
काठमांडू/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। नेपाली उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली नीत सरकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। न्यायालय ने कहा कि वह संसद को अचानक भंग करने के अपने निर्णय के संबंध में लिखित स्पष्टीकरण पेश करे। 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा को भंग करने के सरकार के फैसले के खिलाफ दायर रिट याचिकाओं पर प्रधान न्यायाधीश चोलेंद्र शमशेर राणा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद नोटिस जारी किया। पीठ ने प्रधानमंत्री कार्यालय और राष्ट्रपति कार्यालय से लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा क्योंकि सभी रिट याचिकाओं में उन्हें प्रतिवादी बनाया गया है। न्यायालय ने सदन को भंग करने के लिए सरकार द्वारा की गई सिफारिशों की मूल प्रति भी पेश करने को कहा है। पांच सदस्यीय पीठ में न्यायमूर्ति बिश्वंभर प्रसाद श्रेष्ठ, न्यायमूर्ति तेज बहादुर केसी, न्यायमूर्ति अनिल कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति हरि कृष्ण कार्की शामिल हैं। प्रधान न्यायाधीश राणा की एकल पीठ ने बुधवार को सभी रिट याचिकाओं को संवैधानिक पीठ को सौंप दिया था। संसद को भंग करने के सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए कुल 13 रिट याचिकाएं उच्चतम न्यायालय में दायर की गयी हैं। इस बीच, सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के दोनों धड़ों के बीच पार्टी पर नियंत्रण को लेकर टकराव तेज होने के बीच प्रधानमंत्री ओली ने शुक्रवार शाम को कैबिनेट की बैठक बुलाई है। सूत्रों के अनुसार संभावना है कि प्रचंड नीत धड़े के सात मंत्रियों के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल में फेरबदल कर सकते हैं। ओली मंत्रिमंडल में अब 18 सदस्य हैं जिनमें मंत्री और राज्य मंत्री शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि प्रधान मंत्री ओली की सिफारिश पर रविवार को राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी द्वारा प्रतिनिधि सभा भंग करने तथा मध्यावधि चुनाव की तारीखों की घोषणा करने के बाद नेपाल में राजनीतिक संकट पैदा हो गया। इस फैसले का नेपाली कांग्रेस सहित विभिन्न दलों ने विरोध किया है।

00 स्वास्थ्य मंत्री ने स्थिति को नियंत्रण में बताया
लंदन/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। दो दिसंबर ब्रिटेन में चरणबद्ध लॉकडाउन लागू करने को मंजूरी देने के लिए देश की संसद के निचले सदन `हाउस ऑफ कॉमंस` में मंगलवार को मतदान हुआ। देश के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि ब्रिटेन में कोरोना वायरस से पैदा हालात अब ``नियंत्रण में हैं``, लेकिन काफी सावधानी बरतने की जरूरत है। चरणबद्ध लॉकडाउन मध्यरात्रि से लागू होगा। इस प्रस्ताव के पक्ष में 291 वोट पड़े, जबकि 78 वोट इसके खिलाफ पड़े। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ `कंजर्वेटिव पार्टी` के कई सांसदों ने इस प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया।
इससे पहले, ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैंकॉक ने लॉकडाउन का समर्थन नहीं करने वालों को अपने पक्ष में करने का प्रयास करते हुए सोमवार को डाउनिंग स्ट्रीट पर प्रेस वार्ता में कहा था कि फिलहाल जारी देशव्यापी लॉकडाउन बुधवार को समाप्त हो रहा है, ऐसे में क्षेत्रीय स्तर पर चरणबद्ध लॉकडाउन की प्रणाली होना आवश्यक है।
हैंकॉक ने कहा-हम थोड़ी नरमी बरत सकते हैं लेकिन खुली छूट नहीं दे सकते। हमने एनएचएस पर दबाव को कम कर दिया है, हमने कोरोना वायरस संक्रमण के मामले कम कर लिए हैं, हमने संक्रमण को नियंत्रण में कर लिया है। हम सभी के एकजुट प्रयास का अर्थ है कि बुधवार से इंग्लैंड में सभी लोग, यहां तक कि तीसरी श्रेणी में आने वाले लोगों को भी छूट मिलेगी, लेकिन हम बहुत ज्यादा छूट देने की स्थिति में नहीं हैं।
नयी प्रणाली में क्षेत्रों को तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा... मध्यम, उच्च और अति उच्च। इंग्लैंड के ज्यादातर क्षेत्रों के उच्च और अति-उच्च श्रेणी में रहने की संभावना है। ब्रिटेन के स्वास्थ्य एवं समाज सेवा विभाग ने सोमवार को बताया कि देश में संक्रमण के 12,330 नए मामले सामने आए। ब्रिटेन में कोविड-19 संक्रमण से मरने वालों की संख्या 58,448 हो गई है।

