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घने कोहरे की मार: दिल्ली सहित उत्तर-पूर्व भारत में उड़ानें बाधित, इंडिगो ने जारी की एडवाइजरी

19-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) घने कोहरे ने दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर और पूर्वी भारत में दृश्यता को बेहद कम कर दिया है। इसका सीधा असर हवाई सेवाओं पर पड़ रहा है। इसी बीच, देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो ने शुक्रवार को यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए बताया कि कम दृश्यता के कारण कई उड़ानों के शेड्यूल प्रभावित हो सकते हैं।
एयरलाइन ने यात्रियों से आग्रह किया है कि एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले फ्लाइट की लेटेस्ट स्टेटस जांच लें, क्योंकि मौसम के चलते उड़ान समय में बदलाव, देरी या रद्द होने की स्थिति बन सकती है। एयरलाइंस ने कहा कि यात्री अपने उड़ान विवरण चेक करने के लिए दिए गए लिंक का उपयोग करें और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखते हुए एयरपोर्ट पहुंचे, क्योंकि कोहरा सड़क यातायात को भी धीमा कर रहा है।
एयरलाइन के अनुसार, जिन यात्रियों की फ्लाइट प्रभावित होगी, उन्हें उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल पर समय-समय पर अपडेट मिलते रहेंगे। यदि किसी यात्री की उड़ान मौसम के कारण विलंबित या प्रभावित होती है, तो ऐसी स्थिति में वे वैकल्पिक उड़ान विकल्प चुन सकते हैं या रिफंड क्लेम कर सकते हैं।
इंडिगो ने कहा कि हमारी टीम मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और दृश्यता में सुधार के साथ उड़ानों का सामान्य संचालन बहाल करने में जुटी है। एयरलाइन ने यात्रियों से समझदारी दिखाने व धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा है कि सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए मौसम संबंधी प्रतिबंधों का पालन जरूरी है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इंडिगो ने लिखा, “दिल्ली और उत्तरी-पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अभी कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम है, जिससे फ्लाइट शेड्यूल पर असर पड़ रहा है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक कर लें और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय दें, क्योंकि कम विजिबिलिटी के कारण सड़कों पर ट्रैफिक धीमा हो सकता है।
जिन यात्रियों पर असर पड़ा है, उन्हें उनके रजिस्टर्ड कॉन्टैक्ट डिटेल्स पर समय से अपडेट मिलेंगे। अगर आपकी फ्लाइट पर असर पड़ा है, तो आप आसानी से दूसरा ऑप्शन चुन सकते हैं या रिफंड क्लेम कर सकते हैं।”इंडिगो ने आगे कहा कि हमारी टीमें लगातार हालात पर नजर रख रही हैं और विजिबिलिटी बेहतर होने पर ऑपरेशन्स को सामान्य करने के लिए लगातार काम कर रही हैं। हम आपकी समझ और धैर्य की सराहना करते हैं।








 

पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक मंच: पीएम मोदी आज करेंगे दूसरे डब्लूएचओ ग्लोबल समिट को संबोधित

