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रवि किशन को मिल रहीं ड्रग्स माफियाओं से धमकी, सुरक्षा को लेकर मिलेंगे मुख्यमंत्री योगी से*

26-Sep-2020

गोरखपुर (शोर सन्देश) फिल्म अभिनेता गोरखपुर से बीजेपी सांसद रवि किशन अचानक दिल्ली से गोरखपुर रवाना हो गए हैं। वे आज यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शाम 4 बजे मुलाकात करेंगे। मुलाकात के दौरान रवि किशन ड्रग्स माफिया द्वारा दी जा रही लगातार धमकी के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे। यूपी के मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान नई फिल्म सिटी के बारे में भी विस्तार से चर्चा होगी।

इसके साथ ही रवि किशन अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे। उनका परिवार जौनपुर में रहता है। रवि किशन ने जबसे ड्रग्स माफ़िया का मुद्दा संसद में उठाया है, तब से मूवी माफिया उनके खिलाफ एक्टिव हो गया है उनको कई फिल्मों से अब तक बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है।
भोजपुरी सिनेमा जगत के बादशाह गोरखपुर सांसद रवि किशन ने बीते दिनों संसद में बॉलीवुड में ड्रग्स का मामला उठाया था। जिसके बाद से रवि किशन लगातार सुर्खियों में हैं। एक तरफ जहां रवि किशन के पक्ष में कई लोग अपनी आवाज उठा चुके हैं, वहीं कई सेलेब्स रवि किशन की बात का विरोध कर रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अब मूवी माफिया रवि किशन को तोड़ने में जुटे हुए हैं. रवि किशन को कई बड़े प्रोजेक्ट से बाहर निकाल दिया गया है.

रवि किशन को लेकर खबर यह भी है कि उन्हें बॉलीवुड की एक बड़ी फिल्म से नेटफिलक्स की वेब सीरीज भी दो दिन पहले ही हटाया गया है। लॉकडाउन से पहले रवि किशन ने जो फ़िल्म साइन की थी, वहां से भी मूवी माफिया के दबाव में रवि किशन को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। रवि किशन के बॉलीवुड में ड्रग्स का मामला उठाने के एक सप्ताह के अंदर यह सब हुआ है। जानकारी ये भी मिली है की एक लॉबी रवि किशन को हर प्रोजेक्ट से बाहर निकलवाने पर तुली हुई है। वहीं इस पूरे मामले पर रवि किशन पहले ही ये कह चुके हैं की उनकी लड़ाई ड्रग्स माफिया के खिलाफ जारी रहेगी। 


