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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अयोध्या में ‘श्रीराम यंत्र’ स्थापना पूजन में लिया भाग, भक्ति में डूबा माहौल

19-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) वासंतिक नवरात्र और हिंदी नववर्ष के प्रथम दिन अयोध्या धाम में आध्यात्मिक और ऐतिहासिक संगम देखने को मिला, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राम मंदिर पहुंचकर ‘श्रीराम यंत्र’ स्थापना के विशेष अनुष्ठान में भाग लिया। इस अवसर पर पूरी रामनगरी भक्ति, सुरक्षा और परंपरा के रंग में रंगी नजर आई। 
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार को महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सेना के विशेष विमान से अयोध्या पहुंचीं। यहां से वह कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच सड़क मार्ग से राम मंदिर पहुंचीं। रामनगरी में उनका पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक मौजूद रहे। 
राष्ट्रपति ने ‘जगतगुरु आद्य शंकराचार्य द्वार’ से अयोध्या में प्रवेश किया और मंदिर परिसर का अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंने परिसर स्थित दुर्गा माता मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था में विशेष बदलाव किए गए। ट्रस्ट के मुताबिक सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक सभी वीआईपी, सुगम और विशिष्ट दर्शन पास पूरी तरह निरस्त कर दिए गए।
19 मार्च के लिए ऑनलाइन जारी किए गए सभी पास भी रद्द माने गए, जिससे श्रद्धालु केवल सामान्य व्यवस्था के तहत ही दर्शन कर सके। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मु मंदिर के द्वितीय तल स्थित गर्भगृह में ‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना के अनुष्ठान में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि यह यंत्र भगवान श्रीराम की दिव्य शक्ति, मर्यादा और धर्म की स्थापना का प्रतीक है, जिससे मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा और सुदृढ़ होगी। 
माना जाता है कि ‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना से मंदिर की पवित्रता और प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। इससे अयोध्या धाम से धर्म, शांति और मर्यादा का संदेश और अधिक व्यापक रूप से प्रसारित होगा। इस विशेष अवसर पर केरल की आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी भी अपने करीब एक हजार भक्तों के साथ अयोध्या पहुंचीं। कार्यक्रम में राम मंदिर निर्माण से जुड़े लगभग 2000 लोग और 1984 से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।





 

रक्षा मंत्रालय को मिला नया नवनिर्मित भवन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया प्रवेश

19-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने नवनिर्मित आधिकारिक कार्यालय में प्रवेश किया है। यह कार्यालय रक्षा मंत्रालय के नए भवन में है। रक्षा मंत्रालय का यह भवन कर्तव्य भवन-2 में स्थित है। कर्तव्य भवन-2 में बनाया गया रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का यह कार्यालय अत्याधुनिक प्रशासनिक परिसर है।
रक्षा मंत्री ने गुरुवार को अपने इस नए कार्यालय में औपचारिक रूप से प्रवेश किया। इस अवसर को रक्षा मंत्रालय के कार्य संचालन में दक्षता, समन्वय और आधुनिकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का यह नया कार्यालय स्टेट-ऑफ-द-आर्ट व आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। उन्होंने गुरुवार को स्वयं यह जानकारी देते हुए बताया कि रक्षा मंत्रालय के नए भवन, कर्तव्य भवन-2 में स्थित अपने कार्यालय में गुरुवार को प्रवेश किया है। इस दौरान भवन में प्रवेश करने पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने उनका स्वागत किया।
रक्षा मंत्री ने नए कार्यालय में प्रवेश के बाद कहा, “इस स्टेट-ऑफ-द-आर्ट भवन में रक्षा मंत्रालय नई ऊर्जा और पूरी प्रतिबद्धता के साथ भारत के सुरक्षा चक्र को और अधिक मजबूत करने का काम करता रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का रक्षा कवच और अधिक सुदृढ़ बनेगा, यही हमारा संकल्प है।” विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे भवन व वातावरण में कार्य करने से मंत्रालय को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रक्षा मंत्रालय इस नए वातावरण में पूरी प्रतिबद्धता के साथ देश की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में कार्य करता रहेगा।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने दोहराया कि भारत का रक्षा तंत्र निरंतर सुदृढ़ हो रहा है और इसे और मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। कर्तव्य भवन-2 को आधुनिक प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है। इस भवन में उन्नत संचार सुविधाएं, बेहतर कार्यस्थल व्यवस्था और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक ढांचा उपलब्ध कराया गया है। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी होने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, नए भवन में स्थानांतरित होने से विभिन्न शाखाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा, जिससे नीतिगत फैसलों के क्रियान्वयन में गति आएगी। इसके साथ ही, आधुनिक तकनीकी सुविधाएं कार्यकुशलता को बढ़ाने में सहायक होंगी।
इस अवसर पर मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। यह बदलाव न केवल भौतिक अवसंरचना के उन्नयन का प्रतीक है, बल्कि कार्य संस्कृति में भी सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। कर्तव्य भवन-2 स्थित अपने कार्यालय में प्रवेश से पहले रक्षा मंत्री ने यहां विधिवत रूप से पूजा की। इसके बाद उन्होंने नए कार्यालय में कार्यभार संभाला। यह नया भवन भारत की रक्षा व्यवस्था को अधिक सक्षम, संगठित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने के संकल्प को दर्शाता है।

