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*रूस-यूक्रेन संकट के बीच मंडरा रहा है खाद्य सुरक्षा का खतरा…*

11-Mar-2022

नई दिल्ली (शोर संदेश)। रूस-यूक्रेन जंग के बीच दुनिया कई संकटों से जूझ रही है। सिर्फ सैन्य सुरक्षा एक मुद्दा नहीं है। कच्चे तेल और गैस के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीच एक और बड़ा संकट दुनिया के सामने मुंह फैला रहा है। दरअसल, कोरोना महामारी से उबर रहे विश्व के सामने अब खाद्य सुरक्षा का भी संकट खड़ा हो गया है।

दरअसल, यूक्रेन और रूस ऊर्जा उत्पादन के साथ ही साथ गेहूं और जौ के उत्पादन में भी विश्व के सबसे बड़े देशों में से एक हैं। दुनिया में गेहूं व जौ के आयात का लगभग एक तिहाई हिस्सा इन्हीं दो देशों से होता है। और तो और सूरजमुखी के तेल की सप्लाई करने वाला सबसे प्रमुख देश यूक्रेन ही है। युद्ध के बीच दुनिया में खाद्य पदार्थों की सप्लाई बाधित हो रही है, जिस कारण इनके दाम तेजी से बढ़ रहे हैं।

यूएन के अधिकारी ने जारी की चेतावनी 

विश्व खाद्य सुरक्षा समिति के प्रमुख ग्रेबियल फरेरो ने चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने पहले से ही दुनिया के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। भुखमरी पहले से ही बढ़ रही है। ऐसे में अब दो प्रमुख देशों के बीच युद्ध ने एक बार फिर से इसमें इजाफा कर दिया है। उन्होंने बताया कि महामारी से पहले की तुलना में वर्तमान में 16.1 करोड़ ज्यादा लोग भुखमरी से पीड़ित हैं। इस समय इनकी संख्या 82.1 करोड़ के करीब है। 

अभी से सचेत होने की आवश्यकता

दुनिया के कई ऐसे देश हैं, जो खाद्य सामग्री के लिए रूस और यूक्रेन पर पूरी तरह से निर्भर हैं। बांग्लादेश ही कुल खपत का लगभग आधा गेहूं रूस व यूक्रेन से आयात करता है। रिपोर्ट के अनुसार, गेहूं की सप्लाई में अभी बड़ी परेशानी नहीं आई है, इसके बावजूद इसकी कीमतों में 55% की वृद्धि हुई है।


*रूस ने की युद्ध विराम की घोषणा, मानवीय कारिडोर के जरिए लोगों को निकाला जाएगा*

08-Mar-2022

नई दिल्ली (शोर संदेश)। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का आज 13वां दिन है। बेलारूस में रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडलों के बीच सोमवार को तीसरे दौर की वार्ता संपन्न हुई। लेकिन इस वार्ता में कोई खास नतीजा नहीं निकला। हालांकि, ये माना जा रहा है कि जल्द ही दोनों देशों के बीच चौथे दौर की वार्ता होगी। साथ ही रूस ने मंगलवार को कीव, चेर्निहाइव, सुमी, खार्किव और मारियुपोल शहरों में मानवीय कारिडोर को खोलने के लिए युद्ध विराम की घोषणा की है। यूक्रेन में मास्को के समय अनुसार मंगलवार सुबह 10 बजे से युद्ध विराम की घोषणा की गई है। भारत में रूसी दूतावास ने बताया कि, यूक्रेन के युद्धग्रस्त क्षेत्रों से लोगों को निकालने के लिए आज दोपहर 12ः30 बजे(भारतीय समयानुसार) से सीजफायर रहेगा। इस दौरान लोगों को निकालने के लिए मानवीय कॉरिडोर बनाया जाएगा। कीव इंडिपेंडेंट ने यूक्रेन के सशस्त्र बलों के कमांडर वेलेरी जालुजनी के हवाले से बताया कि यूक्रेन के वायु रक्षा बलों ने कीव के ऊपर रूसी विमान को मार गिराया है। यहीं नहीं, यूक्रेन के कीव इंडिपेंडेंट ने जानकारी दी है कि रूसी मेजर जनरल वाइटली गेरासिमोव को खारकीव के करीब मार गिराया गया है। वहीं. रूस-यूक्रेन की स्थिति पर संयुक्त राज्य अमेरिका ने कहा है कि रूस से तेल आयात पर प्रतिबंध को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। बता दें कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा पिछले महीने विशेष सैन्य अभियान की घोषणा के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए हैं।