19-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पारंपरिक चिकित्सा पर दूसरे डब्ल्यूएचओ ग्लोबल समिट के समापन समारोह को संबोधित करेंगे। नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहा यह तीन दिवसीय कार्यक्रम एक वैश्विक, विज्ञान-आधारित और जन-केंद्रित पारंपरिक चिकित्सा एजेंडा को आकार देने में भारत के बढ़ते नेतृत्व और अग्रणी पहलों को रेखांकित करता है।
पीएम ने गुरुवार को कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने रिसर्च, मानकीकरण और वैश्विक सहयोग के माध्यम से पारंपरिक चिकित्सा और भारतीय ज्ञान प्रणाली को मुख्यधारा में लाने पर लगातार जोर दिया है।” कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री आयुष क्षेत्र के लिए एक मास्टर डिजिटल पोर्टल, मेरा आयुष एकीकृत सेवा पोर्टल (एमएआईएसपी) सहित कई महत्वपूर्ण आयुष पहलों की शुरुआत करेंगे। वह आयुष मार्क का भी अनावरण करेंगे, जिसे आयुष उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता के लिए एक वैश्विक बेंचमार्क के रूप में देखा जा रहा है।
इसके अलावा, पीएम मोदी से योग में प्रशिक्षण पर डब्ल्यूएचओ की तकनीकी रिपोर्ट और “फ्रॉम रूट्स टू ग्लोबल रीच: आयुष में परिवर्तन के 11 साल” नामक पुस्तक जारी करने की उम्मीद है। पूरी दुनिया में भारतीय आयुर्वेद की बढ़ती पहचान के प्रतीक के तौर पर, पीएम अश्वगंधा पर एक विशेष डाक टिकट जारी करेंगे।
प्रधानमंत्री 2021-2025 के लिए योग के प्रचार और विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार प्राप्त करने वालों को सम्मानित करेंगे, जो योग और इसके वैश्विक प्रचार के प्रति उनके निरंतर समर्पण को मान्यता देता है। ये पुरस्कार बताते हैं कि योग जीवन में संतुलन, अच्छी सेहत और शांति बनाए रखने का एक पुराना और बेहतरीन तरीका है, जो एक स्वस्थ और मजबूत नए भारत में योगदान देता है।
इसके साथ ही, प्रधानमंत्री एक प्रदर्शनी भी देखेंगे जिसका नाम है ‘ट्रेडिशनल मेडिसिन डिस्कवरी स्पेस’। यह प्रदर्शनी दिखाती है कि भारत और दुनिया भर की पुरानी इलाज पद्धतियां कितनी प्रभावशाली हैं और आज के समय में भी वे हमारे लिए कितनी जरूरी हैं।
यह शिखर सम्मेलन, जो 17 से 19 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है, विश्व स्वास्थ्य संगठन और आयुष मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया है। इसका विषय “संतुलन बहाल करना: स्वास्थ्य और कल्याण का विज्ञान और अभ्यास” है।
शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेताओं, नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों, चिकित्सकों, स्वदेशी ज्ञान धारकों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के बीच न्यायसंगत, टिकाऊ और साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य प्रणालियों को आगे बढ़ाने पर गहन विचार-विमर्श हुआ।


 

गोवा मुक्ति दिवस: पीएम मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा ने वीरों को दी श्रद्धांजलि

19-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) हर साल 19 दिसंबर को गोवा मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन भारतीय गणराज्य के मानचित्र पर गोवा, दमन और दीव को पुर्तगाली शासन से मुक्त कर भारत में शामिल किया गया था। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनके दृढ़ संकल्प और बलिदान ने इस क्षेत्र को पुर्तगाली शासन से आजादी दिलाई।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “गोवा मुक्ति दिवस हमें हमारी राष्ट्रीय यात्रा के एक अहम अध्याय की याद दिलाता है। हम उन लोगों के अदम्य साहस को याद करते हैं जिन्होंने अन्याय को मानने से इनकार कर दिया और हिम्मत और पक्के इरादे के साथ आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। उनके बलिदान हमें आज भी प्रेरणा देते हैं, क्योंकि हम गोवा की चौतरफा तरक्की के लिए काम कर रहे हैं।”
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक्स पोस्ट में लिखा, “गोवा मुक्ति दिवस पर मैं इस खूबसूरत राज्य के अपने भाइयों और बहनों को दिल से शुभकामनाएं देता हूं। आज, हम उन बहादुर आत्माओं को याद करते हैं जिनकी हिम्मत और बलिदान से गोवा आज़ाद हुआ और सही मायने में आजाद भारत का हिस्सा बना। उनकी विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। मैं इन नायकों को सम्मान के साथ नमन करता हूं और हर गोवावासी की भलाई, खुशी और तरक्की के लिए प्रार्थना करता हूं।”
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुभकामनाएं देते हुए लिखा, “आज की पीढ़ी शायद यह नहीं जानती कि 1961 तक भारतीयों को गोवा जाने के लिए परमिशन लेनी पड़ती थी। प्रभाकर वैद्य, बाला राया मापारी, नानाजी देशमुख और जगन्नाथ राव जोशी जैसे कई महान लोगों ने इसके खिलाफ आवाज उठाई और गोवा की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। हमारे देशभक्तों के महान बलिदानों के बाद, गोवा भारत का एक अभिन्न अंग बन गया। पूरे दिल से आभार व्यक्त करते हुए, मैं उन सभी महान आत्माओं को नमन करता हूं जिन्होंने गोवा की आजादी के लिए बहुत कष्ट सहे।”
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने एक्स पोस्ट में लिखा, “गोवा मुक्ति दिवस पर आइए हम गर्व से उस ऐतिहासिक पल को याद करें जिसने औपनिवेशिक शासन का अंत किया और गोवा को भारतीय संघ में मिलाया। इस दिन, मैं उन स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को दिल से श्रद्धांजलि देता हूं जिनके साहस, बलिदान और अटूट संकल्प ने गोवा की मुक्ति का रास्ता बनाया। यह दिन हमें हमारी मुश्किल से मिली आजादी को संजोने और एक आत्मनिर्भर और विकसित गोवा के लिए मिलकर काम करते रहने की याद दिलाता है। इस गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर पर सभी गोवावासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।”
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, “गोवा मुक्ति दिवस पर हम उन लोगों को याद करते हैं जिन्होंने हमारी आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। उनके विजन ने गोवा को एक नई शुरुआत दी। आज, हम एक ऐसा राज्य बनाने में लगे हैं जो अपनी विरासत पर गर्व करता है, अपनी यात्रा में आत्मविश्वासी है, और सभी की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है। हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करते हुए एक ऐसा गोवा बना रहे हैं जो उनके सपनों को दिखाता है, जो मजबूत, समावेशी और भविष्य की ओर देखने वाला है।” 