पश्चिम एशिया से एयर इंडिया की बड़ी पहल, 18 मार्च को 50 उड़ानें संचालित

18-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) एयर इंडिया ग्रुप ने पश्चिम एशिया क्षेत्र से भारत आने-जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस मिलकर 18 मार्च 2026 को कुल 50 उड़ानें (शेड्यूल और नॉन-शेड्यूल) संचालित करेंगे। यह फैसला क्षेत्र में बढ़ती यात्री मांग और मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
18 मार्च को जेद्दा और मस्कट से एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस अपनी नियमित शेड्यूल सेवाएं जारी रखेंगी। जेद्दा-भारत रूट पर कुल 14 उड़ानें संचालित होंगी। इसमें एयर इंडिया दिल्ली और मुंबई से एक-एक राउंड ट्रिप सेवा देगी। वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस बेंगलुरु, हैदराबाद और मंगलौर से एक-एक उड़ान संचालित करेगी, जबकि कोझिकोड से दो उड़ानें चलाई जाएंगी। मस्कट से एयर इंडिया एक्सप्रेस 12 शेड्यूल उड़ानें संचालित करेगी, जिनमें कन्नूर, कोच्चि, लखनऊ और तिरुवनंतपुरम जैसे शहर शामिल हैं।
शेड्यूल सेवाओं के अलावा, एयर इंडिया ग्रुप संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब से कुल 24 नॉन-शेड्यूल (एड-हॉक) उड़ानें भी संचालित करेगा। ये उड़ानें स्लॉट उपलब्धता, हवाई यातायात नियंत्रण और अन्य ऑपरेशनल परिस्थितियों पर निर्भर करेंगी। सभी उड़ानों के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और संबंधित देशों के नियामक प्राधिकरणों से आवश्यक अनुमतियां ली गई हैं।
एयर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि उत्तरी अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उसकी सभी उड़ानें सामान्य शेड्यूल के अनुसार संचालित हो रही हैं। हालांकि, जिन यात्रियों की उड़ानें अस्थायी रूप से प्रभावित हुई हैं, उन्हें विशेष राहत दी जा रही है। ऐसे यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनी उड़ान रीबुक कर सकते हैं या पूरा रिफंड ले सकते हैं।
एयर इंडिया ने यात्रियों से अपील की है कि वे रीबुकिंग या कैंसिलेशन के लिए एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अनुरोध दर्ज करें। अधिक जानकारी के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर +91-11-69329333 और +91-11-69329999 पर संपर्क किया जा सकता है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस के यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा दी गई है। यूएई के किसी भी स्टेशन से भारत के किसी भी गंतव्य के लिए अतिरिक्त कमर्शियल उड़ानों पर बिना अतिरिक्त शुल्क के रीबुकिंग की जा सकती है। एयरलाइन प्रभावित यात्रियों से सक्रिय रूप से संपर्क कर रही है और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों पर रीबुकिंग विकल्प भेज रही है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपना मोबाइल नंबर अपडेट रखें, ताकि समय पर जरूरी जानकारी मिल सके।