रूस-यूक्रेन युद्ध : नाटो ने अपनी सेनाओं को किया अलर्ट…

05-Mar-2022
कीव /नई दिल्ली (शोर संदेश) - रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध दिन-ब-दिन खौफनाक होता जा रहा है। ताजा खबर यह है कि रूसी सेना ने अब यूक्रेन के शहरों पर बमबारी की तैयारी शुरू कर दी है। यह जानकारी सामने आने के बाद अमेरिका समेत अन्य पश्चिम देशों ने आशंका जताई है कि इससे भारी संख्या में नागरिकों की मौत होगी। वहीं नाटो ने अपनी सेनाओं को अलर्ट कर दिया है।बता दें, रूस पहले ही कह चुका है यदि यूक्रेन की किसी ने मदद की तो भारी कीमत चुकाना होगी। यही कारण है कि तमाम देश यूक्रेन के साथ तो खड़े हैं, लेकिन वहां अपनी सेना उतारने के परहेज कर रहे हैं। वहीं यूक्रेन ने जर्मनी से भी सैन्य मदद मांगी है। वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने यहां फेसबुक और ट्विटर के साथ ही यूट्यूब पर भी बैन लगा दिया है।यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने युद्ध के दौरान रूसी सेना के 9,166 लोगों को मारने का बड़ा दावा किया है। ट्वीट कर बताया है कि 24 फरवरी से जारी इस युद्ध में अभी तक रूस के 939 हमला करने वाले सैन्य वाहन, हमले में योगदान देने वाले 404 अन्य वाहन, 251 टैंक, 105 तोपें, 60 ईंधन टैंकर, 50 राकेट लांचर, 33 लड़ाकू विमान, 37 अटैक हेलीकाप्टर, 18 एयर डिफेंस सिस्टम, तीन ड्रोन और दो स्पीड बोट नष्ट की गई हैं। इस प्रकार से यूक्रेन में रूस को सैन्य जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। गुरुवार को यूक्रेन में रूसी सेना के मेजर जनरल की मौत हुई थी। पता चला है उनकी गोली लगने से मौत हुई थी।रूसी मीडिया के अनुसार युद्धविराम की संभावना पर विचार के लिए शनिवार को रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडलों के बीच तीसरे दौर की वार्ता हो सकती है। दूसरे दौर की वार्ता गुरुवार को हुई थी और उसमें देसी-विदेशी नागरिकों को युद्धग्रस्त क्षेत्रों से निकलने के लिए सुरक्षित रास्ता देने पर सहमति बनी थी। कुछ अन्य बिंदुओं पर दोनों देशों की समान चिंताएं पाई गई हैं। उन्हीं सहमति वाले बिंदुओं पर फैसला लेने के लिए तीसरे दौर की वार्ता होगी।नाटो के महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग ने रूसी लड़ाकू विमानों को रोकने के लिए यूक्रेन के ऊपर के आकाश को नो फ्लाई जोन घोषित करने का यूक्रेनी सरकार का अनुरोध खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, नाटो इस लड़ाई का हिस्सा नहीं है। हम सारे प्रयास इसलिए कर रहे हैं कि तनाव यूक्रेन की सीमा से बाहर न बढ़े। हम सिर्फ नाटो देशों की सुरक्षा के संकल्प से जुड़े हुए हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि नाटो एक सुरक्षात्मक गठबंधन है। इसका उद्देश्य तनाव बढ़ाना नहीं है।

