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00 अमेरिका के बाद भारत सबसे प्रभावित देश
न्यूयॉर्क/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। पूरे विश्व में कोरोना महामारी का आतंक अब भी जारी है, वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों की लिस्ट में अमेरिका पहले नंबर पर है। अमेरिका के बाद सबसे प्रभावित दूसरा देश भारत बना हुआ है, अगर बात करें विश्व में संक्रमण के मामलों की तो आंकड़ा बढ़कर 18.34 करोड़ से ज्यादा हो गए है। इस महामारी से अब तक कुल 39.6 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई हैं। ये आंकड़े जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय ने साझा किए।रविवार की सुबह अपने नवीनतम अपडेट में, यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) ने बताया किया कि वर्तमान वैश्विक मामले और मरने वालों की संख्या क्रमश: 183,404,186 और 3,969,635 हो गई है। सीएसएसई के अनुसार, दुनिया में सबसे ज्यादा मामलों और मौतों की संख्या क्रमश: 33,713,729 और 605,493 के साथ अमेरिका सबसे ज्यादा प्रभावित देश बना हुआ है।
कोरोना संक्रमण के मामले में भारत 30,502,362 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। सीएसएसई के आंकड़े के अनुसार 30 लाख से ज्यादा मामलों वाले अन्य सबसे खराब देश ब्राजील (18,742,025), फ्रांस (5,845,622), रूस (5,519,516), तुर्की (5,440,368), यूके (4,896,272), अर्जेंटीना (4,526,473), कोलंबिया (4,324,230), इटली (4,262,511) , स्पेन (3,833,868), जर्मनी (3,738,059) और ईरान (3,241,037) हैं।कोरोना से हुई मौतों के मामले में ब्राजील 523,587 मामलों के साथ दूसरे नंबर पर है। भारत (401,050), मैक्सिको (233,580), पेरू (192,687), रूस (134,987), यूके (128,471), इटली (127,637), फ्रांस (111,314) और कोलंबिया (108,314) से मरने वालों की संख्या 100,000 से ज्यादा है।

काबुल/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। तालिबान के लड़ाकों ने सोमवार को अफगानिस्तान के उत्तरी कुंदुज प्रांत के महत्वपूर्ण जिले पर नियंत्रण स्थापित कर लिया और प्रांतीय राजधानी की घेराबंदी कर दी। प्रांतीय पुलिस के प्रवक्ता इनामुद्दीन रहमानी ने बताया कि इमाम साहिब जिले के आसपास लड़ाई रविवार को शुरू हुई और सोमवार को दोपहर तक चली। उन्होंने बताया कि तालिबान ने जिला मुख्यालय पर हमले किए और पुलिस मुख्यालय पर भी कब्जा जमा लिया।तालिबान के लड़ाके कुंदुज प्रांत की राजधानी से कुछ ही किलोमीटर दूर हैं, लेकिन शहर में नहीं घुसे। लेकिन ऐसी कुछ खबरें हैं कि बाहरी इलाके में तालिबान के कुछ लड़ाके मौजूद हैं। अफगानिस्तान की उत्तरी सरहद पर स्थित उत्तरी कुंदुज के इमाम साहिब की सीमा ताजिकिस्तान के साथ जुड़ी है। यह मध्य एशिया में आपूर्ति का अहम मार्ग है। रहमानी ने कहा कि पुलिस और अफगान सेना ने जिले की हिफाजत का प्रयास किया।फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि कितने सुरक्षाकर्मी मारे गए या तालिबान के कितने लड़ाकों की मौत हुई। तालिबान के प्रवक्ता जबिउल्ला मुजाहिद ने कहा कि इमाम साहिब जिला अब हमारे नियंत्रण में आ गया है। मुजाहिद ने कहा, `हमने सुना है कि कई सैनिकों ने तालिबान के सामने समर्पण कर दिया।` कुंदुज में कई और जिलों पर भी आतंकवादी समूह का कब्जा हो गया है। इनमें इमाम साहिब के बगल का अचिन भी शामिल है।
00 राष्ट्रपति गनी से 25 को व्हाइट हाउस में मिलेंगे बाइडन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी और वहां की राष्ट्रीय सुलह उच्च परिषद (हाई काउंसिल फॉर नेशनल रिकंसिलिएशन) के अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्ला अब्दुल्ला से 25 जून को व्हाइट हाउस में मुलाकात करेंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने रविवार को कहा था कि राष्ट्रपति गनी और डॉ. अब्दुल्ला की यात्रा अमेरिका और अफगानिस्तान के बीच अहम और स्थायी साझेदारी को रेखांकित करेगी।
00 चीन ने अपने नागरिकों से कहा, छोड़ दें युद्धग्रस्त देश
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की खबर के अनुसार अफगानिस्तान स्थित चीनी दूतावास ने चीनी नागरिकों से कहा है कि अमेरिका और नाटो के सैनिकों की वापसी से पहले तालिबान के नए क्षेत्रों पर कब्जा कर लेने के मद्देनजर वे तत्काल युद्धग्रस्त देश को छोड़ दें। इसने हिंसाग्रस्त देश में मौजूद चीनी नागरिकों और संगठनों को सलाह दी है कि वे अतिरिक्त सतर्कता बरतें और अपनी आपातकालीन तैयारी को और मजबूत करें।