 

बंदरगाह सुरक्षा के लिए बनेगा ब्यूरो ऑफ पोर्ट सिक्योरिटी, अमित शाह ने दिए निर्देश

19-Dec-2025

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को जहाजों और बंदरगाहों की सुरक्षा के लिए एक समर्पित ब्यूरो ऑफ पोर्ट सिक्योरिटी (बीओपीएस) के गठन को लेकर समीक्षा बैठक की। इस बैठक में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री तथा केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री भी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान अमित शाह ने देशभर के बंदरगाहों के लिए एक मजबूत और प्रभावी सुरक्षा ढांचा स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सुरक्षा उपायों को व्यापार क्षमता, भौगोलिक स्थिति और अन्य संबंधित मापदंडों को ध्यान में रखते हुए जोखिम-आधारित और चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए।
बीओपीएस का गठन हाल ही में अधिनियमित मर्चेंट शिपिंग अधिनियम, 2025 की धारा 13 के प्रावधानों के तहत एक वैधानिक निकाय के रूप में किया जाएगा। इस ब्यूरो का नेतृत्व एक महानिदेशक करेंगे और यह केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएसडब्ल्यू) के अधीन कार्य करेगा। बीओपीएस जहाजों और बंदरगाहों की सुविधाओं की सुरक्षा से जुड़े नियामक और निरीक्षण संबंधी कार्यों के लिए जिम्मेदार होगा।
बीओपीएस का गठन नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) की तर्ज पर किया जा रहा है। इसका नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी (वेतन स्तर-15) द्वारा किया जाएगा। एक वर्ष की संक्रमण अवधि के दौरान, नौवहन महानिदेशक (डीजीएस/डीजीएमए) बीओपीएस के महानिदेशक के रूप में कार्य करेंगे।
बीओपीएस सुरक्षा से संबंधित सूचनाओं के समयबद्ध विश्लेषण, संग्रहण और आदान-प्रदान को सुनिश्चित करेगा, जिसमें साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके अंतर्गत बंदरगाहों की आईटी अवसंरचना को डिजिटल खतरों से सुरक्षित रखने के लिए एक समर्पित प्रभाग भी शामिल होगा।
बंदरगाहों की सुरक्षा अवसंरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को बंदरगाह सुविधाओं के लिए रिकॉग्नाइज्ड सिक्योरिटी ऑर्गेनाइजेशन (आरएसओ) के रूप में नामित किया गया है। सीआईएसएफ बंदरगाहों का सुरक्षा मूल्यांकन करेगा और सुरक्षा योजनाएं तैयार करने की जिम्मेदारी निभाएगा।
इसके साथ ही सीआईएसएफ को बंदरगाहों की सुरक्षा में तैनात निजी सुरक्षा एजेंसियों को प्रशिक्षण देने और उनकी क्षमता निर्माण का कार्य भी सौंपा गया है। इन एजेंसियों को प्रमाणित किया जाएगा और यह सुनिश्चित करने के लिए उचित नियामक उपाय लागू किए जाएंगे कि इस क्षेत्र में केवल लाइसेंस प्राप्त निजी सुरक्षा एजेंसियां ही कार्य करें। बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि समुद्री सुरक्षा ढांचे से प्राप्त अनुभवों का उपयोग विमानन सुरक्षा क्षेत्र में भी किया जाएगा। 