यूक्रेन में अपने सैन्य अभियान को आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार को रूसी सेना ने यूरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र जपोरीजिया पर कब्जा कर लिया। हमले के दौरान हुई बमबारी से संयंत्र में आग लग गई जिससे पूरी दुनिया में सनसनी पैदा हो गई। आनन-फानन में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आइएईए) और अन्य विशेषज्ञों ने रूस को तबाही के खतरे से आगाह किया, तब यूक्रेनी अग्निशमन दल को आग बुझाने की अनुमति मिली। इससे पहले रूस ने यूक्रेन के चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र पर कब्जा किया है। अमेरिका ने परमाणु संयंत्रों पर हमला कर मानव जाति को खतरे में डालने के लिए रूस पर युद्ध अपराध का आरोप लगाया है।अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों का दावा है कि यूक्रेन में राजधानी कीव और कई अन्य शहरों में हमले में जुटी सेना को को ईंधन और खाद्य सामग्री की कमी का सामना करना पड़ रहा है। खराब मौसम के चलते रूसी सेना के काफिले में शामिल वाहन कीचड़ और जाम में फंस गए हैं, इसलिए वे अग्रिम मोर्चों पर लड़ रहे सैनिकों को रसद नहीं पहुंचा पा रहे हैं। आठ दिन की लड़ाई में रूसी सेना के यूक्रेन के बड़े शहरों पर कब्जा न कर पाने का यह बड़ा कारण है।


भारी बमबारी में बच्चों समेत 8 की मौत, खारकीव में जारी है रूस का हमला

03-Mar-2022
कीव /नई दिल्ली (शोर संदेश) - रूस और यूक्रेन के बीच आज युद्ध का आठवां दिन है। रूस की ओर से अभी भी ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं। इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव पास कर रूसी सेना को यूक्रेन से बाहर जाने के लिए कहा है। इसके अलावा यूक्रेन में हवाई हमले का अलर्ट जारी किया गया है।रूस और यूक्रेन के बीच जंग अब खतरनाक मोड़ पर आ गई पहुंची है। रूसी सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव को चारो तरफ से घेर लिया है। रूस की सेना यूरोप के सबसे न्यूक्लियर पावर प्लांट की तरफ भी बढ़ रही है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का आज आठवां दिन है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने यूक्रेन से रूसी सेना की वापसी का प्रस्ताव भी पारित कर दिया है। इस बीच दोनों देशों के बीच आज दूसरे दौर की बातचीत भी होनी है।खारकीव में रूस की भारी बमबारी जारी है। वहां बच्चों समेत आठ लोगों की मौत हो गई है। खारकीव में रूस ने बुधवार से हमले तेज कर दिए हैं। सुमी में भी रूस के हमले जारी हैं। सुमी क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के हेड Dmytro Zhyvytsky ने कहा है कि रूसी फोर्स ने आज सुबह एक मिलिट्री फैकल्टी पर हमला किया। यह बिल्डिंग सुमी स्टेट यूनिवर्सिटी में मौजूद थी।

 

यूक्रेन का दावा है कि युद्ध में वह रूस को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। Ukrinform की रिपोर्ट के मुताबिक, Saratov से आई रूसी सेना की यूनिट के 80 फीसदी जवान यूक्रेन में मार दिए गए हैं। दावा है कि 2 मार्च तक रूस के 5840 जवान मारे गए। इसमें Kamyshin यूनिट के 70 फीसदी और Saratov यूनिट के 80 फीसदी जवान शामिल हैं। इसके अलावा 30 विमान, 31 हेलीकॉप्टर, 211 टैंक, 862 पैदल सेना से लड़ने वाले वाहन, 2 नावें नष्ट किए गए हैं।