लंदन/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कोरोना महामारी की दूसरी लहर अभी ढ़ंग से गुजरी नहीं है कि तीसरी लहर आने की आशंका ब्रिटेन को परेशान करने लगी है। माना जा रहा है कि यह तीसरी लहर इस साल सर्दियों में आ सकती है. जिसके चलते सरकार को एक बार फिर लॉकडाउन लगाना पड़ सकता है।ब्रिटेन (UK) में इस साल सर्दियों में कोरोना वायरस का नया वेरिएंट सक्रिय हो सकता है। ऐसे में ब्रिटेन में इस साल का विंटर सीजन लोगों के लिए काफी मुश्किलों भरा हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक इस साल के अंत में बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में इस वायरस की चपेट में आ सकते हैं।रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटिश सरकार की सलाहकार संस्था, साइंटिफिक एडवाइजरी ग्रुप फॉर इमर्जेंसीज (SAGE) ने यह चेतावनी जारी की है। SAGE के सदस्य प्रोफेसर कैलम सेम्पल ने कहा कि ब्रिटेन में कोरोना वायरस के उभरने की आशंका बढ़ सकती है। जिसकी वजह से देश में लॉकडाउन भी लगाया जा सकता है।कैलम ने कहा, `मुझे लगता है कि कोरोना के चलते विंटर सीजन खतरनाक होगा। इसके चलते हमें काफी मुश्किलों का सामना करना पडे़गा. मुझे लगता है कि अगले साल सामान्य रूप से व्यापार किया जा सकेगा।`पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के निदेशक सुसान हॉपकिंस ने भी इस बारे में चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा, `कोरोना के नए वेरिएंट की वजह से हमें इन सर्दियों में लॉकडाउन लगाना पड़ सकता है। हालांकि हमारे पास इस वेरिएंट से लड़ने के लिए कोरोना वैक्सीन, टेस्टिंग और दूसरे इलाज मौजूद होंगे। जिससे हम इस वायरस से लड़ सकते हैं।

00 नागरिकों से जल्द वैक्सीन लगवाने की अपील
वाशिंगटन/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शुक्रवार को कोरोना डेल्टा वेरिएंट को खतरनाक बताते हुए नागरिकों से जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाने अपील की। व्हाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन के दौरान बाइडन ने कहा कि कोरोना के नए वैरिएंट बिना टीकाकरण वाले लोगों को एक महीने पहले की तुलना में और अभी अधिक असुरक्षित बना देगें। यह एक गंभीर चिंता का विषय है। यह इसलिए क्योंकि विशेषज्ञ डेल्टा वैरिएंट को घातक बता रहे हैं। यह कोरोना वायरस का ऐसा वेरिएंट है जो अधिक आसानी से प्रसारित, संभावित रूप से घातक और विशेष रूप से युवा लोगों के लिए खतरनाक है।कोरोना वायरस के इस डेटा वेरियंट को खतरनाक बताते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे चिंताजनक प्रकार की सूची में शामिल किया है। यह वेरिएंट कुछ देशों में तेजी से फैला है, विशेष रूप से भारत में संक्रमण में इससे तेज वृध्दि हुई जहां इसे पहली बार पाया गया था। बता दें कि अमेरिका विश्व में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों में से एक है। कोरोना संक्रमण के कारण अमेरिका में जान गंवाने वालों की संख्या 6 लाख के पार हो गई है। लेकिन यह भी बताया जा रहा है कि कोरोना वैक्सीनेशन की वजह से मौतों में होने वाली संख्या में बेहद कमी आई है।इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने कोरोना महामारी को एक ‘वास्तविक त्रासदी‘ बताते हुए कहा था कि वैश्विक महामारी के कारण जान गंवाने वाले अमेरिकियों की संख्या 6 लाख होने वाली है। बाइडन ने ब्रसेल्स में उत्तरी अटलांटिका संधि संगठन शिखर सम्मेलन के बाद सोमवार को पत्रकारों से यह भी कहा था कि अब देश में संक्रमण से औसत मामलों और उससे होने वाली मौत के मामले में कमी आ रही है।