 

 


भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 8 प्रतिशत बढ़कर 17 लाख करोड़ रुपए के पार

19-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष में अब तक (17 दिसंबर) 8 प्रतिशत बढ़कर 17.04 लाख करोड़ रुपए हो गया है। यह जानकारी सरकार की ओर से शुक्रवार को दी गई। आयकर विभाग की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि सरकार का कुल सकल कर संग्रह इस साल एक अप्रैल से लेकर 17 दिसंबर तक 20.01 लाख करोड़ रुपए रहा है। इसमें सालाना आधार पर 4 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।
चालू वित्त वर्ष में अब तक 2.97 लाख करोड़ रुपए का रिफंड जारी किया गया है। इसमें सालाना आधार पर 13.52 प्रतिशत की गिरावट आई है। शुद्ध प्रत्यक्ष कर में कॉरपोरेट टैक्स की हिस्सेदारी 8.17 लाख करोड़ रुपए रही है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 7.39 लाख करोड़ रुपए था।
इसमें नॉन-कॉरपोरेट टैक्स की हिस्सेदारी 8.46 लाख करोड़ रुपए थी, जो कि एक साल पहले समान अवधि में 7.96 लाख करोड़ रुपए थी। नॉन-कॉरपोरेट टैक्स में व्यक्तिगत कर और हिंदू अविभाजित परिवारों से वसूले जाने वाले कर को शामिल किया जाता है।
समीक्षा अवधि में सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) संग्रह 40,194.77 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पिछले साल की समान अवधि में 40,114.02 करोड़ रुपए था। चालू वित्त वर्ष में सरकार ने 25.20 लाख करोड़ रुपए के प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य रखा है, जो कि सालाना आधार पर 12.7 प्रतिशत अधिक है। इसके साथ वित्त वर्ष 26 में सरकार को 78,000 करोड़ रुपए का एसटीटी संग्रह होने का अनुमान है।
कर संग्रह में ऐसे समय पर इजाफा देखने को मिला है, जब आम बजट 2025 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई कर प्रणाली के तहत कर छूट की सीमा को बढ़ाकर 12 लाख रुपए कर दिया था। इससे बड़ी संख्या में आयकर दाताओं का राहत मिली है।

तीन देशों के दौरे के आखिरी पड़ाव में पीएम मोदी जाएंगे ओमान

18-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को सुल्तान हैथम बिन तारिक के निमंत्रण पर ओमान जाएंगे। यह पीएम मोदी की ओमान की दूसरी यात्रा होगी । भारत और ओमान के बीच व्यापक सामरिक भागीदारी है, जो सदियों पुरानी मित्रता, व्यापारिक संबंधों और जनता के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित है।
पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 70 वर्ष पूरे होने पर तथा ओमान के महामहिम सुल्तान के दिसंबर 2023 में भारत के राजकीय दौरे के बाद हो रही है। यह यात्रा दोनों पक्षों के लिए व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, कृषि और संस्कृति के क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय साझेदारी की व्यापक समीक्षा करने के साथ ही साथ क्षेत्रीय और वैश्विक हितों के मुद्दों पर वैचारिक आदान-प्रदान करने का अवसर प्रस्तुत करेगी।
पीएम मोदी अपने प्रवास के दौरान सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर व्यापक बातचीत करेंगे। उम्मीद है कि चर्चा में व्यापार और निवेश, ऊर्जा सहयोग, रक्षा और सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, कृषि और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल होंगे। दोनों नेता आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
यात्रा से पहले मीडिया को जानकारी देते हुए, विदेश मंत्रालय में सचिव (काउंसलर, पासपोर्ट और वीजा और प्रवासी भारतीय मामले) अरुण कुमार चटर्जी ने कहा कि यह फरवरी 2018 में अपनी पिछली यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी का ओमान का दूसरा दौरा होगा। उन्होंने समुद्री व्यापार और लोगों के बीच संबंधों के माध्यम से सदियों पुराने संपर्कों में निहित भारत-ओमान संबंधों की स्थायी प्रकृति पर जोर दिया।
चटर्जी ने कहा, “प्रधानमंत्री ओमान के महामहिम सुल्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे की व्यापक समीक्षा करेंगे और आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से एक बिजनेस फोरम में दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स को संबोधित करने की भी उम्मीद है, जिसका मकसद वाणिज्यिक और निवेश साझेदारी को मजबूत करना है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ओमान में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत करेंगे, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेंगे और ओमान के आर्थिक विकास में उनके योगदान को स्वीकार करेंगे। 
 

