहे हैं।”
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब वॉशिंगटन और नई दिल्ली में इस बात की उम्मीद बढ़ रही है कि दोनों देशों के वार्ताकार एक ऐसे व्यापार समझौते के करीब पहुंच रहे हैं, जिससे बाजार तक पहुंच आसान होगी और टैरिफ से जुड़े कई विवाद कम हो सकते हैं।
भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी में व्यापार सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक बन चुका है। दोनों सरकारें लगातार इस बात पर जोर देती रही हैं कि रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और महत्वपूर्ण सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में सहयोग के साथ-साथ आर्थिक संबंधों को भी और मजबूत किया जाना चाहिए।
ट्रंप की बातों में प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनके व्यक्तिगत संबंधों की झलक भी दिखाई दी, जिसका जिक्र वह अक्सर करते रहे हैं। अपने पहले कार्यकाल के दौरान दोनों नेताओं ने कई बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था, जिनमें ह्यूस्टन का “हाउडी मोदी” कार्यक्रम और अहमदाबाद का “नमस्ते ट्रंप” कार्यक्रम शामिल हैं।

 

पीएम मोदी का ‘सुभाषितम’ संदेश: योग को दिनचर्या में शामिल करें, तन-मन रहे स्वस्थ और शांत

04-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर ‘सुभाषितम’ सीरीज के तहत एक प्रेरणादायक संदेश साझा किया। इसमें उन्होंने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाने की अपील की है।
पीएम मोदी ने लिखा, “योग का नियमित अभ्यास तन को स्वस्थ और मन को शांत रखता है। इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने से जीवन संतुलित और ऊर्जावान बनता है।”
इस संदेश के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने महर्षि पतंजलि को समर्पित एक प्रसिद्ध संस्कृत श्लोक भी साझा किया:
अर्थ: मन की चंचल वृत्तियों को योग से, वाणी की अशुद्धियों को व्याकरण से और शरीर की मलिनताओं को आयुर्वेद से दूर करने वाले मुनियों में श्रेष्ठ महर्षि पतंजलि को मैं प्रणाम करता हूं।
ज्ञात हो, इससे एक दिन पहले बुधवार को पीएम मोदी ने ‘सुभाषितम’ के जरिए एकजुटता पर जोर देते हुए कहा था कि जब नागरिक एक सूत्र में बंध जाते हैं, तो राष्ट्र की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने इस संदेश के साथ एक और संस्कृत श्लोक साझा किया था, जिसमें लकड़ियों की उदाहरण के माध्यम से सामूहिक शक्ति की बात की गई थी।
प्रधानमंत्री मोदी की यह ‘सुभाषितम’ श्रृंखला प्रेरणादायक श्लोकों और संदेशों के माध्यम से लोगों को सकारात्मक सोच, स्वास्थ्य और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करती है। योग दिवस के निकट आने के साथ उनका यह संदेश विशेष रूप से प्रासंगिक माना जा रहा है। 



 

पीएम मोदी 5 जून को रहेंगे सूरत और दमन के दौरे पर, 21,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

04-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 जून 2026 को गुजरात के सूरत और केंद्र शासित प्रदेश दमन का दौरा करेंगे। इस दौरान वे सूरत और दमन में कुल ₹21,770 करोड़ से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, राष्ट्र को समर्पण और आधारशिला रखेंगे।
– दोपहर करीब 2:30 बजे प्रधानमंत्री सूरत जिले के हजीरा पहुंचेंगे और वहां चल रहे औद्योगिक तथा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का जायजा लेंगे।
– शाम करीब 4:15 बजे सूरत में ₹18,800 करोड़ की लागत वाले विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
– इस मौके पर वे जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
– वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के पैकेज VI और VII को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
– NH-56 के चार लेन वाले हिस्सों की आधारशिला (आदिवासी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंच बढ़ाने के लिए)
– 200 बिस्तरों वाला ESIC अस्पताल
– बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार
– दहेज पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोकेमिकल निवेश क्षेत्र (PCPIR), सारिगाम गुजरात औद्योगिक विकास निगम (GIDC) अपशिष्ट उपचार संयंत्र, जंबूसर बल्क ड्रग पार्क लेआउट सुविधाएं आदि शामिल हैं।
– शाम करीब 6:15 बजे प्रधानमंत्री दमन पहुंचेंगे।
– NAMO हवाई अड्डे की नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन करेंगे
– NAMO अस्पताल को राष्ट्र को समर्पित करेंगे
– शाम 7:15 बजे ₹2,970 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे
– लक्षद्वीप के लिए ₹885 करोड़ की 4 महत्वपूर्ण परियोजनाओं (बंदरगाह विकास) की आधारशिला रखेंगे।
– Iconic Bridge, दमन कन्वेंशन सेंटर, NIFT परिसर
– NAMO हवाई अड्डा टर्मिनल और NAMO अस्पताल (₹1,340 करोड़)