जीएसटी के पहले दो साल में क्षतिपूर्ति राशि का हुआ अन्यत्र इस्तेमाल : कैग*

26-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) केंद्र सरकार ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के कार्यान्वयन के पहले दो साल में जीएसटी मुआवजे की 47,272 करोड़ रुपये की राशि को गलत तरीके से रोककर कानून का उल्लंघन किया है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने जीएसटी मुआवजा उपकर का इस्तेमाल अन्य उद्देश्यों के लिए किया, जो जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर कानून का उल्लंघन है। इस राशि का इस्तेमाल राज्यों को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए ही किया जाना था। सरकारी खातों पर जारी अपनी ऑडिट रिपोर्ट में कैग ने कहा है कि इस राशि को सतत् जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर संग्रह कोष में डाला जाना था। वर्ष 2017 से जीएसटी लागू किए जाने के बाद राज्यों को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई के लिये यह कोर्ष बनाया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने ऐसा नहीं किया, जो जीएसटी कानून का उल्लंघन है। कैग ने कहा, जीएसटी मुआवजा उपकर कानून, 2017 के तहत उपकर लगाने का प्रावधान है, जिससे राज्यों को जीएसटी के कार्यान्वयन से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई की जाती है। कानून और लेखा प्रक्रिया के तहत किसी वर्ष के दौरान उपकर के रूप में जुटाई गई राशि को जीएसटी मुआवजा उपकर कोष में जमा कराना होता है। यह लोक खाते का हिस्सा होता है। कैग ने कहा कि 2017-18 में 62,612 करोड़ रुपये की राशि क्षतिपूर्ति उपकर के रूप में जुटाई गई। इसमें से 56,146 करोड़ रुपये की राशि ही उपकर कोष में स्थानांतरित की गई। इसी तरह 2018-19 में उपकर से 95,081 करोड़ रुपये की राशि जुटाई गई, जबकि 54,275 करोड़ रुपये की राशि ही क्षतिपूर्ति कोष में स्थानांतरित की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017-18 में क्षतिपूर्ति उपकर कोष में 6,466 करोड़ रुपये कम स्थानांतरित किए गए। इसके अलावा 2018-19 में 40,806 करोड़ रुपये की राशि कोष में जमा नहीं कराई गई। कैग ने कहा है कि केंद्र ने इस राशि का इस्तेमालअन्य उद्देश्योंके लिए किया, जिससे साल के दौरान राजस्व प्राप्तियां बढ़ गईं, जबकि राजकोषीय घाटे को कम कर दिखाया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि उपकर की पूरी राशि को कोष में जमा नहीं कराना जीएसटी क्षतिपूर्ति कानून, 2017 का उल्लंघन है। जीएसटी परिषद में चालू वित्त वर्ष के दौरान राज्यों की जीएसटी क्षतिपूर्ति का मुद्दा केंद्र और राज्यों के बीच विवाद का विषय बना हुआ है। जीएसटी में उत्पाद शुल्क और मूल्यवर्धित कर (वैट) सहित 17 विभिन्न केंद्रीय और राज्य कर समाहित किए गए हैं। केंद्र का कहना है कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती की वजह से क्षतिपूर्ति उपकर के रूप में अधिक राशि नहीं जुटाई जा सकी है। यह क्षतिपूर्ति उपकर विलासिता वाली और अहितकर वस्तुओं पर लगाया जाता है। केंद्र ने राज्यों से राजस्व में कमी की भरपाई को पूरा करने के लिए कर्ज लेने को कहा है। कांग्रेस, वामदल, तृणमूल और आप शासित राज्यों ने इस कदम का विरोध करते हुए कहा है कि केंद्र को खुद कर्ज लेकर राज्यों को भुगतान करना चाहिए। कैग के ये निष्कर्ष वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पिछले सप्ताह संसद में दिए गए वक्तव्य के उलट हैं। वित्त मंत्री ने भारत के अटॉर्नी जनरल की राय के हवाले से कहा है कि राज्यों को राजस्व में कमी की भरपाई भारत के समेकित कोष (सीएफआई) से नहीं की जा सकती। अटॉर्नी जनरल ने कहा है कि कानून में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है। ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि उपकर के संग्रहण और उसके जीएसटी मुआवजा उपकर में स्थानांतरण से संबंधित वक्तव्य 8, 9 और 13 की ऑडिट जांच से पता चलता है कि 2017-18 और 2018-19 में कुल 47,272 करोड़ रुपये की राशि क्षतिपूर्ति उपकर कोष में स्थानांतरित नहीं की गई। यह जीएसअी मुआवजा उपकर कानून, 2017 का उल्लंघन है। 


भारत ने नेपाल की आर्थिक सहायता की, दिए 1.54 अरब*

26-Sep-2020

नई दिल्ली(शोर सन्देश) भारत ने फिर दरियादिली दिखाते हुए अपने पड़ोसी नेपाल को 1.54 अरब नेपाली रुपए (करीब 96 करोड़ भारतीय रुपए) की आर्थिक मदद दी। हालांकि चीन के उकसावे में आकर भारत विरोधी करवाई को अंजाम दे रहा है इसके बावजूद काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास में नेपाल मिशन की उप प्रमुख नामग्याल खंपा ने भारत सरकार की ओर से जारी धनराशि का चेक नेपाल वित्त मंत्रालय के सचिव शिशिर कुमार ढुंगना को सौंपा। यह राशि नेपाल के नुवाकोट और गोरखा जिलों में भूकंप के कारण तबाह हुए मकान और स्कूलों के पुनर्निमाण के काम में लाई जाएगी

