
00 तेज हुई चोकसी को भारत लाने की तैयारी
रुसाउ/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। डोमिनिका की जेल में बंद भारत के भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को वहां की अदालत से बड़ा झटका लगा है। डोमिनिका की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी चोकसी के देश में अवैध प्रवेश के मामले में उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। बता दें कि पिछले दिनों मेहुल चोकसी एंटीगुआ से लापता होकर डोमिनिका में पकड़ा गया था। पंजाब नेशनल बैंक से 13,500 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में आरोपी चोकसी जनवरी 2018 से ही भारत से भागने के बाद एंटीगा और बारबुडा में रह रहा है। पिछले दिनों उसे डोमिनिका पुलिस ने गिरफ्तार कर उसे कोर्ट में पेश किया था, कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस मामले में चोकसी के वकील ने कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट के फैसले के बाद मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने बताया कि जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील करेंगे। उसके वकील ने आरोप लगाया कि उनके मुवक्किल को एंटीगुआ के जॉली हार्बर से अगवा कर उसे करीब 100 नॉटिकल मील दूर एक नौका से डोमिनिका ले जाया गया।
00 एंटीगुआ भेजने पर कोर्ट ने लगाई रोक
पिछले दिनों बताया गया था कि भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी को डोमिनिका से एंटीगुआ भेजने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है, लेकिन डोमिनिका कोर्ट ने इसपर रोक लगा दी। कोर्ट ने साफ कर दिया कि अगली सुनवाई तक मेहुल को कहीं नहीं भेजा जाएगा। इससे पहले डोमिनिका सरकार ने कहा था कि वो मेहुल चोकसी को भारत के बजाय एंटीगुआ भेजेगी। बीते दिनों मेहुल चोकसी की कुछ तस्वीरें भी सामने आई थीं, जिसमें चोकसी जेल के भीतर खड़ा दिख रहा था। मेहुल चोकसी की आंखें सूजी हुई थी और उसके हाथ पर चोट के निशान भी दिख रहे थे। उसके वकील ने पुलिस पर मारपीट का आरोप भी लगाया था। उसके बाद चोकसी की पत्नी ने भी पिटाई करने का आरोप लगाया था।
00 चोकसी को भारत लाने की तैयारी तेजबता दें कि भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को भारत लाने की तैयारी भी जोरों पर चल रही है। डोमिनिका पुलिस और भारतीय जांच एजेंसियां लगातार संपर्क में है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चोकसी को लाने के लिए सीबीआई और ईडी की टीम डोमिनिका पहुंच चुकी है। कागजी कार्रवाई के बाद उसे भारत लाया जा सकता है।

बमाको/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। माली में विद्रोही सैनिकों ने देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। घटना के कुछ ही घंटों पहले सरकार में फेरबदल किया गया था और सेना के दो सदस्यों को सरकार में शामिल नहीं किया गया था। अफ्रीकी संघ और संयुक्त राष्ट्र ने यह जानकारी दी। माली में नौ महीने पहले सेना ने सैन्य तख्तापलट करके सत्ता अपने हाथ में ले ली थी। पश्चिम अफ्रीकी क्षेत्रीय खंड (ईसीओडब्ल्यूएएस) और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के अन्य सदस्यों ने एक संयुक्त बयान जारी कर राष्ट्रपति बाह एन`डॉव और प्रधानमंत्री मोक्टर ओउने को तुरंत रिहा करने की मांग की है। दोनों नेताओं को काती सैन्य मुख्यालय ले जाया गया है। संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने वालों ने माली की राजनीतिक व्यवस्था को तत्काल बहाल करने तथा तय समयसीमा के अंदर उसे अपना कार्यकाल पूरा करने की मांग की है। बयान में कहा गया है, ``अंतरराष्ट्रीय समुदाय जबरन इस्तीफे समेत तमाम कार्रवाइयों का विरोध करता है।`` उन्होंने कहा, ``आज का यह अविवेकपूर्ण फैसला भविष्य में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को माली के समर्थन में आने से रोकेगा।`` इस घटनाक्रम से एक नयी चिंता उभर कर सामने आयी है कि क्या मौजूदा सरकार स्वतंत्र रूप से भविष्य में काम कर पायेगी और अगले साल फरवरी में माली में तय लोकतांत्रिक चुनाव को आयोजित कराने की योजना को आगे बढ़ा पायेगी। संयुक्त राष्ट्र माली में शांति अभियानों पर हर साल 1.2 अरब डॉलर खर्च करता है।