प्रधानमंत्री की इस यात्रा को गुजरात और दादरा-नगर हवेली-दमन-दीव के समग्र विकास को नई गति देने वाली माना जा रहा है। इन परियोजनाओं से कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाएं, पर्यटन, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है। यह दौरा विकास कार्यों को तेजी देने और जनता से सीधा संवाद करने की प्रधानमंत्री की निरंतर रणनीति का हिस्सा है। 
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश के लिए भी लगभग ₹885 करोड़ की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं में कल्पेनी द्वीप और कदमत द्वीप दोनों के पूर्वी और पश्चिमी किनारों पर बंदरगाह सुविधाओं का विकास शामिल है। इन बहुउद्देशीय जेटी के विकास से 300 मीटर तक की लंबाई वाले क्रूज जहाजों सहित बड़े यात्री जहाजों की साल भर गोदी (berthing) करने की सुविधा मिलेगी। 
ये परियोजनाएं यात्रियों और माल की सुरक्षित और कुशल आवाजाही को सक्षम बनाएंगी, साथ ही मछली प्रबंधन, ईंधन वितरण, बर्फ की आपूर्ति और नाव की मरम्मत के लिए एकीकृत सुविधाएं प्रदान करेंगी। ये पहलें समुद्री संपर्क को मज़बूत करेंगी, स्थानीय मछुआरों की आजीविका में सहायता करेंगी, पर्यटन को बढ़ावा देंगी और द्वीपों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देंगी। 

 

पीएम मोदी ने सिटीग्रुप चेयरपर्सन जेन फ्रेजर से की मुलाकात, आर्थिक वृद्धि और निवेश अवसरों पर हुई चर्चा

04-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिटीग्रुप की चेयरपर्सन और CEO जेन फ्रेजर से मुलाकात की। बैठक में भारत की तेज आर्थिक वृद्धि, निवेश अवसरों, वैश्विक पूंजी प्रवाह और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने पर विस्तृत चर्चा हुई। इसकी जानकारी गुरुवार को सामने आई। 
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में अपने विजन को साझा करते हुए आर्थिक विकास की रफ्तार तेज करने, भारतीय कंपनियों को वैश्विक बाजारों में विस्तार के अवसर प्रदान करने और देश में विदेशी निवेश बढ़ाने पर जोर दिया।
– भारत में निवेश और पूंजी प्रवाह
– वैकल्पिक ऊर्जा (सौर ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन)
– आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इसके नियमन पर विचार
– भारतीय कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय विस्तार में सिटीग्रुप की भूमिका
सिटीग्रुप की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कंपनी भारत के आर्थिक एजेंडे को मजबूत बनाने, वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने और भारतीय कंपनियों को नए बाजारों में पहुंच बनाने में सक्रिय योगदान देना चाहती है।
जेन फ्रेजर के साथ सिटी इंडिया के CEO के. बालासुब्रमण्यम भी मौजूद रहे। उन्होंने भारत में सिटी की 125 वर्षों पुरानी उपस्थिति और मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराया।
बता दें कि सिटीग्रुप मुंबई में 3 से 5 जून तक “सिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस” आयोजित कर रही है, जिसमें 1,500 से अधिक ग्राहक और निवेशक भाग ले रहे हैं। वर्ष 2027 में सिटी भारत में अपनी 125वीं वर्षगांठ मनाएगी।
यह मुलाकात वैश्विक वित्तीय संस्थानों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के सुधारवादी एजेंडे और भारत की विकास यात्रा पर बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। 