इथियोपिया में गूंजा ‘वंदे मातरम,’ पीएम मोदी ने कहा- यह भावुक करने वाला पल है

18-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो दिवसीय इथियोपिया के दौरे का बुधवार को दूसरा दिन है। इथियोपिया में पीएम मोदी का भव्य तरीके से स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें इथियोपिया के सर्वोच्च सम्मान से भी नवाजा गया।
मंगलवार को आयोजित इस डिनर पार्टी में पीएम मोदी का स्वागत वंदे मातरम गीत गाकर किया गया। डिनर के दौरान, इथियोपियाई संगीतकारों ने वंदे मातरम गाया। वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रधानमंत्री इस गीत का भरपूर आनंद ले रहे हैं। देखते ही देखते वह अपने दोनों हाथ उठाकर ताली बजाते हैं और कलाकारों की सराहना करते हैं।
बता दें, भारत में वंदे मातरम के राष्ट्रीय गीत के बनने के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा है। ऐसे में इस गीत का पीएम मोदी के स्वागत में गाया जाना और भी खास हो गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उस पल का एक वीडियो शेयर करते हुए, पीएम मोदी ने लिखा, “कल प्रधानमंत्री अबी अहमद अली द्वारा होस्ट किए गए बैंक्वेट डिनर में, इथियोपियाई संगीतकारों ने वंदे मातरम का एक शानदार गाना गाया। यह बहुत ही भावुक करने वाला पल था, वह भी ऐसे समय में जब हम वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को इथियोपिया पहुंचे थे। यह दौरा प्रधानमंत्री अबी अहमद के आमंत्रण पर हुआ, जो भारत-इथियोपिया रिश्तों की बढ़ती रणनीतिक और कूटनीतिक अहमियत को दिखाता है। प्रधानमंत्री मोदी के पहुंचने के तुरंत बाद दोनों नेताओं को एयरपोर्ट पर ही छोटी सी अनौपचारिक बातचीत करते देखा गया।
पीएम मोदी ने इसके लिए इथियोपिया की सरकार और वहां की जनता का आभार भी जताया है। इसके साथ ही उन्होंने अदीस अबाबा में अपने इथियोपियाई समकक्ष अबी अहमद अली द्वारा आयोजित एक डिनर पार्टी का एक दिल को छू लेने वाला पल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया। इस पल को ‘एक्स’ पर साझा करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, “अदीस अबाबा एयरपोर्ट पर, प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ एक पारंपरिक कॉफी सेरेमनी में हिस्सा लिया। यह सेरेमनी इथियोपिया की धनी विरासत को खूबसूरती से दिखाती है।”
इथियोपिया में भारतीय समुदाय के सदस्यों ने प्रधानमंत्री मोदी का अदीस अबाबा के होटल पहुंचने पर गर्मजोशी और जोश के साथ स्वागत किया। इस दौरान भारतीय पीएम ने प्रवासी भारतीयों से बातचीत की। पीएम मोदी की एक झलक देखने के लिए घंटों से इंतजार कर रहे प्रवासी भारतीयों ने भारतीय झंडे लहराए, “मोदी मोदी” और “भारत माता की जय” के नारे लगाए, और प्रधानमंत्री को फूल भी दिए।

पीएम मोदी ने एआई इम्पैक्ट और ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए इथियोपिया के प्रधानमंत्री को किया आमंत्रित

