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कीव समेत कई जगह धमाके : बैलिस्टिक मिसाइलों से किया जा रहा हमला

24-Feb-2022

 कीव/मास्को/नई दिल्ली (शोर संदेश)। आखिरकार रूस ने गुरुवार को पड़ोसी देश यूक्रेन पर हमला बोल दिया। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका समेत कई देशों की लगाई पाबंदियों की परवाह किए बगैर यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई का एलान कर दिया। इसके बाद यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई शहरों में बमबारी की खबर है। बैलेस्टिक मिसाइलों से हमला किया जा रहा है।व एयरपोर्ट पर कब्जे का प्रयास किए जाने की भी रिपोर्ट है। समूचे यूक्रेन में आपातकाल लागू है और नागरिक उड़ानों पर पाबंदी लगाई जा चुकी है। जानिए अब तक क्या-क्या हुआ:भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह करीब आठ बजे राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई का एलान किया।

पुतिन ने अमेरिका व नाटो को भी दूर रहने की परोक्ष धमकी दी और दखल देने पर इतिहास का सबसे बुरा अंजाम भोगने की चेतावनी दी।
पुतिन के एलान के कुछ ही देर बाद यूक्रेन के कई शहरों में धमाकों की खबरें आईं। राजधानी कीव एयरपोर्ट पर कब्जे की कोशिश की गई।
हमलों में रूस बैलेस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है।
यूक्रेन या नाटो द्वारा अब तक किसी जवाबी सैन्य कार्रवाई की खबर नहीं है।

यूक्रेन को नरसंहार से मुक्त करना है: रूस
संयुक्त राष्ट्र में रूस के प्रतिनिधि ने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा घोषित विशेष अभियान यूक्रेन के लोगों की रक्षा के लिए हैं, जो वर्षों से पीड़ित हैं। हमारा लक्ष्य यूक्रेन को नरसंहार से मुक्त करना है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के अनुरूप निर्णय लिया गया है हम यूक्रेन में स्थिति का विश्लेषण करेंगे।

यूक्रेन के पूर्वी बंदरगाह शहर मारियुपोल में शक्तिशाली विस्फोट
रूस द्वारा जंग के एलान के बाद यूक्रेन के पूर्वी बंदरगाह शहर मारियुपोल में शक्तिशाली विस्फोटों की आवाज सुनी गई।

यूक्रेन अपना बचाव करेगा और जीतेगा: विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा है कि यूक्रेन अपना बचाव करेगा और जीतेगा। पुतिन ने अभी-अभी यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू किया है। यूक्रेन के शांतिपूर्ण शहरों पर हमले हो रहे हैं। यह आक्रामकता का युद्ध है। दुनिया पुतिन को रोक सकती है और उसे भी करना चाहिए। अब कार्रवाई करने का समय है।

कोई देश बीच में न आए, नहीं तो अंजाम बुरा होगा : पुतिन
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि जो कोई भी हमारे देश और हमारे लोगों के लिए खतरे पैदा करने की कोशिश करता है, उसे पता होना चाहिए कि रूस की प्रतिक्रिया तत्काल होगी और आपको ऐसे परिणामों की ओर ले जाएगी जैसा आपने अपने इतिहास में पहले कभी अनुभव नहीं किया है।


*20 हजार से अधिक भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता : टीएस तिरुमूर्ति*

22-Feb-2022

नई दिल्ली (शोर संदेश) रूस द्वारा पूर्वी यूक्रेन के दो क्षेत्रों डोनेत्स्क एवं लुहांस्क को स्वतंत्र देश की मान्यता दिए जाने के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद(UNSC) की आपात बैठक जारी है। इस बैठक में भारत की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई है। UNSC में भारत के स्थाई सदस्य टीएस तिरुमूर्ति ने यूक्रेन मसले पर भारत की तरफ से बयान दिया है। तिरुमूर्ति ने सभी देशों से संयम बरतने की अपील की है और भारतीय नागरिकों की सलामती के लिए हर संभव कदम उठाने की बात कही है।

