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पीएम मोदी ने तीसरे कार्यकाल में तीन गुणा काम करने का किया वादा

24-Jun-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को 18वीं लोकसभा का पहला सत्र शुरू होने से पहले कहा कि उनकी सरकार तीसरे कार्यकाल में सबको साथ लेकर चलते हुए तीन गुणा काम करना चाहती है। उन्होंने देश में 50 साल पहले लगाए गए आपातकाल को याद करते हुए उसे लोकतंत्र पर "काला धब्बा" बताया।
पीएम मोदी ने यहां संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, सरकार चलाने के लिए बहुमत होता है, लेकिन देश चलाने के लिए सहमति बहुत जरूरी होती है। इसलिए हमारा निरंतर प्रयास रहेगा कि हर किसी की सहमति के साथ, हर किसी को साथ लेकर मां भारती की सेवा करें, 140 करोड़ देशवासियों की आशा-आकांक्षाओं को परिपूर्ण करें।
प्रधानमंत्री ने इंदिरा गांधी सरकार द्वारा लगाए गए आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा, कल 25 जून है। जो लोग इस देश के संविधान की गरिमा के प्रति समर्पित हैं, जो लोग भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं पर निष्ठा रखते हैं, उनके लिए 25 जून न भूलने वाला दिवस है। भारत के लोकतंत्र पर जो काला धब्बा लगा था, कल उसके 50 साल हो रहे हैं। भारत की नई पीढ़ी इस बात को कभी नहीं भूलेगी कि भारत के संविधान को पूरी तरह नकार दिया गया था।
संविधान के चिथड़े-चिथड़े उड़ा दिये गये थे। देश को जेलखाना बना दिया गया था। लोकतंत्र को पूरी तरह दबोच दिया गया था। इमरजेंसी के ये 50 साल इस संकल्प के हैं कि हम गौरव के साथ हमारे संविधान की रक्षा करते हुए भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा करते हुए संकल्प लेंगे कि भारत में फिर कभी कोई ऐसी हिम्मत नहीं करेगा जो 50 साल पहले की गई थी।
उन्होंने कहा कि देश की जनता ने 60 साल बाद किसी सरकार को तीसरी बार मौका दिया है। यह सरकार की नीयत और नीतियों, जनता के प्रति सरकार के समर्पण भाव पर जनता जनार्दन की मुहर है। उन्होंने कहा, हमारा दायित्व भी बढ़ जाता है। इसलिए, मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि हमारे तीसरे कार्यकाल में हम पहले से तीन गुणा ज्यादा मेहनत करेंगे, हम तीन गुणा परिणाम भी लाकर रहेंगे।
 