 

अमेरिका ने होर्मुज के पास ईरान के मिसाइल ठिकानों पर हमला किया

18-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के मिसाइल ठिकानों पर नए हमले किए हैं। सेना के अधिकारियों का कहना है कि ये ठिकाने अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बन रहे थे। यह कार्रवाई “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के तहत की जा रही है, जो अब और तेज हो गया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, इन हमलों में भारी वजन वाले बमों का इस्तेमाल किया गया, जो मजबूत और सुरक्षित ठिकानों को भी नष्ट कर सकते हैं। ये मिसाइल ठिकाने ईरान के तटीय इलाके में, होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित थे। यहां तैनात एंटी-शिप मिसाइलें गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रही थीं।
दरअसल, यह कार्रवाई इस पूरे अभियान में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, क्योंकि अब समुद्री क्षेत्र भी इसका अहम हिस्सा बन गया है। होर्मुज स्ट्रेट इस समय अमेरिकी सैन्य गतिविधियों का मुख्य केंद्र बन गया है। सेंटकॉम ने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी नौसेना के विमानों ने सैकड़ों लड़ाकू उड़ानें भरी हैं। इससे यह दिखता है कि अमेरिका समुद्र से भी हवाई ताकत बनाए रखने में सक्षम है।
वहीं एक दिन पहले जारी जानकारी के मुताबिक, 28 फरवरी से शुरू हुए इस अभियान में अब तक 7,000 से ज्यादा लक्ष्यों पर हमला किया जा चुका है। यह अभियान राष्ट्रपति के निर्देश पर शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करना और उन ठिकानों को निशाना बनाना है जो तुरंत खतरा पैदा कर सकते हैं।
अब तक 100 से ज्यादा ईरानी जहाजों को नुकसान पहुंचाया गया है या उन्हें नष्ट कर दिया गया है। साथ ही अमेरिकी सेना 6,500 से ज्यादा लड़ाकू उड़ानें भर चुकी है। हमलों के निशाने पर कई तरह के सैन्य ठिकाने हैं। इनमें बैलिस्टिक मिसाइल साइट, एंटी-शिप मिसाइल ठिकाने, आईआरजीसी (ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड) के मुख्यालय, एयर डिफेंस सिस्टम और सैन्य संचार से जुड़े सिस्टम शामिल हैं।
इस पूरे ऑपरेशन में अमेरिका ने हवा, जमीन और समुद्र तीनों मोर्चों पर अपनी ताकत का इस्तेमाल किया है। इसमें बी-1, बी-2 और बी-52 जैसे बमवर्षक विमान, एफ-22 और एफ-35 जैसे आधुनिक फाइटर जेट, निगरानी विमान और ड्रोन शामिल हैं। समुद्र में परमाणु ऊर्जा से चलने वाले विमानवाहक पोत, पनडुब्बियां और मिसाइल से लैस युद्धपोत तैनात किए गए हैं।
जमीन पर पैट्रियट और थाड जैसे मिसाइल रक्षा सिस्टम, रॉकेट आर्टिलरी और ड्रोन से निपटने वाली तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे साफ है कि यह अभियान कई स्तरों पर एक साथ चलाया जा रहा है। एंटी-शिप मिसाइल ठिकानों पर खास ध्यान इसलिए दिया जा रहा है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया में तेल आपूर्ति का एक बेहद महत्वपूर्ण रास्ता है। अगर यहां कोई बाधा आती है, तो इसका असर पूरी दुनिया के व्यापार और तेल बाजार पर पड़ सकता है।