18-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली को एआई इम्पैक्ट समिट और ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार एआई इम्पैक्ट समिट और ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत 2026 में करने वाला है।
पीएम मोदी के इथियोपिया दौरे के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए, विदेश मंत्रालय के आर्थिक मामलों के सचिव सुधाकर दलेला ने कहा कि भारत 1 जनवरी, 2026 से एक साल के लिए ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता करेगा। दलेला ने बताया था कि प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने वाले हैं। यह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संसदीय जुड़ाव में एक अहम पल होगा।
वहीं, बुधवार को जब पीएम मोदी ने जब इथियोपिया की संसद को संबोधित किया तो उनका स्वागत सांसदों ने ताली बजाते हुए गर्मजोशी से किया। इस दौरान, प्रधानमंत्री ने इथियोपिया की संसद के स्पीकर और देश के कई सीनियर नेताओं के साथ बातचीत भी की। पीएम मोदी ने इससे जुड़ी तस्वीरों को सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर साझा किया और कहा कि इथियोपिया की संसद में अपने संबोधन के बाद इथियोपिया के मंत्रियों और सांसदों से बातचीत करके मुझे बहुत खुशी हुईसंसद में संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा, “आज आपके सामने खड़ा होना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। शेरों की धरती इथियोपिया में होना बहुत अच्छा लग रहा है। मुझे घर जैसा महसूस हो रहा है क्योंकि मेरा गृह राज्य गुजरात भी शेरों का घर है।”
उन्होंने कहा, “मैं देश के दिल में, लोकतंत्र के इस मंदिर में, पुरानी समझ और मॉडर्न उम्मीदों के साथ आकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं आपकी संसद, आपके लोगों और आपकी लोकतांत्रिक यात्रा के लिए गहरे सम्मान के साथ आपके पास आया हूं। भारत के 1.4 बिलियन लोगों की ओर से, मैं दोस्ती, सद्भावना और भाईचारे की शुभकामनाएं लाया हूं।”
वहीं इथियोपिया से मिले सर्वोच्च सम्मान को लेकर उन्होंने कहा, “मैं भारत के लोगों की ओर से हाथ जोड़कर, विनम्रता से यह सम्मान स्वीकार करता हूं।” उन्होंने कहा कि इथियोपिया इंसानी इतिहास की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है। यहां, इतिहास पहाड़ों, घाटियों और इथियोपिया के लोगों के दिलों में जिंदा है।
पीएम मोदी ने कहा, “आज, इथियोपिया इसलिए ऊंचा खड़ा है क्योंकि इसकी जड़ें गहरी हैं। इथियोपिया में खड़े होने का मतलब है वहां खड़ा होना, जहां अतीत का सम्मान किया जाता है, वर्तमान मकसद से भरा है, और भविष्य का खुले दिल से स्वागत किया जाता है। पुराने और नए का मेल, पुरानी समझ और आधुनिक सभ्यता के बीच संतुलन, यही इथियोपिया की असली ताकत है।”
 

हरित ऊर्जा की राह पर भारतीय रेलवे: 2,626 स्टेशनों पर 898 मेगावाट सौर ऊर्जा का उपयोग