शुभारंभ:18वीं लोकसभा का पहला संसद सत्र कल से, नए सदस्य लेंगे शपथ

23-Jun-2024
नई दिल्ली। (  शोर संदेश  )  18वीं लोकसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू हो जायेगा। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सभी नवनिर्वाचित सांसद शपथ लेंगे। वहीं लोकसभा स्पीकर के पद के लिए चुनाव भी होंगे और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। अप्रैल-जून में हुए लोकसभा चुनाव बाद यह पहला लोकसभा सत्र होगा। 18वीं लोकसभा में एनडीए के पास 293 सीटों के साथ बहुमत है, जबकि भाजपा के पास 240 सीटें हैं। विपक्षी इंडिया ब्लॉक के पास 234 सीटें हैं, जिसमें कांग्रेस के पास 99 सीटें हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और उनके मंत्रिपरिषद के सदस्य सुबह 11 बजे से शपथ लेंगे। पीएम मोदी के शपथ लेने के बाद मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्य शपथ लेंगे। इसके बाद अलग-अलग राज्यों के सांसद एल्फाबेटिकल ऑर्डर में शपथ लेंगे यानी असम के सांसदों का क्रम सबसे पहले आएगा वहीं पश्चिम बंगाल के सांसद सबसे आखिर में शपथ लेंगे। सोमवार को मंत्रिपरिषद समेत 280 नवनिर्वाचित सांसद ही शपथ लेंगे, जबकि अगले दिन (25 जून) 264 नवनिर्वाचित सांसद शपथ लेंगे।
प्रोटेम स्पीकर के पद पर विवाद
सत्र के पहले दिन ही बीजेपी नेता और सात बार के सांसद भर्तृहरि महताब को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त करने पर विवाद हो सकता है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने इस पद के लिए कांग्रेस सदस्य कोडिकुन्निल सुरेश के दावे को नजरअंदाज किया है। सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति भवन में महताब को लोकसभा के प्रोटेम स्पीकर के तौर पर शपथ दिलाएंगी। इसके बाद महताब संसद पहुंचेंगे और सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू करेंगे। इसके बाद लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह लोकसभा के लिए चुने गए सदस्यों की सूची सदन के पटल पर रखेंगे। राष्ट्रपति ने लोकसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ/प्रतिज्ञान दिलाने में महताब की सहायता के लिए कोडिकुन्निल सुरेश (कांग्रेस), टीआर बालू (डीएमके), राधा मोहन सिंह और फग्गन सिंह कुलस्ते (दोनों भाजपा) और सुदीप बंद्योपाध्याय (तृणमूल कांग्रेस) को नियुक्त किया है।

लोकसभा स्पीकर के पद के लिए चुनाव 26 जून को होगा और उसके बाद प्रधानमंत्री अपने मंत्रिपरिषद का सदन में परिचय कराएंगे। राष्ट्रपति 27 जून को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे। 28 जून को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस शुरू होगी। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी 2 या 3 जुलाई को बहस का जवाब देंगे।
 

प्रज्वल रेवन्ना के भाई सूरज पर भी यौन उत्पीड़न का लगा आरोप, पुलिस ने कियएा गिरफ्तार

23-Jun-2024
कर्नाटक।  (  शोर संदेश  )  सेक्स स्कैंडल में फंसे प्रज्वल रेवन्ना के भाई व जनता दल सेक्युलर के नेता सूरज रेवन्ना को भी हासन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. बता दें कि सूरज को एक कथित तौर पर पार्टी के 27 वर्षीय कार्यकर्ता के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. आरोप में कहा गया है कि 16 जून को रेवन्ना के फार्महाउस में युवक के साथ यौन उत्पीड़न किया गया था. शिकायत में कहा गया है कि सूरज ने पार्टी कार्यकर्ता को जबरदस्ती अपने फार्महाउस पर बुलाया और फिर उसे चूमा और उसके गालों व होंठ को काट लिया. जब वह इसका विरोध कर रहा था तो सूरज ने उसे जान से मारने की भी धमकी दी. पीड़ित ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. अपने शिकायत में सूरज रेवन्ना के साथ ही पीड़ित ने शिवकुमार पर भी आरोप लगाया है कि शिवकुमार को घटना के बारे में बताया गया और कहा गया कि मैं न्याय के लिए लड़ूंगा. इस पर शिवकुमार ने उसे अपना मुंह बंद रखने के लिए 2 करोड़ रुपये की पेशकश की थी. 
आपको बता दें कि पुलिस थाने में केस दर्ज कराने से पहले पीड़ित ने पुलिस महानिदेशक और राज्य के गृह मंत्री को शिकायत की थी. पुलिस ने सूरज के खिलाफ शनिवार को आईपीसी की धारा 342 (बंधक बनाकर), 377 (अप्राकृतिक शारीरिक संबंध बनाना), 506 और 34 के तहत यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया है. वहीं, पहले पीड़ित ने मेडिकल जांच कराने से इनकार कर दिया था लेकिन देर रात पुलिस ने बेंगलुरु के एक अस्पताल में उसका मेडिकल जांच कराया. रविवार को पीड़ित का पोटेंसी टेस्ट किया जाएगा. 
वहीं, मामले पर सूरज ने सफाई देते हुए कहा है कि उस पर झूठा आरोप लगाया गया है. यह आरोप 5 करोड़ रुपये के लिए लगाया गया है. शिवकुमार ने चेतन पर आरोप लगाया है कि उसने 5 करोड़ रुपये वसूलने के लिए यौन उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाया है.

