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धुएं के गुबार से काला हुआ काबुल का आसमान

30-Aug-2021

काबुल/नई दिल्ली (शोर संदेश) काबुल एयरपोर्ट पर कुछ दिन पहले हुए बम धमाके में अमेरिकी सैनिकों की मौत आतंकियों को भारी पड़ रही है। अमेरिका ने ड्रोन हमला करके अपने सैनिकों की मौत का तो बदला ले ही लिया है, लेकिन काबुल के आसमान से अभी भी रॉकेटों की आवाज रही है। काबुल में सोमवार सुबह रॉकेट दागे गए हैं। सुबह करीब 6.40 बजे यहां काबुल एयरपोर्ट के पास रॉकेट्स से हमला किया गया है। रॉकेट्स के कारण अलग-अलग जगहों पर धुएं का गुबार उठने लगे, कई जगह आग भी लग गई थी और कई वाहनों को नुकसान पहुंचा है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक, राजधानी काबुल में रॉकेट से हमला किया गया है। हालांकि, यह हमला किसको टॉरगेट करके किया गया है, इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। कई रॉकेट्स को काबुल एयर फील्ड डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया है। बता दें कि 31 अगस्त तक अमेरिकी सेना को काबुल छोड़ना है और उससे पहले काबुल एयरपोर्ट और आसपास के इलाके को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इससे पहले 26 अगस्त को काबुल एयरपोर्ट के बाहर आतंकी धमाकों में करीब 200 लोगों की मौत हो गई थी, मरने वालों में 13 अमेरिकी सैनिक भी शामिल थे। सैनिकों की मौत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि अमेरिका इन मौतों को नहीं भूलेगा और इसका बदला लेगा।


अमेरिका ने लिया सैनिकों की मौत का बदला, एयर स्ट्राइक में साजिशकर्ता ढेर…

28-Aug-2021

वाशिंगटन/नई दिल्ली (शोर संदेश)। काबुल एयरपोर्ट के बाहर आत्मघाती हमलों के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आईएस-के के ठिकानों पर हवाई हमला किया है। अमेरिका ने अफगानिस्तान के नांगरहार प्रांत में आतंकियों के ठिकानों पर ड्रोन से हमला किया है। इस हमले में एक साजिशकर्ता ढेर हो गया।अमेरिकी मीडिया में दावा किया जा रहा है कि इस हमले में काबुल एयरपोर्ट पर धमाकों का मास्टरमाइंड मारा जा चुका है। वहीं, अमेरिका ने अपने नागरिकों से कहा है कि वे काबुल एयरपोर्ट से तुरंत हट जाएं। अमेरिका को आशंका है कि काबुल एयरपोर्ट पर फिर से आतंकी हमला हो सकता है। पेंटागन की ओर से दावा किया गया है कि तय टारगेट को ध्वस्त कर दिया गया है। आईएसआईएस-के के ठिकाने पर ड्रोन अटैक किया गया था।

काबुल एयरपोर्ट के बाहर धमाकों में 170 लोगों की मौत

बता दें कि 26 अगस्त को काबुल एयरपोर्ट के बाहर आतंकी संगठन आईएस के ने दो फिदायीन हमले किए थे। धमाकों में 170 लोगों को मौत हो गई। इन हमलों में 13 अमेरिकी सैनिक और 2 ब्रिटिश नागरिक भी मारे गए हैं, वहीं 1276 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। घटना के बाद राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि था समय आने पर आतंकियों को अमेरिका करारा जवाब देगा। अमेरिका इसे माफ नहीं करेगा बल्कि उसे सजा देगा।