राष्ट्रीय (शोर सन्देश)। कांग्रेस के नेता अहमद भाई पटेल के निधन के बाद से कांग्रेस कोषाध्यक्ष पद के लिए कवायद शुरू हो गई है। लेकिन कांग्रेस के सामने अब अहम सवाल यह है कि कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाए? कांग्रेस में अध्यक्ष के बाद सबसे अहम पद कोषाध्यक्ष माना जाता है, इस कारण पार्टी इस मामले पर जल्द फैसला लेना चाहती है। इसकी सबसे बड़ी वजह अगले साल होने वाले पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव हैं। इनमें पश्चिम बंगाल और असम सबसे महत्वपूर्ण हैं।
कोषाध्यक्ष पद के लिए इनके नामों की है चर्चा
कांग्रेस कोषाध्यक्ष के पद के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल और मिलिंद देवड़ा के नाम सबसे आगे हैं।
.तो गड़बड़ा जाएगा सत्ता का गणितइस पद के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विश्वासपात्र हो सकते हैं किंतु ऐसी कम ही संभावना है कि वे मुख्यमंत्री पद छोड़ेंगे। साथ ही उन्हें दिल्ली आने से राजस्थान में सत्ता का गणित भी गड़बड़ा सकता है।

काबुल/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। अफगानिस्तान के बमियान प्रांत में मंगलवार को सड़क के किनारे छिपाकर रखे गए बम में विस्फोट होने से एक यातायात पुलिस कर्मी समेत 14 लोगों की मौत हो गयी और 45 लोग घायल हो गए। यह घटना ऐसे वक्त हुई है जब सरकारी वार्ताकार और तालिबान के प्रतिनिधि दशकों से चल रही जंग को खत्म करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता तारिक एरियन ने बताया कि बमियान प्रांत के बमियान शहर में दोपहर में हुए विस्फोट में 45 लोग घायल हो गए। धमाके में कई दुकानें और गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गयी। बमियान प्रांत के पुलिस प्रमुख के प्रवक्ता मोहम्मद रजा यूसुफी ने बताया कि लगातार दो धमाके हुए। किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने बताया कि उनका समूह इस घटना में संलिप्त नहीं था।
00 IS से संबंध समूह ने हालिया हमलों की जिम्मेदारी ली है वहीं इस्लामिक स्टेट (आईएस) से संबद्ध संगठन ने देश में अल्पसंख्यक शिया मुसलमानों के खिलाफ जंग की घोषणा की है और बमियान में ज्यादातर शिया आबादी रहती है। आईएस से संबद्ध समूह ने अफगानिस्तान में हालिया हमलों की जिम्मेदारी ली है। पिछले दिनों एक शैक्षणिक संस्थान में हमले में 50 लोग मारे गए थे। इनमें अधिकतर छात्र थे। बता दें कि अमेरिका ने इस साल पूर्व में एक महिला अस्पताल पर हमले के लिए आईएस से संबद्ध समूह को जिम्मेदार ठहराया था जिसमें 24 माताओं और उनके बच्चों की मौत हो गयी थी।

कोलकाता (शोर सन्देश)। पश्चिम बंगाल में भले ही साल 2021 में विधानसभा चुनाव है, मगर सियासी सरगर्मी अभी से ही तेज हो गई है। बांकुड़ा में एक रैली को संबोधित करते हुए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है और उसे राष्ट्र का अभिशाप बताया है। ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी को गिरफ्तार करने की चुनौती देते हुए कहा कि अगर भाजपा में हिम्मत है, तो मुझे गिरफ्तार कराए। मैं जेल से भी चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करूंगी। बांकुड़ा में एक रैली में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा, पार्टी बदलने के लिए तृणमूल कांग्रेस के विधायकों को पैसों का लाालच दे रही है। भाजपा झूठ का पुलिंदा, राष्ट्र का सबसे बड़ा अभिशाप है। गौरतलब है कि 294 विधानसभा सीटों वाले राज्य पश्चिम बंगाल में अगले साल अप्रैल-मई में चुनाव होने हैं। भाजपा द्वारा टीएमसी विधायकों को रिश्वत देने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोग सट्टेबाजों की तरह काम कर रहे हैं, और वो इस भ्रम में हैं कि भगवा पार्टी सत्ता में आ सकती है। बता दें कि कोरोना काल में ममता बनर्जी की यह पहली सार्वजनिक रैली थी। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा एक राजनीतिक दल नहीं है लेकिन झूठ का पुलिंदा है। जब भी चुनाव आता है वे टीएमसी नेताओं को डराने के लिए नारद (स्टिंग ऑपरेशन) और सारदा (घोटाला) का मुद्दा उठा लेते हैं। मगर मैं उन्हें बहुत स्पष्ट रूप से बताती हूं कि मैं भाजपा या उसकी किसी एजेंसी से डरती नहीं हूं। अगर उनके पास हिम्मत है, तो वे मुझे गिरफ्तार कर सकते हैं और मुझे सलाखों के पीछे डाल दें। मैं जेल से ही चुनाव लड़ूंगी और टीएमी की जीत सुनिश्चित करूंगी।