अब रोजाना हो सकेंगे रामलला के दर्शन, राम मंदिर ट्रस्ट देगा नए पास

23-Jun-2024
अयोध्या। (  शोर संदेश  ) राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि ट्रस्ट ऐसे साधु-संतों और आम लोगों की सूची तैयार कर रहा है जो रामलला के नित्य दर्शन करना चाहते हैं। इस काम के लिए सात सदस्यीय टीम बनाई गई है। साधु-संतों से संपर्क कर उनसे फॉर्म भरवाया जा रहा है। उनके आधार कार्ड की कॉपी ली जा रही है। आने वाले दिनों में उन्हें पास जारी किए जाएंगे। 
अयोध्यावासी भी बनवा सकेंगे पास
आम अयोध्यावासी भी यदि रामलला के नित्य दर्शन करना चाहते हैं तो राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय संपर्क कर सकते हैं। हालांकि, ट्रस्ट कार्यालय में आवेदन स्वीकार करने की सुविधा अभी शुरू नहीं की गई है। जल्द ही इसके लिए ट्रस्ट के कर्मियों की तैनाती कर पंजीकरण की सुविधा शुरू की जाएगी।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद भीड़ के चलते टूट गई थी परंपरा 
संतों का कहना है आराध्य के नित्य दर्शन भी एक साधना है अयोध्या में बड़ी संख्या में ऐसे साधु-संत हैं, जो लंबे समय से सरयू स्नान, रामलला, कनक भवन व हनुमानगढ़ी का नित्य दर्शन करते आ रहे हैं। साधु-संतों के अलावा कई आम जन भी तीनों पीठों के नित्य दर्शन करते हैं, लेकिन रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने से नित्य दर्शन की परंपरा भी टूट गई। वे जब भी जाते, उन्हें घंटों लाइन में लगकर दर्शन करना पड़ता है।
चरणामृत, चंदन लगाने पर रोक नहीं 
राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि परंपराएं यथावत हैं। दोपहर की आरती में जो श्रद्धालु होते हैं, उन्हें चरणामृत दिया जाता है। कुछ श्रद्धालुओं को पुजारी चंदन भी लगाते हैं, इनमें आम से लेकर खास तक शामिल होते हैं। इस पर रोक नहीं लगाई जा सकती।

अटल पेंशन योजना से 2023-24 में जुड़े रिकॉर्ड 1.22 करोड़ नए सदस्य, जानिए स्कीम के लाभ

