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देश-विदेश

*भारत से आने वाले यात्रियों पर अब इस देश ने लगाई पाबंदी*

01-May-2021

 00 नियमों का उल्लंघन किया तो जाएंगे जेल
सिडनी/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। भारत में कोरोना संक्रमण के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी जारी है। इसे देखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने भारत से आने वाले यात्रियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों को जेल भेजा जाएगा। साथ ही, जुर्माना भी लगाया जाएगा। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि लगातार कोरोना मरीजों और कोविड से होने वाली मौतों में बढ़ोतरी को देखते हुए भारतीय पर्यटक और भारत में रह रहे ऑस्ट्रेलियाई नागरिक जो यहां लौटना चाहते हैं, उनके ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश करने पर पाबंदी लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि यह शुक्रवार को लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों का ही हिस्सा है। बता दें कि आस्ट्रेलियाई सरकार ने शुक्रवार को भारत से आने जाने वाली सभी उड़ानों को भी 15 मई, 2021 तक के लिए स्थगित कर दिया था। ऑस्ट्रेलिया की वजह से लगाए गए इस ताजा प्रतिबंध के बाद कई नागरिक और बड़े क्रिकेट खिलाड़ी भारत में फंस गए हैं।  ऑस्ट्रेलियाई स्वास्थ्य मंत्री ग्रेग हंट ने बताया कि नए प्रतिबंध तीन मई से प्रभावी होंगे। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों को पांच साल की जेल और भारी जुर्माना भरा होगा। 
00 अमेरिका ने भारत से आवाजाही रोकी
भारत में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए अमेरिका ने 4 मई से भारत से आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अमेरिकी सरकार ने सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन की सिफारिश पर ये फैसला लिया है। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जेन साकी ने बताया कि भारत में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ने और कई तरह के वेरिएंट पाए जाने के बाद ये फैसला लिया गया है। 
00 इन देशों ने लगाए प्रतिबंध
नीदरलैंड, कनाडा, ब्रिटेन, सऊदी अरब, न्यूजीलैंड, कुवैत, ओमान, जर्मनी, हांगकांग, सिंगापुर और ईरान जैसे एक दर्जन देशों ने भारत से आने जाने वाली उड़ानों पर पहले से ही रोक लगा रखी है। इसके अलावा इस्राइल समेत कई देशों ने अपने यात्रियों के लिए भारत की यात्रा न करने करने के लिए एडवाइजरी जारी की है। 


*कोरोना से लड़ने भारत को मिला विदेशों का साथ कनाडा देगा 10 मिलियन डॉलर*

28-Apr-2021

टोरंटो/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर खतरनाक रूप से चुकी है और लाखों लोगों को रोजाना संक्रमित कर रही है। देश में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस के 3.60 लाख से ज्यादा मामले सामने आए, वहीं पहली बार एक दिन में तीन हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई। इसी बीच कनाडा की अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री करीना गुल्ड ने एलान किया कि कोरोना की लड़ाई के बीच कनाडा भारत को दस मिलियन डॉलर की मदद करेगा।  कनाडा की अंतर्राष्ट्रीय विकास मंत्री करीना गोल्ड ने घोषणा की कि कनाडा भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की COVID19 स्थिति में भारत की प्रतिक्रिया का समर्थन करने के लिए रेड क्रॉस को मानवीय सहायता के लिए 10 मिलियन डॉलर की सहायता प्रदान कर रहा है।