जी-7 बैठक में आज तालिबान के भविष्य का फैसला करेंगे दुनिया के `सुपरपावर` देश

24-Aug-2021

 न्यूयॉर्क/नई दिल्ली (शोर संदेश)। अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान का भविष्य क्या होगा? उस पर कई प्रतिबंध लगेंगे या दुनिया के सुपरपावर देश उसे मान्यता देंगे, यह सब कुछ आज होने वाली जी-7 देशों की बैठक के रुख पर निर्भर होगा। अमेरिका व उसके सहयोगी देश आज इस बड़ा फैसला कर सकते हैं।गौरतलब है जिस तरह से तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा जमाया, उससे कई देश नाराज भी हैं। हो सकता है जी-7 की बैठक में तालिबान को दुनिया से अलग-थलग करने पर फैसला लिया जाए। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक जो बाइडन, अफगानिस्तान में 31 अगस्त के बाद भी अमेरिकी व नाटो देशों की सेनाओं को कुछ वक्त के लिए रोकने पर फैसला ले सकते हैं।

00 अंतरराष्ट्रीय नियमों को मानने पर बन सकती है सहमति 

जी-7 देशों में अमेरिका, ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा और जापान शामिल हैं। संभव है कि सभी देश एक सुर में तालिबान पर कई प्रतिबंध लगा कर उसे मान्यता देने का रुख अपनाएं। एक यूरोपियन राजनयिक का कहना है कि जी-7 देश तालिबान को अंतरराष्ट्रीय नियमों को मानने व महिलाओं को उनके अधिकार देने की शर्त पर मान्यता दे सकते हैं। अमेरिका में ब्रिटिश राजदूत कारेन पियर्स का कहना है कि मीटिंग में बोरिस जॉनसन कुछ समाधान निकाल सकते हैं। इस बैठक में यूएन सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुतारेस व संयुक्त राष्ट्र के महासचिव जेन स्टॉलटेनबर्ग के शामिल होने की भी संभावना है। बता दें कि आज होने वाली जी-7 की वर्चुअल मीटिंग के होस्ट जो बाइडन ही हैं। जी-7 की यह बैठक बुलाने की मांग ब्रिटेन की ओर से की गई है। अमेरिका के व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने अपने बयान में कहा, ‘राष्ट्रपति जो बाइडन 24 अगस्त को जी-7 देशों के नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक कर सकते हैं। ये नेता अफगानिस्तान के मामले में समन्वय बढ़ाने और पश्चिमी देशों का साथ देने वाले अफगानों को बाहर निकालने पर चर्चा करेंगे। साकी ने कहा कि जी-7 के नेता अफगान शरणार्थियों को मानवीय सहायता देने की योजनाओं पर भी विचार-विमर्श करेंगे।

00 जॉनसन का बयान 

इससे पहले ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन ने ट्विटर पर कहा था, ‘अंतरराष्ट्रीय समुदाय लोगों को सुरक्षित निकालने, मानवीय संकट को रोकने और पिछले 20 वर्षों की मेहनत को सुरक्षित करने के लिए अफगान लोगों का समर्थन करने के लिए मिलकर काम करने की जरूत है।` ब्रिटेन इस साल जी-7 देशों की अध्यक्षता कर रहा है। इस समूह में ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और अमेरिका शामिल है।

00 अफगान पॉलिसी पर कॉमन अप्रोच की बताई जरूरत

व्हाइट हाउस के मुताबिक, इस बातचीत के दौरान जो बाइडन और बोरिस जॉनसन ने 24 अगस्त को होनी वाली जी-7 की वर्चुअल मीटिंग के बारे में भी बात की। दोनों नेताओं ने अफगानिस्तान के हालात से निपटने के लिए आपसी सहयोग और कॉमन अप्रोच के बारे में चर्चा की। साथ ही अफगानिस्तान की पॉलिसी पर मिलकर काम करने पर भी जोर दिया। गौरतलब है कि बाइडन प्रशासन अफगानिस्तान से अमेरिकी फौजों को निकालने को लेकर कड़ी आलोचना से गुजर रहा है।


