
रोम/नई दिल्ली (शोर संदेश)। प्रधानमंत्री मोदी अपने पांच दिवसीय विदेश यात्रा पर गुरुवार देर रात दिल्ली से इटली के लिए रवाना हुए। इस दौरान वे इटली में आयोजित जी-20 शिखर बैठक में भाग लेंगे, जहां वह अन्य जी-20 नेताओं के साथ महामारी, सतत विकास और जलवायु परिवर्तन से वैश्विक आर्थिक और स्वास्थ्य सुधार पर चर्चा में शामिल होंगे।इटली के प्रधानमंत्री मारियो ड्रैगी के निमंत्रण पर पीएम मोदी 30-31 अक्तूबर तक रोम में होने वाले 16वें जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी पीएम मारियो ड्रैगी के साथ बैठक भी करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी वेटिकन सिटी में पोप फ्रांसिस से भी मिलेंगे।दौरे पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि रोम में आयोजित 16वें जी-20 सम्मेलन में भाग लेने जा रहा हूं। इस दौरान जी-20 नेताओं के साथ महामारी, सतत विकास और जलवायु परिवर्तन से वैश्विक आर्थिक और स्वास्थ्य सुधार पर होने वाली चर्चा होगी। 29 से 31 अक्तूबर के दौरान रोम और वेटिकन सिटी का भी दौरा करूंगा। इसके बाद मैं प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के निमंत्रण पर एक से दो नवंबर तक ग्लासगो की यात्रा पर रहूंगा।
कोप-26 में एक नवंबर को भाग लेंगे
पीएम मोदी ब्रिटेन के ग्लासगो में सीओपी-26 वर्ल्ड लीडर्स समिट में भी हिस्सा लेंगे और कार्बन स्पेस के समान वितरण समेत जलवायु परिवर्तन के मुद्दों को व्यापक रूप से संबोधित करने की जरूरत को रेखांकित करेंगे। जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के लिए पार्टियों का 26वें सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इसमें दुनिया भर के 120 देशों के प्रमुख हिस्सा लेंगे। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने गुरुवार को बताया कि यह आठवीं जी-20 बैठक है, जिसमें पीएम शामिल होंगे। पिछले साल संगठन की शिखर बैठक कोरोना महामारी के कारण वर्चुअल हुई थी। उसकी मेजबानी सऊदी अरब ने की थी। इससे पहले जून 2019 में जापान के ओसाका में हुई जी-20 बैठक में पीएम मोदी ने व्यक्तिगत तौर पर भाग लिया था। इटली की मेजबानी में होने वाली इस साल की बैठक का विषय `जनता, पृथ्वी और समृद्धि (पीपल, प्लेनेट, प्रास्पैरिटी) है। यह विषय यूएन के टिकाऊ विकास के एजेंडा 2030 पर आधारित है।इटली बैठक का फोकस कोरोना महामारी से अर्थव्यवस्थाओं को उबारना, वैश्विक स्वास्थ्य सुशासन, जलवायु परिवर्तन, टिकाउ विकास और खाद्य सुरक्षा। श्रृंगला ने कहा कि भारत इटली द्वारा चुने गए प्राथमिकता क्षेत्रों का पूरी तरह समर्थन करता है। हम इनमें से प्रत्येक विषय पर इटली के साथ हैं और इसी के आधार पर बैठक में विचार विमर्श होगा।विदेश सचिव ने कहा कि जी-20 शिखर बैठक विचार विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच है। इसमें नए नीतिगत मसलों, जिनका नागरिकों के जीवन पर असर होता है, पर विचार किया जाता है। ये मसले वैश्विक वित्तीय स्थिरता, टिकाऊ वित्त, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा आदि हैं। प्रधानमंत्री मोदी रोम बैठक में वैश्विक चुनौतियों पर भारत का रुख सामने रख सकते हैं। वे अफगानिस्तान की स्थिति पर समग्र रूप से वैश्विक दृष्टिकोण की पैरवी करने के साथ ही जलवायु परिवर्तन और कोरोना महामारी के खिलाफ एकजुटता की भी बात कर सकते हैं।
अफगानिस्तान को मानवीय मदद करेंगे
श्रृंगला ने कहा कि हम अफगानिस्तान को मानवीय मदद उपलब्ध कराने के पक्ष में हैं। यदि मौजूदा परिस्थितियां जारी रहीं तो हम इसके लिए तैयार हैं। उनसे पूछा गया था कि क्या भारत अफगानिस्तान को खाद्यान्न भेजेगा? विदेश सचिव ने बताया कि जी-20 देशों के बीच महामारी से उबरकर पुन: खड़े होने को लेकर सर्वसम्मति है। इसमें मुख्य फोकस रोजगार सृजन और कौशल विकास है। यह समग्र विचार विमर्श का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