रूस-यूक्रेन युद्ध : रूस को चुकाना होगी कीमत : बाइडन

02-Mar-2022

नई दिल्ली/वाशिंगटन (शोर संदेश)। रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अमेरिकी संसद को संबोधित किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन के दौरान रूस और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर बड़े हमले बोले। बाइडन ने कहा, रूस को इसकी कीमत चुकाना ही होगी।रूसी तानाशाह को सबक सिखाना जरूरी है। हम यूक्रेन में अपनी सेना नहीं भेजेंगे, लेकिन अमेरिका वहां के लोगों के साथ खड़ा है और उनकी हर इंच जमीन की सुरक्षा करेगा। यूक्रेन को 1 बिलियन डॉलर की आर्थिक मदद देंगे। रूस की किसी फ्लाइट को अमेरिकी एयरस्पेस का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने रूस के लिए हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है और यूक्रेन पर मास्को के आक्रमण के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की कार्रवाई की निंदा की और उन्हें पूर्व नियोजित और अकारण बताया। नाटो भी यूक्रेन की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है। पुतिन ने यूक्रेन पर हमला बोलकर बड़ी गलती की है।

अमेरिका और हमारे सहयोगी पूरी शक्ति के साथ नाटो क्षेत्र के हर इंच की रक्षा करेंगे। यूक्रेनियन साहस के साथ वापस लड़ रहे हैं। पुतिन को युद्ध के मैदान में लाभ हो सकता है, लेकिन उन्हें लंबे समय तक बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। हम, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूक्रेन के लोगों के साथ खड़े हैं।

पुतिन तेज कर सकते हैं युद्ध : कुछ विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिमी के कड़े प्रतिबंधों और यूक्रेन के प्रतिरोध के कारण पुतिन युद्ध को और तेज कर सकते हैं। रक्षा मंत्रालय ने जल, थल, नभ में अपने परमाणु हथियारों और सुविधाओं को अलर्ट पर रखने का आदेश जारी कर दिया है। कयास यह हैं कि अगर रूसी सेना कमजोर पड़ती है तो इन परमाणु सुविधाओं से ज़ुड़े लोगों को सामने लाया जाएगा।

प्रतिबंधों से कराहने लगे रूसी बाजार व जनता : करीब दो दशक के लंबे समय से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पूंजीवादी और वैश्वीकरण की नीति के कारण रूसी लोगों ने सस्ती विमान सेवाओं, विदेशी गैजेट, कारों व अन्य सुविधाओं का मजा लिया है। अब इन सुविधाओं और ऐश ओ आराम की जिंदगी पर संकट का समय दिख रहा है। वजह है अमेरिका व पश्चिमी देशों द्वारा यूक्रेन पर हमले के लिए रूस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध। सोमवार को सेंट्रल बैंक पर भी प्रतिबंध से रूसी अर्थव्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों को झटके लगने लगे हैं। रूसी मुद्रा रूबल धरातल पर आ चुकी है, सेंट्रल बैंक ने मंगलवार को मास्को में शेयर ट्रेडिंग बंद कर दी। जनता एटीएम से नकदी निकालने के लिए लाइन में लगी है और राष्ट्रीय विमान सेवा एयरोफ्लोत ने सारी फ्लाइट निरस्त कर दी हैं। यूरोपीय देशों द्वारा वायुक्षेत्र रूस के लिए बंद किए जाने के बाद एयरोफ्लोत ने यह फैसला किया है। हालांकि कुछ लोगों अब भी चल रही कुछ अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट के टिकट खरीदे हैं।


तत्काल कीव शहर छोड़ दें भारतीय छात्र : दूतावास

01-Mar-2022

 कीव/नई दिल्ली (शोर संदेश)। रूस-यूक्रेन के संकट के बीच आज यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने एक बार फिर से एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में कहा गया है कि सभी भारतीय छात्र तत्काल प्रभाव से कीव शहर को छोड़ दें। बाहर जाने के लिए रेल, बस या अन्य साधन का उपयोग कर सकते हैं। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि रूसी सेना 24 घंटे के भीतर कीव शहर पर ताबड़तोड़ हमले को अंजाम दे सकती है, इसलिए एहतियातन भारतीय नागरिकों एवं छात्रों को शहर छोड़ने के लिए कहा जा रहा है।