*कैरेबियाई द्वीप में फटा ज्वालामुखी इलाके में राख की बारिश*

10-Apr-2021

00 6किमी ऊपर तक उड़े अवशेष
सेंट विंसेंट/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कैरेबियाई द्वीप सेंट विंसेंट पर दशकों से निष्क्रिय पड़े ला सॉफरीयर ज्वालामुखी में धमाका हो गया। शुक्रवार को हुई यह घटना इतनी भायनक थी की आसपास के क्षेत्र में राख का बारिश सी हो गई। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि स्थानीय लोगों को भागकर अन्य स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। हालांकि, सरकार ने भी उन्हें क्षेत्र खाली करने और सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा था। सेंट विंसेंट और द ग्रेनेडाइंस की सबसे ऊंची चोटी माने जाने वाले ला सॉफरियर में कई शक्तिशाली धमाके हुए। ज्वालामुखी में हुआ इस धमाके की वजह से गर्म राख और धुआं हवा में 6 हजार मीटर की ऊंचाई तक फैल गए। यह जानकारी स्थानीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी ने दी है। यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्ट सीजमिक रिसर्च सेंटर ने कहा कि इसके बाद शुक्रवार दोपहर हुए एक अन्य धमाके में 4 हजार मीटर की ऊंचाई पर राख के बादल जम गए। नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन ने ट्विटर पर कहा `रेड और ऑरेंज जोन में मौजूद लोगों को बाहर निकाला जाना जारी है। ज्यादा राख गिरने की वजह से प्रक्रिया कुछ हद तक प्रभावित हुई है, क्यों यहां द्रश्यता काफी ज्यादा खराब है।` मामले से जुड़े कई वीडियो सामने आ रहे हैं, जिनमें नजर आ रहा है कि लोग अपना सामान लेकर सड़कों पर निकल रहे हैं। एक दूसरे वीडियो में एक युवक कहता हुआ नजर आ रहा है कि लोगों के घरों पर पत्थर गिर रहे हैं। प्रधानमंत्री राल्फ गोंजाल्वेस ने नेशनल रेडियो के जरिए लोगों से इलाके से हटने की अपील की है। उन्होंने लोगों से ज्वालामुखी के रेड जोन को छोड़ने की बात कही है। साथ ही यह जानकारी भी दी गई है कि इलाके बचकर बाहर निकल रहे लोगों के लिए 800 होटल के कमरे तैयार किए गए हैं। 4049 फीट का यह ज्वालामुखी 1979 के बाद से ही नहीं फटा था. वहीं, 1902 में हुए धमाके में 1 हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी।


*13 घंटे चली भारत-चीन के बीच 11वीं कोर कमांडर वार्ता*

10-Apr-2021

 00 पूर्वी लद्दाख के बाकी क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी पर जोर
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। भारत और चीन के बीच 11वीं कोर कमांडर-स्तर की वार्ता करीब 13 घंटे चलने के बाद कल रात को 11:30 बजे पूरी हुई। भारत और चीन ने गोगरा हाइट्स, हॉट स्प्रिंग्स और देपसांग मैदानों सहित बाकी बचे फ्रिक्शन पॉइंट से डिसइंगेजमेंट पर चर्चा की। भारत ने गतिरोध वाले इन हिस्सों से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इससे पहले दसवें दौर की सैन्य वार्ता 20 फरवरी को हुई थी। इससे दो दिन पहले दोनों देशों की सेनाएं पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से अपने-अपने सैनिक और हथियारों को पीछे हटाने पर राजी हुईं थीं। वह वार्ता करीब 16 घंटे चली थी। शुक्रवार को हुई वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई लेह स्थित 14 वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पी जी के मेनन ने की।
00 भारत को सीमा पर अब भी खतरा
पिछले महीने थल सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने कहा था कि पैंगोग झील के आसपास के इलाके से सैनिकों के पीछे हटने से भारत को खतरा `कम` तो हुआ है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। भारत और चीन की सेनाओं के बीच पिछले साल पैंगोंग झील के आसपास हुई हिंसक झड़प के चलते गतिरोध पैदा हो गया, जिसके बाद दोनों पक्षों ने धीरे-धीरे अपने हजारों सैनिकों की उस इलाके में तैनाती की थी। कई दौर की सैन्य और राजनयिक स्तर की वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने फरवरी में पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी हिस्से से सैनिकों और हथियारों को पूरी तरह पीछे हटाने पर सहमति जतायी थी।