जकार्ता/नई दिल्ली (शोर संदेश)। इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति सुकर्णो की बेटी सुकमावती सुकर्णोपुत्री ने इस्लाम धर्म को छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया है। सुकर्णो सुकमावती सुकर्णोपुत्री सेंटर बाली में आयोजित सुधी वडानी समारोह में सुकमावती ने हिंदू धर्म स्वीकार किया। सोशल मीडिया पर कई वीडियो शेयर किए जा रहे हैं जिसमें वह धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करती हुई नजर आईं। वीडियो में पुजारी को मंत्र पढ़ते सुकमावती के ऊपर पवित्र जल छिड़कते हुए देखा जा सकता है। उनकी परंपरागत तरीके से आरती भी उतारी गई तथा अन्य मान्यताओं का पालन भी करवाया गया। जब यह आयोजन खत्म हुआ तो उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस भी की। सुकमावती की दादी इदा अयू नयोमान राई श्रीमबेन हिंदू बनने के इस फैसले के लिए काफी हद तक वजह बनी हैं। सुकमावती के वकील ने मीडिया के इस फैसले की जानकारी दी कहा कि उन्हें हिंदू धर्म की काफी वृहद जानकारी है। यही नहीं सुकमावती हिंदू धर्म की सभी सिद्धांतों परंपराओं से पूरी तरह से वाकिफ हैं। उनके धर्मपरिवर्तन की एक खास बात ये भी है कि उनके इस कदम का उनके भाइयों, गुंटूर सोएकर्णोपुत्र गुरुह सोएकर्णोपुत्र, बहन मेगावती सोकर्णोपुत्री ने भी समर्थन किया है। इतना ही नहीं, उनके इस कदम का स्वागत उनके बच्चों यानी मुहम्मद पुत्र परवीरा उतामा, प्रिंस हर्यो पौंड्राजरना सुमौत्रा जीवनेगारा गुस्ती राडेन आयु पुत्री सिनिवती ने भी स्वागत किया है।

सुकमावती के खिलाफ ईशनिंदा का केस
सुकमावती अभी 70 साल की हैं सुकर्णो की तीसरी बेटी हैं। उनसे छोटी पूर्व राष्ट्रपति मेगावती सुकर्णोपुत्री हैं। वह इंडोनेशिया नैशनल पार्टी की संस्थापक भी हैं। उन्होंने कांजेंग गुस्ती पानगेरान अदिपति आर्या से शादी की थी लेकिन वर्ष 1984 में उनका तलाक हो गया था। वर्ष 2018 में सुकमावती पर एक ऐसी कविता कहने का आरोप लगा था जिससे इस्लाम का अपमान हुआ।


टोरंटो/नई दिल्ली (शोर संदेश)। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कैबिनेट में फेरबदल किया और उन्होंने भारतीय मूल की अनीता आनंद को नई रक्षा मंत्री बना दिया है। अनीता लंबे समय तक रक्षा मंत्री रहे भारतीय मूल के हरजीत सज्जन की जगह लेंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि उनका जोर प्रमुख सैन्य सुधारों के लिए होना चाहिए। हरजीत सज्जन को अब अंतरराष्ट्रीय मामलों का मंत्री बनाया गया है। सज्जन पर सैन्य यौन दुराचार संकट से निपटने में असफल होने के आरोप भी लगे।
सूत्रों के अनुसार, आनंद को रक्षा उद्योग के विशेषज्ञों के बीच हफ्तों तक एक मजबूत दावेदार के रूप में देखा गया, जिन्होंने कहा कि उन्हें भूमिका में ले जाने से बचे लोगों और सैन्य यौन दुराचार के शिकार लोगों को एक शक्तिशाली संकेत मिलेगा कि सरकार प्रमुख सुधारों को लागू करने के लिए गंभीर है। अनीता का जन्म 1967 में नोवा स्कोटिया में भारतीय माता-पिता के घर हुआ था, जो दोनों चिकित्सा पेशेवर थे। उनकी मां सरोज पंजाब से और पिता एस.वी. आनंद तमिलनाडु से थे। अनीता टोरंटो विश्वविद्यालय में कानून की प्रोफेसर रह चुकी हैं। उन्होंने टोरंटो के पास ओकविले से 2019 में सांसद का चुनाव लड़ा और जीत गईं। इसके बाद उनको सार्वजनिक सेवा और खरीद मंत्री के रूप में चुना गया था।साथ ही अनीता ने व्यापक शोध के साथ एयर इंडिया जांच आयोग की सहायता की। आयोग ने 23 जून 1985 को एयर इंडिया कनिष्क उड़ान 182 की बमबारी की जांच की, जिसमें सभी 329 लोग मारे गए थे। ये मामला खालिस्तानियों से जुड़ा था।