न्यूयॉर्क/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। भारत कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच वैक्सीन की कमी से जूझ रहा है। इस बीच, विदेश मंत्री एस जयशंकर पांच दिवसीय यात्रा पर अमेरिका पर पहुंचे हैं। जयशंकर अपने अमेरिकी दौरे की शुरुआत में न्यूयॉर्क पहुंच गए हैं। उनका यह दौरा 28 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान विदेश मंत्री अमेरिकी कंपनियों के साथ कोविड-19 रोधी टीके, घरेलू उत्पादन के लिए कच्चे माल की खरीद और टीकों के संयुक्त उत्पादन की संभावना के बारे में चर्चा करने की संभावना है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, ``विदेश मंत्री एस जयशंकर 24 से 28 मई तक अमेरिका की यात्रा पर न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। न्यूयार्क में उनके संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस से मुलाकात करने की संभावना है।``मंत्रालय ने बताया कि जयशंकर वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन के साथ चर्चा करेंगे। वे अमेरिकी मंत्रिमंडल के सदस्यों एवं वहां के प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय संबंधों के बारे में चर्चा करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के जनवरी में सत्ता संभालने के बाद भारत के किसी वरिष्ठ मंत्री की यह पहली यात्रा है।समझा जाता है कि इस यात्रा के दौरान जयशंकर भारत में कोविड-19 रोधी टीके के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए अमेरिका से कच्चे माल की आपूर्ति तेज करने पर जोर दे सकते हैं। साथ ही टीके के संयुक्त उत्पादन की संभावना के बारे में भी वह चर्चा करेंगे। मंत्रालय के बयान के अनुसार, विदेश मंत्री की यात्रा के दौरान उनका, भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक एवं कोविड-19 महामारी से जुड़े सहयोग को लेकर कारोबारी मंचों से संवाद का कार्यक्रम है।
जयशंकर की अमेरिका यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब एक दिन पहले ही विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था कि भारत, अमेरिकी उद्यमों के साथ कोविड-19 रोधी टीकों की खरीद और बाद में देश में उसके उत्पादन की संभावना के बारे में बातचीत कर रहा है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर से प्रभावित भारत कोविड-19 रोधी टीके के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के साथ विदेशों से टीके की खरीद पर जोर दे रहा है ।

बीजिंग/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। चीन में 100 किलोमीटर की क्रॉस कंट्री माउंटेन रेस पर मौसम कहर बन टूटा। तेज हवा, भीषण बारिश और दूर-दूर तक फैले पहाड़ों के बीच फतह करने को दौड़ रहे धावकों में से 20 जिंदगी की रेस हार गए। वहीं एक धावक अभी भी लापता है। अधकारियों ने इसकी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को चीन के उत्तर-पश्चिमी गांसू प्रांत के बैयिन शहर नजदीक येलो रिवर स्टोन फॉरेस्ट में 100 किलोमीटर क्रॉस कंट्री माउंटेन रेस का आयोजन किया गया। बैयिन शहर के मेयर झांग ज़ुचेन ने बताया कि दोपहर में ऊंचाई वाले क्षेत्र में 20 से 31 किलोमीटर के बीच की दौड़ के दौरान अचानक मौसम बिगड़ गया। कुछ ही देर में भीषण बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने लगीं। तापमान में भी तेजी से गिरावट आ गई। उन्होंने बताया कि कुछ प्रतिभागियों से मदद के संदेश मिलने के तुरंत बाद मैराथन आयोजकों ने एक बचाव दल भेजा, जो 18 प्रतिभागियों को बचाने में कामयाब रहा। झांग ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब दो बजे मौसम बहुत खराब हो गया, जिसके बाद मैराथन को रद्द कर दिया गया। धावकों की मदद के लिए बचाव दल भेजे गए। झांग ने बताया कि इस मैराथन में 172 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से 151 को बचा लिया गया, जिनमें से आठ का अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं 20 धावकों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि एक लापता है। इससे पहले, 2010 में चीन के इसी प्रांत में बाढ़ और भूस्खलन के चलते 1,000 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक येलो रिवर स्टोन फॉरेस्ट अपने ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। कई चीनी टेलीविजन शो और फिल्मों में इसे दिखाया गया है।