23-Jun-2024
नई दिल्ली। (  शोर संदेश  ) नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई अटल पेंशन योजना में साल 2023-24 में रिकॉर्ड 1.22 करोड़ नए लोगों ने खाता खुलवाया है। सरकार के द्वारा शुरू की गई इस सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत अभी तक अटल पेंशन योजना के साथ जुड़े खाताधारकों की संख्या 6.62 करोड़ हो गई है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड अथॉरिटी की तरफ से जुटाए गए आंकड़ों से इस बात का खुलासा हुआ है।
अटल पेंशन योजना को लेकर जो आंकड़े सामने आए हैं उसके अनुसार इस योजना में कुल खाताधारकों में 70.44 प्रतिशत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा, 19.80 प्रतिशत क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों द्वारा, 6.18 प्रतिशत निजी क्षेत्र के बैंकों द्वारा, 0.37 प्रतिशत भुगतान बैंकों द्वारा, 0.62 प्रतिशत स्मॉल फाइनेंस बैंक द्वारा और 2.39 प्रतिशत का खाता सहकारी बैंकों का है।
नामांकन में 24 प्रतिशत की वृद्धि
बता दें कि अटल पेंशन योजना को देखें तो वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में सकल नामांकन में 24 प्रतिशत की वृद्धि हासिल हुई है, यह 6.44 करोड़ पर पहुंच गई है। पीएफआरडीए के अध्यक्ष दीपक मोहंती की मानें तो अटल पेंशन योजना महिलाओं और युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रही है। इस वित्त वर्ष में इसमें जितने नामांकन हुए हैं उसमें से 52 प्रतिशत महिलाएं थीं। इस योजना की शुरुआत से अब तक देखें तो जितने नामांकन हुए हैं उसमें से 70 प्रतिशत ग्राहक 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के हैं।
यूपी में सबसे ज्यादा नामांकन
उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा नामांकन इस योजना के तहत हुआ है जो 1 करोड़ से अधिक है। इसके बाद बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु आते हैं जहां 50-50 लाख नामांकन हुआ है। मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक में इस योजना से 30-30 लाख से अधिक लोग जुड़े हैं। वहीं गुजरात, ओडिशा, झारखंड जैसे राज्यों से इस योजना से 20-20 लाख लोग जुड़े हैं। इन्हीं 12 राज्यों से 80 प्रतिशत से अधिक नामांकन इस योजना में हुए हैं।
अटल पेंशन योजना के लाभ
अटल पेंशन योजना (APY) एक सरकारी पेंशन योजना है जिसे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को पेंशन की सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इस योजना के अंतर्गत, सदस्य नियमित अंशदान देकर 60 वर्ष की आयु के बाद मासिक पेंशन प्राप्त कर सकते हैं। आइए इस योजना के प्रमुख लाभों पर एक नजर डालते हैं।
आर्थिक सुरक्षा
60 वर्ष की आयु के बाद नियमित मासिक पेंशन प्राप्त होती है, जिससे वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा मिलती है। पेंशन की राशि 1,000 रुपये से 5,000 रुपये प्रति माह तक हो सकती है, जो अंशदान के आधार पर निर्धारित होती है।
सरकारी सह-अंशदान
योग्य सदस्यों को भारत सरकार द्वारा 5 वर्ष तक वार्षिक 1,000 रुपये या अंशदान का 50% (जो भी कम हो) का सह-अंशदान दिया जाता है। यह सुविधा उन सदस्यों के लिए है जो किसी अन्य वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजना के लाभार्थी नहीं हैं और आयकर दाता नहीं हैं।
नियमित अंशदान
सदस्य को 18 वर्ष से 40 वर्ष की आयु के बीच में योजना में शामिल होना होता है। अंशदान की राशि सदस्य की आयु और चयनित पेंशन राशि के आधार पर निर्धारित होती है। अंशदान को बैंक खाते से स्वचालित रूप से काट लिया जाता है।
पारदर्शिता और सुरक्षा
यह योजना पूरी तरह से सरकार द्वारा समर्थित है, जिससे निवेश की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। अंशदान और पेंशन की जानकारी ऑनलाइन चेक की जा सकती है।
परिवार को लाभ
सदस्य की मृत्यु के मामले में, उनके पति/पत्नी को पेंशन जारी रहती है। यदि पति/पत्नी की भी मृत्यु हो जाती है, तो नामांकित व्यक्ति को संचित राशि का भुगतान किया जाता है।
 