G-20 देशों से वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज करने की अपील
जिनेवा/नई दिल्ली (शोर संदेश)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख ड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कोरोना महामारी को लेकर एक बार फिर से चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है इसलिए सभी लोगों को अभी भी सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस संकट से निपटने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य उपकरणों को प्रभावी ढंग से उपयोग करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महामारी तब ही समाप्त होगी जब दुनिया इसे समाप्त करना चाहेगी। यह हमारे हाथ में है। हमारे पास वे सभी उपकरण हैं जिनकी हमें आवश्यकता है। लेकिन दुनिया ने उन उपकरणों का अच्छी तरह से उपयोग नहीं किया है। समाचार एजेंसी एएनआाई के मुताबिक, उन्होंने बर्लिन में वर्ल्ड हेल्थ समिट को संबोधित करते हुए यह बात कही।
G-20 देशों से वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज करने की अपील: डब्ल्यूएचओ प्रमुख
डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने G-20 देशों से भी आग्रह किया कि वे अपनी 40 फीसदी आबादी को कोवैक्स तंत्र और अफ्रीकी वैक्सीन अधिग्रहण ट्रस्ट (AVAT) में सक्रिय रूप से शामिल करें। प्रमुख ने दुनियाभर के देशों से वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज करने की अपील की। WHO की वेबसाइट के अनुसार, Covax और ACT का उद्देश्य दुनिया के हर देश के लिए विकास, उत्पादन और कोविड-19 के परीक्षण, उपचार और टीकों तक समान पहुंच में तेजी लाना है।
बूस्टर खुराक को लेकर भी जताई थी नाराजगी
बता दें कि इससे पहले डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कोरोना वायरस टीकों की बड़ी आपूर्ति वाले अमीर देशों से वर्ष 2021 के अंत तक बूस्टर खुराकें देने से परहेज करने की अपील की थी। इसके साथ ही घेबरेयेसस ने कुछ दवा कंपनियों के एक प्रमुख संघ की ओर से कोरोना वैक्सीन को लेकर की गई टिप्पणियों पर हैरानी भी जताई थी। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा था कि वह दवा निर्माताओं के एक प्रमुख संघ की टिप्पणियों पर हैरान हैं, जिन्होंने कहा है कि वैक्सीन की आपूर्ति इतनी अधिक है कि उन देशों में बूस्टर डोज और वैक्सीनेशन दोनों की अनुमति दी जा सकती है।

विंधोएक/नई दिल्ली (शोर संदेश)। नामीबिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश रूसी कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक-वी (Sputnik V) के इस्तेमाल पर रोक लगाएगा। दरअसल, ऐसा माना जा रहा है कि स्पूतनिक-वी वैक्सीन लेने वाले पुरुषों में एचआईवी होने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। नामीबिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि रूसी वैक्सीन के इस्तेमाल को बंद करने का उनका फैसला इस चिंता के सामने आने के बाद लिया गया है कि स्पूतनिक वी लेने वाले पुरुषों में संभवतः एचाईवी होने की आशंका ज्यादा होती है। वहीं, नामीबिया के इस फैसले पर स्पूतनिक-वी वैक्सीन को विकसित करने वाले जमेलिया रिसर्च इंस्टीट्यूट ने नाराजगी जाहिर की है। इंस्टीट्यूट ने कहा है कि नामीबिया का फैसला किसी साइंटिफिक एविडेंस या रिसर्च पर आधारित नहीं है। बीते कुछ दिन पहले देश दक्षिण अफ्रीका ने भी स्पूतनिक वैक्सीन को लेकर चिंता जाहिर की थी। दक्षिण अफ्रीकी नियामक SAHPRA ने फैसला लिया है कि वह अपने देश में स्पूतनिक-वी के आपात इस्तेमाल को मंजूरी नहीं देगा। इसके पीछे दवा नियामक ने कहा है कि कुछ शोधों से यह पता चला है कि स्पूतनिक-वी में एडेनोवायरस टाइप 5 वेक्टर है, जिसके इस्तेमाल से पुरुषों में एचाईवी होने की आशंका बढ़ जाती है। मालूम हो कि भारत में भी स्पूतनिक-वी वैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई थी। हालांकि, अभी तक ऐसी कोई आशंका सामने नहीं आई है।