येरुशलम/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सुरक्षा कैबिनेट ने गाजा पट्टी में 11 दिन से चल रहे सैन्य अभियान को रोकने के लिए एकतरफा युद्धविराम को मंजूरी दे दी है। इस्राइल मीडिया ने बृहस्पतिवार देर रात यह जानकारी दी। मडिया में आई खबरों में कहा गया है कि हमलों को रोकने के लिए अमेरिका की ओर से दबाव बनाए जाने के बाद यह फैसला किया गया है। कई रिपोर्ट में कहा गया है कि संघर्ष विराम फैसले से करीब तीन घंटे बाद देर रात दो बजे से लागू हो जाएगा। नेतन्याहू के कार्यालय ने इन रिपोर्ट की तत्काल पुष्टि नहीं की और हमास ने भी इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। वहीं हमास के अधिकारियों ने कहा कि इस्राइल के साथ युद्धविराम शुक्रवार सुबह 2 बजे से लागू होगा। इस्राइली कैबिनेट ने युद्धविराम की पुष्टि की है लेकिन इसके लागू होने का समय नहीं बताया है। बता दें कि यूरोप ने युद्धविराम के लिए इस्राइल पर दबाव बढ़ाया है जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने तीन दिन में दूसरी बार इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से अगले 24 घंटे में टकराव रोकने की उम्मीद जताई थी। लेकिन नेतन्याहू इसके लिए तैयार नहीं दिखे थे और बृहस्पतिवार को भी गाजा पर हमले जारी रहे। इस दौरान गाजा के मध्य शहर दीर अल-बाला, दक्षिणी शहर खान यूनिस व गाजा के वाणिज्यिक मार्ग अल-सफ्तावी स्ट्रीट पर भी कई हवाई हमले हुए। इस्राइली सेना ने हमास आतकी कमांडरों के चार घरों को निशाना बनाया। हमलों में अल-खोजंदर में सो रहे 11 लोग घायल हो गए। नेतन्याहू ने बाइडन के समर्थन की सराहना करते हुए इस्राइलियों को सुरक्षा देने के लिए आगे बढ़ने की बात कही। उधर, राष्ट्रपति बाइडन पर उनकी ही पार्टी के वामपंथियों और यूरोप में मुस्लिम प्रवासियों व आतंकवाद की आशंका के चलते गाजा में संघर्ष विराम को लेकर सियासी दबाव बढ़ गया था। यह भी आशंका थी कि कहीं मध्य-पूर्व के देश भी युद्ध में न कूद पड़ें।

मुंबई (शोर सन्देश)। टाटा मोटर्स ने कोविड-19 से मरने वाले अपने कर्मचारियों के परिजनों को हर महीने बेसिक सैलरी का 50 फीसदी भुगतान करने का फैसला किया है। ये भुगतान दिवंगत कर्मचारी की सेवानिवृत्ति की अवधि तक किया जाएगा। कंपनी ने बताया कि ये भत्ते कर्मचारी के परिजनों को तत्काल दी गई आर्थिक राहत के अतिरिक्त दिए जाएंगे। टाटा मोटर्स के मुख्य वित्तीय अधिकारी पीबी बालाजी ने कहा कि उनके कर्मचारी की मौत कोविड-19 से हुई हो या न हुई हो उनके परिजनों को 20 महीनों के बेसिक वेतन का एकबारगी भुगतान किया जाएगा।
00 हर महीने परिजनों को दी जाएगी बेसिक सैलरी की 50% राशि :
बालाजी ने बताया कि दिवंगत कर्मचारी की सेवानिवृत्ति की अवधि तक उनके परिजनों को बेसिक सैलरी की 50 फीसदी राशि भत्ते के तौर पर हर महीने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी को भी टाटा कंपनी से इससे कम की उम्मीद नहीं होगी। महामारी की 2020 में शुरुआत से लेकर अब तक टाटा मोटर्स के 47 कर्मचारियों ने कोविड-19 के कारण जान गंवाई है। बता दें कि टाटा मोटर्स भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में सबसे बड़े नियोक्ताओं में एक है, जो पूरे भारत में कई प्लांट चलाते हैं। कंपनी कार, स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल्स, मिनी ट्रक, वैन, ट्रक और बसें बनाती है।
00 टाटा मोटर्स के 90 फीसदी कर्मचारियों का हो चुका वैक्सीनेशन :
सीएफओ पीबी बालाजी ने मार्च 2021 तिमाही के नतीजों की घोषणा करने के अलावा कहा कि फिलहाल 45 साल की ऊपर के उम्र वाले हमारे 90 फीसदी कर्मचारियों को कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है। हम अपने कर्मचारियों को चिकित्सा देखभाल भी मुहैया करा रहे हैं। साथ ही कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए एक बीमा योजना भी उपलब्ध करा रहे हैं। बता दें कि टाटा मोटर्स ऐसी कुछ कंपनियों में शामिल है, जिन्होंने अपने दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों के लिए एक कर्मचारी केंद्रित कोविड-19 वित्तीय लाभ योजना लागू की है।