 

भारतीय वायुसेना ने रचा इतिहास, नवी मुंबई एयरपोर्ट पर पहली बार उतरा सुखोई-30 एमकेआई

04-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारतीय वायुसेना ने गुरुवार को एक नया इतिहास रच दिया। वायुसेना का अत्याधुनिक लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई पहली बार नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। जैसे ही यह शक्तिशाली लड़ाकू विमान रनवे पर उतरा, उसकी गरिमामय उपस्थिति से पूरा माहौल गूंज उठा। इस ऐतिहासिक क्षण का वहां मौजूद लोगों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
यह उपलब्धि केवल एक सफल लैंडिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता, त्वरित तैनाती की योग्यता और देश के तेजी से विकसित हो रहे विमानन एवं एयरोस्पेस बुनियादी ढांचे का भी प्रदर्शन है। सुखोई-30 एमकेआई भारतीय वायुसेना का प्रमुख बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है, जो वायु श्रेष्ठता स्थापित करने के साथ-साथ सटीक जमीनी हमले करने में भी सक्षम माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार किसी नागरिक हवाई अड्डे पर लड़ाकू विमान की सफल लैंडिंग यह दर्शाती है कि आवश्यकता पड़ने पर उस हवाई अड्डे का उपयोग सैन्य अभियानों, आपातकालीन तैनाती और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए भी किया जा सकता है। यह भारत की नागरिक और सैन्य विमानन संरचना के बीच बढ़ते समन्वय का भी संकेत है।
इससे पहले अक्टूबर 2024 में इसी हवाई अड्डे के रनवे पर भारतीय वायुसेना के सी-295 परिवहन विमान ने पहली ऐतिहासिक लैंडिंग की थी। उस अवसर पर सुखोई-30 ने आसमान में फ्लाईपास्ट किया था। अब पहली बार सुखोई-30 एमकेआई का रनवे पर उतरना वायुसेना की क्षमता विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
भारतीय वायुसेना ने इस उपलब्धि के साथ एक बार फिर प्रदर्शित किया है कि वह किसी भी परिस्थिति में देश के विभिन्न हवाई अड्डों से संचालन करने में सक्षम है। सुखोई-30 एमकेआई की यह पहली लैंडिंग भारत की बढ़ती सामरिक शक्ति, आधुनिक सैन्य तैयारी और आत्मविश्वास से भरे एयरोस्पेस क्षेत्र का प्रतीक बन गई है।
गौरतलब है कि सुखोई-30 एमकेआई भारत के सबसे महत्वपूर्ण लड़ाकू विमानों में से एक है। कुछ समय पहले राजस्थान के जैसलमेर में भारतीय वायुसेना ने ‘वायुशक्ति’ अभ्यास के दौरान अपनी सैन्य क्षमता का व्यापक प्रदर्शन किया था। पाकिस्तान सीमा के निकट पोखरण रेंज में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान सुखोई-30 एमकेआई की आकाश भेदी गर्जना ने उसकी मारक क्षमता और शक्ति का परिचय दिया था।
‘वायुशक्ति-26’ नामक इस बड़े युद्धाभ्यास में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और वायुसेना प्रमुख एपी सिंह भी मौजूद थे। अभ्यास के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता का उल्लेख करते हुए यह संदेश दिया गया कि भारतीय वायुसेना हवा में अपना दबदबा कायम रखने और लंबी दूरी तक सटीक वार करने में पूरी तरह सक्षम है।
युद्धाभ्यास के पहले दिन 18 महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए गए थे, जिनमें आतंकवादी शिविर, दुश्मन की हवाई पट्टियां, पेट्रोलियम भंडार, रडार स्टेशन, बंकर, टैंकों के काफिले, संचार केंद्र, रसद केंद्र और सैन्य वाहनों के काफिले शामिल थे। वायुसेना के जवानों ने अत्यंत सटीकता के साथ इन लक्ष्यों को ध्वस्त किया। इस व्यापक अभ्यास में भारत के उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम भी शामिल रहे। 120 से अधिक विमानों की भागीदारी वाले इस युद्धाभ्यास में सुखोई-30 एमकेआई के अलावा तेजस, राफेल, मिग-29, मिराज-2000 और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों ने भी हिस्सा लिया।
 