वायुसेना भी करेगी भारतीय नागरिकों को एयरलिफ्ट
रूस-यूक्रेन की वर्तमान स्थिति की बात करें तो दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है। इन सब के बीच अन्य देशों के नागरिकों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने भी कमर कस ली है। ताजा जानकारी के मुताबिक भारतीय नागरिकों को एयरलिफ्ट कराने के लिए एयरफोर्स के कई C-17 विमानों की सहायता ली जाएगी। सूत्रों के अनुसार ऑपरेशन गंगा के तहत भारतीय नागरिकों के निकासी अभियान को और तेज करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी खुद भारतीय वायु सेना को इस ऑपरेशन से जुड़ने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि वायु सेना के हवाई जहाज़ों के जुड़ने से भारतीयों के लौटने की प्रक्रिया गति पकड़ेगी, और उनकी संख्या में भी वृद्धि होगी। साथ ही साथ, भारत से भेजी जा रही राहत सामग्री भी और तेजी से पहुंचेगी। बताया जा रहा है कि भारतीय वायु सेना के कई C-17 विमान आज से ही ऑपरेशन गंगा के तहत उड़ान भर सकते हैं।


कीव की तरफ बढ़ रहा रुसी सेना का विशाल काफिला, जारी हुई तस्वीर…

01-Mar-2022

 वाशिंगटन/कीव/नई दिल्ली (शोर संदेश)। यूक्रेन के साथ बातचीत बेनतीजा रहने के बाद रूस ने संभवत: कीव पर बड़ा धावा बोलने की तैयारी कर ली है। रूसी सेना का विशाल काफिला यूक्रेन की राजधानी कीव की ओर बढ़ रहा है।अमेरिकी कंपनी मैक्सर टेक्नालॉजी ने उपग्रह तस्वीरों के जरिए यह खुलासा किया है। यह काफिला 64 किलोमीटर लंबा बताया गया है। कीव पहले ही कई रूसी हमलों को विफल कर चुका है। इसे देखते हुए लग रहा है कि रूस ने अब इस पर कब्जे की निर्णायक तैयारी कर ली है। यह काफिला उत्तरी कीव की ओर जा रहा है।रूसी सेना का काफिला एंटोनोव एयरपोर्ट के पास और राजधानी कीव से चंद किलोमीटर दूर रह गया है। यह लगातार आगे बढ़ रहा है, इसलिए इसके जल्द कीव पहुंचने का अनुमान है। कुछ सैन्य वाहनों में सैनिक तो कुछ में हथियार व गोलाबारूद हैं। उपग्रह की तस्वीरों में इवांकीव के उत्तर और उत्तर-पश्चिम में कई घरों और इमारतों को जलते देखा गया है। इन्हीं इलाकों की सड़कों से यह काफिला गुजर रहा है।काफिले में सेना के ट्रक, बख्तरबंद वाहन, टैंक व सैनिक शामिल हैं। एक दिन पहले रूसी सेना ने आम नागरिकों से कीव छोड़ने को भी कहा था। रूस-यूक्रेन के बीच छह दिनों से जंग जारी है। रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का कहना है कि रूस ने यूक्रेन में 56 रॉकेट और 113 क्रूज मिसाइलें दागी हैं। रूसी मिसाइलों, प्लेन और हेलीकॉप्टर के लिए नो फ्लाई जोन पर विचार करने का वक्त आ गया है।रूस व यूक्रेन के बीच सोमवार को पहली बार सीधी बातचीत भी हुई, लेकिन वह बेनतीजा रही। रूस जहां यूक्रेन को हथियार डालने पर अडिग है वहीं, यूक्रेन रूसी फौज की वापसी पर। रूस के राष्ट्रपति पुतिन द्वारा अपनी परमाणु फौजों को तैयार रहने के निर्देश से भी चिंता बढ़ गई है।


यूक्रेन पर कब्जा करने के करीब पहुंची रूसी सेना कीव में सैन्य इकाइयों पर रूस का हमला