पटना (शोर सन्देश)। बिहार के शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी ने इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने लगातार उठ रहे आपराधिक मुकदमे वाले विधायक को शिक्षा मंत्री बनाने के आरोपों के चलते अपने पद से इस्तीफा दिया है। बिहार सरकार में जदयू कोटे से डॉ. मेवालाल चौधरी को मंत्री बनाये जाने को लेकर मुख्य विपक्षी दल राजद सहित विभिन्न दलों ने बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरा और मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की जिन्हें पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पार्टी से निलंबित भी किया गया था। राजद नेता तेजस्वी यादव ने सवाल किया कि असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में आरोपी चौधरी को शिक्षा मंत्री बनाकर क्या भ्रष्टाचार करने का ईनाम एवं लूटने की खुली छूट प्रदान की है? तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर आरोप लगाया, `भ्रष्टाचार के अनेक मामलों में भगौडे आरोपी को शिक्षा मंत्री बना दिया।` उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, `कुर्सी की ख़ातिर अपराध, भ्रष्टाचार और साम्प्रदायिकता पर मुख्यमंत्री प्रवचन जारी रखेंगे।` राजद नेता ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति और भवन निर्माण में भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में भारतीय दंड संहित की धारा 409,420,467, 468,471 और 120ब के तहत आरोपी मेवालाल चौधरी को शिक्षा मंत्री बनाकर क्या भ्रष्टाचार करने का ईनाम एवं लूटने की खुली छूट प्रदान की है?

दिल्ली (शोर सन्देश)। केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक संजय कुमार मिश्रा का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है। 13 नवंबर को वित्त मंत्रालय के एक आदेश में कहा गया, `राष्ट्रपति ने मिश्रा को प्रधान विशेष निदेशक के पद पर तीन साल के लिए नियुक्त किया है, जो कि उनको पदभार देने की तारीख से मानी जाएगी।`
1984 बैच के आईआरएस अधिकारी मिश्रा को दो साल की अवधि के लिए 19 नवंबर, 2018 को ईडी का निदेशक नियुक्त किया गया था। वह इस साल 18 नवंबर को रिटायर होने वाले थे।

दिल्ली (शोर सन्देश). प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल की तरह इस बार भी सैनिकों के बीच दिवाली मनाई. पीएम मोदी इस बार जैसलमेर बॉर्डर पर पहुंचे. यहां उन्होंने जवानों के साथ दिवाली मनाई, उनका हौसला बढ़ाया और दुश्मन देशों पर करारा प्रहार भी किया. इसके साथ ही पीएम मोदी टैंक पर भी सवार हुए.
लोंगेवाला पोस्ट पर जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विस्तारवादी ताकतों को जमकर लताड़ लगाई. पीएम ने कहा कि विस्तारवाद 18वीं शताब्दी की सोच है, इस सोच में मानसिक विकृति है और इससे पूरी दुनिया परेशान है.
चीन पाकिस्तान का नाम लिए बिना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत यूं तो समझने और समझाने में यकीन रखता है, लेकिन अगर किसी ने भारत को आजमाने की कोशिश की तो जवाब प्रचंड मिलेगा.
भारत-पाकिस्तान के बीच अभूतपूर्व युद्ध का गवाह रहे और भारतीय सैनिकों के अदम्य शौर्य का प्रतीक लोंगेवाला बॉर्डर पर सैनिकों को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज दुनिया ये जान रही है, समझ रही है कि ये देश अपने हितों से किसी भी कीमत पर रत्ती भर भी समझौता करने वाला नहीं है.
सैनिकों का उत्साहवर्धन करते हुए पीएम ने कहा कि भारत का ये रुतबा, ये कद आपकी शक्ति और आपके पराक्रम के ही कारण है. आपने देश को सुरक्षित किया हुआ है इसीलिए आज भारत वैश्विक मंचों पर प्रखरता से अपनी बात रखता है. पीएम मोदी ने कहा कि सीमा पर रहकर आप जो त्याग करते हैं, तपस्या करते हैं, वो देश में एक विश्वास पैदा करता है. ये विश्वास होता है कि मिलकर बड़ी से बड़ी चुनौती का मुकाबला किया जा सकता है.