00 इस्राइल-फलस्तीन के बीच खूनी संघर्ष से अमेरिका तक हलचल
वाशिंगटन/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। इस्राइल और फलस्तीन के बीच खूनी संघर्ष जारी है। इस्राइल के युद्धक विमानों ने रविवार तड़के गाजा सिटी के अहम हिस्से में कई इमारतों, सड़कों और मीडिया दफ्तरों को निशाना बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बात कर नागरिकों और पत्रकारों की सुरक्षा पर चिंता जताई। इस्राइली हवाई हमले में शनिवार को गाजा शहर में एक ऊंची इमारत को नष्ट कर दिया, जिसमें एसोसिएटेड प्रेस और अन्य मीडिया आउटलेट्स के कार्यालय थे। जानकारी के मुताबिक, मीडिया कार्यालय में मौजूद सभी पत्रकार, कर्मचारी और फ्रीलांसरों को इमारत से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
00 बाइडन ने गाजा में पत्रकारों को लेकर जताई चिंता
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर वार्ता की। इस दौरान बाइडन ने हमास के मिसाइल हमलों के जवाब में गाजा में इस्राइली हमलों के प्रति पूरा समर्थन व्यक्त किया, लेकिन हमलों में आम नागरिकों के हताहत होने और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। व्हाइट हाउस ने बताया कि बाइडन ने शनिवार को हुई बातचीत के दौरान इस्राइल में अंतरसांप्रदायिक हिंसा और वेस्ट बैंक में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई। बाइडन और नेतन्याहू ने येरुशलम पर भी चर्चा की। इस दौरान बाइडन ने कहा कि यह सभी धर्मों एवं पृष्ठभूमियों के लोगों के लिए एक साथ मिलकर शांति से रहने की जगह होनी चाहिए।
00 इस्राइल ने गाजा में इमारतों और सड़कों को बनाया निशाना
इस्राइल के युद्धक विमानों ने रविवार तड़के गाजा सिटी के अहम हिस्से में कई इमारतों और सड़कों को निशाना बनाया। निवासियों और पत्रकारों द्वारा जारी तस्वीरों के अनुसार, हवाई हमलों से गड्ढा बन गया, जिससे शिफा अस्पताल की ओर जाने वाली एक मुख्य सड़क अवरुद्ध हो गई। शिफा गाजा पट्टी में सबसे बड़ा अस्पताल है। रिपोर्ट के मुताबिक, ताजा हवाई हमलों में दो लोगों की मौत हो गई और 25 घायल हो गए, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। बचावकर्ता अब भी मलबा हटा रहे हैं। दो घंटों तक भारी बमबारी करने के बाद भी इस्राइली सेना ने कोई टिप्पणी नहीं की है।
00 फलस्तीन के राष्ट्रपति और बाइडन के बीच हुई बातचीत
बाइडन ने राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के बाद फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास के साथ भी फोन पर पहली बार बातचीत की, जिसमें उन्होंने हमास से इस्राइल पर रॉकेट हमले रोकने की अपील की। व्हाइट हाउस ने बताया कि बाइडन ने फलस्तीनी लोगों को सक्षम बनाने की खातिर कदम उठाने के लिए अपना समर्थन जताया ताकि वे गरिमा, सुरक्षा एवं स्वतंत्रता के साथ जी सकें और उन्हें आर्थिक अवसर मिल सकें, जिसके वे हकदार हैं।