नई दिल्ली(शोर सन्देश)। अपने यहां जैसे-जैसे कोरोना का कहर बढ़ा है, इसके बारे में लोगों के बीच भ्रांति भी खूब फैली है। कहीं लोग कोरोना माई की पूजा कर रहे हैं तो कहीं इसका मंदिर भी बन गया। इन सब बातों को सोशल मीडिया के जरिए भी खूब फैलाया गया है। लेकिन अब सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक इस बारे में एक नई पहल कर रह है। इससे आप फर्जी खबरों से दूर रहेंगे।
थर्ड पार्टी चेकिंग
फेसबुक से जारी एक बयान में बताया गया `भारत में कोरोना संक्रमण के दौरान लोगों को जागरूक करने के लिए और कोरोना से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए फेसबुक बड़ी पहल करने जा रहा है। फेसबुक थर्ड पार्टी फैक्ट चेकिंग कार्यक्रम की शुरुआत करने जा रहा है, जिसमें स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने की कोशिश की जाएगी।`
द हेल्दी इंडियन प्रोजेक्ट के साथ साझेदारी
स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को समझने में मदद के लिए फेसबुक ने द हेल्दी इंडियन प्रोजेक्ट यानि थिप के साथ साझेदारी की है। थिप भारत में फेसबुक का पहला हेल्थ स्पेशलिस्ट पार्टनर है। कंपनी का कहना है कि थिप अनुभवी और वेरिफाइड डॉक्टरों की मदद से फैक्ट चेकिंग करेगा और गुमराह करने वाली खबरों और गलत दावों से आपको दूर रखेगा।
कई भाषाओं में मिलेगी जानकारी
यह हिंदी, अंग्रेजी, बंगला, पंजाबी और गुजराती भाषा में लोगों को दवा, डाइट और इलाज के बारे में जानकारी देगा।

गबोरोने/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। अफ्रीका के बोत्स्वाना में दुनिया का `तीसरा सबसे बड़ा` हीरा मिला है। बोत्सवाना हीरा फर्म देबस्वाना ने बुधवार को कहा कि उसने 1,098 कैरेट के एक पत्थर का पता लगाया है जिसे उसने दुनिया में अपनी तरह का तीसरा सबसे बड़ा बताया है।1,098 कैरेट का हीरा देबस्वाना कंपनी के इतिहास में पाया जाने वाला सबसे बड़ा गुणवत्ता वाला पत्थर है। दुर्लभ श्रेणी का हीरा मिलने के बाद बोत्स्वाना की राजधानी गैबोरोन में राष्ट्रपति को दिखाया गया। देबस्वाना के प्रबंध निदेशक लिनेट आर्मस्ट्रांग ने कहा कि यह दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा रत्न-गुणवत्ता वाला खोज माना जाता है। दुर्लभ और असाधारण पत्थर हीरे और बोत्सवाना के संदर्भ में बहुत मायने रखता है, उसने कहा। यह उस राष्ट्र के लिए आशा लाता है जो संघर्ष कर रहा है।

वाशिंगटन (शोर सन्देश)। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारतीय-अमेरिकी नागरिक अधिकार वकील सरला विद्या नगाला को कनेक्टिविटी राज्य का संघीय न्यायाधीश मनोनीत किया है। अभी इस नियुक्ति की सीनेट से मंजूरी ली जाएगी। सरला दक्षिण एशिया की पहली महिला होंगी, जो इस पद पर नियुक्त होंगी। सरला वर्तमान में यूएस अटार्नी आफिस में बड़े अपराधों के मामलों को देख रही हैं। उन्होंने 2008 में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के बर्कले स्कूल आफ ला से स्नातक की उपाधि और ज्यूरिस डाक्टर की डिग्री प्राप्त की थी। सरला को कानूनी संस्थाओं में रहने का लंबा अनुभव है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इजरायल और मैक्सिको सहित नौ देशों में नए राजदूतों की नियुक्ति की है। इनमें रिटायर्ड एयरलाइन पायलट सीबी सुलेनबर्गर भी शामिल हैं। सुलेनबर्गर ने एक उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आने के कारण यात्री विमान को हडसन नदी पर सुरक्षित उतारा था, वह इसमें विमान में सवार सभी यात्रियों की जान बचाने में सफल हुए थे। इन सभी राजनयिकों को पहले सीनेट की मंजूरी प्राप्त करनी होगी। इनमें विदेश मंत्री एटोंनी ब्लिंकनकी वरिष्ठ सलाहकार जूली ज्यून चुंग को श्रीलंका का राजदूत नियुक्त किया गया है।