18-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारतीय रेलवे ने स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस साल नवंबर तक रेलवे ने अपने कामकाज के लिए 898 मेगावाट सौर ऊर्जा संयत्र शुरू कर दिए हैं। साल 2014 में रेलवे सिर्फ 3.68 मेगावाट सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करता था, जो कि अब बढ़कर 898 मेगावाट हो गया है। इस दौरान सौर ऊर्जा का उपयोग करीब 244 गुना बढ़ गया है।
रेल मंत्रालय के मुताबिक, इस समय देश के 2,626 रेलवे स्टेशन सौर ऊर्जा का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे रेलवे के बिजली खर्च में कमी आ रही है और पर्यावरण को भी कम नुकसान हो रहा है। रेलवे ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में सौर ऊर्जा के उपयोग की रफ्तार और तेज हुई है। नवंबर तक 318 नए रेलवे स्टेशन सौर ऊर्जा नेटवर्क से जोड़े गए हैं। इसके साथ ही सौर ऊर्जा का उपयोग करने वाले स्टेशनों की कुल संख्या 2,626 हो गई है।
कुल शुरू की गई सौर ऊर्जा में से 629 मेगावाट का उपयोग ट्रेनों को चलाने के लिए किया जा रहा है। इससे सीधे तौर पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों को बिजली मिलती है। बाकी 269 मेगावाट ऊर्जा का उपयोग स्टेशन की लाइट, वर्कशॉप, सर्विस बिल्डिंग और रेलवे कॉलोनियों के लिए किया जा रहा है।
सौर ऊर्जा का यह संतुलित उपयोग सामान्य बिजली पर निर्भरता को कम करता है और रेलवे के कामकाज को ज्यादा बेहतर बनाता है
सौर ऊर्जा का यह संतुलित उपयोग सामान्य बिजली पर निर्भरता को कम करता है और रेलवे के कामकाज को ज्यादा बेहतर बनाता है। मंत्रालय के अनुसार, रेलवे स्टेशनों, इमारतों और रेलवे की जमीन पर लगाए गए सोलर प्लांट भारतीय रेलवे की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो रही है और प्रदूषण कम करने में मदद मिल रही है। ऐसे कदम यह दिखाते हैं कि भारतीय रेलवे 2030 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस बीच, भारतीय रेलवे की वंदे भारत एक्सप्रेस ने फरवरी 2019 में शुरू होने के बाद से भारत में रेल यात्रा की परिभाषा बदल दी है। आज देश के बड़े शहरों को जोड़ने वाली 164 वंदे भारत ट्रेन सेवाएं चल रही हैं।
यह ट्रेनें यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करती हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस की लोकप्रियता इस बात से समझी जा सकती है कि 2019 से अब तक 7.5 करोड़ से ज्यादा यात्री इस हाईटेक ट्रेन में सफर कर चुके हैं।
 

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में 1.46 लाख करोड़ रुपए निवेश, करीब 1.80 लाख रोजगार सृजन की उम्मीद: केंद्र

18-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) देश के 10 राज्यों में स्थापित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी 2.0) परियोजनाओं से करीब 1.80 लाख रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं में कुल 1,46,846 करोड़ रुपए के निवेश का अनुमान है। यह जानकारी सरकार की ओर से बुधवार को दी गई।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में बताया कि अब तक 11 ईएमसी परियोजनाओं और 2 कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। ये सभी परियोजनाएं कुल 4,399.68 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई हैं, जिनकी कुल परियोजना लागत 5,226.49 करोड़ रुपए है। इसमें से 2,492.74 करोड़ रुपए केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता के रूप में शामिल हैं।
इसके अलावा, ईएमसी 2.0 योजना के तहत प्रत्येक क्लस्टर में बिकने या किराए पर देने योग्य कुल क्षेत्र का कम से कम 10% हिस्सा रेडी बिल्ट फैक्ट्री (आरबीएफ) शेड के लिए आरक्षित किया गया है। मंजूर किए गए ईएमसी 2.0 पार्कों के अंतर्गत बनाए जा रहे रेडी बिल्ट फैक्ट्री शेड वर्तमान में निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं।
मंत्री ने बताया कि स्वीकृत ईएमसी में 123 भूमि आवंटियों (निर्माताओं) से अब तक 1,13,000 करोड़ रुपए के निवेश की प्रतिबद्धता प्राप्त हो चुकी है। इनमें से 9 यूनिट्स ने उत्पादन शुरू कर दिया है, जिनमें 12,569.69 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है और इससे 13,680 लोगों को रोजगार मिला है।
ईएमसी 2.0 योजना का एक स्वतंत्र प्रभाव मूल्यांकन एमएसएमई मंत्रालय के तहत कार्यरत राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम संस्थान द्वारा किया गया। मंत्री ने कहा कि मूल्यांकन में सामने आया है कि इस योजना से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हुआ है, सप्लाई चेन मजबूत हुई है, रेडी बिल्ट फैक्ट्री और प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, बेहतर और किफायती लॉजिस्टिक्स विकसित हुई है तथा बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। साथ ही, क्लस्टरों में कार्यरत लोगों के कौशल विकास में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
गौरतलब है कि सरकार ने अप्रैल 2020 में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी 2.0) योजना की घोषणा की थी। इस योजना का उद्देश्य देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देना है। इसके तहत ग्रीनफील्ड (नई) और ब्राउनफील्ड (मौजूदा) दोनों प्रकार के क्लस्टरों को वित्तीय सहायता प्रदान कर विश्वस्तरीय इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। 



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