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देश-विदेश

*अप्रैल में भारत आएंगे प्रधानमंत्री जॉनसन ईयू से अलग होने के बाद रहेगी पहली अंतरराष्ट्रीय*

16-Mar-2021

लंदन/ नई दिल्ली (शोर सन्देश)। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अप्रैल महीने के अंत में भारत का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के कार्यालय ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी। यूरोपियन संघ से अलग होने के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का भारत दौरा पहली प्रमुख अंतरराष्ट्रीय यात्रा होगी, जिसमें ब्रिटेन के अवसरों को बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
इसके अलावा बोरिस जॉनसन की यात्रा का मुख्य उद्देश्य चीन पर भी नजर रखना होगा। बता दें कि भारत ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को 72वें गणतंत्र दिवस के मौके पर आमंत्रित किया था लेकिन कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों की वजह से इस दौरे को रद्द करना पड़ा। ब्रिटेन का मकसद हिंद-प्रशांत महासागर क्षेत्र में लोकतांत्रिक ताकत को मजबूत करने और साथ में चीन से निपटना है। पिछले कुछ वक्त से हांगकांग, कोरोना महामारी और ब्रिटेन के 5जी नेटवर्क में चीनी कंपनी हुवावे को सक्रिय भूमिका ना मिलने की वजह से चीन और ब्रिटेन के बीच तनाव है, जो किसी से छिपा नहीं है।
बता दें कि पिछले महीने ब्रिटेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोर्नवाल क्षेत्र में जूने में होने वाली जी7 सम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण दिया था। जी7 में ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और अमेरिका शामिल हैं। ब्रिटेन ने इस सम्मेलन में भारत, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया को अतिथि राष्ट्र के रूप में आमंत्रित किया था।
गणतंत्र दिवस पर भारत को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री जॉनसन ने कहा था कि मैं इस साल भारत आने के लिए उत्सुक हूं, ताकि हम हमारी दोस्ती को और मजबूत कर सकें और रिश्तों को आगे बढ़ा सकें। उन्होंने कहा था कि इसका संकल्प प्रधानमंत्री मोदी और मैंने लिया था। 


*कैरेबियाई देशों को कोरोना वैक्सीन देने पर विवियन रिचर्ड्सन ने की पीएम मोदी की तारीफ कहा धन्यवाद*

14-Mar-2021

नई दिल्ली (शोर सन्देश) कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में भारत अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मुश्किल के इस दौर में भारत वैक्सीन मैत्री अभियान के तहत ज्यादातर देशों को स्वदेशी कोरोना वैक्सीन की खेप पहुंचाने में जुटा है। इसी कड़ी में पिछले हफ्ते भारत ने एंटीगुआ और बारबाडोस, सेंट किट्स और नेविस, सेंट विंसेन्ट, ग्रेनेडाइन्स और सूरीनाम जैसे कैरीकॉम देशों को कोरोना वैक्सीन की डोज पहुंचाई थी। भारत की इस दरियादिली की इन देशों के पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों ने जमकर तारीफ की है। वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान विवियन रिचर्ड्स, रिची रिचर्डसन, जिमी एडम्स जैसे खिलाड़ियों ने भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। एक वीडियो संदेश में विवियन रिचर्ड्स ने कहा कि मैं एंटीगुआ और बारबाडोस के लोगों की तरफ से भारत सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की जनता का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा कि उन्होंने हमें कोरोना वैक्सीन की खेप पहुंचाई। इससे हमारे रिश्ते और मजबूत होंगे। वहीं, रिची रिचर्ड्सन ने भी भारत की इस दरियादिली की खुले मन से तारीफ की है। उन्होंने कहा कि मैं एंटीगुआ और बारबाडोस की सरकार और जनता की ओर से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताना चाहता हूं कि उन्होंने भारत में बनी कोरोना वैक्सीन की 40 हजार डोज हमें भेजी। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड में डायरेक्टर जिमी एडम्स ने भी कोरोना वैक्सीन भेजने के लिए भारत की सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह भारत सरकार कैरीकॉम देशों को कोरोना वैक्सीन पहुंचा रही है। वो वाकई तारीफ का काम है। इससे मेरे अपने देश जमैका के लोगों को भी बहुत फायदा होगा। गौरतलब है कि `कैरीकॉम`20 कैरेबियाई देशों का समूह है, जहां करीब 1.6 करोड़ लोग रहते हैं। भारत ने `टीका मैत्री` अभियान के तहत भूटान को 1.5 लाख, मालदीव, मॉरीशस और बहरीन को एक लाख, नेपाल को 10 लाख, बांग्लादेश को 20 लाख, म्यांमार को 15 लाख, सेशल्स को 50,000, श्रीलंका को पांच लाख कोविड-19 रोधी टीके की खुराकें मुहैया कराई हैं। इसके अलावा अनेक देशों को टीके की वाणिज्यिक आपूर्ति भी की गई है। 