गौरतलब है कि अप्रैल 2015 में नेपाल में आए भूकंप में नौ हजार से अधिक लोगों की जान गई थी और करीब आठ हजार घर तबाह हुए थे। भूकंप प्रभावित नुवाकोट और गोरखा जिलों में तबाह हुए घर और स्कूल भवनों को फिर से बनवाने के लिए भारत सरकार ने नेपाल को डेढ़ अरब डॉलर अनुदान राशि देने की घोषणा की थी।

इसी क्रम में भारत ने नेपाल सरकार को सहायता राशि भेजी। इस मद में भारत अब तक नेपाल को 72 करोड़ डॉलर राशि दान कर चुका है। 


पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को राहुल ने दी जन्मदिन की बधाई, कहा- उनके जैसे पीएम की कमी महसूस कर रहा देश*

26-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के 88वे जन्मदिन पर सभी लोग उन्हें शुभकामनाएं दी। इस मौके पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी वे भी ट्वीट करते हुए लिखा कि भारत प्रधानमंत्री में डॉक्टर मनमोहन सिंह की तरह गहराई की अनुपस्थिति को महसूस कर रहा है। उनकी शालीनता और समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। जन्मदिन की शुभकामनाएं।

कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा, एक समर्पित नेता का प्राथमिक उद्देश्य हमेशा सबसे बुरी बुराइयों को मिटाना है, जो समाज को जल्द से जल्द और सुरक्षित तरीके से घेर ले। आज, हम पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की प्रत्येक भारतीय की समग्र भलाई के प्रति प्रतिबद्धता का जश्न मनाते हैं।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर, जयवीर शेरगिल समेत कई हस्तियों ने डॉक्टर मनमोहन सिंह को सोशल मीडिया के जरिए ही जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। बता दें कि मनमोहन सिंह साल 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे। उनका जन्म भारत के विभाजन से पहले पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 26 सितंबर, 1932 को हुआ था। 


देश में कोरोना का कहर जारी 24 घंटों में 85 हजार के पार, 1089 की मौत*

26-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। इस घातक वायरस की वजह से पूरी दुनिया प्रभावित है। इस बीच भारत में कोरोना के मरीज 59 लाख से पार हो गए हैं। पिछले कई दिनों से 80 हजार से अधिक केस सामने रहे हैं। देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के 85,362 नए मामले सामने आए। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 1,089 मरीजों की मौत हुई है। अबतक 59,03,933 मामले सामने चुके हैं, जिसमे से 9,60,969 सक्रिय मामले हैं और 48,49,585 लाख ठीक हो गए हैं, जिन्हें अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है। वहीं, 93,379 मरीजों की मौत हो चुकी है। 


कोरोना वैक्सीन आने तक जा सकती है 20 लाख लोगों की जान :डब्ल्यूएचओ*

26-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि दुनियाभर में एक कोरोना वायरस वैक्सीन बनने से पहले COVID-19 से वैश्विक मौतों का आंकड़ा 20 लाख को पार कर सकता है। यू.एन. एजेंसी के आपात कार्यक्रम के प्रमुख माइक रयान ने शुक्रवार को एक ब्रीफिंग में कहा जब तक हम यह सब नहीं करते, 20 लाख लोगों के मौत की संभावना है। चीन में कोरोना वायरस के पता चलने के नौ महीने बाद होने वाली मौतों की संख्या 10 लाख के करीब है। रयान ने कहा कि हाल ही में बढ़ती चिंताओं के बावजूद संक्रमण के लिए युवा लोगों को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए क्योंकि वे दुनिया भर में प्रतिबंध और लॉकडाउन के बाद इसका प्रसार बढ़ा रहे हैं।``