26-Feb-2022

कीव/नई दिल्ली (शोर संदेश) यूक्रेन पर रूसी आक्रमण लगातार तेज हो रहा है। रूस द्वारा कीव के विक्ट्री एवेन्यू पर सैन्य इकाइयों को निशाना बनाने की खबर सामने आई है। हालांकि रूस ने इस हमले को खारिज कर दिया था लेकिन सूत्रों ने इसकी पुख्ता जानकारी दी है और यूक्रेन की सेना ने भी अब अपने सत्यापित फेसबुक पेज पर इसकी पुष्टि कर दी है।

वहीं अब पुतिन की सेना यूक्रेन पर कब्जा करने के करीब पहुंच गई है, दूसरी ओर पुतिन ने भी अन्य देशों को धमकी दे डाली है कि कोई भी बीच में न पड़े नहीं तो उसे भी अंजाम भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने अमेरिका समेत सभी देशों को चेताते हुए कहा कि हमारे पास परमाणु हथियार हैं जो हम जरूरत पड़ने पर चला सकते हैं। गौरतलब है कि यूक्रेन की राजधानी कीव में स्थानीय समयानुसार शुक्रवार शाम को एक बार फिर तोपों की गरज सुनाई दी। जंग के तीसरे दिन रूस के सैनिक राजधानी कीव के काफी करीब पहुंच चुके हैं। रात दिन हो रहे धमाकों से देश में दहशत है।

देश छोड़कर नहीं गए राष्ट्रपति जेलेन्सकी
राष्ट्रपति जेलेन्सकी ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर इस बात की पुष्टि की वे रूस का सामना करने के लिए कीव में डटे हुए हैं, देश को अकेला छोड़ कहीं नहीं गए हैं। राष्ट्रपति ने ट्वीट कर बताया कि उन्हें पिछले कुछ घंटों में विदेशी नागरिकों ने इमेल भेजे हैं और पूछा हे कि यूक्रेन के लिए जंग में वे कैसे मदद कर सकते हैं। साथ ही कुछ सुझाव भी दिए हैं। जेलेन्सकी ने कहा कि मेल भेजने वालों में अधिकांश रिटायर्ड मिलिट्री हैं।

यूक्रेन के विदेश मंत्री ने भारत से लगाई युद्ध रुकवाने की गुहार
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने शुक्रवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से फोन पर बात की। उन्होंने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियानों को समाप्त करने के लिए रूस के साथ भारत के संबंधों के प्रभाव का उपयोग करने का आग्रह किया। कुलेबा ने भारत से एक अस्थायी UNSC सदस्य के रूप में भी ‘यूक्रेन में शांति बहाल करने’ पर मसौदा प्रस्ताव का समर्थन करने का भी आग्रह किया।

भारतीयों को निकालने के लिए 3 टीमों का गठन
यूक्रेन संकट के बीच भारतीय छात्रों को निकालने के लिए सरकार अपनी पूरी कोशिश कर रही है। इधर, पोलैंड में भारत की राजदूत नगमा मलिक ने बताया कि दूतावास ने तीन टीमों का गठन किया है जो फंसे हुए भारत एन छात्रों को स्थानांतरित करने में सहायता करेगी। इन टीमों में से एक लविवि में है। उन्होंने बताया कि सभी फंसे हुए छात्रों के लिए पोलैंड की सरकार यात्रा को आसान बनाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है।

सीजफायर पर बात करने को तैयार है यूक्रेन
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेन्सकी के प्रवक्ता ने कहा है कि आज रात रूस राजधानी कीव को दहलाने की कोशिश कर सकता है। अब यूक्रेन सीजफायर व शांति के लिए सहमत है। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर प्रवक्ता सर्गी नाइकाइफोरोव (Sergii Nykyforov) ने कहा कि बातचीत के लिए समय और स्थान के चुनाव को लेकर रूस व यूक्रेन के बीच वार्ता जारी है। उन्होंने कहा, ‘यूक्रेन सीजफायर के बारे में बातचीत के लिए तैयार है।’ राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने तो यहां तक कह दिया कि अब उनकी सेनाएं चार दिन तक ही राजधानी कीव को बचा पाएंगी, क्योंकि कब्जे की लड़ाई उसके नजदीक आ गई है।