गुजरात: धोलेरा मॉडल बना मिसाल, ड्रम प्लांटेशन से बंजर भूमि में लौटी हरित क्रांति

04-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) गुजरात के धोलेरा के अत्यधिक खारे इलाके में ड्रम-आधारित पौधरोपण का उपयोग करने वाली एक प्रायोगिक वनीकरण तकनीक ने शुरुआती दौर में ही शानदार नतीजे दिखाए हैं। इस तकनीक के तहत पहले बंजर रही जमीन पर लगाए गए 3,200 से अधिक पौधे न केवल जीवित रहे बल्कि कई मामलों में तो एक साल के अंदर ही 12 फुट तक बढ़ गए; जिसके परिणामस्वरूप, इस परियोजना का विस्तार अब अतिरिक्त 20 हेक्टेयर जमीन पर किया जा रहा है।
यह पहल अहमदाबाद जिले के धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (डीएसआईआर) के एक्टिवेशन एरिया के ब्लॉक नंबर 29 में लागू की गई है, जिसे धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (डीएसआईआरडीए) से फंडिंग सपोर्ट मिला है। वन विभाग ने बताया कि यह पहल मिट्टी में अत्यधिक खारापन और लंबे समय तक जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए डिजाइन की गई थी जिसकी वजह से ऐतिहासिक रूप से इस क्षेत्र में पेड़-पौधों का उगना बेहद मुश्किल रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि साइट के कुछ हिस्सों में मिट्टी में बहुत ज्यादा इलेक्ट्रिकल कंडक्टिविटी और बहुत कम कार्बन की मात्रा पाई जाती है जबकि जलभराव छह महीने तक बना रह सकता है। ऐसी परिस्थितियों में पारंपरिक तरीके से पेड़ लगाने के तरीके ज्यादातर असफल रहे हैं। अगस्त 2025 में अहमदाबाद सोशल फॉरेस्ट्री डिवीजन द्वारा विकसित ‘ड्रम प्लांटेशन’ तरीके का इस्तेमाल करके पौधे लगाए गए थे। इस तरीके में छोटे पौधों को प्लास्टिक के ड्रमों के अंदर रखा जाता है, जिनमें रेत, पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी, वर्मी कम्पोस्ट, कोकोपीट और सूखी घास का एक नियंत्रित मिश्रण भरा होता है।
ड्रमों में छेद किए जाते हैं ताकि हवा का आवागमन बना रहे और उन्हें जमीन में लगभग एक फुट नीचे गाड़ दिया जाता है। इससे पौधों की जड़ें मिट्टी की सबसे ज्यादा खारी परतों से ऊपर रहती हैं।अहमदाबाद सोशल फॉरेस्ट्री डिवीजन की उप वन संरक्षक, डॉ. मीनल जानी ने बताया कि इस तरीके को क्षेत्र की पर्यावरणीय बाधाओं को दूर करने के लिए अपनाया गया था।
उन्होंने कहा, “मिट्टी में बहुत ज्यादा इलेक्ट्रिकल कंडक्टिविटी थी, कार्बन की मात्रा न के बराबर थी, और खारापन बहुत ज्यादा था। इसके अलावा, इस क्षेत्र में छह महीने तक पानी जमा रहता है, जिससे पौधों का उगना लगभग असंभव हो जाता है।” उन्होंने आगे कहा, “इस समस्या को हल करने के लिए, हमने ‘ड्रम प्लांटेशन’ तकनीक अपनाई, जिसमें पौधों को विशेष रूप से तैयार किए गए माध्यम से भरे ड्रमों के अंदर, जमीन से कुछ ऊपर की सतह पर लगाया जाता है।”