*भारतीय कंपनी को एक अरब टीकों के उत्पादन में वित्तीय मदद देगा अमेरिका*

13-Mar-2021

नई दिल्ली (शोर सन्देश) अमेरिका भारतीय दवा निर्माता बायलॉजिकल- को साल 2022 के आखिर तक एक अरब कोविड-19 टीकों का उत्पादन करने के लिए आर्थिक सहायता देगा। यह घोषणा क्वाड सम्मेलन के बाद व्हाइट हाउस की तरफ से जारी एक दस्तावेज में की गई।  वर्चुअल सम्मेलन के दौरान क्वाड नेताओं एक विशाल टीकाकरण पहल शुरू करने का निर्णय लिया, जिसके तहत अमेरिका और जापान की आर्थिक सहायता से भारत में हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए वायरस टीकों का उत्पादन किया जाना है, जबकि ऑस्ट्रेलिया इन टीकों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाकर वितरित कराने में मदद देगा। इसे चीन की टीका कूटनीति के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन के बाद ट्वीट में कहा, कोविड-19 के खिलाफ हमारी लड़ाई एकजुट है। हम सुरक्षित कोविड-19 टीकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक ऐतिहासिक क्वाड साझेदारी शुरू कर रहे हैं।
00 टीका निर्माण के लिए करेंगे संयुक्त साझेदारी : बाइडन...
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, क्वाड सदस्य कोरोना का टीका बनाने को आपसी सहयोग बढ़ाएंगे। हम एक नई महत्वाकांक्षी संयुक्त साझेदारी शुरू कर रहे हैं, जो वैश्विक लाभ के लिए टीका निर्माण को बढ़ावा देने वाली है और पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र को फायदा पहुंचाने के लिए टीकाकरण को मजबूती देगी। इस पर पीएम मोदी ने राष्ट्रपति बाइडन की पहल पर धन्यवाद दिया।
क्वाड (चतुर्भुज सुरक्षा संवाद) समूह के पहले ऐतिहासिक वर्चुअल सम्मेलन के बाद चारों सदस्य देशों अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के नेताओं ने कहा, विविध दृष्टिकोण रखने के बावजूद हम स्वतंत्र और मुक्त हिंद-प्रशांत क्षेत्र की साझा परिकल्पना को लेकर एकजुट हैं। समूह ने पहले ऐतिहासिक वर्चुअल सम्मेलन के दौरान चारों सदस्य देशों अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने स्वतंत्र, मुक्त और कानून आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र की वकालत की।
क्वाड समूह ने चीन का नाम लिए बिना उसके विस्तारवादी रुख के लिए स्पष्ट संदेश देते हुए बिना किसी जबरदस्ती वाले स्वैच्छिक लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र की आवश्यकता पर जोर दिया। क्वाड नेताओं ने कहा, हम एक ऐसे क्षेत्र के लिए प्रयासरत हैं, जो मुक्त, स्वतंत्र, समावेशी, स्वस्थ, लोकतांत्रिक मूल्यों से परिपूर्ण हो और किसी जोर जबरदस्ती से दूर हो।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर आसियान के दृष्टिकोण का भी समर्थन करते हैं। क्वाड नेताओं ने कोरोना के आर्थिक स्वास्थ्य प्रभावों से निपटने, जलवायु परिवर्तन से लड़ने और साइबर स्पेस, अहम तकनीकों, आतंकवाद, गुणवत्तापूर्ण ढांचागत निवेश, मानवीय सहायता आपदा राहत जैसी साझा चुनौतियों का मिलकर जवाब देने का भी संकल्प लिया गया।
00 इस साल के अंत तक शीर्ष नेताओं की बैठक
सम्मेलन में यह भी तय हुआ कि चारों देशों के विदेश मंत्री समूह के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए साल में एक बार मिलेंगे। वहीं, 2021 के अंत तक चारों देशों के शीर्ष नेता बैठक में मिलेंगे।
00 सम्मेलन के बारे में सुनकर हो गया भावुक : सुगा

जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने कहा, हिंद-प्रशांत को मुक्त और खुला बनाने की खातिर सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हूं। जापान हिंद-प्रशांत क्षेत्र की शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए ठोस योगदान देगा। 


*भारतीय टीके ने दुनिया को घातक कोरोना वायरस से बचाया*

08-Mar-2021

वाशिंगटन (शोर सन्देश)। शीर्ष अमरीकी वैज्ञानिक ने कहा है कि भारत द्वारा वैश्विक संस्थानों के साथ मिलकर तैयार की गये कोविड टीके ने विश्व को कोरोना महामारी से उबारा है। उन्होंने कहा कि भारत के इस योगदान को कम करके नहीं आंकना चाहिए। ह्यूस्टन के बायलोर कॉलेज ऑफ मेडीसन में नेशनल स्कूल ऑफ ट्रोपिकल मेडीसन के विभागाध्यक्ष डॉक्टर पीटर हॉटेज ने एक वेबिनार में कहा कि विश्व में कोरोना वायरस को रोकने में भारत का कोविड टीका बहुत महत्वपूर्ण है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक डॉक्टर हॉटेज ने कहा कि इस वैश्विक महामारी से निपटने में भारत के बड़े योगदान के बारे में विश्व को पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है।


*धमाके से दहला मोगदिशू : आत्मघाती हमले में 20 से अधिक की मौत 30 जख्मी*

06-Mar-2021

मोगादिशू/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। अफ्रीकी देश सोमालिया की राजधानी मोगादिशू शुक्रवार देर रात एक आत्मघाती कार बम विस्फोट से दहल गई। मोगादिशू के बंदरगाह के पास एक रेस्तरां के बाहर हुए बम हमले में 20 से अधिक लोगों की जान चली गई और 30 अधिक लोग घायल हो गए हैं। घायलों में से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। आपातकालीन सेवा के एक अधिकारी ने शनिवार सुबह इसकी जानकारी दी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, राजधानी में रेस्तरां के बाहर कार बम धमाके के बाद आसमान में धुएं का गुबार उठने लगा। धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास की कई इमारतों की खिड़कियां टूट गईं। धमाके के बाद गोलीबारी भी हुई। आमीन एंबुलेंस सर्विस के संस्थापक डॉ. अब्दुलकादिर अदन ने बताया कि धमाके वाली जगह से 20 शव बरामद किए गए हैं और 30 से ज्यादा घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना के समय वहां मौजूद लोगों ने बताया कि बंदरगाह के पास स्थित ल्युल यमनी रेस्तरां के बाहर धमाका हुआ। घटनास्थल के करीब ही रहने वाले निवासी अहमद अब्दुल्लाही ने बताया, ल्युल यमनी रेस्तरां के बाहर एक तेज रफ्तार कार में धमाका हुआ। मैं रेस्तरां जा रहा था, लेकिन जब धमाका हुआ, तो मैं वहां से सुरक्षित बाहर निकल आया। धमाके के बाद पूरा क्षेत्र धुएं के गुबार से ढक गया।
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अभी तक किसी ने नहीं ली जिम्मेदारी
ख़बरों के मुताबिक, धमाके वाली जगह पर संपत्तियों को भी खासा नुकसान पहुंचा है। फिलहाल, पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है। वहीं, अभी तक किसी ने भी इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है।
इस्लामी आतंकवादी संगठन अल-शबाब अक्सर सोमालिया और अन्य जगहों पर इस तरह के बम विस्फोटों को अंजाम देता है। आतंकी संगठन का मकसद अफ्रीकी देश की केंद्र सरकार को खत्म करके अपने अभियान को सफल बनाना है। अल शबाब सोमालिया में इस्लामी शरिया कानून की अपनी सख्त व्याख्या के आधार पर अपना शासन स्थापित करता है।