अमेरिका ने लगाए नए प्रतिबंध
यूक्रेन में रूस द्वारा किए गए सैन्य कार्रवाई को लेकर खफा अमेरिका ने पहले आर्थिक प्रतिबंध लगाए। साथ ही वहां के एलिट वर्ग के लोगों पर रोक लगा दिया था और अब राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन और विदेश मंंत्री लावरोव पर अमेरिका ने यात्रा प्रतिबंध का ऐलान किया है।


यूक्रेन ने भी किया पलटवार : लुहान्स्क क्षेत्र में 5 रूसी विमानों और एक हेलीकॉप्टर को मार गिराया

24-Feb-2022

 कीव/नई दिल्ली (शोर संदेश)। राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं। पुतिन ने कहा है कि अगर यूक्रेन पीछे नहीं हटता है तो जंग होकर रहेगी। पुतिन ने यूक्रेनी सेना को धमकी देते हुए कहा कि जल्द से जल्द हथियार डाल दें नहीं तो युद्ध को टाला नहीं जा सकता है। पुतिन ने आगे कहा कि अगर कोई दूसरा देश बीच में आता है तो उसके खिलाफ भी जवाबी कार्रवाई होगी।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन द्वारा सैन्य कार्रवाई के आदेश के बाद से रूस यूक्रेन के खिलाफ और ज्यादा हमलावर हो गया है। ताजा जानकारी के अनुसार रूस की सेना ने जानकारी दी है कि उसने यूक्रेन के सैन्य और हवाई अड्डों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया है। वहीं जवाबी कार्रवाई करते हुए यूक्रेनियन सेना ने ने दावा किया है कि उसने लुहान्स्क क्षेत्र में पांच रूसी विमानों और एक रूसी हेलीकॉप्टर को मार गिराया गया है।


मौत और तबाही का जिम्मेदार होगा रूस : जो बाइडन

24-Feb-2022

 वॉशिंगटन/नई दिल्ली (शोर संदेश)। रूस ने यूक्रेन के साथ जंग का एलान कर दिया है। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि पूरे मामले पर उनकी नजर बनी हुई है और अगले दिन वे जी-7 और नाटो समूह के देशों के साथ बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया रूस को इस युद्ध से होने वाली मौत और तबाही का जिम्मेदार मानेगी। बाइडन फिलहाल व्हाइट हाउस से पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से लगातार अपडेट ले रहे हैं। अमेरिका पहले ही रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा चुका है।

पुतिन ने यूक्रेनी सेना से कहा है कि वे हथियार डाल दें और अपने घर लौट जाएं। अन्यथा यह युद्ध नहीं टाला जा सकता है। इसके साथ ही रूस ने बाकी देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर कोई दूसरा देश बीच में आता है तो उसके खिलाफ भी जवाबी कार्रवाई की जाएगी।रूस ने यूक्रेन की संप्रभुता का उल्लंघन किया

सुरक्षा परिषद में अमेरिकी प्रतिनिधि ने कहा कि हम रूस की कार्रवाई का एकता के साथ जवाब देना जारी रखेंगे। हम यहां रूस को रुकने, अपनी सीमा पर लौटने, सैनिकों को वापस बैरक में भेजने के लिए अपील करने आए हैं। अपने राजनयिकों को वार्ता की मेज पर लाएं। रूस ने सचमुच यूक्रेन की संप्रभुता का उल्लंघन किया है।

यूक्रेन में अपातकाल की घोषणा
यूक्रेन में अपातकाल की घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही यूक्रेन के 30 लाख लोगों को रूस छोड़ने के लिए कहा गया है। यूक्रेन की संसद ने आम लोगों के पास हथियार रखने का प्रस्ताव भी पास कर दिया है। रूस पहले ही यूक्रेन के आंतरिक सुरक्षा, विदेश और बैंक से जुड़ी अहम वेबसाइटों पर साइबर अटैक कर चुका है। इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति रूस के लोगों से शांति की भावुक अपील भी कर चुके हैं।




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