दिल्ली में जल संकट को लेकर आतिशी का अनिश्चितकालीन अनशन शुरू

21-Jun-2024
नई दिल्ली।(  शोर संदेश  )  आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली सरकार की जल मंत्री आतिशी का अनिश्चितकालीन अनशन शुक्रवार दोपहर से जंगपुरा के भोगल इलाके में शुरू हो गया। अनशन पर बैठने से पहले वह मुख्यमंत्री आवास पहुंची और सुनीता केजरीवाल, सौरभ भारद्वाज और संजय सिंह के साथ राजघाट गईं। राजघाट पहुंच कर उन्होंने महात्मा गांधी समाधि पर पुष्प अर्पित किए और अनशन पर बैठने के लिए भोगल रवाना हो गई।
दिल्ली में चल रहे जल संकट को लेकर आतिशी ने अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा और केंद्र सरकार दोनों ही दिल्ली के लोगों को पानी के लिए तरसा रही है। जनता त्राहिमाम कर रही है और हरियाणा सरकार दिल्ली के हिस्से का पानी नहीं दे रही है। इसलिए अब अनिश्चितकालीन अनशन की शुरुआत की जा रही है।
आतिशी ने बताया कि दिल्ली वालों को उनके हक का पानी मिले, इसके लिए हर संभव प्रयास किया गया। फिर भी हरियाणा ने पानी नहीं दिया, इसलिए अब मजबूरन 'पानी सत्याग्रह' करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने सिखाया है सच्चाई की लड़ाई लड़ने के लिए सत्याग्रह अंतिम उपाय है। मैं सत्याग्रह के जरिए दिल्ली के 28 लाख लोगों के लिए इस लड़ाई को लड़ूंगी।
आतिशी ने बताया कि दिल्ली को हरियाणा से 613 मिलियन गैलन (एमजीडी) पानी मिलना चाहिए लेकिन हरियाणा मात्र 513 एमजीडी पानी दे रहा है। दिल्ली में हरियाणा से रोजाना 100 एमजीडी पानी कम आ रहा है। इससे पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है और 28 लाख से ज़्यादा लोगों को अपने हक का पानी नहीं मिल पा रहा है। जब तक हरियाणा सरकार दिल्ली के 28 लाख लोगों के हक का पानी नहीं छोड़ती, तब तक मैं अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठूंगी।
आतिशी ने कहा कि दिल्ली में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। दिल्ली वाले इस हीट वेव से परेशान हैं। ऐसे में ज्यादा पानी की ज़रूरत है। दिल्ली की कुल पानी की सप्लाई 1005 मिलियन गैलन प्रतिदिन है। इसमें से 613 एमजीडी हरियाणा से आता है। लेकिन हरियाणा पिछले कुछ दिनों से 513 एमजीडी ही पानी दे रहा है। यानी दिल्ली में रोजाना 100 मिलियन गैलन पानी कम आ रहा है। इस कारण दिल्ली में 28 लाख से ज़्यादा लोगों को अपने हक का पानी नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा, "मैंने जल मंत्री होने के नाते हर संभव कोशिश की। केंद्र सरकार से बात की, हरियाणा सरकार से बात की, हिमाचल प्रदेश सरकार से बात की। हिमाचल पानी देने को तैयार है लेकिन वो भी हरियाणा से होकर आना है और इसके लिए हरियाणा सरकार ने मना कर दिया। हम सुप्रीम कोर्ट गए। हमने अपने अफसरों को हरियाणा सरकार के पास भेजा फिर भी हरियाणा सरकार ने पानी देने से मना कर दिया। मैंने प्रधानमंत्री जी को भी चिट्ठी भी लिखी। लेकिन इन सब के बावजूद अभी तक हरियाणा सरकार ने दिल्लीवालों को पानी नहीं दिया है।"
आतिशी ने कहा, अब दिल्लीवालों को पानी दिलवाने के लिए मेरे पास कोई और रास्ता नहीं बचा है। हर संभव प्रयास करने के बाद भी मैं दिल्लीवालों को पानी नहीं दिला पाई हूं और मुझसे अब इनका कष्ट नहीं देखा जा रहा है। इसलिए 21 जून से मैं दिल्लीवालों को पानी दिलवाने के लिए अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ रही हूं। अदालत ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर केजरीवाल की जमानत दी थी। इसके बाद शुक्रवार सुबह ईडी दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गई।