मंगल गृह से रोवर ने भेजी पहली रंगीन तस्वीर व एक सेल्फी*

20-Feb-2021

केप कैनावेरल/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। नासा के पर्सेविरेंस रोवर ने मंगल ग्रह की कुछ आश्चर्यजनक तस्वीरें भेजी हैं। इनमें लैंडिंग के दौरान एक हाई-रिजॉल्यूशन वाली रंगीन सेल्फी भी शामिल है। नासा का पर्सेविरेंस रोवर 18 फरवरी को मंगल की सतह पर उतरा था। यह रंगीन सेल्फी कई कैमरों द्वारा खींची गई वीडियो का हिस्सा है।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि नासा के क्यूरियोसिटी रोवर ने मंगल ग्रह पर उतरने की एक `स्टॉप-मोशन फिल्म` भेजा था, जबकि पर्सेविरेंस रोवर के कैमरों ने टचडाउन का वीडियो कैद किया। यह नया स्टिल इमेज उसी फुटेज से लिया गया है, जिसे अभी भी पृथ्वी पर भेजा जा रहा है।
मंगल ग्रह के धरातल पर उतरने से ठीक पहले की तस्वीरों को भी रोवर ने कैमरों में कैद किया है। पर्सेविरेंस रोवर के अधिकांश कैमरे रंगीन तस्वीरें कैप्चर करते हैं, जबकि पहले के रोवर ब्लैक-ऐंड-व्हाइट में तस्वीरें लेते थे। बहरहाल, लैंडिंग के बाद दो हजार्ड कैमरों (हैजकैम्स) ने रोवर के आगे और पीछे के दृश्यों को कैप्चर किया। एक तस्वीर में रोवर का एक पहिया मंगल ग्रह की माटी पर साफ देखा जा सकता है। मंगल ग्रह पर पर्सेविरेंस रोवर के मिशन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य खगोल विज्ञान है, जिसमें प्राचीन सूक्ष्मजीव जीवन के संकेतों की खोज शामिल है।
रोवर मंगल ग्रह की भूविज्ञान और अतीत की जलवायु को चिह्न्ति करेगा, लाल ग्रह पर मानव अन्वेषण का मार्ग प्रशस्त करेगा, और यह मंगल ग्रह से चट्टानों और रिगोलिथ (टूटी हुई चट्टान व धूल) को इकट्ठा करने वाला पहला मिशन होगा। इसके बाद नासा के मिशन, ईएसए (यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी) के सहयोग से, इन नमूनों को मंगल की सतह से एकत्र करने और उन्हें गहन विश्लेषण के लिए पृथ्वी पर वापस लाने के लिए लाल ग्रह पर अंतरिक्ष यान भेजेंगे। आने वाले दिनों में इंजीनियर रोवर के सिस्टम डेटा को अपडेट करेंगे, इसके सॉफ्टवेयर को अपडेट करेंगे और इसके विभिन्न उपकरणों का परीक्षण करेंगे।
अगले कुछ हफ्तों में पर्सेविरेंस रोवर अपनी रोबोटिक आर्म का परीक्षण करेगा और अपनी पहली (छोटी) ड्राइव लेगा।
यह कम से कम एक या दो महीने तक रहेगा जब तका कि पर्सेविरेंस रोवर को इनजेन्यूटी (मिनी हेलिकॉप्टर) को छोड़ने के लिए एक सपाट स्थान नहीं मिलेगा। इसके बाद वह अपने विज्ञान मिशन की शुरुआत करेगा और मंगल ग्रह के चट्टानों के नमूनों से पहली खोज प्रारंभ करेगा। 


ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन की पहली भारतीय महिला अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा*