अंकारा/नई दिल्ली (शोर संदेश)। तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने शनिवार को कहा कि उन्होंने 10 विदेशी राजदूतों को `अवांछित व्यक्ति` घोषित करने का आदेश दिया, जिन्होंने जेल में बंद एक परोपकारी कारोबारी की रिहाई की मांग की है। अंकारा में अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी समेत दस देशों के राजदूतों ने इस सप्ताह की शुरुआत में एक बयान जारी कर कारोबारी और परोपकारी उस्मान कवाला के मामले के निस्तारण की मांग की है जो एक अपराध के मामले में दोषी करार नहीं दिए जाने के बाद भी 2017 से जेल में हैं। एर्दोआन ने कहा कि उन्होंने राजदूतों को अवांछित घोषित करने का आदेश दिया है।
उन्होंने एक रैली में कहा, ``मैंने अपने विदेश मंत्री को निर्देश दिया और कहा कि आप इन 10 राजदूतों को अवांछित व्यक्ति घोषित करने के विषय को तत्काल संभालें।`` एर्दोआन ने कहा, ``वे तुर्की को पहचानेंगे, जानेंगे और समझेंगे। जिस दिन वे तुर्की को नहीं समझेंगे, वे यहां से चले जाएंगे।``
राजदूतों में नीदरलैंड, कनाडा, डेनमार्क, स्वीडन, फिनलैंड, नॉर्वे और न्यूजीलैंड के राजनयिक भी शामिल हैं। उन्हें मंगलवार को विदेश मंत्रालय में तलब किया गया था। किसी राजनयिक को `पर्सोन नॉन ग्रेटा`(अवांछित व्यक्ति) घोषित करने का आशय सामान्य रूप से होता है कि व्यक्ति के उसके मेजबान देश में आगे बने रहने पर प्रतिबंध होता है। कवाला (64) को 2013 में राष्ट्रव्यापी सरकार विरोधी प्रदर्शनों से जुड़े आरोपों में पिछले साल बरी कर दिया गया था, लेकिन फैसले को बदल दिया गया और इसमें 2016 के सत्तापलट के प्रयासों से जुड़े आरोपों को शामिल कर दिया गया।
तुर्की के खिलाफ करेगा कार्रवाई
अंतरराष्ट्रीय पयर्वेक्षकों और मानवाधिकार समूहों ने कई बार कवाला और कुर्द राजनेता सेलाहत्तिन डेमिरतस की रिहाई की मांग की। यूरोप की मानवाधिकार अदालत ने 2019 में कवाला की रिहाई की मांग करते हुए कहा था कि उनका दोष साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है और उन्हें कैद में उनका मुंह बंद करने की खातिर रखा गया है। `द काउंसिल ऑफ यूरोप` ने कहा था कि कवाला को रिहा नहीं किया जाता तो वह नवंबर में तुर्की के खिलाफ कार्रवाई करेगा।

वाशिंगटन/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने उत्तर पश्चिम सीरिया में हवाई हमले कर सीनियर अलकायदा नेता अब्दुल हामिद अल-मटर मार गिराया है। सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता मेजर जान रिग्सबी ने स्थानीय समयानुसार शुक्रवार को यह जानकारी दी। रिग्सबी ने बताया कि MQ-9 एयरक्राफ्ट के जरिए किए गए इस हवाई हमले में आम नागरिकों को नुकसान नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार आतंकी अब्दुल क्षेत्रीय हमलों, वित्त पोषण और अनुमोदन की योजना बनाता था। अमेरिकी आर्मी मेजर जान रिग्सबी ने लिखित बयान में कहा कि आतंकी अब्दुल हामिद अपने साथियों को वैश्विक हमले के लिए प्रशिक्षित कर रहा था। रिग्सबी के अनुसार हामिद अपने साथियों के साथ मिलकर 9/11 की तरह हमले की योजना बना रहा था लेकिन हमारी सेना ने उसके मंसूबे पर पानी फेर दिया। हमारे इस हमले के बाद आतंकी समूह अमेरिकी नागरिकों एवं निर्दोष लोगों पर हमला करने से डरेंगे। जानकारी के अनुसार दक्षिण सीरिया में अमेरिकी चौकी पर किए गए हमले के दो दिन बाद यह अमेरिका की ओर से हमला किया गया।
भारत पर भी हमले की योजना बना रहा अलकायदा
बता दें कि आतंकी संगठन अलकायदा भारत पर भी हमले की योजना बना रहा है। जानकारी के अनुसार असम पुलिस ने पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और आतंकी संगठन अल-कायदा की तरफ से आतंकी हमलों की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किया है। सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) की तरफ से जारी एक परिपत्र में कहा गया कि राज्य पुलिस की विशेष शाखा से मिली रिपोर्ट के आधार पर अलर्ट जारी किया गया है। आतंकी असम सहित देशभर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों, सैन्य अधिकारियों व विभिन्न क्षेत्रों के शीर्ष व्यक्तियों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं।