*कोरोना की तीसरी लहार : राष्ट्रपति ने दिया देशव्यापी लॉकडाउन का आदेश*

01-Apr-2021

 00 तीन सप्ताह तक बंद रहेंगे स्कूल
नई दिल्ली/पेरिस (वीएनएस)। फ्रांस में कोरोना की तीसरी लहर ने सरकार को देशव्यापी लॉकडाउन लगाने को मजबूर कर दिया है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार को देशव्यापी लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया और कहा कि स्कूलों को तीन सप्ताह के लिए बंद कर दिया जाए ताकि कोविड-19 संक्रमण की तीसरी लहर को पीछे धकेलने में मदद मिले, नहीं तो तीसरी लहर अस्पतालों पर भी भारी पड़ सकता है। इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि `अगर अभी हमने अभी ठोस कदम नहीं उठाया तो हम कोरोना पर नियंत्रण खो देंगे।`
00 चार सप्ताह का देशव्यापी लॉकडाउन
इमैनुएल मैक्रों ने शनिवार से चार सप्ताह का देशव्यापी लॉकडाउन लगाने की घोषणा की है। टेलीविजन पर प्रसारित एक संदेश में उन्होंने कहा कि इस दौरान केवल जरूरी सामान की दुकानों को खुलने की इजाजत होगी और लोगों को दफ्तरों की बजाय घर से काम करना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि इस दौरान सार्वजनिक सभाओं पर पूरी तरह रोक होगी। बिना उचित कारण के अपने घरों से 10 किलोमीटर से अधिक दूर जाने पर भी रोक होगी। अगले सप्ताह से स्कूलों को भी तीन सप्ताह के लिए बंद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान पड़ने वाले इस्टर शुक्रवार के दिन लोगों को इजाजत होगी कि लॉकडाउन के दौरान जहां रहना चाहते हैं वहां जा सकते हैं। मैक्रों ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं लेकिन इस पर काबू पाना अभी मुश्किल नहीं है, ऐसे में लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के डैशबोर्ड के अनुसार, फ्रांस में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 46.46 लाख पहुंच चुका है जबकि यहां कोराना वायरस से अब तक 95,502 लोगों की मौत हो चुकी है। देश में फिलहाल 5,000 लोग कोरना के कारण आईसीयू में भर्ती हैं। हाल के दिनों में यहां ब्रिटेन के नए वेरिंएट के कोरोना वायरस के कारण संक्रमण के मामलों में तेजी आई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 31 मार्च को यहां एक दिन में संक्रमण के 29,575 मामले दर्ज किए गए। वहीं 28 मार्च को 41,682 और 29 मार्च को 37,014 मामले दर्ज किए गए थे।
00 जर्मनी में भी हालात खराब
वहीं जर्मनी में भी कोरोना वायरस से हालात खराब होते जा रहे हैं। यहां फिर से 14 दिनों के सख्त लॉकडाउन लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। जर्मन स्वास्थ्य मंत्री जेंस स्पैन ने कहा कि महामारी नियंत्रण पाने के लिए देश में 10 से 14 दिनों का लॉकडाउन जरूरी है।
जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के चीफ ऑफ स्टाफ हेग ब्राउन ने भी देश में कोरोना के हालात को लेकर चिंता जताई है। ब्राउन ने कहा, हम इस समय सबसे खतरनाक फेज से गुजर रहे हैं। हमें अगले कुछ हफ्तों में कोरोना पर काबू पाना होगा।
ब्राउन ने कहा, अगले कुछ हफ्ते यह निर्धारित करेंगे कि क्या हम महामारी पर नियंत्रण पा सकते हैं या नहीं? अगर संक्रमण ऐसे ही बढ़ता रहा, तो कोरोना के नए स्ट्रेन का खतरा भी बढ़ जाएगा और शायद इससे वैक्सीन के प्रभाव पर भी असर पड़ेगा। अगर ऐसा हुआ, तो हमें नई वैक्सीन की जरूरत होगी और हमें वैक्सीनेशन प्रोग्राम फिर से शुरू करना होगा। ब्राजील में हालात दिन-पर-दिन बिगड़ते जा रहे हैं।


*खत्म हुआ स्वेज नहर में ट्रैफिक जाम मालवाहक पोत निकलने के बाद खुला जलमार्ग*

30-Mar-2021

 00 23 मार्च से फंसा था मालवाहक पोत `एवर गिवेन`, जाम हटने में लगेंगे 10 दिन
काहिरा/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। मिस्र की स्वेज नहर में लगभग एक सप्ताह से फंसे विशालकाय मालवाहक पोत को अंततः सोमवार को निकाल लिया गया जिसके बाद विश्व के सबसे अहम जलमार्गों में से एक पर आया संकट समाप्त हो गया। पोत के फंसे होने से समुद्री परिवहन में प्रतिदिन अरबों डॉलर का नुकसान हो रहा था। रेतीले किनारे पर अटके `एवर गिवेन` नामक पोत को निकालने में कई `टगबोट` का इस्तेमाल किया गया जहां वह 23 मार्च से फंसा हुआ था। विश्लेषकों का मानना है कि रुके हुए सभी पोतों को निकालने में 10 दिन का समय लग सकता है।
पोत को निकालने के लिए `बोस्कालिस` कंपनी की सहायता ली गई। कंपनी के सीईओ पीटर बरडोस्की ने कहा, `हमने उसे निकाल लिया। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे विशेषज्ञों के दल ने स्वेज नहर प्राधिकरण के सहयोग से एवर गिवेन को सफलतापूर्वक जल के बीच में दोबारा लाने में कामयाबी हासिल की है। इसके बाद स्वेज नहर में आवागमन बहाल हो गया।` स्वेज नहर प्राधिकरण के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल ओसामा रबेई ने कहा कि नहर में स्थानीय समयानुसार शाम छह बजे आवागमन बहाल हुआ।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले पशुओं को ढोने वाले पोतों को जाने दिया गया। स्वेज शहर के तट पर फंसे कंटेनर लदे पोतों को लाल सागर में जाते देखा गया। रबेई ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मंगलवार सुबह तक 420 में से 113 पोतों को निकाल दिया जाएगा जो एवर गिवेन के फंसने के कारण रुके थे।