18-Feb-2021

लन्दन (शोर सन्देश)। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट यूनियन की पहली भारतीय महिला प्रेसिडेंट चुनी गईं रश्मि सामंत ने पद से इस्तीफा दे दिया है। अपनी पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट्स के वायरल होने और खुद पर नस्लीय आधार पर भेदभाव करने के आरोपों के बाद रश्मि सामंत ने पद से इस्तीफा दिया है। पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट्स के आधार पर नस्लवादी और असंवेदनशील बताया जा रहा था। मलयेशिया घूमने के दौरान की अपनी एक तस्वीर को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए रश्मि सामंत ने कैप्शन में चिंग चांग लिखा था। इसे यहूदी और चीनी छात्रों के लिए गलत माना जा रहा था। यही नहीं स्टूडेंट यूनियन की डिबेट्स के दौरान उनकी तुलना हिटलर जैसे तानाशाह से की जा रही थी। इस बात से रश्मि सामंत काफी आहत थीं और अंत में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया। सामंत ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट्स के लिए एक खुला खत लिखते हुए माफी भी मांग ली थी। इसके बाद भी लगातार उनकी आलोचना की जा रही थी और अंत में उन्होंने पद से इस्तीफा ही दे दिया। रश्मि सामंत ने फेसबुक पर अपने इस्तीफे का ऐलान किया है। इस्तीफा देते हुए रश्मि सामंत ने लिखा, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट यूनियन के प्रेसिडेंट चुने जाने के बाद जिस तरह से कुछ घटनाएं हुई हैं। इससे मैं यह मानती हूं कि मेरे लिए यह इस्तीफा देने का सही समय है। आपने मुझे प्रेसिडेंट के तौर पर चुना यह मेरे लिए गर्व की बात है। कर्नाटक की मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पढ़ाई कर चुकीं रश्मि सामंत को बीते सप्ताह ही प्रेसिडेंट के तौर पर चुना गया था। उन्हें कुल पड़े 3,708 वोटों में से 1,966 मत मिले थे। वह उडुपी जिले के मणिपाल कस्बे की रहने वाली हैं। उनके पिता दिनेश सामंत एक कारोबारी हैं, जबकि मां वत्सला होममेकर हैं। सामंत ने उडुपी से ही स्कूल की पढ़ाई की है, जबकि 2020 में मेकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन कंप्लीट किया है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के चुनाव में रश्मि सामंत ने खुद को समावेशी कैंडिडेट के तौर पर पेश किया था। यही नहीं प्रचार के दौरान उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के सिलेबस से उपनिवेशवादी चीजों को हटाने की भी बात कही थी। 


महाभियोग मामले में डोनाल्ड ट्रंप की जीत कैपिटल हिल हिंसा भड़काने के आरोप से बरी*

14-Feb-2021

वाशिंगटन (शोर सन्देश)। अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप महाभियोग मामले में एक बार फिर से बरी हो गए हैं। अमेरिकी सीनेट ने 6 जनवरी को कैपिटल हिल में हिंसा भड़काने के आरोप में डोनाल्ड ट्रंप को बरी कर दिया है। चार दिन के महाभियोग ट्रायल के बाद पांचवें दिन वोटिंग हुई और इस दौरान 57 सीनेटरों ने डोनाल्ड ट्रंप को दोषी पाया जबकि 43 सीनेटरों ने उन्हें दोषी नहीं पाया। 100 सदस्यों वाले सीनेट में ट्रंप को दोषी करार देने के लिए सीनेट को जरूरी दो तिहाई बहुमत यानी 67 वोटों की जरूरत थी, जो नहीं मिल सका। इसी दस वोटों की कमी की वजह से डोनाल्ड ट्रंप बरी कर दिए गए। डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के इतिहास में ऐसे पहले राष्ट्रपति रह चुके हैं जिन्होंने दो बार महाभियोग का सामना किया। इतना ही नहीं, वह पद से हटने के बाद महाभियोग ट्रायल का सामना करने वाले भी अमेरिका के पहले राष्ट्रपति का तमगा हासिल कर चुके हैं। बिल कैसिडी, रिचर्ड बर्र, मिट रोमनी और सुसान कोलिन्स सहित सात रिपब्लिकन सीनेटरों ने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाने के पक्ष में मतदान किया। बरी होने के तुरंत बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अपना बयान जारी किया और सबसे पहले अपने लीगल टीम को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा अमेरिका का कोई भी राष्ट्रपति कभी भी इस तरह से नहीं गुजरा है। बता दें कि 6 जनवरी को हुई कैपिटल हिल हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई थी और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप लगे थे कि उन्होंने ही अपने समर्थकों को उकसाया था, जिसके बाद कैपिटल हिल पर हमला हुआ था और लोगों की जानें गई थीं।
 