काबुल/नई दिल्ली (शोर संदेश)। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल स्थित देहमाजांग चौक के पास बुधवार तड़के जोरदार विस्फोट हुआ। इस घटना में कितने लोग हताहत हुए हैं इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। वहीं तालिबान प्रशासन ने भी मृतकों की संख्या बताने से फिलहाल इनकार कर दिया है। सूत्रों को एक स्थानीय निवासी ने जानकारी देते हुए कहा कि देहमाजांग इलाके में सुबह 7.50 बजे एक जोरदार धमाका सुनाई दिया और इस आवाज से लोगों में दहशत फैल गई। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि यह कार बम विस्फोट हो सकती है। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार तालिबान सुरक्षा बल के वाहन इलाके की ओर दौड़ रहे थे। तालिबान बलों को पहले ही सतर्क किया गया था प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि तालिबान बलों को संभावित हमले के बारे में पहले ही सतर्क कर दिया गया था, क्योंकि उन्होंने मंगलवार को काबुल शहर में कई चौकियों की स्थापना की और शहर में अलग-अलग स्थानों पर मुख्य सड़कों से गुजरने वाले हर वाहन की जांच की थी। हालांकि तालिबान प्रशासन ने इस घटना पर किसी भी तरह की जानकारी देने से इनकार कर दिया है। हाल के हफ्तों में भी हुए कई हमले अगस्त के मध्य में तालिबान के कब्जे के बाद से पूरे अफगानिस्तान में सुरक्षा स्थिति सामान्य रूप से शांत लेकिन अनिश्चित बनी हुई है। हालांकि हाल के हफ्तों में कई अफगान प्रांतों में इस्लामिक स्टेट से जुड़े आतंकवादियों द्वारा घातक बम हमलों को अंजाम दिया गया है।

काठमांडू/नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत के बाद अब नेपाल में भी भारी बारिश और भूस्खलन से हाहाकार मचा हुआ है। इस घटना में अबतक 21 लोगों की मौत हो गई है और 24 लोग लापता हैं। स्थानीय प्रशासन ने इसकी जानकारी दी है। राहत और बचाव कार्य जारी है। स्थिति इतनी भयावह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में सैकड़ों परिवारों को अपने घर छोड़कर दूसरे स्थानों पर जाना पड़ रहा है। काठमांडू टाइम्स के अनुसार, बेमौसम बारिश के कारण आई आपदा से सुदूरपश्चिम प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।
ये इलाके अत्यधिक प्रभावित
नेपाल के कंचनपुर, डोटी, कैलाली, डडेलधुरा, बैतडी, और बझांग जिले बाढ़ से अत्यधिक प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा महाकाली, करनाली और सेती नदियों में दशक का सबसे अधिक जल स्तर दर्ज किया गया है, जिससे जानमाल का भारी नुकसान हो रहा है। डोटी के जिला पुलिस कार्यालय के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम नौ लोग मारे गए और एक लापता है।

लंदन/नई दिल्ली (शोर संदेश)। जलवायु के क्षेत्र में प्रचार करने के लिए भारतीय मूल की छह साल की एलीशा गाधिया को ब्रिटिश पीएम बोरिस ने गुरुवार को जॉनसन डेली पॉइंट्स ऑफ लाइट अवार्ड से नवाजा। एलीशा एक जलवायु कार्यकर्ता हैं और ब्रिटेन की एनजीओ कूल अर्थ की मिनी एंबेसडर हैं और अपने प्रचार से उन्होंने एनजीओ के लिए 3000 पाउंड जुटाए हैं। एलीशा ने अपने स्कूल में एक विशेष जलवायु परिवर्तन क्लब भी बनाया है। इसमें वह बच्चों व उनके अभिभावकों को जलवायु की देखभाल, कूड़ा उठाने और पौधे लगाने जैसे काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।एलीशा कहती हैं, इस अवार्ड को लेकर वह बहुत उत्साहित और खुश हैं। पीएम बोरिस जॉनसन ने इसके लिए मुझे चुना और एक पत्र भी लिखा इसके लिए वह बहुत आभारी हैं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह अवार्ड मिलेगा। मेरा समर्थन करने वाले सभी लोगों का शुक्रिया।