*3 घंटे तक बाइक सवार उग्रवादियों ने बरसाई गोलियां, 137 को उतारा मौत के घाट*

23-Mar-2021

 

00 राष्ट्रपति के कार्यभार ग्रहण करने के पहले खौफनाक आतंकी हमला
नियामी/नई दिल्ली (शोर सन्देश) पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजर से आतंक की भयावह खबर सामने आई है। माली से लगी नाइजर की अशांत सीमा के पास स्थित गांवों में रविवार को बाइक सवार कुछ बंदूकधारियों ने कोहराम मचा डाला। जानकारी के अनुसार हमलावरों ने तीन घंटे में 137 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इतना ही नहीं, हमलावरों ने वहां कई घरों को आग के हवाले कर दिया। भीड़ पर अंधाधुंध बरसाई गई गोलियों की इस घटना को सरकार ने हाल ही में हुई सबसे घातक हिंसा करार दिया।  हमलावर बड़ी संख्या में थे और बाइक पर सवार थे। सरकार के प्रवक्ता अब्दुर्रहमाने जकरिया ने इस हमले की पुष्टि सोमवार को की। नाइजर की संवैधानिक अदालत ने इसी दिन मोहम्मद बजूम की चुनाव में जीत की पुष्टि भी की थी। नाइजर में चुनाव फरवरी में हुए थे। बजूम देश के नए राष्ट्रपति होंगे। वह दो अप्रैल को राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालेंगे।
गौरलतब है कि जनवरी में देश के पश्चिम में स्थित तोंकम्बंगौ और जरौमदारे गांव में भी हमला किया गया था, जिसमें कम से कम 100 लोग मारे गए थे। उस दिन नाइजर ने 21 फरवरी को राष्ट्रपति चुनाव कराए जाने की घोषणा की थी। वहीं, करीब एक सप्ताह से भी कम पहले हुए हमले में कम से कम 66 लोग मारे गए थे।
नाइजर में हाल ही में हुए हमलों की किसी आतंकवादी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है। स्थानीय अधिकारियों ने पहले करीब 60 लोगों की मौत की पुष्टि की थी, लेकिन अब वहां की सरकार ने बताया कि इस हमले में 137 लोग मारे गए हैं।  ध्यान देने वाली बात है कि पश्चिमी नाइजर क्षेत्रों में बीते कुछ सालों से आतंकी गतिविधियां काफी बढ़ी हैं। अभी बीते सप्ताह भी कुछ संदिग्ध आतंकियों ने करीब 66 लोगों की हत्या कर दी थी। इन इलाकों में सिर्फ आम नागरिकों पर ही नहीं बल्कि सुरक्षाबलों पर भी हमले किए गए।  


*रोहिंग्या शरणार्थी शिविर में लगी भीषण आग, हजारों बेघर*

23-Mar-2021

ढाका/नई दिल्ली (शोर सन्देश) दक्षिणी बांग्लादेश के रोहिंग्या शरणार्थी शिविर में सोमवार को भीषण आग लगने से सैंकड़ों आश्रय स्थलों को नुकसान पहुंचा और हजारों शरणार्थी बेघर हो गए। अधिकारियों और चश्मदीदों ने यह जानकारी दी। सरकार की शरणार्थी, राहत और प्रत्यर्पण आयोग के अतिरिक्त आयुक्त मोहम्मद शमशूद दाउजा ने बताया कि कॉक्स बाजार जिले के बालूखाली शिविर में दोपहर में आग लग लग गई और यह तेजी से कम से कम चार ब्लॉक में फैल गई। उन्होंने बताया कि तेजी से फैल रही आग को काबू में करने के लिये दमकलकर्मियों की कम से कम चार इकाइयां जुटी हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी की एक प्रवक्ता लुइस डोनोवान ने ईमेल के जरिए बताया कि अग्निशमन सेवा, बचाव एवं प्रतिक्रिया दल तथा स्वयंसेवी घटनास्थल पर मौजूद हैं। अब तक आग ने आश्रयों, स्वास्थ्य केंद्रों समेत अन्य सेवा स्थलों को प्रभावित किया है। स्वयंसेवी प्रभावितों की मदद कर रहे हैं। इस घटना में तत्काल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है लेकिन मौत और झुलसने की आशंका जताई गई है। लोगों के लापता होने के संबंध में अभी किसी भी खबर की पुष्टि नहीं की जा सकी है। दो रोहिंग्या शरणार्थियों ने एसोसिएटेड प्रेस को घटनास्थल पर बताया कि आग तेजी से फैली और सोमवार रात में भी इस पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया गया है। 