वैश्विक तनाव के बीच तेल कीमतों में बड़ी गिरावट, 3% से ज्यादा टूटा बाजार

18-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में 3% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और ऊर्जा बाजार में हलचल देखने को मिली।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुबह 10:28 बजे डब्ल्यूटीआई क्रूड 3.28% की गिरावट के साथ 92.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड 2.35% की कमजोरी के साथ 100.99 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा।
वैश्विक बाजार के रुझान का असर भारतीय बाजार में भी देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर 20 अप्रैल 2026 के कच्चे तेल के कॉन्ट्रैक्ट में 2.52% की गिरावट दर्ज की गई और यह 8,621 रुपए पर आ गया।
ईरान द्वारा वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी की हत्या की पुष्टि के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। उनकी मौत को ईरान के युद्ध नेतृत्व के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है और इससे क्षेत्रीय संघर्ष के और भड़कने की आशंका जताई जा रही है।
तेल बाजार की चिंताओं के केंद्र में होर्मुज जलडमरूमध्य बना हुआ है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है। दुनिया के कुल ऑयल शिपमेंट का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। फिलहाल इस मार्ग से आवागमन प्रभावित है और जहाजों की आवाजाही सामान्य व्यापार की बजाय भू-राजनीतिक घटनाओं पर निर्भर हो गई है।
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सहयोगी देशों का समर्थन जुटाने के प्रयास कमजोर पड़ते नजर आ रहे हैं, जिससे सप्लाई चेन को सामान्य करने को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। इस बीच क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। ईरान हमले बढ़ा रहा है, जबकि अमेरिकी सेना जलडमरूमध्य के आसपास मिसाइल ठिकानों को निशाना बना रही है।
तेल की कीमतों में इस साल करीब 70% तक की तेजी आ चुकी है, जिसका मुख्य कारण अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। इसका असर अब आम उपभोक्ताओं पर भी दिखने लगा है। अमेरिका में डीजल की कीमतें 5 डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गई हैं।
 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: केंद्रीय पर्यवेक्षकों की निगरानी के लिए बनेगी विशेष टीम

18-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने सामान्य पर्यवेक्षकों और पुलिस व व्यय पर्यवेक्षकों के दैनिक कामकाज की निगरानी के लिए एक नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।
पश्चिम बंगाल में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल के नेतृत्व और सीधे नियंत्रण में एक विशेष निगरानी प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। सीईओ कार्यालय के एक सूत्र ने बताया कि यह प्रकोष्ठ न सिर्फ आयोग की ओर से नियुक्त इन पर्यवेक्षकों के कामकाज की निगरानी करेगा, बल्कि अपनी टिप्पणियों पर आधारित एक रिपोर्ट रोजाना नई दिल्ली स्थित ईसीआई मुख्यालय को भी भेजेगा।
सीईओ कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, ईसीआई ने पश्चिम बंगाल के लिए पहले ही कुल 294 सामान्य पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए हैं। इस तरह, चुनाव वाले चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में से पश्चिम बंगाल एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां हर विधानसभा क्षेत्र के लिए एक सामान्य पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। साथ ही, पश्चिम बंगाल चुनावों में 84 पुलिस पर्यवेक्षक भी शामिल होंगे, जो चुनाव वाले सभी स्थानों में सबसे ज्यादा हैं। इस बार, पश्चिम बंगाल चुनावों में 100 व्यय पर्यवेक्षक भी शामिल होंगे, जो चुनाव वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है।
सूत्रों ने कहा कि चुनाव आयोग ने इस प्रणाली को पूरी तरह से त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के लिए पर्यवेक्षकों के रोजमर्रा के कामकाज को निगरानी के दायरे में लाने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की ओर से इस महीने की शुरुआत में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और हिंसा-मुक्त बनाने के लिए की गई प्रतिबद्धता के अनुरूप है।
सीईओ कार्यालय के सूत्र ने कहा, “सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों के कामकाज को रोजाना की जांच-पड़ताल वाली व्यवस्था के तहत लाकर आयोग इस प्रणाली में पारदर्शिता का संदेश भी देना चाहता है। साथ ही, वह उन आरोपों का भी जवाब देना चाहता है, जिनमें कहा गया था कि चुनाव आयोग अपनी निगरानी सिर्फ राज्य सरकार के नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों तक ही सीमित रख रहा है।”
इसी बीच, आयोग ने पश्चिम बंगाल के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सचिव अंतरा आचार्य और राज्य के खाद्य प्रसंस्करण सचिव परवेज अहमद सिद्दीकी को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया है। इससे पहले, पश्चिम बंगाल के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को तमिलनाडु के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त किया गया। हालांकि, अंतरा आचार्य और परवेज अहमद सिद्दीकी ने आयोग से अनुरोध किया है कि उन्हें चुनाव वाले अन्य राज्यों में केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त करने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए।