तालिबानियों के खिलाफ पंजशीर के लड़ाकों ने खोला मोर्चा, तीन शहरों से खदेड़ा…

21-Aug-2021

00 पंजशीर घाटी में जुट रहे हैं तालिबान विरोधी ताकतें व सैनिक

काबुल/नई दिल्ली (शोर संदेश)। अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे के बाद पंजशीर के लड़ाकों ने तालिबान के खिलाफ बगावत कर दी है। पंजशीर के इर्द- गिर्द तालिबान और स्थानीय लड़ाकों के बीच घमासान जारी है। पंजशीर के स्थानीय सूत्रों के मुताबिक यहां से करीब 50 किलोमीटर दूर बगलान प्रांत के पुल- ए- हिसार जिले व परवान प्रांत के चारिकार इलाके समेत 3 जिलों को नॉर्दर्न अलायंस व लड़ाकों ने तालिबान के कब्जे से छुड़ा लिया है। वहीं बानू और देह- ए- सलाह जिलों में भी भीषण लड़ाई जारी है। तालिबान पर कई दिशाओं से हमला किया गया है और उन्हें भारी नुक्सान हुआ है।तालिबान के खिलाफ अफगान जनता सड़कों पर है और पंजशीर में तालिबान का सबसे पुराना दुश्मन उठ खड़ा हुआ है और उसकी हुकूमत के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी है। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बीच उससे निपटने की रणनीति तैयार करने के लिए तालिबान विरोधी ताकतें व सैनिक पंजशीर घाटी में इकट्ठे होने लगे हैं।इनमें पूर्व उपराष्ट्रपति अमरूल्ला सालेह और अफगान सरकार के वफादार सिपहसालार जनरल अब्दुल रशीद दोस्तम व अता मोहम्मद नूर के अलावा नॉर्दर्न अलायंस से जुड़े अहमद मसूद की फौजें शामिल हैं। इस बीच तालिबान ने एक प्रतिनिधिमंडल को पंजशीर में अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद से वार्ता करने के लिए भेजा है। वहीं मसूद ने कहा कि वह वार्ता और हमले दोनों के लिए तैयार हैं।

00 तालिबान विरोधी प्रदर्शन कई शहरों में जारी

तलिबान के खिलाफ अफगानिस्तान के कई शहरों में लोग सड़कों पर निकल कर प्रदर्शन कर रहे हैं। तालिबान लड़ाके इन प्रदर्शनकारियों पर हमलेकर उन्हें पीट रहे हैं। राजधानी काबुल में एक ऐसे ही प्रदर्शन में करीब 200 लोग शामिल थे। तालिबान लड़ाकों ने इन्हें बड़ी क्रूरता से खदेड़ा।गुरुवार को खोस्त शहर में तालिबान द्वारा घोषित कफ्र्यू के बीच कुछ लोगों ने अफगानिस्तान की आजादी का झंडा लेकर प्रदर्शन किया। इससे पहले असादाबाद शहर में तो तालिबानों ने राष्ट्रीय झंडे के साथ जुलूस निकाल रहे लोगों पर तालिबान ने फायरिंग कर दी थी। इसमें कई लोग मारे गए।

00 9 अल्पसंख्यकों की हत्यागजनी प्रांत के मुंदाराख्त गांव में तालिबान ने हजारा अल्पसंख्यक समुदाय के 9 लोगों की हत्या कर दी। इनमें से छह लोगों की हत्या गोली मारकर की गई, जबकि तीन को प्रताडि़त कर मारा गया। उनके हाथ उखाड़ दिए गए।एमनेस्टी इंटरनेशनल ने तालिबान की क्रूरता पर चिंता जताते हुए अपनी रिपोर्ट में कहा कि 4 से 6 जुलाई के बीच गांव पर तालिबान ने कहर बरपाया था। इसके बाद एमनेस्टी के शोधकर्ताओं ने जाकर प्रत्यक्षदर्शियों से बात की और यह सच सामने आया।एमनेस्टी इंटरनेशनल के प्रमुख एग्नेस कालामार्ड ने कहा कि यह जघन्यता तालिबान के पहले के रिकॉर्ड की याद दिलाती है और बताता है कि तालिबान का शासन कितना क्रूर हो सकता है। अधिकार समूह ने चेतावनी दी कि कई हत्याएं हुई होंगी लेकिन अभी तक उनके बारे में सूचना नहीं है क्योंकि तालिबान ने अपने कब्जे वाले कई इलाकों में फोन सेवाएं काट दी हैं ताकि तस्वीरें प्रकाशित नहीं हों।