रूस-यूक्रेन संकट के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में भारत ने कहा कि रूस के साथ यूक्रेन की सीमा पर बढ़ता तनाव गहरी चिंता का विषय है। इन घटनाक्रमों में क्षेत्र की शांति और सुरक्षा को कमजोर करने की क्षमता है। हम सभी पक्षों से संयम बरतने का आह्वान करते हैं। हमें विश्वास है कि इस मुद्दे को केवल राजनयिक बातचीत के माध्यम से हल किया जा सकता है। नागरिकों की सुरक्षा आवश्यक है। 20,000 से अधिक भारतीय छात्र और नागरिक यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहते और पढ़ते हैं। भारतीयों की सलामती हमारी प्राथमिकता है।रूस-यूक्रेन संकट के बीच यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए प्रयास शुरू हो गया है। मंगलवार सुबह एयर इंडिया का विशेष विमान यूक्रेन रवाना हो गया है। भारत की ओर से 200 से अधिक सीटों वाले ड्रीमलाइनर बी-787 विमान को विशेष अभियान के लिए तैनात किया गया है। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस पर शांति वार्ता को बर्बाद करने का आरोप लगाया और मंगलवार की सुबह के शुरुआती घंटों में राष्ट्र के नाम एक संबोधन में किसी भी क्षेत्रीय रियायत को खारिज कर दिया है। इसके अलावा यूएनएससी की बैठक में संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन के राजदूत सर्गेई किस्लिट्स्या ने कहा कि हम शांति चाहते हैं, हम एक राजनीतिक और राजनयिक समझौते के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम उकसावे के आगे नहीं झुकते हैं।

 

*अपने चीनी एयरक्राफ्ट्स के लिए पाकिस्तान से मिसाइल खरीदेगा म्यांमार…*

12-Feb-2022

नई दिल्ली (शोर संदेश)। चीन और पाकिस्तान अब दूसरे तरीके से भारत को घेरने की कोशिश में जुटे हैं। अब ये दोनों दुश्मन देश भारत के पड़ोसी राज्यों को अपने पक्ष में करने की योजना बना रहे हैं। इसीलिए म्यांमार को अपने पाले में लाने के लिए दोनों हर संभव प्रयास कर रहे हैं। दरअसल, म्यांमार ने पाकिस्तान के साथ सैन्य हथियारों की खरीद के लिए एक डील की है। इस डील के तहत यह देश पाकिस्तान से 60-81 एमएम मोर्टार, M-79 ग्रेनेड लॉन्चर और मशीन गन खरीदेगा। इसको लेकर जल्द ही म्यांमार का प्रतिनिधि मंडल पाकिस्तान का दौरा करने वाला है। जानकारों का कहना है कि चीन के हस्तक्षेप से पाकिस्तान को यह डील मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक, म्यांमार और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक रिश्ते कुछ ज्यादा ही परवान चढ़ रहे हैं। पता चला है कि म्यांमार पाकिस्तान से हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल खरीदने की भी योजना बना रहा है। वह इन मिसाइलों की खरीदारी JF-17 फाइटर एयरक्राफ्ट्स के लिए करना चाहता है। म्यांमार ऐसा पहला देश था, जिसने JF-17 फाइटर एयरक्राफ्ट्स का आयात किया था। इन लाइट वेट मल्टी रोल कॉम्बेट एयरक्राफ्ट्स को पाकिस्तान और चीन ने मिलकर तैयार किया है।

चीन ने इस तरह बनाई रणनीति
चीन ने म्यांमार पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसलिए म्यांमार सीधे तौर पर चीन से ड्रोन नहीं खरीद सकता है। ऐसे में चीन ने हस्तक्षेप करके पाकिस्तान को बड़ी डील दिलवाने में मदद की है। इधर, म्यांमार में तख्तापलट के बाद पाकिस्तान लगातार अपनी करीबी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इसके पीछे चीन भी एक वजह बनकर समाने आया है है, जो अपने ज्यादातर हथियारों की सप्लाई पाकिस्तान को कर रहा है। इतना ही नहीं चीन पाकिस्तान में सैन्य हथियारों का निर्माण भी कर रहा है। अब वह अपने हथियारों को बेचने और भारत को घेरने के लिए दूसरी सैन्य रणनीति तैयार करने में जुटा हुआ है।