उन्होंने बताया कि पूरे प्लांटेशन क्षेत्र में एक ‘ड्रिप इरिगेशन’ (बूंद-बूंद सिंचाई) सिस्टम लगाया गया है, और डीएसआईआरडीए ने सिंचाई की जरूरतों को पूरा करने के लिए खारा पानी उपलब्ध कराया है। उनके अनुसार, इस व्यवस्था की वजह से, विपरीत परिस्थितियों के बावजूद लगाए गए पौधों के जीवित रहने की दर काफी अच्छी रही है। डॉ. जानी ने कहा, “एक साल से भी कम समय में, कई पौधे बढ़कर 12 फुट तक ऊंचे हो गए हैं, जो इस तरह की जमीन के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।”
उन्होंने यह भी बताया कि कुछ प्रजातियों में फूल और फल आने शुरू हो गए हैं, जिससे प्लांटेशन क्षेत्र में परागण करने वाले कीटों की वापसी हुई है और पक्षियों की गतिविधियां भी बढ़ी हैं। इस प्लांटेशन में 15 से ज्यादा तरह के पेड़ शामिल हैं, जिनमें साल्वाडोरा पर्सिका, ब्यूटिया मोनोस्पर्मा, बॉम्बैक्स सीइबा, थेस्पेसिया पॉपुलनिया, फिकस बेंघालेंसिस, फिकस रिलिजियोसा, पेल्टोफोरम पेटरोकार्पम, एकासिया निलोटिका, पोंगामिया पिनाटा, टर्मिनलिया अर्जुन, पिथेसेलोबियम डल्से, अजाडिराक्टा इंडिका, कॉर्डिया डाइचोटोमा और टैमारिंडस इंडिका शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जिस इलाके को पहले पौधों के लगातार बढ़ने के लिए ठीक नहीं माना जाता था, वहां अब पेड़-पौधे उगने लगे हैं। इससे इकोलॉजिकल हलचल के शुरुआती संकेत मिलने लगे हैं, जैसे कि उस जगह के कुछ हिस्सों में कीड़े-मकोड़े, तितलियां और अपने आप उगने वाली घास का वापस आना।
वन विभाग ने आगे बताया कि इस प्रयोग में इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक के ड्रमों को आने वाले चरणों में हटाकर रीसायकल किया जाएगा, ताकि पर्यावरण के नियमों का पालन हो सके और यह पहल लंबे समय तक बनी रहे। इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद, डीएसआईआरडीए ने धोलेरा एक्टिवेशन एरिया में इस पहल को 20 हेक्टेयर और जमीन पर फैलाने की मंजूरी दे दी है।
अगले चरण में, अधिकारियों को उम्मीद है कि वे इसी तकनीक का इस्तेमाल करके प्लांटेशन को और भी बड़े इलाके में फैला पाएंगे, जिसके तहत 50,000 से ज्यादा पौधे लगाने की योजना है। यह प्रोजेक्ट धोलेरा में चल रहे औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण को बेहतर बनाने के बड़े प्रयासो का एक हिस्सा है। धोलेरा को गुजरात में एक बड़े औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर हब के तौर पर विकसित किया जा रहा है।
 

पीएम मोदी और डेल्सी रोड्रिगेज की अहम बैठक, आर्थिक और तकनीकी साझेदारी मजबूत करने पर जोर