*भारत-युगांडा में बरामद हुई कोविशील्ड की नकली खेप डब्ल्यूएचओ ने की कार्रवाई की अपील*

19-Aug-2021

जिनेवा/नई दिल्ली ( शोर संदेश) कोरोना वायरस से बचाव के लिए कोविशील्ड वैक्सीन की नकली खेप भारत और युगांडा में बरामद हुई है। बीते एक महीने में आईं अलग-अलग शिकायतों के आधार पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसका खुलासा किया है। पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से जानकारी लेने के बाद डब्ल्यूएचओ ने भारत और युगांडा दोनों ही देशों से सख्त कार्रवाई की अपील की है। जिनेवा स्थित डब्ल्यूएचओ मुख्यालय ने एक बयान जारी करते हुए बताया कि भारत और युगांडा में कोविशील्ड की नकली वैक्सीन बरामद हुई हैं। इन वैक्सीन पर बैच नंबर गलत लिखा हुआ है।


साथ ही वैक्सीन की मात्रा भी 2 एमएल लिखी हुई है, जबकि सीरम कंपनी के अनुसार एक शीशी में 10 से 12 एमएल वैक्सीन की मात्रा होती है। डब्ल्यूएचओ ने बताया कि भारत में मिलीं नकली वैक्सीन में बैच नंबर, उत्पादन की तारीख और एक्सपायरी डेट नहीं लिखी हुई है। जबकि युगांडा में मिलीं नकली वैक्सीन पर उत्पादन की तारीख नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नकली वैक्सीन की शिकायत संज्ञान में है। जिला स्तर पर जांच कराई जाएगी।


काबुल में बंद होगा भारतीय दूतावास, 120 से ज्यादा भारतीयों को लेकर उड़ा वायुसेना का विमान

17-Aug-2021

काबुल/नई दिल्ली (शोर संदेश)। अफगानिस्तान पर तालिबान का पूरी तरह से कब्जा हो चुका है। अफगान के हालात दिनोंदिन बिगड़ते जा रहे हैं। काबुल पर तालिबान के बढ़ते खतरे के बीच अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास के कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। सूत्रों के मुताबिककाबुल एयरपोर्ट पर अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के बीच भारतीय वायुसेना का C-17 विमान मंगलवार सुबह काबुल से दिल्ली के लिए रवाना हो चुका है। इस विमान में 120 से ज्यादा लोग सवार हैं, जिसमें कुछ आईटीबीपी के जवान और मीडिया कर्मी भी शामिल हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय राजदूत आर. टंडन समेत अन्य कर्मचारियों को काबुल से वापस लाया जा रहा है। इनके अलावा वहां तैनात सुरक्षाकर्मी और बाकी बचे लोगों को भी जल्द से जल्द भारत वापस लाया जाएगा। 