*अभी खत्म नहीं होगी महामारी, कोरोना के कई वैरिएंट आने बाकी : सौम्या स्वामीनाथन*

12-Feb-2022

नई दिल्ली (शोर संदेश)। कोरोना महामारी को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने फिर चेताया है। उसने साफ शब्दों में कहा है कि महामारी अभी खत्म नहीं हुई है। कोविड-19 के कई और चिंताजनक वैरिएंट आ सकते हैं।

संगठन की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने भविष्य में आने वाले कोरोना वायरस के वैरिएंट्स आफ कंसर्न को लेकर आगाह किया है। उन्होंने कहा कि हम देख चुके हैं कि वायरस अपने रूप बदलते रहा है। यह नए नए रूपों व स्वरूपों में सामने आता रहा है, इसलिए कोरोना के नए वैरिएंट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्वामीनाथन इन दिनों महामारी का हाल जानने के लिए दक्षिण अफ्रीका दौरे पर है।

तकनीकी प्रमुख करखोव ने भी चेताया था
इससे पूर्व डब्ल्यूएचओ की तकनीकी प्रमुख मारिया वैन करखोव ने कहा था कि ओमिक्रॉन कोरोना का अंतिम स्वरूप नहीं है। कोरोना के नए स्वरूप आ सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ओमिक्रॉन के चार अन्य स्वरूपों का पीछा कर रहा है। ओमिक्रॉन के बारे में हम बहुत कुछ जानते हैं, लेकिन सब कुछ नहीं जानते हैं। वैरिएंट्स के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है। इसमें बदलाव की बहुत गुंजाइश है। चूंकि यह बहुत तेजी से फैलता है, इसलिए इसके नए रूप आने की संभावना भी कायम है। इसलिए हमें टीकाकरण तेज करना होगा। नवंबर 2021 में बी.1.1529 ओमिक्रॉन वैरिएंट सामने आया था। इसके बाद से बीए.1, बीए.1.1, बीए.2 और बीए.3 आ चुके हैं। ये सब ओमिक्रॉन के दायरे में हैं।

वैन करखोव ने कहा कि बीए.2 वैरिएंट बीए.1 की तुलना में ज्यादा संक्रामक है। ऐसे में आशंका है कि विश्व के अन्य हिस्सों में भी यह मिले। मंगलवार को जारी डब्ल्यूएचओ की साप्ताहिक महामारी रिपोर्ट के अनुसार ओमिक्रॉन तेजी से फैल रहा है। यह कोरोना के 97 फीसदी नए मामलों में पाया गया है।


*अफगानिस्तान को 50 हजार टन गेहूं देगा भारत…*

12-Feb-2022

नई दिल्ली (शोर संदेश)। इटली की राजधानी रोम में भारतीय दूतावास ने कहा कि भारत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के आधार पर अफगानिस्तान के अंदर खाद्यान्न वितरित करेंगे। यह समझौता अफगानिस्तान को चिकित्सा सहायता के अपने चौथे बैच के हिस्से के रूप में भारत द्वारा तीन टन दवाओं की आपूर्ति करने के कुछ दिनों बाद हुआ है।

विदेश मंत्रालय ने 11 फरवरी को दिये बयान में कहा है कि हमारी मानवीय सहायता के हिस्से के रूप में, भारत ने अफगानिस्तान को 3 टन आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं से युक्त चिकित्सा सहायता के चौथे बैच की आपूर्ति की है। सहायता में मिली जीवन रक्षक दवाओं को काबुल के इंदिरा गांधी अस्पताल को सौंप दिया गया। मंत्रालय ने आगे कहा कि भारत सरकार मानवीय सहायता प्रदान करके अफगानिस्तान के कमजोर लोगों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें यह भी कहा गया है कि भारत अफगान लोगों को दवाओं और खाद्यान्नों सहित मानवीय सहायता के और बैच प्रदान करेगा। कोविड-19 टीकों की 500,000 खुराक और 50,000 टन गेहूं भारत द्वारा अफगानिस्तान को आवंटित सबसे महत्वपूर्ण आपूर्ति है।

 