 

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जारी किए निर्देश, अब फ्लाइट में 60% सीटें होंगी निःशुल्क

18-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बुधवार को एयर ट्रैवल को और आसान बनाने के लिए कुछ नए निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने कहा कि किसी भी फ्लाइट में कम से कम 60 फीसदी सीटें अतिरिक्त शुल्क के बगैर उपलब्ध करानी होंगी, ताकि सभी यात्रियों को बराबरी का मौका मिले। 
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एयरलाइन यात्रियों के लिए पारदर्शी और सुविधाजनक हो। डीजीसीए के माध्यम से जारी नए दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि एक ही पीएनआर पर यात्रा करने वाले यात्रियों को साथ में बैठाया जाए। कोशिश की जाएगी कि वे पास-पास की सीटों पर बैठ सकें। इससे परिवार या ग्रुप में सफर करने वाले लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
मंत्रालय ने कहा कि स्पोर्ट्स इक्विपमेंट और म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट जैसी चीजों को भी पारदर्शी और आसान तरीके से फ्लाइट में ले जाने की सुविधा दी जाएगी, बशर्ते सुरक्षा और ऑपरेशनल नियमों का पालन हो। इसी तरह, एयरलाइंस को पालतू जानवरों को ले जाने के लिए स्पष्ट और पारदर्शी नीति बनानी होगी।
इसके अलावा, मंत्रालय ने यात्रियों के अधिकारों पर भी जोर दिया है। इसमें लेट होने, कैंसलेशन या डिनाइड बोर्डिंग जैसी स्थिति में यात्रियों के अधिकारों का पालन करना अनिवार्य होगा।
एयरलाइंस को अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप, बुकिंग प्लेटफॉर्म और एयरपोर्ट काउंटर पर यात्रियों के अधिकार स्पष्ट रूप से दिखाने होंगे। यात्रियों को उनके हक की जानकारी स्थानीय भाषाओं में भी दी जानी चाहिए ताकि ज्यादा लोग आसानी से समझ सकें।
भारत घरेलू उड़ान के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मार्केट बन गया है। यूडीएएन योजना के तहत एयर ट्रैवल अब अधिक सुलभ हो गया है। देश के एयरपोर्ट्स हर दिन पांच लाख से ज्यादा यात्रियों को संभालते हैं, जो इस सेक्टर की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है।
मंत्रालय ने बताया कि यात्रियों की सुविधा हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी सोच के तहत यूडीएएन यात्री कैफे, फ्लाइब्ररी में मुफ्त किताबें और एयरपोर्ट पर फ्री वाईफाई जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। मंत्रालय ने बताया कि वह यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने, शिकायतों को कम करने और सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। 
 