00 भारत ने सुरक्षा परिषद में उठाया मुद्दा
बता दें कि काबुल में भारत के करीब पांच सौ से अधिक लोग फंसे हुए हैं। भारत सरकार द्वारा वायुसेना के C-19 एयरक्राफ्ट के जरिए लोगों को निकाला जा रहा है। सोमवार को करीब 46 लोग वापस आए हैं। वहीं, भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भी इस मसले को उठाया है और दुनिया को अफगानिस्तान पर गौर करने को कहा है। समाचार एजेंसी एएनआई को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, अफगान से भारत लौटने वाले भारतीय सुरक्षित इलाकों में हैं और उन्हें एक या दो दिनों में सुरक्षित वापस लाया जाएगा। सोमवार को विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत सरकार अफगानिस्तान की स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय ने अफगानिस्तान से भारतीय नागरिकों को लाने के लिए स्पेशल सेल भी गठित किया है। साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। 
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भारत ने अफगान नागरिकों के लिए वीजा की नयी श्रेणी की घोषणा की
वहीं गृह मंत्रालय ने अफगानिस्तान में मौजूदा हालात को देखते हुए भारत आने की इच्छा रखने वाले अफगान नागरिकों की अर्जियों पर जल्द फैसलों के लिए वीजा की नई श्रेणी की घोषणा की।अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता पर कब्जा जमाने के दो दिन बाद यह घोषणा की गई है।
गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘गृह मंत्रालय अफगानिस्तान में मौजूदा हालात को देखते हुए वीजा प्रावधानों की समीक्षा की है। भारत में प्रवेश के लिए वीजा अर्जियों पर जल्द फैसला लेने के लिए ई-आपातकालीन एवं अन्य वीजाकी नई श्रेणी बनाई गई है।
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विदेश मंत्री जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री के बीच बातचीत
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अफगानिस्तान में हालिया घटनाक्रमों को लेकर सोमवार को बातचीत की। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने बताया कि दोनों शीर्ष राजनयिकों ने अफगानिस्तान संबंधी हालात पर चर्चा की।
इसके कुछ ही देर बार जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘(अमेरिका के विदेश मंत्री) ब्लिंकन के साथ अफगानिस्तान में हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा की। हमने काबुल में हवाईअड्डा संचालन बहाल करने की अत्यधिक आवश्यकता पर बल दिया। हम इस संबंध में अमेरिकी प्रयासों की बहुत सराहना करते हैं।

 


*काबुल एयरपोर्ट पर गोलीबारी के बाद मची भगदड़*

16-Aug-2021

भारत की अध्यक्षता में यूएनएससी की आपात बैठक
काबुल/नई दिल्ली (शोर संदेश)। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति भवन पर तालिबान ने पूरी तरह से कब्जा कर लिया है। तालिबान ने दावा किया है कि आरजकता रोकने के लिए वह काबुल में घुसा है। इधर, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़ चुके हैं। इसके अलावा कई और सांसद भी देश छोड़कर जा चुके हैं। वहीं, तालिबान विद्रोहियों के डर से आम नागरिक भी अफगान छोड़ रहे हैं, काबुल एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ देखी जा रही है। कई देशों के अधिकारी भी काबुल एयरपोर्ट से रवाना हो रहे हैं।
00 भगदड़ में घायल की खबर नहीं
इसी बीच काबुल एयरपोर्ट पर फायरिंग की खबर है। हालांकि, अभी तक गोलीबारी में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन एयरपोर्ट पर हर तरफ भगदड़ की स्थिति मची है। फायरिंग के बाद मची भगदड़ में कई लोगों को घायल होने की भी खबर है। फिलहाल अमेरिका ने काबुल एयरपोर्ट को अपने कब्जे में ले लिया है । सोशल मीडिया पर एक यूजर ने काबुल एयरपोर्ट पर मची अफरा तफरी का वीडियो शेयर किया है, जिसमें देखा जा सकता है कि बड़ी में लोग इधर उधर भाग रहे हैं, इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान के हालात को लेकर पूरी दुनिया चिंतित है। अफगानिस्तान के हालात को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक होने जा रही है।भारतीय समय के अनुसार, शाम साढ़े सात बजे बैठक होगी। बैठक की अध्यक्षता भारत करेगा।
00 अफगानिस्तान की ओर से कौन रखेगा पक्ष
बैठक की अध्यक्षता के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर पहले से ही न्यूयॉर्क में मौजूद हैं, लेकिन पिछले 24 घंटों के भीतर अफगानिस्तान में जिस तेजी से घटनाक्रम बदला है, उस लिहाज से यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। हालांकि, सबसे अहम सवाल यह है कि इस बैठक में अफगानिस्तान की ओर से प्रतिनिधि कौन होगा और अफगानिस्तान का पक्ष कैसे रखेगा।
00 ट्रंप ने खड़े किए सवाल
वहीं, अफगानिस्तान में बिगड़ रहे हालात पर अमेरिका की नीतियों को लेकर अब उसी देश के भीरत सवाल उठने लगे हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ये अमेरिका की सबसे बड़ी हार है। काबुल में राष्ट्रपति पैलेस पर तालिबान के कब्जे और अशरफ गनी के देश छोड़कर जाने की खबर के बाद ट्रंप ने यह बयान दिया। हालांकि, अमेरिका विदेश विभाग ने इस सभी आरोपों से इनकार किया है।


महात्मा गांधी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने संसद में दोबारा पेश किया गया प्रस्ताव...