00 बाइडन ने कहा था- मैं चाहता हूं कि मेरे प्रशासन में उनकी कोई भूमिका हो
वॉशिंगटन/नई दिल्ली (शोर सन्देश। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कैबिनेट के लिए चुनी गईं भारतीय मूल की नीरा टंडन को व्हाइट हाउस का वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त किया है। इससे पहले उन्हें बाइडन ने प्रबंधन एवं बजट कार्यालय का नेतृत्व करने के लिए चुना था, लेकिन विरोध के बीच मार्च में उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया था। सेंटर फॉर अमेरिकन प्रोग्रेस (सीएपी) के संस्थापक जॉन पोडेस्टा ने एक बयान में कहा कि नीरा बुद्धिमत्ता, कड़ी मेहनत और राजनीतिक दृष्टि बाइडन प्रशासन के लिए अहम साबित होगी। हालांकि हमें सीएपी में उनकी विशेषज्ञता और लीडरशिप की कमी खलेगी जिसका 2003 में गठन किया गया था।
मार्च में व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति जो बाइडन के बजट कार्यालय में नीरा टंडन को निदेशक बनाने का नामांकन प्रस्ताव वापस ले लिया था। दोनों पार्टियों में नीरा के नाम पर उठा विरोध खत्म नहीं किया जा सका था। नीरा ने भी नाम वापसी की घोषणा कर दी थी, क्योंकि वे डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकनों के बीच अपने नामांकन की पुष्टि के लिए पर्याप्त वोट जुटाने में नाकाम रहीं।
नीरा के नाम पर पुष्टि का अनुरोध बाइडन की डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने भी खारिज कर दिया था। तब बाइडन ने कहा था- `सुश्री टंडन ने कहा है कि प्रबंधन कार्यालय और बजट निदेशक के लिए उनका नामांकन वापस ले लिया जाए और मैंने उनका प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है।`
बता दें कि टंडन के नामांकन की पुष्टि का रास्ता पहले ही कठिन था और उन्हें पूर्व में कई सांसदों के खिलाफ किए गए ट्वीट के कारण विरोध का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि उन्होंने ऐसे 1,000 से ज्यादा ट्वीट डिलीट कर सीनेटरों से माफी भी मांग ली थी लेकिन उनका विरोध कम नहीं हुआ था।
तब बाइडन ने कहा था कि मैं उनके अनुभव, कौशल और विचारों का बहुत सम्मान करता हूं और चाहता हूं कि मेरे प्रशासन में उनकी कोई भूमिका हो। और आखिरकार बाइडन ने उन्हें इतना महत्वपूर्ण पद देते हुए नई जिम्मेदारी सौंप दी।

00 डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने दी चेतावनी, कहा- घातक साबित होगा महामारी का दूसरा
जिनेवा/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयियस ने शुक्रवार को कहा कि भारत की कोविड-19 स्थिति चिंतित कर रही है। उन्होंने कहा कि यहां कई राज्यों में संक्रमण के चिंतित करने वाली संख्या में मामले आ रहे हैं, अस्पतालों में लोग भर्ती हो रहे हैं और मौतें हो रही हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि महामारी का दूसरा साल दुनिया के लिए पहले साल के मुकाबले अधिक घातक होगा। घेब्रेयियस ने कहा कि डब्ल्यूएचओ कोविड-19 के बढ़ते मामलों से निपटने में भारत की मदद कर रहा है और हजारों की संख्या में ऑक्सीजन सांद्रक, अस्थायी व चल अस्पतालों के लिए टेंट, मास्क और अन्य चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति कर रहा है। घेब्रेयियस ने कहा कि भारत की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, कई राज्यों में चिंतित करने के स्तर तक मामले, अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या और मौतों बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी साझेदारों को धन्यवाद देते हैं जो भारत की मदद कर रहे हैं।

00 अगले सप्ताह मिल सकती है मंजूरी
वाशिंगटन/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कोरोना महामारी से जूझ रहा अमेरिका अब 12 से 15 वर्ष के बच्चों को टीका लगाने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी एजेंसी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन फाइजर कंपनी की कोरोना वैक्सीन को अगले सप्ताह से 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को टीका लगाने की इजाजत दे सकता है। अमेरिकी सरकार के एक अधिकारी की मानें तो अगले सप्ताह या उससे भी पहले बच्चों के लिए टीके की दो डोज की अनुमति मिल सकती है। इस फैसले पर अंतरिम मुहर लगने से एफडीए फेडरल वैक्सीन एडवाइजरी कमेटी की बैठक बुलाएगा और उसमें 12 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए टीका लगाने की सिफारिश करेगा। इसके बाद सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन इस सिफारिश को स्वीकार करेगा। तब जाकर टीकाकरण की शुरुआत होगी। ये पूरी प्रक्रिया कुछ दिन में पूरी होने की उम्मीद है। मालूम हो कि अमेरिका में 16 साल से अधिक उम्र के बच्चों को पहले ही टीका लगाया जा रहा है।
00 बच्चों में वयस्कों जैसे दुष्प्रभाव
फाइजर ने मार्च के आखिर में 12 से 15 वर्ष के 2260 बच्चों पर अध्ययन का परिणाम जारी किया था। इसमें पता चला था कि जिन बच्चों को टीका लगाया गया था उनमें संक्रमण का कोई भी मामला सामने नहीं आया था। बच्चों में भी वयस्कों की तरह दूसरी डोज के बाद दुष्प्रभाव देखने को मिले थे। दर्द, बुखार, ठंड लगना और थकान जैसी शिकायत बच्चों ने भी की थी।