डब्ल्यूएचओ चीन के साथ वैक्सीन से वित्त पोषण योजना में अपनी संभावित भागीदारी के बारे में निरंतर बातचीत कर रहा है, जो कि COVID-19 टीकों को वैश्विक स्तर पर तेजी से और समान पहुंच की गारंटी देने के लिए बनाई गई है। COVID -19 के खिलाफ टीके, उपचार और डायग्नोस्टिक्स के लिए डब्ल्यूएचओ के वरिष्ठ सलाहकार ब्रूस आयलवर्ड ने कहा `हम चीन के साथ चर्चा कर रहे हैं, जैसा कि हम आगे बढ़ सकते हैं।` उन्होंने पुष्टि की कि ताइवान ने इस योजना पर हस्ताक्षर किए हैं, हालांकि डब्ल्यूएचओ का सदस्य नहीं है। 


आज संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री*

26-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक को ऑनलाइन संबोधित करेंगे। पीएम मोदी का यह संबोधन न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा हॉल में स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज के पहले वक्ता होंगे। हालांकि सत्र का आगाज भारतीय समयानुसार शाम 6.30 बजे से हो गया है। बताया जाता है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के जारी 75वें सत्र के दौरान भारत की प्राथमिकता आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक कार्रवाई को मजबूत करने पर जोर देने की होगी। यानी आतंकवाद के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त राष्ट्र के मंच से पाकिस्तान को करारा जवाब देने वाले हैं।
वहीं, यूएन में भारत के स्थाई प्रतिनिधि ने इमरान खान के बयान को कूटनीतिक तौर पर निम्नस्तर का बताया। उन्होंने कहा कि इमरान खान का बयान झूठे इल्जाम लगाना, व्यक्तिगत हमले करना, अपने देश में अल्पसंख्यकों का हाल देखकर भारत पर टिप्पणी करना शामिल था। उन्होंने कहा कि राइट टू रिप्लाई में जवाब दिया जाएगा।
ऐसी संभावना है कि पीएम मोदी अपने भाषण के दौरान पाकिस्तान को करारा जवाब दे सकते हैं। क्योंकि संयुक्त राष्ट्र सभा को संबोधित करते हुए इमरान खान ने एक बार फिर झूठ का सहारा लिया है और कहा कि आरएसएस, गांधी और नेहरू के सेक्युलर मूल्यों को पीछे छोड़कर भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने की कोशिश में लगा हुआ है। 


घर में रखे बारूद से हुआ विस्फोट, एक की मौत, कई अन्य घायल*

26-Sep-2020

मथुरा (शोर सन्देश) उत्तर प्रदेश के मथुरा में देर रात हुए एक विस्फोट में एक शख्स की मौत हो गई। जबकि 6 अन्य लोग घायल हुए हैं। जानकारी के मुताबिक एक घर में पटाखे बनाने के लिए रखे बारूद में विस्फोट हो गया। जिसके कारण ये हादसा हुआ। विस्फोट के कारण पूरा मकान भी धराशायी हो गया। वहीं, आसपास के करीब आधा दर्जन मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। यह हादसा रात्रि 12 बजे के करीब हुआ। घटना कोतवाली के पास की है। फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है 