14-Aug-2021

वाशिंगटन/नई दिल्ली (शोर संदेश)। महात्मा गांधी को अमेरिका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया जा सकता है। इस संबंध में अमेरिकी संसद में एक बार फिर प्रस्ताव पेश किया गया, जो न्यूयॉर्क के एक सांसद ने दिया। उन्होंने शांति और अहिंसा को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी को कांग्रेस के स्वर्ण पदक से सम्मानित करने का प्रस्ताव अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में शुक्रवार (13 अगस्त) को पेश किया। महात्मा गांधी अमेरिकी कांग्रेस का स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले पहले भारतीय होंगे।इससे पहले यह सम्मान जॉर्ज वॉशिंगटन, नेल्सन मंडेला, मार्टिन लूथर किंग जूनियर, मदर टेरेसा और रोजा पार्क्स जैसी महान हस्तियों को दिया जा चुका है।महात्मा गांधी का ऐतिहासिक सत्याग्रह (आत्मा-शक्ति के लिए संस्कृति) अहिंसक प्रतिरोध के आंदोलन ने एक राष्ट्र और दुनिया को प्रेरित किया। उनका उदाहरण हमें दूसरों की सेवा के लिए खुद को समर्पित करने के लिए उत्साहित करता है।

 


*विस्फोट में 2 पुलिसकर्मियों की मौत 10 से ज्यादा घायल*

09-Aug-2021

बलूचिस्तान/नई दिल्ली (शोर संदेश)। पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिम क्वेटा शहर में रविवार रात हुए विस्फोट में कम से कम 2 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई 10 से ज्यादा घायल हो गए। अस्पताल पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सिविल अस्पताल क्वेटा के प्रवक्ता वसीम बेग ने कहा कि देश के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा के यूनिटी चौक इलाके के पास हुए विस्फोट में 6 पुलिसकर्मियों समेत कम से कम 11 लोग घायल हो गए।

 क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह हमला उस समय हुआ जब नियमित गश्त पर पुलिस का एक दल विस्फोट स्थल से गुजर रहा था। पुलिस ने कहा कि एक मोटरसाइकिल में विस्फोटक मटेरियल लगाया गया, हमले में पुलिस वाहन को निशाना बनाया गया था। सुरक्षा बल बचाव दल मौके पर पहुंचे घायलों को शहर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।अभी तक किसी भी समूह या व्यक्ति ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।


*अचानक आई बाढ़ से 40 लोगों की मौत कई लापता*

30-Jul-2021

काबुल/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। अफगानिस्तान के नूरिस्तान प्रांत के कामदेश जिले में आई बाढ़ में कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई। अचानक आई बाढ़ में कई अन्य लापता भी हो गए। कामदेश जिले के मिर्देश गांव में गुरुवार को भारी बारिश के कारण आई बाढ़ ने कई ग्रामीणों को अपनी चपेट में ले लिया। प्रारंभिक जानकारी से पता चला है कि स्थानीय ग्रामीणों के 40 शव मिले हैं, जबकि कई अन्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि गांव के लगभग सभी घर बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि गांव में पानी भर गया है। बाढ़ ने मवेशियों, कृषि भूमि को नष्ट कर दिया है। जानकारी के अनुसार पाकिस्तान की सीमा से लगे कामदेश जिले में एक सड़क के एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया, जिसके परिणामस्वरूप इसे बंद कर दिया गया।




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