चंडीगढ़ (शोर सन्देश)। कृषि कानून को लेकर पंजाब में किसानों का आंदोलन जारी है। किसानों के आंदोलन का सबसे ज्यादा असर ट्रेनों पर पड़ा है। उत्तर रेलवे की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक आंदोलन के चलते जहां 41 ट्रेनों को रद्द कर दिया है, तो वहीं 11 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट कर दिया गया है। रद्द होने वाली ज्यादातर ट्रेनें नई दिल्ली-कटरा रूट की हैं। ट्रेनों के रद्द होने से ट्रेन से जाने वाले यात्री काफी परेशान हैं। इससे पहले रेलवे ने किसानों के आंदोलन के चलते 28 ट्रेनों को रद्द किया था।
पंजाब में किसान केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीन कृषि कानून को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पिछले महीने ही पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पास कर विधानसभा की ओर से लाए गए तीन नए बिल पास कर दिए गए। बाद में इन तीनों बिल को मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्यपाल को सौंपा गया। इसी महीने 4 नवंबर को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राज्य में 24 सितंबर से रेलवे की ओर से मालगाड़ी सेवा को निलंबित करने के खिलाफ दिल्ली के जंतर मंतर में धरना दिया।
बता दें कि पंजाब ऐसा पहला राज्य है, जिसने केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पास किया है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि केंद्र से लाए गए कृषि कानून से किसानों को फायदा नहीं होगा और उन्हें ज्यादा नुकसान होगा। साथ ही इससे राज्य की अर्थव्यवस्था के साथ कृषि चौपट हो जाएगी। पंजाब में कांग्रेस के अलावा कई और पार्टियां भी इन कानूनों का विरोध कर रही हैं। कृषि कानून को लेकर एनडीए की पुरानी सहयोगी रही शिरोमणि अकाली दल पहले ही सरकार से अलग हो चुकी हैं। पंजाब के बाद इन हरियाणा में कृषि कानून का विरोध हो रहा है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। मौजूदा वक्त में चीन के साथ लद्दाख में भारत का विवाद जारी है। इसके अलावा पाकिस्तान भी आए दिन सीमा और एलओसी पर नापाक हरकत करता रहता है। दो देशों से विवाद के बीच भारत लगातार अपनी सुरक्षा को और मजबूत कर रहा है, ताकी वक्त आने पर दुश्मन को कड़ा जवाब दिया जा सके। इस बीच शुक्रवार को डीआरडीओ को बड़ी कामयाबी मिली, जहां क्विक रिएक्शन सर्फेस टू एयर मिसाइल (Quick Reaction Surface to Air Missile) का सफल परीक्षण हुआ।
30KM दूर स्थित टारगेट को किया हिट
जानकारी के मुताबिक डीआरडीओ ने जमीन से हवा में मार करने वाली एक मिसाइल को विकसित किया है, जो दुश्मन पर तेजी से हमला करती है। इस वजह से इसे क्विक रिएक्शन सर्फश टू एयर मिसाइल कहा जा रहा है। शुक्रवार को ओडिशा के बालासोर तट पर इस मिसाइल को लॉन्च किया गया। जिसने 25-30 किलोमीटर दूर स्थित अपने टारगेट का सफलतापूर्वक भेद दिया। इस दौरान हाईटेक उपकरणों से मिसाइल की निगरानी हुई। डीआरडीओ अधिकारियों के मुताबिक मिसाइल सभी मानकों पर खरी उतरी है।
6 कैनिस्टराइज्ड मिसाइल की क्षमता
डीआरडीओ के मुताबिक मिसाइल सिंगल-स्टेज-सॉलिड-प्रोपलेंट रॉकेट मोटर से चलती है, जो पूरी तरह से भारत में विकसित किया गया है। इसके अलावा मिसाइल परिवहन के लिए कैनिस्टराइज्ड है और मोबाइल लॉन्चर का उपयोग करने में सक्षम है। अभी इसकी क्षमता 6 कैनिस्टराइज्ड मिसाइलों को ले जाने की है। वहीं रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इसे डीआरडीओ की बड़ी सफलता बताई है। साथ ही इसके लिए डीआरडीओ की पूरी टीम को बधाई दी।
पिनाका का भी सफल परीक्षण
नवंबर की शुरूआत में भी डीआरडीओ के हाथ बड़ी कामयाबी लगी थी, जहां 4 तारीख को स्वदेशी तकनीक से निर्मित पिनाका एमके-I रॉकेट गाइडेड रॉकेट लांच सिस्टम के अपडेट वर्जन का सफल परीक्षण हुआ था। इस दौरान परीक्षण के लिए तय किए गए सभी मानक सफलतापूर्वक हासिल किए गए। इस टेस्ट में 6 रॉकेट को एक सीरीज में लॉन्च किया गया। सभी रॉकेट अपना तय लक्ष्य भेदने में सफल रहे। परीक्षण के दौरान ओडिशा के चांदीपुर के रक्षा क्षेत्र में रडार इलेक्ट्रो ऑप्टिकल सिस्टम और टेलीमेट्री सिस्टम ने राकेट के पूरे मार्ग की निगरानी की।