इस्लामाबाद (शोर सन्देश)। पड़ोसी देश पाकिस्तान में सोमवार तड़के एक भीषण रेल हादसा हो गया। सिंध प्रांत के डहारकी में दो ट्रेनों के बीच टक्कर हो गई, जिससे 30 से ज्यादा लोगों की जान चली गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के डहारकी के घोटाकी जिले में सोमवार तड़के करीब 3:45 बजे मिल्लत एक्सप्रेस और सर सैय्यद एक्सप्रेस की आपस में टक्कर हो गई। इससे मिल्लत एक्सप्रेस के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए। मिली सूचना के मुताबिक, अब तक 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 50 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। घायलों में से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है।

मॉस्को/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। कहा है कि पीएम मोदी एक जिम्मेदार नेता हैं। उन्होंने भारत-चीन के बीच चल रही सीमा विवाद पर कहा कि पीएम मोदी और शी जिनपिंग दोनों जिम्मेदार नेता हैं, और आपसी विवाद को बेहतर तरीके से सुलझा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि, इस मसले पर किसी तीसरी ताकत को हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है. भारत औऱ चीन अपने मसले खुद सुलझा सकते हैं।
00 चार देशों के समूह क्वाड की रुस ने की आलोचनाः
रुस की ओर भारत और चीन को लेकर यह बयान तब आया है, जब खुद रुस भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया को लेकर बने ग्रुप क्वाड का सार्वजनिक रुप से निंदा कर रहा है। इस बारे में रुस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि किसी भी साझेदारी का मकसद किसी अन्य देश के खिलाफ नहीं होनी चाहिए।
गौरतलब है कि भारत के क्वाड ग्रुप में शामिल होने के बारे में जब पुतिन से एक सवाल पूछा गया तो इसके जबाव में पुतिन ने यह बात कही। गौरतलब है कि चीन भी क्वाड समूह का हमेशा विरोध करता आया है। चीन का कहना है कि यह समूह हिन्द महासागर और प्रशांत महासागर में चीन प्रभाव को नियंत्रण करने के लिए बनाया गया है।
00 क्वाड में शामिल नहीं होगा रुसः
रुस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने साफ कर दिया है कि रुस किसी भी हालत में क्वाड का हिस्सा नहीं बनेगा। उन्होंने कहा कि हर स्वतंत्र देश को यह निर्णय लेने का अधिकार है कि, वो किस समूह में शामिल होना चाहता है, और किसमें नहीं। उन्होंने कहा कि रुस किसी भी देश के आंतरिक मामलों में दखन नहीं देता। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी समूह का मकसद अन्य राष्ट्र के खिलाफ लामबंद होना सही नहीं हैं।
गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच लंबे समय से सीमा विवाद चल रहा है। इस मसले को लेकर कई बार दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हो चुकी हैं। कुछ मामलों में तो दोनों देशों की सेना के बीच हिंसक झड़पे भी हो चकी हैं। बीते साल 2020 में ऐसे ही एक खूनी संग्राम में दोनों देशों के कई सैनिक की मौत हो गई थी।

लंदन/ नई दिल्ली (शोर सन्देश)। मॉडर्ना और फाइजर ने अपने आंकड़ों को जारी कर दिया है जिससे संकेत मिलता है कि उनके टीके किशोरों के लिये उपयुक्त और कोविड-19 की रोकथाम में बेहद प्रभावी हैं। कनाडा, अमेरिका और यूरोपीय संघ पहले ही 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को फाइजर का टीका लगाए जाने के लिये मंजूरी दे चुके हैं। ब्रिटेन ने भी अब 12 से 15 साल की उम्र के बच्चों को फाइजर के लिए फाइजर के टीके के इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। लेकिन कई कारणों से इसे तत्काल लागू करने को लेकर सवाल हो सकते हैं। कोई टीका किसी के लिये लाभदायक है यह तीन चीजों पर निर्भर करता है: संक्रमण के बाद उनके गंभीर रूप से बीमार पड़ने की आशंका कितनी है, टीका कितना प्रभावी है और टीकाकरण का जोखिम कितना है। वयस्कों के मुकाबले बच्चों में कोविड-19 कम गंभीर होता है। सात देशों में हुए एक हालिया अध्ययन से संकेत मिलता है कि कोविड-19 से हुई 10 लाख मौत के मामलों में बच्चों की मौत के दो से भी कम मामले सामने आते हैं। भले ही टीका बच्चों पर बेहद प्रभावी हो, यह पहले से ही बेहद मामूली जोखिम को सिर्फ खत्म कर सकता है। निश्चित रूप से, अन्य समस्याएं, जैसे दीर्घकालिक कोविड आदि हैं लेकिन हम अभी यह नहीं जानते के बच्चों में यह कितनी सामान्य हैं।