अमरीका ने म्‍यामां को दी जाने वाली एक अरब डॉलर की सहायता रोकी*

11-Feb-2021
वाशिंगटन (शोर सन्देश)। अमरीका ने म्‍यामां सरकार को दी जाने वाली एक अरब डॉलर की सहायता रोक देने की घोषणा की है। राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि अमरीका म्‍यामां के सैनिक शासकों के खिलाफ कई कदम उठाने जा रहा है। उन्‍होंने बताया कि वे तख्‍ता पलट का निर्देश देने वाले नेताओं और उनके नजदीकी पारिवारिक सदस्‍यों के खिलाफ प्रतिबंधों की अनुमति देने वाले नये कार्यकारी आदेश पर पहले ही हस्‍ताक्षर कर चुके हैं। राष्‍ट्रपति बाइडन ने कहा कि म्‍यामां को किये जाने वाले निर्यात पर प्रतिबंध लगाया जायेगा लेकिन स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल, नागरिक संगठन और लोगों के हितों से जुड़ी मदद जारी रखी जायेगी। राष्‍ट्रपति बाइडन ने सेना से नेताओं और कार्यकर्ताओं को अविलंब रिहा करने, सत्‍ता छोड़ने और लोगों की इच्‍छाओं का सम्‍मान करने को कहा। म्‍यामां की सैनिक सरकार ने आन्‍ग सान सू ची के नेतृत्‍व वाली नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी-एन.एल.डी. के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। स्‍टेट काउंसलर ऑन्‍ग सान सू ची के निकट सहयोगी क्‍याव तिंत स्‍वे को कल सेना ने गिरफ्तार कर लिया। उन्‍होंने ऑन्‍ग सान सू ची के कार्यालय में मंत्री के रूप में काम किया था। एन.एल.डी. के एक अधिकारी ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार से जुड़े चार अन्‍य लोगों को भी कल रात उनके घरों से हिरासत में ले लिया गया। इस बीच, म्‍यामां की सैनिक सरकार के खिलाफ सविनय अवज्ञा आंदोलन के समर्थन में नेपीडौ की सड़कों पर कल छठे दिन भी कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन में बाहर आये। कुछ स्‍थानों पर बैंक कर्मचारियों और जातीय समूहों के भी विरोध प्रदर्शन की खबरें हैं।
 

  


भारत और पाकिस्तान के बीच किसी तरह का सैन्य टकराव दुनिया के लिए विनाशकारी होगा: गुतारेस*

29-Jan-2021

संयुक्त राष्ट्र (शोर सन्देश) संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा है कि यह बहुत ही आवश्यक है कि भारत और पाकिस्तान एक साथ आएं तथा अपनी समस्याओं पर गंभीरता से बात करें। गुतारेस ने कहा कि दोनों देशों के बीच किसी प्रकार का सैन्य टकराव उनके लिए तथा पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी होगा। संरा प्रमुख ने कहा, मैंने जो वक्तव्य में कहा, दुर्भाग्य से वही बात मैं आज कह सकता हूं। मेरा मानना है कि तनाव कम होना, नियंत्रण रेखा पर तनाव कम होना बहुत ही आवश्यक है। गुतारेस कश्मीर में बने हालात को लेकर भारत तथा पाकिस्तान के बीच उपजे तनाव के संबंध में पाकिस्तान के पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। पत्रकार ने गुतारस द्वारा अगस्त 2019 में दिए गए एक वक्तव्य का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर के हालात के संदर्भ में अधिकतम संयम बरतने की अपील की थी। गुतारेस ने बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, मेरा खयाल है कि यह बहुत ही आवश्यक है कि दोनों देश एक साथ आएं और अपनी समस्याओं पर गहराई से बात करें। मेरा खयाल है कि जिनका भी आपने जिक्र किया है उन सभी क्षेत्रों में मानवाधिकारों का पूरा सम्मान हो। उन्होंने कहा, अब चीजें सही दिशा में बढ़ रही हैं। हमारे कार्यालय हमेशा उपलब्ध हैं और हम कहना चाहते हैं कि ऐसी समस्याएं जिनका कोई सैन्य समाधान नहीं है उनके शांतिपूर्ण समाधान इनके माध्यम से निकाले जाएं। भारत और पाकिस्तान के संदर्भ में यह साफ है कि दोनों के बीच कोई भी सैन्य टकराव दोनों देशों तथा पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी होगा। 




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