कल्लाकुरिची शराब त्रासदी मामले में मरने वाले लोगों की संख्या 47 हुई

21-Jun-2024
चेन्नई । (  शोर संदेश  ) तमिलनाडु के कल्लाकुरिची जिले में जहरीली शराब पीने से मरने वाले लोगों की संख्या 47 हो गई है। 60 से अधिक लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। कल्लाकुरिची शराब त्रासदी मामले में तमिलनाडु के चिकित्सा शिक्षा निदेशक जे. संगुमनी ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़कर 47 हो गई है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने घटना पर दुःख व्यक्त किया और इसे रोकने में विफल रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मृतकों के परिवार को 10-10 लाख रुपये और उपचाराधीन लोगों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है।
पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी गोकुलदास की मौजूदगी वाले एक सदस्यीय आयोग ने मामले की जांच करने की घोषणा की है, जिसकी रिपोर्ट 3 महीने के भीतर प्रस्तुत की जाएगी। स्टालिन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, कल्लाकुरिची में मिलावटी शराब पीने वाले लोगों की मौत की खबर सुनकर मैं स्तब्ध और दुःखी हूं। इस अपराध में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसे रोकने में विफल रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
राज्यपाल आर.एन. रवि ने भी शोक व्यक्त किया और बीमारों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा, कल्लाकुरिची में अवैध शराब के सेवन से हुई कथित मौतों से गहरा सदमा लगा है। कई और पीड़ित गंभीर हालत में हैं और जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है और अस्पतालों में भर्ती लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। हमारे राज्य के विभिन्न हिस्सों से अवैध शराब के सेवन से अक्सर लोगों की दुःखद मौत की खबरें आती रहती हैं। यह अवैध शराब के उत्पादन और खपत को रोकने में निरंतर हो रही चूक को दर्शाता है। यह गंभीर चिंता का विषय है।

सीने में दर्द की शिकायत के बाद आसाराम जोधपुर एम्स में भर्ती

21-Jun-2024
जोधपुर। (  शोर संदेश  ) बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को सीने में दर्द की शिकायत के बाद जोधपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है। सोमवार को आसाराम ने सीने में दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद जेल अधिकारी उसे जेल डिस्पेंसरी ले गए, जहां उसका इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम टेस्ट हुआ।
गुरुवार को उसे नियमित जांच के लिए एम्स ले जाया गया, जहां उसे एनीमिया पाया गया। हालांकि, उसकी अन्य जांच रिपोर्ट सामान्य थी। जांच के बाद उसे जेल भेज दिया गया। इस बीच, गुरुवार देर रात सीने में दर्द की शिकायत पर आसाराम को फिर से एम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया। इससे पहले आसाराम ने जोधपुर के एक निजी अस्पताल में आयुर्वेदिक इलाज कराने की अनुमति राजस्थान हाई कोर्ट से मांगी थी, जिसे मंजूरी मिल गई थी।

दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल की रिहाई पर लगाई रोक

21-Jun-2024
नई दिल्ली (  शोर संदेश  ) । दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गुरुवार को राउज एवेन्यू कोर्ट से जमानत मिली थी लेकिन शुक्रवार को हाई कोर्ट ने उनकी रिहाई पर रोक लगा दी। वह शराब घोटाला से संबंधित मनी लांड्रिंग मामले में जेल में हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शराब घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में निचली अदालत के जमानत आदेश को चुनौती देते हुए शुक्रवार को हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
ईडी की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने जस्टिस सुधीर कुमार जैन और जस्टिस रविंदर डुडेजा की वेकेशन बेंच में याचिका लगाई। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने रिहाई पर रोक लगा दी।
एएसजी राजू ने कहा, मैं तत्काल रोक की मांग कर रहा हूं। आदेश कल 8 बजे सुनाया गया था। आदेश अपलोड नहीं किया गया है। हमारी बात निचली अदालत में नहीं सुनी गई। सीएम केजरीवाल का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने स्टे लगाने की मांग का विरोध किया। सिंघवी ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के दस फैसले हैं कि जमानत रद्द करना जमानत देने से बिल्कुल अलग होता है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि मामले की पूरी सुनवाई होने तक जमानत आदेश लागू नहीं किया जाएगा। लोकसभा चुनाव के दौरान केजरीवाल को 21 दिन के लिए जमानत मिली थी। चुनाव समाप्त होते ही 2 जून को फिर से वो जेल चले गए थे।
इससे पहले गुरुवार शाम आदेश सुनाए जाने के वक्त ईडी ने अनुरोध किया था कि क्या जमानत बांड पर हस्ताक्षर को 48 घंटे के लिए टाला जाय, ताकि आदेश को बड़ी अदालत में चुनौती दी जा सके। अदालत ने ईडी के आग्रह को खारिज करते हुए आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। अदालत ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर केजरीवाल की जमानत दी थी। इसके बाद शुक्रवार सुबह ईडी दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गई।