*जॉनसन एंड जॉनसन के बेबी पाउडर पर प्रतिबंध की तैयारी, जानें क्या है कारण…*

08-Feb-2022
लंदन/नई दिल्ली (शोर संदेश)। छोटे बच्चों और महिलाओं में फार्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन का टेल्क-आधारित बेबी-पाउडर कभी बहुत लोकप्रिय था। लेकिन इससे कैंसर होने की बात सामने आने के बाद अब यह पूरी दुनिया में प्रतिबंधित हो सकता है। ब्रिटेन में कंपनी के शेयरधारकों ने एकजुट होकर इस पाउडर की बिक्री पर वैश्विक प्रतिबंध का प्रस्ताव बनाया है। उल्लेखनीय है कि इस पाउडर की वजह से महिलाओं को कैंसर होने के 34 हजार मुकदमे जॉनसन एंड जॉनसन पर चल रहे हैं।

  
अमेरिका में इस पाउडर में एस्बेस्टस का एक प्रकार क्त्रिस्सोटाइल फाइबर मिला था, जिसके बाद इससे कैंसर की आशंका जताई गई, यह तत्व कैंसरकारी माना जाता है। हजारों महिलाओं ने उसके पाउडर से बच्चेदानी का कैंसर होने के आरोप में मुकदमे किए। इस पर कंपनी ने सेल घटने का बहाना बना 2020 में अमेरिका व कनाडा में बेबी पाउडर बेचना बंद कर दिया। लेकिन आज भी ब्रिटेन सहित दुनिया के बाकी देशों में इसे बेच रही है। अब ब्रिटेन में एक निवेश प्लेटफॉर्म ट्यूलिपशेयर ने कंपनी के शेयरधारकों की ओर से यह बिक्री रोकने का प्रस्ताव तैयार किया। शेयरधारक अपने शेयरों को साथ में जमा कर प्रस्ताव के लिए जरूरी शेयर संख्या जुटा रहे हैं। अमेरिका की स्टॉक मार्केट नियामक एजेंसी एसईसी को यह प्रस्ताव भेजा गया है। अप्रैल में कंपनी की सालाना बैठक है, जहां यह प्रस्ताव लाने का प्रयास हो रहा है।

200 करोड़ डॉलर मुआवजा दे चुकी है
अमेरिका में मिजौरी की अदालत ने कैंसर से पीड़ित महिलाओं की 22 याचिकाओं में जॉनसन एंड जॉनसन के खिलाफ निर्णय दिया था। इसमें कंपनी 200 करोड़ डॉलर (आज के करीब 15 हजार करोड़ रुपये) मुआवजे व मुकदमे के खर्च के तौर पर दे चुकी है। भविष्य में इतना मुआवजा न देना पड़े, इसलिए उसने अपनी पाउडर उत्पादन शाखा को अलग कंपनी बनाया और बाद में विवादास्पद रूप से इसे दिवालिया दिखाया।

फिर भी कैंसर होने की बात मानने को तैयार नहीं
इतना सब होने पर भी कंपनी ने कई रिपोर्टों का हवाला देकर कहा कि उसके बेबी पाउडर से कैंसर नहीं होता। पाउडर में उपयोग हो रहे सभी तत्व सुरक्षित हैं। शेयरधारकों के ताजा प्रस्ताव के खिलाफ उसने एसईसी को लिखा कि इसे गलत मानते हुए रद्द करें क्योंकि पाउडर से कैंसर होने के हजारों मुकदमे अदालतों में विचाराधीन हैं।

लेबर सांसद ने कहा, शेयरधारक सही
ब्रिटेन की लेबर पार्टी के सांसद इयान लेवरी ने पिछले वर्ष संसद में कहा था कि जॉनसन एंड जॉनसन द्वारा अमेरिका के बाहर अपने टेल्कम पाउडर उत्पादों की बिक्री जारी रखना अनुचित है। शेयरधारकों के प्रस्ताव को उन्होंने सही बताया। उन्होंने कहा, भयानक कैंसर देने वाला यह उत्पाद आज भी ब्रिटेन और दुनिया भर में बेचा जा रहा है और कंपनी भारी मुनाफा कमा रही है।

 