04-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) पांच दिवसीय भारत दौरे पर आईं वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विस्तृत और व्यापक बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत-वेनेजुएला द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य सेवाओं और ऑटोमोबाइल उद्योग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों देशों ने आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि दीर्घकालिक और पारस्परिक लाभ सुनिश्चित किए जा सकें।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बातचीत के दौरान वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों पक्षों ने सहमति व्यक्त की कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और वेनेजुएला के बीच सहयोग को और सशक्त बनाना आवश्यक है।
बैठक में ‘ग्लोबल साउथ’ के हितों को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। दोनों नेताओं ने माना कि विकासशील देशों को आर्थिक स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और विकास से जुड़े साझा लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए।
इससे पहले डेल्सी रोड्रिगेज ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की। बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि नई दिल्ली में डेल्सी रोड्रिगेज से मुलाकात कर उन्हें खुशी हुई और भारत-वेनेजुएला संबंधों को मजबूत करने में उनके लंबे समय से दिए गए योगदान की वह सराहना करते हैं।
रोड्रिगेज बुधवार को पांच दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंची थीं। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के संबंधों को और गहरा करना है। विदेश मंत्रालय ने उनके स्वागत में कहा कि यह दौरा भारत और वेनेजुएला के रिश्तों को नई मजबूती देगा तथा द्विपक्षीय साझेदारी को नई गति प्रदान करेगा।
भारत और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा और निवेश क्षेत्र में लंबे समय से सहयोग रहा है। भारतीय सरकारी कंपनियों ने वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश किया है और भविष्य में इस सहयोग को और विस्तार देने की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है। 
 

सरकार 2027 तक 5,000 E85 ईंधन स्टेशन शुरू करेगी: हरदीप सिंह पुरी

04-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारत देश में फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चरणबद्ध तरीके से E85 ईंधन वितरण स्टेशनों का विस्तार करेगा। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), मुंबई, पुणे और नागपुर सहित प्रमुख शहरी गलियारों में शुरुआत में 100 तक E85 ईंधन स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
नई दिल्ली में मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स फ्यूल के लॉन्च कार्यक्रम में  उन्होंने कहा कि E85, जिसमें 85 प्रतिशत तक एथेनॉल मिश्रित होता है, को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के मानकों के तहत फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए मोनो-फ्यूल मानक के रूप में चिन्हित किया गया है।
उन्होंने कहा कि E85 को भारत के वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ते कदम के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की तुलना में भी सबसे स्वच्छ ईंधन विकल्पों में से एक माना जा रहा है।
हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि फ्लेक्स-फ्यूल अवसंरचना का विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। दिसंबर 2026 तक E85 स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर 500 की जाएगी और 2027 के अंत तक देश के प्रमुख शहरों में 5,000 आउटलेट स्थापित करने का लक्ष्य है।
भारत की परिवहन व्यवस्था में हो रहे बदलाव पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक अब दोपहिया वाहनों से आगे बढ़कर चारपहिया वाहनों तक पहुंच चुकी है, जो इस क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि यदि नए बिकने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों में से 50 प्रतिशत फ्लेक्स-फ्यूल आधारित हो जाएं, तो इससे 311.8 करोड़ लीटर अतिरिक्त एथेनॉल की मांग पैदा होगी, किसानों की आय में लगभग 12,403 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होगी और लगभग 66.4 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन कम होगा।
उन्होंने कहा, “इससे न केवल ऊर्जा आयात बिल कम होगा, बल्कि किसानों को आय का एक अतिरिक्त और टिकाऊ स्रोत भी मिलेगा। इससे किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि ऊर्जा प्रदाता (ऊर्जादाता) भी बनेंगे।”
कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारत के स्वच्छ परिवहन समाधानों की ओर तेजी से बढ़ने के साथ अधिक वाहन निर्माता कंपनियों के फ्लेक्स-फ्यूल क्षेत्र में आने की उम्मीद है।
E85 ईंधन को बढ़ावा ऐसे समय में दिया जा रहा है जब पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे तेल विपणन कंपनियों पर दबाव बढ़ा है और देश में ईंधन की कीमतों में वृद्धि हुई है।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वैश्विक दबावों के बावजूद भारत में ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी जापान की तुलना में अपेक्षाकृत कम रही है।



 


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