*भारी बारिश से सिडनी में भयंकर बाढ़ हजारों लोगों को इलाके छोड़ने के आदेश*

21-Mar-2021

सिडनी/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। ऑस्‍ट्रेलिया के सिडनी के बाहरी इलाकों में स्थित समुद्री क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बन गई है। ऐसे में एहतियात के तौर पर प्रशासन ने क्षेत्र में रह रहे हजारों लोगों को रविवार को जगह खाली करके सुरक्षित स्‍थान पर जाने के आदेश दिए गए हैं। आपातकालीन सेवाओं ने सिडनी के उत्‍तर पश्चिम में निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्‍थान पर जाने को कहा है। इससे एक दिन पहले प्रशासन ने न्‍यू साउथ वेल्‍स प्रांत में भयंकर बाढ़ के खतरे का अलर्ट जारी किया था।
इसके तहत हजारों लोगों ने शहर के उत्‍तरी इलाके में बने राहत केंद्रों में पहुंचना शुरू कर दिया है। सामने आई तस्‍वीरों में तारी में एक उफनती नदी में घर को बहते हुए दिखाया गया है। वहीं एक स्‍थानीय ऑडिटोरियम में करीब 150 लोगों को सोते हुए दिखाया गया है। इस ऑडिटोरियम को पहले जंगल में लगी आग के कारण विस्‍थापित हुए लोगों के लिए शरणस्‍थल के तौर पर इस्‍तेमाल किया जा रहा है।
क्‍लब तारी के चीफ एक्जिक्‍यूटिव पॉल एलेन ने इस बाढ़ को तबाही बताया है। उनके मुताबिक कुछ स्‍थानीय लोगों ने अपना सबकुछ खो दिया है। वहीं मौसम विभाग ने वीकेंड पर समुद्र से सटे निचले इलाकों में बारिश का अनुमान लगाया गया था। वहीं गुरुवार तक मौसम खराब रहने की भी बात कही गई है।
बारिश इतनी अधिक हुई है कि पूरे सिडनी को पीने का पानी मुहैया कराने वाला वारागंबा बांध भी शनिवार की दोपहर को ओवरफ्लो हो गया। ऐसा 1990 के बाद पहली बार हुआ है। आपातकालीन सेवाओं को मदद के लिए करीब 1000 से अधिक कॉल आईं। वहीं शनिवार से रविवार सुबह तक करीब 100 बाढ़ रेस्‍क्‍यू मिशन किए। 


*इटली अंतर्राष्‍ट्रीय सौर गठबंधन में शामिल*

18-Mar-2021

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। इटली ने अंतरर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, आईएसए के तहत संशोधित फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए। आईएसए के फ्रेमवर्क समझौते में संशोधन लागू हो गए हैं और इसकी सदस्यता संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों के लिए खोल दी गई है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि फ्रेमवर्क समझौते पर राजदूत विनसेंज़ो डी लूका ने हस्ताक्षर किए। विदेश मंत्रालय के पास ही आईएसए फ्रेमवर्क समझौते की हस्ताक्षरित प्रतियां रखी जाती हैं। विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रंगला ने भारत में इटली के राजदूत विनसेंज़ो डी लूका से मुलाकात की और अंतर्राष्‍ट्रीय सौर गठबंधन में इटली के शामिल होने का स्‍वागत किया। उन्‍होंने इटली की जी-20 की अध्‍यक्षता और वैक्‍सीन मैत्री पर भी चर्चा की। अंतर्राष्‍ट्रीय सौर गठबंधन भारत के प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्‍ट्रपति ने 2015 में पेरिस में संयुक्‍त राष्‍ट्र जलवायु परिवर्तन के दौरान संयुक्‍त रूप से शुरू किया था। इस गठबंधन का उद्देश्‍य पेरिस जलवायु समझौते को अमल में लाने के लिए काम करना है। 




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