हवाई यात्रा होगी और आसान, सरकार ने यात्रियों के लिए किए बड़े सुधार

18-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारत तेजी से वैश्विक विमानन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। आज देश दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है, जहां हवाई यात्रा पहले से अधिक सुलभ और समावेशी होती जा रही है। उड़ान योजना के जरिए छोटे शहरों तक हवाई कनेक्टिविटी बढ़ी है और रोजाना 5 लाख से अधिक यात्री हवाई अड्डों से यात्रा कर रहे हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों की सुविधा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। इसी दिशा में यात्रा को आसान और आरामदायक बनाने के लिए कई यात्री-केंद्रित पहल शुरू की गई हैं। इनमें किफायती भोजन के लिए ‘उड़ान यात्री कैफे’, किताबों तक मुफ्त पहुंच के लिए ‘फ्लाईब्ररी’ और हवाई अड्डों पर निःशुल्क वाई-फाई जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
यात्रियों की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के माध्यम से एयरलाइनों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं।
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, हर उड़ान में कम से कम 60% सीटें निःशुल्क आवंटित की जानी चाहिए, ताकि सभी यात्रियों को समान सुविधा मिल सके। इसके अलावा, एक ही पीएनआर पर यात्रा करने वाले यात्रियों को साथ बैठाने पर जोर दिया गया है, जिससे परिवारों और समूहों को सुविधा मिल सके।
एयरलाइनों को खेल उपकरणों और संगीत वाद्ययंत्रों की ढुलाई को सरल और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, पालतू जानवरों की ढुलाई के लिए भी स्पष्ट और यात्री-अनुकूल नीतियां तैयार करने को कहा गया है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
डीजीसीए ने एयरलाइनों को यात्रियों के अधिकारों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है, खासकर उड़ान में देरी, रद्द होने या बोर्डिंग से इनकार जैसी स्थितियों में। इसके साथ ही एयरलाइन की वेबसाइट, मोबाइल ऐप और हवाई अड्डों पर यात्रियों के अधिकारों की जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित करने को कहा गया है।
सरकार ने यात्रियों की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है। इससे अधिक से अधिक लोग अपने अधिकारों और सुविधाओं के बारे में जागरूक हो सकेंगे।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय का लक्ष्य यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना, शिकायतों को कम करना और विमानन क्षेत्र में सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखना है। इन पहलों के जरिए भारत का विमानन क्षेत्र न केवल तेजी से बढ़ रहा है, बल्कि यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और सुविधाजनक भी बनता जा रहा है। 
 