*बांग्लादेश में भरी हुई नाव में लगी भीषण आग 38 लोगों की मौत*

24-Dec-2021

 ढाका (शोर संदेश)। बांग्लादेश में भीषण आग में कई दर्जन लोगों की जान चली गई है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि बांग्लादेश में सुगंधा नदी में एक नाव में तब आग लग गई जब उसपर 1000 के करीब लोग मौजदू थे। बताया गया कि ये आग इतनी भयंकर थी कि इससे बचने के लिए लोगों ने नदी में छलांग लगा दी, जिस कारण भी कई लोग मार गए। जानकारी के मुताबिक, अब तक कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई है। दक्षिणी जिले झलकाठी में अग्निशमन सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी कलाम हुसैन भुइयां ने कहा, हमने अब तक 38 शव बरामद किए हैं। भुइयां ने कहा कि आग प्रक्षेपण के इंजन कक्ष से शुरू हुई। बताा गया कि ये लोग राजधानी ढाका से बरगुना जा रहे थे। झलकाठी के जिला प्रशासक जोहोर अली ने कहा कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि 50 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, कुछ यात्री अभी भी लापता हैं और कुछ की हालत गंभीर है। वहीं, आग लगने का कारण तत्काल साफ नहीं हो सका है।


*अमेरिकी दूतावास के पास रॉकेट से हमला इलाके में दहशत*

19-Dec-2021

बगदाद/नई दिल्ली (शोर संदेश) इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास रविवार सुबह लगातार दो रॉकेट दागे गए जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। इराकी न्यूज एजेंसी ने सेना के हवाले से इसकी जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार एक रॉकेट को सी-रैम रक्षा प्रणाली ने हवा में नष्ट कर दिया था, लेकिन दूसरा ग्रीन जोन में गिरा जिससे दो कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। हताहतों की तत्काल कोई सूचना नहीं है।


*अचानक छाया अंधेरा और फिर मौतों की खबर*

12-Dec-2021

वाशिंगटन/नई दिल्ली (शोर संदेश)। अमेरिका के केंटकी राज्य में शनिवार की शाम अचानक अंधेरा छाया, और इसके बाद कइयों की मौत की खबरें आने लगीं। भयंकर तूफान ने बहुत से लोगों को लील लिया। 11 दिसंबर की शाम को आए तूफान ने भारी तबाही मचाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह तूफान अब तक 80 से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है। सिर्फ केंटकी में ही 70 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। वहीं इलिनोइस में अमेजन के गोदाम की छत गिर जाने से करीब छह लोगों की मौत की खबर है। 

केंटकी से शुरू हुआ यह तूफान अब तक पांच राज्यों में भारी तबाही मचा चुका है। कई गाड़ियां इस भंयकर तूफान की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। वहीं जान व माल को भी भारी नुकसान हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस तूफान को इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक बताया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि यह एक त्रासदी है। हम अभी भी नहीं कह सकते कि इस तूफान में कितने लोगों की जान चली गई है और कितना नुकसान हुआ है। 

अचानक छाया अंधेरा और फिर मौतों की खबर 

बताया जा रहा है कि शनिवार को अचानक केंटकी में अंधेरा छा गया। भयंकर तूफान ने बहुत से लोगों को लील लिया। इसके बाद से बचाव दल के अधिकारी मलबे में दबे जीवित लोगों की तलाश कर रहे हैं। मरने वालों में कई केंटकी में एक मोमबत्ती कारखाने में काम कर करते थे। वहीं जिन छह लोगों की मौत हुई इलिनोइस में हुई है वे अमेजन के गोदाम में क्रिसमस के ऑर्डर तैयार कर रहे थे। केंटकी के गवर्नर एंडी बेशियर ने कहा कि यह इतिहास की सबसे विनाशकारी मानवीय आपदा है। डर है कि इस आपदा में हम 100 से अधिक लोगों को खो देंगे। 