प्रधानमंत्री ने बोले- जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में ‘युवाओं को बनाना है सशक्त

21-Jun-2024
नई दिल्ली ।(  शोर संदेश  )  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में शेर-ए-कश्मीर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (एसकेआईसीसी) में ‘युवाओं को सशक्त बनाना, जम्मू-कश्मीर में बदलाव लाना’ कार्यक्रम को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर में सड़क, जलापूर्ति और उच्च शिक्षा में अवसंरचना क्षेत्र सहित 1,500 करोड़ रुपये से भी अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।उन्होंने 1,800 करोड़ रुपये की लागत वाली कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धात्मकता वृद्धि परियोजना (जेकेसीआईपी) का भी शुभारंभ किया। मोदी ने 200 नई सरकारी भर्तियों को रोजगार पत्र सौंपने की भी पहल की।इस अवसर परप्रधानमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और केंद्र शासित प्रदेश के युवा अचीवरों से संवाद किया।
प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर की अपनी यात्रा को लेकर उत्साह व्यक्त किया और इसके दो विशेष कारण बताए। उन्होंने कहा, “सबसे पहलेआज का कार्यक्रम जम्मू-कश्मीर में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास से जुड़ा हुआ है और दूसरा, लोकसभा चुनाव के बाद जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ यह पहली बैठक है।”जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए इटली की अपनी हालिया यात्रा को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने सरकार के तीन कार्यकाल तक लगातार बने रहने के प्रभाव पर प्रकाश डाला क्योंकि इसने भारत के प्रति दुनिया का नजरिया बदल दिया है।उन्होंने यह भी कहा कि भारतीयों की हमेशा से उच्च आकांक्षाएं ही देश की सबसे बड़ी ताकत रही हैं। उन्होंने कहा कि यह उच्च आकांक्षा सरकार से उच्च उम्मीदों को जन्म देती है और इस पृष्ठभूमि में सरकार का लगातार तीसरा कार्यकाल विशेष है क्योंकि आकांक्षी समाज का एकमात्र मापदंड बेहतरीन कार्य-प्रदर्शन है।उन्होंने कहा, "लोगों को सरकार की नीयत और नीतियों पर भरोसा है।"
  प्रधानमंत्री ने कहा कि इस लोकसभा चुनाव में लोगों के जनादेश का बड़ा संदेश स्थिरता का है। उन्होंने पिछली सदी के अंतिम दशक में अस्थिर सरकारों के लंबे दौर का उल्लेख किया, जब देश ने 10 वर्षों में 5 चुनावों को देखा, जिसके परिणामस्वरूप विकास ठप्प हो गया था। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘उस दौर को पीछे छोड़कर भारत अब स्थिर सरकार के एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है, जिससे लोकतंत्र मजबूत हो रहा है।’’ इसके अलावा उन्होंने लोकतंत्र को मजबूत बनाने में जम्मू और कश्मीर के लोगों की भूमिका का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हम आज अटल जी के इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत के सपने को वास्तविकता में बदलते हुए देख रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने हालिया चुनावों में रिकॉर्ड मतदान का उल्लेख करने के साथ लोकतंत्र में जम्मू और कश्मीर की जनता के विश्वास की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “मैं लोकतंत्र का ध्वज ऊंचा रखने के आपके प्रयासों के लिए अपना आभार व्यक्त करने आया हूं।”
 


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