मशहूर गायक एसपी बालासुब्रमण्यम का कोरोना संक्रमण से निधन*

25-Sep-2020

चेन्नई (शोर सन्देश) बॉलीवुड के दिग्गज गायक एसपी बालासुब्रमण्यम का निधन हो गया है। निधन की खबर उनके बेटे ने साझा की। उनकी उम्र 74 साल थी। बालासुब्रमण्यम कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद 5 अगस्त से अस्पताल में भर्ती थे। अस्पताल ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा कि उनकी हालत बहुत ही ज्यादा गंभीर हो गई है। उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है. अस्पताल मे बताया था की उनकी हालत बिगड़ती ही जा रही थी। 74 साल के एस. पी बालासुब्रह्मण्यम ने हिंदी फिल्मों की गायिकी में भी अपनी एक अलग पहचान स्थापित की। 80 के दशक से लेकर नई सदी की शुरुआत तक एसपी बालासुब्रामण्यम हिंदी फ़िल्मों में गाते आए है। दक्षिण भारत में पहचान बना चुके एसपी बालासुब्रामण्यम ने 1981 में आई फ़िल्म एक दूजे के लिए पहली हिंदी फ़िल्मों में कमल हासन के लिए गाना गया और नेशनल अवॉर्ड जीता। गीत का नाम था- `तेरे मेरे बीच में कैसा है ये बंधन अंजाना।` 1989 में आई सलमान खान-भाग्यश्री स्टारर की सुपरहिट फिल्म `मैंने प्यार किया` में सलमान खान के सभी गाने एसपी बालासुब्रह्मण्यम ने गाये थे, जो सुपरहिट हुए थे। उसके बाद उन्होंने सलमान के करियर के शुरुआती दिनों के सभी गाने गाये और कई सालों तक सलमान खान की आवाज के तौर पर भी जाना जाता रहा। इसके बाद भी एसपी बालासुब्रह्मण्यम ने कई हिंदी फिल्मों में विभिन्न सितारों के लिए अपनी आवाज दी।  माना जाता है कि एसपी बालासुब्रह्मण्यम ने अब तक कुल 16 भाषाओं में 40,000 से भी ज्यादा गाने गाये हैं और उन्हें चार भाषाओं - तेलुगू, तमिल, कन्नड़ और हिंदी गानों के लिए 6 बार सर्वश्रेष्ठ गायक के तौर पर राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। उन्हें भारत सरकार की ओर से 2001 में पद्मश्री और 2011 में पद्मभूषण पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। 


मारीशस के साथ मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में भारत: गोयल*

24-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि भारत और मारीशस प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझोते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं। इस पहल का मकसद दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाना है। गोयल के हवाले से एक बयान में कहा गया कि प्रस्तावित भारत-मारीशस व्यापक आर्थिक सहयोग एवं भागीदारी समझौता (सीईसीपीए) वस्तु एवं सेवाओं के व्यापार में दोनों देशों के लिये फायदेमंद है। उन्होंने भारत-अफ्रीका परियोजना भागीदारी पर सीआईआई-एक्जिम बैंक डिजिटल सम्मेलन में कहा, `फिलहाल हमारे दुनिया के विभिन्न देशों के साथ अलग-अलग व्यापक भागीदारी समझौते हैं और हम मारीशस के साथ सीईसीपीए को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं।` गोयल ने यह भी कहा कि हाल ही में भारत और दक्षिण अफीका सीमा शुल्क संघ (एसएसीयू) ने तरजीही व्यापार समझौता (पीटीए) को लेकर जल्दी बातचीत शुरू करने का निर्णय किया है।

एसएसीयू में बोत्सवाना, लेसोथो, नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और स्वाजीलैंड शामिल हैं। तरजीही व्यापार समझौता, मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से थोड़ा अलग है। एफटीए में दोनों पक्ष अधिकतम संख्या में उत्पाद पर शुल्क या तो कम करते हैं अथवा उसे समाप्त करते हैं। वहीं पीटीए में कुछ वस्तुओं के मामले में शुल्कों को खत्म किया जाता या फिर कटौती की जाती है। मंत्री ने कहा कि निकट भविष्य में भारत को अफ्रीकी मुक्त व्यापार क्षेत्र के साथ काम करने में खुशी होगी।

गोयल ने यह भी कहा कि भारत कृषि, सिंचाई, स्वास्थ्य, डिजिटल प्रौद्योगिकी, बिजली संयंत्रों, पारेषण लाइन और रेल बुनियादी ढांचा के क्षेत्रों में ऋण सुविधा के जरिये अफ्रीका की मदद करना जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि जून 2020 तक भारत ने अफ्रीका में 40 देशों के लिये बहुत अनुकूल शर्तों पर 12.7 अरब डॉलर ऋण सुविधा की प्रतिबद्धता जतायी है। 




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