राज्यसभा में पीएम मोदी का संबोधन, विदाई ले रहे सांसदों को दी शुभकामनाएं

18-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान विदाई ले रहे सांसदों के योगदान की सराहना की और लोकतांत्रिक परंपराओं की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संसद केवल बहस का मंच नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक “ओपन यूनिवर्सिटी” है, जहां से हर सदस्य सीखकर और समृद्ध होकर निकलता है।
नरेन्द्र मोदी ने कहा कि ऐसे अवसरों पर सदन में दलगत भावनाओं से ऊपर उठकर एक समान भावना देखने को मिलती है। उन्होंने विदा हो रहे सांसदों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजनीति में कभी “फुल स्टॉप” नहीं होता और अनुभव का उपयोग आगे भी राष्ट्र सेवा में होता रहता है।
प्रधानमंत्री ने एच. डी. देवगौड़ा, मल्लिकार्जुन खड़गे और शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका लंबा संसदीय अनुभव नए सांसदों के लिए सीखने का अवसर है। उन्होंने कहा कि दशकों तक संसदीय प्रणाली में सक्रिय रहकर इन नेताओं ने समर्पण और जिम्मेदारी का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
नरेन्द्र मोदी ने हरिवंश के योगदान की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हरिवंश ने सदन को सुचारू रूप से चलाने, सभी का विश्वास जीतने और युवाओं के बीच जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सदन में बदलते माहौल का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले हास्य और व्यंग्य के ज्यादा अवसर होते थे, लेकिन अब 24×7 मीडिया के कारण सदस्य अधिक सतर्क रहते हैं। उन्होंने रामदास अठावले का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका हास्य और व्यंग्य सदन में हमेशा ऊर्जा बनाए रखता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने द्विसदनीय संसदीय प्रणाली की अहमियत बताते हुए कहा कि एक सदन में लिए गए निर्णय दूसरे सदन में “सेकेंड ओपिनियन” के रूप में आते हैं, जिससे निर्णय प्रक्रिया और अधिक समृद्ध होती है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और बेहतर फैसलों का मार्ग प्रशस्त करती है।
नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विदाई ले रहे कई सांसद ऐसे हैं जिन्हें पुराने और नए दोनों संसद भवनों में काम करने का अवसर मिला। यह उनके सार्वजनिक जीवन की एक विशेष और यादगार उपलब्धि है।
मोदी मोदी ने संसद को “ओपन यूनिवर्सिटी” बताते हुए कहा कि यहां से सांसदों को राष्ट्र जीवन की बारीकियों को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि संसद में बिताए गए वर्षों के दौरान न केवल देश के लिए योगदान होता है, बल्कि व्यक्ति के अनुभव और क्षमता में भी कई गुना वृद्धि होती है।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने सभी विदाई ले रहे सांसदों के योगदान की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास जताया कि उनका अनुभव आगे भी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। 



 

ट्रैफिक एडवाइजरी: दिल्ली में इन रास्तों पर रहेगी पाबंदी, पहले से बना लें योजना

18-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) दिल्ली में आधिकारिक जरुरतों के कारण राष्ट्रीय राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में यातायात व्यवस्था बुधवार शाम को प्रभावित रहेगी। प्रशासन की ओर से जारी सूचना के अनुसार डब्ल्यू प्वाइंट, ए प्वाइंट, आईटीओ चौक, आईपी मार्ग, बीएसजेड मार्ग, डीडीयू मार्ग, टैगोर रोड, विष्णु दिगंबर मार्ग, मिरदर्द रोड, मिरदर्द रेड लाइट, रणजीत सिंह मार्ग, रणजीत सिंह फ्लाईओवर, जंगीर रोड और प्रेस रोड के आसपास मुख्य सड़क और सर्विस लेन पर कई ट्रैफिक पाबंदियां और रास्तों में बदलाव लागू किए जाएंगे।
ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे आज बुधवार शाम 4 बजे से रात 9 बजे के बीच इन रास्तों पर जाने से बचें। इन मार्गों पर भीड़ और धीमी गति से चलने की स्थिति बन सकती है, जिससे यात्रियों को परेशानी हो सकती है। इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि वे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें और घर से निकलने से पहले अपनी यात्रा की योजना बना लें।
खासकर दफ्तर जाने और लौटने वाले लोगों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है ताकि रास्ते में किसी तरह की देरी का सामना न करना पड़े। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी डीडीयू मार्ग से बचने के लिए कहा गया है। इसके बजाय वे कोटला कट से मिरदर्द चौक या दिल्ली गेट से कमला मार्केट चौराहे के रास्ते अपनी आगे की यात्रा पूरी कर सकते हैं।
इसके अलावा, कई प्रमुख सड़कों पर पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। बहादुरशाह जफर मार्ग, आईपी मार्ग, डीडीयू मार्ग, टैगोर रोड, विष्णु दिगंबर मार्ग, मिरदर्द रोड, रणजीत सिंह मार्ग, रणजीत सिंह फ्लाईओवर, जंगीर रोड और प्रेस रोड (दोनों तरफ की सड़कों) पर किसी भी वाहन को खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर खड़ी गाड़ियों को तुरंत हटाया जाएगा और संबंधित वाहन मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें ताकि सभी को सुरक्षित और सुगम यात्रा मिल सके।







 



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