हर तरफ सिर्फ तबाही का मंजर 

जिस शहर में सबसे ज्यादा तबाही हुई वहां पर सबकुछ अस्त व्यस्त हो चुका था। मेफील्ड शहर में कई घर, इमरातें मलबे में तब्दील हो गए हैं। पेड़ भी उखड़ चुके हैं और कारें खेतों में उल्टी पड़ी दिखाई दीं। गवर्नर बेशियर ने बताया कि जिस समय तूफान आया एक मोमबत्ती बनाने के कारखाने में करीब 110 लोग काम कर रहे थे और छत उनके ऊपर गिर गई। इस घटना में 40 लोगों को बचा लिया गया है। केंटकी के गवर्नर एंडी बेशियर ने कहा, `यह घटना केंटकी के इतिहास में सबसे खराब, सबसे विनाशकारी और सबसे घातक टॉरनेडो है।` उन्होंने कहा कि उन्हें डर है कि हम 100 से अधिक लोगों को खो देंगे। गवर्नर ने कहा, `मैंने अपने जीवन में जो कुछ भी देखा है, उसके विपरीत यह तबाही है और मुझे इसे शब्दों में बयां करने में परेशानी होती है।`गवर्नर ने कहा कि मेफील्ड शहर में एक मोमबत्ती कारखाने में छत गिरने से `बड़े पैमाने पर लोग हताहत हुए`. गवर्नर ने कहा कि आधी रात से पहले उन्होंने आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी थी. अमेरिका के कई राज्यों में कहर के रूप में तूफान ने तबाही मचाई है. मेफील्ड के मेयर ने कहा कि यह पश्चिमी केंटकी शहर `माचिस की तीली` में बदल गया। 10,000 लोगों के छोटे से शहर को अधिकारियों द्वारा ‘ग्राउंड ज़ीरो‘ कहा गया है। शहर में व्यापक विनाश हुआ है। ऐतिहासिक घर और इमारत गिर गई हैं. पेड़ों की टहनियां टूट गई हैं और खेतों में कारें पलटी हुई हैं। बेशियर ने कहा कि तूफान के समय मोमबत्ती फैक्ट्री में करीब 110 लोग काम कर रहे थे, जिससे उसकी छत गिर गई। उन्होंने कहा कि चालीस लोगों को बचा लिया गया है, लेकिन अगर कोई और जीवित पाया जाता है तो यह चमत्कार होगा। फैक्टरी के एक कर्मचारी ने फेसबुक पर एक दिल दहला देने वाली पोस्ट की है, जिसमें एक महिला कहती है, `हम फंस गए हैं, कृपया, आप सब हमारी मदद करें।` उसने कहा, `हम मेफील्ड में मोमबत्ती कारखाने में हैं। कृपया, आप सब हमारे लिए प्रार्थना करें।`


*बेकाबू ट्रक ने राहगीरों को रौंदा : 53 की मौत कई घायल*

10-Dec-2021

मेक्सिको/नई दिल्ली (शोर संदेश)। दक्षिणी मेक्सिको में गुरुवार की देर रात एक बेकाबू ट्रक ने भीड़ वाली सड़क पर लोगों को रौंद दिया। इस हादसे में अभी तक 53 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। यह दर्दनाक हादसा चियापास राज्य की राजधानी जाने वाली सड़क पर हुआ। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मालवाहक ट्रक जैसे ही पुल पर चढ़ा कि ड्राइवर ने अपना नियंत्रण खो दिया। जिससे सड़क किनारे चल रहे लोगों को रौंदते हुए डिवाइडर से टकरा गया। बताया जा रहा है कि मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है। चियापास राज्य नागरिक सुरक्षा कार्यालय के प्रमुख लुइस मैनुअल मोरेनो ने बताया कि मरने वालों और घायलों में ज्यादातर मध्य अमेरिका के अप्रवासी हैं, हालांकि उनकी राष्ट्रीयता की अभी पुष्टि नहीं हुई। मोरेनो ने बताया कि बचे हुए लोगों में से कुछ ने कहा कि वे पड़ोसी देश ग्वाटेमाला से हैं। मोरेनो ने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ट्रक इंसानों के भारी वजन के कारण  पलट गया और जैसे ही वाहन उसके ऊपर से गिरा, वह स्टील के पैदल पुल से टकरा गया। गौरतलब है कि हाल ही में मेक्सिकन अधिकारियों ने प्रवासियों को अमेरिकी सीमा की ओर बड़े समूहों में जाने से रोका था, लेकिन प्रवासी तस्करी का गुप्त और अवैध प्रवाह जारी है। 




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